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अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी ट्रेन को आज मिलेगी हरी झंडी, मंत्री रवनीत बिट्टू करेंगे रवाना

अमृतसर नरकटियागंज और बगहा को नई सौगात मिली है. रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 14663/14664 अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस के संशोधित रूट और समय-सारणी की घोषणा कर दी है. इस नए फैसले से पश्चिम चंपारण जिले के रेल यात्रियों में खुशी की लहर है. खासकर नरकटियागंज, बगहा और इसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को अब पंजाब और पूर्वोत्तर भारत (NJP) जाने के लिए सीधी और बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।   इन स्टेशनों पर होगा ठहराव  रेलवे बोर्ड के आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह ट्रेन गोरखपुर, पनियहवा, नरकटियागंज और फारबिसगंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी. आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘अमृत भारत’ रेक के साथ चलने वाली यह ट्रेन रोजगार, शिक्षा और व्यापार के सिलसिले में बाहर जाने वाले लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगी. यह ट्रेन कम समय में लंबी दूरी तय कर यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगी।  39 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचेगी न्यू जलपाईगुड़ी यह ट्रेन दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर अमृतसर से रवाना होगी। लगभग 39 घंटे की यात्रा के बाद सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। वहीं वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 14663 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस 16 मई से प्रत्येक शनिवार को चलेगी। यह ट्रेन सुबह 8 बजे न्यू जलपाईगुड़ी से प्रस्थान करेगी और लगभग 42 घंटे बाद रात 2 बजकर 20 मिनट पर अमृतसर पहुंचेगी। मार्ग, ठहराव और कोच की जानकारी यात्रियों की सुविधा के लिए यह ट्रेन मार्ग में जलंधर सिटी, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, रक्सौल, सीतामढ़ी, अररिया, बागडोगरा और सिलीगुड़ी सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहराव करेगी। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाएं इस अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए स्लीपर श्रेणी के 8 कोच और जनरल श्रेणी के 11 कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे आम यात्रियों को किफायती और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस नई सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाएं। जानें क्या है समय-सारणी  ट्रेन संख्या 14664 अमृतसर से प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी और गोरखपुर के रास्ते शनिवार को न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 14663 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को एनजेपी से खुलेगी. रेलवे सूत्रों का कहना है कि चंपारण और सीमांचल के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है, जिससे हजारों यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। 

पंजाब में मौसम बदलेगा करवट: आज बारिश का अलर्ट, शुक्रवार से बढ़ेगी गर्मी और शुरू होगी हीटवेव

अमृतसर एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बाद पंजाब में आज भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब के कुछ जिलों में आज बारिश की संभावनाएं जताई जा रही हैं। लेकिन अब राहत खत्म होती दिख रही है। वीरवार से राज्य के तापमान में एक बार फिर बढ़ौतरी होने लगी है। वहीं, मौसम विभाग ने 17 मई से लू को लेकर भी यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आज कुछ इलाकों में तेज हवाएं, गरज चमक और हल्की बारिश की संभावना है। बीते दिन शाम के समय कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ौतरी देखने को मिली। बुधवार जारी आंकड़ों के अनुसार फरीदकोट प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में 12.6 एमएम बरसे बादल बठिंडा में 43.4 डिग्री, फाजिल्का में 40.7 डिग्री, फरीदकोट शहर में 40 डिग्री और भटिंडा में 41.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना में 38.8 डिग्री, अमृतसर में 38.5 डिग्री, चंडीगढ़ में 38.6 डिग्री और पटियाला में 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम बदलने के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। अमृतसर में 12.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां लोगों को हल्की राहत मिली। 15-16 मई सामान्य रहेगा मौसम 14 मई– गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मानसा, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का जिलों में गरज चमक और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई– पंजाब में किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की हवाएं चलने के आसार बने रहेंगे। वहीं, तापमान में भी हल्की बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। 16 मई- प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है और किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है। 17 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मानसा और बरनाला जिलों में लू को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने की सलाह दी है। बढ़ेगी गर्मी, लू से बचें वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होने के बाद अब राज्य में गर्मी बढ़ने लगेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी और बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम में बदलाव को देखते हुए फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्म हवाओं से बचाव के उपाय अपनाएं।  

वेरका दूध हुआ महंगा: प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी, जानिए नई रेट लिस्ट

चंडीगढ़  ट्राई सिटी के लोगों को अब वीरवार से वर्क का दूध महंगा खरीदना पड़ेगा। वेरका मिल्क प्लांट मोहाली ने भी दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 14 मई यानी वीरवार सुबह से लागू होंगी। जारी आदेश के अनुसार, वेरका ने विभिन्न श्रेणियों के दूध के दामों में प्रति लीटर 2 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके तहत 500 एमएल फुल क्रीम दूध अब 35 रुपये की बजाय 36 रुपये में मिलेगा, जबकि स्टैंडर्ड दूध 32 से बढ़कर 33 रुपये हो गया है। डबल टोंड दूध के दाम भी 26 से बढ़ाकर 27 रुपये प्रति पैकेट कर दिए गए हैं। गाय का दूध अब 31 रुपये में मिलेगा इसके अलावा 500 एमएल गाय का दूध अब 31 रुपये में उपलब्ध होगा। एक लीटर फुल क्रीम दूध की कीमत 69 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये कर दी गई है, जबकि स्टैंडर्ड दूध अब 63 रुपये की बजाय 65 रुपये में मिलेगा। दो लीटर फुल क्रीम दूध के लिए उपभोक्ताओं को अब 140 रुपये और स्टैंडर्ड दूध के लिए 128 रुपये चुकाने होंगे। मदर डेयरी और अमूल ने भी बढ़ाए दाम गौरतलब है कि बुधवार को मदर डेयरी और अमूल ने भी दामों में बढ़ोतरी की है। मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। वहीं, अमूल ने भी दो रुपये की बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई दरें बृहस्पतिवार से लागू होंगी। बढ़ोतरी का कारण उत्पादन लागत में वृद्धि बताया गया है।  

विजय के CM बनने के बाद बदली राजनीति! मान का आरोप- अब दिलजीत पर BJP की नजर

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है। पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी। विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

