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मोहाली में डिफॉल्टर बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, गमाडा ने नई अप्रूवल्स पर लगाई पाबंदी

मोहाली ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने बकाया जमा न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसके तहत 20 बिल्डरों की नई मंजूरियों पर तब तक रोक लगा दी गई है, जब तक वे अपना पुराना बकाया चुकता नहीं कर देते।  वहीं, इसके बाद गिल्को रियल एस्टेट ग्रुप ने 57 लाख रुपए जमा करवा दिए हैं। इस सूची में कई नेताओं की कंपनियां भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले जिस सनटेक ग्रुप के प्रबंधकों पर ईडी की रेड पड़ी थी, वह कंपनी भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल है। गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार ने आदेश जारी किए हैं। उनका कहना है कि बिल्डर्स पर काफी बकाया पेंडिंग है। रिकवरी के लिए अब डिफाल्टर लिस्ट बनाकर उनके सभी नए प्रोजेक्ट की अप्रूवल पर रोक लगा दी है। बाजवा डेवलपर का नाम भी आगे गमाडा की तरफ से पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (PAPRA) के तहत मंजूर 13 कॉलोनियों से डेवलपर्स द्वारा ली जाने वाली फीस का बकाया 312 करोड़ रुपए है। सूची में सबसे अधिक बकाया मेसर्स बाजवा डेवलपर्स पर है, जिस पर दो मेगा प्रोजेक्ट्स के करीब 150 करोड़ रुपए बकाया हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर पर 47 करोड़, आरकेएम हाउसिंग पर 31 करोड़ और शिवालिक साइट प्लानर्स पर 36 करोड़ रुपए पेंडिंग हैं। गीतू कंस्ट्रक्शन पर 14 करोड़ और मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज पर साढ़े सात करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। करोड़ों की बोली देने वाले भी पीछे गमाडा की डिफॉल्टर सूची में मेगा प्रोजेक्ट्स के नाम सबसे ऊपर हैं। इन्होंने करोड़ों की बोली देकर प्रॉपर्टी खरीदी थी, लेकिन अब भुगतान नहीं कर रहे हैं। सात मेगा प्रोजेक्ट्स से गमाडा को 701 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। इनमें सबसे अधिक बाजवा डेवलपर्स के मेगा प्रोजेक्ट-1 पर 209 करोड़ और मेगा प्रोजेक्ट-2 पर 168 करोड़ रुपए बकाया हैं। सेक्टर-82, 90 और 91 में काम कर रही जनता लैंड प्रमोटर पर भी 152 करोड़ रुपए बकाया हैं। सेक्टर-66ए में सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 69 करोड़ रुपए समेत कई अन्य नाम भी सूची में शामिल हैं। इन बिल्डरों ने अभी तक चुकाया है बकाया:- मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-1) – ₹209.30 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-2) – ₹168.61 करोड़ मैसर्स जनता लैंड प्रमोटर्स (सेक्टर 82, 90, 91) – ₹152.12 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (लाइसेंस 22/2014) – ₹127.19 करोड़ मैसर्स सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर (सेक्टर 66ए) – ₹69.06 करोड़ मैसर्स चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स – ₹47.89 करोड़ मैसर्स एचपी सिंह एंड अदर्स (सेक्टर 122) – ₹45.78 करोड़ ग्लोबल्स प्रोजेक्ट्स (सेक्टर 66ए) – ₹34.52 करोड़ आरकेएम हाउसिंग सेक्टर (सेक्टर 111-112) – ₹31.07 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर (लाइसेंस 20/2014) – ₹23.40 करोड़ प्रीत लैंड प्रमोटर (सेक्टर 86) – ₹22.14 करोड़ मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स – ₹20.55 करोड़ मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पान) – ₹15.60 करोड़ मैसर्स गीतू कंस्ट्रक्शंस – ₹14.79 करोड़ द इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी सनटेक – ₹11.47 करोड़ मैसर्स बाजवा दामिनी डेवलपर्स – ₹10.65 करोड़ मैसर्स मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज – ₹7.13 करोड़ मैसर्स नॉर्थएज डेवलपर्स – ₹1.11 करोड़ मैसर्स राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर – ₹0.99 करोड़ मैसर्स गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स – ₹0.57 करोड़  

हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई से पहले एक्सपर्ट की राय अनिवार्य

चंडीगढ़. चिकित्सकीय लापरवाही (मेडिकल नेग्लिजेंस) के मामलों में डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि स्वतंत्र और सक्षम चिकित्सा विशेषज्ञ की राय के बिना किसी डॉक्टर को आपराधिक मुकदमे में तलब करना कानून की दृष्टि में टिकाऊ नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल मरीज की मृत्यु हो जाने या उपचार असफल रहने भर से डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला नहीं बनता है। न्यायमूर्ति मनीषा बत्रा की पीठ ने निचली अदालत द्वारा जारी समन आदेश को रद करते कहा कि मजिस्ट्रेट ने चिकित्सा साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया और विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय का इंतजार किए बिना डाक्टरों को मुकदमे का सामना करने के लिए बुला लिया। अदालत ने इसे गंभीर त्रुटि माना। तरनतारन से जुड़ा है मामला मामला तरनतारन में एक महिला की प्रसव के बाद हुई मृत्यु से जुड़ा था। पति का आरोप था कि पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। शुरू में सामान्य प्रसव का आश्वासन दिया गया, बाद में ऑपरेशन में महिला ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया। आरोप था कि इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई, अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसे दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ा, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आपराधिक शिकायत दायर की थी। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डाक्टरों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मृत्यु) सहित अन्य धाराओं के तहत तलब कर लिया था। इसके खिलाफ डॉक्टर हाई कोर्ट पहुंचे। हाई कोर्ट में डाक्टरों की ओर से कहा गया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई चिकित्सकीय साक्ष्य नहीं है जो उनकी लापरवाही साबित करता हो। डॉक्टरों को दोषमुक्त करारा दिया गया एक जांच टीम ने भी रिपोर्ट में डॉक्टरों को दोषमुक्त करार दिया था। अदालत ने पाया कि मजिस्ट्रेट ने केवल इस आधार पर समन जारी कर दिया कि महिला की मृत्यु प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण हुई। अदालत ने कहा कि किसी डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया शुरू होते ही उसे गिरफ्तारी के भय, जमानत की कार्यवाही और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि बाद में वह निर्दोष भी साबित हो जाए, तब भी उसकी प्रतिष्ठा को हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं होती।

