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पंजाब में स्थायी DGP की नियुक्ति की तैयारी, गौरव यादव का नाम सबसे आगे

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब पांच महीने पहले राज्य को स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिलना लगभग तय हो गया है। 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी गौरव यादव को नियमित डीजीपी नियुक्त किया जा रहा है।इसके साथ ही पिछले चार साल से कार्यवाहक डीजीपी के सहारे चल रही पंजाब पुलिस को स्थायी प्रमुख मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि, उनकी नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है। स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को 14 आइपीएस अधिकारियों के नाम भेजे थे। आयोग ने इन नामों पर विचार करने के बाद तीन अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इसमें गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल हैं। तीनों अधिकारी 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद गौरव यादव के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना सबसे अधिक है। चार साल से अतिरिक्त प्रभार के तहत संभाल रहे थे जिम्मेदारी गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब पुलिस के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उस समय से उन्हें कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर तैनात किया गया था। राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का मामला लंबे समय तक लंबित रहा। इस दौरान पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तहत चलती रही। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। पैनल में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू भी शामिल यूपीएससी की ओर से भेजे गए तीन अधिकारियों के पैनल में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं। शरद सत्य चौहान 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और पंजाब में सतर्कता प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2028 को निर्धारित है। वहीं, हरप्रीत सिंह सिद्धू भी 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और विशेष डीजीपी के पद पर तैनात हैं। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मई 2027 को होनी है। हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट स्थायी डीजीपी की नियुक्ति में देरी का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। अधिवक्ता निखिल थमन की ओर से दायर जनहित याचिका में लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार के तहत पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठाए गए थे। यूपीएससी से पैनल मिलने के बाद भी नियुक्ति का फैसला लंबित रहा। अब हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने की समयसीमा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद इस समयसीमा से पहले नियुक्ति की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। आदेश जारी होने पर गौरव यादव नियमित डीजीपी के तौर पर पंजाब पुलिस की कमान संभालेंगे। इससे चार साल से अधिक समय से चली आ रही कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।  

फरीदकोट रैली में हरसिमरत बादल का ऐलान, अकाली सरकार में महिला DGP को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

फरीदकोट. शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने फरीदकोट में रैली को संबोधित करते हुए नशे के खिलाफ अपनी पार्टी की प्रस्तावित रणनीति का एलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर नशे के खात्मे के लिए एडीजीपी स्तर की एक महिला पुलिस अधिकारी नियुक्त की जाएगी। इस अधिकारी को विशेष रूप से नशे के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘मावा धिया ललकार’ योजना के तहत गांवों में महिलाओं की विशेष फोर्स तैयार की जाएगी। उन्होंने माताओं और बहनों से अपील की कि वे अभी से अपने-अपने गांवों में इस मुहिम के तहत सक्रिय होकर काम शुरू करें।

पंजाब में सियासी विवाद गरमाया, धमकियों से सहमी महिलाएं अकाल तख्त की शरण में पहुंचीं

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप मामले में श्री अकाल तख्त साहिब पेश होने जा रही पीड़ित महिलाओं को धमकियां मिलने का आरोप लगा है। पूर्व अकाली नेता बीबी रूप कौर संधू ने आज वीडियो जारी कर यह दावा किया है। उन्होंने पंजाब के DGP से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। बीबी रूप कौर संधू ने पंजाब के DGP और श्री अकाल तख्त साहिब की टास्क फोर्स से पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इन महिलाओं को साथ लेकर अकाल तख्त साहिब में पेश होने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्हें भी वहां न जाने के लिए दबाव डाला गया। अकाल तख्त परिसर के बाहर रूप कौर संधू ने बताया कि उन्होंने अपना आवेदन और मांगपत्र विधिवत जमा करवा दिया है। इसकी प्राप्ति रसीद भी उन्हें मिल गई है। जत्थेदार साहिब से फोन पर भी बातचीत हुई है और उन्हें व्यक्तिगत मुलाकात के लिए जल्द समय मिलने का भरोसा दिया गया है। जत्थेदार साहिब की मौजूदगी में पेश संधू के मुताबिक, जत्थेदार साहिब की मौजूदगी में पीड़ित महिलाओं को उनके सामने पेश किया जाएगा, ताकि वे अपने बयान और सबूत सीधे उन्हें सौंप सकें। पीड़ितों की पहचान उजागर करने से इनकार रूप कौर संधू ने कहा कि मामले में अश्लीलता, परेशान करने और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ऐसे में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान या डिजिटल सबूत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। उन्होंने दावा किया कि कई पीड़ित महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें मीडिया व प्रशासन के सामने अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही सबूत संबंधित अधिकारियों के सामने रखे जाएंगे। मांगपत्र में 4-5 प्रमुख नेताओं के नाम होने का दावा संधू ने दावा किया कि मांगपत्र में करीब चार से पांच प्रमुख पंथक और अकाली नेताओं के नाम, उनके पदों तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का विवरण शामिल है। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। मामले को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई या फर्जी वीडियो बताने संबंधी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संधू ने कहा कि किसी भी सामग्री की प्रामाणिकता फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीक के जरिए परखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मामले को एआई या फर्जी वीडियो बताकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। सिख महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का यह मामला SGPC के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला और एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए दुष्कर्म (रेप) और अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। यह शिकायत बहरीन में रहने वाली एक सिख महिला द्वारा दर्ज कराई गई है। महिला का आरोप है कि जब वह नवंबर 2025 में भारत लौटीं, तो SGPC ने उन्हें ठहरने की जगह दी थी। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि चावला ने मार्च से मई 2026 के बीच श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर की सरायों में उसके साथ कई बार रेप किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। 21 अगस्त 2026 को आनंदपुर साहिब थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। अश्लील मैसेज के आरोप महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अकाल तख्त के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के एक ड्राइवर मोहन सिंह ने उसे अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। अकाल तख्त के चक्कर काटना: महिला का कहना था कि उसने अपनी शिकायत और सबूतों के साथ कई बार अकाल तख्त के जत्थेदार व SGPC अध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद अकाली दल की नेता रूप कौर संधू के साथ फेसबुक लाइव पर आकर महिला ने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी थी।

पूर्व DIG भुल्लर की कोर्ट में पेशी, बाहर निकलकर मीडिया से बोले- अभी कुछ नहीं कहूंगा

चंडीगढ़. पिछले करीब एक साल से जेल में बंद पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर वीरवार को चंडीगढ़ कोर्ट में रो पड़े थे और शुक्रवार को फिर से उन्हें पेश किया गया तो कोर्ट से बाहर आकर बोले कि वे अभी कुछ नहीं कह सकते। ईडी ने भी भुल्लर को कोर्ट में पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट हासिल किए थे। अब मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी भुल्लर को हिरासत में ले सकती है। इससे पहले वीरवार को भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया था। भुल्लर ने जज के आगे कहा था कि शिकायतकर्ता आकाश बत्ता सार्वजनिक मंचों पर उन्हें बदनाम कर रहा है। उसने कई बार उनके चरित्र पर अंगुलियां उठाई, जिस कारण उन्हें समाज में शर्मसार होना पड़ रहा है। भुल्लर ने कहा कि उनके घर भी बहू-बेटी हैं। रिश्वत मामले में भुल्लर के बिचौलिए कृष्णु शारदा को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान भुल्लर और कृष्णु के वकीलों ने शिकायतकर्ता आकाश बत्ता का क्राॅस एग्जामिनेशन किया। मामले में आकाश गवाही दे चुके हैं और अब बचाव पक्ष के वकील सवाल-जवाब कर रहे हैं। इससे पहले बत्ता ने सीबीआई जज के आगे दोनों आरोपितों के खिलाफ खुलकर गवाही दी थी। घर से मिले थे करोड़ों रुपये कैश, सोना भुल्लर को पिछले साल 16 अक्टूबर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। उन्हें किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिया जा रहा था। बत्ता ने जब इस बारे में सीबीआइ को शिकायत दी तो जांच एजेंसी ने भुल्लर और कृष्णु को गिरफ्तार कर लिया था। भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर से सीबीआइ को साढ़े सात कराेड़ रुपये कैश और करीब ढाई किलो सोना मिला था।

सिद्धू मूसेवाला की फिर होगी स्टेज पर वापसी! टोरंटो से शुरू हुआ ‘Sign to God’ होलोग्राम वर्ल्ड टूर

