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बदले की आग में क्रूरता: किसान ने बाघ को जहर देकर मारा, रेडियो कॉलर ने सुलझाई गुत्थी

नर्मदापुरम  सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के बाघ की नजदीकी छिंदवाड़ा जिले में जहर देकर हत्या कर दी गई। छिंदवाड़ा के छाती आम गांव में यह घटना करीब 10 दिन पहले हुई। हत्या का आरोप किसान उदय सिंह पर लगा है। रेडियो कॉलर आईडी से खुला मौत का राज किसान ने बाघ के शव को एक गड्ढे में डालकर उसे पत्तों से ढंक दिया था। बाघ को रेडियो कॉलर आईडी लगी हुई थी। उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर आ रही थी। उसे खोजते हुए एसटीआर और छिंदवाड़ा वन विभाग की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो घटना का राज खुला। छिंदवाड़ा डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया शुक्रवार को छाती आम गांव के एक खेत में बाघ की लोकेशन मिली थी। यहां पहुंचने पर कर्मचारियों को बाघ का सड़ चुका शव मिला। खेत के मालिक उदय सिंह से पूछताछ की तो उसने यूरिया का घोल मांस पर डालकर बाघ की हत्या की बात स्वीकार की। चार आरोपित गिरफ्तार, टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर उठे सवाल छिंदवाड़ा वन विभाग ने उदय सिंह के अलावा सहयोगी बिसनलाल शीलू, झिरना माखननगर निवासी मनोहर सिंह, कूचीखोह निवासी कैलाश के विरुद्ध संरक्षित वन्य जीव की हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीआर की क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि विशेषज्ञों ने शव का पोस्टमार्टम किया और प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बता दें, मारे गए बाघ को करीब डेढ़ साल पहले ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एसटीआर लाया गया था। कॉलर आईडी वाले बाघ को 10 दिनों तक नहीं ढूंढ पाने पर रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।  

लोकार्पण यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल-1 का उद्घाटन आज

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर रविवार को टर्मिनल-1 और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू द्वारा वर्चुअल रूप से किया जाएगा। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर दो टर्मिनल की सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी और वर्तमान टर्मिनल पर यात्री दबाव भी कम होगा। हालांकि टर्मिनल-1 से उड़ानों की शुरुआत अप्रैल से होगी और यहां से छोटे विमानों का संचालन किया जाएगा। सस्ती दरों पर मिलेगी सुविधा इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियों को चाय, नाश्ते और पानी की बोतल पर अधिक खर्च नहीं करना पड़ेगा। रविवार से उड़ान कैफे की शुरुआत होने जा रही है, जहां 10 रुपये में चाय, 20 रुपये में पोहा और 10 रुपये में पानी की बोतल मिलेगी। इसके लिए पहले यात्रियों को 100 से 300 रुपये तक चुकाने पड़ते थे। लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं भी शुरू टर्मिनल-2 में यात्रियों के लिए लाइब्रेरी शुरू की जा रही है, जहां विभिन्न लेखकों की किताबें पढ़ी जा सकेंगी। यात्री इन किताबों को उड़ान के दौरान भी साथ ले जा सकेंगे और अपने गंतव्य एयरपोर्ट पर जमा कर सकेंगे। यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव साथ ही इंटरनेट सुविधा और प्रतीक्षा क्षेत्र की सौगात भी यात्रियों को मिलेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। स्व सहायता समूह को मिलेगा अवसर स्व सहायता समूह द्वारा अपना स्टाल भी टर्मिनल में शुरू किया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों को फायदा होगा सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि टर्मिनल-1 और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण 29 मार्च को उड्डयन मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सुविधाओं के शुरू होने से यात्रियों को फायदा होगा और एयरपोर्ट की यात्री क्षमता में भी विस्तार होगा।

