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Bihar Transfer List: पुलिस और राजस्व विभाग में बड़ी सर्जरी, कई जिलों में नई तैनाती

पटना राज्य सरकार ने शनिवार की देर रात बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों का तबादला किया है। इस तबादले में ईओयू, मद्य निषेध, साइबर सहित कई इकाईयों में नये डीएसपी की तैनाती हुई है। अधिसूचना के मुताबिक मो अली अंसारी को एआईजी ट्रैफिक बिहार, आशीष कुमार सिंह को पटना का ट्रैफिक डीएसपी, अशफाक अंसारी को डीएसपी मद्य निषेध, मनोज राम को एएसपी सीआईडी, वंदना को एएसपी मद्य निषेध, रेशु कृष्णा को डीएसपी सीआईडी, महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज गया, नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू, कमलेश कुमार को सीनियर डीएसपी सीआईडी कमजोर वर्ग की जिम्मेदारी मिली है। अशोक कुमार को ईओयू का सीनियर डीएसपी, देंवेंद्र प्रसाद व अनुराग कुमार को ईओयू का डीएसपी, दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर, मो आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी बनाया गया है। राजस्व : 34 अधिकारियों का तबादला इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसमें से 18 को अनुमंडल स्तर पर जबकि 16 को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की जिम्मेवारी दीगई है। अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों का पदनाम अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी दिया गया है। राजस्व विभाग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें डीसीएलआर की शक्ति प्रदान करेगा।विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद, पंकज कुमार को बांका, चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज, प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय, अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं भास्कर को बेगूसराय के मंझौल का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। जबकि ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी, रंजीत कुमार को मनिहारी, विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भाष्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली, सुजीत सुमन को बनमनखी, निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। विभाग ने स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब नए पदों पर योगदान करने को कहा गया है।

सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: बिहार बनेगा फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय हब

पटना बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया। क्या है निफ्टेम निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है। बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Bihar Weather कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और बारिश की चेतावनी

 पटना बिहार के अलग-अलग जिलों में बदले मौसम ने सभी को चकित कर रखा है। मई के महीने में राज्य के कुछ जिलों में तीखी धूप और गर्मी का एहसास हो रहा है तो कई जिलो में बारिश और तेज हवाओं का भी दौर देखने को मिल रहा है। रविवार को बिहार के उत्तर मध्य भाग के जिलों सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा,मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर के अलावा उत्तर पूर्व के जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के कुछ हिस्सों में वज्रपात और मेघगर्जन का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इन जिलों में 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे से हवा चलने का भी पूर्वानुमान है। यह येलो अलर्ट बिहार के दक्षिण-पश्चिम भाग के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल जिलों के कुछ भागों के लिए भी जारी किया गया है। बिहार में उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण पश्चिम बिहार और दक्षिण मध्य बिहार में इसका विशेष असर दिखेगा। राज्य के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में अधिकतम तापमान 40 के ऊपर बना रहेगा। हालांकि राज्य के उत्तर पूर्व भाग में तीन चार दिन गरज-तड़क के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार में दक्षिण बिहार की अपेक्षा तापमान दो से तीन डिग्री तक कम रहेगा। शनिवार को दो डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पटना का अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री दर्ज हुआ। मौसमविदों के मुताबिक 22 मई के बाद बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में मुजफ्फरपुर तथा आसापस के जिलों में तेज धूप और तपिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 दिनों बाद बढ़कर सामान्य से उपर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने आनेवाले दिनों में इसके 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने का पूर्वानुमान जताया है। फिलहाल शनिवार को दिन का तापमान 36 डिग्री के पार चला गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अगले पांच-छह दिनों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। 22 मई तक दिन का औसतन चार से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ सकता है। रात का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक सुधरने की संभावना है। भागलपुर जिले में भी सुहाने मौसम के दिन बीत चुके हैं। बीती रात उमस इस कदर रही कि लोग उबलते रहे। वहीं दिन में पसीने छूट रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 36.1 व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार से 19 मई तक आसमान साफ रहेगा। इस दौरान गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल होगा। हालांकि दिन एवं रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पूर्णिया में तेज हवा और वज्रपात का यलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई, 18 मई एवं 20 मई को पूर्णिया जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 मई एवं 21 मई को मौसम साफ होने की संभावना बनी हुई है। येलो अलर्ट में तेज हवा बहने,मेघा गर्जन एवं वज्रपात होने की संभावना बनी रहती है। शनिवार को न्यूनतम तापमान एवं अधिकतम तापमान में एक डिग्री का इजाफा हुआ। शनिवार को न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

J-TET पास पैरा शिक्षकों के लिए खुला सहायक आचार्य बनने का रास्ता

 रांची सर्वोच्च न्यायालय ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पैरा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) को चरणबद्ध ढंग से सहायक आचार्य के रिक्त पदों पर नियुक्त करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। कोर्ट के इस आदेश के अनुपालन में काेई समस्या भी नहीं है। राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के कुल पदों में 50 प्रतिशत पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित भी रखा है, लेकिन सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए पैरा शिक्षकों का झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) उत्तीर्ण होना जरूरी है। दूसरी तरफ, स्थिति यह है कि राज्य में वर्तमान में लगभग आठ हजार पारा शिक्षक जेटेट उत्तीर्ण हैं और सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति की अर्हता रखते हैं। राहत की बात यह है कि राज्य में लंबे समय बाद जेटेट के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक भी भाग लेंगे। झारखंड अधिवद्य परिषद द्वारा इस परीक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई निर्धारित है। इधर, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश आने के बड़ी संख्या में पैरा शिक्षक इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में आयोजित होनेवाली जेटेट परीक्षा से इनके सहायक आचार्य नियुक्त होने का रास्ता खुलेगा, बशर्ते पारा शिक्षक यह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होते हैं। राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए गठित नियमावली के तहत पैरा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्त होने के लिए एक और परीक्षा से गुजरना होगा। कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य सरकार पैरा शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित कर सकती है। राज्य में वर्तमान में लगभग 55 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं। लगभग 40 हजार पद हैं रिक्त राज्य सरकार ने सहायक आचार्य के 50 हजार पद सृजित किए थे, जिनमें पहले चरण में 26,001 पदों पर शुरू ही नियुक्ति के तहत लगभग 10 हजार पदों पर ही नियुक्ति हो सकी है। बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं, जिनमें पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित पद भी सम्मिलित हैं। इस तरह, पहले चरण की लगभग 16 हजार तथा शेष 24 हजार पद रिक्त हैं। क्या है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया कि वह सहायक आचार्य के 50 प्रतिशत आरक्षित पदों पर पैरा शिक्षकों की चरणबद्ध ढंग से नियुक्ति करे। इसे लेकर पारा शिक्षकों के लिए विशेष रूप से प्रक्रिया शुरू की जाए। कोर्ट ने पारा शिक्षकों को सीधे नियमितीकरण करने से इंकार कर दिया, लेकिन राज्य को झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती नियमावली, 2012 और झारखंड प्राथमिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली, 2022 के तहत पहले से बनाए गए वैधानिक भर्ती तंत्र को लागू करने और समय-समय पर इसका पालन करने का निर्देश दिया।

हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा NIFTEM, किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

मुजफ्फरपुर बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों तथा हाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर के फूड टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में की पूजा-अर्चना वट-सावित्री पूजा की शुभकामनाएं देने के बाद राजधानी के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना कर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने जा रही इन सौगातों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालम‍िया और अंबूजा की बड़ी सीमेंट इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परिवहन, निर्माण और छोटे कारोबारों को भी गति मिलेगी। हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा निफ्टेम इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह संस्थान किसानों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। खासकर फल-सब्जी, मक्का, मखाना और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। राज्य सरकार इसे विकसित बिहार और समृद्ध बिहार के विजन से जोड़कर देख रही है। उद्योग और शिक्षा के इन बड़े निवेशों को आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

ईंधन संकट की आशंका से रांची में हड़कंप, लोग भरवा रहे टंकियां फुल

रांची पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बाद राजधानी रांची के कई पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार को अफरा-तफरी जैसे हालात देखने को मिले। शहर के हरमू स्थित दुलारी पंप, बिरसा चौक, कोकर समेत कई इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदते नजर आए। कई लोग डब्बों में तेल भरवाते दिखे, जबकि कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाईं। तीन अंकों में पहुंची कीमत नई दरें लागू होने के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 97.86 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है। शुक्रवार सुबह से ही नई कीमतों पर बिक्री शुरू कर दी गई। प्रशासन की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लोगों से केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदने को कहा गया है। मांग और सप्लाई में बड़ा अंतर सूत्रों के मुताबिक रांची में रोजाना मांग और सप्लाई के बीच करीब एक लाख लीटर का अंतर बना हुआ है, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कई जगहों से निर्धारित दर से अधिक कीमत पर तेल बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। आम लोगों की बढ़ी चिंता ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग और परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। आगे और बढ़ सकते हैं दाम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।  

बिहार सरकार का बड़ा कदम, पटना में बढ़ेगा ई-बस नेटवर्क और घटेगा ट्रैफिक दबाव

पटना बिहार सरकार ने राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई 2026 से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मियों को मिलेगी सुविधा इस नई पहल के तहत सचिवालय आने-जाने वाले सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन निजी कार और बाइक से सचिवालय आते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत दोनों बढ़ती है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा। 25 इलेक्ट्रिक बसें पहले से चल रहीं बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा फिलहाल पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जा रहा है। अब इन्हीं बसों का उपयोग सचिवालय कर्मियों के नियमित आवागमन के लिए भी किया जाएगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि इस पहल से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों का परिवहन खर्च भी कम होगा। महिला कर्मियों के लिए भी विशेष सुविधा महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे छुट्टी के समय विशेष पिंक बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इससे महिला कर्मियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा। इन रूटों पर चलेगी विशेष बस सेवा पटना जंक्शन से सचिवालय-  मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से बसें आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक जाएंगी। सुबह 8:30 बजे से सेवा शुरू होगी। दानापुर स्टेशन से सचिवालय- दानापुर स्टेशन से सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए बसें सचिवालय पहुंचेंगी। इस रूट पर सुबह 8:15 बजे से सेवा शुरू होगी।  धनुकी मोड़ से विकास भवन- धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ और करबिगहिया स्टेशन होते हुए बसें विकास भवन तक जाएंगी।  कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस- कुर्जी से पी एंड एम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा और हड़ताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक पिंक बस सेवा संचालित होगी।  गांधी मैदान से दानापुर स्टेशन- गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए विशेष बस सेवा सचिवालय क्षेत्र तक पहुंचेगी। ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग यदि निजी वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल करेंगे तो इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य में ऊर्जा संरक्षण और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

शिक्षा और विकास पर फोकस,हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और नए डिग्री कॉलेज

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार का गठन हुए एक महीना हो गया है। सम्राट चौधरी ने बीते 15 अप्रैल को उन्होंने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने एक माह के कार्यक्रम में उन्होंने 7 बड़े फैसले लिए हैं। इनमें बिहार के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाना भी शामिल है। इन टाउनशिप में पूरे प्लान के साथ कॉलोनियां बसेंगी। इनमें एक तरफ बाजार होंगे तो दूसरी ओर लोगों के रहने के लिए आवास तय होंगे। कॉलोनियों में चौड़ी सड़कों का निर्माण होगा। कॉलोनियों को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे और पार्कों में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट में एक है। इसमें सासाराम को जोड़ने का प्रस्ताव आया है। इससे शहरी दबाव में कमी आएगी, लोगों को सुविधायुक्त जीवन का लाभ मिल सकेगा। इन स्थानों पर बनेंगी टाउनशिप पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूर्णिया, मुंगेर में अंग, सीतामढ़ी में सीतापुरम, भागलपुर में विक्रमशिला, मुजफ्फरपुर में तिरहुत और छपरा में सारण नाम से टाउनशिप बनेगी। हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज सम्राट सरकार ने अपने दूसरी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के चयनित एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। साथ ही इसके लिए मुख्यमंत्री ₹800 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी, ताकि इस योजना को धरातल पर उतारने में दिक्कत नहीं आए। वहीं, उन्होंने डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए ₹104 करोड़ (₹50 लाख प्रति कॉलेज) भी स्वीकृत किए। इसके लिए 9152 पदों का सृजन होगा। सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और सरकार के उत्तरदायित्व को ध्यान में रखकर सहयोग की त्रिवेणी को शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सहयोग हेल्पलाइन : 1100, सहयोग पोर्टल : sahyog.bihar.gov.in और पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाने का निर्णय लिया है। शिविर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे। शिविर में ब्लॉक, थाना और अंचल की तमाम शिकायतों की सुनवाई होगी। पोर्टल पर सरकारी योजना से जुड़ी शिकायत के निबटारे के लिए 30 दिन का लक्ष्य तय है। 30 में शिकायत का निबटारा नहीं होता है, तोदोषी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन तय है। निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर लगाम निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर भी एक बड़ी पहल मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा है कि निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। मनमानी फीस बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क पर रोक रहेगी। छात्रों के परिजनों को किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन किसी को खास दुकान से खरीदने को बाध्य नहीं करेंगे। 50 करोड़ तक के ठेके बिहारियों को मिलेंगे छठे फैसले में 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य के ठेकेदारों (संवेदकों) को प्राथमिकता देने के लिए बिहार लोक निर्माण संहिता में संशोधन किया गया। अब से 50 करोड़ रुपये तक कार्यों के ठेके बिहारियों को मिलेंगे। इससे राज्य के लोगों को काम के अधिक मौके मिलेंगे। ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाना तथा पुलिस और समाज के बीच भरोसे को मजबूत करना है। इसके लिए 1500 स्कूटी महिला पुलिस के लिए खरीदने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज और स्कूल के सामने पुलिस दीदी की तैनाती होगी, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर नकेल कसी जा सके।

