samacharsecretary.com

लव जिहाद पर सख्त होंगे CM मोहन यादव, कहा- अपराधियों को किया जाएगा खत्म

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. कहा कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है.  CM यादव नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है. रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है. बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है. अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी. बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है. CM के कार्यक्रम में लगे लव जिहाद के खिलाफ बैनर. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है. परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है. महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है.  सीएम यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे.   CM मोहन यादव के भाषण की खास बातें:-  – राज्य सरकार बहनों को शीघ्र ही, दीपावली भाईदूज से लाड़ली बहन योजना में 1500 रुपए मासिक की राशि देना प्रारंभ करेगी. – शासकीय सेवाओं में मध्यप्रदेश सरकार बहनों को 35% आरक्षण दे रही है. पीएम मोदी जी ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा विधानसभा सहित अन्य संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब हमारी बहनें विधायक, सांसद ही नहीं अन्य पदों पर भी निर्वाचित होंगी. – देवी अहिल्याबाई होल्कर, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी कमलापति हमारे समाज में साहस शौर्य और सुशासन की प्रतीक हैं. – उद्योगों में काम करने वाली बहनों को विशेष रूप से गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योग में कार्यरत बहनों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है. – हाल ही में रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रूपए शगुन की राशि भी प्रदान की गई.

गंदगी देख भड़के प्रद्युमन सिंह तोमर, बोले- आज माला पहनाई, कल विदा करूंगा

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर लगातार चर्चा में बने रहते हैं. एक बार फिर मंत्री चर्चा में आ गए हैं. शिवपुरी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल में टॉयलेट में गंदगी और बदबू देख नाराज हो गए. मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए खुद ही अपने हाथों से टॉयलेट साफ किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है.  फावड़ा उठाकर की सफाई अस्पताल में टॉयलेट साफ करने के बाद जब प्रद्युमन सिंह तोमर लुहारपुरा की पुलिया से गुरज रहे थे. तब वहां लगे कचरे को ढेर को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई. फिर फावड़ा उठाकर सफाई करने में जुट गए. वहीं स्थानीय लोगों ने शहर में साफ-सफाई को लेकर मंत्री से शिकायत की.  अधिकारी को दी चेतावनी लोगों की समस्या सुनने के बाद प्रद्युमन सिंह तोमर ने मौके पर नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा को माला पहनाई. माला पहनाकर उन्होंने कहा कि आज तुम्हें माला पहनाई है, कल सम्मान के साथ विदा कर दूंगा. मेरी बोत को गंभीरता से लेना. फिर उन्होंने सफाई मशीन बुलवाने के निर्देश दिए और मौके से निकल गए.  व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए कुछ दिन पहले जिला अस्पताल के गेट पर आदिवासी महिला की डिलीवरी और इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद प्रबंधन ने मीडिया के आने पर रोक लगा दी थी. शिकायतों के बाद मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए.  . 

लव जिहाद मामले में कांग्रेस पार्षद की बेटी को राहत, फरार है पिता

इंदौर इंदौर में लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिश रचने के मामले में आरोपी बनाई गई फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की बेटी आयशा को कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। स्पेशल कोर्ट में उसकी ओर से पेश जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद यह राहत दी गई। दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी बीते दिनों इंदौर पुलिस फरार अनवर की तलाश में दिल्ली पहुंची थी। वहां अनवर तो पुलिस के हाथ नहीं लगा, लेकिन उसकी बेटी आयशा को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेजा गया था। अनवर पर 30 हजार का इनाम फरार अनवर कादरी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। उस पर लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। 18 आपराधिक मामले दर्ज अनवर कादरी पर अब तक कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही नगर निगम पार्षद पद से उसकी अयोग्यता घोषित करने की तैयारी भी प्रशासन द्वारा की जा रही है। 

क्या आपका भी कटेगा राशन कार्ड से नाम? केंद्र ने भेजी 1.17 करोड़ लोगों की सूची, अब तक 19.17 करोड़ कार्ड जारी