मानसा. हत्या के चार साल बाद पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला आज, शुक्रवार, एक बार फिर मंच पर नजर आने वाले हैं। होलोग्राम तकनीक के माध्यम से सिद्धू मूसेवाला वर्ल्ड टूर करने वाले पहले पंजाबी व भारतीय कलाकार बनने वाले हैं। तकरीबन 10 महीनों के इंतजार के बाद मूसेवाला का "साइन टू गॉड वर्ल्ड टूर" टोरंटो से शुरू होगा। मूसेवाला के फैंस के लिए इस शो के अलावा एक और खुशखबरी है। उनके लोकप्रीत गीत 295 को यू-ट्यूब पर 1.28 करोड़ से अधिक लाइक्स मिल गए हैं और वे सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला गीत बन गया है। उनके पिता बलकौर सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि इस शो के उद्घाटन पर उनके इसी प्रसिद्ध ट्रैक 295 का वीडियो जारी किया जाएगा। ये गीत वर्ष 2021 में रिलीज हुआ था।  सिद्धू मूसेवाला को श्रद्धांजलि देंगे फैंस इस टूर और पहले शो की शुरुआत खास रहने वाली है। मूसवाला के फैंस शो में स्क्रीन पर नजर आएंगे। मूसेवाला की टीम ने कुछ समय पहले फैंस से अपील की थी कि वे गीत 295 को गाते हुए या उसे बैकग्राउंड में लेकर अपनी वीडियोज बनाएं और उन्हें भेजें। टीम उनमें से वीडियोज का चयन करेंगी और क्लिप्स को शो के दौरान चलाया भी जाएगा।  स्कोटिया बैंक एरिना में होना है शो टूर का पहला शो आज टोरंटो के स्कोटियाबैंक एरिना में आयोजित किया जा रहा है। यह दौरा होलोग्राम तकनीक, मूसेवाला की मूल आवाज, सिनेमैटिक विजुअल्स और स्टेज इफेक्ट्स का उपयोग करके मंच पर उनकी उपस्थिति को फिर से जीवित करेगा।   जाने क्या है होलाग्राम तकनकी होलोग्राम तकनीक एक ऐसी 3D (थ्री-डायमेंशनल) प्रोजेक्शन तकनीक है, जो लाइट और लेजर की मदद से हवा में तैरती हुई सजीव और त्रिविमीय (3D) छवि बनाती है। इसमें किसी वस्तु या व्यक्ति से निकलने वाले रोशनी को रिकॉर्ड करके बाद में इस तरह पेश किया जाता है कि देखने वाले को वह बिल्कुल वास्तविक और जीवित अवस्था में प्रतीत होता है। छोटा शुभदीप भी दिखेगा शो में मिली जानकारी के अनुसार सिद्धू मेसवाला का पूरा परिवार पहले 10  शो में शामिल रहेंगे। बलकौर सिंह व सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर के अलावा उनके छोटे भाई शुभदीप भी शो में शामिल होंगे। ये शो तकरीबन 100 मिनट का रहने वाला है। इस शो में मूसेवाला की होलोग्राम परफॉर्मेंस करीब 20 से 25 मिनट की होने वाली है।  पाकिस्तान में भी जाएंगे सिद्धू इस टूर के दौरान मूसेवाला से जुड़े आर्टिस्ट भी आ सकते हैं। आने वाले दिनों में ये शो कनाडा के बाद अमेरिका, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत सहित कई देशों को कवर करेगा। सिद्धू मूसेवाला ने मरने से पहले वादा किया था कि वे पाकिस्तान में अपने फैंस से मिलने जाएंगे। उनकी हत्या के बाद उनका ये वादा पूरा नहीं हुआ, लेकिन इस शो के माध्यम से वे पाकिस्तान भी टूर करने वाले हैं।

Punjab News: CM ऑफिस रेड केस में बड़ा अपडेट, जस्टिस शील नागू ने सुनवाई से खुद को किया अलग

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब सरकार को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक और कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस शील नागू ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। अब यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर दूसरी पीठ के समक्ष रखा जाएगा। जस्टिस नागू पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए थे। दूसरी पीठ को सौंपा जाएगा मामला शुक्रवार को याचिका पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। मामला शुरू होने पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस नागू नहीं कर सकते और इसे मुख्य न्यायाधीश दूसरी पीठ को सौंपेंगे।

LPU में हिंसा पर HC की सख्ती, पोस्ट करने वालों के साथ प्लेटफॉर्म्स पर भी गिरेगी गाज!

