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पंजाब में JDU-अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब का चुनावी गठजोड़

चंडीगढ़. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) की पंजाब इकाई ने कई राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों की घोषणा की। इनमें शिरोमणि अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब (एसएडीएसएएस) के साथ औपचारिक गठबंधन और दिवंगत अभिनेता व राजनेता सुनील दत्त की भतीजी ममता दत्त का जेडीयू पंजाब में शामिल होना प्रमुख रहा। जेडीयू पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष मलविंदर सिंह बेनीपाल, शिरोमणि अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब के अध्यक्ष दविंदर सिंह और महासचिव गुरदर्शन ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य समान विचारधारा वाली ताकतों को एक मंच पर लाना और पंजाब में एक साझा राजनीतिक मंच को मजबूत करना है। पंजाब में भाजपा शिअद के साथ गठबंधन नहीं करेगी: पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोनों पार्टियां साथ आती हैं, तो सीटों का बंटवारा बराबरी की शर्तों पर होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गठबंधन के बारे में आखिरी फैसला पार्टी नेतृत्व ही करता है। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल पर पुरी ने कहा कि पुराने सहयोगियों का 22 सीटों वाला फॉर्मूला अब काम नहीं करेगा। भाजपा छोटे भाई की भूमिका नहीं निभाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब नशामुक्त बनाने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। केंद्र सरकार राज्य के बेरोजगार युवाओं को नौकरी के मौके देने के लिए तेजी से काम कर रही है। पुरी रोजगार मेले के 20वें संस्करण में शामिल होने के लिए अमृतसर आए थे। उन्होंने यहां व्यापारियों, उद्यमियों, पेशेवरों और कारोबारियों के साथ एक बैठक भी की।

पंजाब में DA-DR भुगतान न होने पर हाईकोर्ट का सख्त रुख

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के भुगतान में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व आदेश का पालन नहीं होने और अनुपालन शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को पांच अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई संरक्षण मिल जाता है तो मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी से छूट रहेगी। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़े लंबित डीए-डीआर भुगतान के मामलों की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार पक्षों के बीच समझौते की स्थिति बनने का हवाला दे रही है, जबकि उनकी मांग केवल हाईकोर्ट के आदेश को लागू कराने की है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि राज्य को आदेश के खिलाफ अपील करने का अधिकार है, लेकिन कानूनी उपाय का इस्तेमाल कार्यवाही को अनिश्चितकाल तक टालने के लिए नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित डीए-डीआर की अद्यतन किस्तें अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को दिए जा रहे केंद्रीय दर के अनुरूप जारी करने का निर्देश दिया था। इसके लिए दो सप्ताह की समय सीमा तय की गई थी। देरी होने पर बकाया राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी आदेश था।   अदालत को बताया गया कि राज्य ने एक सितंबर को आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन रजिस्ट्री की ओर से बताई गई आपत्तियां अभी तक दूर नहीं की गई हैं। सरकार ने दो सप्ताह का और समय मांगा और कहा कि वह मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रही है। खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ की ओर से बकाया भुगतान के लिए दी गई तीन महीने की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाशित पूर्ण पृष्ठ के विज्ञापनों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया लंबित होने के बावजूद ऐसे खर्च सवाल खड़े करते हैं। अदालत पहले ही राज्य को बकाया भुगतान होने तक बड़े पैमाने पर प्रिंट और सोशल मीडिया पर अनुत्पादक विज्ञापन खर्च से बचने को कह चुकी है। अब अनुपालन शपथपत्र दाखिल नहीं किए जाने पर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत पेशी के लिए तलब किया गया है। आदेश के पालन में देरी पर छह फीसदी ब्याज भी हाईकोर्ट ने तीन अगस्त के आदेश में लंबित डीए-डीआर की अद्यतन किस्तें केंद्रीय दर के अनुरूप जारी करने का निर्देश दिया था। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। अदालत ने कहा था कि देरी होने पर बकाया राशि पर छह प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देना होगा। इससे पहले एकल पीठ ने बकाया भुगतान के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।   पूर्व आदेश का पालन नहीं होने और अनुपालन शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को पांच अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। 

