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पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा तेज, प्रोडक्शन वारंट के बाद आज अदालत में होंगे पेश

चंडीगढ़  पंजाब के निलंबित पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 8 लाख रुपए रिश्वत मामले में भुल्लर और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता को CBI कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान आकाश बत्ता ने गवाही दी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर अर्जी पर CBI कोर्ट ने भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। आज भुल्लर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है। ED ने भुल्लर के खिलाफ रिश्वत की रकम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत के जरिए हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। CBI की जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन और रिश्वत की रकम से जुड़े तथ्यों को भी ED अपनी जांच में शामिल कर रही है। बिचौलिए कृष्णु पहले ही ED की गिरफ्त में इस मामले में ED इससे पहले भुल्लर के कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार कर चुकी है। अब भुल्लर को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ED उनसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ कर सकती है। कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कर सकती है। कोठी से मिला 5 करोड़ कैश, गहने-लग्जरी घड़ियां रिश्वत मामले में कार्रवाई के बाद दिल्ली और चंडीगढ़ से आई CBI की करीब 52 सदस्यीय टीम ने भुल्लर के मोहाली स्थित ऑफिस और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित कोठी की तलाशी ली थी। कोठी से 5 करोड़ रुपए कैश, भारी मात्रा में गहने, लग्जरी घड़ियां, विदेशी शराब और रिवॉल्वर बरामद होने की बात सामने आई थी। कैश गिनने के लिए नोट गिनने वाली 3 मशीनें मंगवानी पड़ी थीं। इसके अलावा 15 प्रॉपर्टी और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेज, BMW-मर्सिडीज कारों से जुड़े कागजात और बैंक लॉकर की चाबी भी मिली थी। CBI ने भुल्लर के कथित बिचौलिए को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 में 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

पंजाब में बारिश के बाद ठंडक बढ़ी, सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे पहुंचा तापमान; फिर सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस

अमृतसर  वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद पंजाब के बढ़ रहे तापमान से हल्की राहत मिली है। रात का तापमान अभी भी सामान्य से अधिक बना हुआ है, जबकि बीते दिन का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग की तरफ से आज, शुक्रवार, बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। लेकिन 10 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर फिर देखने को मिलेगा।   मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, शुक्रवार राज्य के कुछ इलाकों में हल्की वर्षा दर्ज की गई। जिसमें पठानकोट में सबसे अधिक 15.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा चंडीगढ़ में 7.8 मिमी, पठानकोट शहर में 7 मिमी, होशियारपुर के सलेरन में 5.5 मिमी, भाखड़ा डैम क्षेत्र में 4 मिमी और थीन डैम पर 3.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आज राज्य में कोई अलर्ट नहीं 9 अक्टूबर: आज पंजाब में बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। जबकि हिमाचल से सटे जिलों में बारिश होने की संभावना है। अन्य सभी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। 10 अक्टूबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, और मोहाली के अलावा दक्षिण-पश्चिमी जिलों फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य सभी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के चलने का भी अनुमान है। 11 अक्टूबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, मोहाली, फाजिल्का, मुक्तसर, और बठिंडा में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के चलने का भी अनुमान है। 12 अक्टूबर: पंजाब में कहीं भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। लेकिन कुछ जिलों में छुटपुट बारिश का अनुमान है।  सामान्य से 2.3 डिग्री कम तापमान दर्ज मौसम बुलेटिन के अनुसार, राज्य के औसत अधिकतम तापमान में कल की तुलना में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया। दूसरी ओर, औसत न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री की कमी आई है, हालांकि यह अब भी सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक बना हुआ है। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री पठानकोट में दर्ज किया गया।  प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम 32.4 डिग्री और न्यूनतम 23.5 डिग्री, लुधियाना में 30.6 डिग्री और 22.2 डिग्री, पटियाला में 30.3 डिग्री और 22.4 डिग्री, चंडीगढ़ में 31.2 डिग्री और 22.2 डिग्री और जालंधर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 22.2 डिग्री दर्ज किया गया है। 10 और 11 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने के आसार मौसम विभाग ने दोनों दिन गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाओं की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई। मौसम ठंडा होने से बिजली की मांग में कमी मौसम में ठंडक के बीच पंजाब में बिजली की मांग 8,195 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने केंद्रीय पूल से 3,759 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 4,151 मेगावाट था। यानी तय मात्रा से 392 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली उत्पादन 4,437 मेगावाट रहा और बिजली की फ्रीक्वेंसी 50.03 हर्ट्ज दर्ज की गई।  

स्कूल में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, छात्र ने कुर्सी से किया हमला; 22 टांके लगे

