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बठिंडा दौरे पर CM मान बोले-आतिशी विवाद पर हाईटेक लाइब्रेरी लॉन्च की

बठिंडा. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को लगातार दूसरे दिन बठिंडा दौरे पर रहे। उन्होंने सुबह जिला हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया और मिशन प्रगति के तहत पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से भी मुलाकात की। लाइब्रेरी में 20 कंप्यूटर लगाए गए हैं और इसका संचालन नौ करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से वहन होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। लाइब्रेरी उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े हालिया विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी धर्म और नफरत की राजनीति को बढ़ावा दे रही है और पंजाब में माहौल भड़काने की कोशिशें कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी के विधानसभा भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और मनचाहे सबटाइटल जोड़कर इसे धार्मिक बेअदबी से जोड़ने की साजिश रची गई। प्रधानमंत्री ने उठाया सवाल- बलिदान दिवस पर पंजाब क्यों नहीं आए सीएम भगवंत मान ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा को सचमुच गुरु परंपरा से इतना लगाव है तो गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर उनके शीर्ष नेता पंजाब क्यों नहीं आए। प्रधानमंत्री को न्योता देने के लिए समय मांगते रहे, पर जब कार्यक्रम की बात आई तो उन्होंने पंजाब से दूरी बनाए रखी। मान ने कहा कि चुनावों में अब 8-10 महीने बचे हैं और इसी वजह से कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा एक ही तरह की भाषा बोल रहे हैं- सिर्फ आम आदमी पार्टी की आलोचना करने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कभी किसी धार्मिक मुद्दे, तो कभी किसी सामाजिक मुद्दे को लेकर पंजाब को बांटने की कोशिश करती है, और जब भारी विरोध होता है तो तुरंत यू-टर्न ले लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा सुनील जाखड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और रवनीत बिट्टू जैसे नेताओं से “झूठ बुलवाने” की कोशिश की जाती है, लेकिन पंजाब के लोग समझदार हैं और धर्म के नाम पर किसी विभाजन में नहीं फंसेंगे। 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त पहुंच रहे सीएम अकाली दल पर हमला बोलते हुए मान बोले कि पहले कृषि कानूनों और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार को सौंपने पर सहमति दी गई, लेकिन विरोध होते ही अकाली दल ने भी रुख बदल लिया। उन्होंने कहा कि वह 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब जाकर अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब वह लगातार सड़कों और पुलों का उद्घाटन कर रहे हैं, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं की मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है, और कहीं उनके लिए सरकारी पागलखाना न खोलना पड़े। उन्होंने दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में अब देश में नंबर-वन स्थिति पर है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन से चार स्तरों पर काम किया जा रहा है और जल्द ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि बठिंडा की झीलों को भी प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बीते दिन बठिंडा पहुंचे थे सीएम मान सीएम भगवंत मान का ये दो दिवसीय दौरा है। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने जिले को 90 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज का पुनर्निर्माण कर जनता को समर्पित किया गया, जबकि एक नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी गई। पंजाब में यह चुनावी साल है और सभी राजनीतिक दल तेजी से सक्रिय हो चुके हैं। कांग्रेस मनरेगा को लेकर प्रभारी भूपेश बघेल की अगुवाई में रैलियां कर रही है, वहीं बीजेपी भी लगातार जनसभाएं कर रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी प्रदेश में दो रैलियां कर चुके हैं, जिससे चुनावी मुकाबले का ताप बढ़ता दिखाई दे रहा है।

विजिलेंस के काम में रुकावट डालने पर मजीठिया का नौकर गिरफ्तार

जालंधर/चंडीगढ़. विजिलेंस ब्यूरो के कामकाज में दखलअंदाजी व रुकावट डालने के आरोपों में आज पुलिस ने अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के सेवादार दविन्द्र वेरका को गिरफ्तार कर लिया है। 25 जून को पिछले वर्ष जब मजीठिया के आवास पर छापा मारा गया था तो उस समय विजिलेंस ब्यूरो ने आरोप लगाया था कि सेवादार दविन्द्र वेरका ने रुकावट डालने का प्रयास किया था। पुलिस ने दविन्द्र वेरका का अदालत से 2 दिनों का पुलिस रिमांड भी ले लिया है। संभवत: पुलिस द्वारा दविन्द्र वेरका से भी मजीठिया के संदर्भ में पूछताछ की जा सकती है। दविन्द्र वेरका को अमृतसर के सिविल लाइन पुलिस थाने में बंद किया गया है। यह भी हो सकता है कि उसे मोहाली के विजिलेंस ब्यूरो के कार्यालय में ले जाया जा सकता है। दविन्द्र वेरका काफी वर्षों से मजीठिया के आवास पर काम कर रहे थे।

