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हाईकोर्ट के आदेशों के बाद मोगा में 19 जनवरी को होंगे मेयर चुनाव

मोगा. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद मोगा जिले में मेयर पद के लिए चुनाव 19 जनवरी, सोमवार को कराए जाएंगे। दरअसल, 27 नवंबर को बलजीत सिंह चानी द्वारा मेयर पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद से मेयर का कार्यभार डिप्टी मेयर प्रवीण कुमार पीना संभाल रहे थे। इस बीच कुछ पार्षदों ने मेयर की चुनाव प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 31 जनवरी से पहले मेयर का चुनाव करवाने के निर्देश जारी किए थे। यह भी उल्लेखनीय है कि बलजीत सिंह चानी के मेयर बनने से पहले नीतिका भल्ला मेयर के पद पर आसीन थीं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद बलजीत सिंह चानी ने मेयर का कार्यभार संभाला था। पांच वर्षों के इस कार्यकाल के दौरान मोगा नगर निगम को तीसरी बार नया मेयर मिलने जा रहा है। वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए नगर निगम मोगा के कमिश्नर जसपिंदर सिंह ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत 19 जनवरी को मेयर पद के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

NIT कॉलेज में डिग्री लेने आए छात्र-छात्रा से लूट

जालंधर. जिले में काफी दिनों से पुलिस प्रशासन में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर एक तरफ एन.आई.टी. कॉलेज एवं आसपास क्षेत्र पूरी तरह छावनी में बदला हुआ पड़ा था। इसके बावजूद भी लुटेरे हथियारों के बल पर छात्र और छात्रा से आईफोन व सोने चांदी के जेवर तथा अन्य मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए। यह दोनों छात्र व छात्रा कॉलेज में एन.आई.टी. में डिग्री लेने आए हुए थे। पीड़ित छात्र तुषार पुत्र दविंदर सिंह निवासी गाजियाबाद और छात्रा इशिका पुत्री सुनील कुमार निवासी राजस्थान ने बताया कि वे एन.आई.टी. कॉलेज के मेन गेट के सामने बने फ्लाईओवर से सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान 3 नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया। लुटेरों के पास लोहे की रॉड तथा पिस्तौल थी। लुटेरों ने तुषार के पेट पर बंदूक तान दी और धमकी दी कि उनके पास जो कुछ भी है निकाल दो, वरना जान से मार देंगे। वहीं लुटेरे छात्र का महंगे वाला आईफोन, चांदी की अंगूठी और चांदी का कड़ा लूट ले गए। वहीं छात्रा इशिका के पर्स से 5 से 6 हजार रुपए नकदी, कान की बालियां, मोबाइल और सोने की चेन भी छीन ले गए। वारदात के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। थाने में शिकायत लेने के लिए नहीं था ड्यूटी अफसर पीड़ित छात्र व छात्रा ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद वे संबंधित थाना मकसूदां थाने गए। वहां पहुंचे लेकिन उनकी शिकायत लेने वाला कोई ड्यूटी अफसर नहीं मिला। छात्र तुषार ने कहा कि इस संबंधी जब उन्होंने डीन सचदेवा को इस बारे में जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के कारण पुलिस फोर्स ड्यूटी में व्यस्त है।

चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास, PGI चंडीगढ़ ने 2 वर्षीय बच्चे के ब्रेन ट्यूमर का किया सफल ऑपरेशन

