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विभागों ने नियमों में संशोधन शुरू, संविदा कर्मियों के लिए बढ़े अवसर

भोपाल मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक संविदा कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत कोटा देने की मांग धीरे-धीरे ही सही मगर पूरी होने जा रही है। इसके लिए सभी विभागों के सेवा भर्ती नियम में संशोधन करके उक्त प्रविधान किया जा रहा है। यानी अब इनमें सीधी भर्ती के रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत संविदा कर्मियों से भरे जाएंगे। वर्ष 2023 की संविदा नीति और कार्यान्वयन में देरी यह प्रविधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन नहीं किया। अब नियम संशोधित कर लागू किए जा रहे हैं। संविदा नीति में संशोधन वर्ष 2023 में किया गया। इसमें ही यह प्रविधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था। विधानसभा चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके कारण मामला टलता गया और कर्मचारियों में रोष बढ़ता गया।  

संत और सनातन संस्कृति ही समाज को दिखाते हैं सही दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी देवस्थान की प्राण प्रतिष्ठा और संतों का सान्निध्य कई जन्मों के पुण्य के बाद ही प्राप्त होता है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमर धरोहर बताते हुए कहा कि ईश्वर संतों के माध्यम से ही समाज को मार्ग भटकने से बचाते हैं। उन्होंने जैन धर्म के "जियो और जीने दो" के मूल मंत्र और अहिंसा के मार्ग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सिखाती है कि जीवन का प्रत्येक क्षण और व्यवस्था का प्रत्येक कण लोक-कल्याण के लिए सदुपयोग में आना चाहिए। मानवता और जीव मात्र के प्रति करुणा भाव रखना ही हमारी संस्कृति का आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में जैन समाज के 'प्रतिष्ठा महोत्सव' एवं 'लाभार्थी बहुमान समारोह' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री द्वारा गच्छाधिपति आचार्यदेव मद्विजय हितेश्चन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहिब का भावपूर्ण पूजन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहनखेड़ा तीर्थ से अपने आत्मीय और गहरे जुड़ाव को भी साझा किया। उन्होंने रोचक ढंग से उल्लेख किया कि आचार्य  ने इस पावन तीर्थ का नाम उनके नाम (मोहन) पर ही रखा है, जो उनके लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत आनंद और गौरव का विषय है। उन्होंने मोहनखेड़ा तीर्थ को न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए श्रद्धा एवं आस्था का एक प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार होता है। मुख्यमंत्री ने सफल आयोजन के लिए समस्त ट्रस्टी परिवार और आयोजन समितियों को बधाई दी और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी। आचार्य  हितेश्चन्द्रसूरीश्वरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सरल स्वभाव और धर्म के प्रति उनकी अटूट निष्ठा की प्रशंसा की। आचार्य  ने कहा कि जब शासन और साधना का समन्वय होता है, तभी राष्ट्र उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस प्रकार वे जनसेवा के कार्यों में संलग्न हैं, उसी प्रकार धर्म और संस्कृति के संरक्षण में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण है। आचार्य  ने प्रतिष्ठा महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे आयोजन आत्मा की शुद्धि और समाज में सद्भावना बढ़ाने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर अडिग रहने और जीव मात्र के प्रति करुणा भाव रखने की प्रेरणा दी।    

राज्यमंत्री गौर ने ढाई लाख और दो लाख लीटर की क्षमता वाली टंकियों का किया भूमिपूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने रविवार को गोविंदपुरा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2 पानी की टंकियों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री  गौर की इस पहल से मिसरोद स्थित फॉर्च्यून डिवाइन सिटी के पास 2.5 लाख लीटर क्षमता तथा प्रताप नगर, बरखेड़ा पठानी के पास 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकियों की स्थापना होगी। 2 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से इन टंकियों का निर्माण कार्य किया जाएगा। राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना हमारी संस्कृति में पुण्य का कार्य माना गया है और इसी भावना के साथ क्षेत्र के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई पानी की टंकियों का निर्माण आवश्यक हो गया था। अमृत फेस-2 योजना के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 18 टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में जल संकट की समस्या से राहत मिलेगी। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य 18 माह के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी और आगे भी नागरिकों को ऐसी महत्वपूर्ण सौगातें मिलती रहेंगी। कार्यक्रम में  मोनिका ठाकुर, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री भागीरथ पाटीदार, श्री नीरज सिंह, श्री प्रताप सिंह बेस,  सरिता सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।  

