samacharsecretary.com

भोपाल में 15 जनवरी को आयोजित होगी ‘आर्मी डे परेड’, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ली अंतर-विभागीय समन्वय बैठक

भोपाल राजधानी भोपाल में आगामी 15 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाली भव्य 'आर्मी डे परेड' के सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं समयबद्ध आयोजन के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक की गई । बैठक में आयोजन से संबंधित समस्त दायित्वों के स्पष्ट विभाजन, अंतर-विभागीय समन्वय और समय-सीमा में कार्य निष्पादन की कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कलेक्टर  प्रियंक मिश्रा ने समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आर्मी डे परेड अत्यंत प्रतिष्ठापूर्ण राष्ट्रीय आयोजन है, अतः इससे जुड़ी सभी तैयारियां उच्च मानकों के अनुरूप पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन से संबंधित प्रत्येक कार्य की सूक्ष्म मैपिंग कर संबंधित विभागों को दायित्व सौंपे जाएं, ताकि कोई भी कार्य अनमैप्ड न रहे। इसके साथ ही, कार्यों के आवंटन में किसी भी प्रकार के दोहरेपन को रोकने के लिए विभागवार जिम्मेदारियों को पूरी स्पष्टता के साथ रेखांकित किया गया है। बैठक में तय कार्य-विभाजन के अनुसार परेड मार्ग एवं मुख्य व्यवस्थाओं के अंतर्गत कालीबाड़ी मार्ग के पुनरुद्धार, सीटिंग अरेंजमेंट, दर्शक व्यवस्था और सिविल वर्क्स के कार्य नगर निगम भोपाल एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आपसी समन्वय से संयुक्त रूप से संपादित किए जाएंगे।  सांस्कृतिक आयोजनों और झांकियों से संबंधित व्यवस्थाएं 'माध्यम' तथा संस्कृति विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पूर्ण की जाएंगी।  कलेक्टर  मिश्रा ने समस्त संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन के लिए आवश्यक सभी टेंडर समय-सीमा में अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं। आयोजन के प्रत्येक कार्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु विशिष्ट वर्किंग ग्रुप्स  का गठन कर दिया गया है। सभी गठित वर्किंग ग्रुप्स 7 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट के साथ पुनः समीक्षा बैठक में उपस्थित रहेंगे। -0-  

PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित : CM डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र निर्माण की इस अविराम यात्रा के गौरवपूर्ण पड़ाव के लिए प्रदेशवासियों को दी बधाई प्रदेशवासी विकसित भारत के निर्माण में दें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यह अविराम यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई। प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा की यात्रा आज 25 वर्षों के गौरवपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। यह यात्रा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करने की निरंतर साधना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की प्रगति के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने का देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रधानमंत्री मोदी के सुदीर्घ, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के शुभ अवसर पर देशभर के लाखों नागरिक सेवा संकल्प ज्योति यात्रा में सम्मिलित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा में सम्मिलित लोगों को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प दिलवाया। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर तैयार हो चुका है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी एक देश, एक प्रधान, एक विधान के संकल्प को पूरा करते हुए विधानसभा के माध्यम से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कराने का रास्ता साफ किया है। प्रधानमंत्री मोदी की कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल के महाकाल लोक का लोकार्पण हुआ, परिणामस्वरूप उज्जैन धार्मिक तीर्थाटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां वर्ष 2022 तक लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु ही आते थे, लेकिन वर्ष 2025 में 7 करोड़ तीर्थ यात्री उज्जैन आए और प्रदेश में कुल पर्यटकों की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच गई। प्रधानमंत्री मोदी भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार थे कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी। आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, प्रधानमंत्री मोदी सतत् राष्ट्र सेवा करते हुए भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कोरोना जैसे वैश्विक संकट से देश को बाहर निकालने के साथ अनुच्छेद 370 का ऐतिहासिक निर्णय, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई से लेकर आयुष्मान भारत, उज्ज्वला गैस योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाकर प्रधानमंत्री मोदी ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने का कार्य -किया है। प्रधानमंत्री मोदी की यह पूरी यात्रा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम एवं सेवा ज्योति मशाल यात्रा में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेश नाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जितेंद्र पंडिया, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, संगठन मंत्री चंद्रशेखर, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, ग्रामीण अध्यक्ष राजेश धाकड़, रूप पमनानी, जगदीश पांचाल,राकेश पंड्या, विवेक गुप्ता, कमल बैरवा, अनिल शिंदे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

उन्नत नस्ल के पशुपालकों में प्रथम आने वाले को मिलेंगे एक लाख रूपये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वृंदावन ग्राम में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता आयोजित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उन्नत नस्ल के पशुपालकों में प्रथम आने वाले को मिलेंगे एक लाख रूपये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पम्प ऊर्जीकरण के लिए किसानों के खेतों पर लगाए जाऐगे सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित किया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा दिया जाए। पशुपालकों को प्रोत्साहन मिले, इसके लिए वृंदावन ग्राम में पशु प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाए। प्रथम आने वाले पशुपालक को सरकार एक लाख रुपये देगी। द्वितीय आने वाले को 50 हजार रुपये एवं तीसरे स्थान पर आने वाले को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार का वितरण दीपावली पर गौवर्धन पूजा के अवसर पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को रतलाम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से वर्चुअल संबोधित किया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि रतलाम के किसान खेती में बदलाव के साथ अलग-अलग प्रकार की खेती कर रहे है। किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन, प्रोसेसिंग, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को अपना रहे है। किसानों को कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ ही पम्प ऊर्जीकरण के लिए 30 लाख किसानों के खेतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। रबी सीजन में सिंचाई के लिए किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। रतलाम में चंबल के पानी से सिंचाई हो रही है। नदी जोड़ो अभियान से रतलाम के किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। एक्सप्रेस-वे के बनने से रतलाम में अच्छी बाजार व्यवस्था उपलब्ध हुई है। रतलाम के किसान बहुउद्देशीय फसलें उगाते हैं। साथ ही प्रोसेसिंग का कार्य भी करते है। रतलाम में अंगूर की खेती और अंगूर की प्रोसेसिंग का व्यवसाय भी अच्छे से चल रहा है। रतलाम स्वर्ण, सेव और उन्नत खेती के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने रतलाम की सेव के साथ ही तेल वाली कचौरी की भी तारीफ की। उन्नतशील किसानों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद करते हुए सरकार की पीएम एफएमई योजना का लाभ लेकर घी के व्यवसाय को यूएस एवं श्रीलंका तक पहुंचाने वाले किसान दिलीप पाटीदार ने कहा कि उन्हें सरकार की योजना के अंतर्गत 30 लाख 10 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। वह बिलोना पद्धति से घी बनाते हैं, जिससे घी की शुद्धता और स्वाद अच्छा होना है जिससे देश के साथ-साथ विदेशों में भी घी की मांग बढ़ी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। गुलाब की खेती करने वाले प्रवीण पाटीदार ने भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरूद का उत्पादन करने वाले किसान कन्हैयालाल पाटीदार से चर्चा की। कन्हैयालाल ने बताया कि वह कम शुगर वाले वीएनआर, पिंक और रेड डायमंड किस्म के अमरूद का उत्पादन करते हैं। अमरूद को मुंबई, दिल्ली और असम तक के बाजारों में मांग के अनुसार भेजते हैं। जैविक उर्वरक के लिए रिसर्च सेंटर का संचालन करने वाली रेखा व्यास ने अपने जैविक खाद की जानकारी दी। लहसुन-प्याज का उत्पादन करने वाले किसान धर्मेंद्र जाट ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्थानीय मालवी भाषा में संवाद किया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय के विभिन्न स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, विधायक रतलाम ग्रामीण मथुरालाल डामर ने भी संबोधित किया।  