चिंताजनक रिपोर्ट: चंडीगढ़ की महिलाओं में खून की कमी, जंक फूड से जुड़ा खतरा बढ़ा

 चंडीगढ़  सिटी ब्यूटीफुल में महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) पाई गई है। 15 से 49 वर्ष की 60.3 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी से जूझ रही। इसकी एक वजह ज्यादा जंक फूंड खाना बताई जा रही है। इस बात की जानकारी केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से संसद में पेश रिपोर्ट में हुआ है। लाेकसभा में पेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ की महिलाओं की स्थिति पंजाब व हिमाचल प्रदेश से अधिक खराब है। पंजाब में 58.7 व हिमाचल में 53 प्रतिशत एनीमिया से पीड़ित है। डॉक्टरों के अनुसार ग्रामीण महिलाओं के मुकाबले शहरी महिलाओं में रेड बल्ड सेल की कमी का कारण जंक फूड का अधिक सेवन है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड में आयरन की मात्रा नहीं होती है। इनका अधिक सेवन सेहत के साथ खिलवाड़ करना है। केंद्र सरकार की ओर से एनीमिया के संकट से निपटने के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ियों में जाकर महिलाओं को पोषण के बारे में समय -समय पर जागरूक कर रहा है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश      स्थिति  चंडीगढ़                            60.3% पंजाब                              58.7% हरियाणा                         60.4% हिमाचल प्रदेश                53.0% जम्मू-कश्मीर                 65.9% डॉक्टरों ने यह बताई वजह डाॅक्टरों के अनुसार एनीमिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होना है, जब शरीर में रेड बल्ड सेल धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। इसके साथ बाडी को जरूरत के अनुसार डाइट नहीं मिलती तो इससे खून की कमी होने लगती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान को लेकर अनदेखी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रही है। खास तौर पर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हैं। इसका मुख्य कारण असमय व असंतुलित भोजन करना है। कामकाजी महिलाएं जहां फास्ट फूड व अनियमित खानपान की आदत के कारण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रही हैं, वहीं गृहणी खुद के सेहत की अनदेखी से बीमारियों की चपेट में आ रही हैं। बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा, फटी या लाल जीभ, भूख कम लगना, कमजोरी, थकान, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, हाइपरटेंशन यह सब शरीर में खून की कमी के लक्षण हो सकते है। यह चिंता का विषय क्यों है? क्लिनिकल हेमेटोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अरिहंत जैन बताते हैं, “कार्यरत महिलाएं असंतुलित आहार के कारण एनीमिया से विशेष रूप से प्रभावित होती हैं। आयरन की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं, और अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।” इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) कार्यक्रम भी शुरू किया था। इस प्रमुख पहल का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और किशोरों सहित छह लक्षित समूहों में इस बीमारी को कम करना है। आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि उचित आहार संबंधी आदतों से एनीमिया को नियंत्रित किया जा सकता है, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल है। एनीमिया के प्रसार और इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए जन स्वास्थ्य पहल और जागरूकता अभियान आवश्यक हैं। एनीमिया क्या है? शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एनीमिया हो जाता है, जिसका मुख्य कारण आयरन की कमी है। इससे थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। महिलाएं, विशेषकर प्रजनन आयु की महिलाएं, मासिक धर्म में रक्तस्राव और आहार में आयरन की अपर्याप्त मात्रा के कारण एनीमिया के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। खून बढ़ाने के लिए इनका करें सेवन     आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे बीफ, मीट, बीन्स, दाल, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां और सूखे मेवे।     फल और फलों के रस, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, हरी मटर, राजमा, मूंगफली और अनाज प्रोडक्ट्स     विटामिन बी 12- विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थों में मांस, डेयरी प्रोडक्ट और सोया     विटामिन सी- विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में खट्टे फल और जूस, मिर्च, ब्रोकोली, टमाटर, तरबूज आदि का सेवन करें।  

HC ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब: हरभजन सिंह को जरूरत से ज्यादा सुरक्षा देने पर उठे सवाल

लुधियाना पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) की सुरक्षा में तैनात 23 पंजाब पुलिस कर्मियों को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि आधिकारिक मंजूरी केवल आठ पुलिसकर्मियों की होने के बावजूद 15 अतिरिक्त कर्मियों को “अनौपचारिक” रूप से किस आधार पर तैनात किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार हरभजन सिंह की सुरक्षा के लिए केवल आठ पुलिसकर्मियों की स्वीकृति दिखाई देती है, जबकि 15 अन्य कर्मियों को कथित तौर पर सार्वजनिक धन के खर्च पर अनौपचारिक रूप से जोड़ा गया। अदालत ने इस मामले को केवल एक व्यक्ति तक सीमित न मानते हुए पंजाब में वीआईपी सुरक्षा संस्कृति की व्यापक जांच शुरू करने के संकेत दिए। कोर्ट ने शुरुआत में मोगा जिले में यह पता लगाने के आदेश दिए कि कितने लोगों को सुरक्षा कवर मिला हुआ है और उनके साथ कितने पुलिसकर्मी आधिकारिक तथा अनौपचारिक रूप से तैनात हैं। हाई कोर्ट ने एडीजीपी (सिक्योरिटी) और एसएसपी मोगा को विस्तृत हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया कि याचिकाकर्ताओं या उनके परिवारों को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति न पहुंचे। अदालत ने टिप्पणी की, “ऐसा प्रतीत होता है कि दो आदेशों के तहत आठ पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था। प्रथम दृष्टया लगता है कि 15 अन्य पुलिसकर्मियों को सरकारी खर्च पर अनौपचारिक रूप से लगाया गया।” मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में किसी प्रकार का और स्थगन नहीं दिया जाएगा। अपनी याचिका में हरभजन सिंह ने कहा कि उनकी सुरक्षा वापस लेने का आदेश बिना किसी नए खतरे के आकलन और बिना उन्हें सुनवाई का अवसर दिए जारी किया गया था। उन्होंने बताया कि वे 10 अप्रैल 2022 को आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे और जालंधर में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। याचिका में उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटाने से एक दिन पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने घोषणा की थी कि वह और छह अन्य सांसद, जिनमें हरभजन सिंह भी शामिल हैं, पार्टी छोड़ चुके हैं। इसके बाद बिना किसी नए खतरे संबंधी रिपोर्ट के उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। दो सुरक्षा मांगने वालों की अलग-अलग कहानी सुनवाई के दौरान अदालत के सामने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा अंतर भी सामने आया। एक ओर एक सांसद के पास 23 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा थी, जबकि दूसरी ओर कथित गैंग हमले से बचे एक व्यक्ति को केवल दिन के समय एक एएसआई की सुरक्षा दी गई। संबंधित मामले में सरकारी परिवहन और श्रम ठेकेदार तथा जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने गैंग से जान का खतरा बताते हुए अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरमान सग्गर ने अदालत को बताया कि 1 नवंबर 2025 को मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की थी। घटनास्थल से छह खाली कारतूस बरामद हुए थे और अगले दिन सुल्तानपुर लोधी थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि बाद में एक व्यक्ति ने खुले तौर पर घटना की जिम्मेदारी ली थी। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन अन्य अब भी फरार हैं। इसके बावजूद याचिकाकर्ता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। अदालत को बताया गया कि पहले उन्हें दो एएसआई दिए गए थे, लेकिन एक महीने बाद एक एएसआई हटा लिया गया और अब उनके पास केवल दिन के समय एक एएसआई की सुरक्षा ही बची है।