आईपीएस अधिकारियों के तबादले से पुलिस महकमे में हलचल, अब मुख्यालय में करेंगे कार्य

 भोपाल  प्रदेश सरकार ने शनिवार रात डेढ़ बजे एक साथ 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इसमें चार माह पहले जनवरी 2026 में उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत होने के बाद भी एसपी बने रहे सात पुलिस अधीक्षकों को मुख्यालय में बैठा दिया। वहीं, पांच पुलिस अधीक्षकों को उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोबारा जिलों की कमान सौंपी गई है। पदोन्नत अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल सिंगरौली में बैंक डकैती के बाद मनीष खत्री को हटाया गया तो गुरुकरण सिंह ने आठ माह में ही वापसी की है। उन्हें रीवा जैसे महत्वपूर्ण जिले में पदस्थ किया है। 2020 बैच के अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए उन्हें कप्तानी दी गई है। आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची बहुप्रतीक्षित थी। इसका कारण यह था कि जनवरी में दस अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था लेकिन इनकी पदस्थापना में परिवर्तन नहीं किया गया। इनमें सात पुलिस अधीक्षक थे। इनके स्थान पर दूसरे अधिकारियों को पदस्थ करने का प्रस्ताव दो-तीन बार बना लेकिन किसी न किसी कारण से मामला टल रहा था। मुख्यमंत्री की बैठक और कड़ा निर्णय शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और 'एक बार में ही घर भर के बदल डालूंगा' की तर्ज पर तबादले करने का निर्णय लिया गया। इसमें उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए खंडवा के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रेडियो रियाज इकबाल, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढ़ा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, पुलिस अधीक्षक भिंड असित यादव, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक रीवा शैलेंद्र सिंह चौहान, उपायुक्त इंदौर कुमार प्रतीक, पुलिस अधीक्षक झाबुआ शिवदयाल और पुलिस अधीक्षक धार मयंक अवस्थी शामिल हैं। मुख्यालय में पदस्थापना और नए कप्तानों की नियुक्ति इनमें अधिकतर को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया है। मयंक को इंदौर तो शैलेंद्र चौहान को भोपाल में पदस्थ किया है। वहीं, 17 अप्रैल 2026 को बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई डकैती पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री पर भारी पड़ी। उन्हें पुलिस मुख्यालय में बैठाया गया है। उधर, चार माह पहले आईपीएस संवर्ग में आए आशीष खरे को डिंडौरी, विक्रांत मुराब अनूपपुर, सुरेंद्र कुमार जैन मऊगंज और राजेश रघुवंशी को मंडला का पुलिस अधीक्षक बनाया है। 2020 बैच के मयूर खंडेलवाल को दतिया, सोनाक्षी सक्सेना सीहोर, आनंद कलादगी सिंगरौली और कृष्ण लालचंदानी को सिवनी की कमान सौंपी है। यह भी पढ़ें- इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर: किसान बनेंगे करोड़पति, सरकार लौटाएगी 60% विकसित भूखंड, सीएम ने किया पहले चरण का शिलान्यास इन पुलिस अधीक्षकों पर फिर जताया भरोसा     सूरज कुमार वर्मा: दतिया से भिंड     यांगचेन डोलकर भुटिया: इंदौर देहात से शिवपुरी     रजत सकलेचा: मंडला से छतरपुर     अगम जैन: छतरपुर से खंडवा     देवेंद्र कुमार पाटीदार: बुरहानपुर से झाबुआ     दिलीप कुमार सोनी: मऊगंज से आगर मालवा  

