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विद्यार्थियों का समग्र हित ही हमारी प्राथमिकता है: तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में इंदौर के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षा संस्थान,  गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय (Board Of Governance) की 129वीं" बैठक हुई। मंत्री  परमार ने प्रस्तावित कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, शासन के नियमों का पालन करते हुए क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि संस्थान, अपने उत्तरोत्तर उत्थान एवं समग्र विकास के लिए, आदर्श व्यवस्था बनाए जिससे अन्य संस्थान भी अभिप्रेरित हों। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता, विद्यार्थियों का समग्र हित है।  परमार ने कहा कि संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर का पालन करते हुए सुनिश्चित की जाए और यह प्रक्रिया पूर्णरूपेण पारदर्शी हो। बैठक में संस्थान के शासी निकाय की 128वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शासी निकाय द्वारा संस्थान में "अटल वित्तीय सहायता योजना" प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया, इसमें 2025 एवं उसके उपरांत प्रवेश पाने वाले सभी विद्यार्थियों (डिप्लोमा द्वारा द्वितीय वर्ष में प्रविष्ट व्यक्ति सहित) प्रत्येक वर्ष 1.00 करोड़ की आनुपातिक आर्थिक सहायता विद्यार्थियो को प्रदान की जाएगी। संस्थान द्वारा शुरू किए जा रहे नवीन बी टेक (सिविल इंजीनियरिंग) हिन्दी माध्यम प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को फाइनल ईयर में पहुंचने पर 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया। संस्थान में दो नवीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, "इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर" एवं "स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजीस" की स्थापना का अनुमोदन भी किया गया। बैठक में संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पद पूर्ति, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, एआईसीटीई गाइडलाइन में अपेक्षित छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार सेल्फ फाइनेंस मोड में शिक्षकों के पद सृजन एवं गैर शिक्षकीय अधिकारी-कर्मचारी पद पूर्ति सहित संस्थान के शैक्षणिक एवं अकादमिक उन्नयन और विद्यार्थियों के समग्र हितों से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के कार्यवाहक कुलगुरु डॉ एस सी चौबे, 'प्रतिनिधि प्रमुख सचिव' तकनीकी शिक्षा डॉ संतोष गांधी, 'प्रतिनिधि आयुक्त तकनीकी शिक्षा' डॉ मोहन सेन, उद्योग प्रतिनिधि इंजी मनीष गुप्ता, पद्म डॉ. डी.बी. फाटक (आईआईटी बॉम्बे),  गोविंदराम सेकसरिया चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य  हर्ष सेकसरिया, वित्त सचिव के प्रतिनिधि एवं एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक प्रो. नीतेश पुरोहित सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण और संस्थान की शासी निकाय के विभिन्न सदस्यगण उपस्थित थे।

19 मई 2026 तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कर्मचारियों (नियमित/संविदा) के सेवा संबंधी मामलों में विस्तार करते हुए कार्मिकों के स्वयं के व्यय पर स्थानान्तरण की सुविधा को और अधिक सरल बनाते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं लाइन स्टॉफ को स्वयं अथवा परिवार में किसी सदस्य की गंभीर बीमारी, पति/पत्नी के शासकीय सेवा में अन्यत्र स्थान पर कार्यरत होने पर/शासकीय अनुदान प्राप्त संस्था में कार्यरत होने पर, आपसी स्थानान्तरण तथा अन्य कारणों से उनके स्वयं के व्यय पर स्थानान्तरण के लिये ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की है। उप महाप्रबंधक स्‍तर तक के अधिकारी/कर्मचारी स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे एवं ऐसे अधिकारी कर्मचारी जिनकी एक ही स्थान पर पदस्थापना की अवधि 01 वर्ष से कम है उनके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। स्थानान्तरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की लिंक कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर इंटरनल यूज एप्लीकेशन के अन्तर्गत ‘’Employee Transfer Module’’ के नाम से उपलब्ध है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (मा.सं. एवं प्रशा.)  राकेश शर्मा ने कहा है कि इस नई व्यवस्था से कंपनी कार्मिकों को अन्य दफ्तरों में जाए बिना स्थानान्तरण के आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया में आवेदन में दिये गये विकल्प स्थानों पर कार्मिक स्वयं के व्यय पर अपना स्थानान्तरण करा सकेंगे। कंपनी ने कहा है कि कार्मिक 05 मई 2026 से 19 मई 2026 तक अपने स्थानान्तरण के लिये आवेदन कर सकते हैं। कोई भी कार्मिक एक ही बार ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत (सबमिट) कर सकेगा एवं स्थानांतरण के लिये केवल ऑनलाईन आवेदन ही स्वीकार किये जायेंगे, किसी भी स्थिति में ऑफलाईन आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे।  

8.12 लाख किसानों से 44.16 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 8 लाख 12 हजार किसानों से 44 लाख 16 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जाता है। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि अभी तक 14 लाख 78 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 7383.01 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।  

मुख्यमंत्री ने मांगा तबादला नीति का हिसाब, मंत्री बोले- सिस्टम ही उल्टा चल रहा है

भोपाल प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द ही हटने वाला है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से पूछा कि तबादला नीति का क्या हुआ? इसे जल्द लाएं। मुख्यमंत्री के इतना कहते ही खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बोले कि यह तो उलटी गंगा बह रही है। दरअसल, तबादले पर रोक हटाने की मांग मंत्रीगण करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने यह बात रखी तो मंत्रियों को संतोष हुआ कि मुख्यमंत्री ने उनके मन की बात उनके बोले बिना ही सुन ली। फिलहाल तय किया गया है कि अगली कैबिनेट की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तबादला नीति 2026 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रशासनिक आधार पर तो तबादले होते ही हैं, स्वैच्छिक तबादलों पर भी ध्यान दिया जाए।  

फ्लाई ऐश के कुशल प्रबंधन एवं प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) द्वारा  सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया में फ्लाई ऐश के कुशल प्रबंधन एवं परिवहन के लिए एक आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति परियोजना के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देश में लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को सुदृढ़ करना और परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना है। इस नवीन रेलवे प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब ताप विद्युत गृह से उत्पन्न फ्लाई ऐश का परिवहन अत्याधुनिक मशीनों एवं विशेष कंटेनरों के जरिए होगा। इसके लिए विशेष मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे लोडिंग व अनलोडिंग की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज व पर्यावरण के अनुकूल होगी। यह प्रणाली फ्लाई ऐश परिवहन के क्षेत्र में आधुनिकता और दक्षता का नया मानक स्थापित करेगी। प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति पूर्व में फ्लाई ऐश का परिवहन मुख्यतः सड़क मार्ग से बल्करों के माध्यम से तथा रेलवे के जरिए टारपोलिन से ढंके रैक के जरिए किया जाता था। इस पारंपरिक व्यवस्था में प्रदूषण की संभावना अधिक रहती थी तथा संचालन में भी कई व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आती थीं। नवीन रेलवे प्लेटफॉर्म के निर्माण से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हुआ है। अब फ्लाई ऐश का परिवहन अत्यल्प प्रदूषण के साथ सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। सुगम समाधान है आधुनिक प्लेटफॉर्म यह आधुनिक रेलवे प्लेटफॉर्म 630 मीटर लंबा है और इसका निर्माण लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया गया है। प्लेटफॉर्म की विशेषता यह है कि इस पर संपूर्ण रेल रैक को एक साथ खड़ा किया जा सकता है, जिससे खास कंटेनरों एवं वैगनों में फ्लाई ऐश तथा अन्य सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग अत्यंत सुगमता से की जा सकती है। यह व्यवस्था न केवल संचालन को सरल बनाएगी, बल्कि लंबी दूरी तक फ्लाई ऐश के परिवहन को अधिक किफायती और प्रभावी भी बनाएगी। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग और प्रबंधन के लिए नवाचारपूर्ण पहल कर रहे हैं। पीएम गतिशक्ति परियोजना का स्मार्ट उपयोग करते हुए कंपनी ने लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं समन्वित क्रियान्वयन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को डब्ल्यूओडब्ल्यू लाईव अवार्डस की टीम भोपाल आकर विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष मिले गोल्ड और सिल्वर अवार्ड प्रदान करेंगी। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित शोज ऑफ इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में विक्रमोत्सव 2026 को कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर में गोल्ड अवॉर्ड तथा लाइव इवेंट में सर्वश्रेष्ठ शासकीय सहभागिता की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार डब्ल्यूओडब्लयू लाईव अवॉर्ड्स के अंतर्गत प्रदान किए गए, जो देश में कॉन्सर्ट, फेस्टिवल, टूर और लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रचनाकारों और दूरदर्शियों को सम्मानित करते हैं। इस वर्ष 300 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई, जो इस क्षेत्र के बढ़ते विस्तार, विविधता और संभावनाओं को दर्शाती हैं। विशेषज्ञ जूरी पैनल द्वारा इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया गया। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव : 2026 को मिले गोल्ड एवं सिल्वर अवॉर्ड मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की पारंपरिक एवं आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के मंत्र अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त और समृद्ध बनाने का कार्य कर रही है। विक्रमोत्सव हमारी परंपराओं, मूल्यों और नवाचार का जीवंत उत्सव बन गया है। यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी तथा भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। विगत वर्षों में मिल चुके है तीन सम्मान विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल है। इसके पहले विक्रमोत्सव : 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया था। "वाउ" अवार्ड एशिया-2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। वर्ष-2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का "बिगेस्ट रिलीजियस" अवार्ड मिला था। विक्रमोत्सव से 17.72 करोड़ से अधिक लोग जुड़े विक्रमोत्सव : 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स से जहाँ 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई। 139 दिवसीय आयोजन विक्रमोत्सव : 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। दिनांक 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव बना। इसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी। विक्रमोत्सव : 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन किया गया था।  

खनन माफिया ने किया बर्बरतापूर्ण प्रयास, पटवारी को ट्रैक्टर से रौंदने की कोशिश, खंडवा में केस दर्ज

खंडवा  अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। खंडवा तहसील के जावर सर्किल अंतर्गत ग्राम भकराडा में मुरम के अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने और पटवारी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश का मामला भी सामने आया है। मौके से आरोपी फरार जानकारी के अनुसार हल्का पटवारी मयंक फुलेरिया जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मुरम का उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर एक जेसीबी मशीन और चार ट्रैक्टर मौजूद थे, जिनके जरिए मुरम को पास के मुर्गी केंद्र तक ले जाया जा रहा था। पटवारी को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। इस दौरान ट्रैक्टर चालक कुंदन पिता गजेंद्र राजपूत ने पटवारी पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि पटवारी ने सतर्कता दिखाते हुए किसी तरह अपनी जान बचाई। जेसीबी जब्त, अन्य वाहन मौके से भागे घटना के बाद सभी ट्रैक्टर चालक अपने वाहन लेकर फरार हो गए, लेकिन जेसीबी मशीन गड्ढे में फंसने के कारण मौके से नहीं निकल सकी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी को जब्त कर थाना जावर की अभिरक्षा में सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में जेसीबी चालक की पहचान सावन भिलाला निवासी बांगरदा और एक अन्य ट्रैक्टर चालक की पहचान मुकेश सोलंकी निवासी बिजोरा भील के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, 132, 110, 303(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21 और 4 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।  महेश सोलंकी, तहसीलदार, खंडवा खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध उत्खनन में लिप्त माफियाओं के हौसले पस्त किए जा सकें।

ड्यूटी पर गए पटवारी पर हमला, ट्रैक्टर चढ़ाकर मारने का प्रयास; किसी तरह बचाई जान

 खंडवा  जिले में अवैध रूप से उत्खनन करने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्राम जावर के भकराड़ा में अवैध उत्खनन रोकने गए पटवारी को जान से मारने का प्रयास किया गया। किसी तरह पटवारी ने भागकर अपनी जान बचाई। अवैध उत्खनन करने वालों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है। पटवारी पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास ग्राम भकराड़ा में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बुलडोजर से खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों से मुरम निकाली जाने की सूचना पर यहां कार्रवाई के लिए हल्का पटवारी मयंक फुलेरिया जांच के लिए पहुंचे। जांच में पता चला कि अवैध उत्खनन कर पास ही स्थित मुर्गी पालन केंद्र पर मुरम ले जाई जा रही है। जब ट्रैक्टर-ट्रालियां रोकने का प्रयास किया गया, तो चालक कुंदन पुत्र गजेंद्र राजपूत निवासी भकराड़ा ने पटवारी फुलेरिया पर ट्रैक्टर चढ़ाने के लिए आगे बढ़ा दी। मौके से बुलडोजर जब्त, आरोपित फरार पटवारी ने किसी तरह स्वयं को बचाया। मौके पर एक बुलडोजर और चार ट्रैक्टर-ट्रालियां थीं। ट्रैक्टर चालक वाहन सहित यहां से भाग निकले, जबकि मुरम का उत्खनन कर रहा बुलडोजर गड्ढे में फंसने के कारण निकल नहीं सका। बुलडोजर का चालक सावन पुत्र राजू भिलाला निवासी बांगरदा और एक अन्य ट्रैक्टर का चालक मुकेश सोलंकी निवासी बिजोरा भील थे। खंडवा तहसीलदार महेश सोलंकी ने बताया कि मौके से बुलडोजर मशीन को जब्त कर थाना जावर की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 110, 303 (2) व 3 (5) के तहत तथा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21 एवं 4 के तहत थाना जावर में एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।

निगम मंडलों में नियुक्त अशासकीय पदाधिकारियों का होगा उन्मुखीकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गर्व का विषय है कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में होने जा रहा है। विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के इस समूह को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार और भू-राजनीतिक संवाद को बढ़ाना ब्रिक्स आंदोलन का उद्देश्य है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, मिस्र, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड ,संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया, इंडोनेशिया आदि 21 देश के मंत्री सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक आदि भी सहभागिता करेंगे। यह 5 दिवसीय सम्मेलन पूर्ण गरिमा और गौरव के साथ हो, यह राज्य सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी, मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। नगरीय निकायों को पीपीपी मोड पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खरगोन के जलूद में मेगा सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण किया गया है। पीपीपी मोड पर 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित 60 मेगावाट क्षमता का यह पावर प्लांट नगर निगम इंदौर द्वारा ग्रीन बॉन्ड स्कीम के अंतर्गत लगाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन भागीदारी से संचालित इस योजना में एक-एक लाख रुपए तक के 10 बॉन्ड तक लेने की अनुमति थी। इस पर वार्षिक 8.27 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। परियोजना की लागत 8 साल में प्राप्त हो जाएगी, यह परियोजना 20 साल तक कार्यरत रहेगी। इससे लगभग 35 से 60 करोड़ रुपए तक की बचत नगर निगम इंदौर को होगी। इस परियोजना से जन भागीदारी के माध्यम से आय प्राप्त करने के अवसर भी जन सामान्य को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में नगरीय निकायों तथा अन्य संस्थाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा आधारित इस प्रकार की परियोजनाओं की स्थापना और संचालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। जिला विकास समितियों की बैठक का आयोजन 12 मई से पहले करें सुनिश्चित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। दिनांक 8 से 10 मई के बीच विभागवार मंत्रीगण और विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित किया जा रहा है। इसमें मंत्री गण अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना और चुनौतियों के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिला विकास समितियों की बैठक 12 मई के पहले प्रभार के जिले में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के विभिन्न निगम/मंडलों में अशासकीय नियुक्तियां एवं नामांकन किए गए हैं। अपने-अपने विभाग में मंत्रीगण इन सभी का मार्गदर्शन एवं उन्मुखीकरण करें। राज्य स्तर पर भी इन सभी का एक दिवसीय उन्मुखीकरण आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में 30 अप्रैल को किसानों के सशक्तिकरण और उनकी आय वृद्धि के उद्देश्य से कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला के सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन के संबंध में बताया कि 19 लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। उपार्जन की अद्यतन स्थिति 41 लाख मीट्रिक टन है, जिसके लिए 6520 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। अब तक 14.70 लाख स्लाट बुकिंग कृषकों द्वारा की गई है। विक्रेता कृषकों की संख्या 7 लाख 77 हजार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में किया विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। उन्होंने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित हो रहे भारतीय पंचांग, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वर्ष 2024 में कालगणना केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापना की गई थी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त तत्वों का समावेश कर बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1842 की क्रांति के महानायक राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि राज्य स्तरीय कार्यक्रम 28 अप्रैल को भोपाल में मनाया गया। शौर्य दिवस कार्यक्रम में राजा हिरदेशाह लोधी के वंशज  कौशलेन्द्र सिंह, गोंड़ राजा नरवर शाह के वंशज  राजकुमार शाह शामिल हुए। श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी श्रम स्टार रेटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इसमें औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों क विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्थ को अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने में प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्ज होंगे हाल ही के विधानसभा चुनाव नतीजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न राज्यों में चुनाव के नतीजो के संबंध में कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे भारतीय राजनीति के इतिहास मे दर्ज हो गये। इसका श्रेय पूरी तरह से प्रधानमंत्री  मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को जाता है। बंगाल में ऐतिहासिक जीत प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाल चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानन्द, गुरूदेव रविन्द्र नाथ टैगोर, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरूषों की कर्मस्थली रहा है। यह ऐतिहासिक जीत बंगाल के कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। 

BJP के एमपी के बड़े नेता हार गए दक्षिण भारत में, केरल और तमिलनाडू में मिली हार

भोपाल  5 राज्यों के चुनाव परिणाम यूं मध्यप्रदेश की राजनीति को प्रभावित नहीं करते. लेकिन दक्षिण के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल में मध्य प्रदेश से सीधा जुड़ाव रखने वाले बीजेपी नेताओं की हार का असर यहां तक आया है. मध्य प्रदेश में लंबे समय से बीजेपी दक्षिण के अपने नेताओं को राज्यसभा भेजती रही है।  एल मुरुगन केन्द्र सरकार में मंत्री हैं, वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं. इनके अलावा जार्ज कुरियन ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा. मुरुगन और कुरियन की हार की वजह से इन चुनावों का असर मध्य प्रदेश तक भी आया है. इन नेताओं के चुनाव हारने से मध्य प्रदेश बीजेपी के कुछ नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।  असली झटका लगा मुरुगन की हार से बीजेपी ने तमिलनाडु में केन्द्र सरकार में मंत्री रहे एल मुरुगन को भी चुनाव मैदान में उतारा. मुरुगन मध्य प्रदेश के कोटे से राज्यसभा में हैं. अप्रैल 2030 में उनका कार्यकाल खत्म होगा. इनके अलावा केरल से जार्ज कुरियन का कार्यकाल अप्रैल 2026 तक ही था. इन दोनों नेताओं के चुनाव जीतने की आस मध्यप्रदेश में भी बीजेपी नेताओं को थी. जार्ज कुरियन का कार्यकाल तो खैर पूरा ही हो रहा है. लेकिन मुरुगन अगर ये विधानसभा चुनाव जीत जाते तो उनकी राज्यसभा सीट खाली हो जानी थी. राज्यसभा सीट पर नजर जमाए मध्यप्रदेश के नेताओं को मौका मिल सकता था।  बीजेपी के दिग्गज दक्षिण में ऐसे हारे मध्य प्रदेश के रास्ते राज्यसभा में गए ये दोनों नेता तमिलनाडु और केरल से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे. केन्द्रीय राज्य मंत्री जार्ज कुरियन केरल की कांरिजापल्ली सीट से बीजेपी के उम्मीदवार थे. चुनाव नतीजों में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार ने करीब 29 हजार वोटों से शिकस्त दी. तमिलनाडु की अविनाशी सीट से बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन को मैदान में उतारा था. वे भी अपनी सीट नहीं बचा सके. वह टीवीके की आंधी में अपनी सीट नहीं बचा सके. इस सीट पर टीवीके के कमाली एस ने 84 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की. मुरुगन दूसरे नंबर पर रहे. उन्हें 68 हजार से ज्यादा वोट मिले।  सभाओं में उमड़ी थी भी़ड़, मोहन यादव ने भी किया था प्रचार एल मुरुगन ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके लिए चुनाव प्रचार में गए थे. रैलियां की थी. तमिलनाडु में चुनाव प्रभार संभाल रहे अरविंद मेनन ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा "दक्षिण में अभी हमें और मेहनत करनी है. यहां भी हमने पूरी रणनीति के साथ काम किया. हमें जो उम्मीद थी नतीजे वैसे नहीं आए हैं. लेकिन बीजेपी का कार्यकर्ता हर एक हार से सबक लेकर आगे बढ़ता है और फिर मैदान में जुटता है. हम भी जुटेंगे और लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।  कौन हैं एल मुरुगन? एल. मुरुगन मौजूदा समय में तमिलनाडू की राजनीति में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वो तमिलनाडू में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। वो राज्यसभा में मध्य प्रदेश के कोटे से सांसद हैं। 2024 में उन्हें दूसरी बार राज्यसभा के लिए मध्य प्रदेश से चुना गया था। वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी उनका नाता है। वो मद्रास हाईकोर्ट में वकालत करते थे। 15 साल तक वकालत के बाद वो राजनीति में आए हैं। कौन हैं जॉर्ज कुरियन वहीं, जॉर्ज कुरियन की बात करें तो वो भी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वर्तमान में वो मोदी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं। वह केरल में बीजेपी का पुराना चेहरा माने जाते हैं। 1980 से वो भाजपा से जुड़े हैं और अबतक कई पदों पर रह चुके हैं और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी केरल में ईसाई समुदाय में पैठ मानी जाती है। वह केरल में भी भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे हैं। मजबूत उम्मीदवारों के तौर पर उतारे गए थे दोनों दिग्गज आपको बता दें कि, जॉर्ज कुरियन और एल. मुरुगन दोनों ही मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। कुरियन का कार्यकाल 19 जून 2026 में खत्म हो रहा है, जबकि मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक जारी रहेगा। इन दोनों नेताओं को भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मजबूत उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया था, लेकिन चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। राज्यसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति पर असर के आसार राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इनकी हार का असर आने वाले राज्यसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति पर भी पड़ने की संभावना है। खास बात ये है कि, मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें जून 2026 में खाली होने वाली हैं, जिनमें दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और भाजपा की ओर से सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल भी उसी समय पूरा होने जा रहा है।