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चार लेन का मेगा पुल बनेगा गेमचेंजर, एमपी के दो नेशनल हाईवे होंगे सीधे कनेक्ट

बेतुल एमपी के दो नेशनल हाईवे जल्द ही सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। बैतूल-खेड़ी मार्ग पर 18 मीटर चौड़ा नया पुल बनाया जा रहा है जिससे दो राज्य भी जुड़ेंगे। मुख्य रूप से बैतूल शहर के लिए यह चार लेन पुल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। करबला घाट पर माचना नदी पर बननेवाले इस नए पुल के लिए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भूमिपूजन किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, जिले के अन्य विधायक महेंद्र सिंह चौहान, चंद्रशेखर देशमुख, गंगाबाई उईके व डॉ. योगेश पंडाग्रे भी उपस्थित थे। नया पु​ल, पुराने जर्जर पुल के स्थान पर बनाया जा रहा है जो बैतूल को नेशनल हाईवे से जोड़ेगा। इससे यातायात सुगम होने के साथ ही सुरक्षित भी होगा। इस पुल के बन जाने से बैतूल की हरदा-इंदौर हाईवे और भोपाल-नागपुर हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इतना ही नहीं, बारिश में माचना नदी में पानी भरने से उत्पन्न यातायात की समस्या भी खत्म हो जाएगी। चार-लेन पुल को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य करबला घाट पर पुराना पुल करीब 80 साल पहले का है और यह खतरनाक हो चुका है। बैतूल-खेड़ी मार्ग पर नया पुल 100 मीटर लंबा और 18.50 मीटर चौड़ा होगा। इस चार-लेन पुल को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। बैतूल क्षेत्र के लिए यह एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है जिससे यात्रा और आसान व सुरक्षित होगी। माचना के नए पुल के निर्माण से बैतूल शहर को हरदा-इंदौर नेशनल हाईवे और भोपाल-नागपुर हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसी के साथ एमपी की राजधानी भोपाल का महाराष्ट्र से सड़क संपर्क और सुगम हो जाएगा। पुल की प्रशासकीय लागत 18.43 करोड़ रुपए अधिकारियों ने बताया कि पुल की प्रशासकीय लागत 18.43 करोड़ रुपए और तकनीकी लागत 10.80 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। यह पुल चार लेन का होगी।

पुष्पों की रंगीन दुनिया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्घाटन करेंगे 30 जनवरी को

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 30 जनवरी 2026 को राजधानी के हृदय स्थल गुलाब गार्डन में पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में 5 हज़ार से अधिक गमले ओर 2 हज़ार से अधिक कट फ्लॉवर में विभिन्न किस्म के पुष्प की सुगंध का आनंद भोपालवासी उठा सकेंगे। महोत्सव की तैयारी की बैठक आयुक्त उद्यानकी ख़ाद्य संस्करण श्री अरविंद दुबे की अध्यक्षता में हुई। बेठक में नेशनल रोज सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री सुशील प्रकाश, मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री गर्दे सहित अन्य सदस्य गण ओर विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त श्री दुबे ने बताया कि राज्य सरकार वर्ष-2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। इसी कड़ी में भव्य पुष्प महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भोपाल अलावा प्रदेश अन्य प्रमुख जिलो इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना ग्वालियर सहित अन्य जिलों से 5 हजार से अधिक गमलो ओर 2 हज़ार कट फ्लॉवर, प्रदर्शन किया जाएगा, जिलो से आने किसानों के पुष्प स्टॉल, नर्सरी के उत्पाद, आम जन के क्रय करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।  