चंडीगढ़. इंटरनेट मीडिया पर किसी ऐसी घटना की झूठी सूचना प्रसारित करना, जो वास्तव में हुई ही नहीं, गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी सूचना से अचानक हिंसा भड़क सकती है और जान-माल तथा संपत्ति का नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि यदि किसी इंटरनेट मीडिया पोस्ट के कारण हिंसा और जान-माल का नुकसान होता है तो केवल पोस्ट डालने वाले व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त होगा या फिर संबंधित इंटरनेट मीडिया मंच की भी जवाबदेही तय करने के लिए कोई व्यवस्था होनी चाहिए। एलपीयू हिंसा पर क्या बोले चीफ जस्टिस? चीफ जस्टिस  अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस  रोहित कपूर की खंडपीठ ने पंजाब सरकार की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में झूठी सूचना के प्रसार से हुए हंगामे की जानकारी दिए जाने के बाद ये टिप्पणियां कीं।

फेस्टिवल सीजन में वैष्णो देवी जाना होगा आसान, दिल्ली-कटड़ा के बीच नई ट्रेनें; कंफर्म सीट की उम्मीद

पठानकोट नवरात्र के दौरान श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तर रेलवे ने बड़ी राहत दी है। नई दिल्ली-कटड़ा के बीच दो फेरे फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया गया है। आरक्षित फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस यात्रियों को कंफर्म सीट के साथ दिल्ली से कटड़ा और कटड़ा से दिल्ली तक सफर की सुविधा देगी। ट्रेन संख्या 04083 नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा फेस्टिवल स्पेशल नौ और 16 अक्तूबर को दोपहर दो बजे नई दिल्ली से रवाना होगी। अगले दिन तड़के तीन बजे कटड़ा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन 04084 कटड़ा-नई दिल्ली फेस्टिवल स्पेशल 10 और 17 अक्तूबर को सुबह 10 बजे कटड़ा से रवाना होकर उसी दिन रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।  जम्मू रेल मंडल की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक, ट्रेन नंबर 04085/04086 (अप-डाउन) 10 अक्टूबर से और ट्रेन नंबर 04485/04486 (अप-डाउन) 11 अक्टूबर से शुरू होगी। जारी शेड्यूल के मुताबिक, दोनों जोड़ी ट्रेनें दिल्ली से कटड़ा तक का सफर 13 घंटे में तय करेंगी। दोनों जोड़ी ट्रेनें रास्ते में दोनों तरफ सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, कठुआ, जम्मू तवी और शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) स्टेशनों पर ठहराव करेंगी। 10 और 11 अक्टूबर को होगी शुरुआत स्पेशल ट्रेन संख्या 04085 आगामी 10 अक्टूबर को नई दिल्ली से दोपहर 2 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 3 बजे कटड़ा पहुंचेगी, जबकि वापसी में ट्रेन संख्या 04086 11 अक्टूबर को कटड़ा से सुबह 10 बजे रवाना होकर उसी दिन रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 04485 11 अक्टूबर को नई दिल्ली से दोपहर 2 बजे चलकर अगले दिन सुबह 3 बजे कटड़ा पहुंचेगी और वापसी में ट्रेन संख्या 04486 12 अक्टूबर को कटड़ा से सुबह 10 बजे रवाना होकर रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। ये ट्रेनें मार्ग में सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, कठुआ, जम्मू तवी और शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) स्टेशनों पर ठहराव करेंगी। यात्रियों को मिलेगी सुविधा-सीनियर डीसीएम जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) उचित सिंघल ने बताया कि इन ट्रेनों के चलने से त्योहारों पर घर जाने वाले लोगों को कन्फर्म टिकट आसानी से मिलेगी और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम होगा। इसके साथ ही यात्रियों की मांग के अनुसार नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी अस्थायी रूप से जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्री सुविधा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और त्योहारों के दौरान मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में चलाई गई स्पेशल ट्रेनों की तरह ही इन नई स्पेशल ट्रेनों से भी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और आवश्यकतानुसार अधिक भीड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त कोच भी लगाए जाएंगे। 655 किलोमीटर का सफर, 22 एलएचबी कोच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन में आधुनिक एलएचबी के कुल 22 कोच लगाए गए हैं। यह ट्रेन कुल 655 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट, डंडारी कलां, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, कठुआ, जम्मूतवी और शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशनों पर ठहराव होगा।  26 तक एक और विशेष ट्रेन ट्रेन 04081/04082 का संचालन भी जारी है। यह ट्रेन 26 अक्तूबर तक चलेगी। जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होती है। उन्होंने यात्रियों से समय रहते यात्रा की योजना बनाने और आईआरसीटीसी की वेबसाइट अथवा रेलवे आरक्षण काउंटरों से टिकट बुक कराने की अपील की है।