खुद पर लगे आरोपों को भगवंत मान ने किया खारिज, कहा- छवि खराब करने की कोशिश जारी

चंडीगढ़ पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के फैसले पर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि पिछले दिन तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से एक वीडियो के संबंध में मेरे खिलाफ कुछ हुकमनामे जारी किए गए हैं. भगवंत मान ने कथित विवादित वायरल वीडियो को को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।  सीएम भगवंत मान ने कहा कि वायरल वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वह मैं नहीं हूं. मैं हैरान हूं कि पंथ के इतने बड़े ओहदे पर बैठे लोग सियासी मोहरे की तरह काम कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वायरल वीडियो में जो शख्स है, न तो उसके चेहरा-मोहरा मिलता है और न ही कद काठी मुझसे मिलती है, उसके शारीरिक बनावट पूरी तरह उनसे बिल्कुल अलग है. ये मेरे खिलाफ एक प्रोपेगंडा है।  सीएम भगवंत मान ने कहा कि मैं पंजाब में गुरु की बाणी, पानी, किसानी और जवानी के लिए जो सरकारी फैसला ले रहा हूं वह मेरे विरोधियों को बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं. इसलिए मुझे बदनाम करने के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इसके लिए धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. मान ने कहा कि मैं श्री अकाल तख्त को सर्वोच्च संस्था मानता हूं और उसके आगे नतमस्तक होता हूं।  भगवंत मान ने कहा  श्री अकाल तख्त से मत्था लगाने के बारे में न तो मैं सोच सकता हूं और न ही मेरी आने वाली कई पीढ़ियां ऐसा सोच सकती हैं लेकिन श्री अकाल तख्त पर जो सियासी नियुक्तियां हुई हैं और ये लोग जिस तरह के फैसले ले रहे हैं, वह सारी संगत अच्छी तरह जानती है।  ऐसे समय में जब अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान हाल ही में 2027 चुनाव के लिए पार्टी का चेहरा घोषित किया, यह विवाद पंजाब की चुनावी राजनीति पर कितना असर डालेगा, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है ।  1. आखिर कौन सा वीडियो बना भगवंत मान के लिए मुसीबत? पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर हाथ में शराब का गिलास लिए सिख गुरुओं और जनरल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों पर शराब के छींटे मारता दिखाई देता है. वीडियो सामने आने के बाद इसे सिख धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के अपमान से जोड़कर देखा गया. विपक्षी दलों और कई धार्मिक संगठनों ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं. हालांकि, शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी और भगवंत मान इस दावे को खारिज करते रहे. सीएम भगवंत मान से जुड़ा यह वीडियो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में खूब वायरल हुआ था।  2. भगवंत मान ने क्या कहा था? वीडियो वायरल होने के बाद भगवंत मान ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उनका कहना था कि वीडियो नकली है और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया है. उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने और पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए इस तरह की सामग्री फैला रहे हैं. मान ने यह भी कहा कि किसी वीडियो की मौजूदगी मात्र से उसमें दिख रहे व्यक्ति की पहचान सिद्ध नहीं हो जाती।  5 जनवरी 2026 को अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भगवंत मान को तलब किया और वीडियो की सत्यता की जांच कराने की घोषणा की. 15 जनवरी को मान अकाल तख्त के समक्ष पेश भी हुए।  3. अकाल तख्त की रिपोर्ट में क्या निकला? वायरल वीडियो को बेअदबी का गंभीर मामला मानते हुए इसे गंभीरता को देखते हुए अकाल तख्त ने जनवरी 2026 में भगवंत मान को तलब किया. मुख्यमंत्री ने पेश होकर अपना पक्ष रखा और कुछ दस्तावेज भी जमा कराए. इसके बाद वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञ संस्थानों के पास भेजा गया।  जून 2026 में सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या एआई जनरेशन के संकेत नहीं मिले. रिपोर्ट के आधार पर अकाल तख्त ने माना कि वीडियो तकनीकी रूप से प्रामाणिक है. हालांकि रिपोर्ट में यह प्रश्न अलग बना रहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से भगवंत मान हैं या नहीं।  4. अकाल तख्त ने भगवंत मान को पंथ विरोधी क्यों घोषित किया? जून 2026 में सामने आए फॉरेंसिक रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को "गुरु द्रोही" और "पंथ विरोधी" घोषित किया. धार्मिक नेतृत्व का तर्क था कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधि सिख परंपराओं और गुरुओं के सम्मान के खिलाफ है. मान ने जांच के दौरान वीडियो को AI बताकर गुमराह करने की कोशिश की।  आकल तख्त ने सिख समुदाय से अपील की गई कि वे इस मामले को गंभीरता से लें. यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानी जाती है और उसके निर्णयों का पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक चर्चा पर प्रभाव पड़ता है।  15 से 16 जून 2026 को पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को "गुरु-दोखी" और "खालसा पंथ विरोधी" घोषित किया. अकाल तख्त का कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े घटनाक्रम ने सिख धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई तथा मान ने जांच के दौरान वीडियो को AI बताकर गुमराह करने की कोशिश की।  5. विपक्षी दलों ने इस विवाद को कैसे भुनाया? अकाल तख्त के फैसले के बाद कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल तीनों ने मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ा दिया. बीजेपी ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री खुद ऐसे विवाद में घिरे हैं तो राज्य में नशा मुक्ति और नैतिक शासन की बात कैसे कर सकते हैं. कांग्रेस ने इसे नैतिकता का मुद्दा बताते हुए इस्तीफे की मांग की. वहीं अकाली दल ने इसे सिख मर्यादा और धार्मिक सम्मान का प्रश्न बताते हुए अकाल तख्त के फैसले का खुलकर समर्थन किया. इससे विपक्ष को लंबे समय बाद एक ऐसा मुद्दा मिला है जिस पर लगभग सभी दल एक सुर में दिखाई दे रहे हैं।  6. आम आदमी पार्टी का बचाव क्या है? आम आदमी पार्टी का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट केवल यह बताती है कि वीडियो तकनीकी रूप से असली है, लेकिन इससे यह साबित … Read more

3,298 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा तिथि घोषित, जल्द जारी होंगे पंजाब पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  

पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर पर सख्ती, डिफॉल्टर बिल्डरों की परियोजनाओं पर लगी रोक

मोहाली  ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा) ने बकाया सरकारी शुल्क जमा न करने वाले रियल एस्टेट प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 परियोजनाओं और कंपनियों को डिफाॅल्टर घोषित किया है। इन पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी), लाइसेंस फीस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और अन्य मदों के तहत कुल 1,014.03 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। गमाडा की लाइसेंसिंग शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार 31 मई 2026 तक के रिकार्ड के आधार पर डिफाॅल्टरों की सूची तैयार की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि बकाया जमा न करने वाले इन प्रमोटरों को किसी भी प्रकार की आगे की मंजूरी या भुगतान नहीं दिया जाएगा। डिफाॅल्टर सूची जारी होने के बाद इन परियोजनाओं में निवेश कर चुके खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि कंपनियां समय पर बकाया राशि जमा नहीं करतीं तो परियोजनाओं के विकास कार्यों और भविष्य की मंजूरियों पर असर पड़ सकता है। पापरा काॅलोनियों पर 312 करोड़ से ज्यादा बकाया     चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के 47.89 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के 20.55 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के 23.40 करोड़ रुपये     मैजेस्टिक प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के 7.13 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ही 127.19 करोड़ रुपये     बाजवा दामिनी डेवलपर्स के 10.65 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पाना परियोजना) के 15.60 करोड़ रुपये     गीतू कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के 14.79 करोड़ रुपये     राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के 0.99 करोड़ रुपये     आरकेएम हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-111/112 के 31.07 करोड़ रुपये     इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के (संटेक सिटी) 11.47 करोड़ रुपये     नार्थएज डेवलपर्स एलएलपी के 1.11 करोड़ रुपये     गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के भी 0.57 करोड़ रुपये  मेगा प्रोजेक्ट्स पर 701 करोड़ से ज्यादा की देनदारी मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में सात परियोजनाओं पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-1) 209.30 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-2) 168.61 करोड़ रुपये, सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 69.06 करोड़ रुपये देनदारी है। इसके अलावा एचपी सिंह एवं अन्य, सेक्टर-122 – 45.78 करोड़ रुपये, जनता लैंड प्रमोटर्स, सेक्टर-82, 90 और 91 – 152.12 करोड़ रुपये, ग्लोबस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 34.53 करोड़ रुपये, प्रीत लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-86 – 22.14 करोड़ रुपये देनदारी है।

फतेहगढ़ साहिब में मानवता की मिसाल, SSP शुभम अग्रवाल ने धूप में राहगीरों की बुझाई प्यास

