samacharsecretary.com

पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा, कोर्ट से मिला प्रोडक्शन वारंट

चंडीगढ़. आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे पंजाब के निलंबित डाॅ. हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उनके खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में जांच शुरू कर दी है। ईडी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दायर कर भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश करने की मांग की थी। कोर्ट ने ईडी की अर्जी पर भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। अब उन्हें नौ अक्टूबर को सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। चंडीगढ़ की मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के लिए एक नया प्रोडक्शन वारंट जारी किया है और निर्देश दिया है कि उन्हें 9 अक्टूबर, 2026 को अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर एक आवेदन पर अदालत ने बुधवार को भुल्लर के लिए पेशी वारंट जारी किया था, जिसमें चंडीगढ़ के बुराइल स्थित मॉडल जेल के अधीक्षक को उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, शहर में एक वीवीआईपी के दौरे के कारण पुलिसकर्मियों की अनुपलब्धता के चलते भुल्लर को पेश नहीं किया जा सका। ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जब भुल्लर को सीबीआई द्वारा 16 अक्टूबर, 2025 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत दर्ज भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई की एफआईआर आकाश बट्टा की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भुल्लर, जो उस समय पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे, ने पुलिस स्टेशन सरहिंद में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल व्यवहार के बदले और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शिकायतकर्ता के व्यवसाय के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, एक निजी मध्यस्थ, कृषानु शारदा के माध्यम से अवैध रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया और कथित तौर पर 16 अक्टूबर, 2025 को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर मांगे गए 5 लाख रुपये लेते हुए शारदा को गिरफ्तार कर लिया। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को पंजीकृत ईसीआईआर के संबंध में भुल्लर का प्रोडक्शन वारंट मांगा। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता एसपीएस भुल्लर और एचएस धनोआ पेश हुए। अपने आदेश में, अदालत ने कहा कि भुल्लर, जो 16 अक्टूबर, 2025 की एफआईआर के संबंध में चंडीगढ़ की मॉडल जेल में बंद है, को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि ईडी मामले में उसे अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है। तदनुसार, अदालत ने निर्देश दिया कि भुल्लर को 9 अक्टूबर, 2026 को उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए और इस संबंध में एक नया पेशी वारंट जारी किया।

बेअंत सिंह हत्याकांड: राजोआना की फांसी की सजा उम्रकैद में बदलने का केंद्र ने किया विरोध

