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मध्यप्रदेश के विकास पर नशे का असर रोकने की तैयारी, ड्रग्स के खिलाफ डिप्टी सीएम का खास फॉर्मूला

रीवा  मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार सख्त दिखाई दे रही है.  प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय राजनिवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, आईजी गौरव राजपूत, एसपी गुरकरण सिंह सहित अन्य तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबार में शामिला व्यक्तियों, उत्पादक और सप्लायरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए. महत्त्वपूर्ण मीटिंग के बाद उप मुख्यमंत्री मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पत्रकारों से चर्चा की. उन्होंने कहा कि हम विकास की रफ्तार में नशे का ग्रहण नहीं लगने देंगे।  उप मुख्यमंत्री की हाई लेवल मीटिंग मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ और चिकत्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादक और सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ नशे से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना आवश्यक है. नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करके इनके माध्यम से नशे से पीड़ितों का समुचित पुनर्वास करें. उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि नशे के शिकार व्यक्तियों की सूची बनाकर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों में समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें।  नशे से निरर्थक हो जाएगा विकास उप मुख्यमंत्री ने कहा, '' रीवा और पूरा विंध्य लगातार विकास की उंची उड़ान भर रहा है. कृषि, व्यापार और उद्योग में वृद्धि होने से लोगों की आमदनी बढ़ी है. अधोसंरचना विकास के कार्य क्षेत्र के विकास को गति दे रहे हैं. ऐसे में अगर युवा पीढ़ी कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ गई तो हर तरह का विकास निरर्थक हो जाएगा।  गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प पर जोर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा, " गृहमंत्री अमित शाह ने 2029 तक देश को नशे से मुक्त करने का संकल्प लिया है. इसके लिए समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाएं और लगातार कार्रवाई करें.नशामुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता को भी भागीदार बनाएं।  1615 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे आयोजित बैठक में रीवा जोन के IG गौरव राजपूत ने कहा, " रीवा संभाग में पिछले 18 महीनों में एमडी ड्रग्स, हेरोइन, कोरेक्स, गांजा और अवैध शराब जैसे नशीले पदार्थों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की गई है. इस दौरान अब तक 1615 नशे के सौदागरों को जेल भेजा गया है. इन नशे के सौदागरों के पास से 5535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97665 शीशी कोरेक्स, 413310 नग नशील टैबलेट कैप्सूल और 450 अफीम के हरे पेड़ जब्त किए गए हैं। 

MP में पुलिसकर्मी की संपत्ति पर लोकायुक्त की नजर, सैलरी से 223% ज्यादा संपत्ति मिलने का दावा

