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मेघालय सरकार का सोनम को नोटिस, हाईकोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट के बेल ऑर्डर को चुनौती

इंदौर  मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी की जमानत को मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार ने निचली अदालत का बेल आर्डर रद करने की मांग की है। सोनम को नोटिस जारी  हाई कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी किया है। साथ ही अगले सप्ताह सुनवाई निर्धारित की है। उधर, सोनम को जमानत मिलने के बाद उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह सहित चार अन्य आरोपितों ने भी जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।  राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत अब बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। मेघालय सरकार ने इस राहत को सीधे चुनौती देते हुए मेघालय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और साफ तौर पर मांग की है कि सेशंस कोर्ट द्वारा दी गई बेल को तत्काल रद्द किया जाए। सरकार का आरोप है कि निचली अदालत ने अपराध की गंभीरता और इसके व्यापक प्रभाव को नजरअंदाज कर दिया, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दो टूक कहा है कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी सख्त व निष्पक्ष न्यायिक जांच जरूरी है। सरकार का दावा है कि जिस आधार पर जमानत दी गई, वह तकनीकी खामियों तक सीमित था, जबकि आरोपों की गंभीरता कहीं अधिक है। ऐसे में आरोपी को राहत देना न्याय के साथ समझौता करने जैसा है। गौरतलब है कि 27 अप्रैल को शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कथित त्रुटियों का हवाला देते हुए लगभग एक साल बाद सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने पाया था कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थीं। जैसे “गिरफ्तारी के आधार” वाले फॉर्म में चेकबॉक्स खाली थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं का उल्लेख किया गया था। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया कि उसे धारा 103(1) जैसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार किया जा रहा है, और इसे महज लिपिकीय गलती मानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि 9 जून 2025 को जब आरोपी को पहली बार गाजीपुर की अदालत में पेश किया गया, तब उसके पास कानूनी प्रतिनिधित्व होने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं था। इन बिंदुओं को आधार बनाकर निचली अदालत ने जमानत दी थी। क्‍या सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएंगी! मेघालय सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में पिछले सप्ताह निचली अदालत द्वारा कुख्यात हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की. सोनम रघुवंशी का मामला पिछले साल सोहरा में उनके पति राजा रघुवंशी की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है, जब वे हनीमून पर थे. मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आया और अदालत ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई 12 मई को होगी।  क्‍या दी गई थी सोनम को गिरफ्तारी की जानकारी?  27 अप्रैल को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (न्यायिक) डी.आर. खारबतेंग ने जमानत देने का आदेश पारित किया था, जिसमें सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका को इस आधार पर स्वीकार किया गया था कि उन्हें गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, "सरकार की याचिका में कहा गया है कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है और मामले से संबंधित दस्तावेजों द्वारा भी इसका खंडन किया गया है, जो इस बात को उजागर करते हैं कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई थी।  निचली कोर्ट ने इस तथ्‍य को किया नजरअंदाज सरकार ने आगे तर्क दिया है कि निचली अदालत ने विवादित आदेश पारित करते समय इस बात को नजरअंदाज कर दिया कि इस मामले में आरोप पत्र पिछले साल 5 सितंबर को दाखिल किया गया था और उसके बाद इस साल 10 फरवरी को सप्‍लीमेंट्री आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इस सनसनीखेज मामले में पिछले साल 28 अक्टूबर को आरोप तय किए गए थे. आरोप पत्र दाखिल होने और आरोप तय होने के बाद, यह स्पष्ट है कि आरोपी मामले के तथ्यों से अवगत है, जिसमें गिरफ्तारी के आधार भी शामिल हैं।  हालांकि अब राज्य सरकार का रुख पूरी तरह आक्रामक है। सरकार का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और इससे जुड़े दस्तावेज अदालत में पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं। ऐसे में तकनीकी आधार पर मिली जमानत को बरकरार रखना न्यायहित में नहीं है। मंगलवार (5 मई) को मेघालय हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर दिया है। सरकार द्वारा 4 मई को दाखिल की गई बेल रद्द करने की याचिका पर अब अगले सप्ताह सुनवाई होगी। इस केस ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर तीखी बहस छेड़ दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक बंडारू ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक नरसिम्हा राव बंडारू तथा उपाध्यक्ष नवीन कुमार ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट कर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि ग्रीनको ग्रुप भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। यह ग्रुप शिवपुरी जिले में सौर ऊर्जा संयंत्र और मंदसौर व रतलाम जिलों में पवन ऊर्जा संयंत्र संचालित कर रहा है। नीमच जिले में गांधी सागर के पास 1920 मेगावाट क्षमता के भारत के सबसे बड़े पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट का निर्माण भी 11 हजार करोड़ रूपए के निवेश से किया जा रहा है। इस परियोजना से लगभग 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। ग्रीनको ग्रुप प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है।  