भोपाल  केंद्र सरकार ने पहली बार उन राशन कार्डधारकों की पहचान की है जो मुफ्त खाद्यान्न योजना का लाभ पाने के पात्र नहीं हैं। इन लाभार्थियों में आयकर दाता, चार-पहिया वाहन मालिक और कंपनियों के निदेशक शामिल हैं। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राशन कार्डधारकों के विवरण को आयकर विभाग, सड़क परिवहन मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय जैसी सरकारी एजेंसियों के डाटाबेस से मिलान कर यह सूची तैयार की है। जांच में पाया गया कि 94.71 लाख राशन कार्डधारक करदाता हैं, 17.51 लाख चार-पहिया वाहन मालिक हैं और 5.31 लाख कंपनी निदेशक हैं। कुल मिलाकर लगभग 1.17 करोड़ कार्डधारक अपात्र की श्रेणी में आते हैं। अब केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे जमीनी स्तर पर सत्यापन कर 30 सितंबर तक इन अपात्र कार्डधारकों को सूची से बाहर करें। आपको बता दें कि इसकी लिस्ट स्थानीय स्तर पर प्रखंड मुख्यालयों को मुहैया करा दिए गए हैं। पीडीएस का लाभ उठाने वाले लोग वहां से लिस्ट लेकर अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं। खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने  बताया, “केंद्र ने राज्यों की मदद के लिए यह डेटा साझा किया है ताकि अपात्र लाभार्थियों को हटाकर प्रतीक्षा सूची में शामिल वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया जा सके। राशन कार्डों की समीक्षा और अपात्र/डुप्लीकेट कार्ड हटाने तथा योग्य लाभार्थियों को शामिल करने की जिम्मेदारी राज्यों की है।” आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अब तक 19.17 करोड़ राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। कुल 76.10 करोड़ लाभार्थी देशभर में इस योजना के तहत आते हैं। नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारी, सालाना 1 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले परिवार, चार-पहिया वाहन मालिक और करदाता मुफ्त राशन के लिए पात्र नहीं हैं। 8 जुलाई 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि यह कवायद सही लोगों तक राशन पहुंचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने लिखा कि मंत्रालय ने CBDT, CBIC, MCA, MoRTH और PM-किसान जैसी कई एजेंसियों के डाटाबेस से जानकारी मिलाकर अपात्र लाभार्थियों की पहचान की है। चोपड़ा ने कहा, “डेटाबेस की शुद्धता से वास्तविक वंचित परिवारों को लाभ मिलेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह कार्य 30 सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाए।” जुलाई में केंद्र ने राज्यसभा को बताया था कि 2021-23 के बीच 1.34 करोड़ “फर्जी/अपात्र” राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत राशन कार्ड धारकों को अनाज पूरी तरह मुफ्त कर दिया है।

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय कार्यक्रम में बोले CM मोहन यादव – पत्रकारिता समाज का दर्पण बने

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी रचनाकार, कवि, लेखक और पत्रकार पद्म भूषण से अलंकृत पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सीएम ने विश्वविद्यालय में चलाए गए पौधरोपण अभियान के अंतर्गत 1111वें पौधे के रूप में कृष्णवट का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्णा गौर, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। माखनलाल विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘अभ्युदय’ का अर्थ मात्र आरंभ नहीं, बल्कि निरंतर जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने वाले उत्तरदायित्व की यात्रा है। सीएम ने कहा कि नारद जी को पत्रकारिता का आद्य प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उन्हें विश्वास है कि यहां पढ़ने वाले छात्र आगे बढ़कर देश दुनिया में नाम रोशन करेंगे। ‘पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का विशिष्ट स्थान’ सीएम मोहन यादव ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पूरे देश में विशिष्ट पहचान है। उन्होंने हिंदी भाषा को पुनर्प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि ऐसे महापुरुष और महान कवि का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ और ये विश्वविद्यालय उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का का काम कर रहा है। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमने कुलपति के स्थान पर ‘कुलगुरु’ शब्द के प्रयोग की परंपरा प्रारंभ की। यह हमारी शिक्षा परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान देने का प्रतीक है। कुमार विश्वास ने छात्रों को दिए अनमोल सुझाव कार्यक्रम में सम्मिलित प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि पत्रकार की सबसे बड़ी विशेषता और आवश्यकता है ‘विश्वसनीयता’। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार का दायित्व होता है कि वो अपनी निजी वैचारिकी से उठकर सही तथ्य सामने लाएं। कुमार विश्वास ने कहा कि किसी विचार को केंद्र में रखने के बाद तठस्थ होकर लिखना ही पत्रकारिता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि यदि वे वास्त्व में एक सच्चे पत्रकार बनना चाहते हैं तो उन्हें अपने करियर की शुरुआत में कम से कम तीन साल प्रिंट में काम ज़रूर करना चाहिए। विभिन्न उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार का मूल उद्देश्य सिर्फ धन कमाना नहीं होना चाहिए। धन अवश्य कमाएं लेकिन वो नैतिकता से कमाया हुआ होना चाहिए। कुमार विश्वास ने विश्वास जताया कि कि तठस्थता, ईमानदारी और कड़ी मेहनत के बल पर ये छात्र भविष्य के सम्मानजनक पत्रकार बनेंगे और देश दुनिया में अपना नाम उज्जवल करेंगे।

महंगाई भत्ता बढ़ोतरी: MP वित्त विभाग ने तय की लिमिट, 2028-29 तक 94% होगा डीए

भोपाल  मध्यप्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों का अगले 3 साल में 30 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक इसे 9 प्रतिशत बढ़ाकर 64 प्रतिशत करने का टारगेट है। इसमें से 4 प्रतिशत तो दिवाली तक ही बढ़ेगा। जबकि शेष 5 प्रतिशत मार्च के आखिर से पहले दिया जाएगा।सरकार हर साल डीए बढ़ाकर चुनावी साल 2028-29 तक महंगाई भत्ता 94 प्रतिशत कर देगी। दरअसल, सरकार ने रोलिंग बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। वहीं, विभागवार बजट की लिमिट भी तय कर दी है। अब अलग-अलग कार्यों के लिए विभाग प्रमुख इसी बजट में बदलाव कर सकेंगे। लेकिन, विभागों को तय लिमिट से अधिक बजट का प्रावधान नहीं होगा। अभी आधा वित्तीय वर्ष न बीता हो पर सरकार ने 2026-27 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो अगले साल बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यानी एक साल में 19 प्रतिशत तक की महंगाई भत्ता की वृद्धि होगी। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार एक साथ तीन वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करके बजट तैयार करा रही है। हर वर्ष स्थापना बजट बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार बढ़ा सकती महंगाई भत्ता आगामी वर्षों में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे स्थापना का आकलन भी उसी हिसाब से करते हुए बजट प्रस्ताव तैयार करें। वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि को देखते हुए 74 प्रतिशत की दर से स्थापना व्यय की गणना करने के लिए कहा गया है। दरअसल, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भारत सरकार तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसके अनुरूप प्रदेश में भी वृद्धि होगी, जिससे यह 58 प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार जब से महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तब से ही प्रदेश के कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाएगा। यद्यपि, पेंशनरों के मामले में ऐसा नहीं है। अभी भी उन्हें 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार में 55 प्रतिशत करने को लेकर सहमति अब तक नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों के मध्य सहमति होना आवश्यक है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि पेंशनरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अभी भी कर्मचारियों की तुलना में हमें दो प्रतिशत महंगाई राहत कम दी जा रही है। पुराना एरियर भी अभी तक नहीं दिया गया है। मार्च तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी सरकार रोलिंग बजट की सरकार की कवायद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2026-27 के बजट के लिए प्रस्तावित महंगाई भत्ते के पहले सरकार को इसे 64 प्रतिशत तक पहुंचाएगी। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को राज्य सरकार सातवें वेतनमान पर 55 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है। माना जा रहा है कि इस साल दिवाली के समय और फिर अगले साल फरवरी-मार्च में सरकार 2 किस्तों में 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर इसे 31 मार्च के पहले 64 प्रतिशत तक पहुंचा देगी। 5वें और 6वें वेतनमान वालों को भी मिलेगा फायदा वित्त विभाग ने कहा है कि जिन विभागों में छठवें या पांचवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारी हैं, उन्हें भी हर साल 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया जाएगा। छठवें वेतनमान में वर्तमान में 252% तक महंगाई भत्ता दिया जाता है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 265 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 280 और वर्ष 2028-29 में 295 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके हिसाब से विभागों को रोलिंग बजट में प्रावधान करना होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम, निगम, मंडल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर महंगाई भत्ता दिया जाना है। 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च प्रदेश में स्थापना व्यय पर सरकार प्रतिवर्ष बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा व्यय करती है। 2023-24 में वेतन-भत्ते और पेंशन मिलकर व्यय 72 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो 2024-25 में 75 हजार करोड रुपये से अधिक हो गया 2025-26 में 79 हजार करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है। इसे देखते हुए 26-27 में यह राशि 85 हजार करोड रुपये तक पहुंच सकती है। आठवें वेतनमान को लेकर भी तैयारी उधर, भारत सरकार ने आठवें वेतनमान आयोग का गठन कर दिया है। इसे देखते हुए प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनरों को नया वेतनमान देने की तैयारी राज्य सरकार ने भी शुरू कर दी है। सातवां वेतनमान मूल वेतन में 2.75 का गुणा करके निर्धारित हुआ था। तब लगभग सात से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में वृद्धि हुई थी।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की युगांडा प्रधानमंत्री से मुलाकात, मठ निर्माण पर हुई चर्चा