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में मौत की सजा पाए दोषी बलवंत सिंह राजोआना की उस याचिका का विरोध किया है जिसमें उन्होंने अपनी सजा को कम करने की मांग की है।30 से अधिक वर्षों से हिरासत में रह रहे राजोआना ने राष्ट्रपति के समक्ष 2012 से लंबित दया याचिका पर निर्णय में देरी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया, “हमें उनकी मांगों पर आपत्ति है। राज्य [पंजाब] में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, कोई भी निर्णय लेना उचित नहीं होगा।” केंद्र सरकार द्वारा याचिका का विरोध किए जाने के मद्देनजर, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और अपारेश कुमार सिंह सहित पीठ ने कहा कि वह मामले की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर करेगी।"चूंकि अब वे अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने पर जोर दे रहे हैं, जिसका आप विरोध कर रहे हैं, इसलिए हम मामले की योग्यता के आधार पर सुनवाई करेंगे," पीठ ने कहा।श्री नटराज द्वारा मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की। बब्बर खालसा के उग्रवादी राजोआना को तत्कालीन पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में उनकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। बेअंत सिंह की हत्या 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सिविल सचिवालय के बाहर एक आत्मघाती बम विस्फोट में हुई थी। इस विस्फोट में हमलावर दिलावर सिंह और 17 अन्य लोग भी मारे गए थे। एक विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में रजोआना को मृत्युदंड सुनाया था, जिसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2010 में बरकरार रखा था। उनकी फांसी 31 मार्च, 2012 को तय की गई थी, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा उनकी ओर से दया याचिका प्रस्तुत करने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। 14 साल से राष्ट्रपति के पास लंबित है दया याचिका राजोआना की याचिका का मुख्य आधार उसकी दया याचिका पर लंबे समय से फैसला नहीं होना है। राजोआना की ओर से दलील दी गई है कि उसकी दया याचिका वर्ष 2012 से राष्ट्रपति के पास लंबित है। 14 साल से अधिक समय तक फांसी की सजा के अनिश्चित भविष्य में रहने से उसे मानसिक पीड़ा और असहनीय तनाव का सामना करना पड़ा है। याचिका में कहा गया है कि दया याचिका पर फैसला लेने में इतनी लंबी देरी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। राजोआना के वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट के उन पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया जाएगा, जिनमें दया याचिका पर अत्यधिक देरी को मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है। 23 सितंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राजोआना अब मुख्य रूप से मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने के मुद्दे पर जोर दे रहा है। 31 अगस्त 1995 को हुआ था बम विस्फोट बलवंत सिंह राजोआना को 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए आत्मघाती बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराया गया था। इस विस्फोट में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य लोगों की मौत हुई थी। जांच में राजोआना को मामले में बैकअप बम हमलावर बताया गया था। विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में राजोआना को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने वर्ष 2010 में उसकी सजा को बरकरार रखा। राजोआना को 31 मार्च 2012 को फांसी दी जानी थी, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से उसकी ओर से दया याचिका दाखिल किए जाने के बाद फांसी पर रोक लगा दी गई। इसके बाद से उसकी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। 2019 में केंद्र ने रखा था सजा कम करने का प्रस्ताव राजोआना की सजा को लेकर वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने भी पहल की थी। गृह मंत्रालय ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से लागू नहीं हो सका। इसके बाद राजोआना ने वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और केंद्र के प्रस्ताव को लागू करने के साथ-साथ उसकी दया याचिका पर फैसला करने की मांग की। इस दौरान केंद्र ने अदालत को बताया था कि मामले में फैसला टाल दिया गया है। दया याचिका पर लंबे समय से फैसला नहीं होने के कारण यह मामला कई बार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आया है। पंजाब के मौजूदा माहौल का दिया हवाला इस बार केंद्र ने राजोआना की सजा कम करने का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। केंद्र का ताजा रुख ऐसे समय आया है जब पंजाब में राजनीतिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे संवेदनशील बने हुए हैं। हालांकि, केंद्र ने अदालत के समक्ष मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए सजा कम करने को अनुकूल नहीं बताया है। अब सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को केंद्र के विरोध और राजोआना की ओर से सजा में देरी को आधार बनाकर दायर याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगा।  

DIG ऑफिस के बाहर बदमाशों का आतंक, कार के शीशे तोड़े और हवा में चलाई गोलियां

लुधियाना. लुधियाना में पुलिस के आला अधिकारियों के दफ्तर के सामने ही गुंडागर्दी और दहशत फैलाने का मामला सामने आया है। डिवीजन नंबर आठ के अंतर्गत कैलाश चौकी क्षेत्र में डीआईजी कार्यालय के बाहर आपसी विवाद को लेकर कुछ युवकों ने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उसके साथ मारपीट की, फिर उसकी कार के शीशे तोड़ दिए और जाते समय हवा में गोलियां चलाकर फरार हो गए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावर और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार साफ दिखाई दे रही है। पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में पीड़ित संनी ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ डीआईजी कार्यालय आया था। उसने अपनी कार कार्यालय के बाहर खड़ी की और कुछ अकाउंटिंग स्लिप लेने के लिए अंदर चला गया। कुछ देर बाद जब वह बाहर आया तो वहां तीन सिख युवक और एक मोना युवक पहले से खड़े थे। आरोपितों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। मिस्त्रियों को हटाने को लेकर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, युवकों ने संनी से सवाल किया कि उसने मिस्त्रियों को वहां से क्यों हटाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवकों ने उसे जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद परमजीत सिंह और दो अज्ञात युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। एक युवक ने डंडे से उस पर हमला किया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उसकी कार को भी निशाना बनाया। उन्होंने कार के शीशे तोड़ दिए और उसे नुकसान पहुंचाया। इसके बाद आरोपित अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर इलाके में दहशत फैला दी। फिरोजपुर के व्यक्ति पर हमलावर भेजने का शक पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में फिरोजपुर के गांव घिनिवाला निवासी रणबीर सिंह पर भी गंभीर शक जताया है। उसका आरोप है कि रणबीर सिंह ने ही उसे जान से मारने के इरादे से हमलावरों को भेजा था। हालांकि इस आरोप की पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात वारदात के बाद सामने आई सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो रही है। फुटेज में तीन हमलावर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