रीवा के मोहन लाल द्विवेदी, 50 साल से बिना नींद के, डॉक्टरों के लिए अनसुलझी पहेली

 रीवा कहते हैं, बिना नींद के जिंदगी संभव नहीं. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नींद सबसे जरूरी मानी जाती है. लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा में एक शख्स ऐसा भी है, जिसने पिछले 50 सालों से नींद नहीं ली, फिर भी वह पूरी तरह स्वस्थ है. इस अनोखे मामले ने डॉक्टरों को भी हैरानी में डाल दिया है. रीवा के रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहन लाल द्विवेदी की उम्र करीब 75 साल है. मोहन लाल बताते हैं कि उन्होंने आखिरी बार इमरजेंसी के दौर में चैन की नींद ली थी, उसके बाद से आज तक उन्हें नींद नसीब नहीं हुई. हालात ऐसे हैं कि पलकें तो बंद होती हैं, लेकिन आंखों में नींद नहीं आती. न झपकी, न गहरी नींद… पिछले 50 सालों से उनकी आंखों से नींद जैसे गायब हो चुकी है. हैरत की बात ये है कि नींद न लेने के बावजूद मोहन लाल पूरी तरह स्वस्थ हैं. न थकान, न कमजोरी, न मांसपेशियों में दर्द. वह एक ही मुद्रा में घंटों बैठ सकते हैं और लंबे समय तक लगातार काम कर सकते हैं. मोहन लाल द्विवेदी ने बताया, ''मुझे नींद आती ही नहीं है. रात को लेट तो जाता हूं, लेकिन नींद नहीं आती. किताबें पढ़ता हूं, टहलता रहता हूं. अब तो यही दिनचर्या बन गई है.'' नौकरी के दिनों में उनकी कार्यशैली भी चर्चा का विषय रहती थी. उनके अधीनस्थ कर्मचारी उनके साथ काम करने से घबराते थे, क्योंकि मोहन लाल लगातार कई-कई घंटों तक बिना रुके काम करते थे. बाणसागर बांध परियोजना के दौरान वह कई किलोमीटर पैदल चलते थे, लेकिन उन्हें थकान महसूस नहीं होती थी. नींद न आने की इस समस्या को लेकर उन्होंने मुंबई और दिल्ली के बड़े-बड़े डॉक्टरों से भी सलाह ली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. योग, प्राणायाम से लेकर झाड़-फूंक तक सब कुछ आज़माया, मगर नींद फिर भी नहीं आई. मोहन लाल द्विवेदी बताते हैं, ''शुरुआत में परेशान था, लेकिन अब आदत हो गई है. शरीर साथ दे रहा है, यही बड़ी बात है.'' 50 साल बिना नींद के जिंदगी… विज्ञान के लिए भी ये एक रहस्य है. मोहन लाल द्विवेदी का यह अनोखा मामला आज भी डॉक्टरों के लिए एक सवाल बना हुआ है.

महाकाल लोक की सुरक्षा के लिए 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती, ESB करेगा भर्ती, ट्रांसफर नहीं होंगे