इंदौर  मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने बुधवार सुबह पुलिस प्रशिक्षण महाविय इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की टीम ने सुबह 6 बजे से देवास और इंदौर में फिरोज खान के आवास सहित 15 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में फिरोज खान के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त के मुताबिक अब तक की जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है। नौकरी के दौरान 75 लाख की सैलरी इंदौर लोकायुक्तअधिकारियों के अनुसार, फिरोज खान को वेतन से करीब 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। दूसरी आय को जोड़कर उनकी कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की संपत्ति होने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त का दावा है कि यह संपत्ति उसकी अनुमानित आय से करीब 223 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। देवास और इंदौर में हुई तलाशी लोकायुक्त की टीमें फिरोज खान के देवास स्थित आदर्श नगर के मकान के अलावा इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में महेश यादव नगर और स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में भी पहुंचीं। जांच के दायरे में श्रीनगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार मनोरमा अपार्टमेंट में दो फ्लैट फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर खरीदे जाने की जानकारी मिली है। देवास में अलग-अलग जगहों पर प्लॉट इसके अलावा देवास की अलग-अलग कॉलोनियों में स्थित प्लॉट, मकान और कृषि भूमि की भी जांच की जा रही है। इनमें पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी और इंदिरा गांधी नगर के भूखंड शामिल हैं। देवास जिले के गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी में स्थित कृषि भूमि तथा जेतपुरा बायपास के पास व्यावसायिक भूखंड भी लोकायुक्त की जांच के दायरे में हैं। इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में दर्ज कई सर्वे नंबरों की जमीनों की भी पड़ताल की जा रही है। जमीन के विवाद से जुड़ी शिकायत भी जांच में शामिल लोकायुक्त को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में जमीन और प्लॉट से जुड़े विवादों में हस्तक्षेप करता हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वो अन्य लोगों के माध्यम से जमीनों के लेन-देन में शामिल हैं और अपने परिवार के सदस्यों तथा परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीद रहा हैं। शिकायतकर्ता ने उसके पास कई वाहन होने और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने का भी जिक्र किया था। 21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी जांच मामले में जमीन के एक विवाद का जिक्र भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार शिकायतकर्ता और उसके पिता के बीच सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी दौरान फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम से शिकायतकर्ता के पिता से करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया। जांच में इस सौदे के पीछे फिरोज खान की भूमिका होने की बात सामने आ रही है। मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग फर्म लोकायुक्त ने रोशनी वर्मा को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के मुताबिक फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म होने की जानकारी मिली है। कंपनी के खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। रोशनी वर्मा के नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की भी पड़ताल की जा रही है। आठ अधिकारियों की टीम कर रही जांच लोकायुक्त की इस कार्रवाई में इंदौर और उज्जैन के आठ अधिकारियों सहित पुलिस बल के अन्य सदस्य शामिल हैं। देवास में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान और दीपक सेजवार सहित निरीक्षक सचिन पटेरिया, राजेंद्र वर्मा और प्रतिभा तोमर की टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं इंदौर में उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, दिनेशचंद्र पटेल और निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य कर्मचारी तलाशी में जुटे हैं।  

5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों की सूची तैयार, विलगांव चौधरी में जमीन पर काम की प्रगति पर नजर

विलगांव चौधरी में 5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों की फेहरिस्त, अब जमीन पर हिसाब की दरकार! 33 निर्माण कार्यों की सूची में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटे और तालाब-पोखर शामिल; 80 लाख रुपये के एक मद का भी उल्लेख, स्वीकृति से लेकर भुगतान और मौके पर हुए कामों की जांच से सामने आएगी हकीकत मुरैना  ग्राम पंचायत विलगांव चौधरी में निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई सूची ने गांव में विकास कार्यों के खर्च और उनकी जमीनी हकीकत की पड़ताल का मुद्दा खड़ा कर दिया है। उपलब्ध दस्तावेज में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटा निर्माण और तालाब-कम-पोखर निर्माण सहित करीब 33 कार्यों का उल्लेख है। दस्तावेज के अंत में इन कार्यों की कुल लागत लगभग 5.50 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि 80 लाख रुपये की एक अलग राशि के साथ विभिन्न मदों का जिक्र भी दर्ज है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि इन कार्यों की वास्तविक स्वीकृत लागत कितनी है, कितनी राशि खर्च या भुगतान की जा चुकी है और मौके पर निर्माण की स्थिति क्या है? दस्तावेज में विलगांव चौधरी के अलग-अलग स्थानों पर स्टोन बंड निर्माण के कार्य दर्ज हैं। इनमें वृक्षारोपण स्थल, एमएस रोड के पास, शांतिधाम, विभिन्न मंदिरों, पार्क और अन्य स्थानों का उल्लेख है। इसके अलावा रामचंद्र का पुरा, जवाहर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में रपटों के निर्माण तथा धाकड़ मोहल्ले, पानी की टंकी के पास और अन्य स्थानों पर तालाब-कम-पोखर निर्माण के कार्य सूचीबद्ध हैं। प्रत्येक कार्य के सामने एक आईडी और कुछ संख्यात्मक प्रविष्टियां भी दर्ज हैं। बाक्स – 33 कार्य, करोड़ों का हिसाब और कई सवाल सूची में कार्यों की संख्या और राशि से जुड़े विवरण सामने आने के बाद जरूरी है कि प्रत्येक निर्माण की अलग-अलग जांच की जाए। कितने कार्य पूरे हो चुके हैं, कितने अधूरे हैं और कितनों का केवल कागजों में उल्लेख है? क्या निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है? क्या स्वीकृत राशि और वास्तविक खर्च का मिलान किया गया है? इन सवालों का जवाब संबंधित निर्माणों के भौतिक सत्यापन, माप पुस्तिका, स्वीकृति आदेश, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड से ही मिल सकता है। बाक्स –  जिम्मेदार – जिम्मेदारी तय होना जरूरी उपलब्ध सूची में उपयंत्री सुनील शाक्य, जनपद पंचायत जौरा और ग्राम पंचायत विलगांव चौधरी का उल्लेख है। सरपंच के रूप में ऊषा बघेले का नाम भी दर्ज है। ऐसे में संबंधित विभाग से कार्यवार स्वीकृत राशि, निर्माण की वर्तमान स्थिति, भुगतान और गुणवत्ता जांच का ब्योरा सामने आना चाहिए। यदि किसी कार्य में अनियमितता मिलती है, तो जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। बाक्स – सरपंच सचिव से लेकर इंजिनियर तक की मिली भगत से धांधली. दरहसल,सरपंच के जिन 33 निर्माण कार्य की सूची सूची सामने आई है उनमें से अधिकांश निर्माण कार्य तो धरातल पर है ही नहीं कुछ एक दो है भी उनमें से कोई अधूरा है तो कोई समय से पहले ही जर्जर हो चुका है। अब ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है। कि अधिक जो निर्माण कार्य मौके पर है ही नहीं उनको उपयंत्री सुनील शाक्य ने पास कैसे कर दिया है। क्या इस पूरे मामले में सरपंच सचिव से लेकर उपयंत्री तक की भूमिका संदिग्ध है। और अगर ऐसा है तो जिम्मेदार ऐसे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे.?

मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मोहन यादव सरकार ने 23 IAS अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार देर रात फिर एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है. मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 23 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ प्रभार बदले गए हैं. सबसे बड़े बदलाव में पीडब्ल्यूडी, लोक स्वास्थ्य चिकित्सा, भोपाल गैस त्रासदी व खाद्य सुरक्षा के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह(1997) को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. प्रशासनिक व राजनीतिक दृष्टि से इस प्रशासनिक सर्जरी के कई मायने निकाले जा रहे हैं।  मध्य प्रदेश के इन IAS के हुए ट्रांसफर, प्रभार बदले     रश्मि अरुण शमी (1994) – अपर मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण, नवीन पदस्थापना: अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत और आयुक्त खाद्य सुरक्षा.     सुखवीर सिंह (1997) – प्रमुख सचिव, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी व खाद्य सुरक्षा, नवीन पदस्थाना: प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री और PWD का अतिरिक्त प्रभार.     जॉन किंग्सली ए. आर. (2004) – सचिव औद्योगिक नीति व निवेश प्रोत्साहन, व सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग, नवीन पदस्थाना: सचिव सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग.     ऊषा परमार (2011), कलेक्टर पन्ना, नवीन पदस्थापना: अपर सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण.     राजेश कुमार ओगरे (2012), अपर सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग, नवीन पदस्थापना : कलेक्टर, मऊगंज.     सोमेश मिश्रा (2013), कलेक्टर नर्मदापुरम, नवीन पदस्थापना: संचालक, एड्स नियंत्रण सोसाइटी.     राघवेन्द्र सिंह (2013), कलेक्टर जबलपुर, नवीन पदस्थापना: प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड, सह आयुक्त मंडी.     पवन कुमार जैन (2013), उपसचिव सहकारिता विभाग, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर, भिण्ड.     अरुण कुमार विश्वकर्मा (2014), कलेक्टर रायसेन, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर जबलपुर.     आशीष वशिष्ठ (2014), प्रबंध संचालक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, समग्र सामाजिक सुरक्षा, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर नर्मदापुरम.     अंकित अस्थाना (2014), उप सचिव, सामान्य प्रशासन, संचालक कर्मचारी चयन मंडल, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर सिंगरौली.     आदित्य सिंह (2014), संचालक भोपाल गैस त्रासदी, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर बालाघाट.     ऋजु बाफना (2014), कलेक्टर शाजापुर, नवीन पदस्थापना: अपर आयुक्त (राजस्व), उज्जैन संभाग.     हर्ष सिंह (2015), कलेक्टर बुरहानपुर, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर पन्ना.     संजय कुमार जैन (2015), कलेक्टर मऊगंज,नवीन पदस्थापना: उप सचिव, किसान कल्याण.     सिद्धार्थ जैन (2016), कलेक्टर हरदा, नवीन पदस्थापना: उप सचिव, वाणिज्यिक कर.     किरोड़ी लाल मीना (2016), कलेक्टर भिण्ड, नवीन पदस्थापना: उप सचिव, वित्त विभाग.     गौरव बैनल (2016), कलेक्टर सिंगरौली,नवीन पदस्थापना: उप सचिव, सामान्य प्रशासन व संचालक, कर्मचारी चयन मण्डल.     रोहित सिसोनिया (2017), उप सचिव किसान कल्याण, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर रायसेन.     विवेक कुमार (2017), उप सचिव नवीन नवकरणीय उर्जा, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर बुरहानपुर.     डॉ. परिक्षित संजय राव झाड़े (2017), मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर शाजापुर.     कुमार सत्यम (2017), कलेक्टर बालाघाट, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर हरदा.     संदीप केरकेट्टा (2018), उप सचिव सीएम, व प्रबंध संचालक बीज निगम, नवीन पदस्थापना: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण इन आईएएस को मिले अतिरिक्त प्रभार     के.सी. गुप्ता (1992) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति का अतिरिक्त प्रभार     शोभित जैन (2000) को कुटीर एवं ग्रामोद्योग का अतिरिक्त प्रभार     संकेत भोंडवे (2007) को आवासीय आयुक्त, MP भवन दिल्ली का प्रभार     स्वतंत्र कुमार सिंह (2007) को औद्योगिक नीति का प्रभार     भरत यादव (2008) को जनसंपर्क विभाग का प्रभार     अभय बेडेकर (2014) को पुरातत्व एवं संग्रहालय का प्रभार     अंशुमन राज (2020) को इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का प्रभार

