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बठिंडा में दवाइयों की गैर कानूनी फैक्ट्री सील

बठिंडा. 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम तहत जिला पुलिस ने एस.एस.पी. मुक्तसर अभिमन्यु राणा के नेतृत्व में बठिंडा में चल रही एक गैर कानूनी दवा फैक्ट्री को सील कर लाखों प्रतिबंधित दवाएं और कच्चा माल बरामद किया है। इस जांच में अब तक कुल ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से 3 आपस में भाई हैं। एस.एस.पी. अभिमन्यु राणा ने बताया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट तहत थाना किल्लियांवाली में दर्ज किए गए केस की जांच के दौरान जिला पुलिस को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस केस तहत मनीष कुमार और साहिल कुमार वासी मंडी किल्लियांवाली को गिरफ्तार कर उनके कब्जे में से 20 एटिजोलाम गोलियां, 80 प्रैगाबेलिन कैप्सूल, 7,26,000 रुपए की ड्रग्स बरामद की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कृष्ण कुमार वासी मंडी किलियांवाली और वंश क्वात्रा पुत्र अनिल कुमार निवासी मंडी डबवाली के नाम सामने आए। जिनको भी इस केस में नामजद किया गया और दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर किया गया । मनीष, साहिल तथा कृष्ण कुमार तीनों आपस में भाई हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वंश क्वात्रा मंडी डबवाली में एक मैडीकल स्टोर चला रहा था। पुलिस ने वंश और कृष्ण दोनों के कब्जे से 30,000 टैपेंटाडोल गोलियां बरामद की थी। तकनीकी तरीके से की गई फॉलोअप जांच के दौरान मुक्तसर पुलिस के सामने ये बात आई कि उक्त लोग इन नशीलों दवाओं की सप्लाई मानसा रोड बठिंडा स्थित रेडिनैक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर मुक्तसर पुलिस ने ड्रग इंस्पैक्टरों के साथ मिलकर मानसा रोड, बठिंडा स्थित उक्त फैक्ट्री पर रेड की। रेड के दौरान पुलिस को जहां बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। वहीं बिना लाइसैंस और मंजूरी के दवाई बनाने के सबूत मिले। फैक्टरी के मालिक द्वारा किसी भी प्रकार का वैध लाइसैंस, दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। इस रेड के दौरान पुलिस को 1,85,000 खुली गोलियां, 42,350 जैंटाडोल गोलियां,1,22,400 टैनेडोल गोलियां और लगभग 10 किलोग्राम कच्चा माल बरामद हुआ।

पंजाब में आंधी-तूफान के साथ झमाझम होगी बारिश

जालंधर. उत्तर भारत में घनी धुंध का सितम कम होता नहीं दिख रहा। पंजाब में रविवार सुबह घनी धुंध में दृश्यता बेहद कम होने से चार जिलों में कई वाहन टकरा गए। हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हैं। घायलों में कुछ विद्यार्थी भी हैं जोकि चंडीगढ़ में क्लर्क की परीक्षा देने जा रहे थे। शनिवार को तीन जिलों में हादसों में सात लोगों की जान गई थी। उत्तर प्रदेश में विभिन्न हादसों में 50 से अधिक वाहन टकरा गए, जिससे 11 लोगों की जान चली गई व 70 से ज्यादा घायल हैं। हरियाणा के नूंह में केएमपी एक्सप्रेसवे पर बड़े वाहन के ब्रेक लगाने से पांच भारी वाहन टकरा गए। डंपर और अमेजन कंपनी के मोबाइल से भरे कंटेनर में आग लग गई। कंटेनर में चालक व अन्य व्यक्ति जिंदा जल गए। मौसम विभाग ने सोमवार को गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर व रूपनगर में बारिश की संभावना भी जताई है। वहीं, 22 जनवरी को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, लुधियाना में आंधी और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जालंधर में पठानकोट चौक के पास रविवार की सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता जीरो होने के दौरान एक ट्रक संगत को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। ट्रक के आगे सड़क क्रास कर रही ट्रैक्टर ट्राली आने के कारण दोनों में टक्कर के दौरान दोनों वाहन पलट गए। ट्रक के नीचे आने से एक राहगीर की मौत हो गई, जबकि ट्राली के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से लोग घायल हो गए। इसी तरह मोगा जिले में दो ट्रकों व कार में हुई टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पटियाला के राजपुरा में घनी धुंध के बीच सड़क पर खड़े एक कैंटर से पहले पीआरटीसी की बस जा टकराई। इसके पश्चात देखते ही देखते पांच अन्य वाहन भी आपस में टकरा गए।

मुख्यमंत्री मान ने मजीठा में 23 सड़कों का किया उद्घाटन

मजीठा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए दोनों नेता और उनका परिवार सीधे तौर पर जिम्मेदार रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह वही परिवार है जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों को खाना खिलाया था और आज भी पंजाब की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।” दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही मजीठा के समीप स्थित बिकरौर गांव में एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दों को हवा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को अनावश्यक राजनीतिक लड़ाइयों में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए तथा किसानों पर बेबुनियाद आरोप लगाने की राजनीति से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री को घेरने पहुंचे किसान उधर, किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहती थी और इस सिलसिले में मजीठा में उनका घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें काफिले के समीप जाने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर रोककर स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि कुछ स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन हालात को जल्द ही सामान्य कर लिया गया।

कांग्रेस में CM चेहरे पर घमासान चलते चन्नी के समर्थन में हाईकमान को लिखा पत्र

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में एकजुटता की कोशिश पर गुटबाजी भारी पड़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल दावा कर रहे हैं कि 2027 में कांग्रेस 2022 वाली गलती नहीं दोहराएगी। कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश प्रभारी का यह दावा कांग्रेस के बड़े वर्ग को रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का विरोधी गुट पूर्व मुख्यमंत्री चरणजी सिंह चन्नी को 2027 के विधानसभा चुनाव का चेहरा बनाना चाहता है। समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी इन दिनों भीतर खाते जोरों पर चल रहा है। चन्नी की अगुवाई के लिए की जा रही लाबिंग के तहत कांग्रेस के 32 जट्ट नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर मिलने के लिए समय भी मांगा है। पत्र दोनों ही नेताओं के दफ्तर में भेजा जा चुका है। 42 से अधिक नान जट्ट नेताओं ने भी हाईकमान से समय मांगने वाले पत्र पर हस्ताक्षर किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पत्र में इन नेताओं ने केवल अपनी बात सुनने की मांग की है। इस कवायद से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पार्टी में बड़ी लड़ाई देखने को मिल सकती है। बेशक प्रदेश प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद वड़िंग और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग बता रहे हैं, लेकिन चन्नी और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा इस दौड़ में शामिल हैं। दूसरी तरफ अगर हाईकमान विरोधी गुट की बात मानता है तो चन्नी को चुनावी वर्ष में पार्टी की कमान भी सौंपी जा सकती है। बता दें कि 2022 में भी चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था और फिर उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। चन्नी दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर हार गए थे। हालात यह हुए कि 78 विधायकों वाली कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। चन्नी एससी समुदाय से हैं, इसलिए कांग्रेस में यह तर्क दिया गया कि जट्टों ने पार्टी को वोट नहीं डाला। हालांकि दोआबा क्षेत्र में एससी मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया, लेकिन मालवा और माझा में कांग्रेस के एससी चेहरे को आगे करने का कोई खास लाभ नहीं मिला। यही कारण है कि बघेल इस बार यह कह रहे हैं कि कांग्रेस 2022 की गलती को नहीं दोहराएगी और पार्टी हाईकमान के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी।

AAP विधायक का इस्तीफा, पंजाब में पार्टी को बड़ा नुकसान

चंडीगढ़ बीते दिनों मुक्तसर माघी मेले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ये कहा था कि जो गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता पावन स्वरूपों का मामला चल रहा है उसमें से कुछ स्वरूप बंगा के पास गांव माजारा नौ आबाद में धार्मिक अस्थान रसोखाना श्री नाभ कंवल राजा साहिब से मिले हैं। इस बयान के बाद उक्त धार्मिक अस्थान से जुड़ी संगत ने सख्त प्रतिक्रिया दी और मान सरकार की कड़ी निंदा की। उसी दिन देर शाम इस इलाके के विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी, जो अकाली दल बादल की टिकट से जीतकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे और आम आदमी पार्टी ने उन्हें कैबिनेट रैंक दिया था। इसके साथ ही विभाग का चेयरमैन कन्वीनर लगाया गया था। उन्होंने उसी दिन देर रात श्री राजा साहिब अस्थान पर जाकर इस बयान की निंदा की था और इसे अपनी आस्था का केंद्र बताया था। इस मामले से अस्थान से श्रद्धा से जुड़ी संगत में सरकार के प्रति काफी रोष पैदा हुआ है। वहीं आज फिर करीब 12 बजे विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी ने अस्थान पर जाकर अपना रोष जताते हुए चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया और कहा कि इस मामले में उन्हें बहुत ठेस पहुंची है। उन्होंने सीधे शब्दों में आम आदमी सरकार के इस कदम से माहौल खराब होने के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि वह कुछ लोग गलत प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं, जिससे वे दुखी हैं। 

‘अपवित्र कर दिया’ का आरोप: स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में युवक की हरकत पर विवाद

  अमृतसर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में एक मुस्लिम युवक न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।   शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया। वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें।  

सीएम भगवंत मान ने कनाडा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर ब्रिटिश कोलंबिया प्रीमियर में की चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहाली में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी के साथ हुई इस अहम बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कनाडा भारत और पंजाब का मजबूत साझेदार रहा है और यह संबंध समय के साथ और गहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं, और राज्य कनाडाई उद्योगों के साथ बड़े स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार और उत्सुक है। सीएम ने बताई पंजाब की प्रगति  मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण निर्माण, आईटी सेवाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की मजबूत बुनियादी ढांचा सुविधा, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और अंग्रेजh में दक्ष कुशल कार्यबल पंजाब को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। मान ने कनाडाई कंपनियों को असवर से अवगत करवाया मान ने स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में फार्मास्यूटिकल उद्योग, मेडिकल उपकरण निर्माण और टेलीमेडिसिन को कनाडाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताये। उन्होंने कहा कि पंजाब सोलर पार्कों, बायो-एनर्जी परियोजनाओं और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है। आईटी और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश बनने का न्योता दिया। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन 13 से 15 मार्च 2026 को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, विषय-आधारित सत्र और उच्च स्तरीय गोलमेज़ बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक के अंत में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने मुख्यमंत्री मान का आभार जताते हुए कहा कि पंजाब की मेहमाननवाजी ने उनके दौरे को यादगार बना दिया है। दोनों नेताओं ने आगे भी आपसी संबंध मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

नेशनल हाईवे पर हादसे में फॉर्च्यूनर सवार पांच लोगों की मौत

बठिंडा. बठिंडा-बीकानेर नेशनल हाईवे पर आज सुबह दिल दहला देने वाली हादसा हो गया। घने कोहरे के कारण घटे दर्दनाक हादसे में महिला सहित कुल 5 लोगों की मौत हो जाने की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि गांव गुरथड़ी के पास गुजरात नंबर की फॉर्च्यूनर बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान गाड़ी में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे की मुख्य वजह घने कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी थी। वहीं जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत कार्य शुरू किए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर एम्स अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है और आगे की जांच की जा रही है।