प्रदेश के 20 हजार से अधिक पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभागीय योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे। मेला ग्राउंड ग्वालियर में होने वाले सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल भी उपस्थित रहेंगे। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने और दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ग्वालियर जिले में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मैत्री कार्यकर्ता, पशुपालक, क्षीरधारा ग्रामों के सरपंच और सहकारी दुग्ध समिति के सदस्य करेंगे अनुभव साझा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब 20 हजार पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, लाभान्वित हितग्राही, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालक शामिल होंगे। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देने और सहकारिता के माध्यम से पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही मैत्री कार्यकर्ता, उदाहरणीय पशुपालक और क्षीरधारा ग्रामों के सरपंच सहित सहकारी दुग्ध समिति के सदस्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा दुग्ध उत्पादन और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।  

70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में कुदरत के दो अलग–अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने नागरिकों को बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश और कड़कती बिजली मानसून जैसा अहसास करा रही है। राजधानी भोपाल में धूप–छांव के साथ गर्मी का सितम जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक सागर में 8.0 एमएम, दमोह में 6.0 एमएम और श्योपुर में 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं सुबह साढ़े आठ बजे तक नर्मदापुरम में सर्वाधिक 16.2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। जबलपुर, उमरिया, गुना और रायसेन जैसे शहरों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरीं, जिससे वातावरण में नमी घुल गई है। गर्मी का भी सितम जारी बारिश के बावजूद सूर्य देव के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। रायसेन 44.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पारा 37 से 44 डिग्री के बीच झूल रहा है, जबकि पूर्वी हिस्सों में यह 38 से 41.2 डिग्री तक है। क्यों बदला मौसम? मौसम विज्ञानी ने बताया कि वर्तमान में पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही पंजाब से नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो हरियाणा, बिहार और झारखंड होते हुए जा रही है। इसी सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। सावधान: इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह में तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर, इंदौर संभाग के कई जिलों सहित कुल 33 जिलों में गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम न्यूनतम भोपाल 40.4 22.4 इंदौर 39.7 25.7 ग्वालियर 39.6 24.9 जबलपुर 39.2 20.8  