CBI टीम पर नेताओं ने बरसाए फूल, OSD के घर छापेमारी के बाद भवानीगढ़ SHO पर गिरी गाज

संगरूर. नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को सीबीआई टीम के पहुंचने के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी पर फूल बरसाने की घटना के बाद पुलिस विभाग ने थाना भवानीगढ़ के एसएचओ एसआइ यशपाल शर्मा को निलंबित कर दिया। एसएचओ के निलंबन की पुष्टि डीएसपी भवानीगढ़ सतनाम सिंह ने की है। निलंबन की खबर सामने आने के बाद देर शाम तक पुलिस के थाना व जिला स्तर के अधिकारी इस संबंधी कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे। इस दौरान सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने वाले नेताओं को मौके पर पुलिस द्वारा हिरासत में नहीं लिए जाने को लेकर भी आम लोगों व मीडिया में चर्चा होती रही। एसएचओ के निलंबन को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। इसे घराचों में घटना से जोड़कर देखा जा रहा था। एसएचओ पर लगे लापरवाही के आरोप बाद में डीएसपी सतनाम सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एसएचओ यशपाल शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उच्च पुलिस अधिकारियों के आदेश पर निलंबित किया गया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि एसएचओ के खिलाफ की गई यह कार्रवाई किसी पुराने मामले से संबंधित है। इसका घराचों में सीबीआई टीम के पहुंचने के समय हुई फूल बरसाने की घटना से कोई संबंध नहीं है। ओएसडी के घर हुई थी छापामारी उधर, भवानीगढ़ के नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी के घर छापामारी करने पहुंची सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूलों की वर्षा करने वाले विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई की है। बुधवार सुबह संगरूर पुलिस व सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने शिअद (पुन:सुरजीत) के हलका दिड़बा इंचार्ज विजय लंकेश तथा अकाली दल वारिस पंजाब दे… के वरिष्ठ नेता चमनदीप सिंह मिल्खी को उनके घर से हिरासत में ले लिया। जिन्हें दोपहर एक बजे बाद रिहा कर दिया गया।

श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे Nana Patekar, बर्तन सेवा कर हुए भावुक; बोले- ‘रब का शुक्र है’

अमृतसर. बॉलीवुड में अपने डॉयलॉग्स के लिए मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वह 75 वर्ष के थे। नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। 45 मिनट की जद्दोजहद के बाद उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस अदाकार का पंजाब से कोई डायरेक्ट लिंक को नहीं हैं, लेकिन दो बार नाना पाटेकर ने अमृतसर आकर पंजाबियों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी थी। वे साल 2018 के जनवरी में अपनी पत्नी नीलकांती पाटेकर के साथ अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका था, ये उनके श्री हरिमंदिर साहिब में पत्नी के साथ पहली व आखिरी दर्शन रहे। इस दौरान उन्होंने जहां श्री हरिमंदिर साहिब की पूरी परिक्रमा की, वहीं बर्तनों की सेवा भी निभाई थी।

धनास को मिलेंगी दो बड़ी सौगात, अस्पताल और नया पुलिस स्टेशन बनाने की तैयारी; प्रशासन ने शुरू की जमीन तलाश

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…     पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।     पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।     चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।     आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।   अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया। अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।   वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे … Read more

परगट सिंह ने संभाली पंजाब कांग्रेस की कमान, गोल्डन टेंपल में माथा टेक किया शक्ति प्रदर्शन

चंडीगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा। परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।  पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए। वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।  

बेअंत सिंह के हत्यारे को माफीनामा देने का केंद्र ने किया विरोध, SC में 28 को सुनवाई