 उज्जैन  उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी अब होमगार्ड के जवानों को सौंपी जाएगी. मंदिर परिसर में 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी. इन जवानों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ESB)  के माध्यम से की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहम यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की 4 विशेष कंपनियों के गठन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इनकी भर्ती के लिए आधिकारिक प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है. इन पदों पर भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम के की जाएगी. गृह विभाग जल्द ही ESB को आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. महाकाल मंदिर के लिए बनेगी होमगार्ड की चार विशेष कंपनियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने श्री महाकालेश्वर मंदिर के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब किसी धार्मिक स्थल के लिए अलग से विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में गृह विभाग को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। 488 होमगार्ड जवान होंगे तैनात बता दें कि महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. औसतन हर दिन एक लाख से ज्यादा भक्त मंदिर आते हैं. इसे देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मंदिर आने वाले भक्तों की मदद के लिए 488 होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे. इन जवानों को तैनाती से पहले बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें भीड़ को मैनेज करने की तकनीक भी शामिल होगी, ताकि भक्तों को आसानी से और आराम से दर्शन हो सकें. फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के हाथ में है.  कर्मचारी चयन मंडल के जरिए होगी भर्ती प्रक्रिया इन 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू होगी। इस कैडर में चयनित होमगार्ड जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं किया जाएगा। ये जवान अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल महाकाल मंदिर, महाकाल लोक और उससे जुड़े क्षेत्रों में ही तैनात रहेंगे। जवानों का कहीं और नहीं होगा ट्रांसफर होमगार्ड के इस स्पेशल कैडर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं होगा। ये जवान कॉल ऑफ और कॉल ऑन से मुक्त रहेंगे। होमगार्ड में भर्ती होने वाले ऐसे जवान अपने पूरे सेवाकाल के दौरान केवल महाकाल मंदिर में ही सेवाएं देंगे। इससे उन्हें मंदिर की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा बारीकियों का विशेषज्ञ बनने में मदद मिलेगी। मामले में होमगार्ड के अफसरों का कहना है कि महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की चार कंपनियों की भर्ती के लिए मंजूरी मिली हैं। 488 पदों पर ESB के जरिए भर्ती होगी। गृह विभाग को विज्ञापन जारी करने के लिए पत्र लिखा है। हर रोज लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। यहां हर रोज औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आना जाना होता है। इसे देखते हुए यह नई होमगार्ड फोर्स मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सहायता के लिए भी मुस्तैद रहेगी। इन जवानों को होमगार्ड को नियुक्ति से पहले बेसिक ट्रेनिंग के साथ ही भीड़ प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सकें। अभी महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों के हवाले है। सुरक्षा में लगने वाले होमगार्ड     कुल पद 488 होंगे।     कुल कंपनियां 4 रहेगी।     हर कंपनी में 122 जवान होंगे।     केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में सेवा देंगे।     जवानों का वेतन महाकाल मंदिर ट्रस्ट देगा     3 शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी।     निजी सुरक्षा व्यवस्था बंद होगी। प्राइवेट एजेंसियों की जगह अब सरकारी सुरक्षा बल फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। हालांकि बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी अब सरकारी बल को सौंपने का निर्णय लिया है। होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अधिक भरोसेमंद और जवाबदेह होगी। साथ ही, सरकारी निगरानी में काम होने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी। यह फैसला न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, बल्कि मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगा।

एम्स का नया कदम: CAPE सेंटर शुरू, कैंसर मरीजों को मिलेगा मानसिक और वैज्ञानिक सहयोग

भोपाल  एम्स भोपाल ने कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक बड़ी और संवेदनशील पहल की है। संस्थान में कैंसर जागरूकता एवं रोगी सशक्तिकरण (CAPE) सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद कैंसर से जुड़े डर, भ्रम और गलतफहमियों को तोड़कर मरीजों को सही जानकारी से सशक्त बनाना है।यह CAPE सेंटर कैंसर के तकनीकी इलाज और मरीज की सामान्य समझ के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करेगा। यहां मरीजों को उनकी बीमारी, इलाज के विकल्प, दवाओं के दुष्प्रभाव और जीवनशैली में जरूरी बदलावों की जानकारी सरल और संवेदनशील भाषा में दी जाएगी। डर और तनाव कम करेगा CAPE सेंटर कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उनके परिजन मानसिक दबाव में आ जाते हैं। CAPE सेंटर का मुख्य लक्ष्य इसी डर को खत्म करना है। यहां इलाज की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी, ताकि मरीज बिना घबराए सही और समय पर निर्णय ले सकें। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के उस सिद्धांत को भी मजबूत करती है, जिसमें मरीज को इलाज की प्रक्रिया का केंद्र माना गया है। समय पर जांच से बचेंगी जानें केंद्र का एक अहम उद्देश्य लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना है। जानकारी के अभाव में होने वाली देरी कैंसर में जानलेवा साबित होती है। CAPE सेंटर इस देरी को कम कर अनावश्यक मौतों को रोकने में मदद करेगा और देश में बढ़ते कैंसर बोझ को घटाने में सहायक बनेगा। सरल भाषा, वीडियो और दो-तरफा संवाद इस केंद्र की खासियत इसकी कार्यप्रणाली है। यहां जटिल मेडिकल शब्दों के बजाय आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल होगा। वीडियो, दृश्य-श्रव्य सामग्री और दो-तरफा बातचीत के जरिए मरीज और उनके परिजन खुलकर सवाल पूछ सकेंगे। इलाज के दौरान ही नहीं, बल्कि इलाज के बाद भी यह केंद्र मरीजों के साथ जुड़ा रहेगा। एम्स भोपाल का CAPE सेंटर यह संदेश देता है कि कैंसर केवल बीमारी नहीं, सही जानकारी और भरोसे से लड़ी जाने वाली चुनौती है। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर के निर्देशन में और सेट (सिमुलेशन, ई-लर्निंग एवं टेलीमेडिसिन) समिति के मार्गदर्शन में इस केंद्र को विकसित किया गया है। इसके निर्माण और योजना में वरिष्ठ संचार विशेषज्ञ श्री बीरेंद्र दास की अहम भूमिका रही। वहीं, सेट समिति के प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन-अकादमिक), डॉ. संजीव कुमार (चेयरमैन, सेट), डॉ. सैकत दास (सदस्य, सेट एवं सदस्य सचिव, ट्यूमर बोर्ड) और डॉ. गुंजन चौकसे (सदस्य सचिव, सेट) ने इस पहल को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सेना के बाज-डॉग्स की ताकत, कैप्टन हर्षिता के नेतृत्व में होगी विशेष परेड