CM मोहन यादव का बुरहानपुर को विकास का तोहफा, निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट की घोषणा

बुरहानपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को बुरहानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में उद्योगपतियों से संवाद किया और निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट कराने की बड़ी घोषणा की। इसके बाद सीएम भाजपा के 'विजय उत्सव' में शामिल हुए. मुख्यमंत्री सुबह 10:30 बजे रेणुका माता हेलीपैड से सीधे ऑडिटोरियम पहुंचे थे। यहां उद्योगपतियों ने अपनी समस्याओं और मांगों से उन्हें अवगत कराया। डॉ. यादव ने कहा, “हमने निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट कराने का वादा किया था और हम इसे जरूर पूरा करेंगे। व्यापारिक कल्याण बोर्ड बनाने पर भी कैबिनेट में चर्चा हुई है, जो आगे चलकर जिला स्तर तक काम करेगा।” केला किसानों और औद्योगिक क्लस्टर पर फोकस सीएम ने कहा कि इस साल को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है, जिसमें बुरहानपुर के केला किसानों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बुरहानपुर का व्यापार 400 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने निंबोला औद्योगिक क्लस्टर के लिए 350 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी दे दी है। इसके अलावा देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं, क्योंकि सरकार का मकसद लोगों की जिंदगी बदलना है। जीत के जश्न में खाई झालमुड़ी, कार्यकर्ताओं को बांटी उद्योगपतियों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री ऑडिटोरियम में ही नीचे आयोजित 'विजय उत्सव' और 'जन विश्वास उत्सव' में शामिल हुए। यह कार्यक्रम बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस की ओर से पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत की खुशी में आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम ने मंच पर झालमुड़ी खाई। उन्होंने अपने हाथों से जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, नेपानगर विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने सहित अन्य कार्यकर्ताओं को भी झालमुड़ी बांटी। कांग्रेस पर राम मंदिर और बंटवारे को लेकर साधा निशाना विजय उत्सव को संबोधित करते हुए सीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "देशभक्त लोगों के बीच जहर फैलाने और देश के बंटवारे का पाप कांग्रेस ने किया है। वंदे मातरम को बांटने और भगवान राम के मंदिर में ताला लगाने का पाप भी कांग्रेस के ही सिर पर है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर को हिंदू और मुसलमान, सभी ने आनंद के साथ स्वीकार किया, लेकिन कांग्रेस के नेता आज तक वहां दर्शन करने नहीं गए। 'बंगाल को 75 साल बाद सही मायनों में मिली आजादी' डॉ. यादव ने अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "केजरीवाल जेल जाने के बाद भी पद नहीं छोड़ते। वहीं, इतनी बड़ी हार के बाद भी ममता बनर्जी निर्ममता के साथ पेश आती हैं और पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं।" सीएम ने कहा कि बंगाल और असम के चुनाव में मुस्लिम समुदाय ने भी बड़े पैमाने पर भाजपा का साथ दिया है। 17वें मुख्यमंत्री गुरु रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर शपथ लेने जा रहे हैं। आज 75 साल बाद बंगाल सही मायनों में आजाद हुआ है और अब वह देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा।

स्मृति मंधाना के दोस्त को पलाश मुच्छल ने लूटा, गालियां और जाति टिप्पणी, FIR दर्ज

इंदौर  म्यूजिशियन-डायरेक्टर पलाश मुच्छल कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं. एक्स मंगेतर स्मृति मंधाना के दोस्त विज्ञान माने ने पलाश मुच्छल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. स्मृति के बचपन के दोस्त ने पलाश के खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है. अपनी शिकायत में माने ने आरोप लगाया कि पलाश ने उनसे पैसे लिए, जातिसूचक गालियां दीं और अपमानजनक व्यवहार किया।  मुश्किल में पलाश मुच्छल पलाश के खिलाफ मामला सांगली में दर्ज कराया गया है. ये शिकायत मंधाना और पलाश की दिसंबर 2025 में रद्द हुई शादी के कई महीनों बाद दर्ज की गई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर पलाश के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच चल रही है. इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक, 34 साल के सांगली  वासी माने सोशल और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं. उन्होंने दावा किया कि पलाश ने उनसे 'नजरिया' नाम की फिल्म के लिए 25 लाख रुपये निवेश के तौर पर लिए थे. शिकायत के मुताबिक, पलाश ने माने को फिल्म में रोल भी ऑफर किया था. तय हुआ था कि फिल्म रिलीज के बाद निवेश की रकम और मुनाफा लौटा दिया जाएगा. लेकिन माने का कहना है कि फिल्म कभी बनी ही नहीं।  शिकायत में माने ने कहा कि उन्होंने बार-बार पैसे वापस मांगे, लेकिन पलाश दिनों-महीनों टालते रहे. बाद में उन्होंने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया और कहा कि उनके पास कोई बकाया पैसा नहीं है. कई कोशिशों के बाद माने सांगली पुलिस के पास गए और शिकायत दर्ज कराई।  माने ने आगे आरोप लगाया कि जब वो पैसे मांगने के लिए पलाश से मिले, तो गायक ने जातिसूचक गालियां दीं और उनकी जाति का अपमान किया. शिकायत के अनुसार, यह घटना 22 नवंबर 2025 को सांगली के एक फार्महाउस पर हुई. पुलिस ने बताया कि विज्ञान प्रकाश माने (34, सांगली निवासी) की शिकायत पर पलाश मुच्छल (30, मुंबई के लोखंडवाला, अंधेरी निवासी) के खिलाफ जातिगत अपमान और अश्लील भाषा के आरोप में केस दर्ज किया गया है।  डिप्टी एसपी संदीप भगवत ने पुष्टि की कि शिकायत आधिकारिक तौर पर दर्ज हो गई है और जांच जारी है. केस 'नजरिया' से जुड़े 25 लाख रुपये के बकाया निवेश और सांगली में हुई मुलाकात के दौरान जातिगत अपमान के आरोपों पर है।     

किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव

जो कहा वो किया  मुख्यमंत्री डॉ यादव अचानक पहुंचे उज्जैन और किया उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण  किसान के चेहरे पर खुशी ही हमें सुकून देती है-मुख्यमंत्री डॉ यादव गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा-मुख्यमंत्री डॉ यादव किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और प्रक्रिया में कोई लापरवाही ना हो – मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  अचानक उज्जैन पहुंचकर सेवा सहकारी संस्था दताना और सुरजनवासा के ग्राम मानपुरा स्थित उपार्जन केंद्र एग्रो स्टील साइलो पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया और किसानों से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया की यथास्थिति ली। बिना पूर्व सूचना के मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का आगमन उपार्जन व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए था।            मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शिता और सुगमता से संचालित करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा गेहूं, चना ,मसूर तीनों की खरीदी लगातार की जा रही है। किसान भाईयों की सुविधा के लिए सभी उपार्जन केद्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था ,बैठने के लिए छाया की व्यवस्था, अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं और जिले में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। उन्‍होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जाएगा।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान तौल व्यवस्था, भंडारण, भुगतान प्रक्रिया और उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, किसानों की उपज की तौल पारदर्शिता से हो और उपार्जन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि उपार्जन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की जाएगी।  मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान पूरी तरह किसानों के रंग में रंगे नजर आए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का औचक उपार्जन केंद्र पहुंचने पर किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके हर सुख-दुख में हमेशा साथ रहते हैं और किसानों का हित सर्वोपरि रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों से संवाद किया और ट्रैक्टर ट्राली पर चढ़कर गेहूं की फसल की गुणवत्ता भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों से कहा कि कोई भी समस्या आने पर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन सदैव आपके साथ हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों की उपज का समय पर विक्रय हो और उसकी राशि उनके खातों में समय सीमा में हस्तांतरित हो।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किसान भाइयों ने उपार्जन प्रक्रिया में तौल, बारदाने की उपलब्धता,भुगतान और परिवहन संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। ग्राम दताना मताना निवासी किसान श्री अल्ताफ पटेल ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल अच्‍छी हुई है और सरकार के द्वारा की जा रही गेहूं खरीदी के बाद गेहूं के उपज की राशि भी व्यवस्थित रूप से मिल रही हैं। साथ ही बाजार में भी गेहूं के दाम उचित रूप से प्राप्त हो रहे हैं। कृषक श्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा जो कार्य किसानों के हित में किए गए हैं उससे हमारी आय में वृद्धि हुई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक श्री पटेल से कहां कि आप किसान भाईयों के चेहरे की खुशी ही हमें सुकून देती हैं।            निरीक्षण के दौरान उज्‍जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री रवि सौलंकी और अन्‍य स्‍थानीय जन प्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, एडीजीपी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अ‍धीक्षक श्री प्रदीप शर्मा एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मोहन यादव के निर्देश: सरकारी निगम और प्राधिकरणों में नियुक्तियों के लिए BJP कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार

इंदौर  दो दशक से अधिक की सत्ता में अब तक भाजपा के आम कार्यकर्ताओं ने सत्ता की रेवड़ी का स्वाद तक नहीं चखा, लेकिन मोहन सरकार में उनकी लॉटरी खुलने वाली है। मुख्यमंत्री की विशेष रुचि के चलते जिला स्तर पर बनने वाली समिति सहकारी समितियों का गठन होने जा रहा है। प्रदेश संगठन के निर्देश पर जिला इकाई ने सभी विधायकों से नाम मांग लिए हैं। माना जा रहा है कि इस माह सभी घोषणाएं हो जाएंगी। भाजपा की सत्ता और संगठन में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चाहते थे कि सरकारी के सभी निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्ति हो जाए जिससे पार्टी नेताओं को भी सरकार के होने का अहसास रहे। उनके लगातार प्रयास और संगठन से चले लंबे मंथन के बाद बड़ी संख्या में नेताओं को उपकृत किया गया और बची हुई नियुक्तियां भी पाइप लाइन में है। जहां पर विवाद की स्थिति है उनका निराकरण कर वे घोषणाएं हो जाएगी। एक सप्ताह तक दें पूरी सूची ये नियुक्तियां बड़े नेताओं की हो रही है, लेकिन जल्द ही अब आम कार्यकर्ता को भी उपकृत करने की तैयारी है ताकि उन्हें भी लगे कि वे सत्ताधारी संगठन से ताल्लुक रखते हैं। इसको लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सभी जिला अध्यक्षों को 25 से अधिक समितियों में नियुक्तियों को लेकर नाम की फेहरिस्त मांग ली है। इसके चलते नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी विधायकों के अलावा कोर कमेटी के सदस्यों से कार्यकर्ताओं के नाम मांग लिए हैं। एक सप्ताह में पूरी सूची बनाकर देने का कहा गया है जिसमें सभी नेताओं का समन्वय होना चाहिए। ये हैं प्रमुख समितियां जिला स्तर पर बनने वाली समितियों में प्रमुख रूप से आरटीओ समिति, उद्यानिकी विभाग की समिति, जेल विभाग में अशासकीय संदर्शक समिति व विजिटर बोर्ड, पशु क्रूरता निवारण समिति, जिला पशु रोगी कल्याण समिति, मछुआ कल्याण व मत्स्य समिति, जिला शहरी विकास अभिकरण में प्रबंधकारिणी व निगरानी समिति, आइटीआइ में जिला कौशल समिति, शिक्षा विभाग में जिला स्तरीय अनुदान व निर्णायक समिति, खाद्य विभाग की सतर्कता समिति, जिला योजना समिति, अंत्योदय समिति, कॉलेज में जनभागीदारी समिति, पुलिस शिकायत बोर्ड, जिला व्यापार एवं उद्योग बोर्ड, सामाजिक न्याय व निशक्त जन समिति, खेल प्रशिक्षण समिति, जिला जल व स्वच्छता समिति, खनिज निधि समिति, मुख्यमंत्री ऋण माफी योजना, सिटी फॉरेस्ट योजना सहित कुल 25 समितियां हैं। अधिकांश समितियां उमा भारती के मुख्यमंत्री रहते बनी थीं। उसके बाद शिवराज सिंह चौहान के सीएम रहते कुछ समितियों का ही गठन हुआ था। हर बार कार्यकर्ताओं के नाम बुलाए गए, लेकिन घोषणा नहीं हो सकी। विधायक आधारित हुआ संगठन एक समय था जब संगठन आधारित सत्ता होती थी, लेकिन अब उल्टा हो गया है। सत्ता हो या संगठन की नियुक्ति उसमें विधायकों की पसंद से दिए गए नामों को ही उपकृत किया जाता है। बूथ से लेकर मंडल अध्यक्ष तक उनके समर्थक रहते हैं तो बची कसर अब सत्ता में भी पूरी हो जाएगी। उनके दिए गए नामों को ही पार्टी सत्ता में भी उपकृत करेगी। उन कार्यकर्ताओं की कोई पूछपरख नहीं है जो कि गुटबाजी में न पड़ कर संगठन के लिए समर्पित है। मजेदार बात ये है कि विधायक ऐसे कार्यकर्ताओं का विरोध कर हाशिए पर पहुंचा देते हैं। फिर मांगे एल्डरमैन के नाम वैसे तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व वाली नगर निगम परिषद को एक साल ही शेष रह गया है। इस पर अब पार्टी एल्डरमैन की नियुक्ति करने जा रही है। इसको लेकर पहले भी दो बार नाम लिए जा चुके हैं, लेकिन संगठन में कुछ नाम ऐसे थे जो पदाधिकारी बन गए। इस वजह से फिर से सूची मांगी गई है। 12 पदों को लेकर विधायक चाहते हैं कि उनकी पसंद से ही बने, लेकिन सांसद शंकर लालवानी और महापौर भार्गव भी अपने समर्थकों को उपकृत करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि एक-एक एल्डरमैन विधायकों की पसंद से हो जाए तो बाकी छह एल्डरमैन के लिए हमारे नामों को तवज्जो दी जाना चाहिए।

जल गंगा संवर्धन अभियान: पुष्पराजगढ़ में नहरों को मजबूती देने का प्रयास

सफलता की कहानी जल गंगा संवर्धन अभियान-पुष्पराजगढ़ में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से हो रहा है नहर सुदृढ़ीकरण अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर भोपाल  अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। 

₹1500 सीधे खातों में! लाड़ली बहनों के लिए बड़ी राहत, जानें तारीख और प्रक्रिया

भोपाल  मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक बार फिर राहत और उम्मीद की खबर है। राज्य की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 36वीं किस्त को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। मई महीने की यह किस्त खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि इस बार लाभार्थियों के खातों में बढ़ी हुई राशि 1500 रुपये भेजे जाने की तैयारी है। दरअसल, प्रदेश सरकार आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख तक यह राशि ट्रांसफर करती रही है, लेकिन इस बार 10 मई को रविवार होने के कारण भुगतान में हल्का बदलाव संभव है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 11 से 15 मई के बीच कभी भी यह किस्त जारी की जा सकती है, हालांकि अंतिम तारीख का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। पिछले महीने अप्रैल में भी राशि 12 तारीख को जारी की गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि भुगतान तिथि परिस्थितियों के अनुसार रखी जा रही है। इस योजना की शुरुआत 5 मार्च 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी, आज प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा की मजबूत कड़ी बन चुकी है। करीब 1 करोड़ 29 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं, जो इसे देश की सबसे व्यापक महिला कल्याण योजनाओं में शामिल करता है। सरकार का उद्देश्य न सिर्फ आर्थिक सहायता देना है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। योजना के तहत विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को भी शामिल किया गया है। 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और DBT सक्रिय है, वे इस योजना के दायरे में आती हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पारदर्शिता के साथ पहुंचे। भुगतान की स्थिति जानने के लिए सरकार ने ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे महिलाएं घर बैठे ही अपनी किस्त का स्टेटस चेक कर सकती हैं। आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी और ओटीपी के माध्यम से यह जानकारी कुछ ही मिनटों में प्राप्त की जा सकती है। कुल मिलाकर, लाड़ली बहना योजना अब केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। मई की 36वीं किस्त के साथ एक बार फिर सरकार की इस प्रतिबद्धता पर मुहर लगने जा रही है।