फतेहगढ़ साहिब  गर्मी के मौसम के मद्देनजर सरहिंद के ज्योति स्वरूप मोड़ के पास हर साल की तरह इस साल भी फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस धार्मिक समागम के दौरान सबसे पहले श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ के भोग डाले गए, जिसमें भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शामिल होकर सरबत के भले के लिए अरदास की। पाठ की समाप्ति के उपरांत भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों के लिए ठंडे-मीठे पानी और चने की छबील लगाई गई। इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे फतेहगढ़ साहिब के जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) शुभम अग्रवाल ने खुद श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडा-मीठा जल और प्रसाद वितरित कर सेवा की। मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि यह सारा आयोजन समूह एसपी, डीएसपी और पुलिस मुलाजिमों के आपसी सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा यह आयोजन हर साल निरंतर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ताकि परमात्मा की कृपा से पूरे राज्य और जिले में अमन, सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में योगदान देना भी उनका मुख्य कर्तव्य है। इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।  

गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार

पटियाला  गैंगस्टरों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत पटियाला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के पांच गुर्गों को भारी मात्रा में हथियारों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी पटियाला में जबरन वसूली के लिए किसी टारगेट किलिंग को अंजाम देने की तैयारी में थे। समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी से यह वारदात होने से टल गई।  आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले  आरोपियों के खिलाफ पहले भी कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अर्शदीप सिंह निवासी 16 फाटक के पास गांव रसूलपुर सैदा ज़िला पटियाला, जतिंदर गुप्ता निवासी गोपाल कॉलोनी, पटियाला, यशवैद उर्फ़ यौधा निवासी अजूबा पैलेस के पास संगरूर रोड, पटियाला, अभिषेक निवासी गांव सिहसर तहसील नरवाना, जिला जींद (हरियाणा), अखिल अहमद निवासी ऋषि कॉलो, पटियाला शामिल हैं। सभी आरोपियों को पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर की गश्त सोमवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सीआईए टीम थाना अर्बन एस्टेट के इलाकों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस पार्टी को गोपनीय सूचना मिली कि गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग के गुर्गे अर्शदीप सिंह पुत्र बिंदर, जतिंदर गुप्ता पुत्र रमेश चंद गुप्ता, यशवैद उर्फ यौधा पुत्र अशोक कुमार, अभिषेक पुत्र राजेश कुमार और अखिल अहमद पुत्र हरीश अहमद पटियाला में साधु बेला रोड के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम जेने की योजना बना रहे हैं। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में थाना अर्बन एस्टेट पटियाला में मामला दर्ज किया और आरोपियों को साधु बेला रोड के पास सुनसान जगह से गिरफ्तार कर लिया।  हथियार और नशा तस्करों के संपर्क में थे आरोपी  पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 पिस्तौल 32 बोर, 4 पिस्तौल 315 बोर और एक रिवॉल्वर 32 बोर (कुल 10 पिस्तौल समेत 20 कारतूस) बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड है, इनके खिलाफ कत्ल, कत्ल की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में ये गिरफ्तार होकर कईं बार जेल जा चुके हैं। जेलों में बंदी के दौरान यह आरोपी पंजाब की सीमा से सटे जिलों के नशा और हथियार तस्करों के संपर्क में आए। आरोपी यशवैद उर्फ यौधा ने जेल से बाहर आकर सोशल मीडिया के जरिये तरनतारन से संबंधित अपने एक साथी से संपर्क किया और उससे हथियारों की खेप मंगवाने का सौदा किया। ये हथियार गिरफ्तार आरोपियों ने विरोधी गिरोहों के साथ गैंगवार करने और गुटबाजी के दौरान वारदातें करके विरोधियों को जानी नुकसान पहुंचाने के लिए मंगवाए थे। पटियाला पुलिस यह भी पता कर रही है कि आरोपियों ने हथियारों की यह खेप मंगवाने के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए हवाला डीलर या किसी दूसरे वित्तीय माध्यम का इस्तेमाल किया है। 

वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर जारी, 17 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