भोपाल  मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा. कर्तव्य पथ पर जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, रैप्टर्स यानी (बाज) और आर्मी डॉग्स कदमताल करते दिखाई देंगे. उनकी कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथों में होगी. हर्षिता इस साल रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्म्स के कंटिंजेंट की कमांडर हैं और सेना के जानवरों की इस विशेष टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं. बाज और आर्मी डॉग्स करेंगे कदमताल मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर होगा. जहां मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस बार गणतंत्र दिवस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाज और आर्मी डॉग्स कदमताल करते दिखाई देंगे. जिसकी कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथ होगी. दुर्गम क्षेत्र में सेवा देती है RVC आरवीसी (रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर) भारतीय सेना की वह विशिष्ट शाखा है, जो सेना में उपयोग होने वाले जानवरों के प्रशिक्षण, ट्रेनिंग स्वास्थ्य देखभाल और ऑपरेशनल तैयारियों की जिम्मेदारी संभालती है. यह कोर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों- जैसे ऊंचे पहाड़, रेगिस्तानी इलाके और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रो में सेना की ताकत को मजबूती देता है. सेना की इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए वे आरवीसी में महिला अफसरों की शुरुआती बैच का हिस्सा हैं. इस कोर में महिला का नेतृत्व अपने आप में अहम माना जा रहा है. कैप्टन हर्षिता राघव करेंगी नेतृत्व कैप्टन हर्षिता राघव ने बताया कि "मैं अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की अधिकारी हूं. पिता वायुसेना में सेवा दे चुके हैं. इस बार आरवीसी कंटिंजेंट को खासतौर पर क्यूरेट किया गया है. ये जानवर भी भारतीय सेना के सिपाही हैं. ये हमारे साइलेंट वॉरियर्स हैं. सेना में ये जानवर रसद ढोने, गश्त, निगरानी और खोज-बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं." वहीं एसएएफ के कमांडेंट हितेश चौधरी ने कहा कि "ये देश और मध्य प्रदेश के लिए बड़े गर्व की बात है कि एक महिला कैप्टन पहली बार बाज और आर्मी डॉग्स का नेतृत्व कार रही है. इससे आम महिलाओं में भी आत्मविश्वास बढ़ेगा और महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का अनुभव कर सकेंगी. सेना के जानवर पहले भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा रहे हैं, पर इस बार उन्हें एक संगठित और विशेष रूप से तैयार किए गए कंटिंजेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है.

