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पटना में तेजस्वी की खास कुर्सी का पोस्टर शो: जन्मदिन पर राजनीति भी हुई गर्म

पटना  बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कल 9 नवम्बर को जन्मदिन है। चुनावी साल में राष्ट्रीय जनता दल इसे खास बनाने की तैयारी पहले से ही कर रही है। तेजस्वी के जन्मदिन को लेकर पटना में बड़े बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में तेजस्वी यादव को बेहद खास गिफ्ट ऑफर किया गया है। बिहार महागठबंधन तेजस्वी यादव को अपना सीएम फेस घोषित कर चुका है।   पटना में राजद कार्यालय के बाहर समेत कई स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाए हैं। राजद कार्यकर्ताओं ने पोस्टर पर लिखवाया है- सीएम ऑफ बिहार, जन्मदिन का उपहार। एक कुर्सी की तस्वीर बनाई गई है जिसे मुख्यमंत्री की कुर्सी बताई गयी है। हर घर नौकरी देने को संकल्पित तेजस्वी यादव को बिहार की जनता की ओर से जन्मदिन की बधाई। यह भी कहा गया है कि तेजस्वी यादव ही दलित, शोषित, पीड़ित जनता को न्याय दिलाएंगे। जनता उन्हें सीएम बनाएगी। उन्हें भारत का सबसे युवा सीएम बताया जा रहा है। तेजस्वी यादव कल 36 साल के हो जाएंगे। उनका जन्म 9 नवम्बर 1989 को गोपागंज जिले में हुआ था। तेजस्वी यादव को महज 26 साल की उम्र में बिहार का उप मुख्यमंत्री बनने का श्रेय मिल चुका है। तब वह डेढ़ साल तक नीतीश कुमार कि 2015 वाली सरकार में बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे। दूसरी बार 2022 में नीतीश कुमार के साथ वे फिर से बिहारके डिप्टी सीएम बनने में कामयाब रहे। तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार के नेता प्रतिपक्ष हैं। राजद ने उन्हें पहले से ही सीएम उम्मीदवार घोषित कर रखा है। उन्हें महागठबंधन की ओर से इस चुनाव के लिए सीएम फेस घोषित किया जा चुका है। 2020 का चुनाव भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही लड़ा गया था। लालू यादव ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया है। फिलहाल पार्टी का नेतृत्व तेजस्वी यादव के हाथों में ही है। नेता के जन्मदिन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। इससे पहले भी तेजस्वी यादव को बिहार का नेक्स्ट सीएम बताने वाले पोस्टर लगाए जा चुके हैं। इस साल के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के नेता उन्हें सीएम उम्मीदवार बताने से बचते रहे। काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया।

सीमांचल पर सियासी संग्राम: अमित शाह ने राहुल-तेजस्वी पर लगाया बड़ा आरोप

पूर्णिया गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया के बनमनखी में चुनावी सभा की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया। अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के आधे हिस्से ने पहले ही कांग्रेस-राजद गठबंधन को नकार दिया है। एनडीए बिहार में 160 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। मैं सीमांचल में आया है। मैं सीमांचल वालों की बात जानने आया हूं। आप बताओं सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए या नहीं निकालना चाहिए। यह अभी-अभी राहुल गांधी और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव घुसपैठियों बचाव यात्रा लेकर निकले थे। वह चाहते हैं सीमांचल घुसपैठियों का अड्डा बने। घुसपैठिये हमारे गरीबों का हक छीनते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग न केवल घुसपैठियों को निकालेंगे, बल्कि जमीन अधिग्रहण को भी जमींदोज कर देंगे। राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं गृह मंत्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद और महर्षि मेंही की भूमि को मैं प्रमाण करता हूं। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को मैं प्रमाण करता हूं। इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं। एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन और दूसरे ओर पांच पांडवों वाला एनडीए है। आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण में लालू-राहुल की पार्टी का सूफड़ा साफ हो गया। बिहार में एनडीए सरकार बनने वाली है। मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है। अगले पांच साल में सीमांचल में एक-एक अवैध गतिविधि को भाजपा और एनडीए की सरकार उखाड़ फेकेंगी। हमारी मतदाता सूची से घुसपैठिये निकालने चाहिए या नहीं निकालने चाहिए। यह राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। लेकिन, आप दोनों कान खोलकर सुन लें कि हमलोगों उन्हें सीमांचल की धरती से निकाल कर उनके देश भेज कर रहेंगे। 'अगर थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा' अमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी। नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप पर बटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिए अमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।

