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“डीपफेक बना लोकतंत्र के लिए खतरा: भोपाल में बोले के. ए. बद्रीनाथ”

भोपाल भोपाल में Sociyo Communications के ‘मीडिया संवाद’ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के. ए. बद्रीनाथ का संबोधन, डीपफेक व एजेंडा-आधारित नैरेटिव पर जताई गंभीर चिंता विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार को भोपाल में Sociyo Communications द्वारा 'मीडिया संवाद' का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य विषय "Misinformation, Disinformation and Agenda-Based Narratives" रहा, जिसमें मीडिया जगत की वर्तमान चुनौतियों, बढ़ते मीडिया संसाधनों के सदुपयोग एवं उनसे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के. ए. बदरीनाथ, मुख्य सलाहकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत उपाध्याय ने सत्र को संबोधित किया। सटीक जानकारी देना आज की सबसे बड़ी चुनौती: हेमंत उपाध्याय कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ ब्रॉडकास्ट पत्रकार हेमंत उपाध्याय ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज हर व्यक्ति के हाथ में सूचनाओं के विभिन्न माध्यम हैं, जिससे सूचनाओं का प्रवाह तो बढ़ा है, लेकिन उनकी सत्यता संदिग्ध हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरों का जिक्र करते हुए उन्होंने संवेदनशील घटनाओं की 'AI जनरेटेड' फर्जी फोटो के वायरल होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "जहाँ पहले लोग 20 मिनट में पूरा न्यूज़ बुलेटिन देखते थे, वहीं आज 2 मिनट में 20 'ब्रेकिंग न्यूज़' पढ़ लेते हैं। बिना जांचे-परखे इन्हें सही मान लेना पत्रकारों के लिए सटीक जानकारी पहुँचाने की राह में एक बड़ी चुनौती बन गया है।" डीपफेक और फेक नैरेटिव से बढ़ता खतरा: के. ए. बद्रीनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के. ए. बद्रीनाथ, मुख्य सलाहकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में 'डीपफेक' तकनीक के माध्यम से गढ़े जा रहे एजेंडा-आधारित नैरेटिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की वायरल AI फोटो, तथा बंगाल चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने जैसी भ्रामक सूचनाओं का उदाहरण दिया, जिन पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया से विवाद भी उत्पन्न हुआ। उन्होंने RBI को लेकर चलाए गए उस फेक नैरेटिव का भी उल्लेख किया, जिसमें कैश बंद होने और उसे डिजिटल करेंसी में बदलने की अफवाह फैलाई गई थी, जिससे बाजार में उथल-पुथल मच गई। अंततः RBI को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज पत्रकारों के लिए सबसे कठिन कार्य 'पत्रकारिता' और 'डीपफेक' के बीच अंतर को पहचानना और उसे जनता के सामने लाना है। कॉपी-फॉरवर्ड नहीं, रिसर्च आधारित समाचार पर हो जोर वक्ताओं के संबोधन के बाद सभागार में उपस्थित मीडिया से जुड़े प्रबुद्ध जनों ने वक्ताओं से अपने प्रश्नों के माध्यम से संवाद किया। इस संवाद सत्र में यह बात रेखांकित हुई कि तकनीक आज एक दोधारी तलवार बन चुकी है, जिसके लाभ और हानि दोनों हैं। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में मीडिया के भीतर 'मिसइन्फॉर्मेशन' का प्रभाव बढ़ गया है, क्योंकि हम 'रिसर्च' के बजाय 'कॉपी-फॉरवर्ड' संस्कृति को महत्व देने लगे हैं। के. ए. बद्रीनाथ ने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे फैक्ट और रिसर्च आधारित समाचारों को प्राथमिकता दें, ताकि समाज को सही और विश्वसनीय जानकारी मिल सके। कार्यक्रम का संचालन Akhileaks.com के संपादक अखिलेश सोलंकी ने किया। कार्यक्रम के समापन में Sociyo Communications के संस्थापक डॉ. सुलभ सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं आभार ज्ञापित किया। अपने संबोधन में डॉ. सुलभ ने कहा कि हम श्रुति और स्मृति की परंपरा के संवाहक हैं, हमें सदैव इस बात का स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने मीडिया में बढ़ती चुनौतियों पर विचार रखे। कार्यक्रम में भोपाल के प्रतिष्ठित पत्रकार, जनसंपर्क विशेषज्ञ, विज्ञापन जगत से जुड़ी हस्तियाँ एवं पत्रकारिता के छात्र उपस्थित रहे।

बीजेपी कार्यसमिति में बड़ा बदलाव, 106 सदस्य तय, क्षेत्रीय-जातीय संतुलन बनाने की चुनौती

भोपाल  बीजेपी की प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति बैठक से पहले संगठन में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस बार कार्यसमिति का आकार काफी छोटा किया जा रहा है, जिससे नए और पुराने नेताओं के बीच संतुलन बैठाना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन गया है। ओरछा में इसी महीने प्रस्तावित बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक से पहले संगठन में सदस्यों के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी संविधान के अनुसार कार्यसमिति को सीमित करते हुए केवल 106 सदस्यों तक रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या भी कुल का अधिकतम 30 प्रतिशत रखने का फार्मूला तय किया गया है। यानी ऐसे सदस्यों की संख्या 32 से अधिक नहीं होगी। यह बदलाव पिछले कार्यकालों की तुलना में बड़ा माना जा रहा है। दरअसल, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों वीडी शर्मा, नंदकुमार सिंह चौहान और राकेश सिंह के समय कार्यसमिति का आकार लगातार बढ़ता गया था। खासकर वीडी शर्मा के कार्यकाल तक आते-आते कार्यसमिति, स्थायी आमंत्रित और विशेष आमंत्रित मिलाकर कुल 463 सदस्यों की हो गई थी। जिलों का प्रतिनिधित्व बना मुश्किल प्रदेश में बीजेपी के 62 संगठनात्मक जिले हैं। ऐसे में 106 सदस्यों की सीमा के चलते एक जिले से दो प्रतिनिधि भी शामिल करना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि वरिष्ठ नेताओं को नामों के चयन में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौजूदा कार्यसमिति की स्थिति:     प्रदेश कार्यसमिति सदस्य: 187     स्थायी आमंत्रित सदस्य: 52     विशेष आमंत्रित सदस्य: 224     कुल सदस्य: 463 क्षेत्रीय, जातीय संतुलन बड़ी चुनौती नई कार्यसमिति में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाएगा। साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। बड़े शहरों का दबदबा इस बार कार्यसमिति का आकार छोटा होने से इन जिलों का प्रतिनिधित्व भी घट सकता है, जिससे संगठन में नई राजनीतिक समीकरण बनते नजर आएंगे। मौजूदा कार्यसमिति में बड़े शहरों का प्रभाव ज्यादा है। प्रमुख जिलों में सदस्य संख्या ये है –     भोपाल: 19     इंदौर: 17     ग्वालियर: 15     सागर: 10     जबलपुर: 9     सतना: 8     सिंगरौली: 7     छतरपुर: 6     नरसिंहपुर: 5     बालाघाट: 5 .

नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी, फायरब्रांड नेता ने कहा- मैं डरने वाली नहीं

खरगोन  सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने खुद इसका खुलासा किया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया। जानकारी अनुसार खरगोन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे आईं थी। मंच से भाजपा की फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान ने मंच से एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इंदौर से खरगोन आते समय उनके मोबाइल पर पाकिस्तान के नंबर से एक कॉल आया, जिसमें उन्हें धमकी दी गई कि “खरगोन पहुंचोगी तो मृत्यु हो जाएगी।” मैं इस तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं: नाजिया इलाही नाजिया इलाही खान ने कहा कि मैं तरह की धमकियों से वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने मंच से जवाब देते हुए कहा कि एक समय था जब खरगोन को सिमी और पाकिस्तान समर्थित तत्वों ने प्रभावित करने की कोशिश की थी, लेकिन अब यह क्षेत्र विकास और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने अपने विरोधियों द्वारा ‘जहरीला’ कहे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे भगवान शिव की भक्त हैं और यह ‘जहर’ उनके लिए प्रसाद के समान है। 'अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान' से नवाजा गया कार्यक्रम के दौरान विविधा संस्था द्वारा वर्ष 2026 का ‘अखिल भारतीय हिंदवी गौरव सम्मान’ नाजिया इलाही खान को प्रदान किया गया। इसके अलावा सुप्रसिद्ध गीतकार डा. विष्णु सक्सेना को ‘अखिल भारतीय कविवर विद्यापति सम्मान’ तथा कवयित्री शारदा ठाकुर को ‘अखिल भारतीय मां नर्मदा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

भाजपा क्षेत्रीय संगठन मंत्री का संदेश, ग्वालियर में कार्यकर्ताओं को समर्पण और प्रशिक्षण का महत्व बताया

ग्वालियर  अच्छे कार्यकर्ता के लिए समय सारिणी का पालन करना अति आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यकर्ता के निर्माण का साधन है। आगे भाजपा के उद्देश्य पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राष्ट्र कि सत्ता हासिल करना नहीं, अपितु राष्ट्र के खोए हुए वैभव को वापस दिलाकर राष्ट्र को विश्व गुरु बनाने का है। 200 कार्यकर्ताओं ने कराए रजिस्ट्रेशन यह विचार भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने जिले में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। शिविर का शुभारंभ अपेक्षित श्रेणी के नेतृत्वगण के एकत्रीकरण के साथ हुआ। जहां श्रेणीबद्ध लगभग 200 कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर ऐप के माध्यम से शुल्क जमा कराया और रजिस्ट्रेशन करवाया। भाजपा के मूल विचार और मूल आधार स्तंभ व्यक्तित्व की प्रदर्शनी के उद्घाटन किया। शिविर में प्रवेश के साथ शिविरार्थियों से मोबाइल जमा करा लिए गए। शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग के आज दोपहर सवा दो समापन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिसमें जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया के साथ संभाग के प्रभारी निशांत खरे प्रशिक्षण अभियान के संभाग प्रभारी नरेंद्र बिरथरे, सह प्रभारी मधुसूदन भदौरिया, जिला प्रशिक्षण के प्रभारी महेंद्र सिसोदिया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रद्युम्न सिंह तोमर प्रमुखता से उपस्थित रहे। विचारों से ही परिवार का विस्तार होता है प्रथम सत्र मे कार्य विस्तार पर विचार रखते हुए अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने बताया किस प्रकार के हम अपने विचारों से परिवार का विस्तार कर सकते है। हमें समाज में फैले जातिगत विष को समाप्त करने के लिए प्रत्येक समाज के लोक देवताओं और संतों की जयंती, पुण्यतिथि का कैलेंडर बनाकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। कार्य निर्णयों में मैं के भाव से निकलकर टोली के सामूहिक निर्णय से कार्य का विस्तार संभव है। गोवा मुक्ति आंदोलन से पुर्तगालियों से मुक्त कराया द्वितीय सत्र पूर्व विधायक नरेंद्र बिरथरे ने लिया भाजपा के इतिहास और विकास पर उद्बोधन देते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई और 3.06 प्रतिशत के साथ तीन सांसद जीते और गठबंधन के साथ 38 सांसदों के साथ देश के पहले अनऔपचारिक नेता प्रतिपक्ष बने। वर्ष 1952 के कश्मीर आंदोलन में डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र के लिए अपने प्राण आहूत किए। तृतीय सत्र में कार्यकर्ता का विकास, संभाल एवं दायित्व बोध पर उद्बोधन प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ ने बताया कि कार्यकर्ता एक लालटेन की तरह है जिसके कांच को निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से पोंछकर अंदर की रोशनी को फैलाया जा सकता है। नवाचार अपनाने वाला ही संगठन जीवित रह सकता है चौथे सत्र में प्रदेश मंत्री लोकेन्द्र पाराशर ने मीडिया और सोशल मीडिया पर विचार रखते हुए बताया कि पं. दीनदयालजी के विचार थे कि वही संगठन जीवित रह सकता है जो नवाचार को अपनाए। लोकतंत्र में जनता और सदन के मध्य मीडिया एक माध्यम है। इसी वर्ग में सोशल मीडिया की महत्ता पर कामना भदौरिया ने अपने विचार रखे और बताया कि सोशल मीडिया का सही उपयोग कैसे करें। पांचवें सत्र में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां बताईं और राज्य के विकास कार्यों का उल्लेख किया। छठवें सत्र में देश के सम्मुख चुनौतियां और उसके निदान के हमारे प्रयासों पर वेदप्रकाश शर्मा ने अपने विचार रखे। अंतिम सत्र में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य योजनाओं से सरकार बनाना नहीं अपितु योजनाओं से जनकल्याण जन सशक्तिकरण हो यह सरकार का प्रयास है। चार अप्रैल को शिविर के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। शिविरार्थी सुबह करेंगे अटल गैलरी का अवलोकन भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन चार अप्रैल को सुबह साढ़े छह बजे सभी प्रशिक्षु बस के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित अटल गैलरी का अवलोकन करने जाएंगे। इसके पश्चात साढ़े सात बजे दौलतगंज स्थित रामनारायण धर्मशाला जहां भाजपा के आधार स्तंभ और मूल विचारक पंडित दीनदयालजी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में एकात्म मानववाद की प्रस्तावना रखी थी। वहां शिविर के आठवें वर्ग मे संभाग के प्रभारी सैद्धांतिक अधिष्ठान और एकात्व मानववाद पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करेंगे।  

एमपी में बिजली बिल में सरचार्ज का तगड़ा झटका, एक महीने तक बढ़ेगी जेब पर अतिरिक्त खर्च

भोपाल  प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर अप्रैल माह के बिल में अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) की दर 5.36 प्रतिशत तय की है। यह दर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क के साथ जोड़ी जाएगी। बिजली कंपनियों ने एक महीने पहले ही बिजली दरों में 4.8 प्रतिशत का इजाफा किया था। यह सरचार्ज 24 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 एक महीने की अवधि के लिए लागू रहेगा।  कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अप्रैल 2026 के लिए FPPAS की गणना 5.40 प्रतिशत आई थी। नियामक आयोग के नियमों के तहत यदि यह 5 प्रतिशत से अधिक होता है तो 5 प्रतिशत मूल रूप से लागू किया जाता है और शेष राशि का 90 प्रतिशत जोड़कर अंतिम दर तय की जाती है। इसी आधार पर 5.36 प्रतिशत FPPAS निर्धारित किया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क के साथ यह अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी। इसके बाद अगले महीने के लिए दरें अलग से तय की जाएंगी, जो उस समय की फ्यूल और पावर खरीद लागत पर निर्भर करेंगी।  इस आदेश के तहत सभी बिजली वितरण कंपनियों पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सरचार्ज को उपभोक्ताओं के बिल में शामिल करें और इसकी जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करें। इस फैसले से घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी होगी। पहले से ही महंगाई के दबाव में चल रहे उपभोक्ताओं पर यह अतिरिक्त शुल्क आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला माना जा रहा है।  चुपचाप बढ़ा दिए बिजली के दाम बताया जा रहा है कि, बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च आ रहा है, जिसका बोझ अब बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाला जा रहा है। हालांकि, इस बढ़ोतरी को लेकर अबतक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी तरह की जानकारी या सफाई नहीं दी गई है। आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर ज्यादातर लोगों को अभी तक इसकी जानकारी भी नहीं है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि बार-बार इस तरह की बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होता है और लोगों में नाराजगी भी बढ़ सकती है। अब आम आदमी को 4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा। बढ़ने लगी लोगों की चिंता मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल 2026 के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की नई दर 5.36 फीसदी तय कर दी है। इसके बाद मई 2026 से कुल 6 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि मार्च 2026 में ये दर ऋणात्मक 0.63 प्रतिशत थी। राज्य में पहले अप्रैल 2026 से 4.8 फीसद की बढ़ोतरी हुई थी। इस तरह लगातार जारी बिजली दरों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, इस तरह हुई बढ़ोतरी को लेकर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। -बिजली कंपनी ने अप्रैल और मई 2026 से बिजली बिल में कुल मिलाकर करीब 11 फीसदी सरचार्ज की बढ़ोतरी की गई है। -इस बढ़ोतरी का असर प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की जेब पर पड़ेगा। -कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च आ रहा है, जिसका बोझ अब बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाला गया है। -हालिया बढ़ोतरी को लेकर अबतक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी तरह की जानकारी या सफाई नहीं दी गई है। यानी ये बढ़ोतरी चुपचाप कर दी गई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन: मझगांय और रुंज परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा होगी

मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित ग्रामीणों के हितों का रखा जाएगा पूरा ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 86 गांवों की 27510 हैक्टेयर भूमि में होगी सिंचाई 45 हजार किसान परिवार होंगे लाभान्वित प्रभावितों के मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणजनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के लिए वरदान साबित होंगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के 86 गांवों 27510 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए लगभग 39.56 मिलियन घन मीटर पानी प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र के लगभग 45 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं के डूब से प्रभावितों से चर्चा कर विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के निराकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो उनके विभिन्न मुद्दों पर प्रभावितों से चर्चा करेगी और उनके हित में शासन को प्रतिवेदन देगी। गठित समिति में :- 1. अध्यक्ष – संभाग आयुक्त सागर संभाग 2. सदस्य – प्रमुख अभियंता जल संसाधन, भोपाल 3. सदस्य – मुख्य अभियंता धसान-केन कछार जल संसाधन, सागर हैं। समिति आगामी 5 दिनों में प्रभावितों से विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जाँच कर एवं विस्थापितों से चर्चा उपरांत वस्तु स्थितिपरक प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में इस परियोजना का कार्य निर्माण के अंतिम चरण में है। वर्तमान में इसके नाला क्लोजर का कार्य किया जा रहा है, जिसे वर्षा काल के पहले पूर्ण किया जाना है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें 1657 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष है। इस परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन हेतु अपर सचिव जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन कर पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ रूपए मात्र स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच एवं दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एवं भुजबई हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत कर 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया जा चुका है, 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन हेतु शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार 670 परिवारों का चयन कर पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ 50 लाख रूपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।  

भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, भोपाल समेत 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखी गई जिसने किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को दोपहर में अचानक राजधानी भोपाल का भी मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। भोपाल के अलावा सागर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, डिंडौरी, इटारसी, गुना, राजगढ़ जिलों में शनिवार को हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 31 जिलों में तेज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर में झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश सागर शहर में शनिवार को सुबह से सूरज तेवर तेज रहे। दोपहर के समय झुलसाने वाली गर्मी रही, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में अचानक काले बाद छाए और बारिश हुई। बारिश के बाद तपती गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली। शिवपुरी ने रिमझिम बारिश, तेज आंधी ने उखाड़े पेड़ शिवपुरी शहर सहित अंचलभर में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम में बदला और फिर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो तूफान आया, उसने कई जगह कहर बरपा दिया। आधा घंटे तक रिमझिम बारिश भी होती रही। शहर सहित जिलेभर में 50 से अधिक स्थनों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और पोलोग्राउंड के पास बनी दीवार के पास लगा पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालाघाट में बदला मौसम बालाघाट जिले में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम के चलते तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों के किनारे लगे कुछ पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। राजगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि राजगढ़ में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद रात भर उमड़ रही और शनिवार दोपहर अचानक से मौसम बदल गया बादलों की लुकाछिपी के बीच गरज चमक के साथ पोचारे गिरी कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई जिला मुख्यालय से लगे कली पीठ क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की सूचना है वहीं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई कहानी पेड़ गिर गए तो कहीं सड़कों पर पानी बाहर निकाला करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। शहडोल में लगातार तीसरे दिन बारिश शहडोल संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। सुबह दोपहर की तपिश के बाद शाम होते ही तेज धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की, वहीं बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में हलाकान रहे। खरगोन में गिरे ओले, हुई बारिश खरगोन जिले में शनिवार शाम करीब 6.20 बजे चिरिया के पीढ़ी जामली क्षेत्र में अचानक मौसम बदला। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी और बारिश के साथ चने आकार के ओले भी गिरे। बादल छटने के बाद मौसम में ठंडक घुली लेकिन रात में उमस ने परेशान किया। नर्मदापुरम में तेज आंधी-बारिश, सड़क पर गिरे पेड़ नर्मदापुरम में भी शनिवार को के आसमान में बादल छाए। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले के डोलरिया क्षेत्र के डूडू गांव के पास मुख्य सड़क पर पेड़ गिर गया।ग्रामीणों ने पेड़ को कुल्हाड़ी से काटकर मार्ग को वापस शुरू करवाया। अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया हैं।

सीएम ने ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया, 55 बीघा जमीन पर 110 करोड़ की परियोजना

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पहले आवासीय ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। 55 बीघा में बनेगा परिसर, 5000 छात्रों की क्षमता यह विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड, शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में बनाया जाएगा। लगभग 55 बीघा भूमि पर बनने वाले इस परिसर की अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये है। यहां करीब 5,000 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा होगी। निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। ‘मध्य भारत शिक्षा समिति’ करेगी संचालन करीब 85 वर्षों से सक्रिय मध्य भारत शिक्षा समिति विश्वविद्यालय का संचालन करेगी। लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा (18 जुलाई 2027) से शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाए। मंच पर प्रमुख अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। नई शिक्षा नीति से जुड़े सपनों पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद शिक्षा में भारतीय दर्शन को समाहित करने की अपेक्षा थी, जो अब नई शिक्षा नीति के माध्यम से साकार हो रही है। बनने वाले विश्वविद्यालय की विशेषताएं जाने     विश्वविद्यालय की लागत 110 करोड़, तीन साल में तैयार होगा, गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से सत्र शुरू करने का लक्ष्य तय है।     इसका संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। आरएसएस का पहला विश्वविद्यालय होगा। संघ से जुड़े शैक्षिक संस्थानों विद्या भारती स्कूल संचालित करती है।     ग्वालियर के बाद प्रदेश में किसी और शहर में आरएसएस विश्वविद्यालय का अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संघ से जुड़े विद्या भारती की देशभर में पांच नई यूनिवर्सिटी बनाने की योजना विचाराधीन हैं।     चाणक्य यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु कर्नाटक में पहले से खुल चुकी है। पहला बैच 200 छात्रों का शुरू हो चुका है। असम गुवाहाटी- एक और आरएसएस यूनिवर्सिटी पर काम चल रहा है। बाकी तीन यूनिवर्सिटी अभी जगह फाइनल नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, जयभान सिंह पवैया, संत कृपाल सिंह, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, अनूप मिश्रा, सांसद भारत सिंह कुशवाह और भाजपा व आरएसएस के कई नेता व पदाधिकारी मौजूद हैं। मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा 55 बीघा भूमि पर करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर करीब 12.30 बजे मेला मैदान पहुंचकर राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे वृंदावन ग्राम थीम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितलाभ वितरित करेंगे। सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का करेंगे अवलोकन सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात अपरान्ह करीब 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे। यहां से वे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे। मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम       दोपहर 3 बजे शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।     अपरान्ह 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे।     शाम 4.15 बजे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे।     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1938 में ग्वालियर में शुरू हुई थी पहली शाखा     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर में पहले प्रचारक नारायण राव तर्ते आये थे। उन्हीं के प्रयासों से अप्रैल 1938 में जीवाजीगंज स्थित पोतनीस की धर्मशाला में नियमित रूप से संघ शाखा प्रारंभ हुई थी। महानगर की पहली शाखा में जाने वाले प्रमुख स्वयंसेवक थे-माधवराव वाघ, श्रीकृष्ण कान्हेरे, माधव केलकर, श्रीधर गोपाल कुंटे, दत्तात्रय कल्याणकर, दिगम्बर सोहनी, नरहरि सोहनी, राव साहब पाटील, कृष्णराव भट्ट, सदाशिवराव भिड़े, श्रीरंग हरि गोखले, बापूनाना परांजपे।

इंटरनेशनल फायर फाइटर डे पर जबलपुर के फाइटर का संदेश: हम हर वक्त तैयार रहते हैं, चाहे जान को खतरा हो

 जबलपुर   विपरीत परिस्थितियों में भी राह निकालना फायर फाइटर्स की पहचान है। अपनी जान की परवाह किए बिना वे दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।आग पर काबू पाना हो, रेस्क्यू आपरेशन चलाना हो या किसी भी प्रकार की आपदा से निपटना, फायर फाइटर्स हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं। 60 से अधिक चालक विभाग में कार्यरत विभाग में 60 से अधिक चालक कार्यरत हैं, जो फायर ब्रिगेड वाहनों को तेजी और सुरक्षित तरीके से घटनास्थल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे संकरे रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बिना समय गंवाए वाहन चला सकें। चालक समय के पाबंद हैं निरीक्षण में यह भी सामने आया कि चालक समय के पाबंद हैं, और काल मिलते ही तुरंत अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं। साथ ही 150 आउटसोर्स कर्मचारी निगम के हैं। हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी कर्मचारी सब स्टेशन आईएसबीटी, रांझी व हाईकोर्ट के पास तैनाम रहते है। विभाग के पास 11 फायर वाहन, नौ शव वाहन व 4 आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए वाहन है। साथ ही हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी शामिल है। 17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम यह विशेष वाहन 17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम है और ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद करता है। यह 360 डिग्री पर काम करता है और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान बनाता है। कभी-कभी आ जाती है समस्या फायर फाइटर्स का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक और दुर्घटना स्थल पर जुटने वाली भीड़ है। अक्सर लोग फायर ब्रिगेड के सायरन को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। भीड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है भीड़ के कारण काम में बाधा आती है और स्थिति और गंभीर हो सकती है। दूसरों की जान बचाने के साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

MP में IAS एकेडमी की मालिक का अपहरण, फिरौती के लिए 1.89 करोड़ और ‘सुंदरकांड’ का पाठ

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल में दिल्ली के आईएएस कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर को किडनैप करने का मामला सामने आया है। यहां आरोपियों ने ना सिर्फ रंजन आईएएस एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को को चार घंटो तक बंधक बनाकर रखा बल्कि कनपटी पर पिस्तौल रखकर 1.89 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड का पता भी लगा लिया है। आरोपी कोई अजनबी नहीं था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि डायरेक्टर के प्रोफेशनल सर्कल के सदस्य प्रियांक शर्मा ने ही इस किडनैपिंग की साजिश रची थी। वह भोपाल में उसी एकेडमी की फ्रेंचाइजी चला रहा था और संस्थान से जुड़ा पूर्व छात्र था। पुलिस के मुताबिक प्रियांक शर्मा ने शुभा रंजन को बहाने से भोपाल बुलाया। प्रियांक की बातों पर विश्वास कर और इसे एक बिजनेस ट्रिप समझकर वह चली भी गईं। लेकिन वहां जाकर वह प्रियांक की साजिश शिकार हो गईं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में वह भोपाल में एक फाइव स्टार होटल में ठहरी। इसके बाद बुधवार को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच, प्रियांक ने उन्हें होटल से उठाया और बागसेवानिया इलाके में एक किराए के फ्लैट में ले गया। जांचे के मुताबिक वहां हथियारबंद लोग पहले से ही उनका इंतजार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यहां पीड़िता और उसके साथियों को बंधक बनाया गया, जान से मारने की धमकी दी गई और 1.89 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए गए। चीख पुकार दबाने के लिए सुंदरकांड का पाठ रिपोर्ट के मुताबिक जिस फ्लैट में डायरेक्टर को बंधक बनाकर रखा गया, उसे एक दिन पहले ही किराए पर रखा गया था। अपराधियों को रीवा, दतिया समेत अन्य स्थानों से बुलाया गया था। इतना ही पीड़िता की चीख पुकार और मदद की आवाज को दबाने के लिए सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया था। मामले की शिकायत निलेंदू ठाकुर के बेटे संतोश कुमार ने दी। वह दिल्ली ते हरदेव नगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि शुभ्रा रंजन और उनके एसोसिएटेस् को प्रियांक शर्मा ने भोपाल बुलाया था और फिर उन्हें बंधक बना लिया गया। पैसा ट्रांसफर होने के बाद पीड़ित को बुधवार रात छोड़ दिया दया। लेकिन तब तक भोपाल क्राइम ब्रांच ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी थी। प्रियांक वारदात को अंजाम देने के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। बाद में गिरफ्तारी के डर से वह बीमारी का बहाना बनाते हुए आईसीयू में भर्ती हो गया। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और डॉक्टरों ने जब उसकी हालत स्थिर बताई तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।