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रिश्वत मामले में CBI का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़ से ठेकेदार और पिता-पुत्र गिरफ्तार

चंडीगढ़  विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद कराने के बदले 13 लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीबीआई ने ठेकेदार पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को सोमवार को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई ने पिता-पुत्र को तीन दिन के रिमांड पर लिया है जबकि तीसरे आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पंजाब डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। ओपी राणा फिलहाल फरार बताया जा रहा है। सीबीआई ने सोमवार रात मोहाली और मलोट में छापा मारा था। मोहाली में विजिलेंस का दफ्तर सील कर दिया था। मंगलवार सुबह सीबीआई फिर विजिलेंस दफ्तर पहुंची और जांच शुरू कर कुछ रिकॉर्ड जब्त कर लिए थे। बता दें, यह मामला पंजाब के एक राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।  शिकायतकर्ता के अनुसार ठेकेदार विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका बेटा राघव गोयल विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। आरोपियों ने खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, खासकर डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा का करीबी बताते हुए मामला निपटाने का भरोसा दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए गए थे। एके-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।  

अब आसान होगा चंडीगढ़ का सफर, लंबे इंतजार के बाद ट्रिब्यून चौक प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

 चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर और अंडरपास प्रोजेक्ट को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने महत्वपूर्ण मंजूरी दे दी है। मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा यूटी इंजीनियरिंग विभाग को भेजे गए पत्र में एल-1 बोलीदाता से अतिरिक्त परफिर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने की अनुमति प्रदान की गई है। मालूम होगी पिछले महीने प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। जिस कंपनी ने सबसे कम बोली दी थी उसे अब टेंडर अलाट कर दिया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना के लिए एल-1 कंपनी ने निर्धारित लागत से 31.06 प्रतिशत कम दर पर बोली लगाई है। इसी कारण नियमों के तहत कंपनी से 4 करोड़ 73 लाख 53 हजार 652 रुपये की अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी मांगी जाएगी। यह राशि आरएफपी के तहत लागू सामान्य परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के अतिरिक्त होगी। यह परियोजना एनएच-05 पर एनएच (ओ) योजना के तहत ईपीसी मोड पर बनाई जानी है। इसमें ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर, रोटरी और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने परियोजना की स्वीकृति की वैधता को 31 मई 2026 तक बढ़ा दिया है और यूटी इंजीनियरिंग विभाग को प्राथमिकता के आधार पर एलओए (लेटर इफ अवार्ड) जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंत्रालय की ओर से जारी पत्र की प्रति यूटी चंडीगढ़ के सीपी डिवीजन नंबर-1 के कार्यकारी अभियंता को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। मालूम हो कि पिछले 7 साल से इस प्रोजेक्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य फ्लाईओवर निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दो वर्षों के भीतर पूरा करना है। करीब 1.6 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित फ्लाईओवर से ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। मूल ट्रैफिक आकलन के अनुसार इस चौक से प्रतिदिन लगभग 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें करीब 1.35 लाख यात्री वाहन शामिल हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुलाई 2025 में मंजूरी मिलने के बावजूद प्रशासन ने करीब सात महीने बाद इस वर्ष फरवरी में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। ‘ओवरलूप’ विकल्प क्या है? शहर के वास्तुकार और शहरी योजनाकार पर्ल अहलूवालिया और आश्रय