जालंधर. ट्विंकल मॉडल स्कूल दो बच्चों में 2 दिन पहले बेंच पर बैठने को लेकर लड़ाई हो गई थी। इस दौरान एक बच्चे ने दूसरे को कुर्सी उठाकर मार दी जिस वजह से उसके पेट पर 22 टांके लगे हैं। घायल बच्चे के ताया जसवीर सिंह और मासी सिमरन ने कहा कि उनका बच्चा आकाशदीप दसवीं कक्षा में पड़ता है। स्कूल में एक ही कक्षा में दसवीं और नवमी कक्षा पढ़ाई जाती है। उनके बच्चे को सुबह जल्दी बुलाया जाता है और वह सुबह जल्दी आकर कक्षा के बेंच ठीक करता है, ऐसे में आकाशदीप दो दिन पहले कक्षा के बेंच ठीक कर रहा था तभी नवमी कक्षा के एक छात्रा ने उसे बहसबाजी शुरू कर दी कि वह इस बेंच पर बैठेगा जबकि वह बेंच अतिरिक्त था। इसी बात को लेकर उसके बच्चे को पहले चेहरे और बाद में कुर्सी उठाकर उसके पेट में मारी गई।

पूर्व DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा, कोर्ट से मिला प्रोडक्शन वारंट

चंडीगढ़. आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे पंजाब के निलंबित डाॅ. हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उनके खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में जांच शुरू कर दी है। ईडी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दायर कर भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश करने की मांग की थी। कोर्ट ने ईडी की अर्जी पर भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। अब उन्हें नौ अक्टूबर को सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। चंडीगढ़ की मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के लिए एक नया प्रोडक्शन वारंट जारी किया है और निर्देश दिया है कि उन्हें 9 अक्टूबर, 2026 को अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर एक आवेदन पर अदालत ने बुधवार को भुल्लर के लिए पेशी वारंट जारी किया था, जिसमें चंडीगढ़ के बुराइल स्थित मॉडल जेल के अधीक्षक को उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, शहर में एक वीवीआईपी के दौरे के कारण पुलिसकर्मियों की अनुपलब्धता के चलते भुल्लर को पेश नहीं किया जा सका। ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जब भुल्लर को सीबीआई द्वारा 16 अक्टूबर, 2025 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत दर्ज भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई की एफआईआर आकाश बट्टा की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भुल्लर, जो उस समय पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे, ने पुलिस स्टेशन सरहिंद में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल व्यवहार के बदले और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शिकायतकर्ता के व्यवसाय के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, एक निजी मध्यस्थ, कृषानु शारदा के माध्यम से अवैध रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया और कथित तौर पर 16 अक्टूबर, 2025 को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर मांगे गए 5 लाख रुपये लेते हुए शारदा को गिरफ्तार कर लिया। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को पंजीकृत ईसीआईआर के संबंध में भुल्लर का प्रोडक्शन वारंट मांगा। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता एसपीएस भुल्लर और एचएस धनोआ पेश हुए। अपने आदेश में, अदालत ने कहा कि भुल्लर, जो 16 अक्टूबर, 2025 की एफआईआर के संबंध में चंडीगढ़ की मॉडल जेल में बंद है, को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि ईडी मामले में उसे अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है। तदनुसार, अदालत ने निर्देश दिया कि भुल्लर को 9 अक्टूबर, 2026 को उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए और इस संबंध में एक नया पेशी वारंट जारी किया।

बेअंत सिंह हत्याकांड: राजोआना की फांसी की सजा उम्रकैद में बदलने का केंद्र ने किया विरोध

