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बांग्लादेश को निर्यात हुए भारतीय रेल कोच, फिरोजपुर रेलवे मंडल को मिला बड़ा राजस्व

फिरोजपुर रेलवे की ओर से स्वदेशी रेल कोचों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। फिरोजपुर मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से 18 एलएचबी कोचों की पहली रेक हुसैनपुर रेलवे स्टेशन से बांग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन के लिए सफलतापूर्वक रवाना की गई। फिरोजपुर रेलवे मंडल को 91.73 लाख रुपये का मिला राजस्व इस निर्यात से फिरोजपुर रेलवे मंडल को 91.73 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत भेजे गए सभी 18 एलएचबी कोच रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में निर्मित किए गए हैं। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की परिचालन संबंधी जरूरतों और यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह उपलब्धि फिरोजपुर मंडल, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला, राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज) लिमिटेड और बांग्लादेश रेलवे के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। इससे भारतीय रेलवे की व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वदेशी रेल तकनीक और विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।  वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि यह पहल बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के निरंतर प्रयासों और विभिन्न संस्थानों के साथ बेहतर तालमेल से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से भारतीय रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे। 'मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड’ के विजन के अनुरूप यह उपलब्धि वैश्विक रेलवे क्षेत्र में भारत की उपस्थिति मजबूत करने और देश में निर्मित रेल कोचों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम है।

₹75 करोड़ के प्रोजेक्ट पर विजिलेंस जांच में देरी, BJP अध्यक्ष मल्होत्रा शिकायतकर्ता

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के मनीमाजरा में 75 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किए गए जलापूर्ति प्रोजेक्ट की विजिलेंस जांच एक साल से ठंडे बस्ते में पड़ी है। इसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था, लेकिन इसके बाद भी परियोजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के आरोप लगाए।  प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की शिकायत चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार से की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच चंडीगढ़ विजिलेंस को सौंपी थी। इसके बावजूद अब तक न तो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है और न ही मामले में किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस चंडीगढ़। किन बिंदुओं की जांच कर रही विजिलेंस, जानिए…     अमित शाह के उद्घाटन के बाद भी प्रोजेक्ट पर सवाल: मनीमाजरा में 24×7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इस दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद थे। परियोजना की लागत करीब 75 करोड़ रुपए बताई गई थी।     मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी: इसका उद्देश्य मनीमाजरा के लोगों को चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति उपलब्ध करवाना था। केंद्र सरकार को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी।  जांच में यह पता लगाया जाना था कि परियोजना पर खर्च की गई राशि किन कार्यों और उपकरणों पर खर्च हुई, सामान कहां से खरीदा गया और नगर निगम में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी किन अधिकारियों के पास थी।     प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ तक नहीं: इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब एक साल बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ तक नहीं हुई है। जांच के दौरान नगर निगम के उन अधिकारियों की भूमिका देखी जानी है, जो परियोजना की योजना बनाने, खरीद प्रक्रिया और काम पूरा करवाने से जुड़े थे।     एक अधिकारी चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर तैनात थे: परियोजना शुरू होने के समय एक अधिकारी चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर तैनात थे। वह अब मूल कैडर में वापस जा चुके हैं। ऐसे में जांच में देरी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित अधिकारी के चंडीगढ़ से जाने के बावजूद मामले की जांच को समय पर आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया।     उद्घाटन के समय आनंदिता मित्रा थीं निगम कमिश्नर: उद्घाटन के समय चंडीगढ़ नगर निगम की कमिश्नर आनंदिता मित्रा थीं, जबकि वर्तमान में अमित कुमार निगम कमिश्नर हैं। जांच में परियोजना से जुड़े अधिकारियों की भूमिका और उस समय लिए गए फैसलों की पड़ताल की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर तत्कालीन निगम कमिश्नर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।     विजिलेंस की जांच में देरी पर उठ रहे सवाल: केंद्र सरकार को शिकायत दिए जाने और जांच विजिलेंस को सौंपे जाने के बावजूद मामले में ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से जांच की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप हैं, दूसरी तरफ विजिलेंस की ओर से दस्तावेज नहीं मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल है कि नगर निगम से रिकॉर्ड हासिल करने के लिए क्या कार्रवाई की गई और अब तक संबंधित अधिकारियों को बुलाकर उनका पक्ष क्यों नहीं जाना गया।     किसी अधिकारी के खिलाफ गड़बड़ी साबित नहीं: इस मामले में किसी अधिकारी के खिलाफ गड़बड़ी साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य परियोजना में खर्च हुई राशि, खरीद प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करना है। अब देखना होगा कि करीब एक साल से लंबित जांच में विजिलेंस कब तक आगे की कार्रवाई करती है। BJP अध्यक्ष ने दी केंद्र को शिकायत चंडीगढ़ बीजेपी अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मनीमाजरा में 4 अगस्त 2024 को 24×7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन किया गया, लेकिन आज तक वहां एक दिन भी पानी नहीं आया है। लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। केंद्र सरकार ने मामला संज्ञान में लिया मल्होत्रा ने लिखा था कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को पानी की दिक्कत न हो। इसी शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने मामला संज्ञान में लिया और इसकी जांच का जिम्मा चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग को सौंपी। एक लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई 75 करोड़ की लागत से बनी यह परियोजना मनीमाजरा के एक लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसमें मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, शिवालिक एन्क्लेव, इंदिरा कॉलोनी और शास्त्री नगर के इलाके शामिल हैं। यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लगातार और उच्च दबाव वाली जल आपूर्ति देना है। ऊर्जा की खपत की निगरानी जैसे काम किए जाने हैं इसके तहत रिसाव में कमी, स्मार्ट मीटरिंग, भूजल पर निर्भरता घटाना और ऊर्जा की खपत की निगरानी जैसे काम किए जाने हैं। इसके लिए कुल 22 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन बिछाई गई है और दो भूमिगत जलाशय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता दो-दो मिलियन गैलन प्रतिदिन है।

पंजाब में LPU हिंसा जांच पर हाईकोर्ट की सख्ती, पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी का आदेश

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हिंसा से जुड़े मामले की जांच को लेकर पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है। हाई कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिस सतर्कता और तत्परता से जांच होनी चाहिए थी, अब तक उठाए गए कदम उससे काफी कम हैं। अदालत ने पंजाब पुलिस को मामले के व्यापक प्रभावों को समझते हुए आरोपित को तत्काल गिरफ्तार करने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े खतरों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। 30 करोड़ की संपत्ति नष्ट होने का दावा हाई कोर्ट ने कहा कि लगातार दो विश्वविद्यालयों में ऐसी घटना की सूचना प्रसारित की गई, जिसके वास्तविक होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद बड़े स्तर पर अशांति फैली। हिंसा के दौरान पंजाब पुलिस के तीन वाहन जला दिए गए और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

CJP के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन, राजा वड़िंग ने राहुल गांधी के कार्यकर्ताओं को लेकर दिया बयान

चंडीगढ़. दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि सीजेपी के लीडरों की गिरफ्तारी के बाद प्रोटेस्ट हो नहीं पाया। अब इस प्रोटेस्ट में कांग्रेस ने भी छलांग लगा दी है और पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर ऐलान कर दिया है कि वो चुप रहने वाले नहीं हैं। जंतर-मंतर पर पहली बार कब हुआ प्रदर्शन – देश की राजधानी दिल्ली के बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर एक ऐसी जगह रही है जो सालों से भारत के लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने की जगह रही है। सालों से यह जंतर-मंतर शोषितों की व्यथा का गवाह रहा है और यहीं से कई ऐसे आंदोलन हुए जिसने कई बार सरकारों को झुकाया और सत्ता परिवर्तन हुए। अब एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों से रोक लगा दी गई है। दरअसल 12 अक्तूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब ये है कि अब यहां कोई धरना-प्रदर्शन आदि नहीं हो सकेगा।

पंजाब के लुधियाना में दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप, वीजा कंसल्टेंट का ऑफिस बना निशाना

लुधियाना. लुधियाना के पॉश इलाके मॉडल टाउन एक्सटेंशन में बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने एक वीजा कंसल्टेंसी के दफ्तर को निशाना बनाकर फायरिंग की। शुरुआती पड़ताल में यह मामला रंगदारी के लिए धमकी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, क्योंकि पीड़ित को पहले भी लगातार धमकियां मिल रही थीं। रविवार देर रात दो अज्ञात हमलावर एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और 'राइटवे वीजा कंसल्टेंट्स' के दफ्तर के बाहर रुककर दहशत फैलाने के इरादे से 2 से 3 राउंड गोलियां चलाईं। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। सूत्रों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात की जड़ें पुरानी धमकियों और रंगदारी से जुड़ी हो सकती हैं। पुलिस को यह जानकारी मिली है कि वीजा कंसल्टेंट के दफ्तर को चलाने वाले पीड़ित को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं और उससे पैसों की डिमांड की जा रही थी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन धमकियों के पीछे किस गैंग या शख्स का हाथ है और बदमाशों द्वारा कितनी रकम की मांग की गई थी। वारदात की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। मॉडल टाउन के एसएचओ गुरशिंदर कौर ने बताया कि पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं और आसपास के तमाम रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि बदमाशों के आने-जाने के रूट का पता चल सके। फिलहाल पुलिस पीड़ित के आधिकारिक बयानों को दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बयानों के आधार पर ही इस पूरी वारदात की परतें खुल सकेंगी और यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस फायरिंग के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

बंगला साहिब गुरुद्वारे में पुलिस के जूते पहनकर प्रवेश पर विवाद, AAP नेताओं ने उठाई आवाज

अमृतसर/नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहने और डंडा लिए पुलिस के दाखिल होने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ ने कहा कि भाजपा का सिख-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बच्चों को गिरफ्तार करने के लिए अमित शाह की दिल्ली पुलिस जूते पहने और हाथों में लाठियां लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब में घुस गई, जिससे गुरु घर की पवित्रता का उल्लंघन हुआ। गुरुद्वारा साहिब सभी के लिए एक सुरक्षित जगह है। बच्चों ने वहां शरण ली थी और उसकी मर्यादा का सम्मान किया था। फिर भी, भाजपा ने एक बार फिर सिखी, गुरुओं और गुरु घर के प्रति अपनी नफ़रत ज़ाहिर कर दी है। उधर, आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने गुरुद्वारे में भाजपा की दिल्ली पुलिस के जूते पहन कर घुसने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि कहा कि ये क्या है? दिल्ली पुलिस बंगला साहब जी गुरुद्वारा के अंदर? सौरभ भारद्वाज ने वीडियो साझा कर अमित शाह की पुलिस को घेरा ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जूते पहन कर गुरुद्वारे के अंदर जा रही दिल्ली पुलिस का एक वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि क्या पुलिस गुरुद्वारा बंगला साहिब में दाखिल हुई? क्या भाजपा सरकार का दिमाग़ ठिकाने नहीं है?पुलिस ने जूते पहने हुए हैं और सिर भी नहीं ढके हैं। सौरभ भारद्वाज ने एक सिख युवक को घसीटते हुए ले जा रही पुलिस का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि मुझे यह वीडियो किसी से मिला है। अगर यह सच है, तो यह बेशर्मी की हद है। दिल्ली पुलिस सिख प्रदर्शनकारियों के कपड़े इस तरह नहीं उतार सकती। हमने पहले बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पैंट उतारने की कोशिश की थी। यह बहुत घिनौना है। कृपया जवाब दें। गुरु के सिद्धांतों के खिलाफ झुक रहे प्रबंधक: जरनैल सिंह वहीं, तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने बाबर को जाबर कहा था और सभी सिखों को यह संदेश दिया था कि हमें तानाशाही और समय की हुकूमत के आगे कभी नहीं झुकना है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी मुगलों के आगे नहीं झुके और अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनका भी यही संदेश था कि हमें जुल्म और तानाशाही के आगे सिर नहीं झुकाना है। लेकिन आज हमारे गुरुधामों में जिस तरह के प्रबंधक बैठे हैं, वे सत्ता के आगे नतमस्तक हो रहे हैं, जो कि सिख सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है। जरनैल सिंह ने बताया कि आज गुरुद्वारा बंगला साहिब में जिस तरह पुलिस वाले बूट पहनकर और डंडे लेकर अंदर घुसे और लोगों को मार-मार कर बाहर निकाला, यह बहुत ही ज्यादा शर्मनाक और निंदनीय है। गुरुद्वारे के प्रबंधकों पर यह सवाल उठता है कि वे भाजपा के तलवे चाटने को इतने मजबूर क्यों हो गए हैं कि सिख सिद्धांतों को ही भूल गए हैं? गुरुद्वारों में निशान साहिब झूलता है, जिसका मतलब ही यह है कि अगर किसी को आश्रय चाहिए, लंगर चाहिए या कोई दुख-तकलीफ है, तो वह बेझिझक यहां आए क्योंकि यह गुरु का घर है और यहां सभी एक समान हैं। लेकिन डीएसजीएमसी के पदाधिकारियों ने भाजपा के तलवे चाटने के चक्कर में सिख सिद्धांतों का जो निरादर किया है, संगत उनसे इसका जवाब जरूर मांगेगी।

राजबीर घुम्मन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, CBI अब नहीं कर सकेगी गिरफ्तार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। घुम्मन के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में एफआइआर दर्ज की थी। इस एफआइआर में घुम्मन समेत छह लोगों को नामजद किया गया था। क्या है मामला? मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी फैसलों को प्रभावित करने से जुड़े इनपुट साझा किए जाने के बाद हुई। ईडी ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित लेन-देन से संबंधित जानकारी दी थी। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच अक्टूबर 2026 को सीबीआइ को एफआइआर दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सीबीआइ ने पांच अक्टूबर को एफआइआर दर्ज की। जस्टिस एमएम सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने निर्देश दिया कि मामले में कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। बेंच ने यह भी कहा कि राज्य को जांच में सहयोग करना चाहिए। सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य आरोपियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव के गलत इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की है। मामला सरकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग, टेंडर, पॉलिसी से जुड़े फैसलों, लाइसेंसिंग और ज़मीन से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत से जुड़ा है। सीबीआई ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर पांच अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की थी। इसके विरोध में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

पंजाब में ISI की कथित साजिश का खुलासा, नाबालिगों को निशाना बनाने की खबर से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

अमृतसर. एम-16 और एके टाइप के हथियारों की लगातार बरामदगी ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआइ इस दीवाली बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। हालांकि, अब तक पुलिस कर्मी और पुलिस इमारतों को भी आइएसआइ के गुर्गे टारगेट करते रहे हैं। लेकिन अब इनपुट मिले हैं कि आइएसआइ पंजाब में जनतक स्थानों को टारगेट करने वाली है। पता चला है कि इसके लिए आइएसआइ लगातार नाबालिगों को स्लीपर सेल के रूप में तैयार कर रही है। हालांकि, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में जनता को आइएसआइ के मंसूबों के बारे में जागरूक करत रहे हैं। लेकिन लगातार हो रही गिरफ्तारियां, खतरनाक हथियारों की बरामदगी नहीं रुक पा रही है। एम -16 और 15 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए मलकीत सिंह उर्फ मीता और गुरजीत सिंह के कब्जे से मिले मोबाइल की फोरेंसिक जांच में की बातें सामने आइ हैं।

चंडीगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका, नगर निगम में 275 पदों पर होगी भर्ती

चंडीगढ़. नगर निगम में वित्तीय संकट के चलते जिन फायरमैन और ड्राइवरों की सेवाएं समाप्त की गई थीं, अब उन्हीं श्रेणियों में नियमित भर्ती होगी। निगम ने 31 मार्च 2025 को अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं में आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे 90 कर्मचारियों के अनुबंध आगे नहीं बढ़ाए थे। इनमें 47 फायरमैन और 16 ड्राइवर शामिल थे। उस समय निगम ने करीब 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए खर्च कम करने के लिए यह फैसला लिया था। अब निगम में नियमित पदों पर भर्ती की तैयारी के तहत 79 फायरमैन और 33 ड्राइवरों के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा 118 क्लर्क समेत विभिन्न श्रेणियों के कुल 275 पदों को भरने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। भर्ती के लिए केंद्रीय स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) की मदद को लेकर प्रक्रिया व जिम्मेदारियों पर स्पष्टता मांगी जा रही है। पहले अतिरिक्त कर्मचारी बताकर हटाया, अब पद भरने की तैयारी मार्च 2025 में कर्मचारियों के अनुबंध बढ़ाने के बजाय उन्हें हटाने का फैसला खर्चों में कटौती के तहत लिया गया था। निगम में उस समय आउटसोर्स कर्मचारियों पर बढ़ते खर्च को भी फैसले का आधार बनाया गया। साथ ही कहा गया कि आउटसोर्स कर्मी इसी शर्त पर रखे गए थे कि रेगुलर भर्ती के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा। पद भरने के लिए केंद्रीय एजेंसी एसएससी से किया संपर्क 276 पदों पर भर्ती को मिल चुकी है सैद्धांतिक मंजूरी यूटी प्रशासक ने 276 पदों पर सीधी भर्ती के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। प्रशासन ने निगम को आरक्षण नियमों का पालन करते हुए किसी प्रतिष्ठित सरकारी एजेंसी के माध्यम से भर्ती कराने के निर्देश दिए थे। अब एसएससी के जरिए भर्ती की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। परीक्षा से लेकर मांगी जा रही जानकारी परीक्षा से लेकर वित्तीय औपचारिकताओं पर चर्चा एसएससी से भर्ती की संभावनाओं पर विचार करते निगम ने आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, परीक्षा की जिम्मेदारी, भुगतान और वित्तीय जरूरतों व अन्य प्रक्रियागत पहलुओं पर जानकारी मांगी है। भर्ती प्रक्रिया में निगम व एसएससी की जिम्मेदारियां तय करना भी अहम रहेगा। इन बिंदुओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही भर्ती की आगे की रूपरेखा तय हो सकेगी। तकनीकी और स्वास्थ्य श्रेणी के पद भी खाली क्लर्क, फायरमैन और ड्राइवर के अलावा निगम में जूनियर ड्राफ्ट्समैन, ड्राफ्ट्समैन, सब डिवीजनल इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर (सिविल एवं इलेक्ट्रिकल), मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, अकाउंटेंट, सुपरिंटेंडेंट और स्टेनोग्राफर हाउस सहित कई श्रेणियों के पद खाली हैं। रिक्तियों के चलते विभिन्न विभागों में मानव संसाधन की जरूरत बनी हुई है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन से अलर्ट, सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों का बदला गया रूट

अमृतसर. श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार देर रात एयरपोर्ट और उसके आसपास आसमान में अत्यधिक ऊंचाई पर दो से तीन संदिग्ध ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर रनवे ऑपरेशंस रोक दिए गए और अमृतसर आ रही तीन फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। स्थिति की समीक्षा के बाद रात करीब सवा दस बजे हवाई सेवाएं बहाल कर दी गईं। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने एयरपोर्ट परिसर और बाहर के आसमान में दो से तीन अज्ञात वस्तुओं को संदिग्ध हालात में उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। सुरक्षा समीक्षा के बाद रात 10:15 बजे के आसपास एयरपोर्ट का संचालन सामान्य कर दिया गया। गौरतलब कि इससे पहले अगस्त महीने में भी इसी तरह ड्रोन एक्टिविटी हुई थी। उस वक्त भी कुछ उड़ानें प्रभावित हुई थी। ये उड़ानें हुईं डायवर्ट – एहतियातन रात 9:32 बजे अमृतसर आ रही तीन उड़ानों का रूट बदल दिया गया मलेशिया एयरलाइंस (MH-118) : कुआलालंपुर से अमृतसर-दिल्ली डायवर्ट इंडिगो (6E-5028) : मुंबई से अमृतसर-चंडीगढ़ डायवर्ट एयर इंडिया (AI-855) : दिल्ली से अमृतसर-वापस दिल्ली डायवर्ट