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पंजाब की पॉलिटिक्स में बड़ी हलचल! SAD पुनर सुरजीत ने जारी किया विज़न डॉक्यूमेंट

चंडीगढ़ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में पॉलिटिकल पार्टियां पूरी तरह एक्टिव हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की लीडरशिप में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत का विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया। इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डॉक्यूमेंट जारी करते हुए इसे पंथ, पंजाब और भविष्य के लिए एक विज़न बताया। इस मौके पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट सरदार इकबाल सिंह झुंडा की लीडरशिप वाली कमेटी और जानकारों की मेहनत से तैयार किया गया है। प्रोफेसर पूरन सिंह के शब्दों में, 'पंजाब वसदा गुरु दे नात ते' टाइटल से जारी इस घोषणा में पंजाब के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों को एड्रेस किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने साफ किया कि पंजाब से पंथ को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पार्टी पंथिक मुद्दों को प्राथमिकता देगी। पंजाब की मौजूदा आर्थिक हालत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और मौजूदा सरकार कर्ज मुक्ति के अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। महिलाओं और युवाओं के लिए आरक्षण युवाओं की हालत पर चिंता जताते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब का युवा दिशाहीन होता जा रहा है। इसी तरह, युवाओं को दिशाहीनता और ड्रग्स से बचाने के लिए पार्टी में 40 परसेंट रिप्रेजेंटेशन देने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया से बड़े पैमाने पर जानकारी मिल रही है, जिसमें से ज्यादातर फेक होती है और इससे उनके विचारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी और ड्रग्स के बढ़ते असर को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सरकारें इस मुद्दे को हल करने में नाकाम रही हैं। पार्टी युवाओं को रोजगार के मौके देने और उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए खास प्लान बनाएगी। महिलाओं के अधिकारों के बारे में उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जहां 33 परसेंट रिजर्वेशन की बात हो रही है, वहीं वे इससे भी ज़्यादा, 35 परसेंट रिजर्वेशन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से महिलाओं की भागीदारी और मज़बूत होगी। हेल्थ, एजुकेशन और एनवायरनमेंट ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि घोषणापत्र में हेल्थ और एजुकेशन को राज्य के दो अहम पिलर माना गया है और इन्हें बेहतर बनाने की बात कही गई है। एनवायरनमेंट कंजर्वेशन, खासकर जंगलों का एरिया बढ़ाना और मत्तेवाड़ा जैसे जंगलों की रक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सोशल जस्टिस के तहत S. C, S. T, O. B. C. और जनरल कैटेगरी के गरीब तबके के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने का वादा किया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह मैनिफेस्टो आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की रोशनी में तैयार किया गया है, जिसमें राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की वकालत की गई है। केंद्र सरकार पर राज्यों की शक्तियां छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे केंद्र से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह मैनिफेस्टो पूरी तरह से 'ओपन' है और पंजाब की बेहतरी के लिए दूसरे सुझाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे। माइनॉरिटीज़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश और पंजाब दोनों में माइनॉरिटी सेक्शन की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना पार्टी की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी सेक्शन के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को बराबर अधिकार मिलेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पार्टी का यह मैनिफेस्टो पंजाब के हर सेक्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिसका मकसद राज्य को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण के लिहाज़ से मज़बूत बनाना है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के रवैये पर उठाए सवाल, श्री दरबार साहिब निवास से सामान ले जाना शुरू किया अमृतपाल सिंह, पंजाबी जागरण, अमृतसर: श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कमेटी पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में जब वह अपने श्री दरबार साहिब निवास से अपना सामान शिफ्ट करवा रहे थे, तो गेट पर तैनात सेवादारों ने उनसे लिखित में साइन करवाने के बाद सामान ले जाने दिया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस कार्रवाई को बेहद बुरा बताया और कहा कि लंबे समय से गुरु घर की सेवा कर रहे सेवादार के निजी सामान की तलाशी लेना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर-कानूनी चीज के शक पर ही तलाशी ली जाती है, लेकिन यहां जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। अपनी रिटायरमेंट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दो साल से ज्यादा की सर्विस बाकी थी, लेकिन उन्हें 26 फरवरी को जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया, जबकि वह मेडिकल लीव पर थे। उन्होंने कहा कि उनके घर आने-जाने वाले लोगों पर जासूसी की जा रही है और कर्मचारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह घर खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नए घर के रेनोवेशन के कारण उन्होंने 10-12 दिन और मांगे थे। फंड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 36 साल श्री गुरु रामदास जी के घर की सेवा की है, अगर कमेटी फंड जारी करती है तो ठीक है, वरना वह भरोसे के गुरु हैं। उन्होंने मैनेजमेंट से अपील की कि मैनेजमेंट में नैतिकता और शालीनता बनाए रखी जानी चाहिए। इस बारे में मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि श्री दरबार साहिब के हर गेट पर सेवक तैनात हैं। कोई भी सामान बाहर ले जाने के लिए गेट पास होना जरूरी है, गेट पर तैनात सेवक ने हमेशा की तरह अपनी ड्यूटी निभाई है। सेवकों को बताया गया है कि सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह जो भी सामान बाहर ले जाते हैं, उसके लिए किसी गेट पास या इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं है। अगर सिंह साहब ने पहले ही किसी एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क किया होता तो ऐसा नहीं होता, जब मुझे पता चला तो मैंने तुरंत नौकरों … Read more

विदेश में गूंजा पंजाब का विज़न: भगवंत मान ने NRI समुदाय से किया निवेश का आह्वान

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों फिनलैंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों के पास अनुभव, संसाधन और तकनीकी समझ है, जो पंजाब की आर्थिक प्रगति को नई गति दे सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें राज्य में निवेश और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार उद्योग, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है, जिसमें प्रवासी पंजाबियों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में फिनलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान हेलसिंकी स्थित हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के साथ शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की पहल भी की गई। इस सहयोग के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। अनाज भंडारण और कीट नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को लागू करने की दिशा में फिनलैंड के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने “सोलिन प्रोटीन” को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में शामिल करने पर भी विचार व्यक्त किया, जिससे बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने फिनलैंड में भारतीय राजदूत से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। यह दौरा पंजाब और फिनलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने और आर्थिक, शैक्षणिक व तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इससे पहले सीएम भगवंत मान ने फिनलैंड में भारत के राजदूत, हेमंत एच. कोटालवार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान, हमने पंजाब और फिनलैंड के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा की थी।

‘शब्दमाला’ एंड्रॉयड ऐप आया: भाषा विभाग ने पंजाबी को बढ़ावा देने के लिए उठाया बड़ा कदम

पटियाला. पंजाब सरकार की देखरेख में भाषा विभाग पंजाब द्वारा डायरेक्टर भाषा की देखरेख में तैयार किया गया ‘शब्दमाला एंड्रॉयड ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने इस ऐप को जनता को समर्पित करने की रस्म निभाई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी और ऐप बनाने वाली टीम मौजूद थी। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने कहा कि ‘शब्दमाला’ एक मॉडर्न डिक्शनरी प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए शब्द खोजने वाले अलग-अलग डिक्शनरी से शब्दों के मतलब ऑनलाइन खोज सकते हैं। अब इस मोबाइल ऐप के ज़रिए शब्दों के मतलब खोजने का प्रोसेस और भी आसान हो गया है और यूज़र अपने फ़ोन के ज़रिए कहीं भी, कभी भी किसी भी शब्द का मतलब खोज पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करने का काम 2023 में डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला की लीडरशिप में डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू किया था और सितंबर 2024 में इसे वेब प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब यह ऐप के रूप में एक और अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभी ऐप में पोतोहारी डिक्शनरी, किसा एंथोलॉजी डिक्शनरी, डोगरी-पंजाबी डिक्शनरी, इंग्लिश-पंजाबी मिडिल डिक्शनरी, पंजाबी अखान डिक्शनरी, इडियम डिक्शनरी और वारिस इडियम डिक्शनरी मौजूद हैं। जाफर ने कहा कि मशीन इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में हर भाषा को अप टू डेट बनाने के लिए ऐसी कोशिशें ज़रूरी हो गई हैं। यह ऐप पंजाबी भाषा को सात समंदर पार की भाषा बनाने में अपना योगदान दे सकता है। डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला ने बताया कि इसके अलावा हिंदू माइथोलॉजी डिक्शनरी और पुआधी डिक्शनरी पर भी काम चल रहा है, जो जल्द ही ऐप पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आने वाले समय में डिपार्टमेंट की ग्लॉसरी भी इस ऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी और एक-एक करके 40 से ज़्यादा डिक्शनरी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। इस मौके पर असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। इनका अहम योगदान यह प्रोजेक्ट आलोक चावला, डिप्टी डायरेक्टर (डिक्शनरी) की देखरेख में तैयार किया गया है। इसमें एडिटोरियल का काम सतपाल सिंह, रिसर्च ऑफिसर (डिक्शनरी) ने किया है और डिक्शनरी सॉफ्टवेयर तैयार करने का क्रेडिट महेशिंदर सिंह खोसला, रिसर्च असिस्टेंट को जाता है। राजिंदर कौर सीनियर असिस्टेंट, मनजीत सिंह स्पाल सीनियर असिस्टेंट, दीपक कुमार जूनियर असिस्टेंट, बीबा किरणजीत कौर जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, राखी क्लर्क, विश्वजोत कौर प्रूफ रीडर, कॉपी होल्डर गुरबख्श सिंह और मनवीर सिंह ने डिक्शनरी को यूनिकोड में बदलने और सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज़ करने के काम में अहम योगदान दिया।

ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन: Bhagwant Mann सरकार के अभियान से NDPS केस और जब्ती में उछाल

चंडीगढ़. भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन पंजाब में असरदार, तेज और असरदार नतीजे दे रहा है। लेटेस्ट डेटा से पता चलता है कि ड्रग्स के खिलाफ एक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है, ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और 'ड्रग्स के खिलाफ जंग' कैंपेन के तहत आरोपियों को सजा मिलने की दर में भी काफी सुधार हुआ है। डेटा के मुताबिक, 2022 और 2026 (अब तक) के बीच 73,541 NDPS केस रजिस्टर हुए हैं, जो 2017-21 में 52,255 केस से 40 परसेंट से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है। गिरफ्तारियों की संख्या भी काफी बढ़ी है, जो 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो पूरे राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क पर लगातार और बड़े पैमाने पर कार्रवाई का इशारा है। ज़ब्ती के आंकड़े ऑपरेशन की सफलता को और दिखाते हैं, जो सप्लाई चेन में गहरी पैठ दिखाता है। हेरोइन की ज़ब्ती में 148% की बढ़ोतरी हुई है—2022 से अब तक 5,979 kg हेरोइन ज़ब्त की गई है, जबकि 2017-21 में यह 2,412 kg थी। अफ़ीम की ज़ब्ती भी 43% से ज़्यादा बढ़कर 3,583 kg हो गई है, जो ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई में तेज़ी का संकेत है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ़ ऑपरेशन में खास तौर पर बड़ी उछाल देखी गई है। आइस (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की ज़ब्ती 17 kg से बढ़कर 93 kg हो गई है, जो 447% की बढ़ोतरी है। कोकीन की ज़ब्ती 6,064 kg रही, जो लगभग पिछले रिकॉर्ड 6,852 kg के बराबर है। यह कैंपेन अब दवाओं के गलत इस्तेमाल तक भी पहुँच गया है। 2022-26 के दौरान 87 करोड़ टैबलेट और कैप्सूल ज़ब्त किए गए हैं, जो युवाओं में बढ़ती लत को रोकने के लिए सप्लाई चेन को एक बड़ा झटका है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि इस ऑपरेशन से जस्टिस सिस्टम में भी अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। आरोपियों को सज़ा मिलने की दर 89% तक पहुँच गई है, जो मज़बूत जाँच, ठोस सबूत इकट्ठा करने और असरदार मुकदमे को दिखाता है। DGP पंजाब गौरव यादव ने कहा, “यह सिर्फ़ ऑपरेशन में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ड्रग्स के खतरे से निपटने के हमारे तरीके में एक बड़ा बदलाव है। मामलों और ज़ब्ती में बढ़ोतरी इंटेलिजेंस पर आधारित कार्रवाई को दिखाती है, जबकि सज़ा मिलने की बढ़ती दर दिखाती है कि मामलों को आखिरी स्टेज तक ले जाया जा रहा है। सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी चेन पर लगातार दबाव है।” DGP ने कहा कि इस ऑपरेशन का पूरा होना और लगातार होना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ़ स्ट्रेटेजिक समझ का नतीजा है, जिसके तहत ‘ड्रग्स के खिलाफ़ जंग’ कैंपेन पूरे पंजाब में एक्टिव ऑपरेशन का एक अहम हिस्सा बन गया है। हालांकि ज़ब्ती में बढ़ोतरी ज़मीनी ऑपरेशन में तेज़ी को दिखाती है, लेकिन मान सरकार ने फिर से कहा है कि मुख्य लक्ष्य ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और ड्रग्स की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस ऑपरेशन का लंबे समय तक असर रहे।

