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महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है “लाड़ली बहना योजना’’ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को … Read more

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बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है “लाड़ली बहना योजना’’ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के‍लिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि के‍लिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को … Read more

मंत्री राजपूत बोले – सेवा के लिए हर समय तैयार हूं, जनता का साथ नहीं छोड़ूंगा

मुश्किल की घड़ी में हर वक्त मैं जनता के साथ, हर जरूरत में सेवा के लिए तत्पर हूं : मंत्री राजपूत संकट की हर घड़ी में जनता के साथ खड़ा रहूंगा: मंत्री राजपूत का संकल्प मंत्री राजपूत बोले – सेवा के लिए हर समय तैयार हूं, जनता का साथ नहीं छोड़ूंगा लोहगढ़िया समाज के 100 से अधिक परिवारों को बांटे तिरपाल भोपाल बारिश का मौसम जहां कई लोगों के लिए सुकून लेकर आता है, वहीं गरीब तबके और झोपड़ी व कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए यह तकलीफ का कारण भी बन जाता है। ऐसे ही समय में  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने  सागर जिले के बेरखेड़ी गांव के लोहगढ़िया मोहल्ले में तिरपाल वितरित किए, जिससे बारिश से उनके घरों की सुरक्षा हो सके और वे सुरक्षित रह सकें।  मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा मेरा परिवार है और परिवार के हर नागरिक की सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है। चाहे कितनी भी व्यस्तता हो, मैं हर वक्त आपके साथ खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि लोहगढ़िया समाज ने भारतीय इतिहास में उल्लेखनीय योगदान दिया है और उनके त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि क्षेत्र के विकास और जरूरतमंदों की मदद के लिए वे सदैव तत्पर हैं। मंत्री ने विकास का संकल्प दोहराया खाद्य मंत्री राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास का खाका भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में पक्की सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, नल-जल योजना के माध्यम से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाया जा रहा है और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सुरखी विधानसभा को शहरी सुविधाओं से लैस एक मॉडल क्षेत्र बनाया जाए।  लोहगढ़िया समाज ने किया मंत्री राजपूत का सम्मान मंत्री राजपूत के इस सेवा कार्य से भाव विभोर होकर लोहगढ़िया समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मंत्री राजपूत द्वारा दी गई मदद उनके लिए संबल का कार्य करेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।   

स्वास्थ्य सेवा की दिशा में पहल: उप मुख्यमंत्री ने दो नये केन्द्रों का शुभारंभ किया

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिकल सेल परामर्श केन्द्र एवं पोषण मित्र केन्द्र का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सिकल सेल व पोषण मित्र केन्द्रों का किया उद्घाटन स्वास्थ्य सेवा की दिशा में पहल: उप मुख्यमंत्री ने दो नये केन्द्रों का शुभारंभ किया सिकल सेल एनीमिया के प्रबंधन के लिए एनएचएम, गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा और किरण सेवा संस्थान के मध्य एमओयू भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा एवं पोषण आर्गेनिक किट उपलब्ध कराने में किरण सेवा संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल की उपस्थिति में किरण सेवा संस्थान, एनएचएम तथा गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा के मध्य एमओयू किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किरण सेवा संस्थान रीवा में सिकल सेल परामर्श एवं पोषण मित्र केन्द्र का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल को वर्ष 2030 तक प्रदेश से उन्मूलित किया जायेगा। रीवा जिले के साथ शहडोल जिले में भी किरण सेवा संस्थान ग्रामीण क्षेत्र तक सिकल सेल से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श व आर्गेनिक पोषण किट प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता का सेवा में शासन के साथ स्वयंसेवी संस्थाएँ भी आगे आयें। सिकल सेल रक्त में विकृतियों से होने वाली बीमारी है। इसका प्रकोप जनजातीय क्षेत्रों में अधिक होता है। सभी के समन्वित प्रयासों से इसका उन्मूलन किया जा सकेगा। कार्यक्रम में डॉ. बीनू कुशवाहा ने बताया कि गांधी मेमोरियल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं में सिकल सेल के परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है। जेनेटिक लैब के प्रारंभ होने पर इसका संपूर्ण इलाज भी संभव हो जायेगा। कार्यक्रम में डॉ. अभय मिश्रा ने बताया कि किरण सेवा संस्थान द्वारा चिकित्सकों के माध्यम से नि:शुल्क परामर्श दिया जायेगा साथ ही उन्हें शत-प्रतिशत आर्गेनिक किट भी उपलब्ध कराई जायेगी। इस अवसर पर समाजसेवी अतुल जैन ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से सिकल से पीड़ित मरीजों की पहचान कर इलाज मिलेगा।  

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ की बैठक

भोपाल  26.7.25 को भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में अधिकारी संघ  के संरक्षक सेवानिवृत्त अपर आयुक्त श्री अरुण माथुर, श्री ब्रजेश शरण शुक्ल, एवं श्री पी एस तिवारी की उपस्थिति में सर्वसम्मति से नवीनकार्यकारिणी का गठन किया गया। अध्यक्ष- श्री मनोज कुमार गुप्ता, संयुक्त आयुक्त उपाध्यक्ष- श्रीमती अरुणां दुबे, संयुक्त आयुक्त एवं महेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त जनरल सेक्रेटरी- श्री केके द्विवेदी, संयुक्त आयुक्त कोषाध्यक्ष- श्री आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त  संयुक्त सचिव-श्रीमती श्वेता रावत, उपायुक्त एवं अरविंद बौद्ध सहायक आयुक्त  को सर्वसम्मिति से मनोनीत किया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक

कारगिल विजय दिवस वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल कारगिल विजय दिवस हमें शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – कारगिल विजय दिवस राष्ट्रभक्ति का अमिट प्रतीक शहीदों के पराक्रम को किया नमन भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का अमिट प्रतीक है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की ओर आँख उठाने वाले को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा के मानस भवन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारे सैनिकों की वीरता और शहादत चिरकाल तक राष्ट्र की स्मृति में बनी रहेगी। उनकी बहादुरी, अदम्य साहस और देशभक्ति का गुणगान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया एक पवित्र बलिदान था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वीर नारियों का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों का संबल बनना सरकार का कर्तव्य है। कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति, वीर सैनिकों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की रक्षा में समर्पित जवानों के प्रति आभार प्रकट किया। विंध्य के सैनिक सपूत देश की धरोहर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश की आन-बान-शान को बनाए रखने में विंध्य के सैनिकों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। विंध्य के हमारे सैनिक सपूत देश की धरोहर हैं। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए पूरे जोश के साथ अदम्य साहस से देश की रक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि एवं शौर्य सम्मान समारोह में भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर उप मुख्यमंत्री ने विंध्य के शहीद सैनिकों को नमन किया और कहा कि उनकी शहादत हमें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। इस अवसर पर पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।  

CM यादव ने पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग, होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच

पर्यटन को मिली नई उड़ान, टूरिज्म कॉन्क्लेव में मिले 3000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर पर्यटन क्षेत्र में काम कर रही है राज्य सरकार विरासतों को सहेजकर बढ़ायेंगे विंध्याचल का वैभव पर्यटन, संस्कृति, विरासत और ऊर्जा क्षेत्र का समन्वित विकास है हमारा लक्ष्य पर्यटन के क्षेत्र में 12 करोड़ का निवेश करने वाली चार कम्पनियों को वितरित किये लेटर ऑफ अलॉटमेंट पीएमपर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल की आईआरसीटीसी पोर्टल पर हुई लांचिंग होम-स्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल किया लाँच मण्डला, डिण्डोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला और शिल्प केन्द्रों के निर्माण और रीवा के वेंकट भवन के संरक्षण कार्य के लिए हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में किया दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ रीवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रीवा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है। आज पर्यटन श्रेत्र में प्रमुख निवेशकों ने रीवा और शहडोल संभाग में 3 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताकर इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के शुभारंभ कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस दो दिवसीय रीजनल कान्क्लेव का विधिवत शुभारंभ किया। यह कान्क्लेव 27 जुलाई को भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विकास के मायने तभी हैं, जब हम अपनी जड़ों से, अपनी संस्कृति और अपनी विरासतों से भी आत्मीयता से जुड़े रहें। हम विरासत से विकास की ओर मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। विंध्य क्षेत्र हमेशा से ही मध्यप्रदेश का गौरव रहा है। इस क्षेत्र के विकास में अब कोई भी बाधा नहीं रही। हम यहां की हेरिटेज साइट्स को समुचित तरीके से सहेजकर पूरे विंध्याचल को उसका पुरा वैभव लौटायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपनी मीठी बोली, कला, संस्कृति, खान-पान में अपनत्व समेटे और सघन वनों की हरियाली से आच्छादित इस हरित क्षेत्र में आइडियल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की पूरी संभावना है। हमारी सरकार पर्यटन सेक्टर को भी इंडस्ट्रियल सेक्टर की सारी सुविधाएं दे रही है। हमारी इन्वेस्टर फ्रेंडली पर्यटन नीति का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 100 करोड़ रुपए लागत का कोई टूरिस्ट होटल, मोटल या रिसार्ट खोलने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। हेल्थ टूरिज्म के लिए 100 करोड़ रुपए लागत का कोई वेलनेस सेंटर खोलने पर 40 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई निवेशक रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं तो हमारी सरकार उस उद्योग से रोजगार पा रहे पुरूष श्रमिक को 5 हजार रुपए और महिला श्रमिक को 6 हजार रुपए दस साल तक प्रदान करेगी। उद्योग स्थापना में सरकार निवेशकों को सभी जरूरी मदद मुहैया करायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है और विंध्याचल प्रदेश का हर दिल अजीज हिस्सा है। यहां की माटी ने देश को नेतृत्व दिया है। यहां के वनों में सफेद शेर खुले में विचरण करते हैं। यह क्षेत्र खनिजों और लौह अयस्क से भरा हुआ है। देश की ऊर्जाधानी (रीवा और सिंगरौली) भी इसी क्षेत्र में है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन यहीं से उत्पादित बिजली से ही चलती है। पूरे देश और प्रदेश को रौशन करने वाले इस क्षेत्र में हम विकास की नई रौशनी लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि रीवा में एयरपोर्ट बनने से इस क्षेत्र के विकास को नए पंख लग गए हैं। अब रीवा आना-जाना कठिन नहीं रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्रदेश की संस्कृति को वैचारिक और आध्यात्मिक रूप से भी पोषित करता है। रीवा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन यह संकेत है कि हम इस क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में आगे लाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा और संपूर्ण विंध्यांचल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है, बल्कि यह कई अनोखे प्राकृतिक चमत्कारों से भी धनी क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि रीवा हवाई अड्डे की स्थापना के बाद अब यह क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विंध्य क्षेत्र के बहुआयामी विकास के लिए प्रयासरत है। समृद्ध प्राचीन विरासतों से भरपूर इस क्षेत्र की सभी संभावनाओं की पहचान कर पर्यटन विकास को और गति दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में जीवंत जंगल हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इसे सुंदरतम बनाता है। वसुधैव कुटुंबकम के तहत हम सबको जोड़ना चाहते हैं। इस क्षेत्र के विकास का कारवां अब निर्बाध गति से प्रवाहमान है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ यहां हेल्थ टूरिज्म की भी व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि विंध्य क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए हम निजी निवेशकों के साथ मिलकर नई संभावनाओं पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने निवेशकों से आव्हान किया कि वे मध्यप्रदेश की धरा पर विशेषकर विंध्य अंचल में निवेश के लिए खुले दिल से आगे आएं, सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराऐगी। लेटर ऑफ अलॉटमेंट क्रं. स्थान भूमि (हेक्टेयर में ) परियोजना न्यूनतम नेवेश राशि निवेशक 1 ढकना चपना जिला रायसेन 4.653 होटल/ रिसोर्ट 5.00 करोड़ श्री सिद्धार्थ सिंह तोमर, भोपाल 2 नेहरयाई जिला विदिशा 2 होटल/ रिसोर्ट 3.00 करोड़ मे प्रयास पावर, भोपाल 3 नन्हाखेडा जिला जबलपुर 0.405 होटल/ रिसोर्ट 1.00 करोड़ में अफोर्ड मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, जबलपुर 4 ग्राम कुम्हरोड़ा नरसिंहपुर 3.805 होटल/रिसॉर्ट 3.00 करोड़ मेसर्स सिद्धिविनायक कंस्ट्रक्शन, जबलपुर   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। फ्लाईओला के मैनेजिंग डायरेक्टर राम ओला ने ₹700 करोड़ के सबसे बड़े निवेश की मंशा जताई, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पर्यटन परियोजनाओं की शुरुआत का संकेत है। आरसीआरसीपीएल और विंध्य प्राइड के दिव्यांश सिंह बघेल ने 500 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई।, इसी क्रम में अमित दिग्विजय सिंह ने ₹500 करोड़ और संदड़िया बिल्डर्स … Read more