samacharsecretary.com

स्कूल के लिए तैयार होकर घर से निकलकर रास्ता भटकी दो बालिकाओं को डायल-112 जवानों ने परिजनों से मिलाया

भोपाल डायल-112 केवल आपात स्थितियों में सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा में मानवीय संवेदनशीलता का भरोसेमंद सहारा है। इंदौर जिले में डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से रास्ता भटकी दो मासूम बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाकर जन-सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 24 फरवरी को इंदौर के थाना एरोड्रम क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाउस के सामने दो बालिकाएँ मिलने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि दोनों बालिकाएँ घर का रास्ता भटक गई हैं तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना एरोड्रम क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ सउनि  कैलाश मेडा, आरक्षक  पुष्पेंद्र शर्मा एवं पायलट  अजय प्रजापति ने दोनों बालिकाओं को अपने संरक्षण में लिया। बालिकाएँ स्कूल की यूनिफॉर्म में थीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे विद्यालय जाने की तैयारी में थीं। डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए संबंधित स्कूल से संपर्क किया, जहाँ से बालिकाओं के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही परिजन चौकी पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिकाओं की माता उन्हें स्कूल के लिए तैयार कर बैग एवं टिफिन लेने घर के भीतर गई थीं, इसी दौरान बालिकाएँ खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गईं और रास्ता भटक गईं। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय कार्य पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करता है। 

राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन

 वरिष्ठ कथाकार मृदुला गर्ग (दिल्ली), अलका सरावगी (कोलकाता) सहित सात रचनाकार हुए सम्मानित भोपाल सुप्रतिष्ठित कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक  जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली जी’ के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित संस्थान 'वनमाली सृजन पीठ' के प्रतिष्ठा आयोजन 'राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह–2026 का भव्य शुभारंभ 24 फरवरी को स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल के मुक्ताकाश मंच पर  सुप्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया के कबीर गायन से किया गया। वनमाली कथा सम्मान के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध कबीर गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया एवं उनके साथियों ने निर्गुण भक्ति की सशक्त प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। कबीर के दोहों और पदों से सजी इस प्रस्तुति ने सभागार में एक आत्मीय और ध्यानमग्न वातावरण निर्मित किया, जहाँ संगीत और दर्शन का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रस्तुति के दौरान प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने अपनी विशिष्ट लोक शैली में “जग में मांगण हारा, गुरु सम दाता कोई नहीं…”, “तन राम का मंदिर, काया राम का मंदिर…”, “गुरुजी के चरणों में रहना भाई संतो…”, तथा “जरा धीरे गाड़ी हांकों मेरे राम गाड़ी वाले…” जैसे लोकप्रिय कबीर दोहों और भजनों का गायन किया। उनके स्वर में सहजता, गहराई और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा समन्वय था कि श्रोता पूरे समय भाव-विभोर होकर प्रस्तुति से जुड़े रहे। मुख्य गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने तंबूरा और करताल पर स्वयं संगत करते हुए कबीर की वाणी को जीवंत बनाया। उनके साथ संगत में ढोलक पर अजय टिपाणिया, वायलिन पर देव नारायण सरोलिया, हार्मोनियम पर धर्मेंद्र टिपाणिया, मंजीरे पर मयंक टिपाणिया तथा टिमकी पर मंगलेश मांगरोलिया ने सधे हुए तालमेल के साथ प्रस्तुति को और प्रभावी बनाया। वाद्ययंत्रों की मधुर संगत ने कबीर के निर्गुण संदेश को और अधिक आत्मीयता से दर्शकों तक पहुँचाया। यह सम्मान समारोह ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ उड़िया कथाकार प्रतिभा राय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। वरिष्ठ और युवा रचनाकार हुए सम्मानित  सम्मान समारोह में ‘वनमाली कथाशीर्ष सम्मान’ से सुप्रसिद्ध वरिष्ठ रचनाकार मृदुला गर्ग को एवं ‘ राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान’ से वरिष्ठ कथाकार अलका सरावगी को सम्मानित किया गया। दोनों ही रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया गया। इस अवसर पर ‘वनमाली कथा आलोचना सम्मान’  महेश दर्पण को, ‘वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार उर्मिला शिरीष (भोपाल) को, ‘वनमाली युवा कथा सम्मान’ युवा कथाकार कुणाल सिंह को, वनमाली कथेतर सम्मान’ अयोध्या के यतीन्द्र मिश्र को प्रदान किये गए। साहित्य के क्षेत्र में डिजिटल माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान के लिए पहला 'वनमाली डिजिटल साहित्य अवदान सम्मान' अंजूम शर्मा को प्रदान किया गया। इन सभी सम्मानित रचनाकारों को शॉल-श्रीफल प्रशस्ति पत्र एवं इक्यावन-इक्यावन हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया। वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार श्री संतोष चौबे ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ द्वारा प्रदान किए गये ‘वनमाली कथा सम्मान’ समकालीन कथा परिदृश्य में लोकतान्त्रिक एवं मानवीय मूल्यों की तलाश में जुटे कथा साहित्य की पुनःप्रतिष्ठा करने एवं उसे समुचित सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित द्विवार्षिक पुरस्कार है। इस सम्मान समारोह के पूर्व अब तक वनमाली कथा सम्मान से भारत के सुप्रतिष्ठित रचनाकारों में शुमार ममता कालिया, चित्र मुद्गल, शशांक, स्वयं प्रकाश, अखिलेश, असगर वजाहत, उदय प्रकाश, मैत्रेयी पुष्पा, प्रभु जोशी, प्रियंवद, गीतांजलि श्री, मनोज रूपड़ा आदि रचनाकारों को अलंकृत किया जा चुका है। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कथाकार एवं वनमाली सृजन पीठ, भोपाल के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, एस.जी.एस.यू. के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। 'वनमाली कथा’ पत्रिका एवं 'वनमाली वार्ता' हुई लोकार्पित नई सदी की नई रचनाशीलता को सम्यक एवं समुचित स्थान देने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई लोकतान्त्रिक मूल्यों की समावेशी पत्रिका ‘वनमाली कथा’ ने अपने प्रवेशांक से ही साहित्य जगत में रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई है। पत्रिका का फरवरी अंक और वनमाली सृजन पीठ के मुखपत्र 'वनमाली वार्ता' का लोकार्पण भी इस अवसर पर अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर वनमाली जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर केंद्रित और वनमाली सम्मान समारोह पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'विश्व रंग' के सात वैश्विक आयोजनों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समारोह का संचालन टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक विनय उपाध्याय द्वारा किया गया। सम्मानित रचनाकारों की प्रशस्ति का वाचन डॉ. संगीता पाठक द्वारा किया गया। आभार डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल दे व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. नितिन वत्स, डॉ. संगीता जौहरी, डॉ. सितेश सिन्हा, संजय सिंह राठौर द्वारा किया गया। सम्मान समारोह का संयोजन वनमाली सृजन पीठ की राष्ट्रीय संयोजक ज्योति रघुवंशी द्वारा किया गया। इस अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किया कुलगुरु डॉ. जैन, आर.एन.टी.यू. के कुलगुरु डॉ. आथ.पी. दुबे, वरिष्ठ रचनाकार शशांक,  लीलाधर मंडलोई, बलराम गुमास्ता, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, रामकुमार तिवारी, सविता भार्गव, डॉ. रेखा कस्तवार, डॉ. जवाहर कर्नावट, संजय शेफर्ड, अरुणेश शुक्ल, मोहन सगोरिया, कैलाश मांडलेकर,  नीलेश रघुवंशी, निरंजन श्रोत्रिय, घनश्याम मैथिल, सुरेश पटवा, देवीलाल पाटीदार, करुणा राजुरकर, वामनराव, सुदर्शन सोनी आदि सहित सैकड़ों की संख्या में युवा साहित्यप्रेमियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई।