पटेल मार्केट में आग का तांडव: इंदौर में कई दुकानें और क्लिनिक जलकर राख

इंदौर तेजाजी नगर थाना के समीप पटेल मार्केट में शनिवार सुबह आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि रेस्त्रा सहित मेडिकल शाप और क्लिनिक जल गया। घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण किया। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। टीआई देवेंद्र मरकाम के अनुसार घटना शनिवार सुबह लगभग 11 बजे की है। मेन रोड़ पर पटेल मार्केट बना हुआ है। मनदीप राठौर के रेस्त्रां(गणेश रेस्टोरेंट) से आग की शुरुआत हुई थी। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की मगर रेस्त्रां का सामान जल गया और आग तेजी से बढ़ने लगी। धुएं का गुबार 5 किलो मीटर दूर से दिखाई देने लगा था। आने जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सूचना पर पुलिस और फायरकर्मी पहुंच गए। आग ने डाॅक्टर आशीष राठौर का क्लिनिक और प्रशांत कुमार की मेडिकल शाॅप को भी चपेट में ले लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कुछ दुकानों को खाली भी करवा दिया। करीब 2 घंटे बाद आग पर नियंत्रण कर लिया गया। फायरकर्मियों के अनुसार करीब 30 हजार लीटर पानी से आग बुझाई है। आग संभवत: शार्ट सर्किट से लगना बताई जा रही है। तीन दिन में तीन बड़ी घटना गर्मियों में आग की घटनाएं बढ़ रही है। बुधवार को धार रोड़ पर सूफा बैकरी में आग लगी थी। यहां गैस की टंकी में भी ब्लास्ट हो गया था। शुक्रवार तड़के खजूरी बाजार में पांचोली स्टेशनरी में आग लग गई।  

मध्य प्रदेश में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश, 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। अचानक हुए इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह भी जारी की है। बदलते मौसम का असर राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में साफ देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि कल से लगातार तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन समेत लगभग 40 जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा। बारिश के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के अधिकतर जिलों में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और लू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के असर से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि यह सिस्टम आज शनिवार को कमजोर हो जाएगा, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका असर 30 और 31 मार्च को सबसे ज्यादा रहेगा। 40 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 30 और 31 मार्च को तेज बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में बढ़ा तापमान नर्मदापुरम में मार्च के दौरान चौथी बार लू चली है। लगातार गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम और मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम मार्च महीने में अब तक आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं, जिनमें 45 से अधिक जिलों में प्रभाव देखा गया और 17 जिलों में ओले भी गिरे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि 27 मार्च को भी मौसम में बदलाव देखा गया था, लेकिन उसका असर सीमित रहा। पिछले 24 घंटे में इस तरह रहा मौसम, चित्रकूट में बारिश! प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सतना के चित्रकूट में तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया. यहां रामनवमी के अवसर पर 21 लाख दीप जलाए जाने थे, लेकिन अचानक हुई और बारिश ने दीपों में पानी भर दिया. मौसम के बदले मिजाज ने पूरे आयोजन पर पानी फेर दिया और आनन-फानन में मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में नमी आ रही है. शुक्रवार को भी ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में बादल छाए रहे. शनिवार को पुराना सिस्टम कमजोर होकर आगे बढ़ेगा, जिससे आज दिन में गर्मी बढ़ेगी. लेकिन रविवार से नया सिस्टम फिर से सक्रिय हो जाएगा. अगले 3 दिन इस तरह रहेगा मौसम 28 मार्च: इस दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बादल छाने का अनुमान है. कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है. वहीं, भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में तेज गर्मी रहेगी. 29 मार्च: उत्तरी हिस्से में बारिश का अलर्ट रहेगा. जिसके चलते ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर जैसे जिले प्रभावित रहेंगे. 30 मार्च:  भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में बारिश होने की संभावना हैं. 31 मार्च: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, दमोह, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में पानी गिरने के आसार बनेंगे. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.0°C इंदौर में 37.0°C जबलपुर में 38.4°C ग्वालियर में 36.1°C उज्जैन में 37.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  19.8°C इंदौर में 19.0°C जबलपुर में 21.5°C ग्वालियर में 21.5°C उज्जैन में 18.5°C

सांदीपनि स्कूल का रिजल्ट चौंकाने वाला, 332 में से 245 छात्र फेल, प्रिंसिपल को नोटिस जारी

लटेरी  स्थानीय सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 9वीं के परीक्षा परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय के कुल 332 छात्रों में से 245 छात्रों के अनुत्तीर्ण होने की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस जाटव ने प्राचार्य रामेश्वर शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा अधिकारी ने छात्रों को दिया आश्वासन मामले के तूल पकड़ने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और जून माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इस बीच अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वे जानना चाहते हैं कि फेल छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित होंगी या नहीं और पुनः परीक्षा की फीस का भार किस पर पड़ेगा।  

कोर्ट ने पीएम की मिमिक्री करने वाले शिक्षक के सस्पेंशन पर लगाई रोक, अधिकारियों को दी चेतावनी

शिवपुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमक्री करने वाले वीडियो पर निलंबित किए मध्यप्रदेश के एक शासकीय शिक्षक को ग्वालियर हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने शिक्षक के निलंबन पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की है कि किसी अधिकारी द्वारा बिना सोचे-समझे या बाहरी दबाव में आकर इस तरह की कार्रवाई सिर्फ इसलिए नहीं की जानी चाहिए की वह उसके अधिकार क्षेत्र में है। बीते 12 मार्च को शिवपुरी के पोहरी विकासखंड में पदस्थ शिक्षक साकेत पुरोहित द्वारा एलपीजी संकट के दौर में चल रहे हालात पर पीएम मोदी की मिमक्री करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था इसके अगले ही दिन शिवपुरी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश में तर्क दिया गया था कि, उनके इस कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है। शिक्षक साकेत पुरोहित ने इस निलंबन आदेश को ग्वालियर हाईकोर्ट में चैलेंज किया जिस पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए निलंबन पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ अधिकार में है इसलिए नहीं कर सकते सस्पेंड साकेत पुरोहित की और से ग्वालियर हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे वकील कृष्ण कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि, "साकेत पुरोहित के निलंबन पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि निलंबन कार्रवाई कोई अधिकारी किसी भी स्थिति में सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता की उसके पास ऐसा करने का अधिकार है। हाईकोर्ट ने कहा है कि अधिकारी को निलंबन की कार्रवाई करने से पहले ये सोच विचार करना पड़ेगा कि क्या वाकई समबंधित विषय निलंबन का आधार है आपको देखना होगा की सस्पेंशन जरूरी भी है या नहीं। कोर्ट ने माना कि यह कार्रवाई जल्दबाजी और किसी दबाव में की गई है। कोर्ट ने माना जल्दबाजी और बाहरी दबाव में की गई कार्रवाई एडवोकेट शर्मा के मुताबिक साकेत पुरोहित के मामले में शिकायतकर्ता पिछोर विधायक प्रीतम लोधी थे जिनकी शिकायत पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ता ने 12 मार्च को वीडियो अपलोड किया था और 13 मार्च को ही डीईओ द्वारा उन्हें निलंबन आदेश जारी कर दिया गया था। इस पर कोर्ट ने भी टिप्पणी कि है कि आप बाहरी दबाव में नहीं बल्कि सस्पेंड करने से पहले आपको तथ्य देखने होंगे। सिर्फ इसलिए कि एक विधायक ने शिकायत की और आपने अगले ही दिन कर्मचारी को निलंबित कर दिया। ये अधिकारी का स्वविवेक होना चाहिए। विधायक ने शिक्षक को बताया कांग्रेसी मानसिकता वाला व्यक्ति वकील कृष्ण कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि विधायक प्रीतम लोधी ने जो शिकायत की वह भी एक तरह से राजनीतिक एजेंडा आधारित थी। उन्होंने अपनी शिकायत में याचिकाकर्ता साकेत पुरोहित को कांग्रेसी मानसिकता वाला व्यक्ति बताया था। ये शिकायत भी कोर्ट दस्तावेजों में लगाई गई थी और ये बात हाईकोर्ट के संज्ञान में थी जिसका उल्लेख भी किया था। सावधानी और तर्क के साथ होना चाहिए सस्पेंशन वकील के मुताबिक याचिका पर फैसला देते हुए हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह दोहराया कि अधिकारियों के पास कर्मचारियों को सस्पेंड करने की शक्ति होती है, लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल पूरी सावधानी और तर्क के साथ किया जाना चाहिए बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि सस्पेंशन का सहारा आमतौर पर तभी लिया जाना चाहिए जब कोई गंभीर आरोप हों, जिनके लिए बड़ी सजा की जरूरत हो, या जब कर्मचारी की मौजूदगी से जांच प्रक्रिया में बाधा पड़ने की संभावना हो। कोर्ट ने कहा कि रूटीन या बिना सोचे-समझे किया गया सस्पेंशन स्वीकार्य नहीं।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए दो नए पद, रजिस्ट्रार को भेजी गई जानकारी

इंदौर  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्यकारिणी में महिला आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी चार नए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के दो नए पद सृजित किए जाएंगे जबकि दो पद कार्यकारिणी सदस्य के लिए रहेंगे। इस संबंध मे हाई कोर्ट रजिस्ट्रार द्वारा मांगी गई जानकारी के मुताबिक हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा यह जानकारी भेज दी गई। बार अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्तमान में कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के पद हाई कोर्ट बार में नहीं है, इसलिए इनका सृजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हाई कोर्ट बार में कुल करीब 6 हजार सदस्यों में से 1165 महिला वकील सदस्य हैं। इधर, कल इंदौर अभिभाषक संघ में भी कोषाध्यक्ष का पद और कार्यकारिणी सदस्य के तीन पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित करने पर सहमति हुई है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने बार एसोसिएशन में महिलाओं को 30% आरक्षण के निर्देश दिए गए हैं। इसी के चलते स्टेट बार काउंसिल के आगामी 12 मई को होने जा रहे 25 सदस्यों के चुनाव में 7 पद महिला वकीलों के लिए आरक्षित किए गए हैं।  

भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, 220 करोड़ में बना प्लांट

भोपाल भोपाल के आदमपुर छावनी में अब शहर के सूखे कचरे से कोयला बनाया जाएगा। नगर निगम ने पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपये की लागत से टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का निपटारा किया जाएगा और इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया है। टोरिफाइड चारकोल प्लांट का महत्व स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने यह कदम शहर में सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। आदमपुर छावनी में स्थापित यह प्लांट नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के सहयोग से संचालित होगा। यहां से निर्मित टोरिफाइड चारकोल का उपयोग एनटीपीसी अपने औद्योगिक उपयोग में करेगी। ट्रायल रन और कचरे का प्रबंधन नगर निगम ने ट्रायल रन के लिए 3 दिनों में कुल 800 टन सूखा कचरा प्लांट को दिया है। पूरे ट्रायल रन के दौरान लगभग 1800 टन सूखे कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। यह प्रक्रिया शहर से निकलने वाले सूखे कचरे के निपटान के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी। तीन दिन में 800 टन कचरा पहुंचा ट्रायल के शुरुआती तीन दिनों में ही प्लांट में 800 टन सूखा कचरा पहुंचाया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान कुल 1800 टन कचरे का उपयोग किया जाएगा हर दिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग 15 एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर टोरिफाइड चारकोल तैयार किया जाएगा। यह तकनीक कचरा निपटान के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी उपयोगी साबित होगी।  बनारस के बाद दूसरा संयंत्र, जहां बिजली का कोयला बनेगा  बनारस के बाद देश में दूसरे टोरिफाइड चारकोल प्लांट के रूप में आदमपुर खंती में स्थापित संयंत्र का ट्रायल रन शुरू हो गया है। इस प्लांट के जरिए रोज 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर चारकोल में बदला जाएगा 2021 में हुआ था अनुबंध 12 अक्टूबर 2021 को अनुबंध होने के करीब पांच साल बाद प्लांट का ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान 2023 में खंती में आग लगने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति में देरी और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण प्रोजेक्ट तय समय से पीछे चला गया। बनारस में सेग्रीगेशन की कमी से प्लांट प्रभावित, यहां भी यही चुनौती बनारस में एनटीपीसी का करीब 200 टन प्रतिदिन क्षमता वाला टोरिफाइड चारकोल प्लांट 2021-22 में शुरू हुआ था। वहां संचालन के दौरान सबसे बड़ी समस्या साफ और अलग किया हुआ सूखा कचरा लगातार उपलब्ध न होना रही। इसके कारण प्लांट पूरी क्षमता पर नहीं चल पाया। भोपाल में भी ‘सेग्रीगेशन एट सोर्स’ कमजोर है। ऐसे में यदि घर स्तर पर कचरे का सही तरह से अलग नहीं हुआ, तो प्लांट को पर्याप्त गुणवत्ता वाला कचरा मिलना मुश्किल होगा। इससे इसका संचालन प्रभावित हो सकता है। एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह प्लांट केवल नए सूखे कचरे को ही प्रोसेस करेगा, जबकि खंती में पहले से जमा करीब 6 लाख टन लिगेसी वेस्ट जस का तस बना हुआ है। 400 टन क्षमता वाला बायो-सीएनजी प्लांट अब तक शुरू नहीं आदमपुर छावनी में प्रस्तावित 400 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। यह प्लांट, जिसे देश का दूसरा सबसे बड़ा बताया गया था, अगस्त 2023 तक शुरू होना था, लेकिन पर्यावरणीय मंजूरी और तकनीकी अड़चनों के कारण इसमें देरी हो रही है। आयुक्त ने किया निरीक्षण नगर निगम आयुक्त Sanskriti Jain ने प्लांट का दौरा कर कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भोपाल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया। एक नजर में प्रोजेक्ट 12 अक्टूबर 2021 को हुआ अनुबंध 220 करोड़ रुपये की लागत 15 एकड़ में स्थापित प्लांट प्रतिदिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता पर्यावरण को मिलेगा फायदा यह प्रोजेक्ट कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ कोयले के विकल्प के रूप में उपयोगी होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भोपाल देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकेगा, जहां कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है। निगम को होगी लागत में बचत 15 एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस प्लांट के संचालन से नगर निगम को सूखे कचरे के निपटान में होने वाले खर्च में बड़ी बचत होगी। पीपीपी मोड में लगाए गए इस प्लांट से नए लेगसी तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और शहर का कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित तरीके से होगा। बनारस के बाद भोपाल में दूसरा प्लांट एनटीपीसी के अधिकारियों के अनुसार, बनारस के अनुभव से सीख लेकर भोपाल प्लांट में अपग्रेड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। यह मध्यप्रदेश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो शहर के कचरे से टोरिफाइड चारकोल का उत्पादन करेगा। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शुक्रवार को प्लांट का निरीक्षण किया और ट्रायल रन की सफलता की जानकारी ली। इस प्रोजेक्ट से शहर का कचरा प्रबंधन और स्वच्छता दोनों ही स्तरों पर मजबूत होगा। निगम को बचत होगी पीपीपी मोड पर लगभग 220 करोड़ रुपए की लागत से आदमपुर छावनी में 15 एकड़ भूमि पर एनटीपीसी ने यह प्लांट स्थापित किया है। प्लांट के संचालन से निगम को सूखे कचरे के निष्पादन पर व्यय होने वाली राशि की बचत होगी और नया लेगसी तैयार नहीं हो पाएगा। बनारस के बाद भोपाल में ही लगा है प्लांट निगम कमिश्नर जैन को एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि बनारस के बाद भोपाल में देश का दूसरा ऐसा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित करने के लिए अनुबंध किया था। बनारस के प्लांट के संचालन के अनुभव एवं कार्य व्यवहार से सीख लेकर भोपाल के संयंत्र में अपग्रेड टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में अपने किस्म का पहला प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नगर निगम हर रोज सूखे कचरे का निपटारा कर सकेगा।

मध्य प्रदेश में महावीर जयंती पर छुट्‌टी पर मंथन, विधायकों ने 30 मार्च को अवकाश की मांग की

भोपाल  मध्यप्रदेश में महावीर जयंती की सरकारी छुट्‌टी की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 31 मार्च के बजाय 30 मार्च को शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। वहीं, सरकार के पास ऐसे सुझाव भी पहुंचे हैं जिनमें अवकाश की तारीख 31 मार्च ही बनाए रखने की बात कही गई है। इसी को लेकर सरकार स्तर पर विचार-मंथन जारी है।मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में विभिन्न विभागों और पक्षों से राय लेना शुरू कर दिया है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा जल्द लिया जा सकता है।  जैन परंपराओं के अनुसार 30 मार्च को जन्म कल्याणक  पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र बृजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि जैन धर्म की धार्मिक परंपराओं और पंचांग के अनुसार भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक इस वर्ष 30 मार्च को मनाया जा रहा है। ऐसे में 31 मार्च को घोषित अवकाश को संशोधित कर 30 मार्च किया जाना चाहिए। विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 31 मार्च को अवकाश दर्शाया गया है, जिसे जनभावनाओं को देखते हुए बदला जाना जरूरी है।  हाईकोर्ट की अधिसूचना का भी दिया हवाला  पत्र में यह तर्क भी दिया गया है कि जबलपुर हाईकोर्ट ने भी अपनी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए 30 मार्च को ही अवकाश घोषित किया है। विधायक ने पूर्व में होली पर्व के दौरान शासन द्वारा की गई तारीख़ में बदलाव की मिसाल देते हुए सरकार से सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।  भाजपा विधायक ने भी उठाई मांग  बंडा (सागर) से भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार ने भी शासन को पत्र लिखकर 31 मार्च 2026 के स्थान पर 30 मार्च 2026 को शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि देशभर में जैन समाज 30 मार्च को ही भगवान महावीर का जन्म कल्याणक मना रहा है, ऐसे में 31 मार्च को अवकाश का कोई औचित्य नहीं बनता। विधायक ने इसे “आंशिक संशोधन” की श्रेणी में रखते हुए जनभावनाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है।  

मोहन सरकार की पहल: अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन भोपाल  मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है। अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।