‘तीसरी चेतावनी’ से मचा हड़कंप: दिलजीत दोसांझ के मैनेजर को लेकर गैंगस्टर पोस्ट वायरल

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर फायरिंग की खबर ने सनसनी फैला दी है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। गैंग की ओर से टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें कहा गया कि हरियाणा के गोंदर गांव में दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर पर फायरिंग करवाई गई। पोस्ट में दावा किया गया कि यह हमला किसी फिरौती या आर्थिक फायदे के लिए नहीं किया गया, बल्कि एक चेतावनी के तौर पर किया गया है। दिलजीत की टीम का एक कर्मचारी लड़कियों का शोषण करता है और शो के दौरान महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करता है। ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान पंजाब की एक लड़की को झूठे सपने दिखाकर धोखा दिया गया। गैंग ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी दिलजीत दोसांझ और उनकी टीम को कई बार संदेश भेजकर उस कर्मचारी को टीम से हटाने के लिए कहा था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज किया गया। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो अगली बार बड़ा नुकसान किया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ना ही दिलजीत या उनकी टीम की तरफ से इस मामले पर कोई बयान सामने आया है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की पड़ताल की जा रही है।

पंजाब के रुके प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्टिव हुए CM मान, गडकरी संग नेशनल हाईवे पर बनाई रणनीति

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज दिल्ली दौरे पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पंजाब के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए कहा कि आज गडकरी जी से बड़ी खुलकर बात हुई है। जिसमें पंजाब के ओवरब्रिज, सदके, स्टेट हाईवे की मांग हमने रखी है। नेशनल हाईवे की भी बात रखी गई है। अमृतसर साहेब के फ्लाइ ओवर की बात हुई। मंत्री जी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। फिरोजपुर फाजिल्का हाई वे को और चौड़ा कर के नेशन हाई वे का दर्जा दिया जाएगा। आदमपुर के ओवरब्रिज में जो वर्किंग कैपिटल की कमी है। मंत्री जी ने बैंक गारंटी देने की बात कही है। बंगा से आनंदपुर साहिब की सड़क पर श्रद्धालुओं का बाउट आना जाना है। उसकी भी बात हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा।  फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को मिले NH का दर्जा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अमृतसर और बठिंडा के अधूरे प्रोजेक्ट अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मक्खू रेलवे ओवरब्रिज बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।

रिश्वत मामले में CBI का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़ से ठेकेदार और पिता-पुत्र गिरफ्तार

चंडीगढ़  विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद कराने के बदले 13 लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीबीआई ने ठेकेदार पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को सोमवार को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई ने पिता-पुत्र को तीन दिन के रिमांड पर लिया है जबकि तीसरे आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पंजाब डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। ओपी राणा फिलहाल फरार बताया जा रहा है। सीबीआई ने सोमवार रात मोहाली और मलोट में छापा मारा था। मोहाली में विजिलेंस का दफ्तर सील कर दिया था। मंगलवार सुबह सीबीआई फिर विजिलेंस दफ्तर पहुंची और जांच शुरू कर कुछ रिकॉर्ड जब्त कर लिए थे। बता दें, यह मामला पंजाब के एक राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।  शिकायतकर्ता के अनुसार ठेकेदार विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका बेटा राघव गोयल विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। आरोपियों ने खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, खासकर डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा का करीबी बताते हुए मामला निपटाने का भरोसा दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए गए थे। एके-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।  

अब आसान होगा चंडीगढ़ का सफर, लंबे इंतजार के बाद ट्रिब्यून चौक प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

 चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर और अंडरपास प्रोजेक्ट को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महत्वपूर्ण मंजूरी दे दी है। मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा यूटी इंजीनियरिंग विभाग को भेजे गए पत्र में एल-1 बोलीदाता से अतिरिक्त परफिर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने की अनुमति प्रदान की गई है। मालूम होगी पिछले महीने प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। जिस कंपनी ने सबसे कम बोली दी थी उसे अब टेंडर अलाट कर दिया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना के लिए एल-1 कंपनी ने निर्धारित लागत से 31.06 प्रतिशत कम दर पर बोली लगाई है। इसी कारण नियमों के तहत कंपनी से 4 करोड़ 73 लाख 53 हजार 652 रुपये की अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी मांगी जाएगी। यह राशि आरएफपी के तहत लागू सामान्य परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के अतिरिक्त होगी। यह परियोजना एनएच-05 पर एनएच (ओ) योजना के तहत ईपीसी मोड पर बनाई जानी है। इसमें ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर, रोटरी और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने परियोजना की स्वीकृति की वैधता को 31 मई 2026 तक बढ़ा दिया है और यूटी इंजीनियरिंग विभाग को प्राथमिकता के आधार पर एलओए (लेटर इफ अवार्ड) जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंत्रालय की ओर से जारी पत्र की प्रति यूटी चंडीगढ़ के सीपी डिवीजन नंबर-1 के कार्यकारी अभियंता को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। मालूम हो कि पिछले 7 साल से इस प्रोजेक्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य फ्लाईओवर निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दो वर्षों के भीतर पूरा करना है। करीब 1.6 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित फ्लाईओवर से ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। मूल ट्रैफिक आकलन के अनुसार इस चौक से प्रतिदिन लगभग 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें करीब 1.35 लाख यात्री वाहन शामिल हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुलाई 2025 में मंजूरी मिलने के बावजूद प्रशासन ने करीब सात महीने बाद इस वर्ष फरवरी में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। ‘ओवरलूप’ विकल्प क्या है? शहर के वास्तुकार और शहरी योजनाकार पर्ल अहलूवालिया और आश्रय आहूजा की संस्था यूआरएपी (Urban Research and Architecture Practice) ने “द ओवरलूप” नामक वैकल्पिक डिजाइन पेश किया है। यह मौजूदा ट्रिब्यून चौक राउंडअबाउट के ऊपर एक एलिवेटेड रोटरी का प्रस्ताव है, जिससे ट्रैफिक को दो स्तरों पर विभाजित कर सिग्नल-फ्री आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। डिजाइनरों का दावा है कि इससे ट्रैफिक क्षमता करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ेगी और मौजूदा फ्लाईओवर योजना के तहत प्रस्तावित लगभग 700 पेड़ों की जगह केवल 65 पेड़ों की कटाई करनी पड़ेगी। वास्तुकारों का कहना है कि “शहरी गतिशीलता का उद्देश्य कारों को नहीं, बल्कि लोगों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना होना चाहिए।” उनका आरोप है कि मौजूदा फ्लाईओवर योजना पुरानी सोच पर आधारित है और दुनिया भर के अनुभव बताते हैं कि शहरों के भीतर बने फ्लाईओवर अक्सर ट्रैफिक कम करने के बजाय बढ़ा देते हैं। यूआरएपी ने दावा किया कि उन्होंने चंडीगढ़ के अगले 50 वर्षों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में तीन साल लगाए। “द ओवरलूप” उसी योजना का हिस्सा है, जिसे 2019 में यूटी प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया गया था और दो अंतिम डिजाइनों में शामिल किया गया था। हालांकि उनका आरोप है कि बाद में मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही।  700 पेड़ों की कटाई पर विवाद परियोजना के विरोध का सबसे बड़ा कारण ट्रिब्यून चौक कॉरिडोर में लगभग 700 परिपक्व पेड़ों की प्रस्तावित कटाई है। हाई कोर्ट में दायर हलफनामों में कहा गया है कि जिन 17 आम के पेड़ों को काटा जाना है, वे हेरिटेज ग्रेड-1 श्रेणी वाले बाग का हिस्सा हैं। वास्तुकारों का कहना है कि नए पौधे लगाना पर्याप्त मुआवजा नहीं हो सकता। उनके अनुसार, “यह ऐसा है जैसे गोली के घाव पर सिर्फ बैंड-एड लगा दिया जाए।” उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की हरियाली और वृक्ष-पंक्तियां शहर की मूल पहचान का हिस्सा हैं, जिन्हें ली कार्बुजिए की मूल योजना में विशेष महत्व दिया गया था। मास्टर प्लान उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह परियोजना चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के खिलाफ है। मास्टर प्लान शहर के भीतर फ्लाईओवर निर्माण की अनुशंसा नहीं करता और हरित क्षेत्र संरक्षण को प्राथमिकता देता है। अमिकस क्यूरी तनु बेदी ने अदालत में दलील दी कि 1.6 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर मास्टर प्लान की मूल अवधारणा के अनुरूप नहीं है। पूर्व मुख्य वास्तुकार भी विरोध में चंडीगढ़ की पूर्व मुख्य वास्तुकार सुमित कौर लगातार इस परियोजना का विरोध कर रही हैं। उन्होंने इसे “अल्पदृष्टि और अस्थायी समाधान” बताते हुए कहा कि यह शहर की विशिष्ट शहरी पहचान को नुकसान पहुंचाएगा और ट्रैफिक जाम को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करेगा। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) विकसित करने और रिंग रोड बनाने जैसे विकल्प सुझाए हैं। प्रशासन का पक्ष यूटी प्रशासन का कहना है कि ट्रिब्यून चौक पर प्रतिदिन 1.5 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं और फ्लाईओवर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन ने बताया कि अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट द्वारा पेड़ों की कटाई पर लगी रोक हटाई जा चुकी है और सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट में दायर चुनौतियां भी खारिज हो चुकी हैं। प्रशासन ने सिंगला कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (Singla Constructions Limited) को 147.98 करोड़ की सबसे कम बोली (L1) देने वाली कंपनी के रूप में चुना है। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। Tribune Flyover Project: परियोजना से जुड़े प्रमुख तथ्य     कुल लागत: 247.07 करोड़ रुपये     अनुमानित लागत: 214.66 करोड़ रुपये     एल1 बोली: 147.98 करोड़ रुपये     लंबाई: 1.65 किलोमीटर     फ्लाईओवर लंबाई: 1,442 मीटर     अंडरपास लंबाई: 519 मीटर     निर्माण अवधि: 30 महीने     प्रतिदिन ट्रैफिक: 1.5 लाख वाहन