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पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर: 93946 93946 24×7 सक्रिय डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

दो बड़े मामलों में इंस्पेक्टर समेत कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर CBI का शिकंजा

चंडीगढ़. सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस से जुड़े दो बड़े मामलों में सोमवार को सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। एक मामला नामी डॉक्टर के अपहरण का है जिसमें इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों समेत क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मी आरोपित हैं। वहीं, दूसरा मामला सबूतों से छेड़छाड़ का है, जिसमें इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान शामिल हैं। अपहरण के मामले में पिछले साल एफआइआर दर्ज हुई थी, जबकि सबूतों से छेड़छाड़ का मामला अप्रैल 2024 में दर्ज हुआ था। पहला मामला: जिला अदालत के बाहर से किया था डॉक्टर को अगवा पिछले साल सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 365 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। करीब एक साल चली जांच के बाद सीबीआई ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। पिछले साल जिन पर केस दर्ज हुआ था उनमें क्राइम ब्रांच के पूर्व इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा, कॉन्स्टेबल सुभाष और कॉन्स्टेबल नीरज कुमार के नाम थे। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि चार्जशीट में कुछ और पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल जोड़े गए हैं। इनके खिलाफ सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डा.मोहित धवन ने शिकायत दी थी। जिला अदालत के बाहर से किया अपहरण आरोप के मुताबिक डा.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत, सेक्टर-43 में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डा.मोहित धवन अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे, लेकिन अदालत के एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया ताकि वे जज के सामने पेश न हो सकें। कई घंटों तक डॉ.धवन को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और शाम को उनकी गिरफ्तारी डाल दी गई। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिनों का रिमांड भी ले लिया था। डा.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे, फिर जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। डॉ.धवन को पकड़ने प्राइवेट कार से आए थे पुलिसकर्मी सीबीआई जांच में सामने आया कि सात जनवरी 2022 को सुबह 10.20 से 10.50 के बीच क्राइम ब्रांच के चार पुलिस मुलाजिम डा.मोहित धवन को पकड़ने एक प्राइवेट आइटी-20 कार से आए थे। यह कार कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा की थी जो उनके कजन वीरेंद्र हुड्डा के नाम पर रजिस्टर थी। सीबीआई जांच में सामने आया था कि सात जनवरी 2022 को चार पुलिसकर्मियों अजमेर सिंह, अनिल कुमार, विकास हुड्डा और सुभाष की मोबाइल टावर लोकेशन जिला अदालत के पास की ही थी। दूसरा मामला: आरोपित को बचाने के लिए केस फाइल से बदला मोबाइल दो साल पहले सीबीआई ने इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस में भी सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर एक आरोपित को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप हैं। केस के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को एक महिला से यौन उत्पीड़न के आरोप में शहर के एक बड़े माल के जीएम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित के घर से उसका आइफोन-12 जब्त किया था। पुलिस ने इस मोबाइल को सील नहीं किया, उल्टा इसकी जगह आइफोन-7 को सील कर दिया। यह आइफोन-7 भी आरोपित का ही था। पुलिस ने आरोपित को बचाने के लिए केस के रिकार्ड से मोबाइल ही बदल डाला। आरोप है कि असली मोबाइल और सिम आरोपित को वापस कर दिया गया था उसकी जगह बिना सिम वाला आइफोन-7 केस फाइल में रख दिया गया। सीबीआई ने शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच की और आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी।

पंजाब में 22-23 जनवरी को झमाझम बारिश की मौसम ने जारी की चेतावनी

पठानकोट. हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में लगातार पड़ रही धुंध और कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने 22 जनवरी से पंजाब में मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 और 23 जनवरी को पंजाब के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 22 जनवरी को शाम के समय पंजाब में मौसम का मिज़ाज बदलेगा और पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में बारिश होने की संभावना है। उधर, पिछले चार दिनों से चंडीगढ़ के तापमान में 10 डिग्री की बढ़ोतरी होने से अब यह महसूस ही नहीं हो रहा कि इस महीने के पहले 15 दिन शहरवासियों ने रिकॉर्ड तोड़ कड़ाके की ठंड झेली थी। रविवार को उत्तर भारत के 6 राज्यों में सबसे गर्म रहे चंडीगढ़ के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25 डिग्री के करीब पहुंचते हुए 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़े हुए तापमान के बीच सोमवार को भी दिल्ली और गुरुग्राम के बाद चंडीगढ़ 6 राज्यों में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।

सीएम मान ने की शिक्षा को बढ़ावा, अजनाला में उच्च शिक्षा के नए अवसर, बिक्रौर कॉलेज का शुभारंभ

अमृतसर/अजनाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अमृतसर दौरे का आज (19 जनवरी 2026) दूसरा दिन है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला के निवासियों को विकास का एक बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अजनाला की दाना मंडी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सरकारी डिग्री कॉलेज, बिक्रौर की आधारशिला रखेंगे। दशकों पुरानी मांग होगी पूरी अजनाला और इसके आसपास के सीमावर्ती गांवों के लोग लंबे समय से क्षेत्र में एक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थान की मांग कर रहे थे। अब तक युवाओं को ग्रेजुएशन और अन्य उच्च शिक्षा के लिए अमृतसर या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था। इस कॉलेज के बनने से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी अपने घर के पास बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। दाना मंडी में विशाल जनसभा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अजनाला की दाना मंडी में व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें अजनाला के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। विकास की नई इबारत लिखेगा 'बिक्रौर' कॉलेज मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे शिक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और रोजगार को लेकर कुछ और बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह कॉलेज इस उपेक्षित क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का विजन : मुख्यमंत्री मान ने पहले भी कई मंचों से स्पष्ट किया है कि 'आप' सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य है। अजनाला के इस कॉलेज का शिलान्यास उसी विजन का हिस्सा है, ताकि पंजाब के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी आधुनिक शिक्षा मिल सके।

अवैध निर्माण मामले में विजिलैंस के रडार पर नामचीन इलाकों की बिल्डिंगें

जालंधर. नगर निगम का बिल्डिंग विभाग एक बार फिर विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है क्योंकि विजिलैंस ने शहर की कई अवैध बिल्डिंगों विरुद्ध जांच तेज कर दी है। गौरतलब है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा पिछले कई महीनों से अवैध और नियमों के विरुद्ध बनी कमर्शियल इमारतों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा संबंधित बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ इमारतों को सील भी किया गया था। हालांकि, निगम की कार्रवाई यहीं तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि जिन इमारतों को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया था, आज वे सभी सीलें खुल चुकी हैं और उनमें धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके चलते निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा ने अपनी शिकायतों में आरोप लगाया कि संबंधित निगम अधिकारियों और सेवादारों की मिलीभगत के चलते इन मामलों में आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार विजिलैंस ब्यूरो ने अब इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब किया है। बताया जा रहा है कि जिन इमारतों को लेकर शिकायतें की गई हैं, वे सभी अभी भी जांच के दायरे में हैं। विजीलैंस में जिन बिल्डिंगों की जांच चल रही है उनमें पटेल चौक के निकट ढाबे, टैगोर अस्पताल के पास चांप के साथ वाली इमारत, आहूजा चना भटूरा वाली गली में स्थित कमर्शियल बिल्डिंग्स, मेहरा ट्रांसपोर्ट के पास, सतनाम कार वाश के निकट, गुलाबदेवी रोड ईदगाह के पास तथा भगवानदास पुरा में बनी दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग शामिल हैं। अब सभी की निगाहें विजीलैंस ब्यूरो की जांच पर टिकी हैं कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है? और ये भी पढ़े जेपी नगर व आदर्श नगर बनते जा रहे कमर्शियल हब जालंधर इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट द्वारा कई वर्ष पूर्व जे.पी. नगर और आदर्श नगर को रिहायशी कॉलोनियों के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह पूरा क्षेत्र तेजी से कमर्शियल हब में तब्दील होता जा रहा है। जे.पी. नगर और आदर्श नगर की मेन रोड पर स्थित अधिकांश कोठियों को तोड़कर अब वहां कमर्शियल बिल्डिंग्स खड़ी की जा चुकी हैं और धड़ल्ले से दुकानें व कमर्शियल प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से इस अवैध निर्माण पर नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। रिहायशी क्षेत्र को नियमों के विपरीत कमर्शियल उपयोग में बदला जा रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है, बल्कि कॉलोनी की मूल योजना भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। अब इस मामले को लेकर आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रवि छाबड़ा ने नगर निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श नगर गुरुद्वारा के निकट आज भी अवैध रूप से कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन निगम अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले एडवोकेट बृजेश चोपड़ा भी जे.पी. नगर की मेन रोड को कमर्शियल किए जाने के विरोध में नगर निगम को लीगल नोटिस भेज चुके हैं। इसके बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका गया और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निगम ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा क्षेत्र अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों की चपेट में आ जाएगा। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।

गुरदासपुर में सतगुरु लाल दयाल की 671वीं जयंती पर कल रहेगा सरकारी अवकाश

गुरदासपुर. महान तपस्वी योगराज सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की 671वीं जयंती के अवसर पर पंजाब सरकार द्वारा ज़िला गुरदासपुर में 20 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। गौरतलब है कि सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की जयंती हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस संबंध में श्रद्धालुओं द्वारा हलका गुरदासपुर के आम आदमी पार्टी के नेता रमन बहल के नेतृत्व में बीते दिनों डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग-पत्र भेजकर 20 जनवरी को ज़िले में अवकाश घोषित करने की मांग की गई थी।

बठिंडा में दवाइयों की गैर कानूनी फैक्ट्री सील

बठिंडा. 'युद्ध नशे विरुद्ध' मुहिम तहत जिला पुलिस ने एस.एस.पी. मुक्तसर अभिमन्यु राणा के नेतृत्व में बठिंडा में चल रही एक गैर कानूनी दवा फैक्ट्री को सील कर लाखों प्रतिबंधित दवाएं और कच्चा माल बरामद किया है। इस जांच में अब तक कुल ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से 3 आपस में भाई हैं। एस.एस.पी. अभिमन्यु राणा ने बताया कि एन.डी.पी.एस. एक्ट तहत थाना किल्लियांवाली में दर्ज किए गए केस की जांच के दौरान जिला पुलिस को यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। इस केस तहत मनीष कुमार और साहिल कुमार वासी मंडी किल्लियांवाली को गिरफ्तार कर उनके कब्जे में से 20 एटिजोलाम गोलियां, 80 प्रैगाबेलिन कैप्सूल, 7,26,000 रुपए की ड्रग्स बरामद की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कृष्ण कुमार वासी मंडी किलियांवाली और वंश क्वात्रा पुत्र अनिल कुमार निवासी मंडी डबवाली के नाम सामने आए। जिनको भी इस केस में नामजद किया गया और दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर किया गया । मनीष, साहिल तथा कृष्ण कुमार तीनों आपस में भाई हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वंश क्वात्रा मंडी डबवाली में एक मैडीकल स्टोर चला रहा था। पुलिस ने वंश और कृष्ण दोनों के कब्जे से 30,000 टैपेंटाडोल गोलियां बरामद की थी। तकनीकी तरीके से की गई फॉलोअप जांच के दौरान मुक्तसर पुलिस के सामने ये बात आई कि उक्त लोग इन नशीलों दवाओं की सप्लाई मानसा रोड बठिंडा स्थित रेडिनैक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर मुक्तसर पुलिस ने ड्रग इंस्पैक्टरों के साथ मिलकर मानसा रोड, बठिंडा स्थित उक्त फैक्ट्री पर रेड की। रेड के दौरान पुलिस को जहां बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। वहीं बिना लाइसैंस और मंजूरी के दवाई बनाने के सबूत मिले। फैक्टरी के मालिक द्वारा किसी भी प्रकार का वैध लाइसैंस, दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। इस रेड के दौरान पुलिस को 1,85,000 खुली गोलियां, 42,350 जैंटाडोल गोलियां,1,22,400 टैनेडोल गोलियां और लगभग 10 किलोग्राम कच्चा माल बरामद हुआ।

पंजाब में आंधी-तूफान के साथ झमाझम होगी बारिश

जालंधर. उत्तर भारत में घनी धुंध का सितम कम होता नहीं दिख रहा। पंजाब में रविवार सुबह घनी धुंध में दृश्यता बेहद कम होने से चार जिलों में कई वाहन टकरा गए। हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हैं। घायलों में कुछ विद्यार्थी भी हैं जोकि चंडीगढ़ में क्लर्क की परीक्षा देने जा रहे थे। शनिवार को तीन जिलों में हादसों में सात लोगों की जान गई थी। उत्तर प्रदेश में विभिन्न हादसों में 50 से अधिक वाहन टकरा गए, जिससे 11 लोगों की जान चली गई व 70 से ज्यादा घायल हैं। हरियाणा के नूंह में केएमपी एक्सप्रेसवे पर बड़े वाहन के ब्रेक लगाने से पांच भारी वाहन टकरा गए। डंपर और अमेजन कंपनी के मोबाइल से भरे कंटेनर में आग लग गई। कंटेनर में चालक व अन्य व्यक्ति जिंदा जल गए। मौसम विभाग ने सोमवार को गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर व रूपनगर में बारिश की संभावना भी जताई है। वहीं, 22 जनवरी को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, लुधियाना में आंधी और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जालंधर में पठानकोट चौक के पास रविवार की सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता जीरो होने के दौरान एक ट्रक संगत को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। ट्रक के आगे सड़क क्रास कर रही ट्रैक्टर ट्राली आने के कारण दोनों में टक्कर के दौरान दोनों वाहन पलट गए। ट्रक के नीचे आने से एक राहगीर की मौत हो गई, जबकि ट्राली के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से लोग घायल हो गए। इसी तरह मोगा जिले में दो ट्रकों व कार में हुई टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पटियाला के राजपुरा में घनी धुंध के बीच सड़क पर खड़े एक कैंटर से पहले पीआरटीसी की बस जा टकराई। इसके पश्चात देखते ही देखते पांच अन्य वाहन भी आपस में टकरा गए।

मुख्यमंत्री मान ने मजीठा में 23 सड़कों का किया उद्घाटन

मजीठा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए दोनों नेता और उनका परिवार सीधे तौर पर जिम्मेदार रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह वही परिवार है जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों को खाना खिलाया था और आज भी पंजाब की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।” दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही मजीठा के समीप स्थित बिकरौर गांव में एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दों को हवा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को अनावश्यक राजनीतिक लड़ाइयों में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए तथा किसानों पर बेबुनियाद आरोप लगाने की राजनीति से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री को घेरने पहुंचे किसान उधर, किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहती थी और इस सिलसिले में मजीठा में उनका घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें काफिले के समीप जाने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर रोककर स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि कुछ स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन हालात को जल्द ही सामान्य कर लिया गया।

कांग्रेस में CM चेहरे पर घमासान चलते चन्नी के समर्थन में हाईकमान को लिखा पत्र

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में एकजुटता की कोशिश पर गुटबाजी भारी पड़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल दावा कर रहे हैं कि 2027 में कांग्रेस 2022 वाली गलती नहीं दोहराएगी। कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश प्रभारी का यह दावा कांग्रेस के बड़े वर्ग को रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का विरोधी गुट पूर्व मुख्यमंत्री चरणजी सिंह चन्नी को 2027 के विधानसभा चुनाव का चेहरा बनाना चाहता है। समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी इन दिनों भीतर खाते जोरों पर चल रहा है। चन्नी की अगुवाई के लिए की जा रही लाबिंग के तहत कांग्रेस के 32 जट्ट नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर मिलने के लिए समय भी मांगा है। पत्र दोनों ही नेताओं के दफ्तर में भेजा जा चुका है। 42 से अधिक नान जट्ट नेताओं ने भी हाईकमान से समय मांगने वाले पत्र पर हस्ताक्षर किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पत्र में इन नेताओं ने केवल अपनी बात सुनने की मांग की है। इस कवायद से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पार्टी में बड़ी लड़ाई देखने को मिल सकती है। बेशक प्रदेश प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद वड़िंग और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग बता रहे हैं, लेकिन चन्नी और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा इस दौड़ में शामिल हैं। दूसरी तरफ अगर हाईकमान विरोधी गुट की बात मानता है तो चन्नी को चुनावी वर्ष में पार्टी की कमान भी सौंपी जा सकती है। बता दें कि 2022 में भी चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था और फिर उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। चन्नी दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर हार गए थे। हालात यह हुए कि 78 विधायकों वाली कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। चन्नी एससी समुदाय से हैं, इसलिए कांग्रेस में यह तर्क दिया गया कि जट्टों ने पार्टी को वोट नहीं डाला। हालांकि दोआबा क्षेत्र में एससी मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया, लेकिन मालवा और माझा में कांग्रेस के एससी चेहरे को आगे करने का कोई खास लाभ नहीं मिला। यही कारण है कि बघेल इस बार यह कह रहे हैं कि कांग्रेस 2022 की गलती को नहीं दोहराएगी और पार्टी हाईकमान के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी।