samacharsecretary.com

NCERT ने न्याय पालिका में Corruption वाले चैप्टर पर मांगी माफी

पटना. न्याय पालिका में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद NCERT ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है. संस्था ने कहा कि पूरी किताब वापस ले ली गई है और अब यह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. NCERT ने इस संबंध में ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी. संस्था ने कहा, “हाल ही में क्लास 8 की सोशल साइंस की पुस्तक में Exploring Society: India and Beyond (भाग-2) प्रकाशित की थी, जिसमें चैप्टर-4 का शीर्षक था, हमारे समाज में न्याय पालिका की भूमिका. एनसीईआरटी के निदेशक और सदस्यों ने इस अध्याय को लेकर बिना किसी शर्त के सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है. साथ ही बताया गया है कि पूरी किताब को वापस ले लिया गया है और अब यह उपलब्ध नहीं है.” 𝐏𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐑𝐞𝐥𝐞𝐚𝐬𝐞: 𝐏𝐮𝐛𝐥𝐢𝐜 𝐀𝐩𝐨𝐥𝐨𝐠𝐲 The National Council of Educational Research and Training [NCERT] has recently published a social science textbook, “Exploring Society: India and Beyond," Grade 8 (Part II), which contained Chapter IV titled “The Role of… — NCERT (@ncert) March 10, 2026 इसी के साथ NCERT ने आगे कहा कि हम इस कारण हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं और सभी संबंधित पक्षों की समझदारी की सराहना करते हैं. NCERT शैक्षणिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कहां से शुरू हुआ पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट NCERT की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाले टॉपिक के उल्लेख को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. ये नोटिस 26 फरवरी को NCERT के निदेशक और शिक्षा मंत्रारलय के सचिव के लिए जारी किया गया. कोर्ट ने किताब की सभी कॉपियों को तुरंत बैन कर दिया. साथ ही पूछा कि इस मामले में आपराधिक अवमानना कार्रवाई क्यों न की जाए. यहीं से ये पूरा विवाद शुरू हुआ. क्या था सुप्रीम कोर्ट का कहना? सुप्रीम कोर्ट का मानना था कि इसमें न्यायपालिका की गलत या एकतरफा तस्वीर पेश की गई है. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि इस उम्र में बच्चे जीवन की बारीकियों को समझना शुरू ही करते हैं, ऐसे में उन्हें गलत जानकारी देना उचित नहीं है. कोर्ट का साफ कहना था कि किताब के माध्यम से ये जानकारी स्टूडेंट्स, शिक्षक और माता पिता तक पहुंचेगी. इससे समाज पर प्रभाव पड़ेगा.