चंडीगढ़  पंजाब में आज बरसात और तेज हवाओं का अलर्ट है। सुनाम और पठानकोट में सुबह हुई बरसात के बाद माैसम सुहाना हो गया। इससे पहले सोमवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।  बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और पारा सामान्य के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए पंजाब के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 18 जून से मौसम और अधिक सक्रिय होने के आसार हैं। विभाग ने 18 से 20 जून तक तीन दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। बुधवार को छोड़ 19 जून तक मौसम में ये बदवाल जारी रहने वाला हैं। वहीं, सोमवार राज्य के तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, जिसके चलते तापमान सामान्य के करीब बना रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार 16 जून से 19 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ दिन और राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदकोट रहा सबसे गर्म शहर सोमवार को पंजाब में औसत अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। राज्य का सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ में 38.0 डिग्री, पटियाला में 37.6 डिग्री, बठिंडा हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.5 डिग्री, चंडीगढ़ हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.0 डिग्री, भाखड़ा बांध क्षेत्र में 36.9 डिग्री, मोहाली और पठानकोट में 36.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 37.8 डिग्री, पठानकोट का 37.6 डिग्री और बठिंडा का 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया। आंधी-तूफान से पावरकाॅम को 20.73 करोड़ का नुकसान पंजाब में 11 व 12 जून को आए तेज आंधी-तूफान से बिजली वितरण सिस्टम को भारी नुकसान हुआ था। पावरकाॅम की ओर से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब भर में 9,981 बिजली के खंबे, 1,630 ट्रांसफार्मर और 331 किलोमीटर लंबी बिजली के तार क्षतिग्रस्त हुए। इससे पावरकॉम को 20.73 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक 9.14 करोड़ का नुकसान बाॅर्डर जोन में हुआ है। वहीं वेस्ट जोन में 3.90 करोड़, सेंट्रल जोन में 3.02 करोड़, साउथ जोन में 2.83 करोड़, नार्थ जोन में 1.42 करोड़ और ईस्ट जोन में सबसे कम 44 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाॅर्डर जोन के अधीन पड़ते अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट में कुल 719 ट्रांसफार्मर और 4,420 बिजली के खंबे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वेस्ट जोन के बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब व फाजिल्का में 421 ट्रांसफार्मरों और 2,567 खंबे, सेंट्रल जोन के जिला लुधियाना में 150 ट्रांसफार्मर और 429 खंबे, साउथ जोन के अधीन पड़ते पटियाला, संगरूर, बरनाला, रोपड़ और मोहाली में 216 ट्रांसफार्मर और 1,550 खंबे, नाॅर्थ जोन के अधीन पड़ते जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और एसबीएस नगर में 96 ट्रांसफार्मर और 749 खंबे और ईस्ट जोन में 28 ट्रांसफार्मर और 266 खंबे क्षतिग्रस्त हुए।  बीते कुछ वर्षों के दौरान मौसम की मार से बिजली वितरण सिस्टम को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। इससे पंजाब के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई थी। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस दौरान पावरकाॅम को रिकाॅर्ड गिनती में शिकायतें मिलीं। कईं घंटों के बाद पावरकाॅम की ओर से जरूरी मरम्मत कार्य करके इन शिकायतों का निपटारा करते हुए बिजली सप्लाई बहाल की जा सकी थी। जानें कैसा रहेगा अब मौसम 16 जून : मंगलवार को अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, पटियाला और चंडीगढ़ सहित अधिकांश मैदानी जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट नहीं है और मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 17 जून : पूरे पंजाब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 18 जून : इस दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर सक्रिय होगा। एक बार फिर राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के साथ-साथ दोआबा और माझा क्षेत्र के कई जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है। 19 जून : पंजाब के लगभग सभी जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों को येलो जोन में रखा है। इस दौरान किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।    

