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भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला, ई-मापी होगी अब ऑनलाइन

पटना बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है. इस बदलाव का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा, तय समय में पूरा होने वाला और टेक्नोलॉजी के जरिए आसान बनाना है. विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. क्या बदल जायेगा नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी. इससे लोगों को पहले की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से होगा. जिन जमीनों को लेकर विवाद चल रहा है, उनकी मापी के लिए भी सरकार ने समय तय कर दिया है. ऐसे मामलों में मापी का काम 11 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुराने और लंबित केस जल्दी निपट सकें. मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन डालना जरूरी जमीन की मापी पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है. इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर लोग इसे आसानी से देख सकेंगे. अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा. इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. सरकार के इस कदम से कम होंगे विवाद सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी. विवाद कम होंगे और लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी. इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

पलामू में संस्कृति और एकता पर केंद्रित होगा हिंदू सम्मेलन

  पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को शहर के होटल आरडीएस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई. सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जनसंपर्क अभियान भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है. तैलिक साहू महासभा ने पेश की रूपरेखा तैलिक साहू महासभा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष रामदास साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की मजबूती से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है. इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा. स्कृति और एकता पर रहेगा मुख्य फोकस रामदास साहू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती दूरियों को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस सम्मेलन के जरिए लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. देशभर के 1.08 लाख स्थानों पर आयोजन समिति के सचिव कुमार गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के एक लाख आठ स्थानों पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी लोगों से आपसी एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की. प्रमुख संत और वक्ता होंगे शामिल सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे. मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन से 1008 सीताराम शरण जी, साध्वी शरण जी और कार्यवाहक दिनेश जी के शामिल होने की संभावना है. ये सभी वक्ता धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा. जनसंपर्क अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके. शिवाजी मैदान में होगा भव्य आयोजन यह विराट हिंदू सम्मेलन 12 अप्रैल, रविवार को शाम चार बजे मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक कला का प्रदर्शन और प्रबुद्धजनों के संबोधन मुख्य आकर्षण होंगे. आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है. समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकास तिवारी, विनीत पांडेय और सूर्यकांत पासवान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.

नौकरी दिलाने के नाम पर ठग सक्रिय, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

चतरा झारखंड के चतरा जिले में चल रही होम गार्ड बहाली प्रक्रिया के बीच ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह के पैसे या सिफारिश का इसमें कोई स्थान नहीं है. 1 अप्रैल से चल रही है बहाली प्रक्रिया चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 अप्रैल 2026 से होम गार्ड बहाली प्रक्रिया संचालित की जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है. मोबाइल कॉल के जरिए ठगी का प्रयास जिला प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें होम गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है. इसके बदले उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है. ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. उपायुक्त कीर्तिश्री का सख्त संदेश चतरा की उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने इस मामले में स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो रही है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, बिचौलिया या पैसे का कोई स्थान नहीं है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी हैं. अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील उपायुक्त ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फोन कॉल, संदेश या व्यक्ति के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें. इससे ऐसे ठगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी. साइबर सेल और पुलिस को सूचना देने की सलाह प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. इससे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. प्रशासन कर रहा है सतत निगरानी जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. बहाली प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या धोखाधड़ी को रोका जा सके. संबंधित अधिकारियों को भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. अफवाहों से दूर रहने की अपील जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें. सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है.