आहूजा की संस्था यूआरएपी (Urban Research and Architecture Practice) ने “द ओवरलूप” नामक वैकल्पिक डिजाइन पेश किया है। यह मौजूदा ट्रिब्यून चौक राउंडअबाउट के ऊपर एक एलिवेटेड रोटरी का प्रस्ताव है, जिससे ट्रैफिक को दो स्तरों पर विभाजित कर सिग्नल-फ्री आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। डिजाइनरों का दावा है कि इससे ट्रैफिक क्षमता करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ेगी और मौजूदा फ्लाईओवर योजना के तहत प्रस्तावित लगभग 700 पेड़ों की जगह केवल 65 पेड़ों की कटाई करनी पड़ेगी। वास्तुकारों का कहना है कि “शहरी गतिशीलता का उद्देश्य कारों को नहीं, बल्कि लोगों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना होना चाहिए।” उनका आरोप है कि मौजूदा फ्लाईओवर योजना पुरानी सोच पर आधारित है और दुनिया भर के अनुभव बताते हैं कि शहरों के भीतर बने फ्लाईओवर अक्सर ट्रैफिक कम करने के बजाय बढ़ा देते हैं। यूआरएपी ने दावा किया कि उन्होंने चंडीगढ़ के अगले 50 वर्षों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने में तीन साल लगाए। “द ओवरलूप” उसी योजना का हिस्सा है, जिसे 2019 में यूटी प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया गया था और दो अंतिम डिजाइनों में शामिल किया गया था। हालांकि उनका आरोप है कि बाद में मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही।  700 पेड़ों की कटाई पर विवाद परियोजना के विरोध का सबसे बड़ा कारण ट्रिब्यून चौक कॉरिडोर में लगभग 700 परिपक्व पेड़ों की प्रस्तावित कटाई है। हाई कोर्ट में दायर हलफनामों में कहा गया है कि जिन 17 आम के पेड़ों को काटा जाना है, वे हेरिटेज ग्रेड-1 श्रेणी वाले बाग का हिस्सा हैं। वास्तुकारों का कहना है कि नए पौधे लगाना पर्याप्त मुआवजा नहीं हो सकता। उनके अनुसार, “यह ऐसा है जैसे गोली के घाव पर सिर्फ बैंड-एड लगा दिया जाए।” उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की हरियाली और वृक्ष-पंक्तियां शहर की मूल पहचान का हिस्सा हैं, जिन्हें ली कार्बुजिए की मूल योजना में विशेष महत्व दिया गया था। मास्टर प्लान उल्लंघन का आरोप याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह परियोजना चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के खिलाफ है। मास्टर प्लान शहर के भीतर फ्लाईओवर निर्माण की अनुशंसा नहीं करता और हरित क्षेत्र संरक्षण को प्राथमिकता देता है। अमिकस क्यूरी तनु बेदी ने अदालत में दलील दी कि 1.6 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर मास्टर प्लान की मूल अवधारणा के अनुरूप नहीं है। पूर्व मुख्य वास्तुकार भी विरोध में चंडीगढ़ की पूर्व मुख्य वास्तुकार सुमित कौर लगातार इस परियोजना का विरोध कर रही हैं। उन्होंने इसे “अल्पदृष्टि और अस्थायी समाधान” बताते हुए कहा कि यह शहर की विशिष्ट शहरी पहचान को नुकसान पहुंचाएगा और ट्रैफिक जाम को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करेगा। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) विकसित करने और रिंग रोड बनाने जैसे विकल्प सुझाए हैं। प्रशासन का पक्ष यूटी प्रशासन का कहना है कि ट्रिब्यून चौक पर प्रतिदिन 1.5 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं और फ्लाईओवर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन ने बताया कि अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट द्वारा पेड़ों की कटाई पर लगी रोक हटाई जा चुकी है और सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट में दायर चुनौतियां भी खारिज हो चुकी हैं। प्रशासन ने सिंगला कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (Singla Constructions Limited) को 147.98 करोड़ की सबसे कम बोली (L1) देने वाली कंपनी के रूप में चुना है। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। Tribune Flyover Project: परियोजना से जुड़े प्रमुख तथ्य     कुल लागत: 247.07 करोड़ रुपये     अनुमानित लागत: 214.66 करोड़ रुपये     एल1 बोली: 147.98 करोड़ रुपये     लंबाई: 1.65 किलोमीटर     फ्लाईओवर लंबाई: 1,442 मीटर     अंडरपास लंबाई: 519 मीटर     निर्माण अवधि: 30 महीने     प्रतिदिन ट्रैफिक: 1.5 लाख वाहन  

PSEB 12वीं में बेटियों का जलवा: मानसा-लुधियाना की छात्राओं ने हासिल किए पूरे नंबर