पंजाब-चंडीगढ़ में आज मौसम रहेगा ड्राई, 25 सितंबर से बारिश की संभावना

चंडीगढ़  पंजाब से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मानसून की वापसी रेखा पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक से 2 दिनों में मानसून पंजाब के बाकी हिस्सों से निकलकर चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर आगे बढ़ सकता है। वहीं आज 23 सितंबर को पूरे राज्य में मौसम ड्राई रहेगा। पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, ऐसे में बादल नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि, 25 सितंबर के आसपास पंजाब समेत कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इसका मानसून की वापसी से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पिछले 24 घंटे में पंजाब के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। पटियाला में सबसे अधिक तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी मई के महीने जैसी बनी हुई है। इस बार पंजाब में मानसून सामान्य से 39% कम रहा है। इसका असर खेती, बिजली और भूजल पर पड़ सकता है। सुबह ही बिजली की डिमांड 12 हजार पार पंजाब में बिजली की मांग 12,990 मेगावाट रही। राज्य ने 7,437 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 7,392 मेगावाट था। यानी पंजाब ने शेड्यूल से 45 मेगावाट ज्यादा बिजली ली। राज्य में बिजली का अपना उत्पादन 5,556 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.82 हर्ट्ज दर्ज की गई।

मत्तेवाल में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, हरमन सिंह के पैर में लगी गोली

अमृतसर अमृतसर के मत्तेवाल इलाके में बुधवार सुबह पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान पुलिस की गोली आरोपी की टांग में लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोपी का नाम हरमन सिंह निवासी गांव बोपाराए बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पिछले कुछ समय से पुलिस को वांछित था। मौके पर ही आरोपी से एक पिस्टल भी बरामद किया गया है। पीछा करते समय अचानक चलाने लगा गोलियां  एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि पुलिस टीम को आरोपी के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार सुबह मत्तेवाल इलाके में पुलिस टीम आरोपी का पीछा कर रही थी। पुलिस को नजदीक आता देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया और इसी दौरान पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान एक गोली हरमन सिंह की टांग में लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर गया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत उसे काबू कर लिया और उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बोपाराए में व्यक्ति पर फायरिंग के बाद था वांछित  एसएसपी ने बताया कि हरमन सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। कुछ दिन पहले आरोपी ने बोपाराए गांव में ही एक व्यक्ति पर गोलियां चलाई थीं। इस वारदात के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।  पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पास हथियार कहां से आया, फायरिंग की वारदात में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे और उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में उसकी क्या भूमिका रही है।

माझा में AAP को बढ़त? पूर्व विधायक रविंदर ब्रह्मपुरा ने थामा पार्टी का दामन

चंडीगढ़  पंजाब के माझा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) को आज बड़ी मजबूती मिली है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पुत्र और पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का सम्मान किया। उन्होंने औपचारिक रूप से उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र में 'आप' की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।    रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह और बलबीर सिंह बल्ली निदेशक भी पार्टी में शामिल हुए। जतिंदर सिंह कैरों, फतेह और ब्लॉक समिति सदस्य परमिंदर सिंह कैरों ने भी सदस्यता ली। गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवड़, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने।  

किशाऊ समझौते से पंजाब बाहर, यमुना के पानी पर सरकार ने उठाए सवाल

चंडीगढ़  किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर विवाद बढ़ गया है। पंजाब सरकार अब इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। छह राज्यों के बीच हुए समझौते से पंजाब को बाहर रखा गया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने यह जानकारी दी। गर्ग ने कहा कि पंजाब इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगा। उनका कहना है कि यमुना के पानी में पंजाब के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। 15 सितंबर को नई दिल्ली में यह समझौता हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल मौजूद थे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। पंजाब इस समझौते का हिस्सा नहीं बना। पंजाब को इस प्रक्रिया से बाहर रखना स्वीकार्य नहीं है। 1954 में पंजाब के यमुना संबंधी अधिकार स्वीकार किए गए थे। पंजाब पुनर्गठन के बाद भी ये अधिकार खत्म नहीं माने जा सकते। पंजाब की आपत्ति और कानूनी आधार गर्ग ने बताया कि पंजाब की गैरमौजूदगी में उसके हितों को प्रभावित करने वाला फैसला नहीं हो सकता। पंजाब को यमुना में उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए। 1954 के समझौते की अनदेखी का कोई कानूनी आधार नहीं है। पंजाब को विश्वास में नहीं लेना आपत्तिजनक है। यह मामला अब नए कानूनी विवाद का रूप ले सकता है। क्या है किशाऊ बांध परियोजना किशाऊ परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित है। टोंस यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है। इस परियोजना में 1,562 दस लाख घन मीटर जल भंडारण की क्षमता होगी। समझौते के तहत हरियाणा को 633 एमसीएम पानी मिलेगा। उत्तर प्रदेश को 411 एमसीएम, राजस्थान को 124 एमसीएम और दिल्ली को 80 एमसीएम पानी आवंटित किया गया है। परियोजना के लाभ और केंद्र का सहयोग परियोजना की बिजली उत्पादन क्षमता 422 मेगावाट होगी। इससे सालाना करीब 1,476 दस लाख यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा होने का अनुमान है। लगभग 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।  केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। इसके वित्तीय बोझ का करीब 90 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार उठाएगी। यह परियोजना लंबे समय से अंतरराज्यीय जल बंटवारे के मतभेदों के कारण अटकी हुई थी।  किस राज्य को कितना पानी मिलेगा? परियोजना के तहत हरियाणा को 836 क्यूसेक पानी मिलने का प्रस्ताव है। वहीं, उत्तर प्रदेश को 543.2 क्यूसेक, राजस्थान को 163.52 क्यूसेक और दिल्ली को 105.28 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस लिहाज से परियोजना केवल एक राज्य की जल जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए जल उपलब्धता और अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने वाली पहल बन सकती है। क्या है किशाऊ परियोजना     किशाऊ परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर टोंस नदी पर निर्मित की जाने वाली एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है।     टोंस नदी यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदी है।     इस परियोजना के तहत 232.6 मीटर ऊंचा कंक्रीट का गुरुत्व बांध बनाया जाएगा।     निर्माण कार्य पूरा होने पर यह टिहरी बांध के बाद एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा बांध बन जाएगा।     इस बांध से 660 मेगावॉट हरित ऊर्जा क्षमता का सृजन होगा।     करीब 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली किशाऊ परियोजना की जल भंडारण क्षमता 1561.91 मिलियन घन मीटर है।     परियोजना में जल भंडारण के साथ बहुउद्देशीय उपयोग का प्रविधान है।     राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। क्या है किशाऊ परियोजना का उद्देश्य? हर साल लगभग 1,379 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। यह बिजली उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। इसकी जल भंडारण क्षमता 1,324 मिलियन घन मीटर होगी। परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे बहुउद्देशीय लाभ सुनिश्चित करना है। यमुना को कैसे मिलेगा लाभ? किशाऊ बांध से बिजली और पानी के अलावा यमुना की सफाई करने में भी मदद मिलेगी। इससे मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। गर्मी के मौसम में टोंस और आगे चलकर यमुना नदी में निरंतर जल प्रवाह बनाए रखा जा सकेगा, जिससे यमुना नदी को साफ करने के अभियान में मदद मिल सकेगी। छह दशक से क्यों अटका था किशाऊ? किशाऊ परियोजना स्थापित करने की योजना करीब छह दशक पहले बनी। परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर स्थल, भूगर्भीय परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन हुआ। इसके बाद डीपीआर, लागत, जल बंटवारे और छह राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी जैसे मुद्दे सामने आते गए। परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिला, लेकिन अंतरराज्यीय सहमति का पेंच नहीं सुलझ पाया। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने आगे बढ़कर संयुक्त उपक्रम बनाया, मगर परियोजना को वास्तविक गति देने के लिए छह राज्यों के बीच व्यापक सहमति जरूरी थी। अब यही सबसे बड़ा अड़ंगा दूर होता दिखाई दे रहा है। किशाऊ में कितना पानी जमा होगा? नई डीपीआर ने परियोजना की तस्वीर काफी बदल दी है। बांध की ऊंचाई घटाकर 232.6 मीटर की गई है, लेकिन जलाशय की जीवंत भंडारण क्षमता बढ़ाकर 1561.91 एमसीएम कर दी गई है। पहले यह क्षमता करीब 1324 एमसीएम थी। यानी नई व्यवस्था में लगभग 237.81 एमसीएम अतिरिक्त पानी संग्रहित किया जा सकेगा। लीटर में समझें तो यह करीब 23,781 करोड़ लीटर अतिरिक्त पानी है। यही अतिरिक्त भंडारण मानसून के दौरान पानी को रोकने और गैर-मानसूनी महीनों में उसका इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ाएगा। किशाऊ के आंकड़े एक नजर में बांध की ऊंचाई : 232.6 मीटर जीवंत भंडारण क्षमता : 1561.91 एमसीएम अतिरिक्त भंडारण : 237.81 एमसीएम स्थापित बिजली क्षमता : 422 मेगावाट औसत वार्षिक बिजली उत्पादन : 1457 मिलियन यूनिट पुराने मुकाबले अतिरिक्त उत्पादन : 78 मिलियन यूनिट प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र : लगभग 97,076 हेक्टेयर एमओयू में राज्य : छह

पंजाब चुनाव 2027: AAP, BJP, अकाली दल और कांग्रेस ने कसी कमर

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी शुरुआती रणनीति जमीन पर उतार दी है। आम आदमी पार्टी सरकार के करीब साढ़े चार साल के कामकाज और विकास मॉडल को जनता तक पहुंचाने में जुटी है। भाजपा केंद्र और अन्य राज्यों में अपनी सरकारों के कामकाज को आधार बनाकर पंजाब में विकल्प पेश कर रही है।  शिरोमणि अकाली दल प्रकाश सिंह बादल की विरासत और अपने पारंपरिक पंथक आधार को मजबूत करने की कोशिश में है। कांग्रेस गुटबाजी से ऊपर उठकर एकजुटता का संदेश दे रही है। इस बीच दलों की यात्राओं, रैलियों और घर-घर संपर्क अभियानों का सिलसिला शुरू हो चुका है। आप : विकास मॉडल को घर-घर ले जाएगी वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार आप ने 2027 की तैयारी में सरकार के करीब साढ़े चार साल के रिपोर्ट कार्ड और विकास मॉडल को जनता तक पहुंचाने पर फोकस किया है। पार्टी ने 20 सितंबर से राज्यव्यापी घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया है। इसमें 2.68 लाख से अधिक बूथ कमेटी सदस्य हर परिवार तक पहुंचने की योजना के तहत काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी से अभियान की शुरुआत की। भाजपा : ट्रैक रिकॉर्ड के सहारे दावेदारी भाजपा नेता सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने और सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के अनुसार पार्टी केंद्र और अन्य राज्यों की भाजपा सरकारों के कामकाज को जनता के सामने रख रही है। वह नक्सलवाद में कमी, उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की नीति को भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड के उदाहरण के तौर पर गिनाते हैं। उनका कहना है कि पंजाब में नशे और गैंगस्टरवाद की समस्या का समाधान भी भाजपा की डबल सरकार कर सकती है। भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा सभी 117 सीटों तक पहुंच रही है। शिअद : बड़े बादल की विरासत पर भरोसा शिरोमणि अकाली दल अपनी पारंपरिक सियासी जमीन मजबूत करने के लिए पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल की विरासत को प्रमुखता से सामने रख रहा है। पार्टी उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और ग्रामीण क्षेत्रों से सीधे जुड़ाव को अपनी पहचान के तौर पर पेश कर रही है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की रैलियों में अकाली सरकारों के दौरान हुए विकास कार्यों का उल्लेख लगातार हो रहा है। पार्टी बड़े बादल की राजनीतिक विरासत के सहारे पुराने समर्थक वर्ग को फिर लामबंद करने के साथ अपनी क्षेत्रीय पहचान को भी चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस : एकजुटता के संदेश के साथ मैदान में कांग्रेस राहुल गांधी के नाम और एकजुटता के संदेश के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटी है। सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद पार्टी सामूहिक नेतृत्व का संदेश दे रही है। 15 सितंबर के प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुखजिंदर रंधावा का एक मंच पर आना इसी रणनीति का हिस्सा रहा। पायलट ने चन्नी और वड़िंग के हाथ मिलवाकर कार्यकर्ताओं और पंजाबियों को संदेश दिया कि चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व और सामूहिक ताकत के साथ लड़ा जाएगा।   

हरपाल चीमा के नाम को लेकर सियासत तेज, संजय सिंह ने BJP-अकाली दल पर उठाए सवाल

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी ने पंजाब को बदनाम करने के लिए साजिश रच रही भाजपा, अकाली और कांग्रेस को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि जिस जग्गा सिंह को भाजपा अपना ‘‘भाई’’ बता रही है, वह नशा तस्कर है और उस पर एनडीपीएस समेत 9 केस दर्ज हैं, जबकि मोहन जीत सिंह पर भी 8 केस दर्ज हैं। विपक्ष दलों ने गुलजार सिंह पर भी दबाव बनाकर ‘‘आप’’ के खिलाफ बयान दिलवाया। ये लोग पंजाब को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। आज जब भगवंत मान सरकार अभियान चलाकर अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारें में लाए गए नशे का खात्मा कर रही है तो इसे रोकने के लिए सभी एकजुट हो गए हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी पंजाब को बदनाम करने की भाजपा, कांग्रेस और अकाली की साजिश को सफल नहीं होने देगी।

पराली प्रबंधन पर बाजवा का सुझाव, किसानों को ₹100 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन देने की मांग

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार की प्रस्तावित दंडात्मक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किसानों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन की मांग की है। बाजवा ने कहा कि पराली जलाने की समस्या का समाधान किसानों को केवल अपराधी मानकर जुर्माना लगाने से नहीं होगा। इसके लिए किसानों की आर्थिक मजबूरियों को समझते हुए व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। बाजवा नहीं करते पराली जलाने का समर्थन बाजवा ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ जुर्माने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित व्यवस्था में खेत के आकार आधार पर प्रत्येक घटना के लिए 5,000, 10,000 और 30,000 रुपये तक जुर्माना लगाने की बात कही गई है। खेतों को रेड कैटेगरी में डाला जाएगा – सरकार ने पराली जलाने की समस्या का समाधान निकाला है। देश की राजधानी दिल्ली से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में किसान पराली जलाते हैं, जिससे प्रदूषण काफी बढ़ सकता है। पर्यावरण मंत्रालय ने इस पराली जलाने की समस्या को रोकने के लिए नए नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। नए नियमों के तहत पराली जलाए जाने वाले खेतों को रेड कैटेगरी में डाला जाएगा। क्या होंगे पराली जलाने को लेकर नया नियम? पर्यावरण मंत्रालय ने पराली जलाने को लेकर ड्राफ्ट नियम बुधवार को जारी किए। ड्राफ्ट नियमों के तहत, जिस खेत में पराली जलाई जाएगी, उसे घटना की तारीख से 15 महीने के लिए 'रेड कैटेगरी' में रखा जाएगा। हालांकि, इस कैटेगरी में डाले जाने के क्या नतीजे होंगे, यह अभी साफ नहीं है। नियमों के तहत, 'अगर उसी जमीन पर बाद में फिर से पराली जलाने की घटना होती है या इन नियमों के तहत लगाया गया पर्यावरण जुर्माना (अगर कोई हो) तय समय में जमा नहीं किया जाता है, तो 'रेड एंट्री' अगले 15 महीनों के लिए भी लागू रहेगी।'

फिरोजपुर शहरी में सियासी हलचल तेज, AAP विधायक के भाई कुलदीप सिंह लड़ेंगे चुनाव

फिरोजपुर. आम आदमी पार्टी के फिरोजपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रणवीर सिंह भुल्लर के भाई कुलदीप सिंह भुल्लर ने भी आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर करते हुए पार्टी की टिकट पर दावेदारी पेश कर दी है। कुलदीप भुल्लर ने मंगलवार सुबह अपने इंटरनेट मीडिया खाते पर समर्थकों की इच्छा सार्वजनिक करते हुए कहा कि वह स्वयं चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के आग्रह के बाद उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। कुलदीप सिंह भुल्लर के मुताबिक पिछले दिनों करीब 30 से 40 गांवों के लोग उनके पास पहुंचे और उनसे विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया। समर्थकों ने उनसे कहा कि आम आदमी पार्टी को उनसे बेहतर उम्मीदवार नहीं मिल सकता। भुल्लर ने पिछले 3 दिन में जुटाए 13 लाख रुपये उन्होंने बताया कि जब उन्होंने समर्थकों से कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उनके पास धन नहीं है, क्योंकि वह अपना काफी कुछ दान कर चुके हैं, तो समर्थकों ने स्वयं चुनाव का खर्च उठाने की बात कही। भुल्लर ने कहा कि समर्थकों ने पिछले तीन दिनों में ही आपस में करीब 13 लाख रुपये एकत्र कर लिए हैं। उनका प्रयास है कि पार्टी की ओर से उन्हें ही टिकट मिले। कुछ दिन पहले डेढ़ करोड़ रुपये के बॉन्ड पिंगलवाड़ा अमृतसर को दान देने की घोषणा के बाद कुलदीप भुल्लर चर्चा में आए थे। पत्रकारिता से जुड़े भुल्लर अब चला रहे योग कक्षा तीन दशक तक पत्रकारिता से जुड़े रहे कुलदीप भुल्लर पिछले छह वर्षों से अपने गांव में योग की कक्षाएं भी चला रहे हैं। उनके अनुसार करीब तीन दर्जन लोग नियमित रूप से उनसे योग सीख रहे हैं और विभिन्न बीमारियों में योग के माध्यम से लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि जब उनके भाई रणवीर सिंह भुल्लर पहले से ही आम आदमी पार्टी के विधायक हैं तो वह स्वयं टिकट की दावेदारी क्यों कर रहे हैं, कुलदीप भुल्लर ने कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि उनके समर्थकों का फैसला है। समर्थकों ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, वह उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। 15 लोगों ने जताई आप पार्टी से टिकट की इच्छा गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में रणवीर सिंह भुल्लर फिरोजपुर शहरी सीट से विजयी हुए थे। उनकी पत्नी डा. अमनदीप कौर गोसल भी आगामी चुनाव में टिकट की इच्छा जता चुकी हैं। वहीं, फिरोजपुर शहरी क्षेत्र में अब तक करीब 15 लोग आम आदमी पार्टी की टिकट के लिए अपनी दावेदारी या इच्छा सार्वजनिक कर चुके हैं। ऐसे में टिकट को लेकर पार्टी के भीतर दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।