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अंडर-17 कुश्ती में मध्यप्रदेश का जलवा, युवा पहलवानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

अंडर-17 कुश्ती में छाया मध्यप्रदेश,युवा पहलवानों ने बढ़ाया प्रदेश का मान सब-जूनियर राज्य कुश्ती चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, कई स्वर्ण पदक किए अपने नाम भोपाल  12–13 अप्रैल को सागर (मध्यप्रदेश) में आयोजित अंडर-17 सब-जूनियर राज्य कुश्ती चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के युवा पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन वर्ग में बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दमदार तकनीक, फिटनेस और अनुशासन का परिचय देते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक हासिल किए। स्वर्णिम जीत के सितारे मुकाबलों में गगन ग्वाला (-51 किग्रा), वेदाग्य जोशी (-80 किग्रा), भूमि खत्री (-43 किग्रा), निशा माली (-61 किग्रा) और अनुष्का बोरासी (-65 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता के साथ हर चुनौती को पार किया। रजत में भी दमदार प्रदर्शन यशाश्वी भाटी (-53 किग्रा) ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार मुकाबले लड़े और रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कांस्य पदकों की मजबूत मौजूदगी घेना मोदी (-46 किग्रा), प्राची कमारिया (-53 किग्रा), अंशु पटेल (-61 किग्रा), आलोक प्रजापति (-55 किग्रा) और रोहित तोमर (-48 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत किया। जज्बा, जुनून और जीत का संगम पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने जिस ऊर्जा, रणनीति और खेल भावना का प्रदर्शन किया, वह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश में कुश्ती का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। हर मुकाबला संघर्ष, साहस और जीत की कहानी कहता नजर आया। खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और राज्य में विकसित हो रही खेल संरचना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश में कुश्ती को मिल रही नई पहचान लगातार मिल रही इन सफलताओं से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में कुश्ती खेल तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाएं, अकादमियों का सहयोग और प्रतियोगिताओं में बढ़ती भागीदारी खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित हो रही हैं। प्रशिक्षण और मेहनत बनी सफलता की कुंजी राज्य की खेल अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, फिटनेस और अनुभवी कोचिंग का लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। 

शहरी निकायों के विकास के लिए आज से दो दिवसीय कार्यशाला, मंत्री विजयवर्गीय करेंगे शुभारंभ

भोपाल प्रदेश के शहरी निकायों के विकास की गति को तेज करना और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 16 अप्रैल, गुरुवार को भौरी स्थित सुंदरलाल पटवा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन मैनेजमेंट (SPNIUM) में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य नगरीय निकायों में राजस्व संवर्धन, शहरी सुधारों और सतत् वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श करना है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे कार्यशाला में विभागीय सुधारों पर अपना मार्गदर्शन  प्रदान करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 और 17 अप्रैल को आयोजित होने वाली कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ, अनुभवी अधिकारी और शहरी नियोजन के जानकार अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे। यह आयोजन प्रदेश के नगरीय निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरी सुधार से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग (लैंड मोनेटाइजेशन), शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) के पुन: उपयोग की संभावनाओं, संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण में सुधार और लीज रेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, कार्यप्रणाली में आधुनिकता और पारदर्शिता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित टूल्स, जैसे यूसीएफ, एईबीएएस और स्पैरो के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम और उत्तरदायी बनाया जा सके। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विभिन्न नगर निकायों द्वारा सफलतापूर्वक अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का आदान-प्रदान होगा। इसके माध्यम से अन्य निकायों को सफल आर्थिक और प्रशासनिक मॉडलों को समझने और उन्हें अपने स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि शहरी विकास की परियोजनाओं को भी नई ऊर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के उन सभी नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है। इसके साथ ही, विभाग के नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को भी इस आयोजन का हिस्सा बनाया गया है, ताकि वे अपने सेवा काल के शुरुआती दौर में ही शहरी प्रबंधन की आधुनिक बारीकियों और वित्तीय अनुशासन से परिचित हो सकें। यह कार्यशाला प्रदेश के शहरी नियोजन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगी।  

अपेक्स बैंक के एमडी मनोज गुप्ता ने पैक्स से किसानों को जोड़ने का अभियान शुरू किया

अपेक्स बैंक के एमडी मनोज गुप्ता ने पैक्स से किसानों को जोड़ने का अभियान शुरू किया भोपाल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देशो के परिपालन में मा.सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के 10 लाख किसानों को प्रदेश की पैक्स से जोड़ने के सदस्यता महाअभियान की शुरूआत अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने उज्जैन जिले की नरवर तहसील के किसानों को सदस्य बनाकर की । उल्लेखनीय है कि प्रदेश की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियां (बी-पैक्स) राज्य की ग्रामीण सहकारी तंत्र की आधारशिला हैं, जो किसानों को ऋण, कृषि आदान, भण्डारण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सेवायें उपलब्ध कराती हैं। वर्तमान में राज्य में अनेक पात्र किसान अभी भी पैक्स के सदस्य नहीं हैं, जिसके कारण वे संस्थागत ऋण एवं अन्य सहकारी सुविधाओं का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, इसी परिप्रेक्ष्य में 4534 पैक्स के कार्यक्षेत्र में निवासरत सभी गैर सदस्य किसानों को प्राथमिकता के आधार पर सदस्य बनाने के लिये अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने उज्जैन जिले की नरवर तहसील में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों को सदस्य बनाकर सदस्यता महाभियान की शुरूआत की । प्रदेश के भूमिधारी किसान विभागीय पोर्टल  http://icmis.mp.gov.in/RCSWEB/public पर जाकर आवेदन कर सहकारी परिवार का हिस्सा बन सकते हैं ।

हिमांशी ने नरेला का नाम किया रोशन, मंत्री सारंग ने घर पहुंचकर बढ़ाया हौसला

नरेला की बेटी हिमांशी ने रचा इतिहास, मंत्री सारंग ने घर पहुंचकर बढ़ाया हौसला : लैपटॉप देने का किया वादा भोपाल नरेला विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा हिमांशी धाकड़ ने एमपी बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 99.4% अंक अर्जित कर प्रदेश में तृतीय एवं भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग स्वयं उनके निवास, ऐशबाग पहुँचे और बेटी को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हिमांशी की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे नरेला और भोपाल के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और हिमांशी जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री श्री सारंग ने हिमांशी को प्रोत्साहित करते हुए एक लैपटॉप भेंट करने का वादा किया, जिससे वह अपनी आगे की पढ़ाई को और बेहतर तरीके से जारी रख सके। साथ ही, जब हिमांशी ने अपने यूपीएससी की तैयारी करने के लक्ष्य के बारे में बताया, तो मंत्री श्री सारंग ने उसे हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। हिमांशी धाकड़, जो कि ब्रिलियंट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं, ने अपनी इस सफलता से यह सिद्ध कर दिया है कि लगन और परिश्रम के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हिमांशी का यह प्रेरणादायक सफर प्रदेश की लाखों बेटियों के लिए एक मार्गदर्शन है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह इसी प्रकार निरंतर मेहनत करती रहेंगी और भविष्य में देश-प्रदेश का नाम और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। इस अवसर पर परिजन एवं स्थानीय नागरिकों ने भी मंत्री जी का स्वागत किया और हिमांशी की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।  

गांव की बेटियां अब दोबारा कर सकेंगी आवेदन, प्रतिभा किरण योजना का लाभ मिलेगा

गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लाभ से वंचित बेटियां अब दोबारा कर सकेंगी आवेदन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर करना होगा आवेदन, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के निर्देश पर, उच्च शिक्षा विभाग ने गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल दोबारा खोले जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ज्ञातव्य है कि उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ पाने से किसी कारणवश वंचित रह गई बेटियों को, उक्त योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग को निर्देशित किया था। मंत्री परमार के निर्देशों के अनुपालन में, उच्च शिक्षा विभाग ने गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पुनः खोला है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ पाने से वंचित रह गई बेटियां, अब स्कॉलशिप पाने के लिए दोबारा आवेदन कर सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उक्त दोनों योजनाओं का लाभ पाने से वंचित छात्राएं, छात्रवृत्ति के लिए दोबारा आवेदन कर सकेंगी। छात्राओं को गांव की बेटी योजना एवं प्रतिभा किरण योजना के नवीन एवं नवीनीकरण के लिए, स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर आवेदन करना होगा। पोर्टल पर आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की बेटियों को बेहतर उच्च शिक्षा मिले, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना चलाई जा रही है। गांव की बेटी योजना से ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालयों एवं प्रतिभा किरण योजना से शहरी क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। विभाग का उद्देश्य, अधिक से अधिक छात्राओं को योजनाओं का लाभ दिलाना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।  

राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल पटेल का संदेश, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव

राज्य स्थापना दिवस समारोह, विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन में "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के तहत हुआ आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि राज्यों का स्थापना दिवस कार्यक्रम, भारत की विविधता में एकता की शक्ति का उत्सव है। यह एक दूसरे की कला, संस्कृति, इतिहास और विकास से परिचय कराता है। सभी में आपसी सदभाव, प्रेम और भाईचारा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि आयोजन, देश की विभिन्नता में एकता की शक्ति को पहचानने और भावी पीढ़ी को परिचित कराने का भी माध्यम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह केवल तिथियों का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव भी है, जो हमें अपनी विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोक भवन में राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। लोक भवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहनीय पहल है। यह विकसित भारत निर्माण की संकल्पना को साकार करने सभी राज्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। राज्यपाल पटेल ने तीनों राज्यों के प्रतिनिधियों से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में योगदान देने का आव्हान भी किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और महापुरूषों का किया स्मरण राज्यपाल पटेल ने राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में तीनों राज्यों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महापुरूषों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में राजस्थान के बालमुकुंद बिस्सा, अर्जुन लाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ, विजय सिंह पथिक, जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री, सागरमल गोपा और माणिक्य लाल वर्मा जैसे सेनानियों का योगदान अमूल्य है। आजादी के संघर्ष में उड़ीसा के लक्ष्मण नाइक, मालती चौधरी, जमुनीबती पट्टनायक, सुरेंद्र साई और अटल बिहारी आचार्य का अदम्य साहस, देशभक्ति का प्रदर्शन राष्ट्र भक्तों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। हिमाचल प्रदेश में राम सिंह पठानिया ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका। कांशीराम, जिन्हें “पहाड़ी गाँधी” कहा जाता है, ने जनजागरण और संघर्ष के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। इसी प्रकार डॉ. वाई. एस. परमार, पदम देव, शिवानन्द रमौला, पूर्णानंद, सत्यदेव, सदाराम चंदेल, दौलत राम तथा ठाकुर हजारा सिंह का संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक है। राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से महान सेनानियों के त्याग, साहस और समर्पण से प्रेरणा लेने, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने की अपील भी की। तीनों राज्यों की कला और संस्कृति अद्भुत राज्यपाल पटेल ने कहा कि राजस्थान की भक्ति परंपरा, मीरा के भजन, भव्य किले, लोक कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प, थार मरुस्थल और विभिन्न विश्व धरोहर स्थल भारत की वैश्विक पहचान है। भारत की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत में भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा और कोणार्क का सूर्य मंदिर हमारी सांस्कृतिक गरिमा के प्रतीक हैं। देवभूमि के रूप में प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ पर्यावरण, धार्मिक आस्थाएं और पौराणिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर राष्ट्रीय पहचान को गौरवान्वित करती हैं। सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत हमारा लक्ष्य राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताएँ भले ही भिन्न हों लेकिन हमारा लक्ष्य सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओडिशा के खनिज संसाधन और औद्योगिक विकास, राजस्थान की नव-करणीय ऊर्जा, पर्यटन विकास तथा हिमाचल प्रदेश के पर्यावरणीय संरक्षण के समन्वित प्रयासों से ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण संभव होगा। तीनों राज्यों की लोक, शास्त्रीय और संस्कृति की दिखी झलक राज्यपाल पटेल के समक्ष राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश राज्य की लोक संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां दी गई। उन्होंने सभी आर्कषक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने समारोह की सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महिला और बेटियों की संपूर्ण सहभागिता को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया। समारोह में राजस्थान सांस्कृतिक समाज की ओर से घूमर और कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया गया। राजस्थान राज्य के इतिहास और कला संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। ओडिशा राज्य के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभम्पति का संदेश और राज्य की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य ओडिसी और उत्कल समाज की ओर से भगवान जगन्नाथ की स्तुति नृत्य हुआ। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता का लघु संदेश और लोक भवन हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिकता पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। हिमाचल समाज जनसेवा समिति की ओर से राज्य की लोक, कला और भक्ति आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल पटेल का राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के मध्यप्रदेश में निवासरत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक स्वागत किया। राज्यपाल पटेल को राजस्थानी पगड़ी, ओडिशा हस्तशिल्प, हिमाचली टोपी और फलों की टोकरी भेंट की गई। संयुक्त समारोह में पूर्व डी.जी.पी संतोष कुमार रावत, रमेश अग्रवाल, पुरूषोत्तम, तीनों राज्यों के प्रदेश में निवासरत नागरिक और लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

नई व्यवस्था से बदलेंगे गाड़ी नंबर के नियम, ‘लकी नंबर’ पर नहीं होगा कोई असर

इंदौर   अब गाड़ी बदलने पर अपना पसंदीदा या लकी नंबर खोने की चिंता खत्म होने वाली है। परिवहन विभाग ऐसी नई व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा नियमों में तो है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और कागजी झंझट के कारण कम ही लोग इसका फायदा उठा पाते हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब तय शुल्क देकर वाहन मालिक अपने नंबर को सुरक्षित रख सकेंगे और बाद में नई गाड़ी पर उसी नंबर को फिर से हासिल कर पाएंगे। विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। अभी नई गाड़ी, नया नंबर अभी की स्थिति में यदि कोई व्यक्ति अपना पुराना नंबर नई गाड़ी पर लेना चाहता है, तो उसे पहले पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराना होता है और फिर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग नया नंबर ही स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में वाहन बेचने या स्क्रैप कराने के बाद आरटीओ में आवेदन देकर नंबर सुरक्षित रखा जा सकेगा। नई गाड़ी खरीदने के बाद यदि वही नंबर फिर से लेना है तो निर्धारित शुल्क चुकाकर इसे अलॉट कराया जा सकेगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति उस नंबर को स्थायी रूप से अपने नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। वीआइपी नंबर वालों को फायदा इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो वीआइपी, फैंसी या लकी नंबर के शौकीन हैं। कई लोग अपने वाहन नंबर को स्टेटस सिंबल की तरह देखते हैं, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए खास साबित होगी। इसके लिए वह नीलामी में हजारों रुपए खर्च भी कर देते हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। अंतिम नियम और शर्तें नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी, लेकिन इतना तय है कि लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए नंबर ट्रांसफर की राह काफी आसान हो जाएगी। ड्राइविंग लाइसेंस के फिजिकल कार्ड बनना बंद ! ग्वालियर में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। वर्ष 2024 में स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका समाप्त होने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन (आरसी) के फिजिकल कार्ड बनना बंद हो गए हैं। इसके बावजूद विभाग आवेदकों से कार्ड के नाम पर शुल्क वसूल रहा है और डिजिटल कार्ड बनाकर दे रहा है। जानकारी के अनुसार, ठेका समाप्त होने के बाद अब तक नई कंपनी के साथ अनुबंध नहीं हो सका है। ऐसे में परिवहन विभाग डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी जारी कर रहा है, जिन्हें मोबाइल एप या प्रिंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल पर दी कु. प्रतिभा सिंह को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा प्रदेश में हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम पन्ना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह को वीडियो कॉल के माध्यम से बधाई और शाबासी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा के परिजन से भी बातचीत की। पन्ना जिले में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ कु. प्रतिभा के पिता श्री भारतेंदु सिंह सोलंकी को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बधाई दी। कु. प्रतिभा की माता शिक्षिका हैं। प्रतिभा ने यह उपलब्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बातचीत में कु. प्रतिभा ने बताया कि वो प्रतिदिन सात आठ घटे अध्ययन किया करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. प्रतिभा ने यह भी बताया कि उसकी इच्छा प्रशासनिक सेवाओं में जाने की है। वो अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा को स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर निरंतर सफलताएं प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।  

पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार

भोपाल  थाना अयोध्या नगर,जोन-02 पुलिस की गांजा तस्करों पर बड़ी कार्यवाही, 02 युवती सहित  03 आरोपियो को 6.285 किलोग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार – आरोपियों से 6.285 किलों गांजा और मोटर सायकिल सहित कुल 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त जप्त । – उडिसा से लाकर भोपाल में खपाते थे गांजा ।   – रीवा एवं रायसेन निवासी आरोपीगण, भोपाल में किराये से रहकर कर रहे थे गांजा तस्करी । – स्कूल कॉलेज के युवाओं और स्लम एरिया के छोटे मजदूरों को करते थे टारगेट । – पुलिस उपायुक्त जोन 2 विवेक सिंह के निर्देशन में गांजा तस्करो पर सख्त कार्यवाही।                गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुरुप पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है ।                 उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 विवेक सिंह (भापुसे) के सतत निर्देशन में, अति.पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे थाना अयोध्यानगर पुलिस द्वारा गांजा तस्करों को चिह्नित कर सतत नजर बनाए रखते हुए गांजा बेचने की फिराक में 02 युवती और  01 युवक सहित 03 गांजा तस्कर आरोपियों को 6.285 किलो गांजा व 1 मो.सा. सहित गिरफ्तार कर लगभग 2.70 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । घटना का विवरणः- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा मामूर मुखबिरो से सूचना पर अरेड़ी रोड पर निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास आम रोड से 2 युवती और 1 युवक सहित 3 गांजा तस्करो को पकडा जिनके कब्जे से एक  जिक्सर मोटर सायकिल तथा 6.285 किलोग्राम गांजा कीमती करीबन 02.70 लाख रुपये जप्त किया गया। आरोपियों ने पुछताछ में नाम पता- 1. नाम विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल, 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल तथा 3. आरोही सिंह उर्फ सरीता चौहान पिता केशव सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हाल पता नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल बताया। – आरोपियों से आगे की ट्रेल के बारे में जानकारी ली गई पुछताछ में आरोपीगणों ने बताया कि उडीसा से गांजा खरीद लाकर भोपाल एवं रायसेन में बेचते थे । विशेष तौर पर ओडिशा से गांजा युवतियां लेकर आती थी और अपने साथी मित्र आरोपी विनय के साथ भोपाल में कालेज के छात्र छात्राओं तथा स्लम एरिया के मजदूर वर्गों टारगेट करते हुए कुछ पैडलर्स को सप्लाई करते थे, जिसके बारे में जानकारी लेकर पुलिस विवेचना कर रही है। –  आरोपीगण किराये के मकान में अपने परिवार से अलग रहते हैं। स्वयं के बड़े खर्चे, लग्जरी लाईफ स्टाईल और जल्दी ज्यादा पैसा कमाने हेतु गांजा तस्करी का काम शुरू करना बताया ।  जप्तमाल–  गांजा 6.285 किलोग्राम, 01 मोटर सायकिल. जिक्सर क्र एम.पी.04 जेड.जी.0687, कुल कीमत लगभग 270000/-रूपये ) । आरोपीः– 1. विनय कुमार लोधी पिता घनश्याम सिंह लोधी उम्र 25 साल निवासी ग्राम कठोलिया थाना उदयपुरा जिला रायसेन  हालपता –  अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा- स्नातक व्यवसाय-  प्राँपर्टी का काम करता था  । पहले पेटीएम में काम कर चुका है। 2. अंकिता ठाकुर पिता केशव सिंह ठाकुर उम्र 19 साल निवासी उदयपुरा बरेली रायसेन। हालपता अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल  शिक्षा-  10वीं व्यवसाय- दुकान पर काम करती हैं  । 3. आरोही सिंह चौहान पिता कौशल सिंह चौहान उम्र 28 साल निवासी उपरेहटी मोहल्ला थाना सिटी कोतवाली जिला रीवा  हालपता – नबाब टी प्वाईन्ट के पास मल्टी अशोक बिहार कालोनी थाना अशोका गार्डन भोपाल । शिक्षा- एम. काँम  व्यवसाय- काँल सेन्टर में काम करती हैं  । सराहनीय भूमिका –         थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन , प्रआर 2307 दिनेश मिश्रा, प्रआर 3330 अतुल सिह, आर 3514 राजेश अन्नोठिया, जितेन्द्र जाट, आर पुष्पेन्द्र, आर अम्बरीश तिवारी, म.आर.3871 मोनिका जयसवाल, म.आर.3489 पूजा राठौड, म.आर.502 अपर्णा कटारे, आर भूपेन्द्र सिंह (टेकनिकल सेल) सराहनीय भूमिका रही ।

रीवा एयरपोर्ट के पास जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक, क्या शहर में बड़ा परिवर्तन होने वाला है?

 रीवा  रीवा के उमरी और चोरहटा में अचानक जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी गई है… आखिर ऐसा क्या होने वाला है कि 800 किसानों की 140 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है? मामला एयरपोर्ट विस्तार से जुड़ा है, जो इलाके की तस्वीर बदल सकता है। रीवा में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। उमरी और चोरहटा गांव की जमीनों की प्रशासन ने खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब इन इलाकों में जमीन ना बेची जा सकेगी, ना खरीदी जा सकेगी, और ना ही नामांतरण या डायवर्जन किया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट विस्तार के लिए इन दोनों गांवों की करीब 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इस जमीन के अधिग्रहण से लगभग 800 किसान प्रभावित होंगे। इनमें चोरहटा के करीब 500 और उमरी के लगभग 300 किसान शामिल हैं।   SDM ने लगाया प्रतिबन्ध  जैसे ही जमीन अधिग्रहण की खबर फैली, कई किसानों ने जल्दी-जल्दी अपनी जमीन बेचनी शुरू कर दी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह रोक लगा दी, ताकि मुआवजे में किसी तरह की गड़बड़ी या अतिरिक्त खर्च न हो। इस बारे में SDM हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि ये फैसला सरकारी खर्च को नियंत्रित रखने के लिए लिया गया है। बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण के लिए राजस्व विभाग का सर्वे लगभग पूरा हो चुका है।  446 एकड़ रकबे का होगा रीवा एयरपोर्ट  वर्तमान में रीवा एयरपोर्ट करीब 306 एकड़ में बना हुआ है। अब 140 एकड़ जमीन जुड़ने के बाद इसका कुल रकबा बढ़कर 446 एकड़ हो जाएगा। अभी रीवा से दिल्ली, इंदौर, भोपाल और रायपुर के लिए फ्लाइट सेवाएं चल रही हैं। आने वाले समय में कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नेशनल लेवल पर होगा डेवलपमेंट  एयरपोर्ट के रनवे को भी बढ़ाने की योजना है। अभी रनवे की लंबाई करीब 1800 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 2300 मीटर किया जाएगा। इससे बड़े विमान, जैसे एयरबस A320, यहां आसानी से उतर और उड़ान भर सकेंगे।  प्रशासन का कहना है कि रीवा एयरपोर्ट को अब राष्ट्रीय स्तर के अनुसार विकसित करने की योजना है। इसके लिए 140 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है और इस संबंध में प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। यह पूरी प्रक्रिया 17 मई 2023 को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और मध्यप्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के बाद शुरू हुई थी। प्रशासन ने ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।