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हाई कोर्ट के फैसले से PRTC कर्मचारियों की बढ़ी चिंता, नियमितीकरण पर लगी रोक

चंडीगढ़  पंजाब रोडवेज एवं पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के एकल पीठ के आदेश पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए 31 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की है और तब तक संबंधित कर्मचारियों की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। डिवीजन बेंच के समक्ष पीआरटीसी की ओर से अपील में 22 अप्रैल 2026 को पारित उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें एकल पीठ ने कर्मचारियों की याचिका स्वीकार करते हुए निगम को छह सप्ताह के भीतर उन्हें नियमित करने का निर्देश दिया था। एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कर्मचारियों को नियमित माना जाएगा। 21 मई के आदेशों का दिया गया हवाला सुनवाई के दौरान पीआरटीसी की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि नियमितीकरण से जुड़ा समान कानूनी प्रश्न पहले से ही एक अन्य मामले में हाई कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने 21 मई 2026 को पारित एक अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पीईपीएसयू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बनाम जसदीप सिंह व अन्य मामले में भी यही मुद्दा लंबित है और उस प्रकरण की सुनवाई 31 अगस्त 2026 को निर्धारित है। दलीलों पर विचार करने के बाद डिवीजन बेंच ने मामले में नोटिस जारी कर दिया और वर्तमान अपील को भी उसी तारीख पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया, जिस दिन समान प्रकृति का दूसरा मामला सुना जाएगा। अदालत ने आदेश दिया कि इस अपील को एलपीए-1410-2026 के साथ सुना जाएगा ताकि नियमितीकरण के मुद्दे पर एक समान दृष्टिकोण अपनाया जा सके। यथास्थिति बनाए रखने के दिए आदेश सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि निजी प्रतिवादियों यानी कर्मचारियों की सेवाओं के संबंध में संबंधित विभाग यथास्थिति बनाए रखे। इसका अर्थ यह है कि फिलहाल न तो कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और न ही उनकी मौजूदा सेवा स्थिति में कोई बदलाव किया जाएगा। फिलहाल अदालत के अंतरिम आदेश से एकल पीठ के नियमितीकरण संबंधी निर्देशों के क्रियान्वयन पर रोक लग गई है और अंतिम निर्णय आने तक स्थिति यथावत बनी रहेगी।

सीमा पार कनेक्शन का खुलासा, पंजाब में IED के साथ 2 अपराधी दबोचे गए, बड़े हमले की थी तैयारी

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने विदेश में बैठे एक आतंकी ऑपरेटिव के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई का खुलासा पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने किया। अभी तक की जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा सार्वजनिक ढांचे को निशाना बनाने की साजिश थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा सुरक्षा खतरा टल गया। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां साजिश से जुड़े हैंडलर्स, सहयोगियों और पूरे आतंकी नेटवर्क के संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं। पंजाब पुलिस ने कहा कि वह आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और राज्य में शांति व जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 2022 में पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हुआ था RPG अटैक मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर 9 मई 2022 को आरपीजी (RPG) हमला हुआ था, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। मामले में अब तक पाकिस्तान और कनाडा में बैठे आतंकियों, स्थानीय गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है। केंद्रीय एजेंसियां मुख्य शूटर दीपक रंगा को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से और मुख्य साजिशकर्ता चढ़त सिंह को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी हैं। इसके अलावा कई अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है। जांच में पता चला कि इस हमले की मुख्य साजिश पाकिस्तान में छिपे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और कनाडा में बैठे लखबीर सिंह लांडा (बब्बर खालसा इंटरनेशनल) ने रची थी, जिनकी संपत्तियां भी कुर्क की जा चुकी हैं। मोहाली की विशेष अदालत में इस मामले पर लगातार कानूनी कार्रवाई चल रही है, जहां जेल में बंद मुख्य आरोपियों गुरपिंदर पिंदा, निशांत सिंह और विकास कुमार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया जारी है।

सचिवालय में हड़कंप! कंट्रोल रूम को मिला बम धमाके का धमकी भरा ई-मेल

चंडीगढ़. पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सचिवालय के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी धमकी के मद्देनजर सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। ई-मेल की जांच में जुटीं एजेंसियां पुलिस और साइबर सेल की टीमें धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं। ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। अफवाहों से बचने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।

कर्मचारियों के लिए एक और झटका, वेतन विवाद के बीच छुट्टियों को लेकर जारी हुआ नया फरमान

लुधियाना  नगर निगम द्वारा जनगणना डयूटी में लगे मुलाजिमों पर सख्ती दिन-ब-दिन बढ़ाई जा रही है जिसके तहत पहले जो मुलाजिम ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे, उन पर पुलिस केस दर्ज करवाने व सैलरी रोकने की कार्रवाई की गई। वहीं अब यह फरमान जारी कर दिया गया है कि जनगणना डयूटी में लगे मुलाजिमों को छुट्टी वाले दिन भी स्टेशन लीव नहीं मिलेगी। इस संबंधी जारी आर्डर में जनगणना का काम हर हाल में 13 जून तक पूरा करने के टारगेट का हवाला दिया गया है जिसके मद्देनजर जनगणना ड्यूटी में लगे मुलाजिमों पर छुट्टी वाले दिन भी स्टेशन छोड़ने से पहले एन.ओ.सी. लेने की शर्त लगा दी गई है। यह फैसला उन मुलाजिमों पर भी लागू होगा जिनकी छुट्टी उनके विभाग द्वारा पहले से मंजूर है या जिन्होंने विदेश यात्रा के लिए अप्लाई किया है। इस सर्कुलर की कापी डी.सी. के साथ डी.ई.ओ. व उन विभागों के हैड को भेजी गई है जिनके मुलाजिम जनगणना डयूटी में लगे हुए है। महानगर में शुरू हुई पेड़ों की जनगणना   महानगर में एक साथ 2 जनगणना शुरू हो गई है जिसके तहत नगर निगम द्वारा पेड़ों की गणना करवाने का फैसला किया गया है। यह प्रक्रिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी किए गए निर्देशों को लागू करने के लिए अपनाई गई है जहां शहर में आए दिन सामने आ रहे पेड़ों की अवैध रूप से कटाई होने के मामलों को लेकर केस चल रहा है।  इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एन.जी.टी. द्वारा पहले पेड़ों की गिनती करवाने की हिदायत दी गई है जो काम नगर निगम द्वारा एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है, जिसके द्वारा काम शुरू करने को लेकर बागवानी शाखा द्वारा बाकायदा पंजाब ट्री प्रोटेक्शन एक्ट के तहत पब्लिक नोटिस जारी कर दिया गया है।

चंडीगढ़ में हड़कंप: पंजाब सचिवालय को बम धमाके की धमकी, जांच में जुटीं एजेंसियां

चंडीगढ़ पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सचिवालय के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी धमकी के मद्देनजर सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।घटना के बाद सचिवालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि आने-जाने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों की जांच प्रक्रिया को भी सख्त किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। साइबर जांच शुरू धमकी भरे ई-मेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ई-मेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। ई-मेल की जांच में जुटीं एजेंसियां पुलिस और साइबर सेल की टीमें धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं। ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। अफवाहों से बचने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।  

भुल्लर की याचिका खारिज करने की मांग, CBI बोली- ट्रायल टालने की हो रही कोशिश

अमृतसर  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है।  CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।CBI ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को अदालत इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और उस समय वैध अभियोजन स्वीकृति आदेश रिकॉर्ड पर मौजूद था। ऐसे में अब सैंक्शन आदेश की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्य सचिव को दी गई जानकारी CBI ने भुल्लर के इस दावे को गलत बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी केवल पंजाब सरकार ही दे सकती थी। एजेंसी ने कहा कि भुल्लर IPS अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी से हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार को प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा गया था। 3 दिसंबर 2025 को सैंक्शन प्रस्ताव भेजते समय पंजाब के मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला CBI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े सवाल ट्रायल के दौरान उठाए जा सकते हैं। इस समय ऐसी याचिका दाखिल करना जल्दबाजी है। एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत मांगना या लेना किसी भी सरकारी अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी द्वारा अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा का दावा भी इस मामले में लागू नहीं होता। ट्रायल में देरी की कोशिश: CBI CBI ने अदालत से कहा कि आरोपी की याचिका का उद्देश्य आरोप तय करने की प्रक्रिया को लंबित रखना और ट्रायल में देरी करना है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

हीटवेव से मिलेगी राहत, पंजाब में आज से तेज हवाएं और बारिश के आसार, 3 दिन मौसम रहेगा खराब

चंडीगढ़ पंजाब में भीषण गर्मी से आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने आज से अगले चार दिनों तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं बुधवार को भीषण गर्मी का असर जारी रहा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।  मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे रहा, लेकिन शुष्क मौसम के कारण इसमें 0.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। वीरवार और शुक्रवार को मौसम सबसे अधिक प्रभावित रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश होने के आसार हैं।  चंडीगढ़ में आज (4 जून) से लेकर 6 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट ऑरेंज है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद मौसम ड्राई रहेगा। अभी हीट वेव से राहत बनी रहेगी। जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने फिर से अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबित तापमान में 0.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार, आज पंजाब में बारिश होने की संभावना है। हालांकि 5 जून से बारिश की गतिविधियां पश्चिमी क्षेत्रों से कम होने लगेंगी और धीरे-धीरे पूर्वी इलाकों की ओर शिफ्ट होंगी। इसी तरह आज-कल चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यहां तेज हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। सभी जिलों में तापमान 35 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। आठ जून से फिर शुष्क होगा मौसम छह और सात जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बदलाव से तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।अमृतसर और लुधियाना का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री, पटियाला का 39.4 डिग्री और रूपनगर का 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में सबसे कम 22.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। विभाग के अनुसार आठ जून से मौसम फिर शुष्क हो जाएगा।  23% कम बारिश दर्ज जून में अब तक 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 3 जून 2026 को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों (2 जून सुबह 8:30 बजे से 3 जून सुबह 8:30 बजे तक) अमृतसर में 7.8 मिमी, तरनतारन में 4.7 मिमी, गुरदासपुर में 3.8 मिमी, फिरोजपुर में 2.2 मिमी और फरीदकोट में 0.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में बारिश नहीं हुई। पंजाब में औसतन बारिश 1.2 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य 1.5 मिमी के मुकाबले 23 प्रतिशत कम है। हालांकि जून के पहले तीन दिनों (1 से 3 जून) के आंकड़े देखें तो अमृतसर में सामान्य से 460 प्रतिशत, तरनतारन में 200 प्रतिशत और फिरोजपुर में 175 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर पठानकोट, जालंधर, मोहाली और संगरूर समेत राज्य के कई हिस्सों में अब तक एक भी मिमी बारिश दर्ज नहीं हुई। मानसून अब आगे बढ़ने लगा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। 4 जून के आसपास इसके केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान के ऊपर भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। इससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम…     5 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला के कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।     6 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा के कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (40–50 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने की संभावना है। इसके साथ ही इन जिलों और फरीदकोट में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।     7 जून: कोई अलर्ट नहीं।

अभिभावकों को राहत: पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगा 5 फीसदी का कैप

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि अब राज्य के निजी शिक्षण संस्थान एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए जल्द ही अध्यादेश लाने जा रही है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर कानून बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर चिंता जता रहे थे। कई परिवारों पर बढ़ती शैक्षणिक लागत का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। सरकार ने इन शिकायतों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और फीस वृद्धि पर नियंत्रण रखा जा सके। अधिक फीस करनी होगी वापस मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पांच प्रतिशत की यह सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से वसूली जाने वाली अन्य अनिवार्य फीस भी इसमें शामिल मानी जाएगी। यानी स्कूल किसी अन्य मद के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लगाकर नियमों को दरकिनार नहीं कर सकेंगे। सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 15 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी। सरकार इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभिभावकों के हितों की रक्षा हो। अमृतसर की घटना पर जताया दुख मुख्यमंत्री ने इस फैसले को हाल ही में अमृतसर में सामने आए एक दुखद मामले से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक होनहार छात्रा द्वारा कथित रूप से स्कूल में प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। इसके बाद सरकार ने निजी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली और फीस संरचना की समीक्षा शुरू की। मान ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर में सोशल मीडिया रील पर बवाल, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

