samacharsecretary.com

नशा तस्करी पर वार, बठिंडा में 4.1 किलो अफीम बरामद; दो आरोपी दबोचे गए

सिरसा. डिंग थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद 88.970 किलोग्राम अफीम के बहुचर्चित मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी की ही अफीम तस्करी में संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फतेहाबाद के भट्टू थाना पुलिस ने आरोपित एएसआई रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही अफीम की सप्लाई लेने वाले शमशेर नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की किरकिरी होने के बाद सिरसा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई रणबीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है तथा उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि रणबीर सिंह करीब एक माह पहले ही हांसी जिले से तबादला होकर सिरसा आया था और उसकी तैनाती डिंग मंडी थाना में की गई थी। एएसपी के अनुसार, फतेहाबाद पुलिस द्वारा अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपित शमशेर ने पूछताछ के दौरान एएसआई रणबीर सिंह के तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर सिरसा पुलिस ने गत शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रोककर 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। इस मामले में ट्रक चालक सुखराम, निवासी पाली (राजस्थान), को मौके से गिरफ्तार किया गया था।  बाद में पूछताछ के आधार पर ट्रक मालिक गगनदीप सिंह को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब बरामद अफीम का दोबारा वजन करवाएगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख प्रकरण की जांच अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ को सौंप दी गई है। आगे की कार्रवाई और जांच एनसीबी द्वारा की जाएगी।

अमृतसर में अकाल तख्त की अहम बैठक, जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर विचार-विमर्श

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को आयोजित महत्वपूर्ण पंथक बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर चर्चा हुई। जिस पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है। तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

मजीठा केस में बिक्रम मजीठिया को बेल, कोर्ट के फैसले से मिली राहत

अमृतसर. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार में मंत्री रहे बिक्रम सिंह मजीठिया को मजीठा थाना विवाद मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका शर्मा की अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया, उनके साथी जोध सिंह समरा और जतिंदर पाल सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले में इससे पहले अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को जांच के बाद निर्दोष पाते हुए रिहा किया जा चुका है। बिक्रम सिंह बाठ पेशे से वकील हैं और वह अपने मुवक्किल जोबनप्रीत सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रति हासिल करने के लिए थाना मजीठा पहुंचे थे। बाद में उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिसके विरोध में अमृतसर बार एसोसिएशन के वकीलों ने प्रदर्शन किया था। वकीलों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जांच के बाद अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को निर्दोष माना गया और उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। नगर निगम चुनाव के दौरान हुआ था विवाद मामले की पृष्ठभूमि नगर निगम चुनाव की मतगणना से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि चुनाव के दौरान अकाली समर्थक जोबनप्रीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अकाली दल के नेताओं का दावा था कि हिरासत की जानकारी परिवार को नहीं दी गई। इसी मुद्दे को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान मजीठिया और उनके समर्थक थाने के भीतर पहुंच गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हिरासत में मौजूद अपने समर्थक को छुड़ाने का प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि एक सब इंस्पेक्टर का मोबाइल फोन छीन लिया गया और थाने के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया गया फैसला हालांकि बचाव पक्ष ने पुलिस के आरोपों को चुनौती दी थी और मामले में कई कानूनी व तथ्यात्मक सवाल उठाए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद मजीठिया और उनके साथियों को राहत मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस मामले पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है क्योंकि यह पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से बड़ा भंडाफोड़, बठिंडा में सोलर कैमरे के जरिए हो रही थी निगरानी

बठिंडा. बठिंडा में पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिस पर सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा संवेदनशील जानकारी विदेशों में बैठे देश विरोधी तत्वों तक पहुंचाने का आरोप है। मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार मामला थाना थर्मल क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी संख्या 66, दिनांक 9 जून 2026 से जुड़ा है। आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता कानून और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोलर ऊर्जा आधारित कैमरा किया इंस्टॉल जांच के दौरान सामने आया कि बठिंडा-मलोट मार्ग पर अंबुजा फैक्ट्री के सामने सरकारी बिजली के खंभे पर मार्च महीने में एक सोलर ऊर्जा आधारित कैमरा लगाया गया था। इस कैमरे में सक्रिय सिम कार्ड लगा हुआ था, जिसके माध्यम से दूर बैठकर लाइव निगरानी की जा रही थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि कैमरे को बेहद सुनियोजित तरीके से ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया था, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। राजस्थान तक रख रहा था आरोपित नजर प्रारंभिक जांच में पता चला है कि राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा क्षेत्रों की ओर जाने वाले सैन्य वाहनों, सुरक्षा बलों की आवाजाही और अन्य संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य था। एकत्र की गई वीडियो फुटेज कथित तौर पर पाकिस्तान और कनाडा में बैठे देश विरोधी तत्वों तथा उनके एजेंटों तक पहुंचाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ज्योति यादव बैंस के निर्देश पर विशेष जांच टीमें गठित की गईं। पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, तकनीकी साक्ष्यों और मानव खुफिया तंत्र की सहायता से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का काम किया। अमृतसर से हुई गिरफ्तारियां जांच के दौरान 10 जून को अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के गांव सराए निवासी 40 वर्षीय अशोक सिंह को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के आधार पर आगे कार्रवाई करते हुए 14 जून को उसी गांव के 22 वर्षीय अकासदीप सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता भी सामने आई है। मामले में कुल चार लोगों को नामजद किया है। इनमें से दो गिरफ्तार हैं, जबकि दो आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। तार इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़ने के संकेत मिले जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क के माध्यम से अब तक कितनी संवेदनशील जानकारी विदेशों तक पहुंचाई गई।

चंडीगढ़ नगर निगम का नया प्लान, सुखना लेक क्षेत्र में 8 फीडिंग प्वाइंट्स से सुधरेगी व्यवस्था

चंडीगढ़. नगर निगम ने सुखना लेक एरिया में कम्युनिटी एनिमल्स को भोजन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित किए गए फीडिंग प्वाइंट्स को अंतिम मंजूरी दे दी है। निगम की ओर से 19 मई को जारी सार्वजनिक सूचना के माध्यम से प्रस्तावित स्थानों पर लोगों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। नगर निगम के अनुसार निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से कोई आपत्ति अथवा सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। इस वजह से प्रस्तावित सभी आठ स्थानों को अंतिम रूप से स्वीकृत फीडिंग प्वाइंट घोषित कर दिया गया है। नगर निगम ने आम जनता से अपील की है कि सुखना लेक क्षेत्र में कम्युनिटी एनिमल्स को भोजन के लिए केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों का उपयोग करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यह आदेश नगर निगम के मेडिकल आफिसर आफ हेल्थ की ओर से जारी किया गया है। जगह-जगह खाना डालने से दिक्कत सुखना लेक पर आवारा कुत्ते भी बड़ी संख्या में हैं। इन्हें लोग अपनी मर्जी से इधर-उधर खाना डालते हैं। इससे लेक पर अव्यवस्था भी रहती है। इसे रोकने के लिए निगम ने यह फीडिंग प्वाइंट बनाए हैं। स्वच्छता को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। लेक से पहले निगम ने शहर में भी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर अलग-अलग एरिया में 250 से अधिक डाग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित कर रखे हैं। इसके अलावा कहीं भी खाना डालने पर रोक लगा रखी है। हालांकि अभी इन फीडिंग प्वाइंट के प्रति जागरूकता उस तरह से नहीं बढ़ी है। अब भी डाग लवर्स मर्जी से इधर-उधर खाना डाल रहे हैं। क्र.सं.     स्वीकृत फीडिंग प्वाइंट्स (स्थान) 1     लेक की शुरुआत में पुलिस बीट बॉक्स के पास 2     ऑब्जर्वेशन टावर के निकट 3     सीढ़ियां नंबर-1 के ऊपरी हिस्से में 4     सीढ़ियां नंबर-2 के ऊपर 5     सीढ़ियां नंबर-3 के नीचे 6     सीढ़ियां नंबर-7 के ऊपर 7     पीपल के पेड़ के पास 8     बुद्ध प्रतिमा से दूर पार्किंग क्षेत्र के निकट

अमृतसर एयरपोर्ट हुआ स्मार्ट, डिजी यात्रा और नई सुरक्षा व्यवस्था से सफर हुआ तेज और सुविधाजनक

अमृतसर  श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इन लाइन एक्सरे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और डिगी यात्रा की शुरुआत से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच रहा है। इसमें अब यात्री सीधे चेकिंग काउंटर पर जा सकते हैं, उनके सामान की कन्वेयर बेल्ट पर ही स्क्रीनिंग हो जाएगी। इससे पहले चेकिंग काउंटर पर जाने से पहले एक्सरे मशीन पर रखना पड़ता था। इसी तरह से मई से एयरपोर्ट पर डिगी यात्रा भी शुरू हो चुकी है। इस आनलाइन सिस्टम में पेपरलेस यात्रा की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। वर्तमान मे आठ से 10 प्रतिशत यात्री इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों को आगमन पर एयरोब्रिज के लिए समर्पित रास्ता मुहैया करवाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 15 दिन तक टेंडर लगाकर छह महीने तक यह काम पूरा किया जाएगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने पर घरेलू यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। इसके अलावा एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने जा रहे विकास को लेकर डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह से बातचीत करे जानकारी जुटाई गई है। जिसमें दैनिक जागरण के साथ साक्षात्कार में उन्होंने यात्रियों से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए हैं। सवाल : एयरपोर्ट से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास चल रहे हैं? जवबा: एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 4.1 मिलियन पैसेंजर्स की है। यहां पर 25 एयरक्राफ्ट की एक साथ पार्किंग को लेकर व्यवस्था है। हालांकि रोजमर्रा में सात से आठ की ही पार्किंग हो रही है। यहां पर नार्दर्न इंडिया का सबसे लंबा 3658 मीटर का रनवे है। जीरो विजिबिलिटी में एयरक्राफ्ट की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट थ्री सिस्टम भी लगा हुआ है। घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अकासा और स्टार एयर एयरलाइंस से बातचीत चल रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज व अन्य के साथ बातचीत की गई है। एयर एशिया की आगे की एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की है। सवाल : एयरपोर्ट पर पिकअप ड्राप एरिया में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होते हैं, इसका समाधान कब होगा? जवाब: एयरपोर्ट पर एंट्री में डेडिकेटेड पार्किंग पीछे बनी हुई है। पिकअप-ड्राप एरिया में सिक्योरिटी गार्ड्स भी तैनात करने जा रहे हैं। इनकी ड्यूटी वाहनों की पार्किंग सही ढंग से करवाने की रहेगी। बिल्डिंग के सामने डिवाइडर बनाकर फोर लेन सिस्टम बनाने की योजना है। इसके लिए अप्रूवल ले ली है, इंजीनियरिंग विभाग इस पार काम कर रहा है। इसका टेंडर दो महीने में लगाकर काम पूरा करवाया जाएगा। इससे फोर लेन में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग रहेगी। सवाल : एयरपोर्ट से कारगो क्षमता के मुताबिक नहीं जाने की क्या वजह है? जवाब: श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नार्थ इंडिया का सबसे बड़ी कारगो सुविधा है। पेरिशेबल आइटम्स को रखने का भी बंदोबस्त है। यहां पर कारगो के लिए काफी क्षमता है। उज्बेकिस्तान के लिए कारगो भेजने के लिए कोशिश की थी, जिसे मंजूरी भी दे गई थी। इसमें कस्टम की कुछ औपचारिकताओं के कारण क्लीयरेंस की कार्रवाई चल रही है। यहां मीट आिद एक्सपोर्ट होगा। सीआइआइ के साथ कस्टम के साथ बैठकें की हैं, ताकि कारगो का काम बढ़ाया जा सके। घरेलू कारगो का सिक्योरिटी क्लीयरेंस पेंडिंग है, जैसे ही यह क्लीयर होगा तो फायदा मिलेगा। सवाल : एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटरों पर भीड़ रहने-एयरलाइंस के प्रबंधों में खामियों को लेकर कई बार इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें क्या कोई सुधार हुआ है? जवाब: ऐसे मामलों में काफी सुधार हुआ है। एयरलाइंस के साथ हर माह पैसेंजर्स फेसिलिटेशन को लेकर बैठक कर रहे हैं। उनको कमियां दूर करने को कहा है। स्टाफ के व्यवहार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हिदायतें दी हैं। एयरपोर्ट पर कुल 10 इमिग्रेशन काउंटर हैं। पेपर लेस डिगी यात्रा भी शुरू हुई है। वहीं, देश-विदेश से आने वाले पैसेंजर्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेटिड ट्रेवलर प्रोग्राम की सुविधा भी दी हुई है। इस आनलाइन सिस्टम में भी तुरंत फेस स्कैन करके इमिग्रेशन क्लीयर कर सकते हैं। सवाल : भारत-पाक तनाव के कारण एयरपोर्ट कुछ दिन तक बंद रहा था, इसमें कई उड़ानें बंद हुईं थी। इनमें से कितनी दोबारा बहाल हुई हैं? जवाब: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सभी फ्लाइट बहाल हो गई हैं। समर शेड्यूल में ट्रैफिक कम रहता है। आपरेशन सिंदूर के कारण पाकिस्तान एयर स्पेस बंद होने से अमृतसर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से गल्फ कंट्री में कम समय में पहुंच जाती थी। अब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण भी लंबा रूट पड़ रहा है। ईरान स्पेस बंद होने से यूरोप और गल्फ जाने का रूट काफी लंबा हुआ है। सवाल: एयरपोर्ट पर कर्मशियल गतिविधि के लिए माल बनाने की भी योजना थी, इसमें क्या अपडेट है? जवाब: एयरपोर्ट पर सिटी साइड 27 एकड़ जमीन मौजूद है। इसे अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतसर में डेस्टिनेशन मैरिज का काफी प्रचलन है। इसमें मैरिज पैलेस, कामर्शियल हब, बिजनेस टू बिजनेस के लिए प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को भेजा है। इसमें आगे का फैसला वहीं से होना है।

जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर मंथन के लिए अकाल तख्त में जुटेंगे पंथक प्रतिनिधि

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पंथक बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर बुलाई गई है, जिन पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई जा रही हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस दौरान पंथ से जुड़े कई अहम विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सभी पंथक संगठनों और विचारधाराओं का एक मंच पर आकर चर्चा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 की उन धाराओं पर विस्तार से चर्चा होगी, जिन्हें लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने सवाल उठाए हैं। सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है। तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी, पंजाब में आज बरसेंगे बादल और चलेंगी तेज हवाएं, 19 जून से नया बदलाव

अमृतसर  पंजाब के लोगों को आज गर्मी से राहत मिल सकती है। रविवार को सूबे में पारा 5.4 डिग्री चढ़ गया था। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट जारी करते हुए बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  मंगलवार से अगले तीन दिनों तक 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 19 जून को एक बार फिर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को सबसे अधिक 38.1 डिग्री तापमान पटियाला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से अगले तीन दिनों तक पंजाब के 15 जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला शामिल हैं। वहीं 19 जून को एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन भी तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री, लुधियाना का 36.2, बठिंडा का 37.6, फिरोजपुर का 37.1 और फाजिल्का का 36.7 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।

अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्रियों को बड़ी राहत, डिजी यात्रा और आधुनिक स्क्रीनिंग से आसान हुई यात्रा

