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चतरा में सनसनीखेज मामला, बक्शा डैम में सिर फेंकने के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

 चतरा इटखोरी थाना क्षेत्र के बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के तीन कटे हुए सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम के रूप में हुई है। पुलिस ने जब एक आरोपी के घर पर छापेमारी की तो वहाँ से एक फ्रिज बरामद हुआ। जिसके भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मांस सहित फ्रिज को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि त्योहार के मौके पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। कुर्बानी की बात गांव में फैल जाने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से कटे हुए सिरों को बक्शा डैम में फेंक दिया था। बता दें कि रविवार को बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के सिर तैरते मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। घटना से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने नगवां चौक के पास इटखोरी-चतरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से जाम हटाया। जाम हटने के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव कम हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।  

तंबाकू सेवन घटा, लेकिन बढ़ा अल्कोहल का चलन; बिहार के स्वास्थ्य सर्वे ने दिखाई नई तस्वीर

पटना शराबबंदी वाले राज्य बिहार में शराब पीने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ गई है। ये चौंकाने वाला खुलासा एक सर्वे में हुआ है। सर्वे में यह भी पता चला है कि बिहार में तंबाकू से भी ज्यादा पुरुष अल्कोहल ले रहे हैं। नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस), 2024 – 25 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या में कमी हुई जबकि अल्कोहल का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 15 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में तंबाकू सेवन में एक प्रतिशत की कमी आई है। पहले 5 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू सेवन करती थी जो कि अब कम होकर चार प्रतिशत हो गई है। वहीं, 48.9 प्रतिशत पुरुषों की जगह अब 45.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू सेवन कर रहे हैं। जबकि, अल्कोहल का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या 15.4 प्रतिशत से बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, महिलाओं में अल्कोहल सेवन का प्रतिशत पूर्ववत 0.4 प्रतिशत स्थिर है। सात फीसदी से अधिक ग्रामीण मधुमेह की चपेट में सर्वे में पता चला है कि महिला एवं पुरुषों को मिलाकर बिहार के ग्रामीण इलाकों में सात फीसदी से अधिक मधुमेह से पीड़ित हैं। बात मधुमेह की करें तो राज्य स्तर पर महिलाओं के मुकाबले पुरुष मधुमेह से अधिक पीड़ित हैं। हालांकि, पिछले स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुकाबले में मधुमेह की समस्या में कमी दर्ज की गई है। नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस), 2024 – 25 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संस्थागत प्रसव, स्तनपान सहित अन्य मानकों में सुधार दर्ज किया गया है। एनएफएचएस की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 साल एवं उससे अधिक उम्र की महिलाओं में 6.2 प्रतिशत और पुरुष 8 प्रतिशत पुरुषों में 140 से 160 मिलीग्राम तक मधुमेह की शिकायत पाई गई है। जबकि, शहरी क्षेत्रों में समान रूप से 7.3 प्रतिशत महिलाएं और इतने ही पुरुष मधुमेह से पीड़ित हैं। वहीं, राज्य स्तर पर जहां 7.9 प्रतिशत पुरुष मधुमेह से पीड़ित हैं तो वहीं 6.3 महिलाएं मधुमेह से पीड़ित हैं। राज्य स्तर पर पिछले सर्वेक्षण में पुरुषों में मधुमेह 8.3 प्रतिशत तो 6.4 प्रतिशत महिलाओं में मधुमेह पाया गया था। राज्य में संस्थागत प्रसव 76.2% से बढ़कर 81.1 फीसदी एनएफएचएस की नई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संस्थागत प्रसव 76.2% से बढ़कर 81.1% हो गई है। शहरी क्षेत्रों में 89.9% तो ग्रामीण क्षेत्रों में 80.2 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहा है। इनमें सरकारी अस्पतालों में 57.5% हो रहे हैं। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी 84% प्रसव में मौजूद रहते हैं। वहीं, ऑपरेशन से प्रसव में बढ़ोतरी हुई है। यह 9.7% से बढ़कर 13.2% हो गई है। ऑपरेशन से प्रसव निजी क्षेत्र में बढ़ने (39.6% से बढ़कर 49.3% ) का संकेत रिपोर्ट में है जबकि सरकारी अस्पतालों में कम (3.6% से कम होकर 2.7 %) हुआ है बच्चों के स्वास्थ्य में गुणात्मक परिवर्तन की दृष्टि से राज्य में स्तनपान में बढ़ोतरी हुई है। तीन साल तक के बच्चों में जन्म के पहले एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने वाली महिलाओं की संख्या 31.1% से बढ़कर 51.9% हो गई है। इसी प्रकार, राज्य में 98% लोगों के घरों में बिजली की उपलब्धता, 99.8% लोगों के घरों में पेयजल की उपलब्धता हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार बिहार के ग्रामीण इलाकों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार हैं। सूबे में चार से एक व्यक्ति दुबलेपन का शिकार है। रिपोर्ट बताती है कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अंडर वेट हैं, वहीं शहरी क्षेत्र में 30 फीसदी महिलाएं और 29.9 फीसदी पुरुष मोटापे के शिकार हैं। इसके अलावा बिहार में चार में से एक व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स मानक से कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्र लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। वेलनेस सेंटर पर मरीजों के जाने से उनका इलाज हो रहा है। बिहार में 12 हजार वेलेनस सेंटर चलते हैं। मुजफ्फरपुर में 619 वेलेनस सेंटर चल रहे हैं। वेलेनस सेंटर के संचालन की निगरानी स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था जपाइयो कर रही है।

राबड़ी देवी का बड़ा ऐलान, बोलीं- फोर्स बुला लें सम्राट चौधरी, बंगला नहीं छोड़ेंगे

पटना  बिहार में 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगले की लड़ाई में सरकार और विधान परिषद में नेता विरोधि दल राबड़ी देवी के बीच ठन गई है। पूर्व सीएम ने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती दी है कि बंगला खाली नहीं करेंगी, सरकार फोर्स भेजकर खाली करवा ले। शुक्रवार को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी सरकारी आवास खाली करने का फाइनल नोटिस भेजा। राबड़ी देवी जिस आवास में 2005 से रह रही हैं वह पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। सरकार की नई चिट्ठी पर सियायी बवाल मच गया है। अपनी नेता रबड़ी देवी के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) ने मोर्चा खोल दिया है।  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास ’10 सर्कुलर रोड’ को खाली करने के सरकारी आदेश पर बेहद कड़ा और बागी रुख अपना लिया है. राबड़ी देवी ने पटना में मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर एलान कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर अपना यह मौजूदा बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।  “नया-नया मुख्यमंत्री बने हैं सम्राट चौधरी” राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा और तीखा तंज कसते हुए उनकी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “मैं किसी कीमत पर यह आवास खाली नहीं करूंगी. सम्राट चौधरी फोर्स बुलवा कर आवास खाली करवाएं. वह अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं.”आरजेडी खेमे का तर्क है कि 10 सर्कुलर रोड का यह बंगला केवल एक पूर्व मुख्यमंत्री का आवास नहीं है, बल्कि यह पिछले दो दशकों से बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति का मुख्य केंद्र और लालू-राबड़ी परिवार की पहचान रहा है. ऐसे में इसे खाली कराने के नोटिस को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई के रूप में देख रहा है।  क्या कहता है सरकारी नियम और आगे की राह? भवन निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन और नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के आवासों का नए सिरे से आवंटन (Re-allotment) किया जाता है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट के नए मंत्रियों को जगह देने के लिए कई पुराने बंगलों को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।  क्या मुद्दा खोज रहा लालू परिवार? हालांकि, राबड़ी देवी द्वारा खुलेआम फोर्स बुलाकर बंगला खाली कराने की चुनौती दिए जाने के बाद अब गेंद पूरी तरह से राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री के पाले में है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार बलपूर्वक इस बंगले को खाली कराने का प्रयास करती है तो आरजेडी इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर सड़कों पर उतर सकती है, जिससे सूबे की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा रहेगा। 

रिशुश्री कनेक्शन पर गिरी गाज, अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर सस्पेंड

पटना पटना के टेंडर फिक्सिंग खिलाड़ी रिशुश्री पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की कार्रवाई के बाद सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बिहार कैडर के कई आईएएस अधिकारियों के रिशुश्री से सांठगांठ और अनुचित लाभ लेने के आरोपों की चर्चा के बीच आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को सस्पेंड कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि की और बताया कि कागजी प्रक्रिया की जा रही है। योगेश कुमार 2017 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक हैं। 2014 बैच की अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा जीविका परियोजना की निदेशक की जिम्मेदारी निभा रही थी। 27 मई को एसवीयू ने ठेकेदार रिशुश्री के पटना स्थित आवास पर छापेमारी में अकूत संपत्ति की बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। टेंडर माफिया के घर से दो करोड़ के सोना, चांदी, हीरा, लाखों कैश और प्रॉपर्टी के 61 डीड बरामद किए गए थे। सारण जिले का निवासी रिशुश्री पटना में रहकर सरकारी विभागों के टेंडर कमीशन लेकर मैनेज करता था। इसमें आईएएस लॉबी उसका मदद करती थी जिसके लिए रिशु उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाता था। इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिशु से सांठगांठ के आरोप में ईडी भी पहले से कार्रवाई कर रही है। उस केस को स्पेशल विजिलेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है। आरोप है कि रिशु की कंपनी ने इनके परिवार के लोगों को विदेश यात्रा करवाई और उनके कई बड़े खर्चे उठाए। चर्चा है कि रिशुश्री से मिलीभगत कर सरकारी राशि का घपला करने और मनी लाउंड्रिंग के मामले में अभी कई बड़े चेहरे सामने आ सकते हैं। ठेकेदार रिशु की काफी पैठ है। वह पटना में बैठकर पूरे राज्य में सरकारी टेंडर से खेलता था । अपने चहेतों को 8 से 9 परसेंट कमीशन लेकर बड़े बड़े टेंडर दिलवाता था। एसयूवी रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने वाली है।

अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी घायल, तस्कर फरार

रांची रांची में अवैध बालू कारोबार करने वाले माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पुलिस जब भी अवैध बालू लदे वाहनों को रोकने की कोशिश करती है, तस्कर पुलिस टीम पर ही हमला करने से नहीं हिचकते। कई मामलों में पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया, जबकि कुछ घटनाओं में जवान और अधिकारी घायल भी हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जून 2025 में नामकुम थाना क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई थी। पुलिस टीम ने जांच के दौरान बालू लदे वाहन को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन नहीं रोका और सीधे पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। घटना में नामकुम थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनके बॉडीगार्ड घायल हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध बालू ढुलाई पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। इसी तरह जून 2025 में ही केतारी बगान इलाके में एएसआई गुरूचरण पंडित ने बालू लदे टर्बो वाहन को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर एएसआई को कुचलने की कोशिश की। किसी तरह पुलिसकर्मी ने खुद को बचाया, लेकिन तस्कर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस ने छापेमारी भी की, लेकिन चालक पकड़ में नहीं आया। धुर्वा और रातू में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने का हुआ था प्रयास धुर्वा थाना क्षेत्र में भी गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बालू लदे वाहन को रोकने की कोशिश की थी। वाहन चालक ने भागने के दौरान पुलिस की गाड़ी में टक्कर मार दी। इस घटना में पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं रातू इलाके में भी पुलिसकर्मियों को कुचलने के प्रयास की घटना सामने आ चुकी है। बालू माफिया चालकों को देते हैं आदेश नहीं रुकनी चाहिए गाड़ी बालू माफिया चालकों को स्पष्ट आदेश देते हैं कि किसी हाल में गाड़ी नहीं रुकनी चाहिए। कोई भी गाड़ी रोके तो गाड़ी को चढ़ा दें। अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोग रात के समय सक्रिय रहते हैं। नदी घाटों से बालू निकालकर विभिन्न इलाकों में सप्लाई की जाती है। कई तस्कर तेज रफ्तार और दबंगई के बल पर कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि पुलिस टीमों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।

बिहार में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा, डोनार औद्योगिक क्षेत्र में मखाना फैक्ट्री को मंजूरी

दरभंगा दरभंगा के डोनार औद्योगिक क्षेत्र में मखायो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एक अत्याधुनिक मखाना प्रोसेसिंग और निर्माण यूनिट लगाई जाएगी। इस पूरी परियोजना पर 27.44 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे न केवल बिहार में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।  बियाडा की बैठक में मिली मंजूरी बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार की परियोजना समाशोधन समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उद्योग विभाग के सचिव और बियाडा के प्रबंध निदेशक  कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योग्य आवेदकों को जमीन और प्लग एंड प्ले शेड आवंटित करने का फैसला लिया गया। इसी दौरान मखायो फूड्स को दरभंगा में यूनिट लगाने की हरी झंडी मिली।  युवाओं को मिलेगा काम उद्योग विभाग के सचिव और बियाडा के प्रबंध निदेशक  कुंदन कुमार ने कहा कि यह नई मखाना यूनिट कुल 2.20 एकड़ जमीन पर तैयार की जाएगी। यहां मखाने की प्रोसेसिंग, बेहतरीन पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन का काम आधुनिक मशीनों से होगा। इसके लिए सरकार 27.44 करोड़ रुपए निवेश करेगी, जिससे लगभग 300 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और मखाना किसानों को सीधा आर्थिक लाभ होगा। इस यूनिट के शुरू होने से बिहार के मखाने को आधुनिक तकनीक मिलेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और देश-विदेश के बाजारों तक इसकी पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही स्थानीय सप्लाई चेन भी मजबूत होगी। किसानों को अपनी फसल का मिलेगा बेहतर दाम इस संबंध में बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि सरकार पारंपरिक और कृषि आधारित उद्योगों को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2022 में मिथिला मखाना को जीआई टैग मिलना राज्य के लिए गर्व की बात थी। इस नई यूनिट से किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। वहीं, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधा और अच्छा माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है ताकि ऐसी योजनाएं जल्दी जमीन पर उतर सकें।  

IPL में धमाकेदार प्रदर्शन का मिला इनाम, वैभव सूर्यवंशी बने झारखंड का नया चेहरा

रांची. क्रिकेट जगत में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, अद्भुत प्रतिभा और कम उम्र में ही पूरे देश को प्रभावित करने वाले युवा क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी को झारखंड का स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करने के साथ-साथ विभाग का ब्रांड एंबेसडर भी बनाएगा। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि भले ही वैभव की टीम मैच हार गई हो, लेकिन उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीता है। इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाज़ों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। वैभव ने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए दिल से बधाई देते हुए मंत्री ने कहा है कि जल्द ही उन्हें झारखंड में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। वैभव सूर्यवंशी ने करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन का संदेश देंगे वैभव स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। एमएस धोनी भी रह चुके हैं ब्रांड एंबेसडर इससे पहले रांची के युवराज और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी झारखंड के विभिन्न विभागों के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। उन्हें राज्य सरकार की ओर से इनाम के अलावा आवासीय भूखंड समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। करोड़ों युवाओं की प्रेरणा बताया डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मात्र 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने जिस साहस, आत्मविश्वास और प्रतिभा का परिचय दिया है, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। वैभव केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, मेहनत, अनुशासन और संघर्ष की जीवंत मिसाल हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और करोड़ों युवाओं को प्रेरित किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और सकारात्मक सोच ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग उनके साथ मिलकर युवाओं के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वैभव आने वाले समय में भारत का नाम विश्व क्रिकेट में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और देश को उन पर लंबे समय तक गर्व रहेगा।  

कोकर और जामचुआं सब स्टेशन से हजारों उपभोक्ताओं को राहत

रांची राजधानी रांची में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। शहरवासियों को जल्द ही दो नए बिजली सब स्टेशन की सौगात मिलने वाली है। कोकर और जामचुआं में बन रहे नए सब स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं और इनके चालू होने के बाद शहर के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। बिजली विभाग के अनुसार कोकर सब स्टेशन से 10 एमवीए क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसका सीधा लाभ कोकर, लालपुर, बरियातू, खोरहाटोली, इंडस्ट्रियल एरिया, सुभाष चौक, भाभा नगर, तिरिल, पीस रोड और लालपुर चौक समेत आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को मिलेगा। विभाग का दावा है कि करीब 30 हजार से अधिक लोगों को बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत नए सब स्टेशन के चालू होने से लंबे समय से बनी लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और एक फेज में कम बिजली पहुंचने जैसी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। गर्मी के मौसम में बढ़ते लोड के कारण जिन इलाकों में बार-बार बिजली बाधित होती थी, वहां अब स्थिति बेहतर होगी। ग्रामीण इलाकों और उद्योगों को भी फायदा वहीं जामचुआं सब स्टेशन से भी 10 एमवीए बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। इसके अलावा रामपुर और जामचुआं क्षेत्र के छोटे उद्योगों को भी बेहतर बिजली सुविधा मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी ग्रिड से मिली अतिरिक्त ताकत इधर शहर की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए स्मार्ट सिटी परिसर में बने स्मार्ट ग्रिड को भी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा चालू कर दिया गया है। इस स्मार्ट ग्रिड से शहर को 35 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने लगी है। विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान बढ़ते लोड को संभालने में यह ग्रिड काफी सहायक साबित हो रहा है और इससे राजधानी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और मजबूत हुई है।

हथियार लहराने के मामले में जदयू विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक

 गोपालगंज मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक छोटे सरकार अनंत सिंह को कोर्ट से फिर राहत मिली है। गोपालगंज के एमपी एमएलए कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा पांच जून तक बढ़ा दिया है। मामले में आज(शनिवार, 30 मई को)अग्रिम जमानत के बिंदू पर सुनवाई हुई। अगली सुनवाई पांच जून को होगी। तबतक उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा को बढ़ा दिया गया है। भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को भी इसका फायदा मिला है। सरकारी वकील ने राहत देने का विरोध किया था। 2 मई को गोपालगंज जिले के सेमराव गांव में हथियार लहराने और अश्लील गानों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस की छानबीन अब सीआईडी करेगी। शनिवार को गोपालगंज एमपीएमएलए कोर्ट में अनंत सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। उनके वकील राजेश पांडे ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखने की अपील की। इस पर सरकारी वकील ने विरोध किया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए कोई राहत नहीं मिलना चाहिए। इसपर राजेश पांडे ने कहा कि पिछली सुनवाई पर ही 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी। इसे आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने पिछले फैसले को बरकरार रखा। मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में हथियार लहराने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। बिहार सरकार के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस चर्चित मामले को गोपालगंज पुलिस से हटाकर सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही अब इस केस में स्थानीय पुलिस की भूमिका समाप्त हो गई है। मीरगंज थाने के सेमराव गांव निवासी गुड्डू राय के घर बीते दो और तीन मई को आयोजित उपनयन संस्कार कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में उनके समर्थकों पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरगंज थाने में चार मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में पुलिस ने विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों को नोटिस जारी कर 15 मई को हथियार के साथ मीरगंज थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि निर्धारित तिथि पर विधायक और उनके समर्थक थाने नहीं पहुंचे। मामले को लेकर कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चित होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर श्रेणी में रखते हुए सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया  

टेंडर घोटाले के मास्टरमाइंड से सांठगांठ पड़ी भारी, बिहार सरकार ने दो IAS अफसरों को किया निलंबित

पटना. चर्चित टेंडर घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रिशु श्री से लाभ लेने के आरोप में बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबित अधिकारियों में 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा शामिल हैं। योगेश कुमार सागर वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के एक निदेशालय में निदेशक पद पर तैनात थे, जबकि अभिलाषा शर्मा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका परियोजना की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। योगेश सागर पर यूरोप यात्रा का आरोप जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि टेंडर घोटाले के आरोपी रिशु श्री ने उन्हें और उनके परिजनों को अपने खर्च पर यूरोप की सैर कराई। जांच में सामने आया है कि इस यात्रा में योगेश सागर के साथ उनके आठ रिश्तेदार भी थे। बताया जा रहा है कि सभी ने कई यूरोपीय देशों का भ्रमण किया और यात्रा, होटल सहित अन्य खर्च रिशु श्री ने वहन किए। पूरी यात्रा पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने निजी लाभ स्वीकार किया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। अभिलाषा शर्मा पर भी गंभीर आरोप आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा पर भी रिशु श्री से अनुचित लाभ लेने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि रिशु श्री ने उनके आवास की छत पर करीब 9 लाख रुपये की लागत से बागवानी और सौंदर्यीकरण कार्य कराया था। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के कई रिश्तेदारों की देश के विभिन्न शहरों की यात्राओं का खर्च भी रिशु श्री ने उठाया। इतना ही नहीं, उन्हें और उनके परिजनों को महंगे उपहार, आईफोन सहित कई कीमती वस्तुएं भी दिए जाने के आरोप हैं। अभिलाषा शर्मा पूर्व में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) भी रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी पहचान एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में रही है। जांच के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, टेंडर घोटाले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। सरकार ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को बिहार प्रशासनिक सेवा तंत्र में भ्रष्टाचार और प्रभावशाली लोगों से सांठगांठ के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।