सिख युवाओं के बीच जत्थेदार गरगज का संदेश: एकता और गुरमत से ही उज्ज्वल भविष्य

ऑकलैंड/अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने ऑकलैंड के गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब तकनीनी में न्यूज़ीलैंड सिख यूथ ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़े युवाओं के साथ करीब डेढ़ घंटे तक खास मीटिंग की। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज से सिख संस्थाओं, सिखों के खिलाफ़ उठाई जा रही बातों, तौर-तरीकों, गुरमत शिक्षा और धार्मिक प्रचार के बारे में सवाल पूछे, जिनके जवाब सिंह साहिब ने दिए। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि सिख युवा अपने धर्म और संस्थाओं के बारे में बहुत जागरूक और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड के सिख युवा चढ़दी कला का काम कर रहे हैं और उम्मीद जताई कि वे हमेशा गुरमत के अनुसार सेवा करते रहेंगे। जत्थेदार गरगज ने सिख युवाओं को शिक्षा हासिल करने और अच्छा मुकाम हासिल करने और देश की तरक्की के लिए सेवा करने की सलाह दी। उन्होंने सभी युवाओं से एक साथ रहने, एक-दूसरे की मदद करने, गुरमुखी पंजाबी सीखने और एक साफ़ सिख पहचान बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर जत्थेदार गरगज्ज ने कुछ सिख युवाओं, जिन्होंने हत्याएं की थीं, को साफ़ सिख पहचान बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान युवाओं ने जत्थेदार गरगज्ज को खास तौर पर सम्मानित किया। मौजूद लोगों में दलजीत सिंह प्रेसिडेंट, न्यूज़ीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, एस. गुरनाम सिंह, बीबी पाहुलप्रीत कौर, बीबी गुरलीन कौर, बीबी सुपिंदर कौर, बीबी प्रीति कौर, एस. जसकरन सिंह मीडिया एडवाइज़र वगैरह शामिल थे।

फतेहगढ़ साहिब हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा, सीएम का बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में हुए बस हादसे के पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुआवजे की घोषणा की है। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 34 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये प्रति मृतक के हिसाब से देने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुआवजे की घोषणा की। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा बीते सप्ताह फतेहगढ़ साहिब जिले के बसी पठानां के नजदीक गांव मैन माजरी में हुआ था। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हादसे की जांच तेज कर दी है।

फिरोजपुर में कल ब्लैकआउट का अलर्ट, डिप्टी कमिश्नर बोले- घबराने की नहीं है जरूरत

फिरोजपुर. भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, 24 अप्रैल को रात 8:00 बजे पूरे राज्य में एक खास 'सिविल डिफेंस एयर रेड/ब्लैकआउट' मॉक एक्सरसाइज की जा रही है। इस एक्सरसाइज का मुख्य मकसद किसी भी इमरजेंसी या हवाई हमले जैसी स्थिति के दौरान सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट और प्रशासन की तैयारियों का रिव्यू करना है। इसी के तहत, 'एयर रेड/ब्लैकआउट' मॉक एक्सरसाइज 24 अप्रैल को रात 8 बजे फिरोजपुर शहर के बस स्टैंड पर होगी। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने दी। डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने इस मौके पर एक्सरसाइज से जुड़ी हिदायतें बताते हुए कहा कि यह मॉक ड्रिल 'एयर रेड वॉर्निंग' (हवाई हमले की चेतावनी) के सायरन से शुरू होगी। यह सायरन 02 मिनट तक हाई-लो पिच पर बजेगा। सायरन बजते ही चुने हुए इलाकों में पूरी तरह से 'ब्लैकआउट' कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए निर्देश हैं कि पहचाने गए इलाकों में लोगों से अपील की गई है कि ब्लैकआउट के दौरान वे अपनी गैर-ज़रूरी लाइटें बंद रखें। हालांकि, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी ज़रूरी सेवाएं चालू रहेंगी। एक्सरसाइज़ के आखिर में 'ऑल क्लियर' सिग्नल दिया जाएगा, जो 02 मिनट तक लगातार तेज़ आवाज़ में बजने वाला सायरन होगा। इस मौके पर न सिर्फ़ ब्लैकआउट बल्कि एक्सरसाइज़ के दौरान कई राहत ऑपरेशन की मॉक एक्सरसाइज़ भी की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने आम लोगों से अपील की कि यह एक रेगुलर एक्सरसाइज़ है। यह किसी भी तरह के मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा नहीं है। इसलिए लोग किसी भी तरह के डर या पैनिक में न आएं।