VVPAT पर्चियां मिलीं कचरे में, समस्तीपुर में EC का बड़ा एक्शन — ARO सस्पेंड

समस्तीपुर बिहार के समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में कचरे में बड़ी संख्या में वीवीपैट पर्चियां मिलने का मामला सामने आया। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मामले में समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि बहुत सारी श्रेडेड पर्चियों के बीच कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी पाई गईं, जिन्हें प्रशासन ने कन्फिस्केट कर सीजर कर लिया है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन्हें मॉक पोल की पर्चियां बताया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए एआरओ को सस्पेंड कर दिया है। जिलाधिकारी ने की अफवाह न फैलाने की अपील जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों से लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये पर्चियां किस समय की हैं। अफवाह न फैलाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरा तकनीकी मामला है, जांच करते हुए सभी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। घटना सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र की है, जहां शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कचरे में पाई गईं। जिलाधिकारी के अनुसार, यह सामग्री कमीशनिंग/डिस्पैच सेंटर के पास मिली, जहां श्रेडेड पर्चियों के साथ कुछ अनश्रेडेड पर्चियां भी देखी गईं। प्रशासन ने मौके से पर्चियों को जब्त कर लिया है और संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के बाद पर्चियों का समय और स्रोत स्पष्ट कर दिया जाएगा और तब तक किसी भी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कमीशनिंग के दौरान 5% मशीनों पर 1000-1000 वोट का मॉक पोल होता है और सभी प्रत्याशियों के प्रतीक की लोडिंग जांचने के लिए बटन दबाकर परीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्थल पर काफी संख्या में कटी हुई/श्रेडेड पर्चियां भी मिली हैं, जिसकी जांच जारी है। इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को बिहार के समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के सरायरंजन में एक मतदान केंद्र के बाहर वीवीपैट पर्चियां मिलने के संबंध में त्वरित स्पष्टीकरण जारी किया और इस बात पर जोर दिया कि यह घटना केवल मॉक पोल पर्चियों से संबंधित थी और इससे चुनाव प्रक्रिया को कोई खतरा नहीं है। विपक्षी दलों और स्थानीय मीडिया द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान करते हुए, निर्वाचन सदन में एक प्रेस वार्ता के दौरान कुमार ने कहा, "मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया गया है।"कुमार ने बताया कि समस्तीपुर के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को तुरंत घटनास्थल का दौरा करने और जमीनी स्तर पर जांच करने का निर्देश दिया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने घोषणा की, "एआरओ चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार नकली मतदान सामग्री का उचित निपटान सुनिश्चित करने में विफल रहे। उन्हें तत्काल निलंबित किया जा रहा है और आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।"

चुनाव से पहले सतर्कता बढ़ी: पलामू सीमा 48 घंटे में होगी सील, सुरक्षा बलों की तैनाती तेज

पलामू झारखंड के पलामू जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जाएगा। जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कारर्वाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटर स्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉडर्र को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।  

नेतृत्व बदलाव की आहट: राजनाथ सिंह ने बताया, कब मिलेगा बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

पटना  बिहार चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने इससे जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बिहार चुनाव के बाद इसकी घोषणा हो जाएगी। साथ ही उन्होंने इस बात से भी साफ इनकार कर दिया कि भाजपा अध्यक्ष के पद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ कोई मतभेद नहीं है। राजनाथ सिंह ने न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि आरएसएस भाजपा के राजनीतिक मामलों में कभी कोई हस्तक्षप नहीं करता है।   वहीं, इसी इंटरव्यू के दौरान राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 160 से अधिक सीट जीतेगा और नीतीश कुमार स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री बनेंगे क्योंकि राजग उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जनसभाओं में मतदाताओं के उत्साह को देखते हुए, मैं कह सकता हूं कि हमारी सरकार निश्चित रूप से बनेगी और हम दो-तिहाई बहुमत भी हासिल कर सकते हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि राजग बिहार में 160 से अधिक सीट जीतेगा। भाजपा नेता ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक नेता बने प्रशांत किशोर का चुनाव परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा और कहा कि ‘‘प्रशांत किशोर कारक इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि उस पर विचार भी किया जाए’’ क्योंकि मतदाता अच्छी तरह से समझते हैं कि चुनाव कौन लड़ रहा है, वे जानते हैं कि जन सुराज पार्टी के प्रमुख एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे। भाजपा तथा चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से एक-एक उपमुख्यमंत्री होने की खबरों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जो कुछ भी होगा वह आम सहमति से तय किया जाएगा, जब सभी लोग एक साथ बैठेंगे और तय करेंगे कि क्या किया जाना है।  