MP में राजस्व संग्रहण 11.37% बढ़ा, ₹44,711 करोड़ मिले

वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन-मुद्रांक विभागों ने हासिल किया छह माह के लक्ष्य का 94.25 प्रतिशत भोपाल मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व संग्रहण की रफ्तार सकारात्मक बनी हुई है। अप्रैल से सितंबर तक वाणिज्यिक कर, आबकारी तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभागों ने कुल 44,711 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह निर्धारित लक्ष्य 47,439 करोड़ रुपये का 94.25 प्रतिशत है। अभी वित्तीय वर्ष समाप्ति में 6 माह शेष है और लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 40,147 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण 44,711 करोड़ हुआ है, जिससे गत वर्ष की तुलना में 11.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वाणिज्यिक कर विभाग ने छह माह में 28,385 करोड़ रुपये, आबकारी विभाग ने 9,769 करोड़ रुपये तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। वाणिज्यिक कर विभाग का योगदान सर्वाधिक वाणिज्यिक कर विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 30,686 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 28,385 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो यह लक्ष्य का 92.50 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 26,052 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस प्रकार विभाग के राजस्व में 8.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आबकारी विभाग ने लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत हासिल किया आबकारी विभाग ने छह माह में 9,900 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 9,769 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 8,295 करोड़ रुपये की तुलना में राजस्व संग्रहण में 17.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तीनों विभागों में आबकारी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के सबसे करीब रहा। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के राजस्व में 13.06 प्रतिशत वृद्धि पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 6,853 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। यह निर्धारित लक्ष्य का 95.68 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 5,800 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस बार इसमें 13.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल और सितंबर में बेहतर प्रदर्शन माह अप्रैल 2026 में तीनों विभागों ने संयुक्त रूप से 7,411 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,938 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य का 107.11 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में 35.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई। माह सितंबर 2026 में भी तीनों विभागों ने 6,936 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,676 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह लक्ष्य का 96.25 प्रतिशत है। पिछले वर्ष सितंबर माह की तुलना में इस माह राजस्व संग्रहण 12.89 प्रतिशत अधिक रहा।  

किशोर कुमार की आवाज और अभिनय अमर, हमारी स्मृतियों में सदैव रहेंगे मौजूद: CM डॉ. यादव

किशोर कुमार, गायन और अभिनय से हमारी स्मृतियों में रहेंगे मौजूद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभिनेता रघुवीर यादव को मिला इस वर्ष का किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान गायक अभिनेता किशोर कुमार की नगरी खंडवा में शीघ्र प्रारंभ होगा एयरपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण समारोह 2026 से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खंडवा की माटी के सपूत बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक और अभिनेता किशोर कुमार महान कलाकार थे। उन्हें संसार से विदा हुए 39 वर्ष हो गये, लेकिन वे अपने अभिनय और गीतों से प्रशंसकों के लिए अमर हैं और आगे भी स्मृतियों में बने रहेंगे। मध्यप्रदेश सरकार, हरफनमौला किशोर कुमार की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार "किशोर कुमार अलंकरण" प्रतिवर्ष प्रतिभा संपन्न कलाकार को प्रदान करती है। वर्ष 2026 के पुरस्कार के लिये अभिनेता रघुवीर यादव का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खंडवा के विकास के लिये सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा हैं। खंडवा में शीघ्र ही एयरपोर्ट भी बनेगा और जिले के प्रसिद्ध धार्मिक महत्व के स्थल ओंकारेश्वर तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस वर्ष राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत किए गए अभिनेता रघुवीर यादव को अलंकरण के लिये बधाई दी। समारोह में रघुवीर यादव को 5 लाख रुपए की सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्रम् और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वर्चुअली खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण समारोह और संगीत संध्या को संबोधित कर रहे थे। किशोर कुमार का अंदाज याद रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायक और अभिनेता किशोर कुमार का अपनी जन्मभूमि खंडवा से विशेष लगाव था। वे सदैव कहते थे – "दूध जलेबी खाएंगे, खंडवा में बस जाएंगे।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक ऐसे गीत हैं जिन्हें किशोर कुमार ने न सिर्फ गाया बल्कि उन गीतों से जीवन दर्शन भी दिया। "रोते-रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना…" और "जिन्‍दगी एक सफर है सुहाना…" ऐसा ही गीत हैं। फिल्म "पड़ोसन" में किशोर कुमार का अलग अंदाज दिखाई दिया, जो दर्शकों को सदैव याद रहेगा। फिल्म "चलती का नाम गाड़ी" उनके फिल्मी कैरियर की एक विशेष फिल्म रही, जिसमें उनके भाईयों अशोक कुमार और अनूप कुमार ने भी अभिनय किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशोर कुमार को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विलक्षण है रघुवीर यादव की प्रतिभा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवासी रघुवीर यादव विलक्षण प्रतिभा रखते हैं। वे वेब सीरिज 'पंचायत' में प्रधान की भूमिका से चर्चित हुए लेकिन इसके पहले पीपली लाइव के 'बुधिया', फिल्म लगान के 'भूरा' और उसके पहले "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" में 'मुंगेरीलाल' का किरदार निभाकर उन्होंने नाम कमाया है। उनका ठेठ ग्रामीण अंदाज माटी की सौन्धी खुशबू का अहसास करवाता है। अभिनेता रघुवीर यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए लोकप्रिय जिंगल "एमपी अजब है सबसे गजब है" के लिए भी आवाज दी हैं। उन्हें किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत कर मध्यप्रदेश सरकार स्वयं गौरवान्वित हो रही है। किशोर कुमार राष्ट्रीय अलंकरण समारोह में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, विधायक नारायण सिंह पटेल, विधायक श्रीमती छाया मोरे, महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पूर्व विधायक देवेन्द्र वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।h

हमीदिया अस्पताल में जल्द होगी रोबोटिक सर्जरी, विशेषज्ञों ने डॉक्टरों और विद्यार्थियों को दी ट्रेनिंग

भोपाल  गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) में रोबोटिक सर्जरी को लेकर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियों को आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक की जानकारी देना था। इस दौरान विशेषज्ञों ने रोबोटिक सर्जरी की कार्यप्रणाली और इसके व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया। साथ ही, आने वाले समय में हमीदिया अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद जताई गई। डीन डॉ. कविता एन. सिंह के नेतृत्व में हुआ आयोजन गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित इस सत्र का नेतृत्व डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने किया। इसमें सर्जरी और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पीजी विद्यार्थियों और चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने उन्हें रोबोटिक सर्जरी की तकनीक, काम करने के तरीके और प्रशिक्षण की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने समझी नई तकनीक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने रोबोटिक सर्जरी से जुड़ी तकनीकी बारीकियों को समझा। डॉ. अरविंद राय, डॉ. रामोले, डॉ. धीरज श्रीवास्तव, डॉ. सोना सोनी, डॉ. जूही और डॉ. पूर्वा सहित कई पीजी विद्यार्थियों ने इस तकनीक में रुचि दिखाई। क्या है रोबोटिक सर्जरी? रोबोटिक सर्जरी आधुनिक शल्य चिकित्सा की एक तकनीक है। इसमें विशेष उपकरणों और रोबोटिक प्रणाली की मदद से डॉक्टर ऑपरेशन करते हैं। इस तकनीक के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को सर्जरी के नए तरीकों से परिचित कराना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए तैयार करना है। हमीदिया अस्पताल में सुविधा शुरू होने की उम्मीद आयोजक दल ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय और हमीदिया अस्पताल के सहयोग की सराहना की। साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले समय में संस्थान में रोबोटिक सर्जरी प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि, इसकी शुरुआत की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा रोबोटिक सर्जरी प्रणाली उपलब्ध होने पर पीजी विद्यार्थियों और डॉक्टरों को आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक सीखने के नए अवसर मिल सकते हैं। इससे संस्थान में प्रशिक्षण और उन्नत सर्जरी सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस पहल को जीएमसी में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

युवा उत्सव में वाद-विवाद एवं रंगोली प्रतियोगिता हुई सम्पन्न

युवा उत्सव में वाद-विवाद एवं रंगोली प्रतियोगिता हुई सम्पन्न      (माधव महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नवरात्र में आकर्षक रंगोली बनाई ) ग्वालियर माधव महाविद्यालय में अंतर कक्षा युवा उत्सव के अंतर्गत सोमवार को रंगोली एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नई शिक्षा नीति 2020:कागजों में क्रांति या ज़मीनी बदलाव विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में आशु गुर्जर,गौरव राजौरिया, आदित्य जाट तथा अनुराग भारद्वाज ने नई शिक्षा नीति 2020 के जमीनी बदलाव पर तर्कपूर्ण विचार प्रस्तुत किये। विपक्ष में शुभांगी शर्मा,आयुषी खरे,गोविंद भदौरिया, महेंद्र शर्मा,राज गुप्ता,दर्शिल श्रीवास्तव, तनुष्का दीक्षित ने नई शिक्षा नीति 2020 की खामियों को  तर्कसंगत उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में  पक्ष में आदित्य जाट को तथा विपक्ष में दर्शील श्रीवास्तव को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ.नीलेन्द्र सिंह तोमर तथा डॉ.संतोष शर्मा उपस्थित रहे। रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नवरात्रि को,भारत की विकसित होती छवि को,योग के महत्व को दर्शाने के साथ ही सुंदर कल्पनाशीलता को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में महक धाकड़ ने प्रथम,निहासा जादौन ने द्वितीय,आयुषी खरे ने तृतीय तथा अनुराग भारद्वाज ने सांत्वना स्थान प्राप्त किया। सुमित प्रजापति की प्रस्तुति प्रशंसनीय रही। प्रतियोगिता का निर्णय डॉ. संजय पांडे,डॉ.सरिता दीक्षित ने किया। आयोजन में समिति के सभी सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Ladli Behna Yojana: नवरात्रि में महिलाओं को मिलेगी सौगात, आज खातों में आएगी 41वीं किस्त

उमरिया  मध्य प्रदेश की करीब सवा करोड़ महिलाओं के लिए वो गुड न्यूज आ गई है, जिसका उन्हें इंतजार था। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 41वीं किस्त की  तारीख सामने आई है। सीएम मोहन यादव इस बार उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम से आज 14 अक्टूबर को लाडली बहना योजना की अक्टूबर महीने की किस्त जारी करेंगे। उमरिया जिले से अन्य विकास कार्यों की सौगात देने के अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव लाडली बहनों के खाते मं 1500-1500 रुपये ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसे लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन अधिकारियों से जानकारी मिली है कि उमरिया जिले से कल यानी आज 14 अक्टूबर को लाडली बहना योजना की किस्त जारी करंगे । पिछले महीने लाडली बहना योजना की किस्त 13 तारीख को जारी हो गई थी। मगर इस बार मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के चलते इस कार्यक्रम में देरी हुई है। उमरिया में होने वाले भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाडली बहनों के साथ संवाद भी कर सकते हैं। ऐसे चेक करें स्टेटस लाडली बहना योजना की अगली किस्त जारी होने से पहले अगर आप स्टेटस चेक करना चाहते हैं ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि आपके खाते में पैसा आएगा या नहीं, तो ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ऐसा कर सकते हैं। स्टेटस चेक करने के लिए लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। यहां आपको 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करना है। अब अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी और ओटीपी से लॉगिन करें। आपके खाते की जानकारी खुल जाएगी। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत कर रही योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक प्रभावी भागीदारी निभा सकें। योजना के अंतर्गत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। सहायता राशि आधार से जुड़े डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है। जून 2023 से अब तक 40 किस्तों का नियमित अंतरण योजना के अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। सितंबर 2026 तक नियमित रूप से 40 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब 14 अक्टूबर को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 136 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 8,731.55 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। इन विकास कार्यों में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कार्य भी शामिल हैं। बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 5,906.99 लाख रुपये की लागत के 18 कार्यों का लोकार्पण तथा 3,225.22 लाख रुपये की लागत के 46 कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। वहीं, मानपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,824.56 लाख रुपये की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण तथा 2,459.16 लाख रुपये की लागत के 22 कार्यों का भूमि-पूजन होगा। अम‍ित कुमार  

सिंधिया के न्योते पर ग्वालियर पहुंचेंगे अमित शाह, मध्य प्रदेश को मिलेगी करोड़ों की सौगात

ग्वालियर   29 अक्टूबर का दिन ग्वालियर और मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आने वाली है. देश के गृहमंत्री अमित शाह ग्वालियर आने वाले हैं और वे यहां एशिया के सबसे बड़े और ग्वालियर में प्रस्तावित टेलकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन करेंगे. अमित शाह का ये 26 दिनों में मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा होगा, इससे पहले वे 3 अक्टूबर को भोपाल आए थे।  ग्वालियर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन हाल ही में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से ग्वालियर में एशिया का सबसे बड़ा टेलकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की सौगात मिली थी. ये देश के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है. इस उद्योगिक प्रोजेक्ट के ज़रिए टेलीकॉम क्षेत्र में ग्वालियर के लिए रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे. 5500 करोड़ रु के निवेश वाली इस परियोजना का ग्वालियर के साडा क्षेत्र में भूमिपूजन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा प्रस्तावित है. हालांकि, पहले ये दौरा 12 अक्टूबर का माना जा रहा था लेकिन तारीखों में बदलाव हुआ है।  अमित शाह ने सिंधिया का आमंत्रण स्वीकारा प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया, '' केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के टेलकॉम मैनुफैक्चरिंग जोन के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया था, जिस पर उन्होंने 29 अक्टूबर के लिए हामी भरी है. वे तय तारीख पर ग्वालियर दौरे पर रहेंगे और क्षेत्र को बड़ी सौगात देंगे।  'हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार' ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा, ''29 अक्टूबर को इस कार्यक्रम में 24 कंपनियों की इकाइयों का भूमिपूजन होगा और इन इकाइयों से करीब 10 हज़ार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. इस टेलीकॉम मैनुफैक्चरिंग जोन का मुख्य फोकस ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडर और 5जी-6जी तकनीक से जुड़े उपकरणों के निर्माण रिसर्च सुर इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा।  'फिर बदलेगी ग्वालियर में उद्योग की तस्वीर' ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि, ये टेलीकॉम मैन्युफ़ैक्चरिंग जोन ग्वालियर क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनेगा और जो ग्वालियर उद्योग विहीन हो गया था, वहां एक बार फिर रोजगार का सृजन होगा।