चंडीगढ़ दुनिया में पहली बार पीजीआई चंडीगढ़ के दो विभागों के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने सबसे बड़े और दुर्लभ मेनिन्जियो ट्यूमर की एंडोस्कोपी के जरिए सफल सर्जरी कर इतिहास रच दिया है। यह ट्यूमर सिर के निचले हिस्से (स्कल बेस) में बनने वाला अत्यंत दुर्लभ ब्रेन मेनिन्जियोमा था। इस जटिल सर्जरी को न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. धंडापानी और ईएनटी (ओटोलैरिंगोलॉजी) विभाग के प्रो. अनुराग की टीम ने करीब 9 घंटे की मैराथन सर्जरी के दौरान अंजाम दिया। यह सर्जरी सोनीपत के 2 वर्षीय बच्चे पर नाक के रास्ते एंडोस्कोपिक तकनीक से की गई। सर्जरी की सफलता के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने न सिर्फ अपनी विशेषज्ञता साबित की, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भारत को एक बार फिर दुनिया में अग्रणी साबित किया है। इससे पहले वर्ष 2020 में स्पेन में इसी तकनीक से सर्जरी की गई थी, लेकिन उस समय मरीज की उम्र 12 साल थी और ट्यूमर का आकार भी छोटा था। दुर्लभ ट्यूमर के कारण कई समस्याओं से जूझ रहा था बच्चा 2 साल का यह बच्चा लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित था, लेकिन परिवार को बीमारी की जानकारी नहीं थी। बच्चे की बाईं आंख का बाहर की ओर निकल आना, आंखों की मूवमेंट रुकना, तेज खर्राटे, नाक में बार-बार गांठ दिखना और आंखों से अधिक पानी आना जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। जब परिजन बच्चे को पीजीआई लाए तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और एमआरआई करवाई, जिसमें पता चला कि बच्चे के सिर के निचले हिस्से में 7 सेंटीमीटर का ट्यूमर है, जो साइनस, ब्रेन और ऑर्बिट (आंख की कोटर) तक फैल चुका था। बायोप्सी के बाद पुष्टि हुई कि यह बेहद दुर्लभ मेनिन्जियो ट्यूमर है। बेहद चुनौतीपूर्ण थी सर्जरी मेडिकल साइंस में स्कल बेस मेनिन्जियो ट्यूमर की सर्जरी को अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है, खासकर 2 साल के बच्चे में यह जोखिम और भी ज्यादा था। सर्जरी के दौरान हाइपोथर्मिया, अत्यधिक रक्तस्राव और फ्लूइड डिस्टरबेंस से बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। इन जोखिमों को देखते हुए ईएनटी, न्यूरोसर्जरी और न्यूरो-एनेस्थीसिया विभागों की एक विशेष टीम बनाई गई। एंडोस्कोपिक तकनीक से टाला गया बड़ा जोखिम रवायती ओपन सर्जरी के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने सभी सुरक्षित विकल्पों पर विचार कर एंडोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी करने का फैसला लिया। सर्जरी के दौरान यह सामने आया कि ट्यूमर नाक के जरिए मैक्सिलरी साइनस और सामने की गाल की हड्डी तक फैल चुका था। इसके बाद उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीक, 45 डिग्री नेविगेशन एंगल वाले एंडोस्कोप और विशेष उपकरणों की मदद से ब्रेन के बेहद करीब फंसे ट्यूमर को सावधानीपूर्वक निकाला गया। डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर में अत्यधिक रक्त वाहिकाएं और कई हड्डियों तक फैलाव था, इसके बावजूद टीम ने पूरी सतर्कता के साथ 9 घंटे में नाक के रास्ते ट्यूमर को पूरी तरह निकालने में सफलता हासिल की, जिससे ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी।   पूरी तरह स्वस्थ है बच्चा सर्जरी के अंतिम चरण में स्कल बेस में बने सभी लेयर्स को रिपेयर किया गया। सर्जरी के बाद की गई एमआरआई में पुष्टि हुई कि ट्यूमर पूरी तरह निकाल दिया गया है। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पीजीआई के डॉक्टरों की इस अद्भुत और ऐतिहासिक सर्जरी को चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।  

ठंड और पाले से बचाने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और विभाग ने किसानों को जारी की एडवाइजरी

गुरदासपुर. पंजाब भर में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सैल्सियस से भी नीचे गिर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आने वाले दिनों में घनी धुंध और जमीनी पाले (कोहरा) की भविष्यवाणी की गई है। इसके मद्देनजर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.) लुधियाना और कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा संबंधी एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। पी.ए.यू. के कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान ठंड और पाले के दौरान खेतों की फसलों, बागों, सब्जियों और पशुओं की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। खासतौर पर सब्जियां और नए लगाए गए बाग ठंड और पाले से अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में फसलों को हल्की सिंचाई देकर मिट्टी में नमी और तापमान को बरकरार रखा जा सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से मल्च या सरकंडों का उपयोग करके सब्जी के पौधों और फलदार पौधों को पाले से बचाया जा सकता है। इस संबंध में जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि गुरदासपुर क्षेत्र में इस समय दिन का तापमान लगभग 12 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात का तापमान घटकर 4 डिग्री सैल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति में गेहूं, गन्ना और सरसों जैसी मुख्य फसलों की हालत अभी तक संतोषजनक है, लेकिन लगातार ठंड और पाला बने रहने के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डा. ठाकुर ने किसानों को सलाह दी कि गेहूं की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें, ताकि पाले के प्रभाव से बचाव हो सके। सरसों की फसल में कीटों और बीमारियों की निगरानी जारी रखें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें। गन्ने की फसल में भी नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि ठंड के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके। पी.ए.यू. और कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने  किसानों से अपील की है कि वे लगातार अपने खेतों का सर्वेक्षण करते रहें और मौसमी बदलावों से अवगत रहें। पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अंदर रखें और उनकी खुराक पोषण भरपूर रखी जाए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर ठंड का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

