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बिहार में कैबिनेट विस्तार की हलचल, गांधी मैदान से लेकर सड़कों तक दिख रही चमक

पटना. सम्राट चौधरी मंत्र‍िमंडल विस्‍तार कार्यक्रम के लिए पटना का ऐतिहासि‍क गांधी मैदान तैयार हो रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व अन्‍य गणमान्‍य के आगमन के रास्‍ते भी सज-धज रहे हैं। गांधी मैदान में व‍िशाल पंडाल और हैंगरों का निर्माण अंतिम चरण में है। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक के रास्‍ते में जगह-जगह रंगरोगन किया जा रहा है। मंंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हलचल तेज है। इस बीच चर्चा यह भी हो रही है कि पूर्व सीएम न‍ीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।  सुरक्षा एवं सफाई के विशेष इंतजाम   जिला प्रशासन के साथ नगर निगम कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह मुस्‍तद है। नगर आयुक्‍त यशपाल मीणा लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। गांधी मैदान की गहन साफ-सफाई के लिए लगभग 40 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। परिसर एवं शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल वितरण तथा जल निकासी के लिए 300 से अधिक सफाईर्मी लगाए गए हैं। सभी 50 प्रभारी निरीक्षकों को अपने वार्ड से पांच-पांच सफाई कर्मियों की टीम तैयार करने का निर्देश दिया गया है। चयनित सभी सफाई कर्मियों को पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संभावित वर्षा को देखते हुए जल निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। निगम द्वारा पांच सुपर सकर मशीनें तैनात की गई है, जिनमें से चार मशीनें गांधी मैदान परिसर के भीतर रहेंगी। पिंक टॉयलेट एवं लू कैफे की सुविधा आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में तीन पिंक टॉयलेट एवं पांच लू कैफे विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही गेट संख्या 7 के समीप स्थित ग्रीन टॉयलेट की नियमित साफ-सफाई के लिए भी निगम कर्मियों की तैनाती की गई है।

झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट: छोटी, रशीदा और श्वेता बनीं टॉपर, टॉप करने वाले लड़कों की भी सूची

रांची  झारखंड में 12वीं के छात्रों का अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार खत्म हो गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजे 6 मई, 2026 दिन बुधवार को जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में कुल 81,144 सफल रहे. वहीं, 85,104 छात्रों एग्जाम दिया था. इंटरमीडिएट के रिजल्ट में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है. मगर, छात्र भी पीछे नहीं रहे. लड़कियों के साथ लड़कों ने भी अपना परचम परीक्षा में लहराया है।  झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में बोकारो की छोटी कुमारी 478 नंबर के साथ आर्ट्स की टॉपर बनी. जबकि, दुमका के अंकित कुमार को दूसरा स्थान और सदमा रांची की अंशु कुमारी आर्ट में थर्ड टॉपर बनी. वहीं, कॉमर्स में रांची के छात्र-छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा।  कॉमर्स में 478 मार्क्स के साथ श्वेता प्रसाद साइंस में टॉप किया. कृष कुमार बरनवाल सेकंड टॉपर और प्रियांशी खत्री थर्ड टॉपर बनी.  श्वेता प्रसाद धुर्वा स्थित योगदान सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं. कृष कुमार बरनवाल बाल कृष्णा हाई स्कूल छात्र हैं. संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज चाईबासा की छात्रा प्रियांशी खत्री हैं।  अब बात करें साइंस में झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसने बाजी मारी, तो साइंस स्ट्रीम में धनबाद की रशीदा नाज ने पहला स्थान हासिल किया है. नाज ने 489 नंबर लाकर टॉप किया है. वह वह डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा हैं. वहीं, पाटन के रहने वाले फैजान आलम साइंस के सेकंड टॉपर बने हैं. उनको 483 अंक मिला है. 481 नंबर के साथ आकांक्षा कुमारी सिमरिया और सना आफरीन सतबरवा ने संयुक्त रूप से तीसरे स्थान हासिल किया है।  आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस: मिलिए झारखंड के स्टेट टॉपर्स से झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा में छोटी कुमारी, रशीदा नाज और श्वेता प्रसाद ने अपने-अपने स्ट्रीम में टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है।  साइंस स्ट्रीम (Science): धनबाद की रशीदा नाज़ ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया है. वो DAV +2 हाई स्कूल, पाथरडीह की छात्रा हैं।  आर्ट्स स्ट्रीम (Arts): बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. छोटी KN +2 हाई स्कूल, हरनाद की छात्रा हैं।  कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce): रांची की श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ राज्य में टॉप किया है. वे योगदा सत्संग इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं।  बेटियों का शानदार प्रदर्शन राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा है. आर्ट्स स्ट्रीम में जहाँ 96.68% छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का सफलता प्रतिशत 95.34% रहा. गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में छात्राओं का प्रदर्शन शत-प्रतिशत के करीब रहा है, जो राज्य में महिला शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है.  परीक्षार्थी अपना विस्तृत रिजल्ट DigiLocker के माध्यम से results.digilocker.gov.in पर देख सकते हैं.

पंचायत चुनाव से पहले दरभंगा प्रशासन का बड़ा कदम, जनसंख्या आंकड़ों पर 18 मई तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका

दरभंगा. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया के पहले चरण के तहत प्रपत्र-1 यानी निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी का प्रारूप जारी कर दिया है। यह प्रकाशन 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर है। अब इन आंकड़ों के आधार पर ही मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद जैसे पदों पर आरक्षण की स्थिति निर्धारित होगी। यानी जनसंख्या का यह प्रारूप ही पंचायतों में तय करेगा कि कौन-सी सीट एससी, एसटी, ओबीसी या महिला के लिए आरक्षित होगी। आयोग ने जनता से इस बारे में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। जिन लोगों को जनसंख्या के इन आंकड़ों या सीमाओं पर कोई संदेह है, वे 18 मई तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इन आपत्तियों का निपटारा 22 मई तक किया जाएगा। फिर पांच जून को प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन होगा। जिले के गजट में प्रपत्र-1 का प्रकाशन नौ जून को होगा। जानकारी या शिकायत के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने टोल-फ्री नंबर 1800-3457-243 जारी किया है। मतदाता यहां सीधे संपर्क कर सकते हैं। जिन क्षेत्रों में भौगोलिक बदलाव हुए हैं या जो क्षेत्र शहरी निकायों यानी नगर परिषद या नगर पंचायत में शामिल हो गए हैं, वहां नए सिरे से डेटा मिलान किया जा रहा है। दावा या आपत्ति के लिए इन आंकड़ों की सूचना जिला समाहरणालय के सूचना पट्ट, जिला पंचायत के सूचना पट्ट, अनुमंडल कार्यालय के सूचना पट्ट, पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट के अलावा जिले की वेबसाइट पर देनी होगी। इतना ही नहीं, राज्य चुनाव आयोग ने प्रपत्र-1 के प्रारूप प्रकाशन पर दावा या आपत्ति के लिए विभिन्न मीडिया में विज्ञापन के साथ-साथ ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों में डुगडुगी बजाकर लोगों को सूचित करने को भी कहा है। ईवीएम से होगा चुनाव पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे एक साथ छह अलग-अलग पदों के लिए मतदान होगा। यह बदलाव चुनाव प्रक्रिया को अधिक तेज, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत मतदाता को अलग-अलग पदों के लिए बार-बार वोट देने की जरूरत नहीं होगी। एक ही मशीन में सभी पदों के लिए मतदान किया जा सकेगा। मई तक उपलब्ध होगी मशीनें जिला पंचायत राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि जिले को 951 ईवीएम, 5706 कंट्रोल यूनिट और डेटा संग्रहीत करने को लेकर 951 चिप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर 15 टेबल बनाए जाएंगे। ईवीएम को 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा। एक साथ सभी छह पदों पर मतदान की सुविधा होगी। मतदाता एक साथ छह पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। पंचायत चुनाव में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के लिए अब तक इन सभी पदों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी। जिससे समय और संसाधन दोनों अधिक लगते थे। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।

घर बैठे गन्ना खेती की पूरी जानकारी, 32 हजार किसान ऐप से जुड़े

जगदीशपुर  बिहार की पहली चीनी मिल मझौलिया शुगर इंडस्ट्री है, जो घर बैठे गन्ना किसानों को सरकार की योजनाएं एवं गन्ना की उन्नतशील खेती के लिए देश के नामवर कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव पहुंचाने की तैयारी में है। इसके लिए चीनी मिल ने बीते मार्च में एक मोबाइल एप्लिकेशन (ऐप) लांच किया। एप का नाम जयश्री किसान परिवार रखा है। महज एक महीनों में इस एप से चीनी मिल रिजर्व क्षेत्र के 32 हजार किसान जुड़ गए हैं। पेराई सत्र 2025- 26 में इस चीनी मिल में कुल 34 हजार किसान रजिस्टर्ड थे। मतलब, मात्र दो हजार किसान ऐसे शेष हैं, जिनके मोबाइल में जयश्री किसान परिवार एप नहीं है। चीनी मिल के अधिकारियों का मानना है कि ये वे किसान है , जिनके पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। अन्यथा यह ऐप इतना उपयोगी है कि सभी किसान इससे जुड़ने को आतुर हैं। ऐप में किसानों के लिए ये सुविधाएं चीनी मिल के चीफ केन मैनेजर अखिलेश सिंह ने बताया कि ऐप के माध्यम से किसान घर बैठे ही अपने गन्ना सर्वे, चालान, भुगतान, नए प्रभेद (वैरायटी) की जानकारी समेत विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप से किसानों को गन्ना फसल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। गन्ना रोगों की पहचान और उनके निदान के उपाय भी देश के नामवर गन्ना विशेषज्ञ देंगे। जिससे किसानों को समय पर सही मार्गदर्शन मिल सकेगा। साथ ही, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी इसमें विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें मिल या कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एप किसानों के लिए वन स्टाप समाधान यह एप किसानों के लिए वन-स्टाप समाधान साबित होगा। गन्ना सर्वे से लेकर पेमेंट तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल हो जाएगी। विशेषज्ञों के परामर्श से किसान कम लागत में गन्ने का बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे। किसान अमित कुमार ने कहा कि ऐप से पेराई सीजन 2026- 27 में भुगतान की जानकारी मिलेगी, जो बड़ी सुविधा है। किसान पवन सिंह ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों का भरोसा मजबूत होगा। अब किसी तरह की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसान अभय प्रसाद ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि गन्ना रोग और नई किस्मों की जानकारी समय पर मिलने से फसल उत्पादन में सुधार होगा। किसान धीरेन्द्र ओझा ने कहा कि यह एप किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।     मिल का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है। जयश्री किसान परिवार ऐप के जरिए किसानों के बेहतर उत्पादन के साथ साथ मिल प्रबंधन और किसानों के बीच के विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा।     उदयवीर सिंह, यूनिट हेड, मझौलिया चीनी मिल।  

रांची में वेतन भुगतान ठप, सत्यापन प्रक्रिया बनी बड़ी वजह

 रांची झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर व्यापक असर पड़ा है। राज्य के कई प्रमुख विभागों में कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह अब शुरू की गई सख्त सत्यापन प्रक्रिया बताई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कर्मचारी का ब्योरा दोबारा जांचा जा रहा है और शपथ पत्र लेना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे भुगतान में विलंब हो रहा है। सबसे अधिक असर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों पर पड़ा है। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में डाक्टरों और अन्य कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी वेतन भुगतान में देरी से जूझ रहे हैं। वहीं, 108 एम्बुलेंस सेवा के काल सेंटर में कार्यरत कर्मियों को भी वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। सत्यापन प्रक्रिया से बढ़ी देरी सरकारी सूत्रों के अनुसार, ट्रेजरी से जुड़े अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार ने पूरे भुगतान सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए सभी कर्मचारियों का पुन सत्यापन शुरू किया है। इसके तहत कर्मचारियों को अपना व्यक्तिगत व सेवा संबंधी विवरण फिर से जमा करना पड़ रहा है, साथ ही एक शपथ पत्र भी देना अनिवार्य किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में समय लग रहा है, जिसके कारण वेतन निर्गमन बाधित हो गया है। मालूम हो कि हाल ही में ट्रेजरी सिस्टम में गड़बड़ियों और अनियमित भुगतान के मामलों ने सरकार को सतर्क कर दिया। आशंका जताई गई कि कुछ मामलों में फर्जी या गलत तरीके से भुगतान हुआ है, जिसके बाद पूरे सिस्टम की समीक्षा और जांच शुरू की गई। इसी कड़ी में ट्रेजरी से भुगतान की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोककर व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव इधर, समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि नियमित सेवाएं देने के बावजूद यदि समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो कामकाज प्रभावित होना स्वाभाविक है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भी बच्चों की फीस, बैंक लोन और दैनिक खर्चों को लेकर चिंता जताई है। कई कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य सरकारी विभागों में भी वेतन भुगतान प्रभावित हो सकता है। फिलहाल सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता न हो सके। इससे संबंधित अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन रोका नहीं गया है, बल्कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।

झारखण्ड हाई कोर्ट ने हिरासत में मानवाधिकार उल्लंघन पर मांगा जवाब

 रांची झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के गंभीर मामले पर सख्ती दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य प्रशासन से कड़े सवाल पूछे. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि हिरासत में मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरायकेला एसपी से पूछा कि राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं. अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हिरासत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं. कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि निगरानी व्यवस्था की कमी को गंभीरता से लिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग से भी मांगा जवाब अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी तलब किया है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे यह स्पष्ट करें कि पीड़ित तरुण महतो को “फिट फॉर कस्टडी” का प्रमाण पत्र देने वाले चिकित्सक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि हिरासत में किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है, और इसमें लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है. पीड़ित को मिला मुआवजा राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पीड़ित तरुण महतो को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है. हालांकि, अदालत का ध्यान केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे मामले में जवाबदेही तय करना चाहती है. कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो. घटना की पृष्ठभूमि यह मामला 19 नवंबर 2025 की रात का है, जब ईचागढ़ पुलिस तरुण महतो को हिरासत में लेकर गई थी. आरोप है कि थाने में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. इस घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी. इसी पत्र को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया. अगली सुनवाई 18 जून को खंडपीठ ने सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है. अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन कोर्ट के सवालों का क्या जवाब देता है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है.

बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी और अमित शाह के शामिल होने की चर्चा

पटना  कंफर्म हो गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिहार आ रहे हैं। सीएम सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। पटना के गांधी मैदान में वाटरप्रूफ पंडाल बनाए जा रहे हैं। डेढ़ लाख लोगों के लिए तैयारी है। 7 मई को फर्स्ट हाफ का वक्त तय है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख सात मई पर भी मुहर लगा दी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने ये भी बताया कि पीएम के अलावा और कौन नेता मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। यानी तैयारी अब पूरी हो चुकी है। कौन किस दल से मंत्री बनेगा, ये भी तय है। 6 मई से मंत्री बनने वालों को फोन जाने शुरू हो जाएंगे। गांधी मैदान में बन रहा वाटरप्रूफ पंडाल दरअसल, जो जश्न 15 अप्रैल को बंगाल चुनाव की वजह से नहीं मनाया जा सका, वो अब मंत्रिमंडल विस्तार में मनाया जाएगा। गांधी मैदान में बड़ी तैयारी हो रही है। डेढ़ लाख लोगों के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। 3000 जवानों को सुरक्षा में लगाया जाएगा। पीएम को आना है, इसलिए तैयारी भी उसी स्तर की हो रही है। गांधी मैदान में वाटरप्रूफ बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। पटना के गांधी मैदान में बन रहे वाटर फ्रूफ पंडाल को 6 मई शाम तक तैयार कर देना है। उसी हिसाब से गांधी मैदान में काम चल रहा है। पटना का गांधी मैदान फिर बड़े समारोह का गवाह बनने जा रहा है। इससे पहले 20 नवंबर को जब मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने शपथ ली थी, तब भी बड़ी तैयारी गांधी मैदान में हुई थी। अब 6 महीने बाद बदली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उससे भी बड़ी तैयारी हो रही है। कैबिनेट में विस्तार में शामल होंगे पीएम मोदी और शाह     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी     गृह मंत्री अमित शाह     बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन     बिहार के सभी केंद्रीय मंत्री     पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार     एनडीए से जुड़े सभी बड़े नेता बिहार में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार 7 मई को होगा। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण होने जा रहा है। इसके लिए गांधी मैदान को तैयार किया जा रहा है। राज्य मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ मंत्रियों की संख्या 30 के करीब हो जाएगी। सीएम समेत 36 तक मंत्री राज्य में बन सकते हैं। अपने सहयोगियों को जेडीयू और बीजेपी की ओर से चार मंत्री पद दिया जाएगा। चिराग पासवान की पार्टी से दो मंत्री बन पाएंगे। जबकि, जीतनराम मांझी की पार्टी को एक और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी एक मंत्री पद मिलेगा। बीजेपी और जेडीयू के बराबर बराबर मंत्री यानी 16–16 पद मिलेंगे। बिहार में जो मंत्री बनने जा रहे हैं, उनमें जेडीयू के नाम लगभग फिक्स हैं। पुराने चेहरों के साथ दो नए लोगों को मौका मिल सकता है। खास वो, जो टीम निशांत के तौर पर सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा कयास बीजेपी कोटे के मंत्रियों को लेकर लगाए जा रहे हैं। उनके पास पद कम हैं और दावेदार ज्यादा हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम सम्राट चौधरी की पसंद के नेताओं की लॉटरी लग सकती है।  

चार राज्यों की जीत के बाद BJP का फोकस अब झारखंड पर

 दुमका  देश के 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा की नजर झारखंड पर है। आने वाले समय में भाजपा अन्य राज्यों की तरह यहां भी सरकार बनाने का प्रयास करेगी। यह बात भाजपा के सारठ से पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने सोमवार को अदालत से बरी होने के बाद कही। उन्होंने कहा कि असम में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा तीसरी बार सत्ता संभालने जा रही है। पांडिचेरी में वापसी की है। ओडिशा में भाजपा सत्ता में आ गई। बंगाल में 15 साल के बाद भाजपा सत्ता में आई है। बिहार में तो पहले ही सरकार अब बन गई। इन विधानसभा चुनाव के नतीजे तो केवल झांकी है, झारखंड अब बाकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में 2021 में ही भाजपा सत्ता में आ जाती। आज केंद्रीय बल ने जिस तरह से जनता को भय मुक्त होकर मतदान का माहौल दिया, अगर पांच साल पहले ऐसा माहौल मिल जाता तो दूसरी बार भाजपा की सरकार बनती। लोगों ने भय मुक्त होकर वोटिंग की और घरों से बाहर निकलने का साहस किया। वहां के मतदाताओं का ही प्रयास है कि पहली बार भाजपा सरकार सत्ता में आई है। अब बंगाल का विकास होगा और बांग्ला देशी से लगने वाली सीमाओं की घेराबंदी की जाएगी। यह वीडियो भी देखें बांग्लादेशी घुसपैठिया को बाहर का रास्ता दिखाकर सभी धर्म के लोगों के साथ मिलकर इसे विकसित राज्य बनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल की गिनती अब विकसित राज्यों की श्रेणी में होगी। राज्य में SIR पर रहेगी नजर : प्रदीप कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने बंगाल की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन किसी पार्टी के एजेंट के रूप में काम करता है तो वहां न्याय बहुत मुश्किल है। हमने जिनके हाथ में न्याय की बागडोर दी है, अगर वहीं एकतरफा होकर काम करने लगे तो हमें यहां आकर सोचना, लगता है कि पागलपन है। कांग्रेस राज्य के SIR पर कमर कसे हुए है। हम हर बूथ पर अपने एजेंट देंगे। प्रयास करेंगे कि किसी का नाम कटे और छटे नहीं। चार राज्यों में भाजपा को मिली जीत का असर झारखंड में नहीं पड़ेगा, लेकिन यह तो वक्त बताएगा। एक सवाल पर कहा कि अगर भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आती तो बधाई क्या मिठाई तक खिला देते। लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बधाई देने का मतलब है कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। यह तो मानव हिंसा से बड़ी हिंसा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिस तरह से लोकतंत्र व संविधान बचाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे लगता है कि यहां की जनता उनका साथ देगी। हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। सत्य की जीत होकर रहेगी।

कांके में आयुष और योग आधारित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की होगी स्थापना

 रांची राज्य सरकार ने देसी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना का निर्णय किया है। इस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना कांके में होगी। इसके लिए रिनपास परिसर में जमीन चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए न केवल प्रस्ताव तैयार किया है, बल्कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राशि का भी प्रविधान किया है। इस सेंटर की स्थापना का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ देसी चिकित्सा से जुड़ी अन्य पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिनमें योगा भी प्रमुख है। प्रस्ताव के अनुसार, इस राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में देसी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए काउंसिलिंग की भी व्यवस्था होगी। बदलते लाइफ स्टाइल में बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के तरीकों से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा। यहां मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर आदि की जांच की भी व्यवस्था होगी। बताते चलें कि केंद्र के सहयोग से राज्य के चयनित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) के रूप में अपग्रेड किया गया है। पहली बार राज्य एवं जिला स्तर पर इसके व्यापक स्वरूप में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना राज्य बजट से होगी। 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना यह सेंटर एक माडल के रूप में काम करेगा। इसी की तर्ज पर रांची को छोड़कर शेष 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना की जाएगी। यह राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का छोटा रूप होगा। बजट में इसके लिए भी राशि का प्रविधान किया गया है।  

10 हजार की पहली किस्त मिली, लेकिन 20 हजार के लिए नहीं मिल रहीं पात्र महिलाएं

 आरा भोजपुर जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार की पहली किस्त हासिल करने वाली महिला लाभार्थियों की संख्या चार लाख सत्रह सौ साठ थी। इसके बावजूद जिले में करीब 22 हजार महिलाओं को राशि विलंब से आवेदन करने के कारण नहीं मिल सकी। उन्हें आज भी इस राशि का इंतजार है। वहीं, दूसरी किस्त के लिए योग्य महिला उद्यमी नहीं मिल रही हैं। जिनको 20-20 हजार रुपए दिए जाने हैं। मई माह में राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने का निश्चय किया है। सभी जिले को पत्र देकर दूसरी किस्त के योग्य महिला उद्यमी की सूची सौंपनी है। भोजपुर जिले में भी सूची तैयार हो रही है। इसमें चौंकाने वाली रिपोर्ट आ रही है। सूची तैयार करने की जिम्मेदारी ग्राम संगठनों की है। जिले में 1582 ग्राम संगठन हैं। ग्राम संगठन मानक के अनुसार दूसरी किस्त के लिए योग्य जीविका दीदी को चयन कर रहे हैं। इन्हें मानक के अनुसार कुल लाभार्थी के पांच से छह प्रतिशत महिला उद्यमी मिले हैं। जिला जीविका दीदी के पदाधिकारी मनीष ने बताया कि जिले में पहली किस्त प्राप्त करने वाले अधिकांश महिला उद्यमी अभी अपना रोजगार शुरू नहीं की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में दूसरी किस्त के लिए करीब 24 हजार महिला उद्यमी को मानक के अनुसार योग्य पाया गया है। दूसरी किस्त के लिए तैयार हो रहा आंकड़ा विगत फरवरी माह से जिले में महिला उद्यमियों को चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें महिला उद्यमी से 10 हजार रुपए की राशि, क्या रोजगार में शुरू किया, की जानकारी मांगी जाती है। इस बाबत ग्राम संगठनों ने सात प्रश्न सुनिश्चित किया है। जो महिला उद्यमी उसको पूरा करती हैं, उसी को 20-20 हजार रुपए की किस्त मिलेगी। इनका डेटा पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। मुख्यालय भेजने के लिए आज मंगलवार तक अंतिम तिथि निर्धारित थी। आरा सदर प्रखंड में 1 प्रतिशत भी कम योग्य लाभार्थी भोजपुर जिले के सबसे अधिक शहरी इलाका आरा सदर प्रखंड में है। यहां पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या करीब 26 हजार रही है। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की राशि प्राप्त की है। इस प्रखंड में 120 ग्राम संगठन है। दूसरी किस्त के लिए सर्वे के बाद 234 जीविका दीदी को दूसरी किस्त के लायक पाया गया। यह संख्या कुल लाभार्थियों के एक प्रतिशत से भी कम है।