भारत गौरव यात्रा ट्रेन जालंधर से होकर जाएगी पुरी और अयोध्या, पठानकोट से होगी शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब से भारत दर्शन के लिए स्पेशन ट्रेन रवाना होगी। इसकी जानकारी जालंधर में रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि ये ट्रेन पठानकोट से चलेगी और पुरी-अयोध्या होते हुए कई धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाएगी। नेगी ने बताया कि रेलवे का टूरिज्म विभाग इस बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए खान-पान और ठहरने से लेकर घुमाने तक की सुविधा रेलवे की तरफ से होगी। ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी और 2 जून 2026 को वापसी के साथ संपन्न होगी। इसके लिए रेलवे ने अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत और हजरत निजामुद्दीन सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए हैं। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बनाए गए बोर्डिंग पॉइंट रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से समृद्ध पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा की घोषणा की है। 10 रातें और 11 दिनों के दौरान पुरी, कोलकाता, गया, वाराणसी और अयोध्या धाम जैसे देश के पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस यात्रा के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए गए हैं। चाय-नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था IRCTC ने इस यात्रा को 2 श्रेणियों में बांटा है, जिसमें स्टैंडर्ड क्लास का किराया 28,270 और कम्फर्ट क्लास का किराया 32,440 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इस पैकेज में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। 3AC कन्फर्म ट्रेन टिकट, चाय-नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, ठहरने के लिए आरामदायक आवास और स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए बसों की सुविधा शामिल है। टूर के दौरान ट्रेन में मौजूद रहेगी मेडिकल टीम ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी मौजूद रहेगी। IRCTC ने जानकारी दी है कि इस लोकप्रिय पैकेज में अब केवल कुछ ही सीटें शेष बची हैं, ऐसे में इच्छुक यात्री आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 0172-4645795, 7888831633 पर संपर्क कर अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

‘पेटी क्राइम’ पर सख्ती का असर: Punjab Police की कार्रवाई से गैंगस्टर नेटवर्क कमजोर

चंडीगढ़. पंजाब में पेटी क्राइम पर सख्त कार्रवाई ने गैंग्स्टर नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है। छोटे अपराधों के जरिए होने वाली गैंग्स्टरों की भर्ती पर ब्रेक लगने से राज्य में संगठित अपराध में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस के गैंग्स्टरों पर वार अभियान के तहत की गई कार्रवाई ने न केवल बड़े गैंग्स्टरों बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को प्रभावित किया है, जिससे अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आया है। आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के शुरू होने के तीन महीनों के भीतर ही गैंगस्टर से जुड़े हत्या के मामलों में 100 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में जहां चार मामले सामने आए थे, वहीं मार्च तक यह संख्या शून्य हो गई। इसी तरह गैंग्स्टर से जुड़ी फायरिंग घटनाओं में भी भारी कमी आई है। जनवरी में 29 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 20 अप्रैल तक घटकर केवल नौ रह गई, यानी करीब 69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रंगदारी के मामलों में भी कमी देखी गई है। जनवरी में 110 मामलों के मुकाबले मार्च में 98 मामले दर्ज हुए, जो लगभग 10.9 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। समग्र विश्लेषण में रंगदारी के मामलों में करीब 11 प्रतिशत की कमी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पेटी क्राइम लंबे समय से गैंग्स्टर नेटवर्क के लिए भर्ती का प्रमुख जरिया बना हुआ था। छोटे-छोटे अपराधों में शामिल युवाओं को गैंग्स्टर गिरोह अपने साथ जोड़ लेते थे, जिससे उनका नेटवर्क लगातार मजबूत होता था। गैंग्स्टरों पर वार अभियान के तहत ऐसे ही तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई कर इस भर्ती चेन को तोड़ा गया है। इस अभियान के तहत शुरू की गई टोल-फ्री एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी अहम भूमिका निभा रही है। अब अधिक संख्या में लोग रंगदारी और धमकी से जुड़ी काल्स की जानकारी पुलिस तक पहुंचा रहे हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो रही है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान सिर्फ बड़े नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा पंजाब पुलिस ने न केवल अपराध दर को नियंत्रित किया है, बल्कि लोगों का भरोसा भी जीता है। रिकार्ड खुद इस बात की गवाही देते हैं कि अपराध सिंडिकेट को तोड़ने के लिए व्यापक कार्रवाई की गई है। यह शुरुआत है और हम इन गैंग्स्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं ताकि उनका पूरी तरह सफाया किया जा सके। डीजीपी ने कहा छोटे अपराधों में शामिल लोग गैंगस्टरों के लिए आसान भर्ती बनते थे। ऐसे तत्वों पर कार्रवाई कर हमने उनके नेटवर्क को बाधित किया है और राज्य में अपराध के प्रति जीरो टालरेंस नीति को और मजबूत किया है। अभियान का असर पूरे राज्य में देखने को मिला है, जिसमें शहरों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र भी शामिल हैं। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि संगठित अपराध में आई कमी से गैंग्स्टरों की नई भर्ती पर असर पड़ा है और आने वाले समय में अपराध में और गिरावट की संभावना बढ़ी है।