पंजाब में कारोबार करना होगा आसान! ‘हुनर पंजाब’ और ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल लॉन्च

चंडीगढ़ कारोबार में सुगमता, पारदर्शिता और रोजगार पैदा करने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब निवेशकों के लिए प्राथमिकता वाले स्थान के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज इस दिशा में चंडीगढ़ में ‘हुनर पंजाब’ और ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल लॉन्च किए। उन्होंने कहा कि ये नए पोर्टल 45 दिनों के भीतर सिंगल विंडो के माध्यम से सभी आवश्यक मंजूरियां सुनिश्चित करेंगे, निवेशकों को वित्तीय प्रोत्साहनों की पारदर्शी तरीके से निगरानी करने में सक्षम बनाएंगे और उद्योगों को कुशल युवाओं से सीधे जोड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने वर्ष 2022 से अब तक 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 6.31 लाख नए रोजगार पैदा हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए पंजाब में ही रोजगार के अवसर पैदा करना और फिर से ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण करना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब में 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे 6.31 लाख नए रोजगार पैदा हुए हैं। निवेशकों के इस विश्वास को बनाए रखने के लिए हमने आज दो प्रमुख पोर्टल लॉन्च किए हैं। ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल राज्य के युवाओं को उनके घरों के नजदीक रोजगार के अवसर प्रदान करने और उद्योगों को कुशल कामगार उपलब्ध करवाने के लिए शुरू किया गया है। इसके साथ ही निवेशकों को उपलब्ध सुविधाओं और वित्तीय रियायतों के बारे में पारदर्शी जानकारी प्रदान करने के लिए ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ का ‘फाइनेंशियल इंसेंटिव्स मॉड्यूल’ (पासबुक) लॉन्च किया गया है। हमारा लक्ष्य पंजाब के युवाओं को उनके अपने राज्य में रोजगार देना और पंजाब को एक बार फिर खुशहाल बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद।” पोर्टल लॉन्च करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हुनर पंजाब और फास्ट-ट्रैक पंजाब की शुरुआत पंजाब के उद्योग और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है। ‘हुनर पंजाब’ उद्योग और कुशल युवाओं के बीच की दूरी को कम करेगा और राज्य के भीतर हमारे युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेगा।” मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल पर पहले ही लगभग 1,750 संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए स्थानीय कुशल युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनियां अब इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुशल युवाओं से सीधे जुड़कर उन्हें नौकरी पर रख सकेंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने और सरकारी कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए सभी विभागों में ई-ऑफिस और ऑनलाइन प्रणालियां लागू कर दी हैं। ये प्रणालियां अनावश्यक देरी को कम कर रही हैं और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह बना रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने पिछले चार वर्षों में 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। यह पंजाब में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हुनर पंजाब युवाओं की प्रतिभा, नेटवर्किंग और रोजगार तक पहुंच के लिए सिंगल प्लेटफॉर्म है। यह प्रमुख कमियों जैसे उपलब्ध प्रतिभा के बारे में जानकारी का अभाव, उद्योग और संस्थानों की अलग-अलग आवश्यकताएं, मांग और आपूर्ति के बीच संपर्क की कमी तथा निर्धारित जवाबी समय-सीमा के अभाव को दूर करता है।” उन्होंने आगे कहा, “‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ के साथ-साथ ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल उद्योग के लिए कौशल विकास और रोजगार के प्रमुख केंद्र हैं। ये पोर्टल चार महत्वपूर्ण चरणों को एक ही मंच पर लाते हैं, जिनमें संस्थानों की खोज, भर्ती एवं रोजगार, इंटर्नशिप एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा उद्योग-संस्थान सहयोग शामिल हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “7 प्रशासनिक विभागीय श्रेणियों में 1,700 से अधिक संस्थान पहले ही इस पोर्टल का हिस्सा बन चुके हैं। इस व्यवस्था में निश्चित समय-सीमा और जवाबदेही तय की गई है, ताकि आवेदनों और अनुरोधों का निर्धारित समय के भीतर निपटारा किया जा सके। उद्योगों, संस्थानों और विभागों के लिए विशेष डैशबोर्ड तैयार किए गए हैं। यह प्लेटफॉर्म हेल्प-डेस्क सहायता के साथ-साथ सवालों और शिकायतों के निवारण की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया सभी हितधारकों के लिए आसान और अधिक पारदर्शी हो जाएगी।” मुख्यमंत्री ने कहा, “‘हुनर पंजाब’ पोर्टल उद्योगों, संस्थानों, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और विभागों की साझेदारी से शुरू से अंत तक इंटर्नशिप और औद्योगिक प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करेगा। यह युवाओं को वास्तविक रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों से जोड़ने के लिए व्यवस्थित ढांचा उपलब्ध करवाएगा।” उन्होंने बताया, “यह पोर्टल एम.ओ.यू. आधारित उद्योग-संस्थान साझेदारी को औपचारिक रूप देगा, जिसमें गैस्ट लेक्चर, फैकल्टी विकास, ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, पाठ्यक्रम संबंधी सुझाव, बुनियादी ढांचे एवं तकनीकी सहायता तथा सी.एस.आर. सहयोग शामिल हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार शुरू से अंत तक की प्रक्रियाओं, अलग-अलग यूजर लॉगिन, राज्य स्तर पर टैलेंट मैनेजमेंट एवं प्लेसमेंट, प्रशिक्षण और सहयोग की विभागीय निगरानी के साथ सभी चार मॉड्यूल को पूरी तरह लागू करने की दिशा में काम कर रही है। पंजाब निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में उभरा है, जहां सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी आवश्यक मंजूरियां उपलब्ध हैं। ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों को 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां मिल जाएंगी।” उन्होंने कहा, “‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल निवेशकों को मिलने वाली वित्तीय रियायतों के बारे में भी पारदर्शी जानकारी देगा। निवेशक विभिन्न कार्यालयों और प्रक्रियाओं पर निर्भर रहने के बजाय पोर्टल के माध्यम से ही इन रियायतों को ट्रैक कर सकेंगे।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब के युवाओं को पंजाब के भीतर ही रोजगार उपलब्ध करवाना और पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। सरकार चाहती है कि पंजाब की प्रतिभा को पंजाब में ही अवसर मिलें और वह राज्य की प्रगति में योगदान दे।” उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब में वर्ष 2022 से अब तक 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे 6.31 लाख नए रोजगार पैदा हुए हैं। यह उस विश्वास का परिणाम है जो निवेशक पंजाब पर जता रहे हैं।” पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली सरकारें निवेश सम्मेलन करवाती … Read more