MP Weather: मानसून लौटा, लेकिन बारिश जारी; जबलपुर-रीवा समेत 16 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी पूरी तरह थमा नहीं है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले तीन दिन मौसम बदला रहेगा। बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल समेत 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जगह आंधी के आसार हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत पश्चिमी हिस्से में दिन में तेज धूप रहेगी और रात में ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के असर से पूर्वी जिलों में बारिश हो रही है। पिछले दो दिन से रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल और रिमझिम बारिश का दौर बना हुआ है। आज इन 16 जिलों में बारिश का अनुमान जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में बारिश का अनुमान है।बारिश का असर 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बना रह सकता है। 10 अक्टूबर से मौसम सिस्टम कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होंगी। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय धूप तेज रहेगी। रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। कई शहरों में रात का पारा 18 डिग्री के आसपास मौसम में बदलाव का असर रात के तापमान पर भी दिख रहा है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 18, छिंदवाड़ा में 18.2, शाजापुर में 18.3 और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। हालांकि, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच रहा है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के अक्टूबर के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता है। इस बार भी अक्टूबर में मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव रहने का अनुमान है। 100 दिन सक्रिय रहा मानसून, फिर भी 4% कम बारिश मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदा हो गया। यानी मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। मानसून सीजन में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में कुल बारिश करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। यही वजह है कि बारिश का असमान वितरण पूरे सीजन में बना रहा।  बीते 24 घंटे में 8 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के अंदर 8 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। इनमें विदिशा, सतना, रीवा, सिंगरौली, अनुपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और सिवनी शामिल हैं। सिवनी के कुरई में सबसे ज्यादा पौन इंच, अनूपपुर के कोतमा में आधा इंच पानी गिर गया। इधर, कई शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 18.8 डिग्री, बैतूल में 19.4 डिग्री, इंदौर में 18.4 डिग्री, खंडवा में 19 डिग्री, खरगोन में 19.4 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रायसेन में 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में पारा 18 डिग्री से नीचे आया मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने कहा- पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही होने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री, शाजापुर में 18.3 डिग्री और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, दिन में ग्वालियर में तापमान 37 डिग्री के पार ही चल रहा है। इस बार सामान्य से कम बारिश इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को यह एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदाई ले ली। मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में मानसून का कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में मानसून का कोटा फुल रहा है। आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश हुई है। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन शामिल हैं। इनके अलावा छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर भी बारिश के आंकड़ों में पीछे हैं। 25 जिलों में कोटा पूरा, 30 अब भी पीछे प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।वहीं 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। पश्चिमी हिस्से के कई जिले इसमें शामिल हैं। आलीराजपुर में कमी सबसे ज्यादा रही और इंदौर समेत कई जिलों में भी बारिश सामान्य से नीचे रही। पूर्वी हिस्से में भी बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। जून की कमी आखिर तक पूरी नहीं हो सकी इस बार मानसून सीजन के कुल … Read more

बीना-आगासौद रेलखंड पर ट्रैक का काम शुरू, 17 ट्रेनें 15 अक्टूबर तक डायवर्ट रूट से चलेंगी

सागर पश्चिम-मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अंतर्गत बीना स्टेशन और उत्तर-मध्य रेलवे के आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस कार्य के चलते 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्गों से किया जाएगा। रेल प्रशासन के अनुसार काम पूरा होने के बाद यार्ड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम एवं समयबद्ध हो सकेगा। इन ट्रेनों के बदले मार्ग  रीमॉडलिंग कार्य के चलते इन ट्रेनों का संचालन परिवर्तित मार्गों से किया जाएगा-     रीवा और रानी कमलापति के बीच चलने वाली दैनिक रीवांचल एक्सप्रेस 8 और 14 अक्टूबर को कटनी जंक्शन–जबलपुर–इटारसी जंक्शन के रास्ते संचालित होगी।     जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस 8 अक्टूबर को कटनी जंक्शन–ओहन–वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी मार्ग से चलेगी।     रीवा–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 8 से 14 अक्टूबर के बीच निर्धारित तिथियों पर बीना मालखेड़ी जंक्शन–महादेवखेड़ी जंक्शन–गुना जंक्शन–रूठियाई जंक्शन–मक्सी जंक्शन के रास्ते संचालित की जाएगी।        वेरावल–जबलपुर द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 9 से 12 अक्टूबर के दौरान भोपाल–इटारसी जंक्शन के रास्ते चलेगी।     इसी तरह भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस 6 से 15 अक्टूबर तक निर्धारित मार्ग के बजाय भोपाल–संत हिरदाराम नगर–मक्सी जंक्शन–रूठियाई–कोटा के रास्ते संचालित की जा रही है। इसके अलावा हावड़ा, धनबाद, चोपन और सिंगरौली से संबंधित ट्रेनें, जिनमें गाड़ी संख्या 13025, 13026, 11631, 11632, 11633, 11634, 22165 और 22166 शामिल हैं, 9 से 15 अक्टूबर के बीच इटारसी जंक्शन–जबलपुर–कटनी साउथ–न्यू कटनी जंक्शन के परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी।  यात्रा से पहले जानकारी जांचने की अपील सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों के ठहराव और आवागमन का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि 6 से 15 अक्टूबर के बीच यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन के परिवर्तित मार्ग, ठहराव और समय की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जरूर जांच लें ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। 