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में मौत की सजा पाए दोषी बलवंत सिंह राजोआना की उस याचिका का विरोध किया है जिसमें उन्होंने अपनी सजा को कम करने की मांग की है।30 से अधिक वर्षों से हिरासत में रह रहे राजोआना ने राष्ट्रपति के समक्ष 2012 से लंबित दया याचिका पर निर्णय में देरी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया, “हमें उनकी मांगों पर आपत्ति है। राज्य [पंजाब] में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, कोई भी निर्णय लेना उचित नहीं होगा।” केंद्र सरकार द्वारा याचिका का विरोध किए जाने के मद्देनजर, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और अपारेश कुमार सिंह सहित पीठ ने कहा कि वह मामले की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर करेगी।"चूंकि अब वे अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने पर जोर दे रहे हैं, जिसका आप विरोध कर रहे हैं, इसलिए हम मामले की योग्यता के आधार पर सुनवाई करेंगे," पीठ ने कहा।श्री नटराज द्वारा मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की। बब्बर खालसा के उग्रवादी राजोआना को तत्कालीन पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में उनकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। बेअंत सिंह की हत्या 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सिविल सचिवालय के बाहर एक आत्मघाती बम विस्फोट में हुई थी। इस विस्फोट में हमलावर दिलावर सिंह और 17 अन्य लोग भी मारे गए थे। एक विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में रजोआना को मृत्युदंड सुनाया था, जिसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2010 में बरकरार रखा था। उनकी फांसी 31 मार्च, 2012 को तय की गई थी, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा उनकी ओर से दया याचिका प्रस्तुत करने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। 14 साल से राष्ट्रपति के पास लंबित है दया याचिका राजोआना की याचिका का मुख्य आधार उसकी दया याचिका पर लंबे समय से फैसला नहीं होना है। राजोआना की ओर से दलील दी गई है कि उसकी दया याचिका वर्ष 2012 से राष्ट्रपति के पास लंबित है। 14 साल से अधिक समय तक फांसी की सजा के अनिश्चित भविष्य में रहने से उसे मानसिक पीड़ा और असहनीय तनाव का सामना करना पड़ा है। याचिका में कहा गया है कि दया याचिका पर फैसला लेने में इतनी लंबी देरी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। राजोआना के वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट के उन पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया जाएगा, जिनमें दया याचिका पर अत्यधिक देरी को मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है। 23 सितंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राजोआना अब मुख्य रूप से मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने के मुद्दे पर जोर दे रहा है। 31 अगस्त 1995 को हुआ था बम विस्फोट बलवंत सिंह राजोआना को 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर हुए आत्मघाती बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराया गया था। इस विस्फोट में तत्कालीन पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य लोगों की मौत हुई थी। जांच में राजोआना को मामले में बैकअप बम हमलावर बताया गया था। विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में राजोआना को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने वर्ष 2010 में उसकी सजा को बरकरार रखा। राजोआना को 31 मार्च 2012 को फांसी दी जानी थी, लेकिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से उसकी ओर से दया याचिका दाखिल किए जाने के बाद फांसी पर रोक लगा दी गई। इसके बाद से उसकी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। 2019 में केंद्र ने रखा था सजा कम करने का प्रस्ताव राजोआना की सजा को लेकर वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने भी पहल की थी। गृह मंत्रालय ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से लागू नहीं हो सका। इसके बाद राजोआना ने वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और केंद्र के प्रस्ताव को लागू करने के साथ-साथ उसकी दया याचिका पर फैसला करने की मांग की। इस दौरान केंद्र ने अदालत को बताया था कि मामले में फैसला टाल दिया गया है। दया याचिका पर लंबे समय से फैसला नहीं होने के कारण यह मामला कई बार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आया है। पंजाब के मौजूदा माहौल का दिया हवाला इस बार केंद्र ने राजोआना की सजा कम करने का स्पष्ट रूप से विरोध किया है। केंद्र का ताजा रुख ऐसे समय आया है जब पंजाब में राजनीतिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे संवेदनशील बने हुए हैं। हालांकि, केंद्र ने अदालत के समक्ष मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए सजा कम करने को अनुकूल नहीं बताया है। अब सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को केंद्र के विरोध और राजोआना की ओर से सजा में देरी को आधार बनाकर दायर याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगा।  

DIG ऑफिस के बाहर बदमाशों का आतंक, कार के शीशे तोड़े और हवा में चलाई गोलियां

लुधियाना. लुधियाना में पुलिस के आला अधिकारियों के दफ्तर के सामने ही गुंडागर्दी और दहशत फैलाने का मामला सामने आया है। डिवीजन नंबर आठ के अंतर्गत कैलाश चौकी क्षेत्र में डीआईजी कार्यालय के बाहर आपसी विवाद को लेकर कुछ युवकों ने एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उसके साथ मारपीट की, फिर उसकी कार के शीशे तोड़ दिए और जाते समय हवा में गोलियां चलाकर फरार हो गए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावर और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार साफ दिखाई दे रही है। पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत में पीड़ित संनी ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ डीआईजी कार्यालय आया था। उसने अपनी कार कार्यालय के बाहर खड़ी की और कुछ अकाउंटिंग स्लिप लेने के लिए अंदर चला गया। कुछ देर बाद जब वह बाहर आया तो वहां तीन सिख युवक और एक मोना युवक पहले से खड़े थे। आरोपितों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। मिस्त्रियों को हटाने को लेकर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, युवकों ने संनी से सवाल किया कि उसने मिस्त्रियों को वहां से क्यों हटाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवकों ने उसे जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद परमजीत सिंह और दो अज्ञात युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। एक युवक ने डंडे से उस पर हमला किया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उसकी कार को भी निशाना बनाया। उन्होंने कार के शीशे तोड़ दिए और उसे नुकसान पहुंचाया। इसके बाद आरोपित अपनी सफेद रंग की स्विफ्ट कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। भागने से पहले उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर इलाके में दहशत फैला दी। फिरोजपुर के व्यक्ति पर हमलावर भेजने का शक पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में फिरोजपुर के गांव घिनिवाला निवासी रणबीर सिंह पर भी गंभीर शक जताया है। उसका आरोप है कि रणबीर सिंह ने ही उसे जान से मारने के इरादे से हमलावरों को भेजा था। हालांकि इस आरोप की पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात वारदात के बाद सामने आई सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हो रही है। फुटेज में तीन हमलावर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं और उनकी सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

CBI टीम पर नेताओं ने बरसाए फूल, OSD के घर छापेमारी के बाद भवानीगढ़ SHO पर गिरी गाज

संगरूर. नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को सीबीआई टीम के पहुंचने के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा सीबीआई अधिकारियों की गाड़ी पर फूल बरसाने की घटना के बाद पुलिस विभाग ने थाना भवानीगढ़ के एसएचओ एसआइ यशपाल शर्मा को निलंबित कर दिया। एसएचओ के निलंबन की पुष्टि डीएसपी भवानीगढ़ सतनाम सिंह ने की है। निलंबन की खबर सामने आने के बाद देर शाम तक पुलिस के थाना व जिला स्तर के अधिकारी इस संबंधी कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे। इस दौरान सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूल बरसाने वाले नेताओं को मौके पर पुलिस द्वारा हिरासत में नहीं लिए जाने को लेकर भी आम लोगों व मीडिया में चर्चा होती रही। एसएचओ के निलंबन को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। इसे घराचों में घटना से जोड़कर देखा जा रहा था। एसएचओ पर लगे लापरवाही के आरोप बाद में डीएसपी सतनाम सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एसएचओ यशपाल शर्मा को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उच्च पुलिस अधिकारियों के आदेश पर निलंबित किया गया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया कि एसएचओ के खिलाफ की गई यह कार्रवाई किसी पुराने मामले से संबंधित है। इसका घराचों में सीबीआई टीम के पहुंचने के समय हुई फूल बरसाने की घटना से कोई संबंध नहीं है। ओएसडी के घर हुई थी छापामारी उधर, भवानीगढ़ के नजदीकी गांव घराचों में मंगलवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी के घर छापामारी करने पहुंची सीबीआई टीम की गाड़ी पर फूलों की वर्षा करने वाले विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई की है। बुधवार सुबह संगरूर पुलिस व सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने शिअद (पुन:सुरजीत) के हलका दिड़बा इंचार्ज विजय लंकेश तथा अकाली दल वारिस पंजाब दे… के वरिष्ठ नेता चमनदीप सिंह मिल्खी को उनके घर से हिरासत में ले लिया। जिन्हें दोपहर एक बजे बाद रिहा कर दिया गया।

श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे Nana Patekar, बर्तन सेवा कर हुए भावुक; बोले- ‘रब का शुक्र है’

अमृतसर. बॉलीवुड में अपने डॉयलॉग्स के लिए मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वह 75 वर्ष के थे। नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। 45 मिनट की जद्दोजहद के बाद उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस अदाकार का पंजाब से कोई डायरेक्ट लिंक को नहीं हैं, लेकिन दो बार नाना पाटेकर ने अमृतसर आकर पंजाबियों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी थी। वे साल 2018 के जनवरी में अपनी पत्नी नीलकांती पाटेकर के साथ अमृतसर पहुंचे थे। उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका था, ये उनके श्री हरिमंदिर साहिब में पत्नी के साथ पहली व आखिरी दर्शन रहे। इस दौरान उन्होंने जहां श्री हरिमंदिर साहिब की पूरी परिक्रमा की, वहीं बर्तनों की सेवा भी निभाई थी।

धनास को मिलेंगी दो बड़ी सौगात, अस्पताल और नया पुलिस स्टेशन बनाने की तैयारी; प्रशासन ने शुरू की जमीन तलाश

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…     पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।     पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।     चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।     आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।   अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया। अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।   वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे … Read more

परगट सिंह ने संभाली पंजाब कांग्रेस की कमान, गोल्डन टेंपल में माथा टेक किया शक्ति प्रदर्शन

चंडीगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा। परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।  पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए। वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।