रेलवे की बड़ी सौगात: सिंगरौली से रांची तक नई ट्रेन, यात्रियों को मिलेगा सीधा कनेक्शन

भोपाल यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार करते हुए रेलवे मंत्रालय ने रांची रोड, टोरी और गढ़वा रोड के रास्ते एक जोड़ी नई ट्रेन के परिचालन को हरी झंडी दे दी है। आगामी 27 फरवरी से भोपाल-धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11631/11632) का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा। धनबाद मंडल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। आधुनिक कोचों से लैस होगी ट्रेन और संचालन का शेड्यूल यह नई ट्रेन अत्याधुनिक 22 एलएचबी (HLB) कोचों के साथ पटरी पर उतरेगी। इसमें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के दो, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोचों के साथ शयनयान श्रेणी और साधारण श्रेणी के चार कोच शामिल होंगे। शेड्यूल के अनुसार, गाड़ी संख्या 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस 27 फरवरी से प्रत्येक शुक्रवार, सोमवार और गुरुवार को भोपाल से संचालित होगी। वहीं, गाड़ी संख्या 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस का परिचालन 1 मार्च से प्रत्येक बुधवार, शनिवार और रविवार को किया जाएगा। समय सारणी और प्रमुख ठहराव गाड़ी संख्या 11631 भोपाल से रात 20:55 बजे रवाना होगी। यह बीना, दमोह और कटनी मुरवाड़ा के रास्ते अगले दिन सुबह 8:45 बजे सिंगरौली, 10:20 बजे चोपन, 11:20 बजे रेणुकूट, 12:35 बजे गढ़वा और 13:20 बजे डालटेनगंज पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 14:52 बजे टोरी, शाम 17:05 बजे रांची रोड और अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 20:20 बजे धनबाद पहुंचेगी। वापसी का रूट और समय वापसी में गाड़ी संख्या 11632 धनबाद से सुबह 7:20 बजे प्रस्थान करेगी। यह सुबह 9:45 बजे रांची रोड, 11:20 बजे तोरी, दोपहर 12:46 बजे डालटेनगंज, 12:35 बजे गढ़वा, 12:08 बजे रेणुकूट, शाम 16:05 बजे चोपन और 18:50 बजे सिंगरौली स्टेशन पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से इन क्षेत्रों के रेल यात्रियों को आवागमन में काफी सुगमता होगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इंदौर में महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और महर्षि डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उक्त सेंटर उच्च और आधुनिक तकनीक से लैस है, जहां सफेद दाग का संपूर्ण उपचार होने के साथ-साथ पैर के अल्सर घाव का बेहतर तरीके से उपचार होगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का अवलोकन किया और चिकित्सकों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर के संचालक सफेद दाग विशेषज्ञ डॉ. संजय दुबे और मधुमेह विशेषज्ञ डॉ.अनुपमा दुबे को शुभकामना दी। कार्यक्रम में भारतीय जल सेना प्रमुख एडमिरल  दिनेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

पुलिस के निशानेबाजों का महासंग्राम शुरू, डीजीपी मकवाणा ने किया उद्घाटन

भोपाल इंदौर स्थित बीएसएफ के केंद्रीय आयुध एव युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्लूटी) द्वारा आयोजित 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग (खेल) चैंपियनशिप–2025 का उद्घाटन आज 24 फरवरी को इंदौर की रेवती रेंज में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु बीएसएफ एवं सीएसडब्ल्यूटी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएँ बलों के बीच स्वस्थ खेल भावना, अनुशासन, एकाग्रता एवं पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा खेल संस्कृति को पुलिसिंग के समग्र विकास का अभिन्न अंग बताया। उद्घाटन समारोह में बीएसएफ ब्रास बैंड द्वारा प्रस्तुत लयबद्ध संगीत के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, 1,500 से अधिक बल एवं पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर की सीएपीएफ, राज्य पुलिस एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला निशानेबाज भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण तथा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। चैंपियनशिप में खेल हथियारों की कुल 17 स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागी 204 पदकों (68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य) के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु उभरती प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें वेदांश इंटरनेशनल स्कूल कैंपस 2 के बच्चों द्वारा नृत्य एवं बीएसएफ जवानों द्वारा भांगड़ा का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा पुराने और आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बीएसएफ के प्रशिक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

अपराधियों पर सख्त एक्शन: मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

भोपाल मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा संगठित अपराध, आर्थिक ठगी, नकबजनी एवं लूट की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस ने विगत 05 दिनों के दौरान विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 1 करोड़ 43 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद की है। प्रमुख कार्यवाहियाँ राजगढ़ – ऑपरेशन किसान रक्षक थाना नरसिंहगढ़ पुलिस द्वारा भूमि विक्रय के नाम पर किसानों से की गई 39 लाख की धोखाधड़ी का सफल खुलासा करते हुए 02 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा संपूर्ण 39 लाख रूपए की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की गई। यह प्रभावी कार्रवाई राजगढ़ पुलिस द्वारा संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन किसान रक्षक” के अंतर्गत की गई। पुलिस की विशेष टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेज साक्ष्य एवं तकनीकी पहलुओं का गहन परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने भूमि पूर्व में विक्रय होने के बावजूद फरियादी को गुमराह कर 25 लाख RTGS एवं 14 लाख नगद प्राप्त किए। त्वरित दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर किसान की संपूर्ण मेहनत की कमाई वापस दिलाई गई। उज्जैन थाना बड़नगर पुलिस ने 10 लाख 45 हजार रूपए के सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी के प्रकरण का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में नानाखेड़ा पुलिस ने सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात चोरी का खुलासा किया। पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज व साइबर विश्लेषण की मदद से 2 शातिर आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार कर 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। जबलपुर अवैध रूप से ट्रक एवं कार को काटकर स्क्रैप के रूप में विक्रय करने वाले संगठित अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने लगभग 50 लाख मूल्य के ट्रक, कार, कटे हुए स्क्रैप पार्ट्स, ऑक्सीजन सिलेंडर एवं अन्य उपकरण जप्त किए। खरगोन जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्यवाहियाँ की गईं। एक निजी कंपनी के गोदाम से 37 नग बैटरियों की चोरी का खुलासा करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 लाख 50 हजार रूपए की बैटरियां एवं घटना में प्रयुक्त 6 लाख रूपए की कार सहित कुल 12 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं को गहने/राशि डबल करने का झांसा देने वाले 02 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 90 हजार रूपए की सोने की पांचाली बरामद की। कटनी थाना ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोडीकला (सूरदास आश्रम) में हुए 3 लाख 50 हजार मूल्य के साउंड सिस्टम चोरी प्रकरण में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अशोकनगर थाना कचनार क्षेत्र में सूने घर से चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने की चैन, मंगलसूत्र, झुमकी, चांदी की पायलें, चांदी के टुकड़े, 30 हजार नगद एवं घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 8 लाख रूपए की सपंत्ति जप्त की। भोपाल थाना कोलार रोड पुलिस ने एक शातिर एवं आदतन अपराधी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 2 लाख रूपए की सामग्री जब्‍त की है। आरोपी के विरुद्ध डकैती, चोरी, नकबजनी एवं आर्म्स एक्ट सहित कुल 15 अपराध पूर्व से पंजीबद्ध हैं। नरसिंहपुर सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से लगभग 12 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की। सागर थाना मोतीनगर में पुलिस ने लूट के प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर 25 हजार रूपए का सोने का लॉकेट बरामद किया। उपरोक्त कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य करते हुए तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वित टीमवर्क के माध्यम से आमजन की सुरक्षा एवं संपत्ति संरक्षण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन, भूमि क्रय-विक्रय अथवा निवेश से पूर्व दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। 