चंडीगढ़    पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने बुधवार को 12वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी मेरिट सूची में छात्राओं का दबदबा रहा। खास बात यह रही कि राज्य में पहले तीन स्थान हासिल करने वाली सभी छात्राओं ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया। बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि इन छात्राओं ने पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिसके चलते उन्हें खेल कोटे के अतिरिक्त अंक भी मिले। पहला स्थान हासिल करने वाली सुपनीत कौर मानसा जिले के गांव उभा की रहने वाली हैं। वह शूटिंग खिलाड़ी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। दूसरे स्थान पर रहीं सुहानी चौहान बेसबॉल खिलाड़ी हैं और पंजाब स्तर की प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं। तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली देवांसी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी हैं और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। मानसा और लुधियाना में खुशी का माहौल नतीजों के बाद मानसा के गांव उभा में सुपनीत कौर की सफलता का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, लुधियाना के दो स्कूलों की छात्राओं ने राज्य मेरिट सूची में दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। परिणामों ने एक बार फिर साबित किया कि पंजाब की बेटियां शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। रिजल्ट कैसे देखें     आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं।     होमपेज पर, PSEB कक्षा 12वीं रिजल्ट 2026 लिंक पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और जन्म तिथि डालें, और सबमिट बटन दबाएं।     रिजल्ट सेव और डाउनलोड कर लें।  

CHB हाउसिंग पर बड़ा फैसला: चुनिंदा बदलावों को मंजूरी देने की सिफारिश, दोबारा सर्वे शुरू

चंडीगढ़  चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकानों में किए गए बदलावों और अतिरिक्त निर्माणों की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी शहर के 65 हजार से ज्यादा CHB मकानों में हुए नीड बेस्ड चेंजेज की जांच करेगी।  2023 में लाई गई थी पॉलिसी CHB मकानों में लंबे समय से लोग अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त कमरे, बालकनी कवर, किचन एक्सटेंशन और अन्य निर्माण कर रहे हैं। इन बदलावों को लेकर लगातार विवाद बना हुआ था। इसके बाद 2023 में प्रशासन ने नीड बेस्ड चेंजेज पॉलिसी लागू की थी, ताकि कुछ निर्माणों को नियमों के तहत मंजूरी दी जा सके। हालांकि, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों और मकान मालिकों का कहना है कि यह पॉलिसी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी और इसमें कई तरह की तकनीकी शर्तें रखी गईं, जिनके कारण लोगों को राहत नहीं मिल सकी। सेक्टर-41 और 45 में कार्रवाई के बाद भड़का विवाद मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब हाल ही में CHB ने सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में अवैध एक्सटेंशन और निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। कई राजनीतिक दलों ने भी प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और लोगों के पक्ष में बयान दिए। निवासियों का कहना था कि वर्षों से बने निर्माणों को अचानक अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है, जबकि प्रशासन पहले इस पर चुप था। लोगों ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करने की मांग भी उठाई, ताकि जुर्माना लेकर निर्माण नियमित किए जा सकें। किन बदलावों को मिलेगी मंजूरी, कमेटी करेगी फैसला नई कमेटी यह तय करेगी कि किन बदलावों को नियमित किया जा सकता है और कौन से निर्माण पूरी तरह नियमों के खिलाफ हैं। प्रशासन फिलहाल सभी निर्माणों को नियमित करने के पक्ष में नहीं है। माना जा रहा है कि केवल चुनिंदा बदलावों को ही मंजूरी देने की सिफारिश की जा सकती है। CHB के अधिकारियों का कहना है कि मकानों की मूल संरचना और सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ निवासी चाहते हैं कि कई साल पुराने निर्माणों को मानवीय आधार पर राहत दी जाए। शहर में हजारों परिवार प्रभावित CHB कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार इस फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की नीति और कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल शहर में इस मुद्दे को लेकर लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।  

पंजाब में हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री और BJP प्रदेश अध्यक्ष को मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय

चंडीगढ़  पंजाब CM भगवंत मान और पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाखड़ को जान से मारने की धमकी आई है। उन्हें बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल से आई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों एक्टिव मोड़ पर आ गई हैं।ईमेल में भगवंत मान और सुनील जाखड़ को सिखों का दुश्मन बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि CM ऑफिस को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर बेअंत (पंजाब के पूर्व CM) की तरह उड़ाएंगे। और पंजाब व दिल्ली में भाजपा के ऑफिस में रात 9 बजकर 11 मिनट पर धमाके होंगे। ईमेल में ये बातें लिखी हैं… पंजाब सरकार और प्रशासन को भेजे गए ईमेल में लिखा है- पंजाब CM ऑफिस और बीजेपी ऑफिस में बम धमाके होंगे। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। सिखों के दुश्मन भगवंत मान और सुनील जाखड़ दोनों को ठोकेंगे। आगे लिखा है- पंजाब CM ऑफिस में दोपहर 1:11 बजे धमाका होगा। बेअंत की तरह हमला करेंगे। वहीं, बीजेपी ऑफिस पंजाब-दिल्ली में रात 9:11 बजे बम धमाके होंगे। ईमेल में लिखा है- सुनील जाखड़ को 6 जून तक ठोकना है। इसके पिता बलराम जाखड़ ने 1984 में कहा था, “हम एक मिलियन सिख मारेंगे इंडिया, भारत, हिंदोस्तान की हदबंदी बचाने के लिए।”

