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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले – बिहार की हर सीट पर होगा गौ भक्त उम्मीदवार

छपरा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने बिहार में सनातनी राजनीति का शंखनाद कर दिया है। गौ मतदाता संकल्प यात्रा के दौरान उन्होंने घोषणा की कि बिहार की सभी विधानसभा क्षेत्रों में गौ भक्तों को चुनाव लड़ाया जाएगा और उनके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाएगा। साथ ही सनातनी हिन्दुओं से अपील की गई कि वे गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए मतदान करें। छपरा में गौ सेवकों और गौ रक्षकों को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि “आप जो कर रहे हैं वही धर्म है और वही अधर्म भी हो सकता है। यदि आपका वोट धर्म हो सकता है, तो अधर्म भी हो सकता है। अगर आपने गौ हत्या समर्थकों को वोट दिया तो वह अधर्म होगा।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वोट की ताकत से देश में गौ हत्या पर रोक लग सकती है। अपने संबोधन में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए आठ हजार करोड़ का विमान खरीदा गया है और यह उनकी चाय बेचने की कमाई से नहीं आया, बल्कि जनता के वोट की ताकत से आया है। “हमारी ही मां (गौ माता) के हत्यारों को सत्ता दिलाकर हम खुद शर्मिंदा हैं।” शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब गौ माता का संरक्षण होगा। गौ रक्षा सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति की आधारशिला है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए “आई लव मोहम्मद” और “आई लव महादेव” जैसी बयानबाजी कराई जा रही है। इससे जागरूक मतदाताओं का ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आने से पहले देशभर में गौ हत्या पर रोक की बातें करते थे, तो लोग उनसे उम्मीद करते थे। लेकिन बीते 12 वर्षों में गौ हत्या पर पाबंदी लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में बड़ा अंतर साफ झलक रहा है।

दिनदहाड़े कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

गोपालगंज गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के कुकुरभुक्का गांव निवासी कुख्यात अपराधी सुरेश यादव को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित संध्या बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से स्थानीय अपराध जगत में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक सुरेश यादव बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से एक बड़ा सिरदर्द बने हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरेश यादव पर ट्रिपल मर्डर, एक मुखिया हत्याकांड समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इन मामलों में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसे तलाश रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरेश यादव अपनी पहचान छिपाकर हावड़ा में रह रहे थे। मंगलवार रात वह हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और गोलियों से छलनी कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। गोपालगंज पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सुरेश यादव की हत्या पुरानी रंजिश या आपसी गैंगवार का नतीजा हो सकती है। चूंकि अपराधी बिहार का था और उसकी हत्या पश्चिम बंगाल में हुई, इसलिए गोपालगंज पुलिस ने हावड़ा पुलिस से संपर्क साधा है और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सुरेश यादव इतनी दूर हावड़ा में क्या कर रहे थे और वहां किन अपराधियों के साथ उनका संबंध था। साथ ही उनके आपराधिक नेटवर्क के बंगाल तक फैले होने की संभावना पर भी जांच जारी है।

माओवादियों ने किया जोरदार विरोध, बातचीत से इंकार के बाद पांच राज्यों में हड़ताल बुलाई

राँची  तिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों ने झारखंड समेत पांच राज्यों में 15 अक्तूबर को बंद बुलाया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बातचीत से इनकार किये जाने के बाद माओवादियों ने ये कदम उठाया है. जिन पांच राज्यों में बंद बुलाया गया है उसमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और उत्तरी छत्तीसगढ़ शामिल हैं. वहीं संगठन ने इन राज्यों में आठ अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक प्रतिरोध सप्ताह मनाने की भी घोषणा की है. इस संबंध में संगठन के पूर्वी रीजनल ब्यूरो के प्रवक्ता संकेत की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गयी है. प्रतिरोध सप्ताह मनाने और एक दिन के बंद का आह्वान संगठन ने केंद्र के निर्देश पर जारी ऑपरेशन कगार के तहत बर्बर पुलिसिया अभियान के खिलाफ प्रतिरोध सप्ताह मनाने और एक दिन के बंद का आह्वान किया है. बंद से दूध गाड़ी, प्रेस की गाड़ी और मरीज ले जानेवाली एंबुलेंस को मुक्त रखा गया है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2025 को संगठन के केंद्रीय कमेटी और इआरबी सदस्य सहदेव सोरेन, बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य रघुनाथ हेम्ब्रम और जोनल कमेटी सदस्य राम खेलावन गंझू को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है. नक्सलियों ने दी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी माओवादियों ने इसी तरह अन्य घटनाओं में भी संगठन से जुड़े नक्सलियों और सदस्यों को पुलिस द्वारा मारे जाने का आरोप लगाया गया है. वहीं गिरफ्तार नक्सली सदस्यों को अविलंब कोर्ट में पेश करने और मुठभेड़ से बचने की सलाह दी गयी है, नहीं तो विरोध में दंडात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गयी है. उधर, खुफिया विभाग ने भी नक्सलियों के बंद के मद्देनजर सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है. साथ ही सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया है. क्या कहना है झारखंड के डीजीपी का     नक्सलियों की यह गीदड़ भभकी है. ये लोग जहां छिपे हैं, वहां से बाहर आते ही मारे जायेंगे, जैसे इनके बाकी साथी मारे गये हैं. चुनौतियों के मद्देनजर झारखंड पुलिस पूरी तरह तैयार है.     अनुराग गुप्ता, डीजीपी झारखंड

फाइनल वोटर लिस्ट हुई जारी, बिहार में चुनावी माहौल गहराया – तारीख का बेसब्री से इंतजार

पटना भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। हाल ही में कराए गए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद यह अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई है। फाइनल वोटर लिस्ट को आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया है। इसी के आधार पर बिहार में विधानसभा चुनाव होंगे। आयोग 6 अक्टूबर के बाद कभी भी बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से कहा गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। कोई भी मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर मतदाता सूची में अपने नाम का विवरण देख सकताे हैं। बताया जा रहा है कि प्रकाशित मतदाता सूची में बिहार के 7.24 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इतने मतदाताओं की ओर से अपना गणना फॉर्म भरकर जमा किया गया था। वहीं, दावा-आपत्ति के दौरान 16 लाख 58 हजार 886 पात्र नागरिकों ने फॉर्म-6 भरकर जमा कराया। चुनाव आयोग के अनुसार 36,475 मतदाताओं ने नाम जोड़ने के लिए दावा पेश किया जबकि 2,17,049 मतदाताओं ने नाम हटाने के लिए आवेदन किए। हालांकि, फाइनल वोटर लिस्ट में मतदाताओं की कुल संख्या की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं, राज्य के करीब तीन लाख मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए जाने को लेकर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में एसआईआर के दौरान मृतक, स्थानांतरित एवं दोहरी प्रवृष्टि वाले मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। बिहार चुनाव का ऐलान अगले सप्ताह संभव फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब चुनाव आयोग बिहार में तैयारियों का जायजा लेने के लिए 4 और 5 अक्टूबर को पटना का दौरा करेगा। इसके बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। अगले सप्ताह बिहार विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। संभावना है कि पहले चरण का मतदान दिवाली और छठ महापर्व के बाद अक्टूबर महीने के अंत में या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में होगा। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। इससे पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पिछली बार की तरह इस बार भी 3 चरणों में मतदान होने की संभावना जताई जा रही है।  

अश्विनी चौबे की सलाह या चुनौती? प्रशांत किशोर के आरोप PM तक क्यों हैं अहम

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पुराने नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूत्रधार प्रशांत किशोर को एक ऐसी चुनौती भरी सलाह दे दी है, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आरोपों की बौछार झेल रहे नेताओं के लिए मुसीबत बढ़ा भी सकती है। अश्विनी चौबे ने कहा है कि प्रशांत किशोर सिर्फ आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं बन सकते। चौबे ने कहा है कि बात सिर्फ पेपर (अखबार) तक ही क्यों सीमित है, कागज को तो राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक जाना चाहिए। अश्विनी चौबे ने भाजपा के नेताओं पर लगे आरोपों को लेकर एक डिजिटल चैनल से बातचीत में कहा- “प्रशांत किशोर आरोप लगाकर बड़े राजनेता नहीं हो सकते। पेपर तक ही क्यों सीमित हैं। आप जाइए ना। कोर्ट है, राज्यपाल का दरवाजा है, राष्ट्रपति का दरवाजा है, प्रधानमंत्री का दरवाजा है। उनके पास क्यों नहीं जा रहे हैं आप। वो कागज वहां तक तो जाना चाहिए। जाइए, आपको कौन मना किया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा में गलत लोग और जो आयातित चेहरे हैं, वो सदा के लिए पार्टी की चाबी नहीं हैं। कुछ दिन के लिए भले गलत काम हो जाए किसी से, सदा के लिए नहीं। इन आरोपों पर पार्टी नेतृत्व के संज्ञान के सवाल पर चौबे ने कहा- “केंद्रीय नेतृत्व की निगाह हर चीज पर रहती है। बिहार में चुनाव हो रहा है तो एक-एक सूक्ष्म चीज पर नेतृत्व की पैनी निगाह है। वो सब कुछ देख रहे हैं, उनको सब कुछ मालूम है। जो सही होगा, अंत में वो आएगा।” चौबे ने कहा कि जिन पर आरोप लगे हैं, उन्होंने सफाई दी है। उनकी सफाई या इनका आरोप, कौन सही है, ये न्यायालय तय कर सकता है, गवर्नर कर सकते हैं, जज कर सकते हैं, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कर सकते हैं। याद दिला दें कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद संजय जायसवाल पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए हैं। चुनाव से पहले इन आरोपों ने पटना के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा रखा है। अश्विनी चौबे ने भागलपुर से 2015 में विधानसभा चुनाव लड़े और हारे अपने बेटे अर्जित शाश्वत को टिकट देने का खुद ही विरोध करने की बात भी बताई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोर ग्रुप में तब के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अर्जित को भागलपुर से लड़ाने की बात कही तो उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि इससे उनकी बदनामी होगी। चौबे ने बताया कि अमित शाह ने कहा कि अर्जित ने बिहार में सबसे ज्यादा मेंबरशिप की है और इसको चुनाव लड़ाया जाएगा, चाहे वो आपका बेटा ही क्यों ना हो। चौबे ने कहा कि उन्होंने तब सलाह दी कि भागलपुर अगर इतना महत्वपूर्ण है तो सुशील मोदी को लड़ा दीजिए।  

राज्यपाल और CM पहुंचे डिप्टी CM के घर, NDA-INDIA गठबंधन में राजनीतिक रार बढ़ी

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर नवरात्रि के अवसर पर महाआरती एवं फलाहार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, जनक राम, केदार गुप्ता आदि शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के जन प्रतिनिधि एवं NDA गठबंधन के प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों द्वारा भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़े कई प्रस्तुतियां हुई. असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मां काली के द्वारा महिसासुर मर्दन की अलौकिक प्रस्तुति भी हुई. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज का यह आयोजन सभी सनातन परिवारों में ऊर्जा का संचार करेगा और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस आयोजन में उपस्थित होकर बिहार के आमजनों को सनातन-संस्कृति के विचारों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया है. बिहार विधानसभा का चुनाव निकट है. ऐसे में मां दुर्गा सभी आसुरी शक्तियों का नाश करेंगी और NDA को आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलेगी. चुनाव के वक्त लगता है ऐसा आरोप, शांभवी का जवाब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा मंत्री अशोक चौधरी और अन्य लोगों पर लगाये गये आरोप के बाद अशोक चौधरी की पुत्री और समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने अपना बयान दिया. शांभवी ने कहा कि विशेष रूप से जब चुनाव आता है. आरोप और प्रत्यारोप हर समय, हर किसी के ऊपर लगता है. यह कोई नहीं बात नहीं है. जो आरोप प्रशांत किशोर ने लगाया है. मेरे पिताजी और मेरी मां, दोनों लोग अपना अपना पक्ष दे चुके हैं. उनके आराेप का कोई आधार नहीं है. यह सब बेबुनियाद है. सारे आरोप झूठे हैं. शांभवी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्सनल अटैक किया है. ससुर, सास का भी नाम उन्होंने लिया है. ट्रस्ट के बारे में भी उन्होंने बोला है. हमारे ससुर पर पर्सनल अटैक किया है. हमारे ससुर, सास कोई राजनीतिक परिवार से नहीं है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई देंगे. ट्रस्ट में कुछ भी गलत नहीं हुआ है. बोलने को बहुत कुछ बोल सकते हैं, लेकिन हम इधर से बोलेंगे, वह उधर से बोलेंगे. इसका कोई अंत नहीं होगा. जहां तक ट्रस्ट का बात है. ट्रस्ट अपना पक्ष रखेगी.पहले भी हम लोग मीडिया में आ चुके हैं, जो आरोप लगे वह बेबुनियाद और झूठे हैं. पीके बहेलिया और राजनीतिक नटवरलाल: बीजेपी भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को घेरते हुए कहा कि पीके बहेलिया है और राजनीतिक नटवरलाल है. प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति के सबसे बड़ा फ्रॉड हैं और अपने बयानों को लेकर यही कर रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि प्रशांत किशोर हर उस आदमी पर सवाल उठा रहे हैं, जो लालू के जंगलराज के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. सही अर्थों में कहें तो वे महागठबन्धन की सरकार बनाने में लगे हुए हैं. यही कारण है कि वे अनाप शनाप आरोप लगा रहे हैं. भाजपा के नेता ने सीधा सवाल करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन खुद पर लगे आरोपों का जवाब नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह तो बताना होगा कि उनकी पार्टी को मिले पैसे उनके निजी खाते में कैसे जमा हुए हैं? कांग्रेस-राजद ने पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज को ठगा: बीजेपी बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता प्रेम कुमार ने राजद और कांग्रेस पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज को ठगने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब दोनों दल सत्ता में रहे, तो इस समाज को न अधिकार देने का काम किया, न कभी सम्मान दिया. मंत्री प्रेम कुमार ने राजद के ‘कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ को लेकर कहा कि इसमें तेली, कानू, दांगी और चौरासिया जाति के लिए नो एंट्री कर दी जाती है. तेली समाज से राजद के बड़े नेता और ‘बिहार तैलिक साहू समाज’ के अध्यक्ष, विधायक रणविजय साहू और कानू समाज के नेता और राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता को इस कार्यक्रम से लौटा दिया गया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज ‘जननायक’ के नाम पर अतिपिछड़ा का वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं और उनके पिता लालू यादव कर्पूरी ठाकुर को हमेशा अपमानित करते रहे हैं. अति-पिछड़ों से लालू यादव को इतनी घृणा थी कि वो कर्पूरी ठाकुर को ‘कपटी ठाकुर’ कहते थे. सम्राट चौधरी के मामले पर नेतृत्व चुप क्यों? राजद राजद ने प्रशांत किशोर द्वारा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर लगाये गये आरोप पर बयान दिया है. पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सम्राट चौधरी पर जो आरोप लगे हैं, उस संबंध में वह पब्लिक के बीच आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि उन पर जो हत्या के मामले में बरी होने कि बातें सामने आई है, उसमें फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर बरी होने का मामला सामने आया है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. इस तरह के मामले पर मुख्यमंत्री और भाजपा का शीर्षस्थ नेतृत्व चुप क्यों है? यह बात समझ से परे है.  

चुनाव आयोग अलर्ट मोड में, चीफ इलेक्शन कमिश्नर करेंगे ग्राउंड रिपोर्ट की जांच

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है. इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. यह बैठक सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगी. इसमें राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल होंगे. दो सत्रों में आयोजित होगी बैठक बैठक दो सत्रों में आयोजित हो रही है. पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुआ जबकि दूसरा सत्र दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य में सुरक्षा बलों की जरूरत का आकलन करेंगे और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. चुनावी दृष्टिकोण से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बिहार जैसे बड़े राज्य में शांति और निष्पक्षता के साथ मतदान सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है. 4 अक्टूबर को पटना का दौरा कर सकते हैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर सूत्रों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 4 अक्टूबर को पटना का दौरा भी कर सकते हैं. इस दौरान वे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इसके अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को वे बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिलाधिकारियों, आईजी और एसएसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग मतदाता सूची से लेकर सुरक्षा इंतज़ाम तक हर स्तर पर सक्रिय है. आज मंगलवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जाएगा और अब सुरक्षा पर गहन मंथन हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आयोग का यह कदम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 

रावण दहन समारोह: HEC धुर्वा में होगी भव्य उत्सव, सीएम हेमंत समेत कई दिग्गज शामिल

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं विजयादशमी रावण दहन समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार 2 अक्टूबर को शालीमार बाजार, एचईसी धुर्वा में भव्य विजयादशमी रावण दहन समारोह आयोजित होगा। यह समारोह 1968 से निरंतर चल रहा है और झारखंड एवं रांची का सबसे पुराना रावण दहन मंच है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर असत्य, अहंकार एवं अन्याय पर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया जाता है। दूबे ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रावण दहन समारोह में आयोजित आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की भव्यता को और बढ़ा देते हैं। समिति के अध्यक्ष संजीत यादव और पदाधिकारियों ने झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर उन्हें रावण दहन समारोह में आमंत्रित किया। दोनों मंत्रियों ने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव सहित कई विशिष्ट अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है। दूबे ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं को पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि हालांकि बारिश का मौसम आयोजकों के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रशासन और समिति के संयुक्त प्रयास से इस बार का रावण दहन समारोह और भी भव्य रूप से आयोजित होगा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से 28 सितंबर को डोरंडा छप्पन सेट में मां दुर्गा का पट खोलने का पावन कार्य और पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह आयोजन भी श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। दूबे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस पवित्र अवसर पर शामिल होकर विजयादशमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे समाज में एकता और सछ्वावना बढ़ती है।  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खोला विकास का पिटारा, 20,658 योजनाओं की दी सौगात

पटना  बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार जनोपयोगी और विकास योजनाओं का उपहार प्रदेशवासियों को दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, पशु एवं मत्स्य संसाधन, समाज कल्याण, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य विभाग के भवनों के निर्माण से संबंधित 997 करोड़ रुपये लागत की 97 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ तथा 2,467 करोड़ की लागत से 137 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में पेयजल आपूर्ति तथा बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित 5,190 करोड़ रुपये की लागत की 15,670 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1,377 करोड़ रुपये की लागत की 4,312 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक भवन, अनुमंडलीय अस्पताल, औषधि भंडार गृह एवं स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से संबंधित 1,121 करोड़ रुपये की लागत की 281 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं 272 करोड़ की लागत की 144 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत 497 करोड़ की लागत से पर्यटन के विकास से संबंधित 17 विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, लघु जल संसाधन विभाग के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के 13,716 लाभार्थियों के खाते में 81 करोड़ 29 लाख रुपये का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी संबद्ध विभागों को बधाई देते हुए कहा कि इन योजनाओं के शुरू होने से राज्य में विकास कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ लोगों को मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर और बेहतर होगा। कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि एवं लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।

लिव-इन प्रेमी की निर्मम हत्या: प्रेमिका ने रूम में किया सिर कुचलने का जुर्म, पुलिस ने की जांच शुरू

पटना  बिहार की राजधानी पटना में एक शादी शुदा महिला ने अपने लिव इन प्रेमी को दर्दनाक मौत की सजा दी। घर के सिलवट्टे से सिर कुचलकर उसे मार दिया और खुद पुलिस को फोन कर जानकारी दी। घटना कंकड़बाग थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात की है। मृतक की पहचान मुरारी कुमार के रूप में की गयी। पुलिस ने आरोपित महिला पूजा कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी महिला मुरारी पर शादी का दबाव बना रही थी। पति को छोड़कर वह मुरारी के साथ पांच सालों से रहती थी। पहले पति से उसकी एक बेटी भी है। मुरारी कुमार सुल्तानपुर मोकामा का निवासी था और बैंगलुरु में चालक का काम करता था। वह पहले से शादी शुदा था। पूजा कुमारी मूलरूप से गौरीचक लखना खैरा गांव की रहने वाली हैं। दोनों के बीच पांच वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मुरारी लगातार शादी से इनकार कर रहा था, जबकि पूजा उससे विवाह करना चाहती थी। कंकड़बाग थानेदार ने बताया कि हत्या के अन्य बिन्दुओं की गहन जांच हो रही है। हत्या की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस झगड़े में शादी के दबाव के साथ-साथ पैसों का मामला भी शामिल था। मृतक के भाई मनोज यादव ने बताया कि मुरारी ने अपनी बहन से बात करते हुए कहा था कि उनके पास 20 लाख रुपये हैं, जिन्हें पटना में जमीन खरीदने में लगाना है। इसके लिए मुरारी ने एक लाख रुपये मदद के रूप में मांगने की बात कही थी। परिवार वालों का आरोप है कि पूजा ने पैसे हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची थी। भाई के मुताबिक मुरारी पूजा से संपर्क के बाद परिवार और घर वालों से दूर रहने लगा था। वह बेंगलुरु से आने पर पूजा के साथ ही रहता था। शादी और पैसों के विवाद के कारण प्रेम प्रसंग खूनी संघर्ष में बदल गया।