छतरपुर कोर्ट में गुटखा थूकने पर BJP पार्षद समेत तीन पर भारी जुर्माना, जज ने दी सख्त चेतावनी

छतरपुर  अपने वार्ड, शहर सहित देश-प्रदेश में साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उठाने वाले जनप्रतिनिधि ही जब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने लगे तो आम लोग क्या सबक लेंगे. भरी अदालत में भाजपा के पार्षद सहित 3 लोगों ने गुटखा खाकर थूका तो जज से पार्षद सहित तीनों पर 5-500 रुपये का जुर्माना ठोक दिया. जुर्माने की बात सुनते ही अदालत परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया. स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां PM मोदी देश में स्वछता अभियान चलाते हैं, लेकिन उनके ही जनप्रतिनिधि जब उस अभियान की धज्जियां उठाने लगे तो आम जनता पर क्या असर पडेगा. मामला छतरपुर जिला अदालत परिसर का है. जब एक भाजपा पार्षद सहित 3 लोगों ने परिसर में गुटका खाकर थूक दिया. मामले की जानकारी जिला अदालत के जज अरविंद सिंह गुर्जर को लगी तो उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों पर कार्यवाही कर दी. कोर्ट में थूकने पर पार्षद सहित तीन पर जुर्माना जिला न्यायालय परिसर की गरिमा एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला रजिस्ट्रार जज अरविंद सिंह गुर्जर लगातार देख रेख बनाये रखते हैं. न्यायालय परिसर में गुटखा सेवन कर थूकने तथा न्यायालय की सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने के मामले में तीन व्यक्तियों को दोषी पाया गया. जिनके विरुद्ध 500-500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया. जिनमें भाजपा पार्षद बिलाल खान, शानू शाह और जितेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं. स्वच्छता को लेकर सीरियस हैं जज साहब जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर ने कार्यवाही तब की जब वह अधिवक्ता जितेन्द्र मांगली, राजा भदौरिया सहित अन्य अधिवक्तागण के साथ न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे. तभी उनके सामने भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों ने परिसर में थूंक कर गंदगी फैला दी. तभी जज ने तीनों पर 500-500 रुपए के जुर्माने की कार्यवाही कर दी. न्यायालय प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि न्यायालय परिसर एक गरिमामय सार्वजनिक स्थल है. जहां स्वच्छता, अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं कानूनी दायित्व है. परिसर में गंदगी फैलाने अथवा अनुशासन भंग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी. वही इससे पहले 18 सितंवर 2025 में भी जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर 3 लोगों पर इसी तरह की कार्यवाही की थी. गंदगी करने वालों को मिलेगी सजा मामले में जब छतरपुर बार संघ अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया, ''अभी कुछ दिनों पहले अदालत परिसर की साफ सफाई की गई थी. जो भी पक्षकार आ रहे हैं वह जगह-जगह थूक रहे हैं. आज तीन लोगों पर जज अरविन्द्र गुर्जर ने जुर्माना लगाया है. अगर फिर भी लोग नहीं मानते हैं तो सजा के प्रावधान के लिए जज साहब से कहेंगे.''

ग्वालियर में कलेक्टर रूचिका चौहान ने आंगनवाड़ी बच्चों को ABCD सिखाने के लिए अपनाया आसान तरीका

ग्वालियर प्रशासनिक सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए ग्वालियर जिला कलेक्टर आईएएस रूचिका चौहान एक अलग ही भूमिका में नजर आईं। शनिवार को वे बिना पूर्व सूचना अपने सरकारी आवास से निकलकर आंगनबाड़ी और स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर टीचर की भूमिका निभाई। आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचते ही कलेक्टर रूचिका चौहान नन्हे बच्चों के बीच घुल-मिल गईं। उन्होंने नर्सरी कक्षा के बच्चों से बातचीत की और बेहद आसान व रोचक तरीके से अंग्रेजी वर्णमाला ABCD लिखना व पहचानना सिखाया। कलेक्टर को इस रूप में देखकर बच्चे भी बेहद खुश नजर आए। शिक्षकों से की सीधी बातचीत निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और स्टाफ से पढ़ाई की गुणवत्ता, उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने शासकीय माध्यमिक विद्यालय दानाओली सहित आसपास के अन्य शैक्षणिक संस्थानों का भी निरीक्षण किया। साफ-सफाई पर दिखाई सख्ती निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर, शौचालय और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया गया। कलेक्टर रूचिका चौहान ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों के अंदर और बाहर सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सड़क, गलियों और स्कूल परिसरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर का यह मानवीय और प्रेरणादायक रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। बच्चों को पढ़ाते हुए उनका यह अंदाज प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।

26 जनवरी पर शहर में ट्रैफिक डायवर्सन, कई रास्ते रहेंगे बंद, प्लान जारी

भोपाल   गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को लाल परेड मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था के बनाने डायवर्सन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था सुबह 6 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक लागू रहेगी। सुबह 7:30 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक पुलिस मुख्यालय तिराहे से कंट्रोल रूम तिराहे के बीच सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रोशनपुरा, भारत टॉकीज, टीटी नगर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का लाल परेड मैदान की ओर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। जनता से अपील नगरीय यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अनुरोध किया है कि तय डायवर्सन मार्गों का उपयोग कर यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 या 0755-2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। कल से तीन दिन तक आमजन के लिए खुला रहेगा लोकभवन लोकभवन (राजभवन) रविवार से तीन दिन तक आमजन के लिए खुला रहेगा। तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। यहां केन्द्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा 'राजभवन से लोकभवन' विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के फैसले के बाद राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे लोक भवन का भ्रमण जरूर करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को निकट से अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें। यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कायस्थ मंडल ने वसंतोत्सव “चित्रांश परिवार मिलन समारोह एवं सहभोज”, 20 साल पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम

 भोपाल  कायस्थ मंडल नगरीय क्षेत्र एवं वेल्फेयर सोसायटी, होशंगाबाद रोड,  भोपाल  द्वारा अपनी  स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वसंतोत्सव के अवसर पर  *"चित्रांश परिवार मिलन समारोह एवं सहभोज" का कार्यक्रम  सांय 5.30 बजे से होटल नंदन पैलेस में शुरू हुआ  l  *उक्त आयोजन में सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने पीले परिधान धारण किए थेl उपस्थित साँस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के बाद डॉक्टर मनीषा श्रीवास्तव, श्री पलाश श्रीवास्तव मुंबई, श्री रवि खरे, मुस्कान खर, रूद्राक्ष खर, डॉक्टर ज्योत्सना श्री वास्तव, गिरीश श्रीवास्तव, दीपिका भटनागर तथा श्री बी बी श्रीवास्तव का मरणोपरांत सम्मान तथा पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभाकाम के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग एवं  विशिष्ट अतिथि श्री आलोक संजर पूर्व सांसद, श्री रवि सक्सेना, अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, मेजर जनरल (से.नि.) श्याम श्रीवास्तव प्रवक्ता कांग्रेस कमेटी, श्री के. सी. श्रीवास्तव, (से.नि.) आई.ए.एस. श्री एस एस सक्सेना द्वारा किया गया । मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि आज कायस्थ समाज सहित संपूर्ण हिन्दू समाजों को सनातन धर्म की एकता के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है।  उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने बच्चों को भी अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए सदैव प्रेरित करने के सतत प्रयास करने चाहिए, ताकि प्रधानमंत्री जी की सोच को साकार करने की दिशा में हमारी युवा पीढ़ी भी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध एवं आधुनिक भारत के निर्माण में अपना योगदान प्रदान कर सके l  कार्यक्रम के आरंभ में चित्रगुप्त जी की सामूहिक आरती एवं सरस्वती वंदना के उपरांत श्री आर.बी. सक्सेना ने मंडल की गतिविधियों पर प्रकाश डाला, कार्यक्रम का संचालन श्री डी.के-साधना श्रीवास्तव ने किया l आभार प्रदर्शन अभय प्रधान ने किया  l कार्यक्रम में सर्वश्री सुहास प्रधान, अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, नीरा-एम.के.भटनागर, कुसुम- आर.बी. सक्सेना, ममता-संजय श्रीवास्तव, अनु-सुधीर श्रीवास्तव, लता-डीके श्रीवास्तव, वंदना-अभय प्रधान, मंजूषा-मनीष खरे, निवेदिता-विशेष श्रीवास्तव, अमृता-मनीष भटनागर, हरिओम भटनागर, नवनीत सक्सेना सहित भोपाल के सभी संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में चित्रांश बंधु उपस्थित हुए l कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए l