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EOW का शिकंजा: विधायक संजय पाठक की कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू, मामला दर्ज

भोपाल  सहारा समूह की 310 एकड़ बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त में 72.82 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। हैरानी यह है कि 310 एकड़ जमीन का बाजार मूल्य करीब 1000 करोड़ था। उसे पहले 90 करोड़ रुपए में बेचा। इसमें भी 72.82 करोड़ का गबन ही कर लिया गया। इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को एफआइआर दर्ज की है।  जनवरी से अबतक 6 माह में जमीनों के खरीदार और विक्रेता पक्ष से सवाल-जवाब करने के बाद ईओडब्ल्यू ने सहारा के तीन प्रमुख अधिकारियों सहारा प्रमुख सुब्रता रॉय के भाई जेबी रॉय, बेटे सीमांतो रॉय और ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य पर केस दर्ज किया है। बता दें, चे जमीनें बिजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक (bjp mla sanjay pathak) के परिवार की शेयर होल्डिंग कंपनियों के जरिए खरीदी गई है। बताते है, इस एफआइआर के बाद विधायक पाठक की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। कौन है तीनों आरोपी     सीमांतो रॉय, कॉर्पोरेट कंट्रोल मैनेजमेंटसहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के बेटे हैं। जबलपुर और कटनी के जमीन सौदे के निर्णय में सीधे तौर पर शामिल थे।     जेबी रॉय डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा प्रमुख के भाई हैं। भोपाल की जमीन सौदे में सक्रिय भूमिका थी। लंबे समय से विदेश में हैं।     ओपी श्रीवास्तव डिप्टी मैनेजिंग वर्करसहारा के लैंड डिविजन के प्रमुख हैं। इसलिए जमीनों की खरीद-फरोख्त के मसले में आरोपी बनाया गया। हैरान कर देने वाला विचित्र घोटाला सहारा समूह की भोपाल, सागर, जबलपुर, कटनी और ग्वालियर स्थित जमीनों में गबन किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ है कि भोपाल और सागर में सहारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया। नियमानुसार, जमीन बेचने के बाद पूरी राशि सहारा और सेबी के संयुक्त खाते में जमा करना था। लेकिन 48 करोड़ में जमीन बेचने के बाद भी एक पैसा जमा नहीं किया। जबलपुर और कटनी में भूमि विकास व्यय और विविध शासकीय व्यय के नाम पर 9.6 करोड़ से अधिक राशि काट ली गई। ग्वालियर में भी 1.22 करोड़ की राशि काटकर गबन किया गया। विधायक संजय पाठक की पारिवारिक फर्मों ने किया सौदा सहारा की 310 एकड़ जमीन कौड़ी के भाव विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिकर की फर्मों से किया। भोपाल में 110 एकड़ जमीन पाठक की पारिवारिक कर्म सिनाप रियल एस्टेट प्रालि को बेची। फर्म में विधायक की मां निर्मला पाठक और बेटे यश पातक की 50-50% शेयर हैं। कटनी और जबलपुर में सहारा की करीब 200 एकड़ जमीन थी। इसका सौदा भी मेसर्स नामसा देवबिल्ड प्राप्ति से किया। इस फर्म में भी निर्मला पाठक और यश 50 50% के शेयर होल्डर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये आदेश सहारा को जमीनों की बिकी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 11 जुलाई 2016 को स्पष्ह निर्देश जामी इलाके अनुसार, सहामा की संपति की बिक्री की राशि सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में उमा करनी थी। ताकि सहारा के निवेशकों का लौटाया जा सके। इसी आदेश का उल्लघन किया गया।

IPS और SPS अधिकारियों के तबादले, नई सूची के साथ पदस्थापना आदेश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश (IPS Transfer Order) जारी किये हैं इसके अलावा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किये हैं, शासन ने ट्रांसफर किये अधिकारियों को निर्देश दिए हैं वे शीघ्र अपनी पदस्थापना वाली जगह ज्वाइन करें पुलिस अधिकारियों के तबादलों के आदेश गृह विभाग मध्य प्रदेश और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जारी किये हैं, गृह विभाग ने दी IPS अधिकारियों को इधर से उधर किया है वहीं पुलिस मुख्यालय ने दो निरीक्षकों के तबादला आदेश जरी किये हैं उन्हें एक जिले से दूसरे जिले में पदस्थ किया है। गृह विभाग ने IPS श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया को सेनानी 15वीं वाहिनी SAF इंदौर से हटाकर एसपी देहात इंदौर पदस्थ किया है वहीं इंदौर देहात एसपी श्रीमती हितिका वासल को 15वीं वाहिनीं SAF का सेनानी बनाया है। दो पुलिस इंस्पेक्टर्स के तबादले  उधर पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश जारी कर दो निरीक्षकों के तबादले किये हैं, PHQ द्वारा जारी आदेश के तहत निरीक्षक कुशल सिंह रावत को उज्जैन से बड़वानी भेजा गया है वहीं धार में पदस्थ निरीक्षक संतोष कुमार दुधी को इंदौर (शहर) पदस्थ किया है।

भोपाल में सक्रिय ‘लव-ड्रग्स जिहाद’ नेटवर्क! पीड़िता के बयान से खुली कई परतें, कहा- सबको खुश करो

भोपाल भाजपा नेता शरीफ मछली का भजीता व शफीक मछली का बेटा यासीन अहमद (मछली) और उसका चाचा शाहवर मध्य प्रदेश की राजधनी भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी का बहुत बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। यासीन मछली भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के बाहर एक बड़े काम्प्लेक्स में स्थित दो पबों में डीजे का कार्य करता था। इसी की आड़ में दोनों पबों में ड्रग्स का धंधा चलाया जा रहा था। पब में पार्टियों में आने वाले युवकों, खासकर हाईप्रोफाइल युवतियों को फ्री में नशा देकर आदी बनाया जाता था। बाद में नशे के बदले या फिर बेहोशी की हालत में इन युवतियों के साथ दुष्कर्म करता था। यासीन के मोबाइल में मिले  वीडियो में इसके सबूत भी पुलिस को मिले हैं। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि यासीन मुंबई ही नहीं, राजस्थान और पंजाब से भी चरस और एमडी ड्रग्स भोपाल लाकर हाईप्रोफाइल पार्टियों में खपाता था। बता दें कि भोपाल पुलिस ड्रग्स तस्करी के आरोपी शाहवर को मामले की जांच के लिए राजस्थान लेकर गई थी, जहां ड्रग्स तस्करी से जुड़े कुछ सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। ऐसे में पूछताछ के लिए पुलिस ने शाहवर को दो दिन की रिमांड पर फिर लिया है। नए सबूतों को लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी फंसता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कराई फायरिंग यासीन अहमद उर्फ मछली के मोबाइल में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का वीडियो भी पुलिस को मिला है, जो यासीन के बुलावे पर भोपाल में पार्टी करने आया था। वह मछली के हथाईखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर रुका था, इस दौरान उसने वहां पर फायरिंग भी की थी। पुलिस आरोपी शाहवर और यासीन की निशानदेही पर आधा दर्जन से अधिक ड्रग पैडलरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। क्लब-90 का मैनेजर, संचालक मोहित बघेल और गौरव चौहान भी पुलिस हिरासत में है, पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। यासीन ने बंधक बनाकर युवक को पीटा  ड्रग्स तस्करी के आरोप में भोपाल क्राइम ब्रांच की रिमांड पर चल रहे यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली के खिलाफ तलैया थाने में एक युवक ने शिकायत की है। शिकायत में युवक ने कहा कि यासीन मछली और उसके गुर्गों ने उसका अपहरण कर उसे बंधक बनाकर बुरी तरह मारपीट की थी। आरोपियों के डर के कारण अभी तक शिकायत नहीं की थी। यह मामला पुराना है, पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक प्रकरण दर्ज नहीं किया है। सारिक के गुर्गे ने युवती से क्लब-90 में किया दुष्कर्म, बनाया धर्म परिवर्तन का दबाव इस ड्रग्स और लव जिहाद केस में यासीन अहमद के चाचा और शहर के बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली भी उलझता जा रहा है। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने पिपलानी थाने में दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने को लेकर शिकायत की जिसमें सारिक पर गंभीर आरोप हैं। युवती का कहना है कि सारिक मछली का गुर्गा दिव्यांश अहिरवार मुझसे मैनिट का स्टूडेंट बनकर कोचिंग में मिला और फिर दोस्ती की। आरोपी दिव्यांश अहिरवार टीआईटी कॉलेज का छात्र है। जून महीने में वह मुझे घर छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गया और क्लब-90 में ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसने क्लब-90 में एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसका नाम उसने सारिक मछली बताया। उसने एक और व्यक्ति से मिलवाया, जिसका परिचय क्लब के मैनेजर मोहित बघेल के रूप में कराया। इसके बाद आरोपी दिव्यांश ने युवती पर दबाव बनाया कि वह सारिक मछली और उसके गुर्गों के साथ दोस्ती करे, उनको खुश करे। दिव्यांश ने यह भी कहा कि मैं और मेरे जैसे कई युवक सारिक भाई के लिए काम करते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए लिखित बयान में कहा है कि सारिक मछली के कहने पर ही पिपलानी थाना पुलिस ने मेरी शिकायत पर दिव्यांश के खिलाफ पहले दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं किया था। बाद में कोरे कागज में मेरे हस्ताक्षर कराकर अपने हिसाब से एफआईआर दर्ज करा दी, ताकि दिव्यांश को जल्दी जमानत मिल जाए। युवती ने आरोप लगाया कि सारिक मछली के गुर्गों ने कई युवतियों के साथ ऐसा किया। युवती का अश्लील वीडियो वायरल किया पीड़ित युवती ने पिपलानी पुलिस को दिए लिखित बयान में बताया है कि दिव्यांश के साथ आधा दर्जन लोग और हैं जो सारिक मछली के लिए काम करते हैं। वह सब मिलकर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हैं और फिर उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाते हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दिव्यांश ने उसे रामकृपाल मेहरा, अविनाश आनंद, मोहिल बघेल, साहिल और कई मुस्लिम लड़कों से मिलावाया था। उसने मेरा अश्लील वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया, इसके बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया था।  मोबाइल और पैन ड्राइव में वीडियो, नमाज पढ़ने का दबाव  पीड़ित युवती ने पिपलानी थाने में दिए लिखित बयान में कहा है कि दिव्यांश कुछ दिनों के लिए जेल गया, इस बीच मेरे अश्लील वीडियो प्रियांशी कुश्वाह नाम की युवती ने सोशल मीडिया में अपलोड किए। इसका मतलब है कि दिव्यांश ने मेरे निर्वस्त्र वीडियो कई लोगों को बांटे हैं। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश के मोबाइल और पैन ड्राइव में मेरी जैसी कई हिंदू युवतियों के अश्लील वीडियो, वीडियो और शारीरिक शोषण के दरिंदगी भरे वीडियो बनाकर रखे हैं। उनका वह समय-समय पर दुरुपयोग करता है। पीड़िता का आरोप है कि दिव्यांश कहता था कि वह यह सब सारिक मछली के कहने पर ही करता है। दिव्यांश नमाज पढ़ता है और मुझे पर भी नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाता था। ऐसा नहीं करने पर उसने मेरे साथ मारपीट भी की। वह हिंदू युवतियों का शारीरिक शोषण कर उन्हें जाल में फंसाकर सारिक मछली और उनके गुर्गों से दोस्ती करता है। बाद में उन पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जाता था।  

जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक BJP दफ्तरों में नई व्यवस्था लागू, प्रदेशाध्यक्ष की तय हुई मिलने की तिथियां

भोपाल  मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। अब भोपाल स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। इस दौरान संबंधित मंत्री प्रदेश कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकार का पक्ष भी प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट करेंगे। इसलिए उठाया ये कदम पार्टी के इस फैसले से न केवल कार्यालय में मंत्रियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी, बल्कि संगठन की जमीन पर सक्रियता भी बढ़ेगी।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने खुद सप्ताह में दो दिन सोमवार और मंगलवार प्रदेश कार्यालय में बैठने का शेड्यूल तय किया है। जिसमें वे कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और जनता की शिकायतों पर सीधे फीडबैक लेंगे। बुधवार से लेकर रविवार तक प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल जिलों के प्रवास, बैठकें और पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष से भेंट-मुलाकात का दिन तय होने से प्रदेश कार्यालय में रोजाना नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लगने वाली भीड़ कम होगी। जिला कार्यालयों में भी व्यवस्था बदलेगी बीजेपी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे कार्यालय में सातों दिन न बैठें। दो दिन जिला कार्यालय पर रहने के लिए तय करें और बाकी दिनों में जिले में आने वाले मंडलों और विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास के कार्यक्रम बनाएं। जिला कार्यालयों पर मिलेंगे विधायक, सांसद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों को ये सलाह दी है कि वे विधायकों, सांसदों से चर्चा करके उनके साथ जिला कार्यालय पर बैठें। इससे कार्यकर्ताओं और आम जनता में अच्छा संदेश जाएगा। शनिवार-रविवार के दिन विधायकों, सांसदों को अपने जिले के भाजपा कार्यालय पर बैठकर कार्यकर्ताओं और आम जनता से मेल मुलाकात करने की सलाह है। प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे मंत्री भोपाल में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में राज्य सरकार के एक मंत्री को रोज बैठने की व्यवस्था पर मंथन चल रहा है। राज्य सरकार के मंत्री पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।शिकायती आवेदनों को संबंधित विभागों में भेजकर निराकरण कराएंगे। इससे कार्यकर्ताओं की मंत्रियों से सहज मुलाकात भी हो सकेगी और समस्याएं भी आसानी से सुलझ जाएंगी। भोपाल ऑफिस के चक्कर लगाने वालों को दी नसीहत हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कई कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो मुझे सातों दिन यहीं (प्रदेश भाजपा कार्यालय) में दिखते हैं। जिसको जहां दायित्व मिला है उन्हें वहां समय देना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश कार्यालय में रोजाना चक्कर लगाने वाले नेताओं का आना कम हो गया है। कार्यकर्ता और जनता के लिए बनेगा संवाद का मंच इस नई व्यवस्था से प्रदेश कार्यालय कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ मंच बन जाएगा। जो कार्यकर्ता या आमजन अपनी बात सरकार तक सीधे पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें अब मंत्रियों से मिलने के लिए इधर-उधर भटकने की ज़रूरत नहीं होगी। तय दिन पर वे सीधे कार्यालय पहुंचकर संवाद कर सकेंगे। संगठन-सरकार का तालमेल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही कार्यकर्ताओं को सलाह दे चुके हैं कि वे भोपाल में अनावश्यक समय न बिताएं और अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। अब जब मंत्री खुद राजधानी के प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठेंगे, तो कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। जल्द लागू होगी व्यवस्था यह नई प्रणाली जल्द ही अमल में लाई जाएगी, जिससे प्रदेश कार्यालय में नेताओं की उपस्थिति, जनता से सीधा संवाद और संगठन के स्तर पर स्पष्टता तीनों ही पहलुओं को एक नई धार मिलेगी। भाजपा इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा और सकारात्मक कदम मान रही है। मुख्य बिंदु     प्रदेश भाजपा कार्यालय भोपाल में हर दिन एक मंत्री की ड्यूटी अनिवार्य।     मंत्री जनता से संवाद करेंगे और सरकार का पक्ष रखेंगे।     प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सोमवार और मंगलवार को स्वयं बैठेंगे।     जन-संगठन संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह एक नई पहल।     जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने की संभावना।

लव जिहाद मामले में फरार कांग्रेस नेता पर इनाम हुआ दोगुना, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इंदौर  इंदौर पुलिस ने एक कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि दोगुनी कर दी है. वह 'लव जिहाद' के लिए पैसे मुहैया कराने के मामले में एक महीने से फरार है.   एसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. अगर पार्षद को आने वाले दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. दरअसल, शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने बीते जून में पुलिस के सामने कबूल किया था कि कांग्रेस पार्षद कादरी ने उन्हें लड़कियों को प्रेम संबंधों में लाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने के लिए 3 लाख रुपये दिए थे. यह पैसा लड़कियों पर खर्च किया गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और शाह दोनों को दो लड़कियों द्वारा लगाए गए रेप और अन्य आरोपों से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने कादरी पर पैसे के बल पर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है. कादरी, जिसके खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तब से फरार है. उसके भूमिगत होने के बाद, जिला प्रशासन ने कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कादरी की गिरफ्तारी का आदेश दिया.

विधानसभा में नारेबाजी और विरोध अब बैन, कांग्रेस बोली – लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है जिसका कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है. इस आदेश के तहत, विधानसभा परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह रोक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा संविधान के अनुच्छेद 94(2) के अंतर्गत लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि विधायकों द्वारा परिसर में प्रदर्शन, नारेबाजी या किसी प्रकार की भीड़भाड़ वाली गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. यह निर्णय सत्र के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है. हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस ने किया फैसले का विरोध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को सरकार के दबाव में उठाया गया कदम बताया है. उन्होंने कहा, 'विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के दबाव में आकर यह आदेश जारी किया है. विपक्ष बार-बार मांग कर रहा है कि विधानसभा की कार्यवाही को लाइव किया जाए ताकि जनता देख सके कि सदन में उनके मुद्दों को किस तरह उठाया जाता है लेकिन सरकार और अध्यक्ष दोनों ही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने में लगे हैं.' कांग्रेस ने बताया संविधान का उल्लंघन सिंघार ने आगे कहा कि, 'यह संविधान की धारा 194 का उल्लंघन है, जो विधायकों को विशेषाधिकार देती है कि वो जनता के मुद्दे सदन में उठा सकें. प्रदर्शन, नारेबाजी और सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन सरकार इन सभी माध्यमों को नियंत्रित कर विपक्ष की आवाज़ को दबाना चाहती है.' कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश का खुलकर विरोध करेगी और पूर्व की भांति आगामी सत्र में भी जोर-शोर से जनहित के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस ने इस प्रतिबंध को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला निर्णय बताया है.

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

‘स्प्री’योजना :नियोक्ताओं और कर्मचारियों को मिलेगा पंजीकरण का विशेष अवसर

सतना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 'स्प्री' ( एसपीआरईई ) योजना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित 196वीं ईएसआईसी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री ने की। इस संबंध में निश्चल कुमार नाग, संयुक्त निदेशक (जॉइंट डायरेक्टर) एवं प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने जानकारी दी कि यह योजना मध्यप्रदेश सहित देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान और कर्मचारियों का पंजीकरण ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल और एमसीए पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से कर सकते हैं। पंजीकरण की तिथि वही मानी जाएगी जो नियोक्ता द्वारा घोषित की जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण से पूर्व की अवधि के लिए न तो किसी योगदान (Contribution) की मांग की जाएगी और न ही कोई निरीक्षण (Inspection) या रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।  नियोक्ताओं को सुनहरा अवसर यह योजना उन नियोक्ताओं के लिए सुनहरा अवसर है जो अब तक ईएसआईसी के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों (ठेका, अस्थायी, अनियमित आदि) को शामिल नहीं किया है। योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी, जो पंजीकरण के लिए एक अवसर प्रदान करती है। क्या है 'स्प्री' का उद्देश्य 'स्प्री' योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन  को बढ़ावा देना और पिछली देनदारियों के भय को दूर कर पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले ईएसआईसी में पंजीकरण नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई और बकाया मांग की जा सकती थी। लेकिन 'स्प्री' 2025 योजना उन अड़चनों को दूर कर रही है ताकि अधिक प्रतिष्ठान और श्रमिक ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।पंजीकरण के पश्चात कर्मचारी और उनके परिवार ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधाओं, बीमारी, मातृत्व, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में नकद लाभ  प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षा  भी मिलेगी। श्री नाग ने बताया कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं को उनके कार्यबल को नियमित करने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि ठेका और अस्थायी श्रमिकों को भी ईएसआईसी एक्ट 1948 के तहत आवश्यक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देती है और यूनिवर्सल सोसल सेक्योरिटी कवरेज के लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे इस स्वैच्छिक और सरल योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत लाएं। जानकारी के लिए यहां संपर्क करें सतना जिले में ईएसआईसी से संबंधित जानकारी के लिए नियोक्ता या कर्मचारी बिरला कॉलोनी कैम्पस पर स्थित ऑफिस में संपर्क सकते हैं या फिर ब्रांच के फोन नम्बर 07672-257196 अथवा मेल आईडी bo-satna.mp@esic.nic.in से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं रीवा जिले में  औषधालय सह शाखा कार्यालय एमआईजी-1/28/508 वार्ड नम्बर 11 इंद्रानगर रीवा तथा फोन नम्बर 07662-299318 या मेल आईडी dcbo-rewa.mp@esic.nic.in में संपर्क कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

मध्यप्रदेश में कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टरों से मांगा जिलावार विवरण

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में कुपोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 54 जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता दीपांकर सिंह द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड डे मील, आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ जैसी योजनाएं कागजी साबित हो रही हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में भारी अंतर है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21, 39, 45 और 47 का हवाला देते हुए इन योजनाओं को संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। याचिका में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए फर्जी पंजीकरण, कम उपस्थिति और आपूर्ति में अनियमितताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।