बड़े तालाब पर अतिक्रमण का आरोप: सांसद ने अधिकारियों से मांगा हिसाब

भोपाल शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब 30 साल में 10 वर्ग किलोमीटर छोटा हो गया और जिम्मेदार जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी आंख बंद कर बैठे रहे। कैचमेंट क्षेत्र में भूमाफिया ने कब्जा कर फार्म हाउस, रिसार्ट, पक्के मकान, बंगले, मैरिज गार्डन आदि बनाए हैं, जिनमें ड्रग्स की पार्टियां चलती हैं। सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर सीमा बताने वाली पीले कलर की मुनारें लगाई गई थीं, उन्हें उखाड़कर फेंक दिया है। यह जानकारी सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में एक विशेष बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में बड़ा तालाब का क्षेत्रफल 39.8 वर्ग किलोमीटर था, जो कि घटकर 30 वर्षों में यह 29.8 वर्ग किलोमीटर रह गया है। इसका उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा। एनजीटी की सख्ती के बाद भी सुस्त रहा सीमांकन का कार्य बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल, क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक, पर्यावरणविद, एडीएम, एसडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त, पूर्व बीडीए अध्यक्ष सहित एप्को, मप्र प्रदूषण बोर्ड, राजस्व, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार चार महीने पहले एनजीटी की सख्ती के बाद बैरागढ़ एसडीएम ने कोहेफिजा और खानूगांव में बड़े तालाब का सीमांकन शुरू किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही काम रोक दिया गया। अधिकारियों का तर्क था कि वर्षा की वजह से तालाब किनारे कीचड़-दलदल होने की वजह से काम रोका गया है। इसके साथ टीटीनगर और हुजूर एसडीएम ने सीमांकन ही शुरू नहीं किया। अतिक्रमणों को तोड़ने और नए मास्टर प्लान के निर्देश इस पर चर्चा करते हुए बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र 50 मीटर दायरे में आने वाले बड़े अतिक्रमणों को तोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों से बड़ा तालाब को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि बड़ा तालाब की गहराई और क्षेत्र को लेकर सेप्ट की रिपोर्ट, केपीएमजी की रिपोर्ट, कुमार एसोसिएट्स द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट, यह सारी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाना चाहिए। जब अधिकारियों से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो सांसद ने कहा कि बड़ा तालाब को भूमाफिया से बचाने के लिए नए सिरे से सर्वे करवाएं और मास्टर प्लान बनाएं। कलेक्टर ने सात दिन का दिया समय, अधिकारियों ने मांगे 15 दिन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि तालाब किनारे कई निजी जमीनों पर अवैध रूप से निर्माण करने की जानकारी मिली है। जिसको लेकर एसडीएम हुजूर, संत हिरदरामनगर, टीटीनगर और शहर वृत्त को एक सप्ताह में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर सभी एसडीएम ने कहा कि तालाब का सीमांकन टीएंडसीपी के नक्शे के आधार पर किया जाएगा, जिसके लिए 15 दिन का समय दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन की कार्रवाई कर सभी प्रमुख अतिक्रमणों को जमींदोज किया जाए, जिसको लेकर प्रति सप्ताह समीक्षा बैठक की जाएगी। प्रेमपुरा से नहीं हटी 26 झुग्गियां, भोपाल वक्फ की जागीर भदभदा डैम के पास प्रेमपुरा से 227 झुग्गियां हटाई गई थीं, लेकिन आज तक 26 झुग्गियां नहीं हट सकी हैं ।यह चिंता का विषय है।सांसद ने कहा कि भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया है। मेट्रो ट्रेन की लाईन डालो, पालिटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा तक स्मार्ट रोड बनवाओ, भोपाल के हमीदिया रोड स्थित सब्जी मंडी की जगह पर बस स्टैंड बनाना चाहो तो वक्फ बोर्ड की जगह बताई जाती है। सांसद आलोक शर्मा ने यह सवाल अधिकारियों से पूछे     अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी ने अब कितने आदेश जारी किए?     उनका पालन जिला प्रशासन और नगर निगम ने कितना किया ?     अतिक्रमण रोकने कोई टीम गठीत की, टीम ने क्या-क्या कार्रवाई की ?     कितने गंदे नालों के पानी को रोकने के लिए कितने एसटीपी बनाए हैं?     वर्तमान में कितने शेष गंदे नालों का पानी बड़ा तालाब में मिल रहा है?     गंदे पानी को बड़े तालाब में जाने से रोकने के लिए क्या प्लानिंग है?  