10 मई को दमोह में पीएम मोदी, स्वावलंबी गोशाला की आधारशिला रखेंगे

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। इस बार वे किसी चुनावी रैली या सभा के लिए नहीं आ रहे हैं पीएम मोदी इस बार एक बेहद खास काम के लिए दमोह आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 10 मई 2026 को पीएम मोदी पथरिया विधानसभा क्षेत्र में आएंगे। दमोह जिले के पथरिया में एक विशाल स्वावलंबी गोशाला बनने जा रही है। यह गोशाला कोई आम गोशाला नहीं होगी, बल्कि इसे आधुनिक और आत्मनिर्भर मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इसी गोशाला का भूमि पूजन करेंगे और इसकी नींव रखेंगे। 517 एकड़ जमीन पर तैयार होगी इस पूरी योजना के लिए कुल 517 एकड़ जमीन इसके लिए चुनी गई है। ये जमीन विकासखंड पथरिया के तीन गांवों रानगिर, कल्याणपुरा और बिजोरी में है।इतनी बड़ी जमीन पर गोशाला बनने से न केवल गायों को बेहतर ठिकाना मिलेगा, बल्कि इलाके के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।हाल ही में आईएएस प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक (SP) श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने खुद मौके पर जाकर जमीन का मुआयना किया।  मुंबई की कंपनी को मिला है जिम्मा मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड ने इस गोशाला के निर्माण के लिए मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी को आदेश जारी कर दिए हैं।पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. बृजेंद्र असाटी ने बताया कि कंपनी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 10 मई से पहले जमीन की फेंसिंग का काम पूरा हो जाने की बात कही है। इसके अलावा कम से कम 200 गायों के रहने के लिए अस्थायी शेड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा और तैयारियों का जायजा दमोह के एसपी ने साफ किया है कि भूमि पूजन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री के हाथों होना है। इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के बड़े अधिकारी लगातार पथरिया का दौरा कर रहे हैं ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रह जाए। अंतिम चरण में चल रही तैयारियां स्वीकृत भूमि पर गोशाला के निर्माण और संचालन के लिए मेसर्स श्रीराम मानेक एग्रो प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड मुंबई को मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड भोपाल द्वारा आदेशित किया गया है। दिए गए निर्देश इस संबंध में उपसंचालक पशुपालन डॉ. बृजेंद्र असाटी ने बताया कि मध्य प्रदेश गौसंबर्धन बोर्ड द्वारा गोशाला के संचालन के लिए नियुक्त कंपनी को समय सीमा में भूमि की फेंसिंग और अस्थायी 200 गौवन्श की गोशाला का निर्माण 10 मई 2026 के पहले किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा एसपी ने कहा कि, इस गोशाला का भूमि पूजन वैसे तो प्रधानमंत्री के सानिध्य में होना प्रस्तावित है, जिसकी तैयारियां प्रक्रिया के अंतिम चरण में चल रही हैं। इसी के चलते कलेक्टर के साथ – साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और समय पर निर्धारित काम निपटाने के साथ साथ तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा – निर्देश दिए। पीएम मोदी के पिछले दौरे प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश से पुराना लगाव रहा है। इससे पहले वे 17 सितंबर 2025 को अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर प्रदेश आए थे। उस दौरान उन्होंने कई बड़े काम किए थे।     धार दौरा: बदनावर के भैसोला गांव में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास किया था।     महिला सशक्तिकरण: 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान की शुरुआत की थी। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं को पैसे ट्रांसफर किए थे।     भोपाल दौरा (31 मई 2025): रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर भोपाल आए थे। इंदौर मेट्रो के एक खास कॉरिडोर का उद्घाटन किया था।

मंत्री सिलावट ने दिए निर्देश, केरवा डैम वेस्टवियर जल्द होगा दुरुस्त

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्टवियर का कार्य आगामी दो माह में पूर्ण किया जाए। कार्य पूर्ण गुणवत्ता पूर्वक हो एवं संबंधित अधिकारी निरंतर कार्य का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रगति की जानकारी दें। कुछ माह पूर्व बांध के वेस्टवियर का स्लैब अत्यधिक पुराना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका वर्तमान में पुनः निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने मंगलवार को केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वे वियर के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और कार्य के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री  बी.एल. निमामा, कार्यपालन यंत्री  नितिन कुहिकर, अनुविभागीय अधिकारी  प्रदीप चतुर्वेदी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। केरवा बांध की कुल लंबाई 396. 50 मीटर एवं उंचाई 22.6 मीटर है। बांध की कुल जीवित जल भराव क्षमता 22.6 मिलियन घन मीटर है, जिससे भोपाल जिले के लगभग 35 ग्रामों की 3 हजार 960 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई किया जाना रूपांकित है। इसके अतिरिक्त जलाशय से पेयजल के लिए जल भी प्रदाय किया जाता है। स्थल निरीक्षण के दौरान मैदानी अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि टूटे हुए हिस्से को डिस्मेंटल कर नवीन निर्माण के लिए फाउंडेशन लेवल तक खुदाई का कार्य किया जा चुका है।