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, उद्योगपति से 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों में जमा कराए पैसे लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना में उद्योगपति से 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों का खुलासा, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना पंजाब में साइबर अपराधियों ने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल ठगी को अंजाम दिया है। लुधियाना के एक प्रमुख उद्योगपति जगदीप सिंघल को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करीब 19.84 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठगों ने महज 9 महीनों के भीतर 15 अलग-अलग बैंकों के 76 फर्जी (म्यूल) खातों में यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर करवाई। रिटायर्ड आईजी चहल की तरह ही ठगी का तरीका पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) ठीक वैसा ही है, जैसा पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुआ था। आईजी चहल से भी इसी तरह 8.10 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में भी ठगों ने एक विश्वसनीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की फर्जी वेबसाइट बनाई और एक नकली डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया। इस डैशबोर्ड पर पीड़ित को रोजाना का व्यापार और भारी मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उसे और अधिक निवेश करने के लिए उकसाया जा सके। 9 महीनों में 76 बैंक खातों में भेजी गई रकम एफआईआर के अनुसार, उद्योगपति जगदीप सिंघल के साथ यह खेल 15 मई 2025 से 20 नवंबर 2025 के बीच खेला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 से 20 नवंबर के बीच मात्र चार दिनों में पीड़ित ने इन खातों में 5 करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिए। ठगी के पैसों का बैंकिंग रूट: जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और बेंगलुरु में फैले 76 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए पैसा रूट किया। ये खाते आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और बंधन बैंक जैसे 15 प्रमुख बैंकों में खोले गए थे। किस बैंक में कितना पैसा हुआ ट्रांसफर? जालसाजों के नेटवर्क की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने किस तरह अलग-अलग बैंकों का इस्तेमाल किया:     IDFC बैंक: 19 खातों में 5,14,50,000 रुपये।     ICICI बैंक: 15 खातों में 5,23,80,000 रुपये।     बैंक ऑफ बड़ौदा: 13 खातों में 3,39,00,000 रुपये।     एक्सिस बैंक: 8 खातों में 1,88,00,000 रुपये।     बंधन बैंक: 8 खातों में 1,17,00,000 रुपये। इसके अलावा इंडियन बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों का भी इस्तेमाल लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए किया गया। 'अनामिका रॉय' बनकर जाल में फंसाया पीड़ित जगदीप सिंघल को सबसे पहले फेसबुक के जरिए लालच दिया गया और बाद में व्हाट्सएप पर 'अनामिका रॉय' नामक महिला ने उनसे संपर्क किया। खुद को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उसने सिंघल का भरोसा जीता। सिंघल ने पुलिस को बताया, "शुरुआत में मैंने 15 मई 2025 को 1 लाख रुपये का निवेश किया था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर मेरा निवेश बढ़कर 4.3 मिलियन डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) दिखने लगा, जिससे मुझे लगा कि पैसा सुरक्षित है और मुनाफे में है।" तकनीक की कम जानकारी का उठाया फायदा शिकायतकर्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक होने और तकनीकी जानकारी कम होने के कारण वह यह नहीं समझ सके कि वेबसाइट असली एक्सचेंज की हूबहू नकल थी। जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 'टैक्स लायबिलिटी' और 'ग्रीन चैनल' शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये और ऐंठ लिए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए कई फर्जी सिम कार्ड और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल किया गया है। साइबर सेल अब उन संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जहां से ये खाते संचालित किए जा रहे थे।