दोस्ती के बहाने बुलाकर दुष्कर्म का आरोप, भोपाल पुलिस ने शुरू की जांच

भोपाल फिल्म 'द केरल स्टोरी' की तर्ज पर मप्र की राजधानी भोपाल में मुस्लिम युवतियों द्वारा हिंदू युवतियों के मतांतरण और देह व्यापार में ढकेलने की कोशिश का सनसनीखेज मामला भोपाल में सामने आया है। यहां एक मुस्लिम युवती और उसके गिरोह ने रोजगार के नाम पर जरूरतमंद युवतियों से दोस्ती गांठी। उन्हें सहारा दिया और फिर भरोसा जीतकर उन्हें अपने भाई और प्रेमी के सामने परोस दिया। इतना ही नहीं, उन पीड़िताओं को जिस्मफरोशी के दलदल में फंसाया और फिर  ने किया दुष्कर्म धर्मांतरण का दबाव बनाया। दो पीड़िताओं ने की शिकायत  दो पीड़िताओं की शिकायत पर बागसेवनिया थाने में मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार अमरीन खान उर्फ माहिरा नाम की महिला ऐशबाग क्षेत्र की रहने वाली है। वह इस गिरोह की सरगना है। फिलहाल वह सागर रॉयल विला में किराये से रहती है और आशिमा मॉल में संचालित एक स्पा सेंटर से जुड़ी है। हिंदू युवक चंदन यादव से उसका प्रेम संबंध है और उसे भी अमरीन ने धर्मातरित  कर मुस्लिम बना लिया है। तलाकशुदा है पीड़िता पहली पीड़िता एक 30 वर्षीय तलाकशुदा महिला है और दो बच्चों की मां है। वह केटरिंग का काम करती थी। वर्ष 2024 में आशिमा माल में उसका संपर्क अमरीन से हुआ था। तब अमरीन ने उसे घर में दस हजार रुपये में बेबीसिटर की नौकरी का प्रस्ताव दिया। पीड़िता ने उसे स्वीकार किया और कुछ दिन बाद अमरीन के साथ उनके घर में ही रहने लगी। पीड़िता से अलग-अलग जगह दुष्कर्म इसी दौरान मौका पाकर अमरीन के प्रेमी चंदन ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता से दुष्कर्म किया। इसके बाद अमरीन ने उसे जहांगीराबाद निवासी दोस्त चानू और फिर अहमदाबाद ले जाकर अपने भाई यासिर को सौंपा। इतना ही नहीं अमरीन और चंदन ने पीड़िता को नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने पर भी मजबूर किया और और मुस्लिम युवक से उसके पुनर्विवाह का दबाव डाला। फरवरी 2025 में पीड़िता किसी तरह उनके चंगुल से छूटी थी। ब्यूटीशियन को भी फांसा इसी तरह की शिकायत छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक ब्यूटीशियन ने की है। उसने बताया कि एक दोस्त के जन्मदिन पर उसकी मुलाकात अमरीन की भाभी संजना से हुई थी। तब उसे संजना के मुस्लिम होने की जानकारी नहीं थी। संजना ने उसे बेहतर नौकरी के लालच में आशिमा मॉल में अमरीन से मिलवाया था। उसी के जरिए वह अमरीन के प्रेमी चंदन के संपर्क में आई। बार-बार दुष्कर्म, मतांतरण के लिए दबाव वहां पहले चंदन ने उससे जबरन संबंध बनाए, फिर अमरीन के भाई बिलाल और अहमदाबाद में यासिर ने शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने जब अपनी सहेली संजना से इसकी शिकायत की तो मालूम हुआ कि वह स्वंय अमरीन के भाई हैदर से शादी कर जन्नत बन चुकी है। संजना भी उससे कहने लगी कि कुछ नहीं होता, मैं भी हिन्दू से मुसलमान बनी हूं। पाटियों में छोटे कपडे पहनाकर ले जाते अमरीन और चंदन ने जमकर पीड़िता को प्रताड़ित किया। उसे पार्टियों में छोटे कपड़े पहनाकर ले जाते थे। अमरीन उसे किसी मुस्लिम युवक से शादी करने का दबाव बनाती थी, साथ ही दोनों उसे कुरान पढ़ने को कहते थे। पीड़िता से कहती थी कि हमारे यहां के लडके अच्छे रहते है वह लडकियों को मारते नहीं है, शराब नहीं पीते है तुम भी हमारा धर्म अपना लो और हमारे यहां के लडके से शादी कर लो।    

भोपाल-धनबाद और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस: सीएम मोहन की हरी झंडी के साथ शुरू होंगी नई ट्रेन सेवाएं

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज शाम 7:30 बजे भोपाल स्टेशन से दो नई ट्रेनों जिनमें भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री वर्चुअली शामिल होंगे। भोपाल-धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 27 फरवरी से भोपाल से और 1 मार्च से धनबाद से नियमित रूप से संचालित होगी। वहीं, दूसरी तरफ भोपाल-चोपन-भोपाल साप्ताहिक ट्रेन 1 मार्च से भोपाल से और 2 मार्च 2026 से चोपन से चलेगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन मंगलवार से नियमित रूप से चलेगी। ये ट्रेन शाम 7.30 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन शाम 7.20 बजे पर धनबाद पहुंचेगी। यानी लगभग 24 घंटे से थोड़ा कम समय में ये अपनी यात्रा पूरी करेगी। वापसी में ये ट्रेन रात 11 बजे धनबाद से चलेगी और अगले दिन रात 10.35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नए शेड्यूल से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे की ओर से दोनों नई ट्रेनों का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में जो यात्री एमपी से झारखंड या झारखंड से एमपी आवाजाही करना चाहते हैं, उन्हें यात्रा में बड़ी राहत रहेगी। भोपाल-चोपन एक्सप्रेस- देखें शेड्यूल भोपाल-धनबाद नई ट्रेन के अलावा भोपाल-चोपन एक्सप्रेस भी शुरू हो रही है। ये ट्रेन भी साप्ताहिक है। ट्रेन नंबर 11633/11634 के रूप में इसका संचालन होगा। ट्रेन रविवार को भोपाल से चलेगी और सोमवार को चोपन से वापस भोपाल के लिए रवाना होगी। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेन की मांग चल रही थी, क्योंकि इस मार्ग पर अबतक सीधी सुविधा सीमित थी। अब भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा। एमपी में कहां-कहां होगा स्टॉपेज भोपाल से चलने वाली दोनों ट्रेनें एमपी के कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी। इनमें विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मुड़वारा और ब्यौहारी शामिल हैं। इन स्टॉपेज से छोटे शहरों और जिलों के यात्रियों को भी फायदा होगा। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय कर बड़ी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। इन्हें होगा फायदा अब उनके अपने नजदीकी स्टेशन से सीधा कनेक्शन मिलेगा। भोपाल-धनबाद नई ट्रेन और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस के इन स्टॉपेज से पूरे रूट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे छात्रों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को खास फायदा होगा।

सीएम यादव का बड़ा एलान: एमपी में किसानों के लिए 10,520 करोड़ की 5 योजनाएं अगले 5 साल तक जारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 फरवरी को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने अगले पांच साल तक (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 10,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ;किसान कल्याण वर्ष” के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़े, खेती की लागत घटे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।  कौन-कौन सी योजनाएं जारी रहेंगी? राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2010 करोड़ रुपये- इस योजना के तहत कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक और सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)  2400 करोड़ रुपये- किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा। इससे पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन 3300 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सहयोग दिया जाएगा। मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर भी जोर रहेगा। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग 1010 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड योजना)  1800 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना का लाभ तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा, जिससे तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। क्या होगा फायदा? किसानों को अगले पांच साल तक योजनाओं का लगातार लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाएगा।