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पंजाब में निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज, 30 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, 5 जुलाई को वोटिंग

चंडीगढ़. पंजाब में निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चार निकायों में होने वाले चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले दिन उम्मीदवारों की ओर से कुल 30 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिससे चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म होता दिखाई दे रहा है। इन चुनावों के तहत होशियारपुर नगर निगम, गुरु हरसहाय नगर परिषद, जलालाबाद नगर परिषद और ममदोट नगर पंचायत में मतदान कराया जाएगा। कुल 95 वार्डों में होने वाले इन चुनावों के लिए उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 25 जून तक जारी रहेगी। दोपहर 3 बजे तक होते हैं नामांकन दाखिल नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्वीकार किए जा रहे हैं। इसके बाद 25 जून को ही नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 26 जून को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 27 जून को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उम्मीदवारों को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया पांच जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन सभी मतदान केंद्रों पर मतगणना भी संपन्न कराई जाएगी। संबंधित क्षे9ों में आचार संहिता लागू चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके चलते राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनावी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन की ओर से सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों के लिए बड़ी पहल, पंजाब सरकार देगी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग

फरीदकोट. किसी कारणवश गलत रास्ते पर चलकर कानून के दायरे में पहुंचे बच्चों को अब नई जिंदगी और नई पहचान देने की दिशा में पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य के आब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस पहल की शुरुआत फरीदकोट स्थित आब्जर्वेशन होम से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक गुरदित सिंह सेखों सहित कई अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहले चरण में पंजाब के पांच आब्जर्वेशन होम में कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। फरीदकोट के बाद लुधियाना, होशियारपुर और अन्य स्थानों के आब्जर्वेशन होम में भी जल्द यह योजना लागू की जाएगी। इसके बाद इसे राज्य के सभी आब्जर्वेशन होम तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे परिस्थितियों, गलत संगत या अन्य कारणों से ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिससे वे अपराध की दुनिया में पहुंच जाते हैं। ऐसे बच्चों को केवल दंडित करना समाधान नहीं है, बल्कि नया अवसर देना भी जरूरी है। यही सोच इस योजना के पीछे है। 211 बच्चे प्रारंभिक चरण में जुड़े डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 211 बच्चों को इन पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इनमें फरीदकोट के 31 बच्चे शामिल हैं। सबसे पहले हेयर ड्रेसिंग का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके बाद मोबाइल मरम्मत जैसे अन्य रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इससे बच्चे व्यावसायिक कौशल सीखकर भविष्य में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को उनका अतीत भुलाकर नई पहचान बनाने का अवसर देना है। कौशल और आत्मविश्वास के बल पर ये बच्चे अपने जीवन को नई दिशा दे सकेंगे और समाज में सकारात्मक योगदान दे पाएंगे। सीएम की वायरल वीडियो गिरी राजनीति का परिणाम इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित वायरल वीडियो से जुड़े सवाल पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति का स्तर काफी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने और चरित्र हनन की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसी मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उस पर की जा रही टिप्पणियां और बयान विवाद का विषय बने रहते हैं। सरकार की यह नई पहल बच्चों के पुनर्वास और उनके भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे अनेक बच्चों को जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।

वोटर लिस्ट अपडेट के लिए पंजाब में बड़ा अभियान, 86% मैपिंग पूरी; कल से शुरू होगा SIR

अमृतसर  पंजाब में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत राज्यभर में 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 24 जुलाई तक चलेगा। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को पंजाब भवन में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाएगी। 2.14 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचेगा चुनावी अमला मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, राज्य के 24,453 BLO अगले एक महीने तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, उनका सत्यापन करेंगे और उन्हें वापस एकत्र करेंगे। इस दौरान पंजाब के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जाएगा। साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। 3 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची अभियान पूरा होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां 2 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे। इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा और 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। 86 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी बैठक के दौरान बताया गया कि पंजाब में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनकी सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद बैठक में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अमनदीप गर्ग, संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी नवनीत कौर बल्ल समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आम आदमी पार्टी की ओर से फैरी सॉफ्ट, कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह किंगरा और हैप्पी खेड़ा, भाजपा की ओर से परमपाल कौर, शिरोमणि अकाली दल की ओर से एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर और नछत्तर सिंह गिल तथा बसपा की ओर से जसवंत राय और हरभजन सिंह उपस्थित रहे। इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग राज्य की मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने का प्रयास करेगा, ताकि आगामी चुनावों में पात्र मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।  

पद्मश्री संत निरंजन दास के पंजाब आगमन पर जोरदार स्वागत, एयरपोर्ट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

चंडीगढ़. डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास जी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया है। संत निरंजन दास जी को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पद्मश्री अवॉर्ड सम्मान दिया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई गणमान्य शामिल रहे। पद्मश्री सम्मान से सम्मानित संत निरंजन दास जी आज नई दिल्ली से वापस आदमपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागता हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारियों व उनकी संगतों द्वारा गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान एयरपोर्ट पहुंचे समर्थकों और संगतों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने संत निरंजर दास जी के दर्शन करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।  आदमपुर हवाई अड्डे को मिला नया नाम आपको बता दें कि, संत निरंजन दास जी को समाज सेवा, मानवता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा गया है। इस सम्मान के बाद डेरा सचखंड बल्लां से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं और पंजाबवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। संत निरंजन दास जी लंबे समय से समाज सेवा, मानव कल्याण और धार्मिक-सामाजिक जागरूकता के कार्यों से जुड़े रहे हैं। डेरा सचखंड बल्लां के माध्यम से उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान, शिक्षा, सेवा और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

दूध-दही और पनीर की गुणवत्ता पर सख्ती, अमृतसर में डेयरियों पर फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई

अमृतसर. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फूड सेफ्टी विभाग ने अमृतसर के अजनाला कस्बे में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभाग की टीम ने चोगावां रोड स्थित दो प्रमुख डेयरियों में पहुंचकर दूध, दही और पनीर के नमूने एकत्र किए। जांच कार्रवाई के चलते क्षेत्र के डेयरी कारोबारियों में हलचल देखी गई। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने मटिया डेयरी और सहारा डेयरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, स्वच्छता व्यवस्था और उत्पादों की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। अधिकारियों ने डेयरियों में उपलब्ध दूध, दही और पनीर के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया। सफाई व्यवस्था में दिखी कमी जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने कुछ स्थानों पर सफाई व्यवस्था में कमियां भी पाईं। इस पर संबंधित डेयरी संचालकों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करना सभी कारोबारियों के लिए अनिवार्य है। सहायक खाद्य आयुक्त राजिंदर पाल सिंह ने बताया कि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो। जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई उन्होंने बताया कि डेयरियों से लिए गए दूध, दही और पनीर के नमूनों को जांच के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी भी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता की कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हो सकते हैं।

मतदाता सूची अपडेट अभियान कल से शुरू, पंजाब में 24,453 BLO करेंगे डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन

चंडीगढ़. पंजाब राज्य में मतदाता सूची को अपडेट और अधिक सटीक बनाने के लिए 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत राज्यभर में 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 24 जुलाई तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बुधवार को पंजाब भवन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए। 2 करोड़ मतदाताओं का डेटा अपडेट होगा मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, राज्य के 24,453 बीएलओ अगले एक महीने तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, उनका सत्यापन करेंगे और फिर उन्हें वापस एकत्र करेंगे। इस दौरान पंजाब के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जाएगा। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 24 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां 2 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे। 28 सितंबर तक होगा आपत्तियों का निपटारा प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। पंजाब में अब तक 86.02 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो सकी है, उनकी सूची सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा कर दी गई है। चुनाव आयोग ने सभी दलों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। चुनाव आयोग का मानना है कि इस विशेष अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन होगी, जिससे आगामी चुनावों में पात्र मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

SC आयोग में रवनीत बिट्टू की पेशी, कहा- बयान पर खेद है, पहले ही मांग चुका हूं माफी

चंडीगढ़. केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब एससी आयोग के समक्ष पेश हुए। जातिसूचक टिप्पणी मामले में बिट्टू ने अपने वकीलों के माध्यम से आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले शब्द कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत थे और इसके लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। बिट्टू ने आयोग को बताया कि विवाद वाले दिन हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी डिलीट कर दी थी। बिट्टू के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका था। उस अधिकारी ने बताया था कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को बलिया थाने में हिरासत में रखा गया है। आरोप- रवनीत बिट्‌टू साथ हुई बदसलूकी उन्होंने कहा कि वह तुरंत बलिया थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि ओंकार को संगरूर ले जाया गया है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और कुछ ऐसे शब्द कहे गए, जिससे वह आहत हुए। बिट्टू के अनुसार, जब वह दोबारा संगरूर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोकते हुए कहा कि ओंकार धूरी में हैं। इसके बाद वह धूरी पहुंचे, जहां एक एसएचओ रैंक के अधिकारी ने उनकी गाड़ी के सामने वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। व्यवाहर के कारण भावुक हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस के व्यवहार और तनावपूर्ण माहौल के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने आयोग के समक्ष दोहराया कि यदि उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकले, तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। बिट्टू ने कहा, “मैं उस पार्टी से आता हूं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर सम्मान दिया था।” मामला निकाय चुनाव के दिन का दरअसल, यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन शुरू हुआ था। धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान रवनीत बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था। मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब एससी आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। बिट्टू को पहले 4 और 15, जून को पेश होना था, लेकिन निजी कारणों और दिल्ली में व्यस्तता के चलते वह उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय उनके वकील आयोग के समक्ष पेश हुए थे और आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी को उनकी व्यस्तता की जानकारी दी थी। अब बिट्टू ने आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रख दिया है।

भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम की कमान हरीश दुआ को, बैठक में निर्यात बढ़ाने पर मंथन

लुधियाना. भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम (बीईएफ) की एक महत्वपूर्ण बैठक लुधियाना में आयोजित की गई, जिसमें उद्योग, व्यापार और निर्यात क्षेत्र से जुड़े लगभग 25 उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ की ओर से किया गया। कार्यक्रम में सतीश कुमार की विशेष उपस्थिति रही, जबकि स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार तथा भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। बैठक के दौरान निर्यात क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों की भूमिका तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्यात बढ़ाने को एकजुट होंगे उद्यमी वक्ताओं ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए निर्यातकों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही संगठन की भावी कार्ययोजना और विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में निर्यातकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं हरीश दुआ ने भारतीय निर्यातकों को एकजुट होकर कार्य करने और नए बाजारों की संभावना तलाशने का आह्वान किया। हरीश दुआ को मिली जिम्मेदारी बैठक में हरीश दुआ को भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम, पंजाब का अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही उपस्थित सभी सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पंजाब के निर्यातकों को एक मजबूत मंच मिलेगा तथा प्रदेश के निर्यात कारोबार को नई दिशा प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। उपस्थित सदस्यों ने निर्यात संवर्धन, उद्योगों के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का समापन “सशक्त निर्यात – सशक्त भारत” के संदेश के साथ हुआ।

दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट रास्ता भटकी, पाकिस्तानी एयरस्पेस में पहुंचा एयर इंडिया का विमान

 अमृतसर  एयर इंडिया एक बार फिर से चर्चा में है। इसकी एक फ्लाइट बीते सोमवार की रात दिल्ली से अमृतसर के लिए रवाना हुई थी। उसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। लेकिन वह विमान अमृतसर पहुंचने के बजाय लाहौर जा पहुंचा। उन्हें जब बताया गया कि वह पाकिस्तान में हैं तो फिर यू-टर्न लिया। क्या है मामला यह मामला, 22 जून की देर रात का है। सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की यह फ्लाइट AI-479 थी। जो कि सोमवार रात करीब 9:15 पर दिल्ली एयरपोर्ट से अमृतसर एयरपोर्ट के लिए टेक ऑफ हुई थी। अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट वहां लैंड नहीं की। कई राउंड हवा में चक्कर काटते हुए यह प्लेन अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करने के बजाय पाकिस्तान एयर स्पेस में प्रवेश कर गया। फिलहाल एयर इंडिया की तरफ से इस घटना के लिए आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। लाहौर तक पहुंच गया था विमान? सूद्त्रों के मुताबिक एयर इंडिया का यह विमान न सिर्फ पाकिस्तान के एयर स्पेस में चला गया बल्कि वह लाहौर तक जा पहुंचा था। उस दौरान पायलट को यह पता ही नहीं चला कि वह पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर कर चुका है। पायलट को इस बात का जानकारी तब मिली जब पाकिस्तान लाहौर ATC से हवाई जहाज को संपर्क कर एयर इंडिया की इस फ्लाइट के पायलट को बताया गया कि वह भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान एयर स्पेस में है। उनसे पाकिस्तान आने का कारण पूछ गया। 3 मिनट की देरी से उड़ा था विमान एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, एयरबस AI-321 विमान ने सोमवार रात 9 बजकर 18 मिनट पर दिल्ली से उड़ान भरी थी। यह विमान अपने निर्धारित समय से 3 मिनट देरी से उड़ा था। इसके बाद उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आई। इस विमान को रात 10 बजकर 30 मिनट पर अमृतसर में लैंड होना था, लेकिन विमान अपने रूट से भटक गया और पाकिस्तान के एयरस्पेस में जा घुसा। इस बात पता पायलट को भी तब लगा, जब पाकिस्तान एयर ट्रैफिक अथॉरिटी से विमान को चेतावनी मिलने लगी। पायलट ने रास्ता बदला, अमृतसर में जगह नहीं मिली इस घटना के तुरंत बाद पायलट ने विमान का रास्ता बदला और यू-टर्न मारकर वापस भारत के एयरस्पेस में आया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। समय निकल जाने के बाद विमान अमृतसर की सीमा में पहुंचा, लेकिन ट्रैफिक बढ़ने से विमान को उतरने की जगह नहीं मिली। एयरपोर्ट कंट्रोल रूम से विमान को वापस दिल्ली जाने के निर्देश मिले। इसके बाद विमान वापस दिल्ली गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। करीब 2 घंटे बाद दोबारा अनुमति मिलने पर विमान ने अमृतसर के लिए फिर से उड़ान भरी और सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 2 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया।  यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। विमान का अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में पहुंचना विमानन क्षेत्र में गंभीर घटना माना जाता है, हालांकि ऐसी परिस्थितियों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसियां निर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत स्थिति को संभालती हैं। यात्रियों को हुई परेशानी  इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को करीब चार घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। अमृतसर पहुंचने का निर्धारित समय निकल जाने के बाद विमान बुधवार सुबह अपने गंतव्य तक पहुंच सका। विमानन अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है और तकनीकी गड़बड़ी के कारणों की जांच की जा रही है। यात्रियों को 4 घंटे की देरी इस घटना के कारण यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। जिन्हें रात 10 बजकर 30 मिनट तक अमृतसर पहुंचना था, वे देर रात अपने गंतव्य तक पहुंच सके। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मामले में ये जानकारी दी     रवने पर ट्रैफिक के कारण विमान को हवा में इंतजार करवाना आम बात: इस मामले में अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से अंतिम अनुमति दी जाती है। कई बार रनवे की उपलब्धता, एयर ट्रैफिक या अन्य तकनीकी कारणों से विमान को कुछ समय तक हवा में ही होल्डिंग पैटर्न में इंतजार करना पड़ता है। यह आम बात है।     विमान को दिल्ली ले जाने को कहा गया: अधिकारी के अनुसार, संबंधित विमान के मामले में लैंडिंग में देरी होने पर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, जिससे इस विमान के लैंड होने की जगह नहीं थी। बाद में सूचना मिली कि तकनीकी कारणों के चलते विमान भटक गया था। इसके बाद उसे वापस दिल्ली ले जाने को कहा गया।     असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही: अधिकारी ने बताया कि विमान बाद में सुरक्षित रूप से वापस चला गया था। हालांकि, यात्रियों को कुछ देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के पास किसी बड़े हंगामे या दुर्व्यवहार की कोई जानकारी नहीं है। यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद स्थिति सामान्य रही। गलती से चला गया     सूत्रों कहना है एयर इंडिया के पायलट ने बताया कि वह गलती से पाकिस्तान एयर स्पेस में इंटर हो गया है।     इसके बाद पायलट ने फ्लाइट का यू टर्न लिया और वह अमृतसर के लिए रवाना हुआ।     लेकिन अमृतसर उसे लैंड करने की परमिशन नहीं मिली।     अमृतसर से उसे दिल्ली आना पड़ा। दुबारा अमृतसर के लिए टेक-ऑफ उस विमान के दिल्ली आने के बाद फिर आधी रात 1 बजे के बाद अमृतसर रवाना किया गया। अभी यह पता नहीं चल सका है की फ्लाइट खराब मौसम का शिकार हुआ या उसमें तकनीकी ख़राबी आ गई थी या फिर पायलट गलती से रास्ता भटक कर पाकिस्तान एयर स्पेस में पहुंच गया था। इस मामले की जांच की जा रही है।  

स्वच्छता के नायक इंदरजीत सिद्धू को पद्मश्री, प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर तारीफ

चंडीगढ़  कभी पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने वाले 88 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू आज अपने हाथों में झाड़ू लेकर शहर को स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटे हैं। उनकी इसी लगन ने न केवल देश को प्रभावित किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके काम के कायल हो गए।  पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री आमने-सामने थे तो पीएम ने इंदरजीत सिंह सिद्धू की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘देखो, इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया।’ इस पर सिद्धू ने विनम्रता से जवाब दिया, ‘सफाई तो आप लोग कर रहे हैं, मेरा तो इसमें थोड़ा-सा योगदान है।’ यह जानकारी उनके बेटे अमोलदीप सिंह सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके पिता के कार्यों की खुलकर सराहना की और उनसे कुछ समय तक चर्चा भी की।  रोज सुबह झाड़ू लेकर निकलते हैं सिद्धू समाज सेवा और स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदरजीत सिंह सिद्धू को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उन्हें यह सम्मान अनाम नायकों की श्रेणी में दिया गया। वर्ष 1996 में आईपीएस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सिद्धू ने आराम की जिंदगी नहीं चुनी। सेक्टर-49 में फैली गंदगी और कचरे को देखकर उन्होंने खुद सफाई की जिम्मेदारी उठाई। तब से वह रोज सुबह छह बजे झाड़ू और साइकिल रेहड़ी लेकर सड़कों, पार्कों और नालियों की सफाई के लिए निकल पड़ते हैं। हैरानी की बात यह है कि हाल ही में सड़क हादसे में घायल होने और पैर में चोट लगने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। लाठी के सहारे भी उन्होंने अपना सफाई अभियान जारी रखा। यही जज्बा आज उन्हें चंडीगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक बना रहा है। ‘दादा मेरे हीरो हैं’, पद्मश्री समारोह के लिए अमेरिका से लौटी पोती अमेरिका में लॉ की पढ़ाई करने गई इंदरजीत सिंह सिद्धू की पोती सुखम कौर सिद्धू भी अमेरिका से दादा को अवाॅर्ड लेते देखना चाहती थीं। उनका टिकट काफी बाद का था पर उसको रद्द करवाकर वह जल्दी आ गईं। पोती ने कहा, ‘दादा उनके हीरो हैं और वह भी समाज के लिए कुछ खास करना चाहती हैं।’ उनके साथ ही उनकी बेटी की बेटी डॉ. सरगम बराड़ और उनके पति गुरप्रीत सिंह बराड़ भी उनको अवार्ड लेते देखने के लिए पहुंच गए थे।