उज्जैन एवं इंदौर में 1 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की शराब, बियर व वाहन जप्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उज्जैन एवं इंदौर में दो अलग-अलग कार्रवाईयों में लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, बीयर एवं वाहन जप्त किए हैं। उज्जैन जिले के नानाखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत निनोरा टोल प्लाजा के पास पुलिस ने घेराबंदी कर एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें 900 पेटी (21,600 केन) कुल 10,800 बल्क लीटर अवैध बीयर परिवहन की जा रही थी। जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये है, तथा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक (कीमत लगभग 55 लाख रूपये ) को जप्त किया । इस प्रकार लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। इंदौर जिले में वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 43 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रूपये है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अवैध शराब, मादक पदार्थ एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा – इन्दौर को सेंट्रल ग्रोथ हब बनायेगा यह कॉरिडोर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास एक क्रमिक प्रक्रिया है। प्रदेश में अधिकाधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के जरिए उत्पादन गतिविधियों का विस्तार और निर्यात वृद्धि हमारा प्रमुख लक्ष्य है। हम उद्योग-धंधों को बढ़ावा देकर प्रदेश के औद्योगिक विकास लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश की प्रगति का नया अध्याय है। यह कॉरिडोर सच्चे अर्थों में नये मध्यप्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा के किसान हमेशा कमाल करते हैं। प्रदेश के विकास में विशेषकर मालवा क्षेत्र के किसानों का सहयोग और समर्पण अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर जिले में ग्राम नैनोद में इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 2360 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण के कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर यहां की नई संभावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का गेट-वे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक प्रक्षेत्र सहित पूरे मालवांचल के विकास को नई गति देगा। साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उत्पादन लागत में कमी आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण में सड़क, परिवहन और औद्योगिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इस कॉरिडोर से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक आकर्षक गंतव्य बनाएगा तथा बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक अधोसंरचनाओं से लैस यह क्षेत्र जल्द ही देश के प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी पहचान बनायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 2360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह कॉरिडोर प्रोजेक्ट प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। करीब 20 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर इंदौर की व्यावसायिक क्षमता और पीथमपुर के औद्योगिक सामर्थ्य के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी और मार्केट में तेजी आएगी। इस परियोजना से 5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और 1 लाख अप्रत्यक्ष, रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना में किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए 60 प्रतिशत विकसित भूमि वापस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे अब वे विकास प्रक्रिया में भागीदार भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यदि हमारा मध्यप्रदेश उद्योगों के उजालों से रौशन हो रहा है, तो इसमें किसानों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीनें सरकार को दीं। हमने किसानों की बात सुनी। उनका समर्थन पाया और उन्हें इस कॉरिडोर के निर्माण में भागीदार भी बनाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर निर्माण में करीब 650 करोड़ रुपये के विकसित प्लॉट किसानों को दिए गए। इससे वे भी विकास के इस महायज्ञ में भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों की सरकार है। किसानों को कोई भी कष्ट नहीं आने देंगे। अब हम किसानों को चार गुना मुआवजा देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों द्वारा पैदा किए गए गेहूं का दाना-दाना खरीदेंगे। इस उपार्जन सत्र में 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली प्रदाय के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम किसानों को दिन में ही बिजली देने की व्यवस्था कर रहे हैं। इससे उन्हें खेतों में रतजगा नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ में बीते सभी सिंहस्थों के रिकॉर्ड टूटेंगे। हम ऐसी सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में बनने वाली सड़कों से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन एवं अन्य प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा कॉरिडोर है, जिससे किसान, ग्रामीण, युवा, उद्योगपति, उद्यमी, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता सभी को लाभ होगा। यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास का नया रिकार्ड कायम करेगा। मुख्यमंत्री का किसानों ने किया अभिनंदन, जताया आभार कार्यक्रम के दौरान 60 प्रतिशत विकसित भूमि किसानों को वापस देने तथा किसानों को चार गुना मुआवजा देने के राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णय के लिए क्षेत्रीय किसानों, ग्रामीणों और सरपंचों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा पहनाकर एवं बड़ी गजमाला से आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृषि देवता भगवान बलराम का चित्र एवं पवित्र हल भेंटकर आभार जताया। इस अवसर पर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन को इस कॉरिडोर में भूमि देने के लिए अपना सहमति पत्र प्रदान किया। इसी दौरान किसानों को कॉरिडोर में विकसित भूखंडों के अलॉटमेंट लेटर भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1700 किमी लंबे 6 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी है। प्रदेश में 3 हजार 368 किमी लंबे 6 बड़े एक्सप्रेस-वे, प्रगति पथ और 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क 1 लाख 46 हजार 200 किमी से अधिक हो चुका है। आज हमारे यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क उपलब्ध है। मध्यप्रदेश भी इस मामले में पीछे नहीं है। प्रदेश में दिन-प्रतिदिन नए-नए राजमार्गों की मंजूरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर्स बनाए जा रहे हैं। आने वाले तीन सालों में मध्यप्रदेश में 6 बड़े एक्सप्रेस-वे और प्रगति पथ विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ शामिल हैं। विकास को मिलेगी नई गति, किसान बनेंगे समृद्ध और युवाओं को मिलेगा रोजगार : मंत्री  विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना देश की सर्वश्रेष्ठ योजनाओं में शामिल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष प्रयासों से आकार ले रही यह परियोजना प्रदेश के विकास का मजबूत आधार बनेगी। यह कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और … Read more

मिशन दृष्टि का प्रक्षेपण, अंतरिक्ष यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के पहले और भारत में निर्मित सबसे बड़े निजी ऑप्टोसार उपग्रह 'मिशन दृष्टि' के सफल प्रक्षेपण पर गैलेक्सआई के संस्थापकों और पूरी युवा टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन दृष्टि अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को विज्ञान सहित हर क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया है। देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने का ही परिणाम है कि अंतरिक्ष सहित हर क्षेत्र में युवाओं के निरंतर नवाचार जारी हैं। उल्लेखनीय है कि बैंगलुरु के अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सआई ने रविवार, 3 मई 2026 को दुनिया का पहला ऑप्टोसार सैटेलाइट 'मिशन दृष्टि' का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित सबसे बड़ा 190 किलोग्राम उपग्रह है। यह उपग्रह स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए कैलिफोर्निया से प्रक्षेपित किया गया।  

नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मानव तस्करी, बाल अपराधों एवं बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त के विरुद्ध सतत, संवेदनशील एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में श्योपुर पुलिस ने एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला आरोपी की तलाश जारी है। यह प्रकरण तब सामने आया जब 18 अप्रैल को थाना मानपुर क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-552 पर सोईकलां के समीप दांतरदा बैरियर के पास लगभग 2 वर्षीय एक मासूम बालिका लावारिस अवस्था में मिली। बालिका के अकेले मिलने तथा परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए गहन जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका व्यक्त की गई कि बालिका को जानबूझकर छोड़ दिया गया है । श्योपुर पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्य, वाहन मूवमेंट, स्थानीय सूचनाओं एवं डिजिटल विश्लेषण के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। विवेचना के दौरान सामने आया कि उक्त बालिका को वर्ष 2024 में जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी जैविक मां से अलग कर अवैध रूप से विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से दूसरे लोगों तक पहुंचाया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नवजात बालिका को मनीषा (धार) एवं हेमलता (खरगोन) के माध्यम से इंदौर में ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन तक पहुंचाया गया। तत्पश्चात नीता जैन एवं उसके पति वैभव जैन द्वारा राजगढ़ निवासी आकाश एवं उसकी पत्नी कृतिका को 1 लाख रुपए में बालिका को सौंप दिया गया। इसके बाद लगभग दो वर्ष तक बालिका उनके पास रही। बाद में वही दंपती बालिका को लेकर श्योपुर क्षेत्र में सुनसान स्थान पर छोड़कर चले गए। पुलिस द्वारा सघन पूछताछ, डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड एवं विभिन्न जिलों में समन्वित कार्रवाई के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया। तत्पश्चात दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में बालिका को प्राप्त करने वाला दंपती, सौदे में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य शामिल हैं। एक महिला आरोपी, जिस पर बालिका को उसकी मां से अलग कराने एवं प्रारंभिक संपर्क स्थापित करने का संदेह है, वर्तमान में फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु विशेष टीमें लगातार प्रयासरत हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा बालिका की वास्तविक पहचान स्थापित करने के लिए डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बालिका को किन परिस्थितियों में जन्म के तुरंत बाद मां से अलग किया गया। इस संबंध में नवंबर 2024 के आसपास के डिलीवरी रिकॉर्ड, जन्म रजिस्टर एवं डिस्चार्ज एंट्री भी खंगाली जा रही हैं। पुलिस विभिन्न अस्पतालों, निजी क्लीनिकों एवं संबंधित अभिलेखों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान माध्यमों, मोबाइल चैट एवं कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था तथा उनके द्वारा पहले भी ऐसे मामलों को अंजाम दिया गया है। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के माध्यम से मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त, संदिग्ध दत्तक प्रक्रिया, अस्पतालों अथवा क्लीनिकों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों तथा मानव तस्करी संबंधी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। नागरिकों की सतर्कता ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश पुलिस मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।