चुनावी माहौल में पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, कई सीनियर IAS अफसरों के विभाग बदले

चंडीगढ़ पंजाब सरकार निकाय चुनावों से पहले चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जालंधर मंडल, सेहत, लोक संपर्क और रूपनगर प्रशासन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है। पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन बदलावों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपीं पंजाब सरकार ने शुक्रवार को सात आईएएस अधिकारियों के तबादलों और नई नियुक्तियों का आदेश दिया। यह आदेश प्रशासन में बड़े फेरबदल के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य शासन व्यवस्था को मजबूत करना और सभी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाना है। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने ये आदेश जारी किए और सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने का निर्देश दिया। आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव को सामान्य प्रशासन एवं समन्वय विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अर्शदीप सिंह थिंद को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ-साथ जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। अमित तलवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें मादक पदार्थों से संबंधित मामलों और जाति जनगणना अभियानों के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किया गया है। परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया है। गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि जसबीर सिंह-II को पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी बीच, 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पल्लवी मिश्रा को कलानौर का उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नियुक्त किया गया है। इससे पहले दिन में, पंजाब सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत छह आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों सहित 45 अधिकारियों का तबादला किया था। प्रशासनिक सुधार के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नई नियुक्तियां की गईं। इस फेरबदल को सरकार द्वारा गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व जैसे विभागों में प्रशासनिक कामकाज को सुदृढ़ करने और कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख नियुक्तियों में नीलिमा को गृह मामलों की सचिव के पद पर तैनात किया गया है।

पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, चंडीगढ़ में बढ़ाई गई सुरक्षा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार सचिवालय को ईमेल/फोन के माध्यम से बम धमाके की धमकी मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद सचिवालय भवन में तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के हर फ्लोर, पार्किंग एरिया, एंट्री गेट और संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। एहतियात के तौर पर सचिवालय में आने-जाने वाले लोगों की जांच बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों और आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। हाई अलर्ट पर पुलिस प्रशासन धमकी के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साइबर टीम धमकी भरे संदेश की जांच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी कहां से भेजी गई। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां गौरतलब है कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई सरकारी संस्थानों और महत्वपूर्ण इमारतों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में जांच के दौरान धमकियां फर्जी पाई गई थीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पंजाब सरकार में बड़ा बदलाव: अमन अरोड़ा बने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज उद्योग भवन, चंडीगढ़ में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। अरोड़ा पहले से ही रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बनाना है। इसके लिए लालफीताशाही खत्म कर टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और हर औद्योगिक विस्तार में स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य अब कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जिससे राज्य में सर्कुलर अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति अधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए। पदभार ग्रहण करने के बाद, अरोरा ने मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रति उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता लालफीताशाही को कम करके, टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा देकर और यह सुनिश्चित करके कि प्रत्येक औद्योगिक विस्तार से स्थानीय रोजगार सृजित हों, पंजाब को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना होगा। इसके अलावा, औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और शासन सुधार को जोड़ने वाला एक सुचारू तंत्र तैयार करना भी उनकी प्राथमिकता होगी। अमन अरोरा ने कहा, "मेरा लक्ष्य पंजाब को 'व्यवसाय करने में आसानी' के लिए एक आदर्श बनाना है, साथ ही हमारे युवाओं के लिए सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार सृजित करना है।" उन्होंने आगे कहा कि अब जब उद्योग और वाणिज्य को कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जोड़ा गया है, तो राज्य एक चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है जहां विकास, हरित ऊर्जा और रोजगार साथ-साथ चलते हैं। इससे पहले, उद्योग भवन पहुंचने पर अरोरा का प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकीरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) की उपाध्यक्ष सुसीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका, उद्योग सचिव मोहिंदर पाल, उद्योग निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब इन्फोटेक के एमडी एचएस बराड़, पीएसआईडीसी के एमडी हरप्रीत सिंह सूडान और पंजाब वित्तीय निगम की एमडी सुसेनु दुग्गल ने हार्दिक स्वागत किया। अमन अरोरा ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने उन्हें चल रही औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाने और राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया।

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में तैयारियां तेज, रिटर्निंग ऑफिसर दफ्तरों में CCTV से होगी मॉनिटरिंग

 चंडीगढ़ पंजाब में 105 नगर निकायों के लिए उम्मीदवार आज से नामांकन दाखिल कर सकेंगे और साथ ही नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिलों की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई निर्धारित की गई है। प्रदेश के 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के आम चुनाव 26 मई को होंगे और 29 को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्रों सहित नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिले की सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और साथ ही इसका लिंक आयोग की वेबसाइट sec.punjab.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगा। साथ ही मतदाता अपने इलाके के उम्मीदवार के संबंध में भी वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी दलों ने चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  वहीं, नामांकन करने वाला उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम 4 लोगों को ही ले जा सकेगा। यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दल कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होगी। जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी उम्मीदवार को चुनाव अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर आवेदन करना होगा। इसके बाद उनकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। 18 मई को स्क्रूटनी होगी। सभी उम्मीदवारों को उस दिन चुनाव कार्यालय जाने की अनुमति होगी। इस दौरान वे रिटर्निंग अफसर के सामने अपने एतराज रख सकेंगे। यदि किसी उम्मीदवार का फार्म रिजेक्ट होता है तो उसकी जानकारी भी दी जाएगी। 19 मई नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। 105 जगह होंगे निकाय चुनाव आठ नगर निगमों में चुनाव होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी चुनाव शहरी क्षेत्रों में होंगे। 36 लाख वोटर करेंगे मतदान प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने की तैयारी की है। कुल 36,72,932 मतदाता वोट करेंगे। इनमें 18,00,990 पुरुष, 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं। आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है। इस संबंध में सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद तबादलों पर रोक लग जाएगी। पार्टी निशान पर लड़ सकेंगे चुनाव राजनीतिक दल पार्टी निशान पर भी चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया गया है। नामांकन फार्म के साथ एफिडेविट भी जमा करवाना होगा। सारी जानकारी ऑनलाइन अपडेट की जाएगी, ताकि लोग उम्मीदवारों की प्रोफाइल देख सकें। इसके लिए एक अलग लिंक जारी किया जाएगा। निगम चुनाव में 4 लाख तक खर्च की सीमा नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। नगर काउंसिलों के लिए खर्च सीमा 3.60 लाख, 2.30 लाख और 2 लाख रुपए तय की गई है। वहीं नगर पंचायत चुनाव के लिए 1.40 लाख रुपए खर्च सीमा निर्धारित की गई है। हर बूथ पर तैनात होंगे 5 कर्मचारी निकाय चुनाव के लिए करीब 4 हजार बूथ बनाए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया में 36 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। पुलिस के साथ पूरा तालमेल रखा गया है। करीब 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। हर बूथ पर पांच कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वीडियोग्राफी से रखी जाएगी नजर पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। रिटर्निंग अफसर के कमरे के अंदर और बाहर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ केवल चार लोग ही अंदर जा सकेंगे। रिटर्निंग अफसर के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसी को हथियार जमा करवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। 29 मई को आएंगे नतीजे निकाय चुनाव के परिणाम महीने के आखिर में 29 मई को घोषित किए जाएंगे. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणी अकाली दल ने चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।  चुनाव में पार्टियों से टिकट लेने के लिए उम्मीदवारों में होड़ मची हुई है. पंजाब के होशियारपुर नगर निगम को लेकर भी राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव न कराने का फैसला लिया है. वोटर लिस्ट को दोबारा से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  बता दें कि वोटर लिस्ट को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई थी. इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने समीक्षा की और सही वोटर लिस्ट जारी करने के लिए कहा है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

पंजाब की राजनीति में हलचल, भाजपा नेता अनिल कुमार सेठी ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन

चंडीगढ़  फाजिल्का जिले में भारतीय जनता पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब भाजपा के सीनियर नेता अनिल कुमार सेठी अपने साथियों सहित आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अनिल कुमार सेठी को औपचारिक रूप से पार्टी का सिरोपा पहनाकर 'आप' परिवार में शामिल करवाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर दूसरी पार्टियों के ईमानदार नेता लगातार आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अनिल सेठी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से फाजिल्का इलाके में पार्टी के संगठन को नई ताकत मिलेगी।