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जबलपुर समेत 14 जिलों में 14 लाख घरों तक पहुंचेगी पीएनजी, पाइप लाइन बिछाई गई

जबलपुर  जबलपुर समेत 14 जिलों में पाइपलाइन से नेचुरल गैस की सप्लाई देने की तैयारी हो चुकी है। गेल इंडिया ने नागपुर से जबलपुर तक पीएनजी गैस की पाइपलाइन पहुंच गई है। इसकी टेस्टिंग भी हो गई है। शहर के भीतर गैस पाइप बिछाने का काम होना बाकी है जिसके बाद घर-घर गैस पाइप के जरिए पहुंचेगी। हालांकि इस काम में अभी एक साल का वक्त लगेगा। यह काम मेघा इन्फ्रास्टक्चर को मिला हुआ है। लाइन बिछने के बाद घरों में गैस पाइप के जरिए आएगी और लोगों को सिलेंडर के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगा। फिलहाल इस पाइप लाइन से नागपुर के जेएसडब्ल्यू प्लांट में गैस सप्लाई शुरू हो रही है। जबलपुर के पास कोसमघाट में गैस प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच बढ़ी मांग पश्चिम एशिया में मचे रहे महासंग्राम की वजह से रसोई गैस की सप्लाई चैन गड़बड़ा गई है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में एलपीजी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी के बाहर गैस सिलिंडर के लिए कतारें लग रही हैं। ऐसे में पीएनजी लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक होगी। मुंबई से ओडिशा के झारसुगुड़ा तक गैस की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। ऐसा है प्रोजेक्ट राष्ट्रीय गैस ग्रिड और पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत गैस पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस परियोजना के तीन चरण में किया गया। इसमें मुंबई से नागपुर 698 किमी, नागपुर से ओडिशा के झारसुगुड़ा खंड में 692 किमी व नागपुर-जबलपुर खंड में 317 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। 7,844 करोड़ रुपये की लागत से यह काम हुआ है। 11 सौ करोड़ की लागत से जबलपुर से नागपुर के बीच 317 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। जबलपुर के अलावा सिवनी, छिंदवाड़ा सहित 14 जिलों के उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा। घर-घर गैस पहुंचाने के लिए मेघा इंन्फ्रा को काम मिला है लेकिन काम बिलंब से प्रारंभ होने की वजह से इसमें समय लगेगा। सस्ती मिलेगी गैस वितरण पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होते हुए गैस की सप्लाई होने से प्रदूषण कम होने के साथ ही मौजूदा स्थिति में गैस के दाम में 25 प्रतिशत कम हो जाएंगे। वहीं लोगों को बिजली के बिल की तरह ही गैस का बिल देना होगा। गैस की खपत के आधार पर ही बिल भुगतान करना होगा। सिलिंडर की तुलना में सस्ती     गैल इंडिया कंपनी ने कोसमघाट में गैस प्लांट बना दिया है। जेएसडब्ल्यू प्लांट नागपुर को गैस की आपूर्ति इसी पाइपलाइन से शुरू हो चुकी है। शहरी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। घरों तक और सीएनजी पंप व उद्योगों के लिए गैस सप्लाई और पाइपलाइन डालने का काम निजी एजेंसियां करेंगी। जबलपुर में शहर के अंदर लगभग 45 किलोमीटर में पाइप लाइन बिछाई जानी है। यह सिलिंडर की तुलना में सस्ती मिलेगी। – अखिलेश जैन, स्वतंत्र निदेशक गेल इंडिया यह है स्थिति     नागपुर से जबलपुर के बीच 317 किमी का प्रोजेक्ट     एलपीजी के साथ ही सीएनजी और पीएनजी गैस की होगी सप्लाई     25 प्रतिशत तक कम दाम का दावा     जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी सहित 14 जिलों के उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा  

प्रदेश में IPS तबादला सूची तैयार, 20 जिलों के SP बदलने की हो रही है योजना

भोपाल  मध्यप्रदेश में IAS अफसरों की तबादला सूची गुरुवार देर रात जारी होने के बाद अब पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि IPS अधिकारियों की नई तबादला सूची भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और कभी भी इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। गृह विभाग की ओर से तैयार प्रस्तावित सूची में प्रदेश के करीब 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदले जाने की संभावना जताई जा रही है.. सूची जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, 2020 बैच के पांच आईपीएस अधिकारियों को इस तबादला सूची में बड़ा फायदा मिल सकता है। इन्हें पहली बार जिलों में एसपी की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इससे पहले 2019 बैच के कई आईपीएस अधिकारियों को जिला स्तर पर पदस्थ किया जा चुका है। अब कोर्ट के आदेश से प्रमोशन पाकर आईपीएस बने अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिलों की कमान मिलने के संकेत मिल रहे हैं। भोपाल में महिला अफसर को मिल सकती है कमान राजधानी भोपाल में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। वर्तमान कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है, जबकि उनकी जगह प्रियंक मिश्रा या किसी महिला आईएएस अधिकारी को कलेक्टर बनाया जा सकता है। सरकार बड़े शहरों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के मूड में नजर आ रही है। कई कलेक्टर बुलाए जा सकते हैं भोपाल सूत्रों का कहना है कि कुछ जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, इंदौर, उमरिया और मैहर जैसे जिलों के कलेक्टरों को सचिवालय स्तर पर अहम दायित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं वल्लभ भवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों को फील्ड में भेजने की तैयारी भी चल रही है। सचिव स्तर पर भी बदलाव संभव यह फेरबदल सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी बदलाव के संकेत हैं। वर्तमान सचिवों में से किसी एक का ट्रांसफर हो सकता है, वहीं नए सचिव की एंट्री की चर्चा है। अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी बदलाव से शासन के शीर्ष स्तर पर नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है। पुलिस महकमे में भी हलचल, 20 SP बदलना तय आईएएस के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी है। खंडवा, बैतूल, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ समेत कई जिलों में एसपी बदले जा सकते हैं। इसके अलावा प्रमोशन के बाद भी एसपी पद पर जमे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। परफॉर्मेंस के आधार पर होगा फैसला सूत्रों के अनुसार इस बार ट्रांसफर में परफॉर्मेंस सबसे बड़ा फैक्टर रहेगा। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि कमजोर प्रदर्शन वालों को बदला जा सकता है। मजबूत प्रशासन, तेज फैसले पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता साफ है राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना। इसके लिए ऐसे अधिकारियों को आगे लाया जाएगा जो योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू कर सकें और जनता को सीधा लाभ मिले। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर लिस्ट कब जारी होती है और किन जिलों में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। इसी बीच डीआईजी पद पर प्रमोट हो चुके कई वरिष्ठ अधिकारियों की भी नई पदस्थापना तय मानी जा रही है। इनमें खंडवा, भिंड, धार, रेल और अन्य इकाइयों में तैनात अफसर शामिल हैं, जिन्हें जल्द नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं रीवा, भोपाल और इंदौर में पदस्थ कुछ अधिकारियों के भी स्थानांतरण की चर्चा है। इनके तबादलों के साथ ही संबंधित जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग स्तर पर अंतिम मंथन जारी है और सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कभी भी इसे जारी किया जा सकता है। पूरे पुलिस महकमे की नजर अब इस संभावित तबादला सूची पर टिकी हुई है।  

प्रदेश के सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा

भोपाल.  प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्‍य सचिव उच्‍च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में ‘नारी सशक्तिकरण’ एवं ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक किया जाएगा। विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ में निहित प्रावधानों पर व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही छात्राओं को उनके कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता तथा वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। गतिविधियों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित एवं प्रतिभाशाली महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली उद्यमी महिलाओं को आमंत्रित कर उनके अनुभव और विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम के बेहतर समन्वय के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. दिवा मिश्रा को ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह होंगी गतिविधियां कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान। वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) पर व्याख्यान एवं संवाद। नारी शक्ति वंदन, कल की महिला नेतृत्व, शिक्षा से सशक्तिकरण विषयों पर पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता कौशल विकास और उद्यमिता प्रदर्शनी आत्मरक्षा एवं शारीरिक सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रतिभागियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट्स, जूडो-कराटे तथा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा हीमोग्लोबिन जांच, पोषण संबंधी परामर्श तथा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों के समग्र स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।

छतरपुर में क्षेत्र का पहला 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बुंदेलखंड क्षेत्र में बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए छतरपुर स्थित 220 केवी सबस्टेशन में 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। इस पावर ट्रांसफार्मर के संचालन में आने से न केवल छतरपुर बल्कि टीकमगढ़, निवाड़ी एवं पन्ना जिलों में भी विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे क्षेत्र के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास के अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिससे बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में यह पावर ट्रांसफार्मर क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित मंत्री तोमर ने बताया कि इस पावरफुल ट्रांसफार्मर की स्थापना लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से की गई है। यह क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रांसफार्मेशन क्षमता 1000 एमवीए के पार एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता एम वाय मंसूरी के अनुसार, इस पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से छतरपुर 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 643 एमवीए हो गई है। वहीं, पूरे छतरपुर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता 1000 एमवीए के आंकड़े को पार करते हुए 1096 एमवीए तक पहुंच गई है। छतरपुर जिले में एमपी ट्रांसको वर्तमान में 6 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रहा है, जिनमें 220 केवी सबस्टेशन छतरपुर के अलावा 132 केवी के पांच सब स्टेशन—नौगांव, बिजावर, खजुराहो, लवकुशनगर एवं बड़ा मलहरा शामिल हैं।  

2866 स्थानों पर हुई जाँच, 4283 गैस सिलेण्डर जब्त

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2866 स्थानों पर जांच की गई, 4283 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 738 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 1 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माईग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शतन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्तज नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्था एं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शनन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शरन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शेन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्तओ करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कन्ट्रोल रूम नं. निम्नानुसार प्रदाय किये गये है – अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैयन, ग्वालियर (9424098887) गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311) थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) IOCL – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) BPCL – महैर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954) गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) प्रदेश के उक्त शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तारन होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शेन प्रदाय किये जा सकेंगे।

अर्चना चिटनीस बोलीं- प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छशक्ति को प्रदर्शित करता है महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून

भोपाल.  भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। आजादी के बाद से महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी आरक्षण दिलाने का प्रयास नहीं किया। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं हो सका। श्रद्धेय अटल जी के समय महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सभी दल आज भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी की नीतियां कितनी महिला विरोधी हैं, इसका प्रमाण है शाहबानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने संसद में कानून बनाकर पलट दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाकर देश की आधी आबादी के प्रति भाजपा के सम्मान और दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रदर्शित किया है। पत्रकार-वार्ता के दौरान प्रदेश शासन की मंत्री संपतिया उइके, प्रदेश महामंत्री व सांसद लता वानखेड़े, प्रदेश मंत्री सुराजो मालवीय, अर्चना सिह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मोना सुस्तानी एवं प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट गुंजन चौकसे मंचासीन रहीं।   देश ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहा है भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून के रूप में हम सभी एक ऐसे ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहे हैं, जिसमें देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है। जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था, वो सपना अब साकार हो रहा है। ये पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही, साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने धरातल पर उतारा है। यह विधेयक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जो हमारी माताओं-बहनों को याचक से नायक की भूमिका में स्थापित करेगा। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें वह राजनीतिक सामर्थ्य दे रहा है, जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी। नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद आयोजित पहले सत्र की शुरुआत ही एतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से हुई थी यानी लोकतंत्र के नए मंदिर का पहला ऐतिहासिक कदम ही भारत की मातृशक्ति को समर्पित रहा। यह इस बात का उद्घोष है कि नया भारत अब अपनी बेटियों के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की उस गारंटी का प्रमाण है, जिसने दशकों से राजनीति के हाशिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्यविधाता बना दिया है।  महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा नया कानून भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। स्वतंत्रता के आंदोलन में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है। देश की स्वाधीनता के बाद मातृशक्ति ने जो सपने देखे थे, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी उन सपनों को साकार कर रहे हैं। आजादी के बाद देश में वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने नारी शक्ति के सम्मान व अधिकार देने के लिए कोई कार्य नहीं किया। नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी देश की आधी आबादी की मन की बात को पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की संसद में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद वर्ष 2023 में यह कानून बन गया था। प्रधानमंत्री जी ने अगली जनगणना और उसके बाद पूर्ण परिसीमन के बाद नारी शक्ति वंदन कानून को लागू करने का निर्णय लिया था। लेकिन कोविड के कारण जनगणना में हुई देरी से यह नहीं हो सका। महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ निश्चय और प्रतिबद्धता ही है कि इस कानून को लागू कराने के लिए 16, 17 एवं 18 अप्रैल को देश की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महती भूमिका निभाएगा महिला आरक्षण कानून भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेज गति से हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। प्रधानमंत्री जी भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को आरक्षण देने वाला ‘नारी शक्ति वंदन‘ कानून लागू होने के बाद देश की आधी आबादी को उसका पूरा हक मिल जाएगा। महिला आरक्षण लागू होने के बाद महिलाएं और संवेदनशीलता, जिम्मेदारी के साथ देश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर सकेंगी। महिला आरक्षण कानून देश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को साकार करने में महिता भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं फाइटर प्लेन तक उड़ा रही हैं। देश की प्रधानमंत्री महिला रह चुकी हैं। कई राज्यों में मुख्यमंत्री, राज्यपाल के साथ वर्तमान में देश की राष्ट्रपति भी जब महिला है तो संसद में महिलाओं के प्रतिनिधत्व को बढ़ाने में कांग्रेस को क्यों आपत्ति थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं को अपमानित करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली … Read more

हर जरुरतमंद तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक राज्य सरकार कीजनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित 38 नम्बर सरकारी कार्यालय पर जनसुनवाई करते हुए कही। उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का निदान निर्धारित समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस अवसर पर मुलाकात करने आए लोगों को भरोसा दिलाया कि आपका यह सेवक किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगा। आपकी सेवा के लिए आपका यह सेवक सदैव तत्पर रहा है और आगे भी आपके हर सुख-दु:ख में हमेशा आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए जिला स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंत्री तोमर ने जनसुनवाई में आए आवेदकों के पास जाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम में पक्षियों की चिंता मंत्री तोमर ने गर्मी के मौसम में पक्षियों को भीषण प्यास और हीटस्ट्रोक से बचाने के उद्देश्य से रिंकू बुंदेला के सहयोग से मिट्टी से निर्मित पानी के पात्र (सकोरे) आमजन को वितरित करते हुए आहवान किया कि इन सकोरों को अपने-अपने घर की छत, बालकनी या पेड़ों पर रखकर हर रोज ताजा पानी भरें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में आसमान से आग बरसती है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। आम लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। जिससे खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पछियों को राहत मिल सके।  

कूनो में खुशखबरी: मादा चीता गामिनी ने दिए 4 शावकों को जन्म, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता 'गामिनी' द्वारा 4 शावकों को जन्म देने पर उद्यान के प्रबंधकों और वन्य जीव चिकित्सकों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को चीतों का घर बनाया, इससे प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा मिला है। अब मध्यप्रदेश चीतों के 'पुनरुद्धार' के मुख्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मादा चीता 'गामिनी' द्वारा कूनो उद्यान में 4 शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश का पर्यावरण चीतों के संवर्धन के लिये  पूरी तरह अनुकूल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और वन्य जीव चिकित्सक बधाई के पात्र हैं। 

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध

भोपाल.  केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता … Read more

वंदे मातरम के अपमान पर CM यादव का कड़ा बयान, पूरी प्रदेश कांग्रेस से इस्तीफा देने की मांग

 इंदौर/भोपाल इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में उठा 'वंदे मातरम' का विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर राष्ट्रगीत गाने से मना किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।  मुख्यमंत्री ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरे में लिया है. उन्होंने कहा इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी।  बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा, ''मैं नहीं गाऊंगी.'' यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है. कांग्रेस पार्षद 'भारत माता की जय' बोलने से भी मना करते हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर स्पष्टीकरण दें. वे बताएं कि पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है।  चुप क्यों हैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''ये लोग देश को कहां ले जाएंगे? देशभक्तों का अपमान करेंगे. हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए. मुझे इस बात का बड़ा दुख है और इस मामले पर ग्लानि हो रही है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे? कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है? अगर पटवारी और कांग्रेस नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।  कांग्रेस का दोहरा चरित्र CM यादव ने कहा, ''जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं. अब तो इन्होंने सीमा ही पार कर दी है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के छह छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत लिया है. लेकिन कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही. कांग्रेस ने आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा किया था. उनकी सरकार ने पांच छंदों को ही गायब कर दिया था।  मुंह काला करने पर 51 हजार इनाम का ऐलान इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है. हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है. पोस्ट में कहा गया है कि जो भी मातृशक्ति कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगी, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।  गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक के दौरान वंदे मातरम गाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था।  इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के सभी 85 वार्डों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।  बीजेपी कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग वार्डों में पुतला दहन कर विरोध जता रहे हैं. वहीं, प्रमुख चौराहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं।  नवलखा चौराहे पर एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर प्रदर्शन किया. इसी कड़ी में बड़ा गणपति चौराहा पर आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए।  BJP के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा ने दोनों कांग्रेस पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम गाने से इनकार करने वाली दोनों पार्षद अपनी चार-पांच पीढ़ी खंगाल कर देखें, तो उन्हें भी उनके पूर्वज हिंदू ही मालूम होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे दोनों पार्षद घर वापसी कर सनातन धर्म अपनाना चाहती हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं।