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चुनावी मोड में AAP, लोक मिलनियों के जरिए गिनाएगी सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़. राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने संगठन और सरकार के कामकाज को सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों और हलका इंचार्जों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो महीनों तक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार लोक मिलनियां आयोजित कर लोगों के बीच रहें और सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करें। पार्टी ने संभावित चुनावी उम्मीदवारों को हर दिन तीन लोक मिलनियां आयोजित करने का लक्ष्य दिया है। इन बैठकों के जरिए न केवल सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक हर विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और प्रमुख शहरी वार्डों तक पहुंच बनाई जाए। 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी पार्टी के अंदर इसे 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले से ही विभिन्न इलाकों में लोक मिलनियां कर रहे हैं, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल समेत कई मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि जिन विधायकों और हलका इंचार्जों को पार्टी संभावित उम्मीदवार मान रही है, उन्हें अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए रंगला पंजाब फंड से राशि भी उपलब्ध कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर काम दिखाई दे सके। पार्टी नेतृत्व ने जनप्रतिनिधियों को अगले दो महीनों तक अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम समय देने और अनावश्यक रूप से क्षेत्र से बाहर न जाने की सलाह भी दी है। वहीं, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले समय में व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े वर्गों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे पार्टी का समर्थन आधार और व्यापक बनाया जा सके। मानना है कि लगातार जनसंपर्क, विकास कार्यों की प्रस्तुति और लाभार्थी वर्गों से सीधा संवाद, आप की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश में जुटी है।

राहत मिलेगी या बढ़ेंगी मुश्किलें? संजीव अरोड़ा मामले में आज कोर्ट में अहम सुनवाई

लुधियाना प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा है। वहीं, मंत्री के समर्थकों, पार्टी नेताओं और परिजनों की नजरें भी अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। सुनवाई से एक दिन पहले रविवार को संजीव अरोड़ा के करीबी समर्थकों और पार्टी नेताओं ने गुरुद्वारा साहिब में विशेष अरदास करवाई। उन्होंने मंत्री की जल्द रिहाई और न्यायिक राहत की कामना की। पिछले कई दिनों से उनके समर्थक लगातार सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गौरतलब है कि 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि एक रियल एस्टेट कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से संपत्तियों की खरीद-बिक्री तथा वस्तु एवं सेवा कर संबंधी कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। इसी मामले में जांच के दौरान एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए अरोड़ा को चंडीगढ़ से हिरासत में लिया था। न्यायिक हिरासत में हैं मंत्री अरोड़ा गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से उनका रिमांड प्राप्त कर पूछताछ की थी। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी इस मामले की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है। बीते कुछ सप्ताह के दौरान अरोड़ा से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा हाल ही में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के आवास पर भी एजेंसी ने कार्रवाई की थी। हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से किसी नई जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। आज राहत मिलने के संकेत राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सोमवार की सुनवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। यदि अदालत से राहत मिलती है तो यह संजीव अरोड़ा और उनके समर्थकों के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं यदि जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा जाता है या याचिका खारिज होती है तो उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। फिलहाल सभी की निगाहें अदालत की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय की जांच भी लगातार जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जाट सिख, ओबीसी और एससी वोट बैंक पर नजर, BJP से लेकर कांग्रेस तक ने बनाई नई रणनीति