अनिंदिता मित्रा बनीं नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी

चंडीगढ़. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2007 बैच की आईएएस अधिकारी अनिंदिता मित्रा को पंजाब का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने सिबिन सी. का स्थान लिया है, जो अब केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से यह नियुक्ति प्रशासनिक अनुभव और चुनावी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। कौन हैं अनिंदिता मित्रा? अनिंदिता मित्रा 2007 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले वे राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुकी हैं। उन्हें प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाना जाता है। निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पंजाब में आगामी चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होंगे। वहीं, सिबिन सी. के कार्यकाल को भी सफल माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में मतदाता जागरूकता अभियान, ईवीएम और वीवीपैट से जुड़े प्रशिक्षण तथा चुनावी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। अब उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद यह जिम्मेदारी अनिंदिता मित्रा को सौंपी गई है।

गुरदासपुर-मुक्तसर डीसी ऑफिस को उड़ाने की मिली धमकी

गुरदासपुर. पंजाब में बम धमकी भरी ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन आईएस-खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) की ओर से अब गुरदासपुर और मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया है, जिसके बाद पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारी ईमेल के स्रोत और तकनीकी ट्रेल को खंगाल रहे हैं। हालांकि ईमेल की प्रामाणिकता को लेकर पुष्टि जारी है, लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। गुरदासपुर प्रशासन ने तुरंत परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी दोगुनी कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हर तरह की धमकी को सुरक्षा मानकों के तहत जांचना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुबह 9.30 बजे ईमेल का पता चला मुक्तसर के डीसी आफिस को खाली करा लिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस खोजी कुत्तों की मदद से किसी तरह के संभावित बम की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 9 बजे इस मेल का पता चला। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और पटियाला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद लुधियाना समेत कई जगहों पर कोर्ट काम्प्लेक्स उड़ाने की भी धमकी मिली थी। हालांकि सर्च में किसी तरह का कोई बम नहीं मिला था। तीन बम  रखने की बात कही गई एसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि डीसी कार्यालय की आफिशियल मेल पर एक मेल आई है। जिसमें तीन बम कंप्लेक्स में रखने की बात कही गई है। जिसके बाद एसएसपी गुरदासपुर आदित्या के निर्देशों पर पूरी जांच की गई है, लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस की स्टेट साइबर सैल की टीमें जांच कर रही हैं। कंप्लेक्स में भी अभी जांच जारी है और सबकुछ शांतमय चल रहा है श्री हरिमंदिर साहिब को भी ऐसी ही ईमेल मिलीं थी यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब को बीते साल बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी। ये एक ईमेल नहीं थी, कई ईमेल थी, जो लगातार श्री हरिमंदिर साहिब प्रबंधकों को भेजी गई थी। उन ईमेल्स में भी तमिलनाडू व डीएमके का जिक्र किया गया था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन कुछ भी पुख्ता हाथ ना लगने के कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दो दिन पहले लुधियाना और मोगा में अलर्ट इससे पहले 13 जनवरी 2026 को लुधियाना और मोगा के कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, अमृतसर के भी दो स्कूलों को बम की धमकी से जुड़े ईमेल मिले थे। दोनों स्थानों को तुरंत खाली कराया गया और बम डिस्पोजल स्क्वायड व डॉग स्क्वायड ने कई घंटों तक तलाशी की। हालांकि ये धमकियां नकली साबित हुईं, परंतु कोर्ट का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित रहा और लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। उससे पहले जनवरी 2026 की शुरुआत में रोपड़, आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, मानसा और मोगा अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जो बाद में hoax निकलीं। दिसंबर 2025 में अमृतसर के 15 स्कूलों को धमकी ईमेल भेजे गए थे, जिसके बाद सभी स्कूलों को खाली कर तलाशी ली गई थी। जानें आईएसकेपी के बारे में आईएसकेपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट का सहयोगी गुट है, जो समय-समय पर भारत के विभिन्न शहरों को निशाना बनाने की धमकी देता रहा है। पंजाब में बार-बार हो रही बम धमकी ईमेल की घटनाओं से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में गहरी चिंता बनी हुई है।

‘गर्भवती पत्नी की देखभाल’ की दलील पर हाईकोर्ट ने दे दी जमानत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज एक आरोपी को उसके बच्चे के जन्म और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान उसकी पत्नी की देखभाल करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी पहले से ही गर्भवती थीं और अब 05 जनवरी 2026 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। निःसंदेह, इस समय याचिकाकर्ता की पत्नी को अपने सबसे अच्छे साथी यानी अपने पति के साथ की आवश्यकता होगी। याचिकाकर्ता की पत्नी और नवजात शिशु के स्वास्थ्य आदि की देखभाल के लिए उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पांच जनवरी को दिया था बच्चे का जन्म याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22 के तहत पंजाब में दर्ज एफआईआर के संबंध में दो महीने की अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। यह याचिका इस आधार पर दायर की गई थी कि याचिका दायर करते समय उनकी पत्नी गर्भावस्था के उन्नत चरण में थीं और बाद में उन्होंने 05 जनवरी को एक बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस रिपोर्ट में जमानत देने का विरोध करते हुए बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास से ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी 100 मिलीग्राम की 1,12,000 गोलियां बरामद की गई हैं और वह कथित तौर पर एक बड़े मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। राज्य ने आगे तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की पत्नी अपने ससुराल वालों और माता-पिता की देखरेख में है और जमानत पर रिहा होने की स्थिति में याचिकाकर्ता के फरार होने की संभावना है। 'देखभाल और ध्यान की आवश्यता है' दोनों पक्षों की बात सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद, न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता की पत्नी द्वारा हाल ही में बच्चे को जन्म देने के तथ्य पर कोई विवाद नहीं था। यह देखते हुए कि ऐसी अवस्था में एक महिला को अपने पति के साथ और समर्थन की आवश्यकता होती है और मां और नवजात शिशु दोनों को ही अत्यधिक देखभाल और ध्यान की आवश्यकता होती है, न्यायालय ने मामले की बारीकियों में जाए बिना यह माना कि याचिकाकर्ता मानवीय आधार पर सीमित अंतरिम राहत का हकदार है। याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वह राष्ट्रीयकृत बैंक से 5 लाख रुपए की एफडीआर के रूप में बैंक गारंटी निचली अदालत में जमा करे।

जालंधर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष दौरा खराब मौसम के कारण रद्द

जालंधर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जालंधर दौरे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति मुर्मू का जालंधर दौरा रद्द हो गया है। जानकारी के अनुसार खराब मौसम के कारण उनकी फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी। उनकी फ्लाइट अमृतसर से उड़ाने भरने वाली थी। उन्होंने अमृतसर से स्पेशल विमान से जालंधर आना था। बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू ने जालंधर में एन.आई.टी. के कन्वोकेशन समागम में शिरकत करनी थी लेकिन उनकी फ्लाइट खराब मौसम के चलते टेकऑफ नहीं कर सकी जिसके चलते वह समागम में नहीं पहुंच रहीं। एक दिन पहले गुरुवार को ही सीएम भगवंत मान ने अमृतसर के होटल ताज स्वर्ण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने सीएम मान और राज्यपाल के साथ रात्रि भोज किया।

सीएम मान ने राष्ट्रपति मुर्मू के साथ डिनर कर भेंट की हरिमंदिर साहिब की तस्वीर

अमृतसर. सीएम भगवंत मान ने अमृतसर के होटल ताज स्वर्ण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने सीएम मान और राज्यपाल के साथ रात्रि भोज किया। बता दें, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की 50वीं गोल्डन जुबली कन्वेंशन में शामिल होने अमृतसर पहुंचीं थीं, जिसमें वह मुख्य मेहमान रहीं। शिक्षा सिर्फ रोजगार का साधन नहीं: राष्ट्रपति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार का नहीं, समाज-राष्ट्र की तरक्की का शक्तिशाली साधन है। वर्तमान में एग्रीटेक से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस से लेकर स्पेस एक्सप्लोरेशन तक स्टार्टअप के अवसर युवाओं के लिए खुले हैं। राष्ट्रपति ने जीएनडीयू कन्वेंशन में डिग्री-पुरस्कार लेने वालों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी पर भी खुशी जाहिर की। राष्ट्रपति ने महिलाओं को आत्मविश्वास के रखने, सशक्त बनने और सामाजिक सद्भावना की मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधार्थियों पर समाज का बहुत बड़ा कर्ज है, जिन्होंने उनकी परवरिश की है। वहीं आगे बढ़ने के साथ ही अपने पीछे रह गए लोगों को भी साथ लेकर चलना चाहिए। अगले दो दशकों में विकसित भारत के सपने को साकार किया जाना है। देश का भविष्य विज्ञानिक उत्सुकता, जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा की भावना वाले युवाओं पर निर्भर है। "ਪੰਜਾਬ ਦੌਰੇ 'ਤੇ ਆਏ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ Droupadi Murmu ਜੀ ਦੀ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਨਿੱਘੀ ਮਹਿਮਾਨ ਨਿਵਾਜ਼ੀ ਕਰਨ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀ ਖਾਣੇ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਰਸੇ, ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਸਾਂਭ-ਸੰਭਾਲ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਮਹਿਮਾਨ ਨਿਵਾਜ਼ੀ ਦੀ…" — Bhagwant Mann (@BhagwantMann) January 15, 2026 

पंजाब में कड़ाके की ठंड के बीच स्कूलों का बदलेगा समय?

लुधियाना. पंजाब में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध के प्रकोप ने जनजीवन के साथ शिक्षा विभाग की गतिविधियों की रफ्तार पर रोक लगानी शुरू कर दी है। मौसम के बिगड़ते मिजाज और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जहां एक ओर राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं और अधिकारियों के महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन प्रोग्राम को टाल दिया गया है, वहीं दूसरी ओर अध्यापक संगठनों ने सुबह की जानलेवा धुंध से बचाव के लिए स्कूलों के समय में तुरंत बदलाव की आवाज उठाई है। पंजाब के कई हिस्सों में विजीबिलिटी शून्य होने के कारण सड़कों पर बढ़ते खतरों ने अभिभावकों और अध्यापकों की चिंता को बढ़ा दिया है। प्रचंड ठंड का सीधा असर खेल के मैदानों पर भी दिखाई दिया है। डायरैक्टर स्कूल एजुकेशन पंजाब के स्पोर्ट्स विभाग ने लुधियाना जिले में आयोजित होने वाली 69वीं इंटर-डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी स्कूल खेलों के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार 16 से 22 जनवरी तक होने वाली इन राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जारी कड़ाके की ठंड और छोटे बच्चों की सेहत व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन खेलों को हाल की घड़ी के लिए मुल्तवी करना ही उचित समझा गया है। डायरेक्टर ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सभी जिलों को सूचित कर दिया है। स्कूलों का समय 10 से 3 बजे तक करने की मांग मास्टर कैडर यूनियन ने प्रदेश में बढ़ रही शीत लहर और शून्य दृश्यता को देखते हुए शिक्षा विभाग से स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक करने की पुरजोर मांग की है। यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला जनरल सचिव गुरप्रीत सिंह दोराहा ने कहा कि धुंध के कारण दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी लगातार गिर रही है। वे बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर छुट्टियों में वृद्धि न करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन गिरते तापमान के बीच समय परिवर्तन में देरी करना किसी बड़े हादसे को न्यौता देने के समान है। छुट्टियों के बाद पहले दिन कम रही हाजिरी सर्दियों की छुट्टियों के बाद आज जब स्कूल खुले तो पहले ही दिन कड़ाके की ठंड का असर विद्यार्थियों की उपस्थिति पर साफ देखने को मिला। घनी धुंध और ठिठुरन के कारण अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम दर्ज की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई निजी स्कूलों ने अपने स्तर पर ही स्कूल के समय में बदलाव कर दिया है ताकि बच्चों को सुबह की भीषण ठंड से बचाया जा सके। इस बीच, सोशल मीडिया पर भी अध्यापकों और अभिभावकों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। वेदान्त प्रकाश मारवाह और हरविंदर लहरा जैसे लोगों ने सोशल मीडिया कमैंट्स के जरिए बताया कि आज इस सर्दी का सबसे ठंडा दिन था और भीषण ठंड के कारण बच्चों का बुरा हाल रहा। यहां तक कि ठंड की वजह से हाथ भी सही से काम नहीं कर रहे थे। कुलदीप सिंह अरोड़ा और लखविंदर लकी ने भी पुष्टि की कि स्कूलों में बच्चे बहुत कम आए। वहीं, किरन पुनिया बराड़ जैसे अभिभावकों ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्कूल का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 या 3 बजे तक होना चाहिए। प्रशासनिक कारणों से 'मिशन समर्थ' की ओरिएंटेशन भी मुल्तवी स्टेट कौंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.), पंजाब ने भी अपने प्रशासनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। 'मिशन समर्थ 4.0' के तहत 15 जनवरी को होने वाली एक दिवसीय ओरिएंटेशन को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पंजाब के समूह जिला शिक्षा अधिकारियों (सैकेंडरी और एलीमैंट्री), समूह प्रिंसीपल डाइट और समूह उप जिला शिक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लेना था। डायरैक्टर एस.सी.ई.आर.टी. पंजाब के अनुसार, इस ओरिएंटेशन की नई तारीखों का एलान भविष्य में उचित समय पर किया जाएगा। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा विभाग का पूरा ध्यान फिलहाल मौसम के कारण उत्पन्न चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित है।