CBI रेड के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची पंजाब सरकार, OSD राजबीर घुम्मन ने भी मांगी राहत

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट आज पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें CBI को केस दर्ज कर आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।  सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फाइल देर से पहुंचने के कारण टल गई थी, अब आज इस पर सुनवाई होगी। इस बीच गुरुवार को CM के OSD राजबीर घुम्मन CBI जांच के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे। घुम्मन ने कहा कि CBI को कार्रवाई से पहले सरकार से परमिशन लेनी चाहिए। घुम्मन ने CBI की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में भी आज सुनवाई होगी। अब तक क्या-क्या हुआ…. ED के पत्र से सामने आए थे आरोप यह मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्र से सामने आया। ED ने आरोप लगाया था कि CM ऑफिस से जुड़े लोगों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित किया जा रहा था। आरोपों में ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसी गतिविधियों का भी जिक्र था। हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए 5 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को मामला दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने CBI से दो महीने में रिपोर्ट देने को भी कहा। OSD राजबीर घुम्मन समेत 6 पर FIR हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। FIR में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासनिक फैसलों और अन्य मामलों को प्रभावित करने के आरोप शामिल हैं। CBI की 8 ठिकानों पर रेड 6 अक्टूबर को CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 जगहों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ स्थित पंजाब CM का कैंप ऑफिस, OSD राजबीर घुम्मन का घर भी शामिल था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जब्त की गई। पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की। सरकार ने CBI जांच पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य की प्रारंभिक जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना CBI को जांच सौंप दी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली गुरुवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मामला आया। जस्टिस दत्ता ने कहा कि संबंधित फाइल जस्टिस नागू तक देर से पहुंची है, इसलिए मामले को शुक्रवार को सुना जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने CBI की कार्रवाई पर अंतरिम रोक की मांग की थी।