पंजाब में कोहरे की आड़ में सक्रिय पाक ड्रोन बने BSF की चुनौती

गुरदासपुर. पाकिस्तानी तस्करों द्वारा घने कोहरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में भेजे जा रहे ड्रोन एक बार फिर बीएसएफ, पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। बीते वर्ष दिसंबर तक पंजाब की 553 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने लगभग 300 ड्रोन पकड़े थे, जिनमें गुरदासपुर सेक्टर की 134 किलोमीटर सीमा से सबसे अधिक गतिविधि देखी गई। इसके साथ बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार भी बरामद किए गए थे। वीरवार रात कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच ड्रोन गतिविधि दो स्थानों पर दर्ज हुई, एक बीएसएफ की 27 बटालियन की बीओपी चंदू वडाला और दूसरी 113 बटालियन की बीओपी आबाद पोस्ट पर। आसमान में ड्रोन की आवाज सुनाई दी, लेकिन कोहरा इतना घना था कि कोई ड्रोन दिखाई नहीं दिया। सूचना मिलते ही थाना कलानौर और डेरा बाबा नानक के एसएचओ तथा बीएसएफ जवानों ने खेतों में व्यापक सर्च अभियान चलाया, परंतु कोई बरामदगी नहीं हुई। कोहरे के कारण दिक्कतें आ रही सीमा पर एंटी-ड्रोन डिवाइस तैनात होने के बावजूद कोहरे में आने वाले ड्रोन सुरक्षा तंत्र को चकमा दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी तस्कर चाइना मेड ड्रोन सहित 5 से 15 किलो भार वहन करने वाले हाई-रेंज ड्रोनों का प्रयोग करते हैं। बीएसएफ ने कई बार इन मंसूबों को नाकाम किया है और जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन गतिविधि के दौरान बीएसएफ आकाश में आईएलएलयू बम (इल्युमिनेशन बम) का इस्तेमाल करती है, जो 300, 700 और 900 मीटर की ऊंचाई पर 35–45 सेकंड तक तेज रोशनी फैलाते हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे सके। गांवों में विलेज डिफेंस कमेटियां एक्टिव एसएसपी आदित्य ने बताया कि सीमा से सटे गांवों में पंजाब पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटियां गठित की हैं, जिनके सहयोग से कई बार तस्करों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि रात के समय नाकाबंदी और गश्त और अधिक कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी नापाक हरकत को रोका जा सके।

पंजाब में कंपकंपाती ठंड के बीच 21 तक का यैलो अलर्ट

मोगा. पंजाब भर में धुंध का पूरा जोर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां विजिबिलिटी में भारी कमी देखने को मिली वहीं कंपकपाने वाली ठंडा का भी जोर जारी रहा। इसी के चलते हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई और राष्ट्रपति का जालंधर दौरा भी रद्द हो गया। भारी ठंड के बीच मौसम विभाग ने 21 जनवरी तक यैलो अलर्ट जारी किया है। जिसके मुताबिक अगले 3-4 दिन धुंध का खासा असर देखने को मिलेगा व उसके बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर खुले मैदानी इलाकों व हाइवे पर इसका प्रभाव अधिक रहेगा जबकि शहरी एरिया में भी धुंध अपना असर दिखाती नजर आएगी। इससे जनजीवन प्रभावित होने के आसार हैं जबकि परिवहन सेवाओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। ठंड लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते आने वाले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 14 डिग्री से नीचे जाने के आसार बने हुए हैं। पहाड़ों में होने वाली बर्फबारी के कारण पंजाब में ठंड का जोर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पंजाब का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सैल्सियस से नीचे रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केन्द्र द्वारा जारी किए गए यैलो अलर्ट के मुताबिक अभी शीत लहर रहेगी और धुंध का प्रभाव देखने को मिलेगा। सुबह तड़कसार आऊटर हाईवे पर धुंध के कारण विजिबिल्टी 300 मीटर से भी कम हो चुकी है, जिसके चलते लंबी दूरी पर जाने वाले लोगों को गंतवय तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है।