झारखंड सरकार की बड़ी पहल, 500 बच्चों के हृदय रोग की होगी निःशुल्क जांच

 रांची झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. कांगेनिटल हार्ट डिजीज बीमारी की पहचान और जांच के लिए आयोजित यह शिविर 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा. इसका उद्देश्य भारत में हर साल दो लाख से ज्यादा जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और उनका निःशुल्क इलाज करना है. इस शिविर में जांच (स्क्रीनिंग), परामर्श और चिह्नित बच्चों के हृदय ऑपरेशन (सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है. गिफ्ट ऑफ लाइफ के तहत लगाया गया शिविर झारखंड सरकार के शिविर स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिशुरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को “केयरिंग फॉर चिल्ड्रन विद हार्ट डिजीज : एसेंशियल फैक्ट्स” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है. इस विशेष शिविर के पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय में जन्मजात छेद वाले चिह्नित बच्चों को इस शिविर में अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच की गई. इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया. इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है. नन्हें मासूमों का हृदय रोग परीक्षण इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा इको एवं अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोग का परीक्षण किया जाएगा एवं जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई उनका निशुल्क ऑपरेशन (सर्जरी ) अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची में कराया जायेगा. सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा. 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य इस शिविर में लगभग 500 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी आने जाने ठहरने आदि की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. महत्वपूर्ण जानकारी     जन्म के बाद उभरने लगती है परेशानी: कुछ दोष बहुत मामूली होते हैं जो अपने आप ठीक हो सकते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं जिनके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है.     लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय हांफना, त्वचा का नीला पड़ना, बहुत पसीना आना और वजन न बढ़ना इसके मुख्य लक्षण हैं.     निदान और उपचार : इसका पता गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या जन्म के बाद इकोकार्डियोग्राफी (इको) से लगाया जा सकता है. इसका मुख्य उपचार दवाएं, कैथीटेराइजेशन या ओपन-हार्ट सर्जरी है. बच्चों में किन लक्षणों के बाद डॉक्टर को दिखाएं     त्वचा, होंठ या नाखूनों का नीला या पीला पड़ना (साइनोसिस)     कम वजन, ग्रोथ में कमी, दूध पीते-पीते हांफना या सांसें तेज होना – थक जाना     वजन न बढ़ना या शारीरिक विकास रुकना,     तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ नवजात में क्यों होती है बीमारी कांगेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे जन्मजात हृदय रोग भी कहते हैं, जन्म के समय हृदय की संरचना (स्ट्रक्चर) में खराबी या दोष को कहते हैं. यह समस्या तब पैदा होती है, जब गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिल सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाता है. यह बच्चों में जन्मजात दोषों का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 100 में से 1 या 2 शिशुओं को प्रभावित करता है. भारत में हर साल करीब 2,00000 लाख बच्चे इस बीमारी की परेशानियों से गुजरते हैं. क्या कहते हैं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों में जागरूकता नहीं रहने के चलते रोग का सही समय पर चिन्हित नहीं हो पाता है. निःशुल्क ऑपरेशन के लिए मां अमृता हॉस्पिटल के साथ नॉन फाइनेंशियल एमओयू किया गया है. सत्य साईं अस्पताल भी अलग से उपचार कर रहा है. झारखंड में यह दूसरा कैंप है. रोटरी सहित अन्य एनजीओ मरीजों परिजनों को आने-जाने के खर्च में मदद कर रहे हैं, यह उनकी ओर से बड़ा सहयोग है.

बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया तो कट जाएगा राशन

 पटना सरकारी राशन का लाभ लेने वाले करोड़ों लाभार्थियों के लिए जरूरी खबर है। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी लागू कर दी है। अब तक ढिलाई बरत रहे कार्डधारकों के लिए राहत की बात यह है कि अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद कोई मौका नहीं मिलेगा। अगर इस डेडलाइन तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ, तो राशन कार्ड को 'अवैध' मानकर सूची से हटा दिया जाएगा। सरकार के इस कड़े कदम का सीधा उद्देश्य उन लोगों को सिस्टम से बाहर करना है जो गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हजारों ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा है या एक ही आधार कार्ड कई राशन कार्डों से लिंक है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए सरकार 'एक व्यक्ति, एक पहचान' के नियम को सख्ती से लागू कर रही है। इससे फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ होगा और सही मायने में जरूरतमंदों को अनाज मिल सकेगा। नाम कटा तो रुक जाएंगी ये सुविधाएं अगर आपका नाम राशन कार्ड से कट गया, तो डीलर की मशीन पर आपका नाम शो नहीं करेगा, जिससे आपका कोटा बंद हो जाएगा। इसके साथ ही, उज्ज्वला योजना (गैस सब्सिडी) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का डेटा अक्सर राशन कार्ड से जुड़ा होता है, वहां भी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। यहां तक राशन कार्ड को पते और पहचान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा। क्या करना होगा? इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है। कार्ड में जितने भी सदस्यों के नाम दर्ज हैं, उन सभी को अपने आधार कार्ड के साथ राशन डीलर की दुकान पर जाना होगा। वहां पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा। याद रहे, घर के किसी एक सदस्य के जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन सभी का वहां पहुंचना जरूरी है जिनका नाम कार्ड में है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतिम तिथि के बाद सर्वर डाउन होने या तकनीकी खराबी का बहाना नहीं चलेगा, इसलिए समय रहते इस जिम्मेदारी को पूरा कर लें। 30 तारीख तक सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक अपडेट न होने पर राशन कार्ड से नाम काट दिया जाएगा।