उपराष्ट्रपति बोले- ‘सिर्फ अपने लिए जीना गलत, समाज को कुछ वापस देना चाहिए’

चंडीगढ़. एलपीयू में 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान यूनाइटेड किंगडम की पूर्व प्रधानमंत्री मैरी एलिजाबेथ ट्रस को डॉक्टरेट मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस मौके उपराष्ट्रपति ने ग्रेजुएट छात्रों को बधाई देते हुए दीक्षांत समारोह को एक संतुष्टि का क्षण बताया। जो एक साथ जिम्मेदारी को भी बढ़ाता है – न केवल ग्रेजुएट्स के लिए, बल्कि माता-पिता, स्टाफ सदस्यों और संस्थानों के लिए भी जो युवा दिमागों को आकार देते हैं। इसी के साथ उन्होंने मेड-इन-इंडिया उत्पादों को अपनाने के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली एलपीयू की पहलों की सराहना की। उन्होंने स्नातकों से ईमानदारी, विविधता, करुणा और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया, इस बात पर जोर देते हुए कि “अपने लिए जीना गलत नहीं है, लेकिन सिर्फ़ अपने लिए जीना गलत है। हमें समाज को कुछ वापस देना चाहिए”। इसी के साथ छात्रों से न केवल खुद नशीली दवाओं को अस्वीकार करने, बल्कि अपने साथियों को भी इस जाल में फंसने से रोकने का आग्रह किया। वहीं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें याद दिलाया कि शिक्षा सिर्फ़ अकादमिक उपलब्धि तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसमें चरित्र निर्माण, मूल्यों और नागरिक ज़िम्मेदारी का भी महत्व है। संसद मेंबर व एलपीयू के फाउंडर चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति के साथ-साथ प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यक्तियों की मेजबानी करने पर खुशी ज़ाहिर की। डॉ. मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि एलपीयू में शिक्षा सिर्फ डिग्रियों तक ही सीमित नहीं है। इसी के साथ यूनाइटेड किंगडम की पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा भारत उभरती हुई वैश्विक व्यवस्था को आकार देने वाली एक केंद्रीय शक्ति है। इसी के साथ जोखिम लेने और इनोवेशन के महत्व पर ज़ोर देते हुए, ग्रेजुएट छात्रों को स्थापित प्रणालियों को चुनौती देने, असफलताओं से सीखने और दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस समारोह में 2023- 2024 और 2024-2025 के रेगुलर, ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन कार्यक्रमों के 50,000 से ज़्यादा छात्रों को डिग्रियां दी गई। इसी के साथ यूनिवर्सिटी ने 320 छात्रों को अकादमिक पदक प्रदान किए, 37 स्वर्ण पदक विजेता शामिल हैं, जबकि 861 पीएचडी रिसर्चर को उनके शोध योगदान, दृढ़ता और अकादमिक कठोरता के लिए सम्मानित किया गया। इस दीक्षांत समारोह में लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल, वाइस-चेयरमैन नरेश मित्तल, प्रो-चांसलर डॉ. कर्नल रश्मि मित्तल, पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत और एलपीयू के डायरेक्टर जनरल एच.आर. सिंगला भी शामिल हुए।

कड़ाके की ठंड को देख बच्चों और बुजुर्गों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश

चंडीगढ़/फाजिल्का. सेहत विभाग फाजिल्का द्वारा डायरेक्टर सेहत विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्दी और धुंध से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, ज्यादा समय से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों और गर्भवती महिलाओं के बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, क्योंकि ये सर्दी में ज्यादा प्रभावित होते हैं। इन शब्दों का प्रकटावा सिविल सर्जन फाजिल्का डॉक्टर कविता सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि सर्दी लगने के कारण अगर समय पर इलाज न करवाया जाए तो कई बार यह खतरे का कारण बन सकता है। जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. सुनीता कंबोज ने बताया कि सुबह और देर शाम या रात को ठंड और घनी धुंध के कारण घरों से बाहर जाने से परहेज करना चाहिए। घनी धुंध के कारण होने वाले हादसे खतरनाक हो सकते हैं। घरों में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर कभी भी आग न सेंकी जाए, क्योंकि आग जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है जिससे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो कि सेहत के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर किसी को कोई भी समस्या आती है तो तुरंत डॉक्टरी सलाह के अनुसार इलाज करवाना चाहिए। विनोद कुमार जिला मास मीडिया और सूचना अफसर तथा दिवेश कुमार ने बताया कि छोटे बच्चे इस मौसम में ज्यादा बीमार होते हैं, इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने चाहिए और जूते-जुराबें तथा सिर पर टोपी पहननी चाहिए। बुजुर्ग, दमा और सांस की बीमारी के मरीज बहुत ज्यादा ठंड होने पर घरों से बाहर जाने से गुरेज करें और खुराक में भी गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित खुराक का सेवन करें। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए थोड़े-थोड़े समय बाद या जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी पीना चाहिए।

जालंधर में नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों को शनिवार-रविवार को भी करनी होगी Duty

जालंधर. जालंधर नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे को लेकर ये कदम उठाया गया है। इस संबंध में डीसी की तरफ से एक आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों में कहा गया है कि 10 और 11 जनवरी को शनिवार-रविवार होने के बावजूद कर्मचारियों को दफ्तर और फील्ड में ड्यूटी देनी होगी। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इन दो दिनों में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। बताया गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दो दिनों में जालंधर दौरे पर रहेंगे और शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परियोजनाओं का उद्घाटन या कहां कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

पंजाब और जम्मू के CBSE स्कूलों का रीजनल ऑफिस लुधियाना में शिफ्ट!

लुधियाना. पंजाब और जम्मू के स्कूलों और विद्यार्थियों को सीबीएसई से अपने काम करवाने के लिए मोहाली की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि सीबीएसई ने अपना रीजनल ऑफिस लुधियाना शिफ्ट कर लिया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड का स्थायी दफ्तर तो चंडीगढ़ रोड पर सरकारी जमीन पर बनेगा लेकिन कुछ समय के लिए इसको शेरपुर रोड स्थित एक बिल्डिंग में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार रीजनल ऑफिस में कुल 12 विभागों का काम होता है जिसमें से 4 तो लुधियाना के इस नए अस्थाई ऑफिस में अपना काम शुरू करने के लिए प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं जबकि बाकी विभाग भी मोहाली से शिफ्ट हो रहे हैं। बोर्ड सूत्रों की मानें तो लुधियाना एक सेंट्रल शहर है जहां तक आने के लिए खासकर पंजाब के स्कूलों को ज्यादा सफर तय नहीं करना पड़ेगा।

सीएम भगवंत मान आज बठिंडा दाैरे पर देंगे ओवर ब्रिज सहित देंगे कई सौगातें

जालंधर. मुख्यमंत्री भगवंत मान आज बठिंडा दौरे पर हैं। सुबह वे मिशन प्रगति के अंतर्गत पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से जिला लाइब्रेरी में बातचीत करेंगे। इसके बाद सीएम मुल्तानिया ओवर ब्रिज का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद वे गांव नरुआना में लोक मिलनी के दौरान लोगों से मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार और रविवार को दो दिन के दौरे पर जालंधर रहेंगे। उनके दौरे से पहले नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि छुट्टियों के बावजूद वे अपने कार्यस्थलों पर उपलब्ध रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। प्रशासन ने सीएम दौरे के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अधिकारियों को जिला सीमा से बाहर न जाने और पूरे दौरे के दौरान अलर्ट रहने का आदेश भी जारी किया गया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: टॉर्च जलाकर कराया गया प्रसव, सरकारी अस्पताल में महिला ने तोड़ा दम

चंडीगढ़ पंजाब में बेहतरीन स्वस्थ्य सेवाओं का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार के इन दावों की पोल खुल गई है। गुरदासपुर जिले के काला कालावाली गांव की एक महिला की सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो गई। रुपिंदर कौर नाम की महिला को प्रसव के लिए एक जनवरी को कस्बा कादियां के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान ऑपरेशन थिएटर की लाइट चली गई। अस्पताल में जेनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जला कर प्रसव कराया। इसके बाद से रुपिंदर कौर अस्पताल में ही भर्ती रही और आज उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बटाला के गांधी चौक में शव रखकर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।   संक्रमण से लगातार बिगड़ती गई हालत परिजनों ने बताया कि रुपिंदर कौर को प्रसव के लिए एक जनवरी को हॉस्पिटल में भर्ती किया था। अस्पताल में जेनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव कराया। इससे महिला को संक्रमण हो गया और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल प्रशासन ने परिवार को महिला की बिगड़ती हालत के बारे में गलत जानकारी दी और केवल ग्लूकोज लगाकर रखा। आज महिला की हालत देर रात ज्यादा खराब हो गई, तो उसे हायर सेंट रेफर कर दिया गया। परिजन उसे अमृतसर लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। कैंसर मरीज के ऑपरेशन दौरान गुल हुई थी बिजली, भड़का हाईकोर्ट पिछले साल जनवरी में पटियाला स्थित राजिंदरा अस्पताल की अचानक बिजली चली गई जब डॉक्टर एक कैंसर मरीज का ऑपरेशन कर रहे थे। इसी दौरान वेंटिलेटर मशीन बंद हो गई। गुस्साए डॉक्टरों ने इसका वीडियो बना लिया। डॉक्टरों का कहना है कि ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह लाइट गई है। अस्पताल को इमरजेंसी हॉट लाइन से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस घटना पर काफी बवाल मचा और पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को सफाई देनी पड़ी। यह मामला हाई कोर्ट तक पहुँच गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को कड़ी फटकार लगाई और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

पंजाब शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, अब RTE के तहत गरीब बच्चों को मिलेगा प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन

लुधियाना : पंजाब में अब गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में दाखिला मिलना आसान हो गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को एडमिशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से राज्य के उन बच्चों को फायदा होगा जो शिक्षा के अवसरों से वंचित थे। पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल्स को 12 जनवरी तक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलवाने का काम विभाग करेगा। राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपनी 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए रिजर्व रखनी होती हैं। इन रिजर्व सीटों पर बच्चों का दाखिला शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए सिफारिशों के आधार पर होगा। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब बच्चों को सही तरीके से सरकारी सुविधाएं मिल सकें। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में आदेश दिए थे कि प्राइवेट स्कूलों को गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखनी होंगी। मार्च 2025 में शिक्षा विभाग ने इस आदेश के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वे गरीब बच्चों के लिए सीटें खाली रखें। हालांकि, शिक्षा सत्र शुरू होने के करीब 10 महीने बाद भी प्राइवेट स्कूलों में किसी भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं हो सका और रिजर्व सीटें खाली पड़ी रहीं। वहीं पंजाब में 7806 गैर-वित्तीय सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल हैं। हर स्कूल में एंट्री लेवल पर लगभग 12 सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में कई सेक्शन होते हैं, और इस तरह से अनुमान है कि करीब 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए हैं। स्कूल संघ पंजाब के को-ऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही पूरी करनी चाहिए थी, ताकि बच्चों को समय पर शिक्षा मिल सके। वहीं, स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो बच्चे आरटीई के तहत एडमिशन लें, उन्हें समय पर किताबें, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। शिक्षा विभाग भेजेगा प्राइवेट स्कूलों में गरीब विद्यार्थी राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत गरीब विद्यार्थियों के सरकारी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। रिजर्व सीटों पर दाखिले के लिए बच्चे शिक्षा विभाग की तरफ से रिकमंड किए जाने हैं ताकि विभाग के पास दाखिल करवाए गए बच्चों का रिकार्ड रहे और उनको विभागीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके। मार्च में दिए थे 25 प्रतिशत सीट खाली रखने के आदेश फरवरी 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने मार्च 2025 में प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिए थे कि वो गरीब बच्चों के एडमिशन के लिए 25 प्रतिशत सीट खाली रखें। विभाग के आदेश पर प्राइवेट स्कूलों ने सीटें खाली रखी लेकिन शिक्षा सत्र शुरू हुए 10 महीने बीत गए लेकिन शिक्षा विभाग ने एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में नहीं करवाया और प्राइवेट स्कूलों में रिजर्व रखी 25 प्रतिशत सीटें खाली रह गई। 1 लाख से ज्यादा बच्चे एडमिशन से रह गए वंचित पंजाब में 7806 गैर वित्तीय सहायता प्राप्त यानि प्राइवेट स्कूल हैं। स्कूल में एंट्री क्लास का अगर एक सेक्शन हो तो हर स्कूल में 12 बच्चों के एडमिशन के लिए सीट खाली हैं। सीबीएसई व आईसीएससी स्कूलों में एंट्री लेवल पर चार से पांच सेक्शन तक भी हैं। इस तरह पंजाब में कम से कम 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए। स्कूल संघ ने किया किया स्वागत स्कूल संघ पंजाब के कोऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत यह रजिस्ट्रेशन शिक्षा सत्र के शुरुआत में करवानी चाहिए थी ताकि गरीब बच्चों को इसका लाभ मिलता। वहीं स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने कहा कि आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों को सरकार समय पर किताबें, वर्दी व अन्य सामग्री समय पर उपलब्ध करवाए ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और बाकी बच्चों के बीच में वो खुद को अलग महसूस न करें। 12 जनवरी तक स्कूल करें रजिस्ट्रेशन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी गुरदीप सिंह सोढ़ी का कहना है कि स्कूलों को 12 जनवरी तक डिपार्टमेंट की साइट पर रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक जानकारी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी, गुरदीप सिंह सोढ़ी ने बताया कि 12 जनवरी तक सभी स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करना होगा। स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करते वक्त जानकारी अपलोड करनी होगी। स्कूल का प्रकार (गर्ल्स, ब्वॉयज, या को-एजुकेशनल) पढ़ाई का मीडियम (पंजाबी, अंग्रेजी, या हिंदी) स्कूल को मान्यता मिलने का वर्ष पिन कोड प्रिंसिपल / हेडमास्टर / हेडमिस्ट्रेस का नाम संपर्क नंबर और स्कूल की वेबसाइट विभाग या बोर्ड से एफिलिएशन नंबर एंट्री क्लास में कुल सीटों की संख्या सालाना स्कूल फीस का विवरण स्कूल का पता और लोकेशन स्कूल का स्तर (प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी)

कनाडा सरकार ने पंजाबियों को दिया झटका, बुजुर्गों की PR पर रोक, केयरगिवर प्रोग्राम भी रोका

ओटावा कनाडा ने वीजा नियमों में बदलाव कर पंजाबियों को बड़ा झटका दिया है। इसके तहत अब देखभाल के बहाने बुजुर्गों के परमानेंट रेसिडेंस वीजा पर रोक लगा दी गई है। हालांकि अभी भी इनके पास सुपर वीजा का आप्शन खुली रहेगी। इसके तहत 5 साल तक लगातार कनाडा में रहा जा सकता है।  कनाडा इमिग्रेंट डिपार्टमेंट ने केवल बुजुर्गों की PR पर रोक लगाई है। कनाडा जाने पर रोक नहीं है। अगर वे घूमने या कुछ समय तक जाना चाहते हैं तो ऐसे वीजा पर कोई रोक नहीं रहेगी। कनाडा सरकार 2026-2028 के लिए PR की संख्या कम कर रही है। इस कटौती के तहत माता-पिता और दादा-दादी को बुलाने वाले प्रोग्राम (PGP) के नए आवेदनों को रोका गया है। 2025 में PGP के तहत नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। केवल 2024 में सबमिट किए गए आवेदनों को ही प्रोसेस किया जाएगा। साल 2024 में, कनाडा ने माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम (PGP) के तहत लगभग 27,330 नए PR वीजा दिए थे। इसके अलावा कनाडा सरकार ने अपना केयरगिवर कार्यक्रम को भी बंद कर दिया है। हर साल 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग करते PR के लिए अप्लाई कनाडा में दूसरे देशों से आकर रहने वाले लोग अपने बुजुर्गों को यहां बुलाते हैं। हर साल लगभग 25 से 30 हजार बुजुर्गों को PR मिलती है। इसमें 6 हजार के लगभग पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते हैं। कनाडा के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार इस वक्त कनाडा में कुल 81 लाख के करीब लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 65 साल से ज्यादा है। कनाडा सरकार का कहना है कि ये रोक 2026-2028 तक के लिए है। इसके बाद रिव्यू किया जाएगा। समीक्षा के बाद PGP प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। केयरगिवर प्रोग्राम पर भी लगाई गई रोक दिसंबर 2025 में कनाडा सरकार ने केयरगिवर के नाम से शुरू 'होम केयर वर्कर' पायलट प्रोग्राम को भी अगले आदेश तक रोक दिया है। यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए था जो बुजुर्गों या बच्चों की देखभाल के लिए कनाडा जाना चाहते थे। अब यह मार्च 2026 में दोबारा नहीं खुलेगा। कनाडा सरकार ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी 2026-2028 के तहत इमिग्रेशन की संख्या को सीमित करने का फैसला किया है। इसका मुख्य कारण आवास की कमी और सेहत सेवाओं पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। तीर्थ सिंह ने बताया- अभी नियम जानना बाकी, बच्चों से मिलने के कई आप्शन जालंधर बस स्टैंड के पास पिनेकल वीजा के मालिक तीर्थ सिंह ने बताया कि कनाडा ने बुजुर्गों के पीआर को लेकर जो रोक लगाई है, उसके नियम अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पूरी पॉलिसी पढ़ने के बाद पता चल सकेगा। बच्चों से मिलने जाने वाले बुजुर्गों में ये पैनिक वाली न्यूज है। मुझे कई बुजुर्गों के फोन आ चुके हैं कि अब क्या करेंगे। मैंने उनको बताया है कि डरने की बात नहीं है, कई और भी आप्शन हैं। बच्चों से मिलने के लिए जा सकते हैं। कनाडा ने ऐसा पहली बार नहीं किया है, पहले भी ऐसा किया जा चुका है।