बिहार में कॉपियों, प्लास्टिक और इलेक्ट्रिक सामान की कीमत 12 तक बढ़ी

भागलपुर. खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध से पनपे वैश्विक हालात का असर अब भागलपुर के बाजारों में भी दिखने लगा है। पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल की कीमत बढ़ने से कागज, कॉपी, प्लास्टिक और कुछ इलेक्ट्रिक सामान महंगे हो गए हैं। स्कूलों में नया सत्र शुरू हो रहा है। सभी अभिभावकों को कॉपी खरीदनी ही है। इसी वक्त कॉपियों की कीमतों में बढ़ोतरी से अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। भागलपुर में कॉपियों की कीमतें अचानक 12 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। हालांकि, थोक और खुदरा बाजार में कीमतों में अंतर होने से ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दुकानदारों की मानें तो कागज बनाने में कई पेट्रोकेमिकल आधारित रसायनों का उपयोग होता है। इन रसायनों का कच्चा माल खाड़ी देशों से आता है। वैश्विक तनाव के कारण इनकी लागत बढ़ने से कागज और कॉपियों की कीमतों में तेजी आई है। कोतवाली चौक के समीप कॉपियों के थोक विक्रेता गोपाल खेत्रीवाल ने बताया कि कई कंपनियों ने एमआरपी बढ़ा दी है। इससे बाजार में नई कॉपियां महंगी हो गई हैं। पहले 120 पेज की कॉपी का एमआरपी 32 रुपये था। इसे बढ़ाकर अब 40 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 172 पेज की कॉपी का एमआरपी पहले 52 रुपये था, जो अब बढ़कर 60 रुपये हो गया है। जेराक्स के लिए इस्तेमाल होने वाले ए-4 साइज पेपर की कीमत भी बढ़ गई है। पहले इसका थोक भाव 175 रुपये था, अब बढ़कर 190 रुपये हो गया है। कीमतों में नहीं दिख रही एकरूपता एमआरपी बढ़ने के बाद खुदरा दुकानदार भी कॉपियां बढ़ी हुई कीमतों पर बेचने लगे हैं। इस कारण कीमतों में एकरूपता नहीं दिख रही है। स्कूलों से जुड़े विक्रेता कॉपियों पर करीब 10 प्रतिशत की छूट दे रहे हैं, जबकि खुदरा बाजार में ग्राहकों को एमआरपी पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। कुछ थोक विक्रेता भी खुदरा की तरह सीधे ग्राहकों को कॉपियां बेच रहे हैं। गोपाल खेत्रीवाल के अनुसार, कॉपियों पर अभी भी 50 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिल रहा है। सुबोध कुमार ने बताया कि कई दुकानदार बढ़ी हुई एमआरपी पर ही कॉपियां बेच रहे हैं। स्कूल सत्र शुरू होने के साथ ही बाजार में कॉपियों की मांग बढ़ गई है। फरवरी, मार्च और अप्रैल में कॉपियों की बिक्री सबसे अधिक होती है और साल का लगभग 40 प्रतिशत व्यापार इसी अवधि में हो जाता है। दूसरी ओर, अभिभावक संजय कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले कॉपी खरीदने की योजना थी, लेकिन किसी कारण से खरीद नहीं पाए। अब पांच से आठ रुपये बढ़ी हुई कीमतों पर कॉपी खरीदनी पड़ी। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े बाजार में प्लास्टिक और इलेक्ट्रिक सामान की कीमतों में भी तेजी आई है। गुरुद्वारा रोड स्थित प्लास्टिक विक्रेता आकाश कुमार ने बताया कि अधिकांश सामानों की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले साधारण प्लास्टिक बाल्टी 100 से 120 रुपये में मिलती थी, अब बढ़कर 130 से 140 रुपये हो गई है। बैठने वाला प्लास्टिक स्टूल पहले करीब 150 रुपये में मिलता था, अब 170 से 180 रुपये में बिक रहा है। डस्टबिन की कीमत 150 से 170 रुपये से बढ़कर 180 से 200 रुपये तक पहुंच गई है। किचन में इस्तेमाल होने वाला कंटेनर पहले 50 रुपये में मिल जाता था, अब 60 से 65 रुपये में बिक रहा है। प्लास्टिक मग, जो पहले 20 रुपये में मिलता था, अब 25 से 30 रुपये तक पहुंच गया है। आकाश के अनुसार ये रोजमर्रा के उपयोग के कम कीमत वाले सामान हैं, इसलिए बिक्री पर फिलहाल ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लोग जरूरत के हिसाब से इन्हें खरीद रहे हैं और बाजार में मांग सामान्य बनी हुई है। दूसरी ओर, गर्मी के मौसम को देखते हुए इलेक्ट्रिक सामान की मांग भी बढ़ने लगी है। दुकानदारों के अनुसार पंखों की कीमत में भी तेजी आई है। एक ब्रांड का पंखा जो पहले 1250 रुपये में मिलता था, अब 1450 से 1500 रुपये में बिक रहा है।

सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा में सम्राट चौधरी बोले- ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है’

सुपौल. ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है. नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सबकुछ करना है.’ यह बात सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कही. सीएम नीतीश सुपौल जिले में पहुंचे, जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहां मंच से लोगों को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, जो लोग पलायन करते हैं, उनको पलायन नहीं करने देना है. इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा, मैं एनडीए की तरफ से आश्वस्त करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार जी कहीं नहीं जा रहे हैं. नीतीश कुमार जी हमारे बीच में हम लोगों को मार्गदर्शन देंगे और बिहार फिर से श्रेष्ठ बनने का काम करेगा. बिहार पूरी तरह से सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करता रहेगा. इस तरह से सम्राट चौधरी ने बिहार में ही हर बिहारी को रोजगार देने की बात कही. बिहार में लाई जाएगी इंसेंटिव पॉलिसी बिहार में उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके जरिए ही लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकेगा. सोमवार को सम्राट चौधरी ने बिहार में इंसेंटिव पॉलिसी लाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, इंसेंटिव पॉलिसी 2026 के माध्यम से राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. जो लोग मजदूरी करने के लिए बाहर जाते हैं, उन्हें पांच साल के अंदर चिह्नित कर बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. यह सरकार की प्राथमिकता है. बिहार में गन्ना उद्योग को दिया बढ़ावा सम्राट चौधरी ने गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया. सम्राट चौधरी ने कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना किसानों से अपील की कि नई तकनीक के साथ पुरानी पद्धति की ओर लौटना है. तभी हम अच्छी खेती कर पायेंगे. खेती की पुरानी पद्धति में कैसे लौटे, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. सरकार बंद मिलों को चालू कराने के साथ ही नई चीनी मिलें लगाने की दिशा में कार्य कर रही है. आज बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हैं.

सुपौल में सीएम नीतीश बोले- ‘लालू-राबड़ी शासनकाल में शाम के बाद बाहर नहीं निकलते थे लोग’

सुपौल. मंगलवार से सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की शुरुआत हुई. सुपौल जिले में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले 5 साल के विजन को बताया. सीएम नीतीश ने कहा कि 2025 से 2030 के लिए काम शुरू हो गया है. अगले 5 सालों में उद्योग को बढ़ावा, 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और महिलाओं को 2-2 लाख रुपए भी दिए जायेंगे. 7 प्वाइंट में बताया पूरा विजन दोगुना रोजगार, दोगुनी आय- प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा. महिलाओं को दो-दो लाख रुपए और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी दिया जाएगा.     समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार- अगले 5 सालों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जाएगा. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है. पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा.     कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि- इसके लिए पहले से ही काम किया गया है. इसमें और तेजी लाने के लिए अब नए बिहार विपणन प्रोत्साहक निगम की स्थापना की गई है. मखाना के उत्पादन को और बढ़ावा दिया जा रहा है. डेयरी और मछली पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है.     उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य- राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं. एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया जा रहा है.     सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन- स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए जिला और प्रखंड के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जा रहा है. राज्य में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी.     मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार- आधारभूत संरचनाओं को बेहतर किया जाएगा. शहरों का विकास किया जाएगा. 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. ग्रामीण सड़कों को टू लेन बनाया जाएगा. इच्छुक लोगों के घर की छतों पर सोलर पैनल लगाए जायेंगे. टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा.     सबका सम्मान और जीवन आसान- आधुनिक तकनीक और अच्छे प्रशासन के माध्यम से राज्य के लोगों के जीवन को आसान बनाया जाएगा. लालू-राबड़ी शासनकाल पर भी बोले लोगों को संबोधित करते हुए लालू-राबड़ी शासनकाल पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा, 2005 के पहले की जो सरकार बनी थी, लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. शाम से ही घर में बंद हो जाते थे. पहले समाज में कितना विवाद होता था और हिंदू मुसलमान का झगड़ा भी होता था. पढ़ाई का भी हाल बुरा था. बहुत कम बच्चे ही पढ़ पाते थे. पहले इलाज का भी इंतजाम नहीं था और सड़कें भी बहुत कम थी. हम लोगों ने बिहार में सारा काम किया. बिहार में किसी प्रकार के डर-भय का वातावरण नहीं है.

बिहार में मौसम का मिजाज बदला: पटना-पूर्णिया समेत 27 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, सोमवार (9 मार्च) से बुधवार (11 मार्च) तक राज्य के 27 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के 27 जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सहरसा समेत अन्य जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। पश्चिमी बिहार में तपिश जारी रहेगी वहीं बक्सर, भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद जैसे पश्चिमी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यहाँ तापमान में कोई विशेष कमी आने के संकेत नहीं हैं और गर्मी का सितम जारी रह सकता है। रविवार को कैमूर में अधिकतम तापमान 34.8°C दर्ज किया गया, जबकि पटना और फारबिसगंज में न्यूनतम तापमान भी 23.5°C तक पहुँच गया। तेज धूप और पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट की उम्मीद है। किसानों को जारी हुई एडवाइजरी मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान वे पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया हैं। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो रही है और आम के पेड़ों पर मंजर आए हुए हैं। तेज आंधी और बारिश से मंजरों के गिरने और गेहूं की खड़ी फसल को खतरा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फिलहाल कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।

जीविका दीदीयों को सहकारी संघ देगा 2 लाख तक का लोन

बांका. स्वरोजगार और छोटे कारोबार के लिए अब जीविका दीदियों को माइक्रो फाइनेंस या नॉन बैंकिंग कंपनियों से ऋण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उन्हें जीविका के माध्यम से ही सप्ताह भर के अंदर लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिला परियोजना विभाग (जीविका) की ओर से स्थानीय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। सुलभ तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के लिए बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ का गठन किया गया है। इससे जिले की करीब तीन लाख से अधिक जीविका दीदियों को लाभ मिलेगा। बांका में 3 लाख महिलाओं को होगा फायदा जिले में लगभग 26 हजार से अधिक जीविका समूह संचालित हैं, जिनसे तीन लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर विभिन्न प्रकार के कारोबार कर रही हैं। जिला परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि लोन लेने के लिए एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोन देने से लेकर उसे वापस करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। कम राशि को भी किया जाएगा फाइनेंस बैंकिंग व्यवस्था के संचालन के लिए जिले में 13 सीएलएफ का चयन किया गया है, जिन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। नई वित्तीय वर्ष से इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। जीविका अधिकारियों के अनुसार समूह से जुड़ी महिलाओं को पहले एकमुश्त राशि दी जाती है, लेकिन कई बार स्वरोजगार के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में जीविका निधि के माध्यम से आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। आवेदन से लेकर ऋण वापसी तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसकी निगरानी प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक की जाएगी। तीन तरह का मिलेगा ऋण जीविका बैंक से ऋण लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन में तीन विकल्प दिए जाएंगे। अल्पकालीन ऋण 15 हजार रुपये तक, सूक्ष्म ऋण 15 हजार से 75 हजार रुपये तक तथा लघु ऋण 75 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक मिल सकेगा। अल्पकालीन ऋण की अवधि अधिकतम 12 महीने, सूक्ष्म ऋण की 24 महीने और लघु ऋण की 36 महीने तक निर्धारित की गई है। जीविका दीदियों को सुलभ तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के लिए जीविका निधि का गठन किया गया है। इससे जिले की तीन लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा। -राकेश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका माइक्रो फाइनेंस के दबाव से राहत दिलाएगी जीविका ऋण योजना माइक्रो फाइनेंस और नॉन बैंकिंग कंपनियों की ओर से लोन वसूली के लिए किए जाने वाले दबाव और प्रताड़ना से लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले वर्ष अमरपुर क्षेत्र में कर्ज के दबाव से तंग आकर एक दंपती समेत तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। ऐसी कई घटनाओं के बाद प्रशासन और समाज में चिंता बढ़ी थी। अब जीविका के माध्यम से सुलभ और पारदर्शी तरीके से ऋण उपलब्ध होने से महिलाओं को निजी कंपनियों के चंगुल में फंसने से बचाव मिलेगा। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ कर्ज के दबाव से होने वाली परेशानियों में भी कमी आने की संभावना है।  

बिहार में चिराग पासवान के लिए जोरदार प्रदर्शन, पोस्टरों में उठी मुख्यमंत्री बनने की आवाज

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करने के बाद सोमवार को पटना की सड़कों पर चिराग पासवान को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर दिखे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने ये पोस्टर लगाए। पोस्टरों में चिराग पासवान के सिर पर ताज पहने दिखाया गया था और उन पर नारे छपे थे कि उन्हें ताज पहनाओ, तभी बिहार का स्वर्ण युग आएगा। मोदी ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। चिराग बिहार के नए नेता बनेंगे और बिहार को चिराग की ज़रूरत है। अब समय आ गया है कि एक युवा मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार बनाएगा और चिराग मुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पार्टी समर्थकों ने चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इससे पहले, जमुई से सांसद और चिराग पासवान के बहनोई अरुण भारती ने भी चिराग को बिहार का नेतृत्व करते देखने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर अंतिम निर्णय एनडीए द्वारा लिया जाएगा। इससे पहले चिराग पासवान की माता राजकुमारी देवी ने भी सार्वजनिक रूप से उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखने की इच्छा जताई थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि चिराग पासवान मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार से बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए और लोगों से उनका समर्थन करने का आग्रह किया था। नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद राजनीतिक गलियारों में दिग्गज नेता के संभावित उत्तराधिकारियों के रूप में कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि राज्य में किसी महिला को मुख्यमंत्री बनाने पर विचार-विमर्श चल रहा है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री हो गई है। निशांत रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। राजनीति में उनके आने के बाद, कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर विचार करने की मांग भी की है। चिराग पासवान का नाम अब इस सूची में जुड़ जाने से बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर बहस और भी तेज हो गई है।

‘ना दंगा, ना फसाद, बिहार का CM सिर्फ चिराग’ वाले लगे पोस्टर

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच एनडीए के भीतर से ही एक नई राजनीतिक मांग सामने आई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं ने चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई है। बीजेपी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर चिराग पासवान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पोस्टर में लिखा गया है-'ना दंगा, ना फसाद हो, बिहार का CM सिर्फ चिराग हो।' पोस्टर में ‘स्वर्ण काल’ की बात पोस्टर में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की खुलकर अपील की गई है। इसमें लिखा गया है- 'सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल।' इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि चिराग के नेतृत्व में बिहार में नई शुरुआत हो सकती है। ‘मोदी के हनुमान’ का भी जिक्र पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया गया है। इसमें लिखा गया है- 'मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज।' इससे चिराग को एनडीए के मजबूत नेता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। युवा मुख्यमंत्री की मांग पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि 'बिहार मांगे चिराग, वक्त अब आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का।' इसके साथ ही यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अगर एनडीए की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री का चेहरा चिराग पासवान होना चाहिए। एलजेपी (रामविलास) नेता ने लगवाए पोस्टर बताया जा रहा है कि ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना जिला अध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगवाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में इस मांग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सांसद अरुण भारती भी जता चुके हैं इच्छा इससे पहले एलजेपी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती भी चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जता चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसला एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर करेंगे। कार्यकर्ताओं की भी बड़ी भूमिका की मांग अरुण भारती ने कहा था कि व्यक्तिगत तौर पर वह अपने नेता चिराग पासवान को बिहार के बड़े नेता और राज्य के मुखिया के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई जिलों में कार्यकर्ताओं की मांग है कि आने वाले समय में चिराग पासवान को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए।

बिहार की राजनीति में हलचल: ‘अगला CM चिराग पासवान’ वाले पोस्टरों से मचा बवाल

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच बिहार में पॉलिटिकल हलचल तेज हो गई है। इसी बीच चिराग पासवान को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर पटना की सड़कों पर दिखे हैं। ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष इमाम गजाली ने लगाए हैं। पोस्टर, जिसमें चिराग पासवान के सिर पर ताज दिखाया गया है, पर नारे लिखे थे, जैसे, “उन्हें ताज पहनाओ, तभी बिहार का सुनहरा दौर आएगा। मोदी ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। चिराग बिहार के नए नेता होंगे। बिहार को चिराग की जरूरत है। अब, एक युवा मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है। नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार बनाएगी, और चिराग मुख्यमंत्री होंगे।” यह पहली बार नहीं है जब पार्टी के समर्थकों ने चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इससे पहले, जमुई से सांसद और चिराग पासवान के साले अरुण भारती ने भी चिराग को बिहार का नेतृत्व करते देखने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर आखिरी फैसला NDA करेगा। इससे पहले, चिराग पासवान की मां राजकुमारी देवी ने सबके सामने इच्छा जताई थी कि वह उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चिराग पासवान मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे। उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए और लोगों से उनका समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि चिराग मुख्यमंत्री बनेंगे। वह नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे।”