 चंडीगढ़  पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की कवायद तेज कर दी है। राज्य की चारों प्रमुख पार्टियां—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस अपने पारंपरिक जनाधार को बचाने के साथ-साथ नए सामाजिक समूहों में पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। जाट सिख, ओबीसी, एससी-बीसी, व्यापारी, महिला और युवा वर्ग अब सभी दलों की राजनीतिक रणनीति के केंद्र में आ गए हैं। भाजपा ने पिछले कुछ समय में अपने सामाजिक विस्तार पर विशेष जोर दिया है। पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व में जाट सिख चेहरे को आगे किया है और साथ ही ओबीसी, सैनी तथा अन्य पिछड़े वर्गों के बीच लगातार कार्यक्रम और संवाद अभियान चला रही है। पार्टी का प्रयास शहरी और व्यापारी दल की पारंपरिक छवि से बाहर निकलकर ग्रामीण और कृषि प्रधान वर्गों तक पहुंच बढ़ाने का है। अकाली दल बढ़ा रहा सामाजिक दायरा शिरोमणि अकाली दल भी बदलते राजनीतिक हालात के बीच अपना सामाजिक दायरा बढ़ाने में जुटा है। पार्टी पहले ही 70 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में एससी-बीसी, महिला और यूथ विंग को सक्रिय कर चुकी है। इसके अलावा हाल ही में 67 विधानसभा हलकों में उद्योग एवं व्यापार विंग के हलका प्रधान नियुक्त किए गए हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि संगठन में विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाकर शहरी और गैर-पारंपरिक वोट बैंक में पकड़ मजबूत की जा सकती है। आप ने कल्याण बोर्ड गठित किए उधर, आम आदमी पार्टी सरकार ने भी विभिन्न समुदायों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए जिला और विधानसभा स्तर पर कल्याण बोर्ड गठित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार पहले ही 21 राज्य स्तरीय कल्याण बोर्ड बना चुकी है और अब इनका विस्तार सभी जिलों और 117 विधानसभा क्षेत्रों तक करने की योजना पर काम चल रहा है। आधिकारिक तौर पर इन बोर्डों का उद्देश्य समुदायों से जुड़े मुद्दों और सुझावों को सरकार तक पहुंचाना बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे चुनावी तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस सामाजिक संतुलन बनाने में जुटी वहीं, कांग्रेस भी संगठन के पुनर्गठन के साथ सामाजिक संतुलन बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। पार्टी ने हाल के महीनों में जिला और हलका स्तर पर नियुक्तियों में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया है। इसके अलावा कांग्रेस के एससी विभाग, ओबीसी विभाग, किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और व्यापार प्रकोष्ठ को फिर से सक्रिय करने की कवायद चल रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रदेश नेतृत्व को सभी फ्रंटल संगठनों और विभागों को विधानसभा स्तर तक सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव से पहले हर सामाजिक वर्ग के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा सके। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी जिला और विधानसभा स्तर पर सामाजिक समूहों के प्रभावशाली प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें शुरू करने की तैयारी में है। इसका मकसद उन वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, जहां पिछले चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ था। सूत्रों का कहना है कि संगठनात्मक फेरबदल में भी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जा रही है। पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़ी राजनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की राजनीति अब केवल पारंपरिक वोट बैंक के इर्द-गिर्द नहीं घूम रही। सभी प्रमुख दल अपने पुराने आधार को बरकरार रखते हुए नए सामाजिक समूहों में स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। संगठनात्मक नियुक्तियों, अलग-अलग विंगों की सक्रियता और समुदाय आधारित संपर्क अभियानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जातीय और सामाजिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।  

Beas River Alert: नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह

चंडीगढ़. भीषण गर्मी के कारण पहाड़ों में जमी बर्फ पिघलने से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्यास नदी के पानी में भी भारी वृद्धि होने की खबर मिली है। सूत्रों के अनुसार पिछले 4 दिनों के भीतर ही करीब 10 हजार क्यूसेक पानी बढ़ने की पुष्टि हुई है। हालांकि, अभी इन नदियों में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी ब्यास नदी के किनारे बसे किसानों और गुर्जर बिरादरी के लोगों के लिए यह चिंता का विषय जरूर बन गया है। यह भी पता चला है कि पोंग डैम में भी पानी का स्तर 20 फीट से अधिक की ऊंचाई पर जा चुका है। डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन नदियों में किसी भी समय और पानी छोड़ा जा सकता है। इस नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सब-डिवीजनल मेजिस्ट्रेट बाबा बकाला साहिब के कार्यालय में एक फ्लड कंट्रोल रूम (बाढ़ नियंत्रण कक्ष) भी स्थापित किया जा चुका है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे नदी के जलस्तर और आसपास के हालातों पर पैनी नजर रखेगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। 

Punjab Holiday News: सरकार ने वीरवार को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश, सरकारी दफ्तर और स्कूल रहेंगे बंद

चंडीगढ़. गर्मी के बीच कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब में गुरुवार, 18 जून को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दिन श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस को लेकर सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दौरान पंजाब में सरकारी दफ्तर, कॉर्पोरेशन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और दूसरे सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। गौरतलब है कि पंजाब के स्कूलों में पहले से ही गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। इसी बीच इस छुट्टी के चलते विभिन्न दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।  

पंजाब में बदलेगा मौसम का मिजाज, 8 जिलों में बारिश-ओले गिरने का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी

जालंधर. पिछले कुछ दिनों से पंजाब के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई इलाकों में बारिश और ओले गिरने से तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 8.2 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। हालांकि, इस दौरान लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। आज फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में ठंडी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि आज से 18 जून तक बादल छाए रहने, आंधी-तूफान के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 जून को अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर और पटियाला जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। बठिंडा, मानसा, मुक्तसर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर और तरनतारन में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने की संभावना है। इसी तरह, 16 जून को फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, मोगा, फरीदकोट और फिरोजपुर जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना है। 17 जून को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला में कई जगहों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 18 जून को मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं है।

रफ्तार बनी मौत की वजह, दिल्ली-कटड़ा हाईवे पर ट्रक से भिड़ी कार, दो लोगों ने गंवाई जान

भवानीगढ़/संगरूर. दिल्ली-कटड़ा हाईवे पर गांव फग्गुवाला के निकट रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की सूचना कंट्रोल रूम 112 को रात करीब 2:30 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एसएसएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम में एएसआई शमशेर सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह तथा कांस्टेबल जसप्रीत सिंह ने हादसे का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की एक टोयोटा हाइराइडर कार (DL14CJ1807) दिल्ली से आ रही थी। गांव फग्गूवाला के पास हाईवे पर तकनीकी खराबी के कारण खड़े एक ट्रक (HR64A 5487) से कार पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीनों लोग वाहन में फंस गए। एसएसएफ टीम ने राहगीरों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। हादसे में कार चालक प्रिंस कुमार (27 वर्ष) निवासी बुद्ध नगर जिला गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माहीरा (16 वर्ष) पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली ने सिविल अस्पताल भवानीगढ़ पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। हादसे में घायल सानिया (21 वर्ष) पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली को एसएसएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर सिविल अस्पताल भवानीगढ़ में भर्ती करवाया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद हाइड्रा मशीन की सहायता से दोनों वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात सुचारू कराया गया। मामले की आगे की कार्रवाई के लिए थाना भवानीगढ़ के ड्यूटी अधिकारी एएसआई गुरदीप सिंह को सौंप दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

गुरदासपुर में चुनावी नतीजे पर ब्रेक, EVM खराब होने से दो केंद्रों पर फिर से वोटिंग

गुरदासपुर. गुरदासपुर जिले के दीनानगर नगर परिषद चुनाव में तकनीकी खराबी के कारण रुकी चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अब वार्ड नंबर 6 के बूथ नंबर 9 पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। राज्य चुनाव आयोग पंजाब के निर्देशों के बाद प्रशासन ने पुनर्मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान 15 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होने के बाद मतों की गिनती कर परिणाम घोषित किया जाएगा। जिला चुनाव अधिकारी एवं उपायुक्त आदित्य उप्पल ने बताया कि नगर परिषद दीनानगर के वार्ड नंबर 6 के बूथ नंबर 9 पर 13 जून को मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। मदान शुरू होने से पहले आई थी दिक्कत जानकारी के अनुसार मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद ही पहली मशीन में तकनीकी समस्या आ गई थी। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूसरी मशीन उपलब्ध करवाई और शेष मतदान उसी मशीन पर कराया गया। प्रशासन ने उस समय मतदान प्रक्रिया को सुचारु रखने का प्रयास किया, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि वास्तविक समस्या उस समय सामने आई जब मतदान समाप्त होने के बाद दोनों मशीनों में दर्ज मतों को जोड़कर परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार पहली मशीन की डिस्प्ले तकनीकी रूप से काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण उसमें दर्ज मतों की संख्या प्राप्त नहीं की जा सकी। इस वजह से कुल मतों की सही गणना संभव नहीं हो सकी और मतगणना रोकनी पड़ी। चुनाव आयोग को भेजी गई थी रिपोर्ट मामले की विस्तृत रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेजी गई थी। आयोग ने तकनीकी स्थिति की समीक्षा करने के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित बूथ पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि पुनर्मतदान के दौरान सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। अधिकारियों ने मतदाताओं से निर्धारित समय पर मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। अब वार्ड नंबर 6 के उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजरें 15 जून को होने वाले पुनर्मतदान पर टिकी हैं। मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद ही इस वार्ड के चुनावी मुकाबले का अंतिम फैसला सामने आएगा।

डिजिटल गवर्नेंस को नई उड़ान, चंडीगढ़ में स्थापित होगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चंडीगढ़. प्रशासन द्वारा आईटी पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने की तैयारी की जा रही है । इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा, क्योंकि इससे सरकारी सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेंगी। प्रशासन के अनुसार, एआई तकनीक के उपयोग से जन्म प्रमाणपत्र, शिकायत निवारण, ट्रैफिक प्रबंधन और नगर सेवाओं जैसी सुविधाओं में सुधार आएगा । शहरवासियों की शिकायतों का तेजी से समाधान होगा और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।ट्रैफिक जाम, सफाई व्यवस्था, पानी और बिजली जैसी सेवाओं की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। यह केंद्र युवाओं, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा। यहां एआई, साइबर सुरक्षा, ब्लाकचेन और अन्य उभरती तकनीकों पर शोध, प्रशिक्षण और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल चंडीगढ़ को देश के प्रमुख एआई और स्मार्ट गवर्नेंस हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशासन ने क्या कहा? प्रशासन के अनुसार, यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर योजना के तहत स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान लागू कर सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। यह केंद्र सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाएगा। यहां शहरी और प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान के लिए व्यावहारिक एआई आधारित तकनीकों का विकास किया जाएगा। साथ ही स्टार्टअप्स को को-वर्किंग स्पेस, इन्क्यूबेशन सपोर्ट, मेंटरशिप और निवेशकों से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलावा ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और इंटरनेट आफ थिंग्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए हाई-परफार्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत प्रयोगशालाएं और रिसर्च एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए विशेष सैंडबॉक्स वातावरण तैयार किए जाएंगे । साझा फंडिंग मॉडल पर बनेगा प्रोजेक्ट परियोजना के वित्तपोषण के लिए साझा मॉडल अपनाया जाएगा। इसमें लगभग 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयद्वारा, 40 प्रतिशत चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा और शेष 20 प्रतिशत उद्योग एवं शैक्षणिक साझेदारों के सहयोग से जुटाई जाएगी। प्रशासन पहले शहर के विभिन्न विभागों में ऐसी समस्याओं और जरूरतों की पहचान करेगा, जिन्हें एआई आधारित समाधानों के माध्यम से दूर किया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल चंडीगढ़ को देश के अग्रणी एआई और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।प्रशासन पहले से ही स्टार्टअप पालिसी के जरिए उद्यमियों और नवाचार को बढ़ावा दे रहा है।

लू का कहर: बठिंडा में सड़क किनारे फल-सब्जी बेच रहे युवक ने गंवाई जान

बठिंडा. पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच बठिंडा से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां सड़क किनारे फल-सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक युवक की अत्यधिक गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान अंग्रेज पुत्र ननके के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और रोजी-रोटी कमाने के लिए बठिंडा में फल-सब्जी बेचने का काम करता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के नजदीक गली में अपनी रेहड़ी लगाकर फल-सब्जी बेच रहा था। तेज धूप में बिगड़ी तबीयत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय इलाके में भीषण गर्मी और तेज धूप का असर था। इसी दौरान अंग्रेज की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी की एंबुलेंस टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सिविल अस्पताल बठिंडा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बठिंडा रेफर कर दिया। उपचार के दौरान तोड़ा दम परिजनों और परिचितों को उम्मीद थी कि युवक की हालत में सुधार होगा, लेकिन उपचार के दौरान रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीषण गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और सिर को ढककर बाहर निकलना जरूरी है। विशेष रूप से खुले में काम करने वाले मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं और बुजुर्गों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए, ताकि लू और गर्मी से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।