रांची में उद्योग बैठक, झारखंड और कर्नाटक ने व्यापारिक साझेदारी पर किया मंथन

रांची झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को रांची स्थित चेम्बर भवन में अहम बैठक आयोजित की गई। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधियों के बीच हुई इस संयुक्त बैठक में उद्योग, निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य के आर्थिक विकास का विजन सामने रखा और निवेशकों को राज्य में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। ‘झारखंड एक औद्योगिक पावरहाउस’ उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक क्षमता से समृद्ध राज्य है। यहां विशाल खनिज भंडार मौजूद हैं और राज्य लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन खनन से लेकर हाई-एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने का है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं बैठक में बताया गया कि झारखंड में इको टूरिज्म, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उद्योग सचिव ने कहा कि बेल्लारी खनन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अग्रणी है, ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से उद्योग जगत को बड़ा लाभ मिल सकता है। निवेशकों को हरसंभव मदद का भरोसा उद्योग निदेशक विशाल सागर ने प्रतिनिधियों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि झारखंड ने पहली बार दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी संभावनाएं रखीं। झारखंड की नई औद्योगिक नीति पर नजर झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की टेक्सटाइल नीति काफी आकर्षक है और जल्द ही नई औद्योगिक नीति भी आने वाली है, जो निवेशकों के लिए बड़ा अवसर साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर है और यहां कुशल मानव संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कर्नाटक ने भी दिया निवेश का न्योता बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित होने वाले MSME कॉन्क्लेव में शामिल होने का न्योता भी दिया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के व्यापारियों और उद्योगपतियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और संभावित औद्योगिक साझेदारी पर विचार साझा किए। औद्योगिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि झारखंड और कर्नाटक के बीच यह संवाद भविष्य में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करेगा। उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के साथ दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।  

बिहार में फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ाव,शूटिंग के लिए बन रहे नए हब

पटना  प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और लोक कलाओं के लिए नहीं बल्कि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उभर रहा है। सरकार ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने, युवाओं को फिल्म एवं मीडिया की पढ़ाई के अवसर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। फिल्म शूटिंग को लेकर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और ग्रामीण परिवेश अब फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं। कैमूर, जहानबाद, बोधगया, राजगीर, नालंदा, राजधानी पटना, वाल्मीकि नगर और मिथिला क्षेत्र जैसे स्थान फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए पसंदीदा स्थल बनते जा रहा है। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लि. के अनुसार अब तक 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति मिली है। इसमें 48 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इसमें चार नई फिल्म गिल्टी माइंड, हथुआ राज, बिहारी फेमस 22 फूड और गुरुद्वारा शामिल है। गिल्टी माइंड फीचर फिल्म है। जो विकास प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है। जबकि, शेष तीन वृत्तचित्र है। फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग की अनुमति को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। आरंभ के दिनों में फिल्म शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की जरूरत पड़ती थी। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत कोई भी कलाकार या वेंडर बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की वेबसाइट https://film.bihar.gov.in/ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। वहीं, कला संस्कृति विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की ओर से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे रही है। योजना के तहत अब तक 30 विद्यार्थियों को लगभग 19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। फिल्म वित्त निगम लि. के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में स्वस्थ सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है। फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए कई रमणीय स्थल है जो निर्माताओं को पसंद आ रही है। फिल्म निर्माण को लेकर राज्य में बेहतर माहौल बना है। इससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।