अमृतसर. श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इन लाइन एक्सरे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और डिगी यात्रा की शुरुआत से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच रहा है। इसमें अब यात्री सीधे चेकिंग काउंटर पर जा सकते हैं, उनके सामान की कन्वेयर बेल्ट पर ही स्क्रीनिंग हो जाएगी। इससे पहले चेकिंग काउंटर पर जाने से पहले एक्सरे मशीन पर रखना पड़ता था। इसी तरह से मई से एयरपोर्ट पर डिगी यात्रा भी शुरू हो चुकी है। इस आनलाइन सिस्टम में पेपरलेस यात्रा की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। वर्तमान मे आठ से 10 प्रतिशत यात्री इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों को आगमन पर एयरोब्रिज के लिए समर्पित रास्ता मुहैया करवाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 15 दिन तक टेंडर लगाकर छह महीने तक यह काम पूरा किया जाएगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने पर घरेलू यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। इसके अलावा एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने जा रहे विकास को लेकर डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह से बातचीत करे जानकारी जुटाई गई है। जिसमें दैनिक जागरण के साथ साक्षात्कार में उन्होंने यात्रियों से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए हैं। सवाल : एयरपोर्ट से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास चल रहे हैं? जवबा: एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 4.1 मिलियन पैसेंजर्स की है। यहां पर 25 एयरक्राफ्ट की एक साथ पार्किंग को लेकर व्यवस्था है। हालांकि रोजमर्रा में सात से आठ की ही पार्किंग हो रही है। यहां पर नार्दर्न इंडिया का सबसे लंबा 3658 मीटर का रनवे है। जीरो विजिबिलिटी में एयरक्राफ्ट की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट थ्री सिस्टम भी लगा हुआ है। घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अकासा और स्टार एयर एयरलाइंस से बातचीत चल रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज व अन्य के साथ बातचीत की गई है। एयर एशिया की आगे की एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की है। सवाल : एयरपोर्ट पर पिकअप ड्राप एरिया में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होते हैं, इसका समाधान कब होगा? जवाब: एयरपोर्ट पर एंट्री में डेडिकेटेड पार्किंग पीछे बनी हुई है। पिकअप-ड्राप एरिया में सिक्योरिटी गार्ड्स भी तैनात करने जा रहे हैं। इनकी ड्यूटी वाहनों की पार्किंग सही ढंग से करवाने की रहेगी। बिल्डिंग के सामने डिवाइडर बनाकर फोर लेन सिस्टम बनाने की योजना है। इसके लिए अप्रूवल ले ली है, इंजीनियरिंग विभाग इस पार काम कर रहा है। इसका टेंडर दो महीने में लगाकर काम पूरा करवाया जाएगा। इससे फोर लेन में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग रहेगी। सवाल : एयरपोर्ट से कारगो क्षमता के मुताबिक नहीं जाने की क्या वजह है? जवाब: श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नार्थ इंडिया का सबसे बड़ी कारगो सुविधा है। पेरिशेबल आइटम्स को रखने का भी बंदोबस्त है। यहां पर कारगो के लिए काफी क्षमता है। उज्बेकिस्तान के लिए कारगो भेजने के लिए कोशिश की थी, जिसे मंजूरी भी दे गई थी। इसमें कस्टम की कुछ औपचारिकताओं के कारण क्लीयरेंस की कार्रवाई चल रही है। यहां मीट आिद एक्सपोर्ट होगा।सीआइआइ के साथ कस्टम के साथ बैठकें की हैं, ताकि कारगो का काम बढ़ाया जा सके। घरेलू कारगो का सिक्योरिटी क्लीयरेंस पेंडिंग है, जैसे ही यह क्लीयर होगा तो फायदा मिलेगा। सवाल : एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटरों पर भीड़ रहने-एयरलाइंस के प्रबंधों में खामियों को लेकर कई बार इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें क्या कोई सुधार हुआ है? जवाब: ऐसे मामलों में काफी सुधार हुआ है। एयरलाइंस के साथ हर माह पैसेंजर्स फेसिलिटेशन को लेकर बैठक कर रहे हैं। उनको कमियां दूर करने को कहा है। स्टाफ के व्यवहार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हिदायतें दी हैं। एयरपोर्ट पर कुल 10 इमिग्रेशन काउंटर हैं। पेपर लेस डिगी यात्रा भी शुरू हुई है।वहीं, देश-विदेश से आने वाले पैसेंजर्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेटिड ट्रेवलर प्रोग्राम की सुविधा भी दी हुई है। इस आनलाइन सिस्टम में भी तुरंत फेस स्कैन करके इमिग्रेशन क्लीयर कर सकते हैं। सवाल : भारत-पाक तनाव के कारण एयरपोर्ट कुछ दिन तक बंद रहा था, इसमें कई उड़ानें बंद हुईं थी। इनमें से कितनी दोबारा बहाल हुई हैं? जवाब: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सभी फ्लाइट बहाल हो गई हैं। समर शेड्यूल में ट्रैफिक कम रहता है। आपरेशन सिंदूर के कारण पाकिस्तान एयर स्पेस बंद होने से अमृतसर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से गल्फ कंट्री में कम समय में पहुंच जाती थी। अब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण भी लंबा रूट पड़ रहा है। ईरान स्पेस बंद होने से यूरोप और गल्फ जाने का रूट काफी लंबा हुआ है। सवाल: एयरपोर्ट पर कर्मशियल गतिविधि के लिए माल बनाने की भी योजना थी, इसमें क्या अपडेट है? जवाब: एयरपोर्ट पर सिटी साइड 27 एकड़ जमीन मौजूद है। इसे अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतसर में डेस्टिनेशन मैरिज का काफी प्रचलन है। इसमें मैरिज पैलेस, कामर्शियल हब, बिजनेस टू बिजनेस के लिए प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को भेजा है। इसमें आगे का फैसला वहीं से होना है।

मतदाता सूची की होगी बड़ी पड़ताल, पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं की जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। बीएलओ के प्रशिक्षण और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों से इसकी शुरुआत की जा रही है जो 24 जून तक जारी रहेगी। राज्य में 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीएलओ फॉर्म देने के बाद उन्हें लेने के लिए मतदाताओं से तीन बार संपर्क करेंगे। सत्यापन के दौरान मतदाताओं की जन्मतिथि और पारिवारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, उनके दस्तावेज भी जांचे जाएंगे। मतदाता आयोग की वेबसाइट पर पुराने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे। आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं ऐसे एनआरआई जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है वे फॉर्म-6ए भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं।