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नयी पार्टी लॉन्च: तेज प्रताप यादव के पोस्टर पर दिखाई देंगी ये पांच मशहूर शख्सियतें

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और लालू परिवार से निकाले जाने के बाद बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल के नाम से नई पार्टी का गठन किया है। इसका चुनाव चिह्न ब्लैक बोर्ड है। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप इसी पार्टी से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगे। उन्होंने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का पोस्टर अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें बिहार और देश भर की 5 प्रमुख हस्तियों की तस्वीरें भी शामिल हैं। यह पोस्टर सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के पोस्टर में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो लगा है। इसके बाद बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर है। तीसरे नंबर पर स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया का फोटो लगा है। उनके बाद लोकनायक जय प्रकाश नारायण और पांचवें नंबर पर जननायक कर्पूरी ठाकुर का फोटो है। तेज प्रताप ने इस पोस्टर के जरिए संदेश देना चाहा है कि वह गांधीवादी नैतिक मूल्यों पर चलते हुए सामाजिक न्याय की जनकेंद्रित राजनीति में यकीन रखते हैं और पिछड़े, दलित और गरीब सहित समाज के सभी शोषित वर्गों को साथ लेकर चलते हैं। हालांकि, पोस्टर में तेज प्रताप के पिता लालू की तस्वीर नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे आरजेडी से हटकर राजनीति करने जा रहे हैं। बता दें कि अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप का पोस्ट एवं फोटो सार्वजनिक होने के बाद तेज प्रताप यादव को पिता लालू ने अपने परिवार से बेदखल कर दिया था। उन्हें आरजेडी से भी 6 साल के लिए निष्कासित किया गया। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। वह वैशाली जिले की महुआ सीट से खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ अन्य सीटों पर भी अपनी पार्टी के कैंडिडेट उतार सकते हैं।  

डॉ. इरफान अंसारी ने की स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियों की पुष्टि

रांची झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र के वितरण समारोह को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के लिए 'सबसे बड़ा दिन' बताया। डॉ अंसारी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ अंसारी ने कहा कि 'अब समय है कि डॉक्टरों को सम्मान मिले, उनका मनोबल बढ़े। मैंने पिछले सात महीनों में इस दिशा में एक लंबी लकीर खींची है। डॉक्टरों की प्रतिष्ठा बहाल करना हमारा उद्देश्य है।' डॉ. अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'हमारा प्रयास है कि हर गांव, हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था मौजूद है।' डॉ अंसारी ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रिम्स-2 की स्थापना के साथ-साथ छह नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे। जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनते, तब तक डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि 'एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है, ऐसे में 170 डॉक्टरों की नियुक्ति लाखों लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। वहीं डॉ अंसारी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।  

सुरक्षा बलों का ऑपरेशन कामयाब : झारखंड में नक्सली ठिकाने से हथियारों की भारी खेप जब्त

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीमों ने बड़ी सफलता हासिल की है। मधुबन थाना क्षेत्र के सतकीरा और पारसनाथ की पहाड़ियों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर हुई सघन छापेमारी के बाद मिली है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि कार्रवाई में जिले के जोकाई नाला और चीरवाबेड़ा इलाके में विशेष रूप से सर्चिंग की गई। इस दौरान एक एसएलआर राइफल, एक 3.3 राइफल, 113 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन पाउच, करीब 700 मीटर कोडेक्स वायर और 23 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की गतिविधियों को काफी हद तक प्रभावित करने वाली मानी जा रही है। वहीं डॉ कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में गिरिडीह पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की 203 और 154 बटालियन की टीमों ने मिलकर काम किया। खास बात यह है कि इस संयुक्त अभियान को अपर पुलिस अधीक्षक अभियान सुरजीत कुमार, डिप्टी कमांडेंट सीआरपीएफ 154 बटालियन अमित कुमार झा, असिस्टेंट कमांडेंट कोबरा 203 वैभव मल्होत्रा, पुलिस निरीक्षक पिंटु शर्मा (सीआरपीएफ 154/एफ), खुखरा थाना प्रभारी निरंजन कच्छप और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य जवानों की सहभागिता से अंजाम दिया गया। बरामदगी के बाद डुमरी अनुमंडल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें एसपी डॉ. विमल कुमार और सीआरपीएफ कमांडेंट ने मीडिया को जानकारी दी। डॉ कुमार ने कहा कि नक्सल उन्मूलन अभियान निरंतर जारी रहेगा और इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन नक्सलियों की सारी गतिविधियों को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।  