पंजाब की सियासत में बढ़ी हलचल, जल्द चुनाव की संभावना पर कांग्रेस ने कसी कमर

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा चुनाव भले ही आधिकारिक तौर पर फरवरी 2027 में प्रस्तावित हों, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ती जा रही है कि राज्य में चुनाव तय समय से पहले, यानी नवंबर 2026 में भी कराए जा सकते हैं। इस संभावित राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए राज्य की प्रमुख पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) जहां सरकार की उपलब्धियों के सहारे चुनावी अभियान की शुरुआत कर चुकी है, वहीं कांग्रेस भी संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय होती दिखाई दे रही है। पार्टी आलाकमान लगातार पंजाब इकाई के नेताओं के साथ बैठकें कर रणनीति बनाने में जुटा है। पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ सप्ताह से असामान्य गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में लगातार बैठकें, राज्य के नेताओं से फीडबैक लेना, संगठन की स्थिति की समीक्षा और चुनावी तैयारियों पर जोर इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी किसी भी संभावित राजनीतिक परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहती है। कांग्रेस ने शुरू की चुनावी तैयारी सूत्रों के अनुसार, पिछले लगभग एक महीने के दौरान कांग्रेस आलाकमान की ओर से पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ चार से पांच महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में संगठन की स्थिति, पार्टी की मजबूती और कमजोरियों, संभावित उम्मीदवारों, विभिन्न जिलों की राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इन बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, पूर्व मंत्रियों और विभिन्न जिलों से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की राय भी ली गई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पंजाब में कांग्रेस अभी भी एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में मौजूद है और यदि संगठन को एकजुट रखते हुए समय रहते तैयारी कर ली जाए तो आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर कमेटी का गठन कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर नजर रखने और संगठनात्मक तैयारियों का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर कमेटी का गठन भी किया है। इस समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजनलाल जाधव को शामिल किया गया है। कमेटी की जिम्मेदारी राज्य के नेताओं से संवाद स्थापित करना, संगठन की गतिविधियों की निगरानी करना, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता का मूल्यांकन करना और आगामी चुनाव के लिए पार्टी को आवश्यक सुझाव देना है। माना जा रहा है कि यह समिति नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पंजाब में कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी की समस्या से जूझती रही है। ऐसे में ऑब्जर्वर कमेटी का गठन संगठन को एकजुट रखने और संभावित मतभेदों को समय रहते दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जमीनी स्तर पर सक्रिय हुई पंजाब कांग्रेस पंजाब कांग्रेस ने भी चुनावी तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। जिला और ब्लॉक स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है ताकि चुनावी समय में पार्टी के पास प्रभावी नेटवर्क मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में विभिन्न जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत की जाएगी। गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों से संवाद स्थापित करने, मौजूदा सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाने और कांग्रेस की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों जैसे विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी तैयारी है। कांग्रेस का मानना है कि यदि जनता के बीच लगातार उपस्थिति बनाए रखी जाए तो पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार किया जा सकता है।  

1148 मतदाता बदल सकते हैं पूरा समीकरण, गुरदासपुर वार्ड में री-पोलिंग को लेकर उत्सुकता

गुरदासपुर. नगर काउंसिल दीनानगर के वार्ड नंबर 6 में चल रहे री-पोलिंग ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। इस वार्ड के करीब 1148 वोटर आज नगर काउंसिल की भविष्य की तस्वीर और प्रधानगी के पद का रास्ता तय करेंगे। 15 वार्ड में से अब तक कांग्रेस ने 7 सीटें, आम आदमी पार्टी ने 6 सीटें और बीजेपी ने 1 सीट जीती है, जबकि वार्ड नंबर 6 का रिजल्ट आना अभी बाकी है। इस एक सीट का रिजल्ट काउंसिल में बहुमत का समीकरण और किस पार्टी को प्रधानगी की कुर्सी मिलेगी, यह तय करेगा। इसी वजह से राजनीतिक पार्टियों, नेताओं और लोगों की नजरें वार्ड नंबर 6 के री-पोलिंग पर टिकी हैं। वोटिंग के दौरान वोटरों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।