नई सियासी पारी की शुरुआत: 9 नए प्रत्याशी आजमाएंगे अपनी किस्मत

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। वहीं, कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। 2 प्रत्याशियों के बीच बड़ा मुकाबला ये नए उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं, विकास-विकल्प, सामाजिक कार्य या जनसंपर्क के माध्यम से पहचान बना रहे हैं और अब राजनीतिक पारी में भाग ले रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है। एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नए उम्मीदवारों के शामिल होने से मत का विभाजन अधिक होगा और पुरानी राजनीतिक तस्वीर बदलने की संभावना बढ़ रही है। इस बार चुनावी परिणाम तय होंगे इस बात पर कि जनता पुरानी पार्टियों एवं नेताओं पर भरोसा बनाए रखेगी या नए विकल्प के पक्ष में जाए। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

घुसपैठ बयान पर ओवैसी नाराज़: मुसलमानों को क्यों बनाया जा रहा निशाना?

पटना  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्ष के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है कि विपक्षी दल घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों की प्रगति को नजरअंदाज करने के बाद अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ओवैसी ने तर्क दिया कि घुसपैठ के आरोपों को तब स्वीकार किया जा सकता है जब बिहार में सोने की खदान जैसा कोई कोई बड़ा आकर्षण होता। हैदराबाद के सांसद ने कहा, "क्या यहां सोने की खान मिल गई है? अगर तेल के भंडार खोजे जाते तो मैं समझता कि लोग इस राज्य की ओर भाग रहे हैं। युवा भारतीय पूरे देश में प्रवास करते हैं, लेकिन आप उन्हें रोकने के बजाय घुसपैठिया कहकर उन्हें बदनाम करते हैं। सीमांचल के मुसलमानों ने विभाजन के दौरान बांग्लादेश जाना पसंद नहीं किया और भारत को अपना देश चुना।" ओवैसी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर घुसपैठिए मौजूद भी हैं तो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दोषी ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि वे कई सालों से केंद्र और बिहार की सत्ता में हैं। ओवैसी ने कहा, "मुख्यमंत्री आपके हैं, नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री आपके हैं अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आपकी निगरानी में घुसपैठिए कैसे आ रहे हैं? अगर घुसपैठिए हैं तो इसका मतलब है कि आप विफल रहे हैं। आपके पास BSF और सीमा सुरक्षा बल है। आप राज्य सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन वह भी आपकी ही है।" 2020 के विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था, जहां राज्य की 17% मुस्लिम आबादी का एक बड़ा हिस्सा रहता है। हालांकि, बाद में इनमें से चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे।  

झारखंड HC का आदेश: वासेपुर गैंगस्टर फहीम खान की रिहाई की तैयारी शुरू

रांची वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर फहीम खान को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पिछले 22 वर्षों से भी अधिक समय से 75 वर्षीय फहीम खान जेल में कैद है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए 6 सप्ताह के भीतर उसे जेल से रिहा करने को कहा है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि छह सप्ताह के भीतर फहीम खान को जेल से रिहा किया जाए। गैंगस्टर फहीम खान की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने पैरवी करते हुए दलील दी कि फहीम की उम्र अब 75 वर्ष से अधिक हो चुकी है। वह 22 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है। इस दौरान वह दिल और गुर्दे की गंभीर बीमारियों से पीड़ित रहा है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए उसे रिमिशन सेंटेंस (सजा में छूट) के तहत रिहा किया जाए। वहीं, अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हेमंत सरकार को यह आदेश पारित किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद फहीम खान के परिवार में खुशी का माहौल है। उनके बेटे इकबाल खान ने पिता की रिहाई की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों के साथ मिठाई बांटकर जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज उन्हें न्याय मिला है। वहीं, बता दें कि फहीम खान इस समय जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में बंद है। उसने 29 नवंबर 2024 को झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रिहाई की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले में एक रिव्यू बोर्ड गठित किया था, जिसमें फहीम खान को 'समाज के लिए खतरा' बताते हुए उसके रिहाई से इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि 1989 में सगीर हसन सिद्दीकी की हत्या के मामले में फहीम खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 2009 से वे जेल में बंद थे। 10 मई 1989 की रात सगीर हसन सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने फहीम खान सहित तीनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। इसके बाद 15 जून 1991 को सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया, लेकिन बिहार सरकार ने इस फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी। पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए फहीम खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 21 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। गवाहों के अनुसार, सगीर अपने दोस्त आलमगीर के घर के बाहर बैठा था, तभी फहीम खान अपने साथी छोटना उर्फ करीम खान और अरशद के साथ वहां पहुंचा और इसके बाद फहीम ने सगीर के सिर में गोली मार दी थी।  

मोदी का तीखा बयान: ‘जंगलराज वालों को लगा झटका, जनता अब विकास चाहती है, कट्टा नहीं’

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में विशान जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं माता जानकी की प्रकट स्थली से संपूर्ण बिहार को प्रणाम करता हूं। पहले चरण के मतदान ने कमाल कर दिया है। उन्होंने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले चरण के मतदान से जंगलराज वालों को 65 वोल्ट का झटका लगा है। आपका यह प्यार और उमंग देखकर स्पष्ट लगता है कि इस बार फिर से एनडीए सरकार बनेगी। आपका आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत है। पीएम मोदी ने "नहीं चाहिए कट्टा सरकार, फिर एक बार एनडीए सरकार" का नारा दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव विकसित बिहार बनाने का चुनाव है। यह चुनाव आपके आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय करेगा। इसलिए यह चुनाव काफी अहम है। इसलिए आपलोग पिछले हर मतदान का रिकॉर्ड तोड़ दें। बड़ी तादात में मतदान करें और हमारे उम्मीदवारों को अपना आशीर्वाद दें। पीएम मोदी ने बताया जंगलराज का मतलब पीएम मोदी ने कहा कि राजद वाले बिहार के बच्चों के लिए क्या करना चाहते हैं? यह इनके नेताओं के चुनाव प्रचार में साफ दिखता है। आप जंगलराज वालों के गाने और नारे सुन लीजिए, आप कांप जाएंगे। राजद के मंचों पर मासूम बच्चों से कहलवाया जा रहा है कि उन्हें रंगदार बनना है। आप मुझे बताइए बिहार के बच्चे को रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर बनना चाहिए? क्या हम रंगदार बनाने वालों को जीतने देंगे? बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, जज बनेगा। मैं बिहार में जंगलराज वालों की जगह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि राजद के लोग बिहार के बच्चों को कट्टा और दोनाली दे रहे हैं। खुद के बच्चों को मंत्री बनाना चाहते हैं। सारे सपने केवल अपने बच्चों के लिए देखते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज का मतलब है- कट्टा, क्रूरता कटुता, कुशासन, कुसंस्कार, करप्शन। क्या यह सब बिहार को मंजूर होगा?' 'राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया' पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही बिहार में जंगलराज आया, वैसे ही राज्य में बर्बादी का दौर शुरू हो गया। राजद ने बिहार में विकास का माहौल ही खत्म कर दिया। राजद और कांग्रेस वाले उद्योगों की एबीसी भी नहीं जानते हैं। वह केवल उद्योगों पर ताले लगाना चाहते हैं। यहीं मिथिला में मीलें और फ्रैक्ट्रियां बंद हो गईं। 15 साल में कोई भी बड़ा अस्पताल और फैक्ट्री बिहार में नहीं बना। इसलिए जंगलराज वालों के मुंह से विकास की बात सफेद झूठ है। बिहार के लोगों का सरकार से भरोसा उठ गया था। नीतीश कुमार ने इस भरोसे को वापस लाया। भाजपा और एनडीए की सरकार जो कहती और वह कहकर दिखाती है। मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है पीएम मोदी ने कहा कि मिथिला की बहन और बेटियों में अद्भुत सामर्थ्य है। मोदी आपकी कला को दुनिया में पहुंचा रहा है। मैं दुनिया भर के लोगों को मधुबनी पेंटिंग देने का काम कर रहा हूं। यह सब मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मुझे बिहार पर गर्व है। मुझे बिहार की बेटियों की ताकत पर गर्व है। मैं चाहता हूं कि आपकी कला और आपका कौशल दुनिया भर में पहुंचे। पीएम मोदी ने मछली पालन के क्षेत्र में बिहार ने कमाल कर दिया है। इसी तरह हमलोग मखाना को हर कोने में पहुंचाना चाहते हैं। बिहार का मखाना दुनिया में पहुंचेगा तो फायदा छोटे किसानों को होगा। पीएम ने कांग्रेस पर जमकर बोला हमला पीएम मोदी ने कहा कि अगर राजद-कांग्रेस की सरकार रहती तो आपके हक का पैसा लूट लिया जाता। यह मैं नहीं बल्कि कांग्रेस के नामदार के पिताजी कहते थे। वह कहते थे कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो गांव में जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। जरा बताओ यह कौन सा पंजा था? जो एक रुपये को घिस-घिस कर 15 पैसा कर देता था। आज पटना या दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो 100 के 100 पैसे आपके खाते में जमा होते हैं। कांग्रेस और राजद आपका पैसा लूटने की फिराक में है। यह लोग इतने साल तक सत्ता में रहे लेकिन केवल लोगों को लूटने का काम करते रहे। देश के 100 से अधिक जिलों को कांग्रेस ने पिछड़ा घोषित कर दिया। इसमें सीतामढ़ी भी था। हमने इन पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया। आज सीतामढ़ी दूसरे विकसित जिलों को टक्कर दे रहा। कांग्रेस और राजद वाले अपमान की राजनीति करते हैं पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और राजद सिर्फ अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। इन लोगों को हमारे पर्व और त्योहारों से भी चिढ़ है। कांग्रेस के नामदार छठ महापर्व को नौटंकी और ड्रामा करते हैं। उन्होंने महान तपस्या का अपमान किया। अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा का इनलोगों ने अपमान किया। महाकुंभ का अपमान किया। राजद और कांग्रेस वाले अपने वोट बैंक के कारण रामजी, निषाद राज, सबरी माता का बहिष्कार करते हैं। यह लोग तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। यह लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरी शक्ति से लगे हुए हैं। जिनका भारत से कोई लेना देना नहीं, वो लोग उनको बचा रहे हैं। यह लोग आपके हक पर डाका डालते हैं। यह आपके संतानों के हक की चोरी करते हैं। हमारे बेटियों और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। आप लोग इस चुनाव में उन्हें सजा जरूर देना है। लोकतंत्र में सजा देने का तरीका है, आपका एक वोट। वोट से आपलोग इन्हें सजा देना। संजय झा बोले- मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मिथिला की धरती पर पीएम मोदी का स्वागत है। उन्होंने बिहार को बजट में काफी कुछ दिया। वह हमेशा बिहार के विकास के बारे में सोचते रहे हैं। पीएम मोदी के सहयोग के कारण बिहार आने वाले पांच साल में देश के टॉप 10 राज्यों में शामिल होगा। संजय झा ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के हर एक परिवार की महिलाओं को 10 हजार रुपये रोजगार के लिए दिया है। विपक्ष के लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं लेकिन उनकी बातों में मत आइएगा।  

ECI का अपडेट! बिहार पहले फेज की वोटिंग में आया नया आंकड़ा – बढ़ी वोटिंग या घटी?

पटना  बिहार चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग हो गई. पहले फेज की वोटिंग का फाइनल डेटा भी आ गया है. चुनाव आयोग ने लेटेस्ट डेटा जारी कर बताया है कि पहले फेज में कितना मतदान हुआ. जी हां, चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग में कुल 65.8% मतदाताओं ने वोट डाला है. यह पहले के वोटिंग टर्नआउट वाले डेटा से अधिक है. चुनाव आयोग ने पहले बताया था कि बिहार में पहले चरण में अब तक का सबसे अधिक 64.66% वोटर टर्नआउट रहा. चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अंतिम मतदान 65.08% रहा. 6 नवंबर 2025 को बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान हुआ था. वोटिंग के मामले में बिहार ने नया इतिहास रच दिया है. वोटिंग को लेकर बिहार में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए. पहले चरण की वोटिंग में 75 साल का रिकॉर्ड टूट गया. इस तरह चुनाव आयोग का फाइनल डेटा पुराने डेटा से करीब 1 फीसदी अधिक है. बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा आम चुनाव में राज्य का औसत मतदान 57.29 प्रतिशत और 2024 के लोकसभा आम चुनाव में 56.28 प्रतिशत रहा था. चुनाव आयोग ने क्या कहा था बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने पहले ही बताया था कि वोटिंग वाले दिन जो डेटा जारी हुआ, वह फाइनल डेटा नहीं था. उन्होंने कहा था कि फाइनल डेटा में थोड़ा बहुत अंतर हो सकात है. 6 नवंबर की शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 3.75 करोड़ मतदाताओं में करीब 64.46 प्रतिशत (अनंतिम) ने मतदान किया था. उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा कुल 45,341 मतदान केंद्रों में से 41,943 केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है. गुंजियाल ने कहा, ‘‘यह फाइनल आंकड़ा नहीं है, क्योंकि कुछ मतदान केंद्रों से सूचनाएं अभी आनी बाकी हैं। अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े के इससे अधिक रहने की संभावना है.’ पहले चरण की वोटिंग में क्या हुआ मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ. कुछ स्थानों पर छिटपुट घटनाओं के अलावा कहीं से कोई बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली. राज्य के 18 जिलों में फैली इन 121 सीट के लिए 6 नवंबर को हुए मतदान में मतदाताओं में काफी उत्साह देखने को मिला. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं और मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. बिहार में सबसे अधिक वोटिंग मुजफ्फरपुर में हुई. अब दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी. नतीजे 14 नवंबर 2025 को आएंगे.