चंडीगढ़. पूर्व पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा। केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। पीठ में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। नटराज ने कहा कि केंद्र को राजोआना की मांग पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजोआना की सजा को कम करने के संबंध में कोई निर्णय लेना अनुकूल नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने की मांग का विरोध कर दिया है तो अदालत मामले की मेरिट पर सुनवाई करेगी। केंद्र की ओर से मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।

बब्बर खालसा से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन, तीन आरोपियों समेत चार को भगोड़ा घोषित किया गया

चंडीगढ़  प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) से जुड़े तीन आरोपितों समेत चार लोगों को मोहाली की विशेष एनआइए अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है।गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी आरोपितों के नहीं मिलने पर अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा जारी की है। इनमें जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा, करण सिंह उर्फ अभी, मलविंदर सिंह उर्फ सुख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां शामिल हैं। अदालत ने सभी को 16 नवंबर 2026 को पेश होने के लिए कहा है। यूएपीए सहित कई मामलों में केस दर्ज एनआइए की ओर से दर्ज मामले में आतंकी साजिश, हथियार और विस्फोटक से जुड़े आरोप हैं। एनआइए ने यह केस 22 मई 2025 को दर्ज किया था। इसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सामने आए दस्तावेजों के अनुसार जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा को बीकेआइ का सक्रिय गुर्गा बताया गया है। उसके खिलाफ आतंकी साजिश रचने, लोगों में डर पैदा करने और देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। जांच में उसके नेटवर्क के हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क की जांच जारी करण सिंह उर्फ अभी और मलविंदर सिंह उर्फ सुख के नाम भी इसी नेटवर्क से जुड़े मामले में सामने आए हैं। दोनों पर जसविंदर और उसके साथियों के साथ मिलकर आपराधिक और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियां पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संपर्क की भी जांच कर रही हैं। इसी मामले से जुड़े न्यायिक रिकॉर्ड में फाजिल्का के गैंगस्टर से नेता बने जसविंदर सिंह रॉकी की हत्या का संदर्भ भी सामने आता है। रॉकी की वर्ष 2016 में हिमाचल प्रदेश के परवाणू में हत्या कर दी गई थी। न्यायिक रिकॉर्ड में इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ द्वारा लिए जाने की सूचना का उल्लेख है। मोहाली अदालत ने गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां को भी भगोड़ा घोषित किया है। वह शहीद भगत सिंह नगर जिले के गांव बिरोवाल का रहने वाला बताया गया है। अदालत के अनुसार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी वह नहीं मिला। अब चारों को 16 नवंबर को अदालत में पेश होना होगा। निर्धारित समय में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

CM कैंप ऑफिस और OSD के घर CBI रेड मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई आज

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज गुरुवार को पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच कर रही है।  हाईकोर्ट के इसी आदेश के बाद सीबीआई ने मंगलवार शाम 5 बजे CM भगवंत मान के चंडीगढ़ कैंप ऑफिस, सीएम के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के घर समेत पंजाब में 8 जगहों पर रेड की। टीमों ने लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई रात 11 बजे तक चली। इसके बाद घुम्मन समेत 6 लोगों को समन जारी किया गया। उन्हें चंडीगढ़ में CBI ऑफिस में पेश होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बता दें कि ED ने CM ऑफिस में ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ED ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बताया था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की। पंजाब सरकार ने CBI जांच रोकने की मांग की पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि मामला राज्य के अधिकार क्षेत्र और संघीय ढांचे से जुड़ा है। उन्होंने चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए बुधवार या गुरुवार को मामले को लेने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने CBI को FIR और जांच के आदेश दिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी पर CBI जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने यह भी कहा कि ED के आरोपों की जांच के दौरान ही उनकी पुष्टि या खंडन होगा। ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के आरोप लगाए ED ने जुलाई-अगस्त में पंजाब DGP को भेजी चिट्ठियों में CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। ED के आरोपों में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, गोपनीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित प्रभाव का जिक्र था। एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था। CBI ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और RS नागरा के नाम शामिल हैं। इसके बाद मंगलवार को CBI ने इनसे जुड़े 8 ठिकानों पर तलाशी ली।   पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला     ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।     CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।     सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।     तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।     जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।     हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।