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चुनाव आयोग का अहम ऐलान, पहले पोस्टल बैलेट फिर EVM की गिनती होगी बिहार में

पटना  बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन (चुनाव आयोग) ने बड़ा ऐलान किया है. गुरुवार को आयोग ने बताया कि अब वोटों की गिनती के समय EVM से पहले पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती होगी. यह फैसला पोस्टल बैलेट की संख्या में हुई भारी बढ़ोतरी के मद्देनजर लिया गया है. आयोग ने बताया इसका उद्देश्य वोटों की गिनती में देरी को कम करने के साथ-साथ पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करना है.   पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद ही खुलेंगे EVM नए निर्देश के अनुसार, चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम/वीवीपैट की मतगणना का दूसरा अंतिम चरण तब तक शुरू नहीं होगा जब तक डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलट) की गिनती पूरी नहीं हो जाती उस मतगणना केंद्र पर जहां डाक मतपत्रों की गिनती हो रही है. चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि जहां डाक मतपत्रों की संख्या अधिक हो, वहां रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्याप्त संख्या में टेबल और गिनती कर्मचारी उपलब्ध हों ताकि कोई देरी न हो और मतगणना प्रक्रिया को और सुचारू बनाया जा सके.  चुनाव आयोग के बदलाव से क्या बदलेगा? चुनाव आयोग ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि जब तक पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं होती है. किसी भी हालत में ईवीएम नहीं खोली जा सकेगी. आम तौर पर अब तक ऐसा होता चला आ रहा है कि पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी न होने के बाद भी 8:30 बजे ईवीएम खोल दी जाती थी. हालांकि अब ऐसा नहीं हो सकेगा. अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही ईवीएम खोली जाएगी. चुनाव आयोग ने साफ किया कि अगर किसी जगह ज्यादा पोस्टल बैलेट हैं, तो इसके लिए ज्यादा टेबल लगाई जाएंगी. अगर कोई समस्या आती है तो इसकी जिम्मेदारी वहां मौजूद चुनाव अधिकारियों की है. अगर कहीं ज्यादा कर्मचारियों की जरुरत पड़ती है तो वो भी किया जाएगा. ताकि परिणाम आने में किसी भी तरह की कोई देरी न हो, लेकिन पहले पोस्टल बैलेट की गिनती ही पूरी की जाएगी. इसके नतीजों के बाद ईवीएम में मौजूद वोटों की गिनती शुरू होगी. पोस्टल बैलेट से कौन देता है वोट? पोस्टल बैलेट की शुरुआत चुनाव आयोग की तरफ से वोटिंग के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई थी. इसका इस्तेमाल उन लोगों के द्वारा किया जाता है जो कि अपनी नौकरी के कारण अपने चुनाव क्षेत्र में मतदान नहीं कर पाते हैं. इसके साथ ही 80 साल से ऊपर के लोग पोस्टल बैलेट के जरिए ही वोट देते हैं. इनमें दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल होते हैं. हालांकि इससे पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. आम लोगों की वोटिंंग से कई दिन पहले ही इनकी वोटिंंग पूरी हो जाती है.जब भी किसी चुनाव में वोटों की गणना शुरू होती है तो सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होती है. इसके बाद ईवीएम में दर्ज वोटों की गिनती होती है. चुनाव प्रक्रिया में लगातार बदलाव कर रहा है आयोग प्रेस नोट में इस बात पर जोर दिया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह पहल चुनाव आयोग की ओर से पिछले छह महीनों में किए गए व्यापक चुनावी सुधारों की श्रृंखला का एक हिस्सा है. आयोग के पिछले 29 उपायों में मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने, चुनावी प्रणाली को मजबूत करने और तकनीक के उपयोग को बेहतर बनाने की पहल शामिल रही हैं. 

ओवैसी का हमला: बराबरी चाहिए थी, मंत्री पद नहीं — बिहार की सियासत में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल

पटना ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके पुत्र तेजस्वी यादव  पर आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को लेकर उनकी पार्टी की ओर से किए गए आग्रहों पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम ने केवल बराबरी का दर्जा मांगा था, मंत्री पद की कोई इच्छा जाहिर नहीं की थी। हमारी केवल यही मांग थी कि हमें बराबरी का दर्जा मिले… हैदराबाद के सांसद ओवैसी किशनगंज जिले में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। यह रैली उनके चार दिवसीय ‘‘सीमांचल न्याय यात्रा'' का हिस्सा है। सीमांचल क्षेत्र में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। ओवैसी ने कहा, ‘‘हमारे बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को तीन पत्र लिखकर ‘इंडिया' गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि हमने केवल छह सीट की मांग की थी, हमें किसी मंत्री पद की चाहत नहीं थी।'' ओवैसी ने कहा, ‘‘हमारी केवल यही मांग थी कि हमें बराबरी का दर्जा मिले, गुलाम की तरह व्यवहार न किया जाए। लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।'' राजद की ‘‘उपेक्षा'' को दोषी ठहराते हुए ओवैसी ने कहा कि बिहार में मुस्लिम समुदाय के पास अपनी कोई ठोस नेतृत्वकारी ताकत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यादव, कुशवाहा, कुर्मी, मांझी, राजपूत और पासवान यानी हर जाति के अपने नेता हैं। लेकिन मुसलमानों का कोई अपना नेता नहीं है।'' उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब तेजस्वी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख सकते हैं तो सीमांचल का कोई युवा नेता क्यों नहीं बन सकता? ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने यह पहल इसलिए की ताकि उसपर भाजपा की मदद करने के आरोप न लगें। उन्होंने कहा, ‘‘राजद की ओर से सही प्रतिक्रिया नहीं आने से यह साफ हो जाएगा कि वास्तव में भाजपा की मदद कौन कर रहा है।'' एआईएमआईएम ने पिछला विधानसभा चुनाव 20 सीट पर लड़ा था और पांच सीट पर जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में पांच में से चार विधायक राजद में शामिल हो गए और केवल अख्तरुल इमान ही पार्टी के साथ बने रहे। सीमांचल क्षेत्र में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं। इस क्षेत्र में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। ओवैसी दिन में बाद में अररिया जिले में भी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।  

लाखों लोगों को लाभ पहुंचाते हुए रांची में सफलतापूर्वक आयोजित हुए 29,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर

रांची झारखंड की राजधानी रांची में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' के तहत अब तक लगभग 29,000 स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक लगे हैं। इन शिविरों में तकरीबन 1,06,843 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच, परामर्श और अन्य स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए हैं। यह अभियान महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इन शिविरों में लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया है। हाइपरटेंशन की जांच कराए गए लोगों की संख्या 48,769 है, जबकि डायबिटीज जांच में 45,431 लोग शामिल हुए। कैंसर की स्क्रीनिंग (ओरल, सर्वाइकल, ब्रेस्ट) 53,007 लोगों ने करवाई, जो महिलाओं में कैंसर की शुरुआती पहचान में मददगार साबित हो रही है। साथ ही टीबी स्क्रीनिंग 8,708 और सिकल सेल बीमारी की स्क्रीनिंग 19,468 लोगों ने कराई। ब्लड डोनेशन सेवा में शामिल होने वालों की संख्या 308 रही। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट कार्ड 2,892 लाभार्थियों को दिए गए हैं, वहीं 6,658 आभा कार्ड भी जारी किए गए हैं। माइनर सर्जरी 631 और मेजर सर्जरी 136 सफलतापूर्वक करवाई गई। इसके अलावा पोषण संबंधी, मासिक धर्म स्वच्छता आदि विषयों पर 52,675 लोगों को परामर्श सेवाएं दी गईं। रांची जिला के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि इस अभियान के तहत लोगों की भागीदारी बहुत उत्साहजनक रही है। खासतौर पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य शिविर का बड़े पैमाने पर हिस्सा बनें, अपनी सेहत का ध्यान रखें और जांच कराएं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर जैसी बीमारियों की व्यापक जांच कर स्वस्थ महिला, सशक्त परिवार और मजबूत राष्ट्र की नींव रखना है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि लोगों को नियमित जांच और सही इलाज से भी जोड़ रही है। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सुद्दढ़ समाज का आधार है, इसलिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।  

खेलों की दुनिया में झारखंड की अलग छवि, सीएम सोरेन ने किया मेगा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। सोरेन ने कहा कि इसके लिए जो भी आवश्यक प्रक्रियाएं हैं, वह जल्द से जल्द पूरी की जाए। मुख्यमंत्री हेमन्त ने कहा कि स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी के खुलने से यहां के खेल और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। सोरेन झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला- संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार की उपस्थिति में खेल विभाग एवं सीसीएल के वरीय अधिकारियों के साथ मेगा स्पोट्र्स काम्प्लेक्स, होटवार, रांची के प्रस्तावित उन्नयन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने खेलगांव में अवस्थित सभी स्टेडियम के अद्यतन हालात की विस्तृत जानकारी ली। सोरेन ने कहा कि मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिली है। देश में बहुत कम ही ऐसे स्पोर्ट्स सेंटर है, जहां अलग-अलग खेलों के स्टेडियम एक ही परिसर में अवस्थित हैं। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित होती आ रही है। ऐसी कई खेल प्रतियोगिताओं का सफल और शानदार आयोजन हम कर चुके हैं। राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की हमें निरंतर मेजबानी मिलती आ रही है, ऐसे में हमारे स्टेडियम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सभी मानकों के अनुकूल हों, इसके लिए खेलगांव में स्थित सभी स्टेडियमों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। सोरेन ने कहा कि मेगा स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में सालों भर कोई ना कोई खेल प्रतियोगिता आयोजित होती रहती है। यहां खिलाड़ियों के नियमित प्रैक्टिस की भी व्यवस्था है। ऐसे में इस स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल हो, इसके लिए यहां स्थित स्टेडियमों में जो भी खामियां है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही खेल आयोजनों को लेकर जो भी जरूरी संसाधनों की जरूरत हो, उसे उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अपग्रेडेशन में अंतरराष्ट्रीय खेल मानकों के अनुरूप आधुनिक तौर- तकनीक और तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के स्पेशलाइज्ड एजेंसीज का सहयोग लें। इस बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव मनोज कुमार, सचिव अरवा राजकमल, खेल निदेशक शेखर जमुआर, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के अभियन्ता प्रमुख संजय कुजूर, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम के महाप्रबंधक अविनाश कुमार दीपक, सीसीएल के सीएमडी एनके सिंह, निदेशक (एचआर ) एचएन मिश्रा, जेएसएसपीएस के सीईओ एनके झा और मास एंड वॉइड एजेंसी के ग्रुप हेड प्रणव कुमार मौजूद रहे।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने प्रियंका गांधी के बिहार दौरे पर साधा निशाना बोले – ‘बस टहलने आई हैं’

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी राज्य का दौरा करेंगी। भाजपा ने प्रियंका के आगामी बिहार दौरे पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ ‘टहलने’ के लिए बिहार आ रही हैं। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा, प्रियंका गांधी यहां ‘टहलने’ आएं, अब बिहार ने बहुत तरक्की कर ली है। कांग्रेस के ‘जमाने’ में बिहार की हालत ऐसी थी कि गाड़ियां-मोटरसाइकिल यहां बहुत कम थीं, फिर भी पटना में भयंकर ट्रैफिक जाम लगता था। अब वे जब आएंगी तो बेहतरीन फ्लाइओवर ट्रैफिक सुविधाओं से युक्त बिहार देखेंगी, जिसे देखकर उन्हें अच्छा लगेगा। सांसद जायसवाल ने प्रियंका को सलाह देते हुए कहा, “मैं उनसे यही कहूंगा कि वे बापू सभागार जरूर जाएं, जहां नीतीश कुमार ने देश का सबसे बड़ा इंडोर ऑडिटोरियम बनवाया है, वहां जाकर वे नीतीश सरकार की तरक्की देखें। उन्हें पटना म्यूजियम भी घूमना चाहिए। बिहार पर्यटन का शानदार स्थल बन गया है। प्रियंका अभी एक दिन के लिए आ रही हैं, तो पटना घूमकर ही वापस लौटें।” बिहार में महागठबंधन द्वारा ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ पेश किए जाने पर सांसद जायसवाल ने हमला बोला। उन्होंने कहा, घोषणापत्र बिहार के सभी नागरिकों के लिए होता है, जिसे संपूर्ण समाज के लिए एक साथ जारी किया जाता है। लेकिन, जिन लोगों की दिलचस्पी समाज को बांटने और विभाजन में हो, जिन्होंने जीवन में कुछ नहीं किया, वे ही अलग-अलग फर्जी घोषणापत्र जारी करते हैं, जिसमें झूठी बातें लिखी होती हैं। संजय जायसवाल ने बिहार की महिलाओं के लिए शुक्रवार के दिन को खास बताया। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, शुक्रवार का दिन बहुत खास है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिलकर हर परिवार की हर महिला को 10,000 रुपए देंगे। पहले ही दिन इस योजना से 70 लाख परिवारों को फायदा होगा। एनडीए सरकार जो कहती है, उसे पूरा जरूर करती है।  

राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम बयान पर चिराग ने साधा निशाना, कहा- ‘आरोप लगाना गलत’

 पटना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को पलटवार किया है। चिराग ने कहा, 'जब वे धमाका करेंगे, तभी हमें पता चलेगा कि यह 'हाइड्रोजन बम' क्या है। लेकिन फिलहाल, जब भी वे आते हैं और बोलते हैं, तो सिर्फ उसी चीज़ पर जोर देते हैं जिससे SIR प्रक्रिया की शुरुआत हुई।' उन्होंने आगे कहा, 'वे बार-बार आकर मतदाता सूची में गड़बड़ियों की बात करते हैं। यही वजह है कि SIR लाया गया है। एक तरफ आप शिकायत करते हैं और दूसरी तरफ उस शिकायत के समाधान से समस्या जताते हैं। यह ठीक नहीं है। अगर इस सिस्टम से आपको दिक्कत है तो उसके लिए कानून मौजूद हैं। लेकिन सिर्फ आरोप लगाना गलत है।' गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने जिस हाइड्रोजन बम की बात कही थी, वह अभी आया नहीं है, बल्कि आने वाला है। जिस दिन आएगा, उस दिन सभी को सच्चाई का पता चल जाएगा। राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है। उन्होंने दावा किया, 'मैं भागीदारी के हिसाब से हिस्सेदारी के लिए गारंटी देता हूं। यह मेरी गारंटी है। क्योंकि, हम संविधान मानते हैं।'

PESA नियमावली पर अवमानना याचिका की सुनवाई: झारखंड सरकार ने बालू-खनन प्रतिबंध हटाने का किया आग्रह

रांची झारखंड हाईकोर्ट में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच द्वारा दायर पेसा नियमावली लागू न होने पर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पेसा नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट में भेजा जा चुका है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कोर्ट ने बालू घाट की नीलामी के बाद अलॉटमेंट पर लगी रोक हटाने के लिए दायर हस्तक्षेप याचिका (आईए) को स्वीकार कर प्रार्थी को नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि यदि पेसा नियमावली लागू हो जाती है तो कोर्ट उचित आदेश पारित करेगा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से एक अहम आग्रह किया गया। सरकार ने अदालत से निवेदन किया कि बालू और लघु खनिजों के खनन पर जो अंतरिम रोक लगी है, उसे हटाया जाए। अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार, महाधिवक्ता राजीव रंजन और अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश कोर्ट में मौजूद थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने बहस की।  

धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी गई बिहार की जिम्मेदारी, BJP ने बनाया चुनाव प्रभारी

नई दिल्ली बिहार चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी चाल चल दी है. भारतीय जनता पार्टी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे अहम सियासी राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की है. भाजपा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया है. यह नियुक्ति बिहार में एनडीए की मजबूती को बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है. बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव है. धर्मेंद्र प्रधान के साथ सह-प्रभारी के रूप में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और गुजरात BJP के पूर्व अध्यक्ष सीआर पाटिल को नियुक्त किया गया है. भाजपा के लिए धर्मेंद्र प्रधान का चयन इसलिए खास है क्योंकि वे ओडिशा से आते हैं और पहले भी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. भाजपा सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की रणनीतिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल बिहार में तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन को चुनौती देने में कारगर साबित होगा. हालांकि, बिहार में NDA पहले से सत्ता में है, मगर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की यात्राओं से माहौल थोड़ा बदला है. ऐसे में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. यही वजह है कि अच्छा-खासा सियासी अनुभव रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान को बिहार फतह करने की जिम्मेदारी दी गई है. बंगाल में किसे कमान? पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल में टीएमसी की मजबूत पकड़ को तोड़ने के लिए BJP की यह रणनीति अगम है. वैसे भी अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं. 2026 में होने वाले चुनावों में भूपेंद्र यादव की भूमिका अहम होगी. भूपेंद्र यादव के पास भी अच्छा खासा संगठनात्मक अनुभव है. वहीं, बिप्लब देब का अनुभव पूर्वोत्तर राज्यों से बंगाल की राजनीति को मजबूत करेगा. तमिलनाडु का प्रभारी कौन? तमिलनाडु के लिए BJP ने ओडिशा से सांसद बैजयंत पांडा को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि महाराष्ट्र से सांसद मुरलीधर मोहोल सह-प्रभारी होंगे. पश्चिम बंगाल की तरह तमिलनाडु में भी साल 2026 में विाधानसभा चुनाव हैं. अगले साल होने वाले चुनाव के लिए भाजपा DMK-AIADMK के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर काम कर रही है. पांडा की नियुक्ति दक्षिण भारत में भाजपा की विस्तार योजना का हिस्सा है. हाल ही में BJP की कोर कमिटी मीटिंग में 2026 चुनाव रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें जिला स्तर के प्रभारियों की नियुक्ति और गठबंधन वार्ता शामिल थी.

झारखंड में नक्सलवाद को झटका: महिलाओं समेत 10 माओवादी पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

चाईबासा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में 4 महिलाओं समेत 10 माओवादियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और मुख्यधारा में लौट आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि चाईबासा में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के इन माओवादियों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेणु तथा झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाले। जिन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें भाकपा (माओवादी) के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो का क्षेत्रीय समिति सदस्य रैंडो बोइपाई उर्फ ​​क्रांति बोइपाई भी शामिल है। एक अधिकारी ने बताया कि इन माओवादियों ने राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी भादंसं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सीएलए अधिनियम के तहत दर्ज कई मामलों में वांछित हैं। इस घटनाक्रम को एक ‘बड़ी उपलब्धि' बताते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण से झारखंड में, खासकर पश्चिमी सिंहभूम जिले में, माओवादी गतिविधियां कमजोर होंगी।'' झारखंड पुलिस ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है अन्यथा परिणाम भुगतने की धमकी दी है। बोइपाई के अलावा आज आत्मसमर्पण करने वाले अन्य माओवादियों में गार्डी कोड़ा (20), जॉन उर्फ ​​जोहान प्युरिटी (20), निरसो सिदु उर्फ ​​आशा उर्फ ​​निरशा (20), घोनार देवगम (18), गोमेया कोड़ा उर्फ ​​टार्जन (20), कैरा कोड़ा (20), कैरी कायम उर्फ ​​गुलाची (22), सावित्री गोप उर्फ ​​मुतरी गोप (18) और प्रदीप सिंह मुंडा शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम में 2022 से 9,631 माओवादी विरोधी अभियानों में 10 माओवादी मारे गए हैं और 175 गिरफ्तार किए गए हैं।  

बिहार में युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम

पटना बिहार सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में उद्योग विभाग, बिहार सरकार और भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के संस्थान टीआरटीसी, पटना की ओर से नि:शुल्क रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, पटना में आयोजित होगा और 6 अक्टूबर से शुरू होगा। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से नि:शुल्क और आवासीय होगा। प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने की होगी, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिदिन 8 घंटे की कक्षाएं दी जाएंगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक और प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों से 1000 रुपये कैश ऑन मनी के रूप में शुल्क लिया जाएगा, जिसे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने की पूरी व्यवस्था संस्थान की ओर से की जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना किसी बाधा के प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को कई रोजगारोन्मुखी कोर्स में शिक्षा दी जाएगी। इसमें शामिल हैं –     सर्टिफिकेट कोर्स इन सीएनसी लेथ     सर्टिफिकेट कोर्स ऑन सीएनसी मिलिंग     सर्टिफिकेट कोर्स इन टूल एंड डाई मेकिंग     एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। कोर्स संख्या 1 से 3 के लिए उम्मीदवारों का बारहवीं, आईटीआई या डिप्लोमा पास होना अनिवार्य है। वहीं, कोर्स संख्या 4 (एसी और फ्रिज रिपेयरिंग) के लिए बारहवीं या आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन ट्रेड) पास होना जरूरी है। उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार निजी उद्योगों, सरकारी योजनाओं, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के क्षेत्र में कदम बढ़ा सकेंगे। बिहार सरकार ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कौशल विकास के जरिए अपने करियर को नई ऊंचाई दें।