ठगी का शिकार हुआ छात्र बना मास्टरमाइंड, 9 राज्यों में फैलाया जाल

 पटना पटना साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उसने नौ राज्यों के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले तीन साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपित प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। चार महीने से पटना में बैठ दिल्ली, यूपी, केरल समेत नौ राज्यों के लोगों से ठगी कर रहे थे। आरोपितों की पहचान नवादा के वारिसलीगंज निवासी गुलशन कुमार व शुभम राज और इसी जिले के शाहपुर के रहने वाले विक्की कुमार के रूप में हुई है। उनके पास से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन और दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं। डीएसपी व साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि अन्य राज्यों की साइबर पुलिस को सूचना मिली थी की पटना के साइबर ठग प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। साइबर पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि बेऊर स्थित एक अपार्टमेंट से गिरोह का संचालन हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को शिव नगर स्थित ममता कुंज अपार्टमेंट में छापा मारा। वहां से गुलशन कुमार, शुभम राज और विक्की कुमार पकड़े गए। उनके पास से मोबाइल और लैपटॉप आदि बरामद हुए। जालसजों में दो स्नातक और एक इंटर का है छात्र गुलशन कुमार, शुभम राज ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वहीं विक्की कुमार इंटर का छात्र है। गुलशन गिरोह का मास्टर माइंड है। साइबर पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर यह जानकारी जुटा रही है कि इन ठगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है खुद हुआ शिकार तो बन गया ठगी का मास्टरमाइंड नौ राज्यों में साइबर ठगी के लिए करोड़ों रुपये उगाहने वाले गैंग के सरगना की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन कुमार कभी खुद साइबर ठगी का शिकार हुआ था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह पटना में आकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसके साथ साइबर ठगी हुई। एक बार पैसे गंवाने के बाद उसने खुद ही साइबर ठगी का मायाजाल बुनना शुरू कर दिया। एपीके फाइल भेज बनाते थे शिकार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने खुद को छात्र बताकर बेऊर में फ्लैट लिया था। वे सोशल मीडिया पर प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा आसानी से लोन दिलाने का विज्ञापन देते थे। विज्ञापन देखकर जो भी प्लेब्वॉय बनने या लोन लेने की इच्छा जताता था उनसे वे प्रोसेसिंग फीस व अन्य बहाने से रुपये अपने खाते में मंगाते थे। इसके बाद लोगों से संपर्क खत्म कर लेते थे। यही नहीं गिरोह के सदस्य प्लेब्वॉय और लोन संबंधी एपीके फाइल लोगों के फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्स एप पर भी भेजते थे। एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता था। बाद में वे उनका बैंक खाता खाली कर देते थे। टेलीग्राम एप से सीखी ठगी, फिर दोस्तों को जोड़ा उसने टेलीग्राम एप पर साइबर ठगी के वीडियो देखने शुरू कर दिए। वीडियो देखने के बाद उसे लगा कि साइबर ठगी कर आसानी से रुपये बनाए जा सकते हैं। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि टेलीग्राम पर हर प्रकार की साइबर ठगी के वीडियो अपलोड हैं। उन वीडियो को देखने के बाद उन्हें ठगी के अलग-अलग तरीका के बारे में पता चला।

दूरी के हिसाब से तय होगा बसों का नया किराया, 5 साल बाद समीक्षा के आधार पर बिहार सरकार ने शुरू की बदलाव की तैयारी

 पटना   बिहार में बस यात्रा महंगी हो सकती है. लगभग 15 प्रतिशत तक किराया बढ़ सकता है. इससे कहीं ना कहीं लोगों की टेंशन बढ़ने वाली है. परिवहन विभाग की ओर से गुरुवार को ही प्रस्ताव की अधिसूचना जारी की गई है. इसे लेकर एक महीने के अंदर आपत्ति या फिर सुझाव मांगा गया है. कितने प्रतिशत तक बढ़ेगा किराया? जानकारी के मुताबिक, नॉर्मल बसों के किराए में 50 किलोमीटर तक के लिए 15 प्रतिशत, 100 किलोमीटर के लिए 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक के लिए 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक के लिए 12 प्रतिशत, 250 किलोमीटर तक के लिए 11 प्रतिशत और 300 किलोमीटर की अधिक दूरी तक के लिए 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है. हर 5 साल पर बस किराए की होती है समीक्षा परिवहन विभाग की ओर से हर 5 साल पर बस के किराए की समीक्षा की जाती है. प्रस्ताव को लेकर बिहार राज्य मोटर फेडरेशन की बैठक में फैसला लिया जाएगा. आपत्ति या सुझाव आने के बाद उस बैठक में चर्चा की जाएगी. इस दौरान बस यात्रियों के साथ-साथ बस संचालकों के हित का भी ध्यान रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक, दूरी के हिसाब से बस का किराया तय किया जाएगा. चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की मिलेगी सुविधा जानकारी के मुताबिक, परिवहन विभाग ने मई महीने से गांधी मैदान से अटल पथ और जेपी सेतु होते हुए सोनपुर और हाजीपुर रेलवे स्टेशन तक चार नई इलेक्ट्रिक लग्जरी बसें चलाने का फैसला किया है. सबसे खास बात यह है कि इस सेवा के शुरू होने से अटल पथ के दोनों ओर रहने वाली करीब पांच लाख की आबादी को पहली बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सीधी सुविधा मिलेगी. यह पहल ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना के तहत की जा रही है, जिसका सर्वे इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा.

सम्राट चौधरी बन सकते हैं बिहार के अगले मुख्यमंत्री, अमित शाह ने पीएम मोदी के साथ नाम पर लगाई अंतिम मुहर और 15 अप्रैल को शपथ संभव

 पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? यह सवाल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं। दिल्ली में नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन जारी है। भाजपा आलाकमान की ओर से हाईलेवल मीटिंग बुलाई गई है। बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री इसमें विचार विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले चुके हैं। अगले तीन से चार दिनों के अंदर वह अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे। इधर, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी बिहार के वरिष्ठ नेताओं का जुटान हो चुका है। शुक्रवार शाम छह बजे वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के आवास पर बिहार भाजपा के नेताओं की बैठक करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन होगा। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विधान सभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े समेत कई वरिष्ठ नेताओं इसमें शामिल होंगे। आज मंत्री श्रेयसी सिंह को भी दिल्ली बुलाया गया था। वह भी पहुंच चुकी हैं। खरमास बाद पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री सूत्र बता हैं कि खरमास के बाद बिहार में पहली बार भाजपाई मुख्यमंत्री की शपथ करा ले। इसके लिए अंदर तैयारी है और बाहर माहौल बनाया जाने लगा है। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चौंकाने वाले नाम-काम से अलग भाजपा अपनी राह खुद तैयार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्लानिंग कभी भी सामने आ सकती है। यह कहा जा रहा है कि भाजपा के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम चर्चा कर ली है। इसपर सर्व-सहमति की तैयारी की जा रही है। 12 अप्रैल को बिहार में एनडीए के विधायक दल की बैठक होने वाली है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने इस्तीफे का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद विधायक दल नेता नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे। खरमास के अगले दिन यानी 15 अप्रैल को या इसके बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण करा लिया जाएगा। भाजपा से मुख्यमंत्री पद के किस नाम की चर्चा सबसे अधिक सियासी गलियारे से लेकर गांव के मचान तक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। कुछ जगह तो यह चर्चा हो रही है कि सम्राट चौधरी को गृह मंत्री अमित शाह खूब पसंद करते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर की एक रैली में अमित शाह ने जनता से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था। भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है। 

जरूरतमंदों को तुरंत मिल रहा छोटा सिलिंडर, रामगढ़ की तीनों बड़ी एजेंसियों पर गैस का पर्याप्त स्टॉक और सप्लाई जारी

 रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले में एलपीजी गैस की मांग में अचानक बढ़ोत्तरी के बाद भी स्थिति सामान्य है. शहर के तीन गैस एजेंसियों दूसरे शहरों की तरह उपभोक्ताओं की तरह लाइन नहीं लग रही है. गैस लेने को लेकर भागदौड़ और जद्दोजहद करते उपभोक्ता भी नहीं दिख रहे हैं. रामगढ़ शहर के गैस एजेंसी में मंगलवार के दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच स्थिति सामान्य दिखा. सभी गैस एजेंसी संचालक मौजूद उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने के बाद आश्वस्त भी करते दिख रहे थे. शहर के तीन गैस एजेंसियों का हाल     माता रानी इंडेन गैस एजेंसी कैथा के कर्मी ने बताया कि दो दिनों में 342 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर दिया गया. अमेरिका ईरान के युद्ध से पहले एक सप्ताह में 342 गैस सिलिंडर उपभोक्ता ले जाते थे. अभी के आंकड़ो के अनुसार 4500 उपभोक्ताओं में 3800 उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर दिया गया है. 800 उपभोक्ताओं का गैस डिलीवरी बाकी है.      पद्मावती गैस एजेंसी शनिचरा बाजार में भी मंगलवार को स्थिति सामान्य दिखा. कई उपभोक्ता गैस सिलिंडर लेने आए थे. वहीं कई उपभोक्ता ओटीपी संबंधी समस्याओं के साथ केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करते हुए दिखाई दे रहे थे. मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस गैस एजेंसी से 25 हजार गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं. एजेंसी द्वारा दो पिकअप और दस टेंपो के माध्यम से डोर-टू-डोर गैस आपूर्ति की जा रही है. शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन में गैस आपूर्ति कर रहे हैं. जिससे कोई परेशानी नहीं है.     रामगढ़ गैस एजेंसी थाना चौक में भी मंगलवार को स्थिति सामान्य दिखा. एजेंसी के संचालक उज्जवल महतो ने बताया कि 29 हजार उपभोक्ता एजेंसी से जुड़े हुए हैं. 1700 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराया गया है. 1200 उपभोक्ता बाकी हैं. रविवार को गैस प्लांट बंद रहने के कारण सोमवार को वितरण में थोड़ा कठिनाई हो रही है. जरूरतमंद उपभोक्ताओं को पांच किलोग्राम का छोटा सिलिंडर भी उपलब्ध कराया जा रहा है. गैस उपभोक्ताओं ने क्या कहा रामगढ़ शहर के तीन गैस एजेंसी में मंगलवार को मौजूद उपभोक्ताओं ने बताया कि जितना अफवाह है, उतनी परेशानी का सामना अभी तक नहीं किए हैं. कोठार निवासी सुनील सिन्हा ने बताया कि ओटीपी और अन्य प्रक्रिया में कोई परेशानी नहीं हो रही है. छोटकी मुर्राम निवासी विकास कुमार महतो ने बताया कि प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय में बुकिंग के बाद गैस मिल रहा है. गैस एजेंसी संचालकों ने बताया शहर के पद्मावती गैस मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गैस की बढ़ती मांग से इंकार नहीं कर रहे हैं. हमलोगों पर दबाव बहुत अधिक है, लेकिन अभी स्थिति समान्य बनाए हुए हैं.

कला और संस्कृति का महाजुटान होगा रांची का आड्रे हाउस, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगेंगे 100 से अधिक फ्री स्टॉल

रांची झारखंड के कलाकारों और स्वदेशी उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजधानी में एक से तीन मई तक सांसद सांस्कृतिक महोत्सव व स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा. इसमें झारखंड सहित देश के लोक कलाकारों का महाजुटान होगा. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. पत्रकारों से बात करते हुए संजय सेठ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि यह महोत्सव कला, संस्कृति और स्वदेशी का अनूठा संगम होगा. इन वर्गों की होगी भागीदारी इस आयोजन में रांची लोकसभा क्षेत्र के बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग शामिल होंगे. राजधानी के आड्रे हाउस में होने वाले इस कार्यक्रम में लोकसभा क्षेत्र के 50 से अधिक स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र अपनी सहभागिता निभाएंगे. संवाददाता सम्मेलन में पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी, नाट्य कलाकार अजय  मलकानी, पूनम आनंद, मुकेश काबरा, एसडी सिंह, पवन बजाज, ऐश्वर सेठ, रमेंद्र कुमार, नीरज चौधरी मौजूद थे. इन प्रतियोगिताओं का किया जाएगा आयोजन महोत्सव में अलग-अलग आयु वर्ग के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. महोत्सव में अर्धशास्त्रीय, लोकगीत, देशभक्ति गीत, वेस्टर्न, फ्यूजन म्यूजिक श्रेणी में गायन प्रतियोगिता होगी. महोत्सव में रंगारंग बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. झारखंडी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस महोत्सव में रांची लोकसभा क्षेत्र के स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों को विशेष अवसर दिया जाएगा. मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे. इस स्वदेशी मेले में झारखंडी स्वदेशी उत्पाद, झारखंड की पारंपरिक वेशभूषा, झारखंडी खानपान और मिलेट यानी मोटा अनाज को विशेष रूप से प्रदर्शित और प्रोत्साहित किया जाएगा. स्वदेशी उत्पाद के लिए स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.