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बिहार: मंदिर से चोरी हुई मूर्तियां रहस्यमय तरीके से सड़क किनारे मिलीं

पटना  बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी से आस्था से जुड़ी एक अनोखी खबर सामने आई है। दो महीने पहले छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। अब ये मूर्तियां रहस्यमय तरीके से करीब 67 दिन बाद वापस मिल गई हैं। इन मूर्तियों को खोजने में पुलिस नाकाम रही थी। सोमवार की रात अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां सड़क किनारे कपड़े में लपेटकर लावारिस हालत में छोड़ गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार और चोरों पर दैवीय भय का असर मान रहे हैं। 16 मार्च को चोरी हुई थीं राम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां मिली जानकारी के मुताबिक, मसौढ़ी के छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से बीते 16 मार्च की रात करीब 100 साल पुरानी भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इसके साथ ही चांदी के दो मुकुट भी गायब कर दिए गए थे। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। चोरी को लेकर मसौढ़ी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। तीन गांव के बाहर सड़क किनारे छोड़ी गईं मूर्तियां चांदी के मुकुट पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी और जांच की, लेकिन दो महीने तक मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच छाता गांव, शाहाबाद और लखनौर गांव के सीमावर्ती इलाके में सड़क किनारे कपड़े में लिपटी हालत में तीनों मूर्तियां और चांदी के मुकुट बरामद हुए। भगवान के डर से मूर्तियां छोड़ गए चोर: ग्रामीण मूर्तियों के मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में खुशी और भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि 'भगवान की महिमा ऐसी है कि चोर भी डर गए और मूर्तियां छोड़कर भाग निकले।' मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती मूर्तियां मिलने की खबर पाते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जरूरी कागजी कार्रवाई कर मूर्तियां मंदिर प्रबंधन समिति को सौंप दी। मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस लगातार जहानाबाद, मसौढ़ी सहित अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी। इस वजह से चोर मूर्तियों को बाजार में खपा नहीं पाए और पकड़े जाने के डर से मूर्तियां रखकर भाग गए। ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली शोभायात्रा, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत इसके बाद ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की भव्य शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया और पूरे विधि-विधान के साथ छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर में पुनः स्थापना की गई। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के नारों से गूंज उठा।  

BPSC परीक्षा नियमों में बदलाव, अब अनिवार्य होगा ‘विकल्प E’ और मिलेगा अतिरिक्त समय

पटना  तीन जून को आयोजित 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पांचवें विकल्प की व्यवस्था लागू होगी। बीपीएससी की यह पहली परीक्षा होगी, जो परिवर्तित उत्तर प्रणाली के साथ आयोजित होगी। साथ ही इस परीक्षा के लिए क्षतिपूरक (अतिरिक्त) समय देने का निर्णय लिया है। 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम पाली (सामान्य अध्ययन) के लिए 10 मिनट अतिरिक्त देते हुए नया समय 10:00 से 11:40 बजे निर्धारित किया गया है। द्वितीय पाली (विधि विषय) के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाकर इसे 02:00 से 04:15 बजे तक कर दिया गया है। उत्तर नहीं देने पर विकल्प ई का चयन करें नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में चार के बजाय पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) दिए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव विकल्प ई को लेकर है, जिसका अर्थ प्रयास नहीं किया गया होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ई का चयन करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी विकल्प (ए से ई तक) को खाली छोड़ देता है, तो उस स्थिति में एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त समय केवल इसी परीक्षा के लिए मान्य है। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए आधार न माना जाए।

टाइगर रिजर्व में दहशत: 77 बाघों की भीड़ में दो बाघिनों का नहीं मिला सुराग

करौली राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 2 बाघिन के लापता होने की खबर है. बाघिन T-124 रिद्धि की बेटी RBT-2504 माही और RBT-2510 कई दिनों से गायब हैं. पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम दोनों बाघिनों को ढूंढने का प्रयास कर रही है. हाल ही में आरबीटी-2504 'माही' का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बाघिन उसकी मां रिद्धि से भिड़ती दिख रही है. आरबीटी-2504 का मूवमेंट भी रणथंभौर के जोन नम्बर 2, 3 और 4 के लेक एरिया में देखा गया है, लेकिन करीब एक महीने से बाघिन कहीं नजर नहीं आ रही है. बाघिन टी-107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी-2510 की भी कोई जानकारी नहीं है. आपसी संघर्ष के चलते बाघिन ने छोड़ा इलाका! इन दोनों बाघिन के गायब होने के पीछे आपसी संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है. लगातार बाघ-बाघिन की बढ़ती संख्या के चलते आपसी संघर्ष भी बढ़ गया है. ऐसे में बढ़ती संख्या के चलते टेरिटरी को लेकर बाघों के बीच संघर्ष देखा जा चुका है. ताकतवर बाघ-बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है. आखिरी बार 1 और 2 मई को देखी गई आरबीटी-2504 रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है, बल्कि ट्रेप कैमरों के जरिए भी दोनों बाघिनों को ढूंढा जा रहा है. डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है. आरबीटी-2504 को आखिरी बार 1 और 2 मई को देखा गया था. 3 मई को आरबीटी-2504 और उसकी मां टी-124 के बीच संघर्ष हुआ. इसके बाद से ही बाघिन गायब है. हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब दोनों के बीच आपसी संघर्ष हुआ हो. इससे पहले भी कई बार ऐसा मामला सामने आ चुका है. आखिरी बार बाघ के साथ देखी थी आरबीटी-2510 आरबीटी-2510 रणथंभौर की पेराफेरी पर रहने वाली बाघिन है. जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी. वह अक्सर बाघ आरबीटी-2407 के साथ देखी जाती है. उसका गायब होना भी वन विभाग को हैरान करने वाला है. आरबीटी-2407 की तलाश के लिए करीब 100 कैमरा ट्रैप बढ़ाए गए हैं. साथ ही कई दिनों की तलाश के बाद वन विभाग ने नए सिरे से योजना बनाई है. अब 5 टीमों का गठन किया गया है, जो 'ऑन फुट पेट्रोलिंग' कर रही है, ताकि बाघिन के पगमार्क के जरिए उसका पता लगाया जा सके. 55 आबादी वाले रिजर्व में 77 बाघ-बाघिन और शावक वन विभाग का मानना है कि देश का सबसे सघन आबादी वाले टाइगर रिजर्व रणथंभौर में बाघों के बीच संघर्ष होना सामान्य प्रक्रिया है. बाघ-बाघिन की संख्या बढ़ने से आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा. अनुमानित तौर पर 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले इस रिजर्व में 77 से भी अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं.

पटना कैश वैन लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में लगी गोली

पटना बिहार में सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस अपराधियों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। दो दिन के अंदर राजधानी पटना में दो और सीवान में एक हाफ एनकाउंटर कर पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दे दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। बिहार में रो रहे एनकाउंटर पर बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बड़ी बात कही है। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा है कि एनकाउंटर तो कम हुआ है अभी एनकाउंटर और होगा। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, 'एनकाउंटर तो कम हुआ है। अभी और करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकल्प लिया है कि हमको भ्रष्टाचार मुक्त और अपराध मुक्त बिहार बनाना है। चाहे इसके लिए जो कुछ करना होगा हमलोग करेंगे। पटना में एनकाउंटर पटना जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र में सीएमएस कंपनी की कैश वैन से हुई लूटकांड का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 13 मई 2026 को गोपालपुर थानांतर्गत सीएमएस कंपनी की कैश वैन से कुछ अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा हथियार का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना की निगरानी में मामले के त्वरित उद्भेदन के लिये एक टीम का गठन किया गया।वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गठित टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज के गहन अवलोकन एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर घटना में संलिप्त अपराधियों की पहचान की गई।इसके बाद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में देर रात तीन अपराधियों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। उसके बाद मामले में संलिप्त एक और अपराधी की स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तारी के लिये छापेमारी की गई। इस दौरान अपराधी द्वारा पुलिस बल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम द्वारा पूर्ण संयम एवं सतर्कता से आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अपराधी के पैर में लगी। घायल अपराधी को अभिरक्षा में लेकर तत्काल उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया है। इससे पहले सोमवार को पटना के अगमकुआं इलाके में भी पुलिस ने एक अपराधी का हाफ एनकाउंटर किया था। इसी दिन सीवान जिले में भी एक ज्वेलरी लूट के आरोपी को पुलिस ने पैर में गोली मारी थी। कुछ ही दिनों पहले बिहार के रोहतास जिले में मौजूद मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि गुंडे मवाली अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे और जनता की संपत्ति लूटने का काम करेंगे तो पुलिस की राइफल पानी नहीं उगलेगी, बल्कि गोलियां उगलेगी। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

खाड़ी तनाव का असर झारखंड तक, कुड़ू में तेल की भारी किल्लत और लंबी कतारें

कुड़ू खाड़ी देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात का असर अब झारखंड के लोहरदगा जिले तक दिखाई देने लगा है. कुड़ू प्रखंड में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है. स्थिति यह है कि तीन पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जबकि एकमात्र चालू पंप पर भी सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है. वाहन चालकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई लोग बिना तेल लिए वापस लौट रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से नहीं हो पा रही है. कहीं तीन दिनों में तो कहीं एक सप्ताह के अंतराल पर तेल पहुंच रहा है. इससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ने लगा है. भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल पंप बंद जानकारी के मुताबिक भारत पेट्रोलियम का नीचे स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप सोमवार शाम करीब चार बजे तेल समाप्त होने के कारण बंद हो गया. वहीं कुंदों स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में भी तेल खत्म होने के बाद पंप बंद कर दिया गया है. टिको स्थित इंडियन ऑयल पंप भी पिछले दो दिनों से बंद पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि भारत पेट्रोलियम पंप में तीन दिनों बाद तेल पहुंचा था, लेकिन 24 से 25 घंटे के भीतर ही पूरा स्टॉक समाप्त हो गया. इसके बाद सोमवार दोपहर पंप परिसर में पोस्टर चस्पा कर लोगों को सूचित किया गया कि तेल उपलब्ध नहीं है. पेट्रोल पंप बंद होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. कई वाहन चालकों को दूसरे इलाकों में जाकर तेल भरवाना पड़ रहा है. रिलायंस पंप पर सीमित मात्रा में मिल रहा तेल फिलहाल कुड़ू में केवल रिलायंस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, लेकिन यहां भी तेल किस्तों में दिया जा रहा है. प्रशासन के निर्देश का हवाला देते हुए वाहन मालिकों के लिए मात्रा और समय दोनों तय कर दिए गए हैं. पंप में कार और छोटे वाहनों को अधिकतम एक हजार रुपये तक का तेल दिया जा रहा है. लंबी दूरी तय करने वाले यात्री और मालवाहक वाहनों को अधिकतम दो हजार रुपये तक डीजल मिल रहा है. ट्रैक्टर में एक हजार रुपये, बाइक में दो सौ रुपये और बुलेट बाइक में अधिकतम तीन सौ रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. स्थिति यह है कि एक घंटे तक तेल वितरण करने के बाद पंप बंद कर दिया जाता है. इसके बाद कुछ समय बाद फिर वितरण शुरू होता है. इससे वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है. तपती गर्मी में घंटों लाइन में खड़े लोग तेल की कमी के कारण रिलायंस पेट्रोल पंप में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लग रही है. मंगलवार को सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक डीजल वितरण बंद रहने के कारण एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लाइन में खड़े रहे. इसी तरह बाइक चालकों को भी तपती गर्मी में खुले आसमान के नीचे आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा. कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तेल की कमी से रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन पंप संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं. हालांकि पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारी इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. प्रशासन ने बुलाई बैठक स्थिति बिगड़ने के बाद कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में लोगों की परेशानी कम करने और तेल वितरण को व्यवस्थित करने पर चर्चा की गई. थाना प्रभारी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कमी का थोड़ा असर जरूर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पंप संचालकों को लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनने देने के निर्देश दिए गए हैं. खेती, परिवहन और सरकारी कामकाज प्रभावित पेट्रोल-डीजल संकट का असर अब आम लोगों की जिंदगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. पिछले दिनों हुई बारिश के बाद किसान धान की खेती की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं. ट्रैक्टर मालिकों ने खेत जुताई का किराया भी बढ़ा दिया है. पहले जहां ट्रैक्टर पूरे दिन चलते थे, वहीं अब दिनभर में केवल दो से तीन घंटे ही काम हो पा रहा है. मालवाहक वाहन मालिकों ने बढ़ाया किराया मालवाहक वाहन मालिकों ने भी किराया बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों पर पड़ रहा है. प्रखंड और अंचल कार्यालय के अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण पर भी असर पड़ा है. सीओ संतोष उरांव ने बताया कि डीजल की कमी के कारण नियमित क्षेत्र भ्रमण नहीं हो पा रहा है. वहीं कुड़ू थाना में भी डीजल आपूर्ति प्रभावित होने से पुलिस गश्ती और अन्य सरकारी कार्यों पर असर दिखाई देने लगा है.

गुवा में फिर शुरू होगा लौह अयस्क खनन, हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

 गुवा  पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद इस खदान के दोबारा शुरू होने से हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही सारंडा, गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। माइंस बंद होने से ठप पड़ गया था कारोबार विजया-2 माइंस बंद होने के बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे। ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद होने से सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों तक खड़े रहे। इसका असर गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे दुकानदारों तक पर पड़ा था। अब खदान संचालन शुरू होने से ट्रकों और डंपरों का परिचालन फिर तेज होगा। इससे ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। टाटा स्टील को मिलेगा सीधा फायदा करीब 30 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली इस माइंस के चालू होने से Tata Steel को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा। इससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और जमशेदपुर समेत आसपास के स्टील प्लांटों को फायदा मिलेगा। सरकार को होगा करोड़ों का राजस्व लाभ खनन शुरू होने के बाद झारखंड सरकार को रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी मद से हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। वहीं सालाना आय 35 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। बाजारों में लौटेगी रौनक खनन गतिविधियां बंद होने से सारंडा क्षेत्र के बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई थी। अब माइंस शुरू होने से स्थानीय बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।  

जंगल में गूंजीं गोलियां, झारखंड में पुलिस-नक्सली एनकाउंटर से इलाके में हड़कंप

चक्रधरपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हुई है। सूचना है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली मारे गए हैं। हालांकि अभी तक अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने नक्सली मारे गए हैं। घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर इलाके में हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से सोनुवा, गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च अभियान चला रहे थे। तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। रुक-रुक कर चली गोलीबारी में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूचना है कि पुलिस ने उसके पास से हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसपी ने की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इलाके में ऑपरेशन जारी है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय नक्सली सूत्रों के अनुसार इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली अब भी सक्रिय हैं। हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल में आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसके बाद 29 अप्रैल को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल जंगल क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। सुरक्षाबल हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

पेट्रोल पर लगी लिमिट, बाइक चालकों को मिल रहा सिर्फ 100-200 रुपये का तेल

 रांची  राजधानी रांची में पेट्रोल-डीजल की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। शहर के 50 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जो पंप खुले हैं, वहां भी सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। कहीं बाइक चालकों को 100 रुपये का पेट्रोल मिल रहा है तो कहीं 200 रुपये तक ही तेल दिया जा रहा है। कोकर स्थित एक पेट्रोल पंप पर बाइक सवारों को केवल 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि सिरमटोली क्षेत्र के पंपों पर 200 रुपये तक की सीमा तय कर दी गई है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की भारी किल्लत ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बूटी मोड़ से कोकर तक 4 पेट्रोल पंप में से एक भी पेट्रोल पंप पर सोमवार को पेट्रोल नहीं मिला। स्थिति केवल शहर तक सीमित नहीं है। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल की भारी किल्लत बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों के लोग अब पेट्रोल लेने के लिए शहर का रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के पंपों पर और अधिक दबाव बढ़ गया है। इधर, प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद कुछ पेट्रोल पंपों पर डब्बा और गैलन में पेट्रोल-डीजल दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। नो हेलमेट, नो पेट्रोल नियम की उड़ रही धज्जियां वहीं “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम भी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को भी खुलेआम पेट्रोल दिया जा रहा है। नियमों की अनदेखी को लेकर लोगों ने प्रशासन से सख्ती बढ़ाने की मांग की है।  

इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीज रेफर करने पर कार्रवाई के संकेत

पटना. सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे। दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है। 31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने पर सिविल सर्जन पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।

कोर कमेटी बैठक में MLC चुनाव पर मंथन, भाजपा ने 60-70 नामों पर की चर्चा

 पटना अगले महीने खाली हो रही विधान पार्षद की सीटों में से भाजपा की झोली में कम से कम चार आएंगी। इन सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर सोमवार को बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। लगभग घंटे भर चली बैठक में सांगठनिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। हर दो महीने पर होने वाली कोर कमेटी की बैठक में विधान पार्षद के संभावित उम्मीदवारों पर मंथन हुआ। बैठक में यह बात आई कि रिक्त हो रही नौ विप सीटों में भाजपा को चार, जदयू को तीन, लोजपाआर को एक और विपक्ष के हिस्से में एक सीट आएगी। भाजपा के खाते में आने वाली चार सीटों पर पार्टी नेताओं ने लगभग 60-70 नामों पर मंथन किया। हालांकि किसी भी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी। पार्टी की परिपाटी के अनुसार एक सीट के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं प्रदेश भाजपा कमेटी का गठन होना है। कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश कमेटी में शामिल होने वाले पदाधिकारियों के नामों पर भी मंथन हुआ। पीएम नरेन्द्र मोदी को देश की गद्दी संभाले हुए 12 साल होने को है। पार्टी की ओर से इस उपलक्ष्य में राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आने वाले दिनों में योग दिवस का भी आयोजन होना है। इस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी की ओर से जल्द ही कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर पार्टी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसे मंडल स्तर तक किया जाना है। बैठक में प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, सांसद राधामोहन सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा सह प्रभारी दीपक प्रकाश मौजूद थे।