  छतरपुर  छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने मानवता, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य पर आध्यात्मिक चर्चा की। अपने प्रकल्पों से अवगत कराया है। यहां विशेष भेंट के दौरान खास प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहा। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा और धीरेंद्र शास्त्री वार्ता करते हुए दिखाई देख रहे हैं। उद्योगपति डॉ. सुधीर रूपरेला, भारतीय समुदाय के अध्यक्ष परेश मेहता, पूर्व सांसद संजय तन्ना, दीपक दोरलता और राजस्थानी एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित हैं। पीएम रोबिना ने इन प्रयासों और कार्यों की तारीफ की प्रधानमंत्री को जब बागेश्वर धाम द्वारा भारत में किए जा रहे सामाजिक कार्यों, गरीब बेटियों के लिए सामूहिक विवाह, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए बन रहे कैंसर अस्पताल की जानकारी मिली, तो उन्होंने इन प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जिसमें “नर को नारायण” मानकर सेवा का संदेश दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया। विश्व शांति के लिए भारतीय जीवन शैली सर्वोत्तम- बागेश्वर महाराज बागेश्वर महाराज ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म का मार्ग ही सर्वोत्तम है। एक सनातनी संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर उसके कल्याण की कामना करता है। हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में जो लोग मानवता की सेवा कर रहे हैं, बागेश्वर धाम उन सभी के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। मुलाक़ात के अंत में युगांडा की प्रधानमंत्री ने बाला जी सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। बागेश्वर महाराज से युगांडा की उन्नति एवं उत्थान के लिए कामना की। वहीं, अब युगांडा से मिले खास प्रस्ताव को लेकर बाबा बागेश्वर के भक्तों में खुशी का माहौल है।  

डिप्टी कलेक्टर की पोस्टिंग का विरोध तेज, महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के आवास पर जुटे अधिकारी

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बुरहानपुर जिला की डिप्टी कलेक्टर लता शरणागत की अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्ति पर सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के एक ग्रुप ने भोपाल में विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और शरणागत की अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्ति का विरोध किया.  उन्होंने शीर्ष पद पर उनकी 'जूनियर' हैसियत का हवाला दिया और शरणागत की नियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया. मंत्री भूरिया ने बाद में बताया कि अधिकारियों की मांग जायज है और वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों में से की जाती है. मंत्री ने बताया कि शरणागत के मामले में उनकी नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई थी. इससे पहले, अधिकारियों के एक समूह ने भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे शरणागत की नियुक्ति के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया. महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक (इंदौर संभाग) डॉ. संध्या व्यास ने कहा कि शरणागत को अतिरिक्त निदेशक के पद पर नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है और इससे विभाग में भारी रोष है. व्यास ने कहा, "अधिकारी इस नियुक्ति से नाराज हैं क्योंकि शरणागत की नियुक्ति से विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता का हनन हुआ है." महिला मंत्री भूरिया को सौंपे ज्ञापन में, अधिकारियों ने बताया कि शरणागत 2008 बैच की अधिकारी हैं, जबकि विभाग में कई वरिष्ठ संयुक्त निदेशक 2009 से इसी पद पर कार्यरत हैं.  ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रमुख विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाता है, जिनके लिए विशेषज्ञता की जरूरत होती है और एक डिप्टी कलेक्टर इन विषयों का विशेषज्ञ नहीं होता.

भोपाल से गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने जारी किया पूरा टाइमटेबल

 भोपाल  गया में पितृपक्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेल प्रशासन ने रानी कमलापति-गया-रानी कमलापति के बीच विशेष स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। गाड़ियों का संचालन     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 07, 12 और 17 सितंबर को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09:30 बजे गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 10, 15 और 20 सितम्बर को गया स्टेशन से दोपहर 2:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह ट्रेन भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-आन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर ठहरेगी।

साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, MP में मिलेगी केंद्र जैसी छुट्टियां

भोपाल  मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश दिया जाएगा। इसके लिए मप्र सरकार ने 48 साल पुराने मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम-1977 में बदलाव किया है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने वित्त विभाग के मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम-2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। अधिसूचना जारी होने के दिन से यह नियम लागू होंगे। अब शासकीय सेवक सरोगेट या कमीशनिंग मदर को प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। वहीं एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को भी संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश 15 मिलेगा। निलंबन काल में नहीं होगी अवकाश की पात्रता शासकीय सेवक के दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ्य होने पर उनके परिवार के सदस्य आवेदन दे सकेंगे। निलंबन काल में अवकाश की पात्रता नहीं होगी। अवकाश दिवस पर काम करने वाले शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। सेवा के प्रारंभिक वर्ष में आवश्यकता होने पर अर्द्धवेतन अवकाश की सुविधा होगी। सेवानिवृत्ति के पूर्व अवकाश के प्रविधान और सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद अवकाश के प्रविधान को भी विलोपित किया गया।