samacharsecretary.com

जीरकपुर में दर्दनाक हादसा, मनाली-दिल्ली बस अनियंत्रित होकर पलटी; कई यात्री घायल

 जीरकपुर  जीरकपुर। जीरकपुर के छत लाइट चौक के पास वीरवार रेट देर रात 3:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक निजी बस ट्रक की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। इस दुर्घटना में करीब 20 से 22 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को भी चोटें आई हैं। ऐसा हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब छत लाइट चौक के पास पहुंची तो उसी दौरान जीरकपुर से पटियाला की ओर जा रहे एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना तेज था कि कई यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू एक युवक के साथ सामने आया, जो बस पलटने के दौरान नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि युवक की बाजू बस के नीचे आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और गंभीर रूप से कट गई। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा के छह कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। बस सड़क के बीचों-बीच पलटी होने के कारण करीब दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। मौके पर पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सीधा किया गया और सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हादसे में बस के अलावा दो ट्रकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

वोटर लिस्ट जांच को लेकर बड़ा अभियान, पंजाब-चंडीगढ़ में BLO करेंगे डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं। SIR के तीसरी चरण के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। इस मुद्दे पर नेता विपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह ने कहा कि SIR के दौरान लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- गांव उसी का बचता है, जिसका चौकीदार जागता है। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेगी। पार्टी अपने वोटरों का ध्यान रखेगी और जिन लोगों की नई वोट बननी है, उनकी वोट भी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए तैनात कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी की वोट गलत तरीके से न काटी जा सके। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?     पेंशनर पहचान पत्र     किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र     जन्म प्रमाणपत्र     पासपोर्ट     10वीं की मार्कशीट     स्थायी निवास प्रमाणपत्र     वन अधिकार प्रमाणपत्र     जाति प्रमाणपत्र     राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम     परिवार रजिस्टर में नाम     जमीन या मकान आवंटन पत्र     आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने BJP को घेरा, अपराध के मुद्दे पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अपराध के मुद्दे पर भाजपा शासित राज्यों को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि जिन राज्यों में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, वहां अपराध तेजी से बढ़े हैं। चीमा कहा कि पंजाब में सख्त कार्रवाई और विशेष बलों के गठन के कारण अपराध की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी नियंत्रित है। अपराध के आंकड़ों में दिल्ली सबसे ऊपर है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अपराध दर 1602 अंक तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और चंडीगढ़ का भी उन्होंने जिक्र किया। चीमा ने कहा कि पंजाब में अपराध दर 227.1 अंक बताई गई है, जो अन्य कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए अलग-अलग विशेष बल तैयार किए हैं और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब में लोगों को सुरक्षित माहौल देना है। चंडीगढ़ मेें बढ़ने लगा अपराध हरपाल चीमा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी भाजपा जाती है, वहां कानून व्यवस्था खराब होने लगती है। उन्होंने चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लोग यहां केवल यातायात नियमों को लेकर सतर्क रहते थे, लेकिन अब यहां हत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने गायक दिलजीत दोसांझ से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। चीमा ने आरोप लगाया कि पहले भाजपा की ओर से उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश की गई और अब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिलजीत दोसांझ के प्रबंधक के घर पर हमला कर डराने की कोशिश की गई। चीमा ने इसे पंजाब विरोधी सोच बताया। लॉरेंस के मुद्दे पर भाजपा को घेरा वित्त मंत्री ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि लॉरेंस गुजरात की जेल में बंद है, लेकिन अलग-अलग राज्यों को जांच के लिए उसकी जरूरत होने के बावजूद उसे सुरक्षित रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर विभिन्न राज्यों में लोगों को डराने का माहौल बनाया जा रहा है। ईवीएम के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में हरपाल चीमा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 

पंजाब में FCI कर्मचारी की चमकी किस्मत, ₹1 करोड़ जीतकर बोले- पहले उतारूंगा कर्ज

लुधियाना लुधियाना के रहने वाले रणधीर सिंह की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब मात्र 7 रुपए की लॉटरी ने उन्हें करोड़पति बना दिया। जो शख्स कल तक दो वक्त की रोटी के लिए एफसीआई (FCI) में पसीना बहाता था और कर्ज के बोझ तले दबा था आज वह करोड़ों का मालिक बन चुका है।  लाखोवाल गांव के रणधीर सिंह (40) रोजाना की तरह काम पर थे। इसी दौरान उन्होंने कोहड़ा स्थित गुप्ता लॉटरी से सिक्किम स्टेट लॉटरी की 7-7 रुपए वाली 4 बंडल टिकटें खरीदीं। रणधीर बताते हैं कि उन्होंने बस यूं ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए ये टिकटें ली थीं। जैसे ही शाम 6 बजे ड्रॉ का परिणाम आया रणधीर को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम अपने नाम कर लिया था। 45 हजार से शुरू हुआ था सफर रणधीर के लिए लॉटरी का यह शौक नया नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब उन्होंने पहली बार हाथ आजमाया था तब उनकी 45 हजार रुपए की लॉटरी निकली थी। उस छोटी सी जीत ने उन्हें उम्मीद दी थी कि शायद कभी बड़ा बदलाव आए। तब से वह कभी-कभार अपनी किस्मत आजमा लिया करते थे। इस बार तो कुदरत ने उनके घर की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाने का फैसला कर लिया था। बीमारी और कर्ज से मिलेगी मुक्ति लॉटरी जीतने के बाद रणधीर की आंखों में खुशी के साथ-साथ पुराने संघर्षों के आंसू भी थे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि मुझ पर काफी कर्ज है। अपनी और पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए मैंने लोगों से पैसे उधार लिए थे, जिन्हें चुकाना मुश्किल हो रहा था। अब सबसे पहले मैं अपना सारा कर्ज उतारूंगा। रणधीर के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। अब तक वह संसाधनों की कमी के कारण उनकी वैसी सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसी वह चाहते थे। हालांकि अब वह अपने माता-पिता को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं। बच्चों का भविष्य: मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा रणधीर के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार है, जिसने कल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं की परीक्षा में 84% अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। रणधीर का संकल्प है कि अब वह इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। वह नहीं चाहते कि जो जिल्लत और मजदूरी उन्होंने झेली है वह उनके बच्चों को देखनी पड़े। एजेंसी पर जश्न का माहौल कल (13 मई) जब विजेता रणधीर सिंह लुधियाना की पूजा लॉटरी एजेंसी पर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एजेंसी के मालिकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपनी मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से करोड़पति बन गया।  

सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों की खैर नहीं, पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में

 चंडीगढ़ पंजाब में अब सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने की आजादी कानून के दायरे में कसकर तौली जाएगी।  इंस्टाग्राम रील, फेसबुक पोस्ट, यूट्यूब वीडियो या अन्य प्लेटफॉर्म पर अश्लील, भड़काऊ और गैरकानूनी कंटेंट डाल वायरल होने की चाह अब जेल पहुंचा देगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। पंजाब के डीजीपी ने राज्यभर के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह आदेश पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने निर्णय लेने को कहा था पीपुल वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह के माध्यम से दाखिल प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा अश्लील और अवैध कंटेंट समाज, सार्वजनिक व्यवस्था और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित कर रहा है। हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को राज्य सरकार और पुलिस को इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने को कहा था। डीजीपी कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी होगी। जो भी अश्लील, अपमानजनक या कानून विरोधी सामग्री तैयार करेगा, अपलोड करेगा या वायरल करेगा, उसके खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अब सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि खुद ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करेंगे। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कंटेंट हटाने या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से उन पोस्ट और वीडियो पर नजर रखने को कहा है जो हिंसा भड़का सकते हैं, सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं, संभावित उपद्रवियों के खिलाफ पहले से निवारक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने सभी जिलों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।  

बीएसएफ मुख्यालय धमाके का आरोपी दबोचा गया, जांच में गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया

जालंधर  जालंधर स्थित बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार इस आतंकी साजिश के मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।  सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उसके खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े मिले हैं। ब्लास्ट करवाने का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के युवकों से संपर्क साध रखा था। बस स्टैंड से पीछा कर दिल्ली में पकड़ा गया जानकारी के अनुसार, संदिग्ध आरोपी का जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक करते हुए दिल्ली तक पीछा किया गया और आखिरकार उसे दबोच लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार गहन पूछताछ कर रही हैं। 17 युवकों को हिरासत में लिया जा चुका है वहीं दूसरी ओर, पंजाब में इस मामले को लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में छापेमारी और जांच करती रहीं। अब तक कुल 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ जा चुकी है। इनमें से अधिकतर युवक सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जालंधर पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर नवांशहर से भी 3 युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके तार इस ब्लास्ट से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर पंजाब में हाई अलर्ट जारी है और कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच मई की शाम को हुआ था धमाका जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पांच मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ था। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं।  इसके बाद जांच में खुलासा हुआ था कि सफेद टीशर्ट पहने आतंकी ने इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। विस्फोट स्थल से मात्र 10 कदम दूर पंजाब पुलिस का नाका लगा था, फिर भी हमलावर बड़े आराम से निकल गया। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात को दो युवकों ने मिलकर अंजाम दिया है। डिलीवरी सिस्टम का किया गया था इस्तेमाल इस हमले की सबसे अहम कड़ी डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल है। एक डिलीवरी एजेंट अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के तहत बीएसएफ मुख्यालय पार्सल देने पहुंचा था। सुरक्षा नियमों के चलते उसे स्कूटी बाहर खड़ी करनी पड़ी। यह डिलीवरी बॉय जांच में साफ निकला है। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो सामने आया कि बीएसएफ के पास स्थित शराब के ठेके के करीब सफेद टीशर्ट पहने युवक गायब हो गया।  वह पहले हाथ में लिफाफा लेकर आता है और स्कूटी के पास रखकर तेजी से निकल जाता है। जांच में सामने आया है कि विस्फोट के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया गया है। यह सटीक टाइमिंग बताती है कि हमलावर ने पहले से रेकी की थी।  

12वीं के मेधावी छात्रों को CM मान का सम्मान, टॉपर्स और पेरेंट्स से करेंगे मुलाकात

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मांन आज (14 मई) अपने सरकारी आवास चंडीगढ़ में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के 12वीं के टॉपर्स से मुलाकात करेंगे। पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री टॉपर्स को स्कॉलरशिप के चेक सौंपेंगे और विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सम्मानित कर बधाई देंगे। बता दें कि बुधवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से 12वीं का रिजल्ट जारी किया गया था, जिसमें तीन छात्राओं ने टॉप किया। 91.46 प्रतिशत रहा रिजल्ट जारी 12वीं के रिजल्ट में 2 लाख 65 हजार 417 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 2 लाख 42 हजार 755 छात्र पास हुए। बोर्ड का ओवरऑल रिजल्ट 91.46 प्रतिशत रहा। इस बार मानसा के गुरुकुल एकेडमी पब्लिक स्कूल की सुप्रीत कौर, लुधियाना के BCM पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सुहानी चौहान और स्वतंत्र मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए। तीनों छात्राओं ने पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। जिला वाइज पास प्रतिशत सूची अमृतसर-96.00% पठानकोट- 95.66% एसएएस नगर (मोहाली)- 95.62% गुरदासपुर- 95.36% कपूरथला- 95.31% फरीदकोट- 94.63% फिरोजपुर- 93.87% एसबीएस नगर (नवांशहर)- 93.86% होशियारपुर- 93.15% रूपनगर- 92.83% पटियाला- 91.40% तरनतारन- 91.22% मानसा- 90.54% मोगा- 90.34% बरनाला- 90.26% फतेहगढ़ साहिब- 90.16% जालंधर- 90.14% मलेरकोटला- 89.45% संगरूर- 88.76% बठिंडा- 88.19% फाजिल्का- 87.64% श्री मुक्तसर साहिब- 87.64% लुधियाना- 87.04%  

नगर निगम चुनाव: अकाली दल ने जारी की पहली लिस्ट, 44 प्रत्याशियों के नाम घोषित

चंडीगढ़  शिरोमणि अकाली दल ने 26 मई को होने वाले बठिंडा नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। बुधवार को पार्टी द्वारा जारी इस सूची में कुल 50 वार्डों में से 44 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं, जबकि यह भी कहा गया है कि शेष 6 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम भी जल्द ही घोषित किए जाएंगे। पार्टी के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति, जिसमें बठिंडा शहरी हल्का प्रभारी इकबाल सिंह बबली ढिल्लों, शहरी जिला अध्यक्ष सुशील कुमार गोल्डी और इंदरजीत सिंह बरार शामिल थे। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और सांसद हरसिमरत कौर बादल के साथ चर्चा के बाद यह सूची जारी की है। शिरोमणि अकाली दल के शहरी निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी इकबाल सिंह बबली ढिल्लों ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी नगर निगम चुनावों में पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि पिछले 10 वर्षों से अकाली दल सरकार द्वारा किए गए कार्यों और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए शहर के निवासी पार्टी को चुनावों में जनादेश देंगे। इस मौके पर, जिला प्रेस सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने पहली सूची में शामिल उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की।

मान सरकार का बड़ा ऐलान: अग्निवीरों के लिए बनेगी आरक्षण नीति, कमेटी गठित

चंडीगढ़ अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीर के रूप में अपना सेवाकाल पूरा करने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए पंजाब सरकार ने अग्निवीरों के लिए आरक्षण नीति तैयार करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिविल एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने के लिए रूपरेखा तैयार करेगी।  आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि इस नीति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवा पंजाब के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न हिस्सा बन सकें। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आरक्षण नीति की रूपरेखा को व्यापक दृष्टिकोण से तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सेवा करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके और उनके कौशल का उपयोग पंजाब की प्रगति के लिए किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में अग्निवीरों के आरक्षण और भर्ती संबंधी सिफारिशें तैयार करने तथा रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों विकास प्रताप, भावना गर्ग, सुमेर सिंह गुर्जर और एस.एस. श्रीवास्तव पर आधारित समिति का गठन किया है।   अग्निवीरों की क्षमता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सेवाओं का उपयोग पंजाब पुलिस, वन रक्षक, अग्निशमन सेवाओं, जेल विभाग, होमगार्ड, पेस्को तथा सरकार के कई अन्य विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अग्निवीरों के आरक्षण और चयन से संबंधित मानदंडों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि इन कुशल एवं अनुशासित युवाओं की सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ पंजाब को देश की तलवार भुजा के रूप में भी जाना जाता है। पंजाब के लोगों को दुनिया भर में उनकी बहादुरी, मेहनत और उद्यमशीलता के लिए सम्मान प्राप्त है।” सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अग्निवीरों द्वारा देश की रक्षा में दिए गए अतुलनीय योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार पहले से ही ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पहल सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कदम अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा देश सेवा के बाद उनके परिवारों को सहारा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।    

पदभार ग्रहण करते ही एक्शन में तरुणप्रीत सौंद, बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आज पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से बिजली मंत्री का पदभार संभाला। पदभार संभालने के बाद बिजली मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान आने वाले धान (पैडी) सीजन के लिए कम से कम 8 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के किसानों को लगातार बिजली आपूर्ति दी जाए ताकि कृषि कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सकें। तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा और धान के सीजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, क्योंकि यह राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मौजूदा बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचे के उन्नयन और रखरखाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि बिजली कटौती को कम किया जा सके और आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके। उन्होंने जहां जरूरत हो, वहां ट्रांसफॉर्मरों, ट्रांसमिशन लाइनों और अन्य उपकरणों के समय पर बदलाव और क्षमता बढ़ाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा। मंत्री ने बिजली आपूर्ति से संबंधित जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे और प्रभावी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक मांग वाले सीजन के दौरान किसी भी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। अंत में तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि सरकार घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. बसंत गर्ग, डायरेक्टर डिस्ट्रीब्यूशन डॉ. इंदरपाल सिंह, डायरेक्टर फाइनेंस एस.के. बेरी और डायरेक्टर कमर्शियल इंजीनियर हरशरण कौर त्रेहन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।