अमृतसर. अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने का मामला विवादों में घिर गया है। इस घटना को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्री राम बालाजी धाम के प्रमुख एवं जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इस घटना को धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए इसे बेअदबी की श्रेणी में रखा है। अशनील महाराज ने श्री दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। स्वामी अशनील जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा क्षेत्र जैसे पवित्र स्थान पर युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर कथित रूप से अनुचित तरीके से अभिनय करते हुए वीडियो बनाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करती हैं। उनके अनुसार यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।  थोड़े समय में कई घटनाएं आई सामने उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन उन घटनाओं में भी कठोर कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वामी अशनील जी महाराज ने कमेटी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। युवक-युवती ने स्वीकार की गलती दूसरी ओर, श्री दुर्गायाणा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित युवक और युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सदस्यों ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी गलती न होने का भरोसा दिया है। अरुण खन्ना ने अपील की कि बच्चों को धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।

पंजाब राजनीति में बढ़ी हलचल, ढिल्लों के कार्यक्रम में जाखड़ का बड़ा बयान

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के पदभार ग्रहण समारोह को पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश देने के बड़े मंच के रूप में इस्तेमाल किया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लिया, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में डबल इंजन सरकार की जरूरत बताई, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। जाखड़ का आप व कांग्रेस पर हमला समारोह को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब को सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने निराश किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल राज्य के भाईचारे और सांझी संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि हाल के दिनों में हिंदू और सिख के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि केवल सिंह ढिल्लों को देखकर उन्हें किसी धर्म विशेष का चेहरा नहीं, बल्कि एक पंजाबी का चेहरा दिखाई देता है। जाति और धर्म के मुद्दों पर राजनीति हो रही उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष राजनीति का समर्थक बताते थे, वही आज जाति और धर्म के मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जाखड़ ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार ने झाड़ू की बेअदबी तक का मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकारी मंचों पर कलाकारों को बुलाया जाता था, लेकिन अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मंचों पर बैठाया जा रहा है। जाखड़ के योगादन की बिट्‌टू ने की सरहान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने संबोधन में सुनील जाखड़ के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा संगठन और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मजबूत विचारधारा और नेतृत्व वाली पार्टी है, जहां नेतृत्व की कोई कमी नहीं है। बिट्टू ने कहा कि जिस क्षेत्र को आम आदमी पार्टी अपना सबसे मजबूत राजनीतिक आधार मानती है, उसी क्षेत्र से केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बार टकराव नहीं बल्कि संवाद और विश्वास अधिक प्रभावी साबित होता है। बिट्टू ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला, जबकि उनकी पुरानी पार्टी ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि अब पंजाब में डबल इंजन सरकार की जरूरत है ताकि राज्य के विकास को नई गति मिल सके। कानून व्यवस्था की स्थिति कमजोर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की वर्तमान सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। चुग ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और राज्य में रंगदारी, धमकी भरे फोन और विस्फोट जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहे हैं। चुग ने दावा किया कि वर्ष 2027 में पंजाब की जनता बदलाव का फैसला करेगी और भाजपा राज्य में नई सरकार बनाएगी। पंजाब कई चुनौतियों से जूझ रहा वहीं, भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि अब प्रदेश के लोग भाजपा को एक नए विकल्प और उम्मीद के रूप में देख रहे हैं। समारोह के अंत में भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में खुद को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने में सफल होगी। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारी में जुटने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।