CM हेमंत ने 160 नवनियुक्त डॉक्टर्स को दिए नियुक्ति पत्र, कही खास बातें

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में 160 सहायक प्राध्यापकों, दंत चिकित्सकों एवं चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर सोरेन ने कहा कि धरती पर 'भगवान' के रूप में आपकी नियुक्ति हो रही है। आपसे इस राज्य की गरीब, कमजोर और असहाय जनता को काफी आशा और उम्मीदें हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप अपनी सेवा भावना से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और बेहतर करेंगे। सोरेन ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य संरचना मजबूत करने की दिशा में चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति एक बड़ा कदम है। आप अपने व्यवहार और प्रभाव से मरीजों को काफी हद तक बेहतर माहौल दे सकते हैं सोरेन ने नवनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारियों से कहा कि आपने अपने करियर के रूप में स्वास्थ्य के क्षेत्र को चुना है। आपको बेहतर भविष्य बनाने के लिए आगे भी कई अवसर मिलेंगे। मेरा मानना है कि स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र है, जहां आपकी सेवाएं काफी मायने रखती है। आप जिस सोच के साथ इस क्षेत्र में आए हैं, वैसे में यहां की गरीब और असहाय जनता के प्रति आपकी संवेदनाएं होनी चाहिए। इतना ही नहीं, यथार्थ में संवेदनाएं दिखनी भी चाहिए, ताकि इसका लाभ यहां के लोगों को मिल सके। सोरेन ने कहा कि हमारे पास संसाधन सीमित है, लेकिन इन सीमित संसाधनों के बीच भी करने के लिए काफी कुछ है, बस इसके लिए उसे करने का जुनून होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को जितना इलाज की जरूरत है, उतना ही आपकी संवेदना और सेवा की भी। आप अपने व्यवहार और प्रभाव से मरीजों को काफी हद तक बेहतर माहौल दे सकते हैं। सोरेन ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नित्य नई चुनौतियां आ रही हैं। इसके लिए चिकित्सा के क्षेत्र बेहतर करने के लिए निरंतर अनुसंधान भी हो रहे हैं। इस दिशा में चिकित्सकों की काफी अहम भूमिका है। सरकार ने भी एक ऐसी व्यवस्था बनाई है, जिसमें आप सभी का सहयोग लेकर स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करना है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए संसाधन और सुविधाएं मिल सके। कोविड-19 ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था सोरेन ने कहा कि आज नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं। लोग अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मेरा मानना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी समस्याएं मनुष्य द्वारा ही पैदा की जा रही है। ऐसे में इसका समाधान भी हम सभी को मिलकर करना है। मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि इस बीमारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था। इस बीमारी की न कोई दवा थी और न ही कोई इलाज, लेकिन हमारी सरकार बेहतर प्रबंधन के जरिए इस चुनौती से निपटने में कामयाब रही। सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य के अलग-अलग इलाकों में पदस्थापित चिकित्सकों के कार्यों और सेवाओं का आकलन कर बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित किए जाने की परंपरा शुरू करे। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अपना बेहतर देने के लिए प्रेरित होंगे। सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 160 चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इनमें जेपीएससी द्वारा नियुक्त 54 सहायक प्राध्यापक, एनएचएम के द्वारा अनुबंध पर नियुक्त 55 विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी, 38 चिकित्सा पदाधिकारी तथा 13 दंत चिकित्सक शामिल हैं। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक , एनएचएम शशशि प्रकाश झा, एमडी, जेएमएचआईडीपी अबु इमरान एवं स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा मौजूद थीं।  

रांची में नए SSP की सख्त शुरुआत: रातों-रात इलाकों का निरीक्षण और दिए कड़े आदेश

रांची  झारखंड की रांची राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए एसएसपी राकेश रंजन ने पदभार ग्रहण करते ही कड़ी सक्रियता दिखाई है। रंजन ने देर रात बिना किसी सूचना के शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस पखवाड़े में पुलिसिंग की कड़ी समीक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसएसपी रंजन ने बिरसा चौक, मेन रोड, हरमू बायपास रोड और अरगोड़ा चौक जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद स्थापित कर सुरक्षा के वर्तमान स्तर और पुलिस बल की तैनाती की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। उनकी यह अचानक निगरानी पुलिस विभाग में हड़कंप मचा गई, क्योंकि किसी भी अधिकारी या जवान को इससे पूर्व सूचना नहीं थी। इस औचक निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए साफ शब्दों में पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली समूह का संरक्षण प्राप्त क्यों न हो, पुलिस को बिना दबाव के सख्त कार्रवाई करनी होगी। रंजन ने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस को पूरी कठोरता के साथ कदम उठाने चाहिए ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रह सके।  

रोहिणी आचार्य के आरोपों पर संजय यादव का बयान, जानें क्या कहा तेजस्वी के विश्वासपात्र ने

पटना पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सियासी गलियारे में कई बातें चल रही है। अब तक केवल इस मामले में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी थी। अब राजद के सांसद, तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव रोहिणी आचार्य के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि रोहिणी दीदी ने जो कहा, उसका संदर्भ हम सब भली-भांति समझते हैं। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, और किसी प्रकार का कोई भ्रम या मतभेद नहीं है। राजद में किसी तरह की गलतफहमी नहीं है। 'भाजपा को हराना और इस सरकार को उखाड़ फेंकना ही लक्ष्य' संजय यादव ने रोहिणी दीदी ने जो त्याग और बलिदान दिया है, उसे भाजपा और टोलर्स कभी नहीं समझ सकते हैं। उन्होंने जितना महान बलिदान दिया, उसे भी भाजपा के लोग नहीं समझ पाए हैं। जो लोग भ्रम फैलना चाहते हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं होने वाला है। पार्टी और लालू परिवार पूरी तरह से एकजुट है। सबका एक ही लक्ष्य है कि भाजपा को हराना और इस सरकार को उखाड़ फेंकना। जल्दी ही जनता भाजपा और उनके सहयोगियों को जवाब दे दी। 'भ्रम फैला रही भाजपा, बिहार सब जानता है' संजय यादव ने कहा कि संजय यादव एक समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्हें पार्टी अध्यक्ष द्वारा एक जिम्मेदारी सौंपी गई है, जैसे कई और कार्यकर्ताओं को दी गई है। भाजपा चाहती है कि भ्रम फैले, लेकिन बिहार लोकतंत्र की जननी है। बिहार ने हमेशा लोकतंत्र को मजबूती दी है, और यह कभी नहीं सहेगा कि लोकतंत्र को चुनाव आयोग के जरिये कुचला जाए। संजय यादव ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा डर बिहार से है, क्योंकि यह एकमात्र राज्य है जहां उन्हें आज तक मुख्यमंत्री नहीं मिला। इसीलिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कभी दस-दस हजार रुपये बांट रहे हैं, कभी तीन-तीन बार प्रभारी बदल रहे हैं। इससे साफ है कि उन्हें बिहार को लेकर कितनी चिंता है। जानिए, रोहिणी ने क्या-क्या पोस्ट लिखा था 18 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने कहा था कि वह लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने वालों को देखना पसंद नहीं करती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर आलोक कुमार के पोस्ट को शेयर किया था। इसके बाद संजय यादव के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी है। रोहिणी आचार्य ने जो शेयर किया है, उसमें लिखा है कि फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता-नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीट पर नहीं बैठना चाहिए। वैसे अगर "कोई" अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है। 19 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को जीवनदान देने वाला फोटो-वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है.."। इधर, इस पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रोहिणी ने एक और पोस्ट किया। उसमें उन्होंने लिखा कि मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्त्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है। रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

अमित शाह आज पटना में करेंगे रणनीतिक बैठक, धर्मेंद्र प्रधान सहित कई नेता शामिल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने अपने चुनावी अभियान की रफ्तार तेज कर दी है. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग पहुंच रहे हैं. यहां वे इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में चंपारण और सारण संभाग के 10 संगठनात्मक जिलों के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे. उसके बाद पटना में 40 नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे. जिसमें बिहार भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल होंगे. कार्यक्रम की रूपरेखा अमित शाह शुक्रवार दोपहर 2 बजे कुमारबाग पहुंचेंगे और शाम 4 बजे तक वहां रहेंगे. इस दौरान वे बेतिया-बगहा, रक्सौल, ढाका, मोतिहारी, गोपालगंज, सीवान उत्तर-दक्षिण और छपरा समेत 10 जिलों के 294 कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. बैठक में सांसद, राज्यसभा सदस्य, विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष, प्रभारी और कोर कमेटी सदस्य सहित संगठन के अहम पदाधिकारी शामिल होंगे. सुरक्षा के कड़े इंतजाम गृह मंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. कुमारबाग इंजीनियरिंग कॉलेज के खेल मैदान में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है. स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके. शाम को पटना में अहम बैठक कार्यकर्ता संवाद के बाद अमित शाह बेतिया से पटना रवाना होंगे. यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में वे प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय स्तर के 40 वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे. इस बैठक में बिहार चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल के मुताबिक, इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा और रणनीति पर गहन चर्चा होगी. 

पीएम मोदी का ऐलान: महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को मिलेगा ₹10 हजार

पटना  बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए एनडीए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत आज से हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना का शुभारंभ किया.  इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री भी शामिल हुए.  योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के जरिए सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. महिलाओं को मिलेगा 10 हजार रुपए इस योजना के तहत, बिहार के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार के लिए ₹10,000 की पहली किस्त दी जाएगी. काम शुरू करने के 6 महीने बाद, मूल्यांकन के आधार पर, उन्हें अधिकतम ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है. यह एक समुदाय-आधारित योजना है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय मदद के साथ-साथ कार्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. ग्रामीण हाट-बाजारों का विकास इस योजना में उत्पादन के बाद उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ग्रामीण हाट-बाजारों को और विकसित करने की योजना भी शामिल है. यह कदम महिलाओं को उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा और उनकी आजीविका को बढ़ावा देगा. कौन उठा सकेगा योजना का लाभ? योजना का फायदा उठाने के लिए महिला को बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2, इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष होनी चाहिए. आवेदक की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए. यह योजना सभी धर्मों और जातियों के लिए है और इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी शामिल हैं. आवेदक के परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही आयकर दाता हो.  

महिला सम्मेलन से जनसभा तक: प्रियंका गांधी का आज बिहार में व्यस्त कार्यक्रम

पटना आज कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और सांसद प्रियंका गांधी दूसरी बार बिहार दौरे पर आ रही हैं। पटना के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में वह 2000 महिलाओं के संवाद करेंगी। इन महिलाओं में मनरेगा मजदूर, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा वर्कर, वकील और डॉक्टर महिलाएं शामिल होंगी। इसके बाद मोतिहारी में वह अपनी पहली चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि आज बिहार की बहन बेटियों के लिए आवाज उठाने प्रियंका गांधी बिहार दौरे पर आ रही है। वह सदाकत आश्रम में महिलाओं से बातचीत करेंगी। राज्य के सभी जिलों से महिलाएं उनसे बात करने पहुंची हैं। इस संवाद में हर वर्ग की महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। सूत्र बता रहे हैं प्रियंका गांधी महिलाओं के लिए कुछ बड़ा एलान कर सकती हैं, जो इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में शामिल होगा। मोतिहारी में जनसभा को करेंगी संबोधित पटना में संवाद के बाद प्रियंका गांधी आज दोपहर दो बजे हेलिकॉप्टर से मोतिहारी पहुंचेंगी। पुलिस लाइन उनका हेलीकॉप्टर उतरेगा। वहां से वह बंद गाड़ी में गांधी मैदान स्थित सभा स्थल जाएंगी, जहां वे कांग्रेस की ‘हर घर अधिकार रैली’ को संबोधित करेंगी। इस रैली में 20 हजार से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने का दावा किया गया है।

पंडाल घूमने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं पूजा स्पेशल ट्रेनें

पटना आगामी पर्व-त्यौहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची से आरा, जयनगर, पूर्णिया कोर्ट एवं कामाख्या के लिए एक-एक जोड़ी तथा टाटा से बक्सर के लिए एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, गोमो, कोडरमा, गया, सासाराम के रास्ते रांची और आरा के मध्य रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 28 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को तथा आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी के रास्ते रांची और जयनगर के मध्य रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा जयनगर से 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक रविवार को किया जायेगा। रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, आसनसोल, रामपुर हाट, मालदा टाउन, कटिहार के रास्ते रांची और पूर्णिया कोर्ट के मध्य रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, न्युू बरौनी, खगड़िया, कटिहार के रास्ते रांची और कामाख्या के मध्य रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा कामाख्या से 29 सितंबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल आसनसोल, झाझा, किउल, पटना के रास्ते टाटा और बक्सर के मध्य गाड़ी टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन टाटा से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा बक्सर से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।