‘दूसरों के वोट डलते थे, मतपेटियां लूटी जाती थीं’, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भोपाल   मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एसआइआर पर अब चौतरफा घिरे नजर आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की है। इस मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग को हास्यास्पद बताया। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को घेरते हुए कहा कि जब 80-90 के दशक में बिहार और यूपी में मतपेटियां लूटी जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट पड़ते थे, क्या उसी दौर को वापस लाना चाहते हैं? उन्होंने विपक्षा दलों की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतंत्र की चिंता नहीं है। इन्हें हार की खीज है। उन्होंने कांग्रेस सहित विरोधी दलों पर जनादेश का अपमान करने का भी आरोप लगाया है। न मशीन चलेगी, न मतदाता सूची की सफ़ाई विपक्षी दलों के मार्च पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते सोशल मीडिया पर लिखा: सोचिए 19 दल, 3 किलोमीटर का मार्च, और माँग क्या? कि देश को बैलेट पेपर के ज़माने में वापस ले चलो। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घेरा। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा: खड़गे जी की तीन 'नॉन-नेगोशिएबल' माँगें, जरा आप सुनिए… "ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलट पेपर पर चुनाव कराना।" मतलब वही दौर, जब 80-90 के दशक में बिहार और यूपी में मतपेटियाँ लूटी जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट पड़ते थे। उसी दौर को वापस लाना है? फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार चुनाव आयोग द्वारा फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार की शिवराज​ सिंह चौहान ने प्रशंसा की। उन्होंने EVM से चुनाव की वकालत करते हुए कहा कि इसने बूथ लूट पर लगाम लगाई और फ़ोटो वोटर आईडी व सूची की जांच ने फ़र्ज़ी मतदाताओं पर रोका। S.I.R. को भी शिवराज सिंह चौहान सुधार की इसी कड़ी का हिस्सा बताया। उन्होंने साफ कहा कि इससे मृत, डुप्लिकेट और जगह छोड़ चुके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान सवाल किया कि जब मतदाता सूची ही साफ़ नहीं होगी, तो साफ़ चुनाव कैसे होगा? विपक्षी दलों की SIR रद्द करने की मांग के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि इसका मतलब क्या है, गड़बड़ सूची पर ही चुनाव होते रहें? कांग्रेस का दोहरा रवैया कांग्रेस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा: तेलंगाना, हिमाचल और झारखंड में सरकारें बनीं। जीतें तो जनादेश, हारें तो मशीन और सूची में खोट? यह दोहरा रवैया नहीं तो क्या है? जनादेश का सम्मान कीजिए विपक्षी दलों और कांग्रेस से केंद्रीय मंत्री शिवराज​ सिंह चौहान ने जनादेश का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुधार का रास्ता आगे जाता है, पीछे नहीं। जनादेश का सम्मान कीजिए, सुधार का विरोध नहीं।

MP Travel Mart में आएंगे 100 विदेशी मेहमान, अमेरिका-जापान समेत कई देशों के टूर ऑपरेटर्स शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से ' मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट ' के सातवें संस्करण का आयोजन आज 7 से 10 अक्टूबर तक भोपाल में होगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ करेंगे। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। क्या कहा राज्यमंत्री ने राज्य मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सर्वांगीण आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक मध्यप्रदेश को देश का शीर्ष साहसिक पर्यटन स्थल बनाने की सुविचारित कार्ययोजना पर अग्रसर है। इसके साथ ही, प्रदेश को "भारत की वन्यजीव राजधानी" के रूप में ब्रांडिंग करते हुए संरक्षण-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण होमस्टे के जरिए स्थानीय समुदायों का सशक्तीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व बहुभाषी डिजिटल तकनीकों के जरिए पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ₹1,100 करोड़ से ज्यादा के निवेश पर होगा काम MP Travel Mart 2026 के दौरान मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े ₹1,100 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्तावों और समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंट कैंपिंग और इको-टूरिज्म से जुड़ी 14 परियोजनाओं के लिए निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) दिए जाएंगे। इसके अलावा तीन प्रमुख पर्यटन मार्गों पर आधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्र' विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य पर्यटकों को सड़क यात्रा के दौरान बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सीहोर में ₹848 करोड़ का मेगा पर्यटन प्रोजेक्ट इस आयोजन का बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का पर्यटन निवेश समझौता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाले इस समझौते के तहत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही करीब 920 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की बात कही गई है। इससे स्थानीय स्तर पर अन्य रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। 34 देशों के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल राइटर्स होंगे शामिल MP Travel Mart में यूरोप, अमेरिका, एशिया-प्रशांत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे यूरोपीय देश शामिल हैं। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका से भी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। UAE, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल राइटर्स भी आयोजन में हिस्सा लेंगे। देश के 15 से ज्यादा राज्यों से टूर ऑपरेटर्स आएंगे राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर समेत 15 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स शामिल होंगे। 2025 में पर्यटन में 57% की बढ़ोतरी पर्यटन विभाग के मुताबिक, साल 2025 में मध्य प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में 57 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंच गई। MP Travel Mart 2026 का उद्देश्य इस बढ़ती पर्यटन गतिविधि को वैश्विक निवेश, बेहतर पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। अधिकारियों ने दी कार्यक्रम की जानकारी पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा टी ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। 34 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। इस चार दिवसीय आयोजन की सबसे बड़ी व्यापारिक विशेषता 10 हजार से अधिक पूर्व-निर्धारित बैठकें होंगी। इन व्यापारिक बैठकों के सुचारु संचालन के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन शेड्यूलिंग प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से देश-विदेश के प्रतिष्ठित खरीदारों, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों, होटल समूहों, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियों का राज्य के 355 स्थानीय हितधारकों से सीधा संवाद स्थापित होगा। मेगा पर्यटन निवेश पर समझौता इस निवेश अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला 848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। एमपी ट्रैवल मार्ट के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा आमंत्रित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों, निवेशकों व कॉरपोरेट प्रतिनिधियों के साथ विशेष 'वन-ऑन-वन' बैठकें की जाएंगी, जिसमें प्रदेश में भावी निवेश की रूपरेखा पर विमर्श होगा। मेहमानों को मिलेगा विशेष भोजन अतिथियों को मध्यप्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'माँ की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।  

MP में फर्जी पासपोर्ट का बड़ा खेल, बौद्ध मठों के पते पर बांग्लादेशियों को भारतीय पासपोर्ट

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में राजफाश हुआ है। बंगाल और असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ये बांग्लादेशी बिहार के बोधगया स्थित मुख्य बौद्ध मठ पर पहुंचे थे। यहां से ही देशभर के बौद्ध मठों के भंते के संपर्क में आए, फिर अलग-अलग जगह स्थित बौद्ध मठ में पहुंचे। जहां-जहां ये बांग्लादेशी रहे आधार कार्ड में पते अपडेट करवाए। पुलिस के अनुसार, इस पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी असम के रास्ते भारत आया। इसके बाद बोधगया गया, वहां बौद्ध मठ में रुका। यहां का कनेक्शन बांग्लादेश के ढाका स्थित बौद्ध मठ से जुड़वाया गया। यहां के बाद वह मध्य प्रदेश के बैतूल पहुंचा। बैतूल में उसने आमला स्थित बौद्ध मठ में संपर्क बनाया। यही से पूरा नेटवर्क आपरेट कराया। इसके बाद उसने अपने अन्य साथियों को भी बुलाया। अपने साथियों के पासपोर्ट जाली दस्तावेज से बनवा लिए। बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 56 बांग्लादेशियों द्वारा बौद्ध मठों के पते से पासपोर्ट बनवाने के मामले जांच के दायरे में हैं। ग्वालियर के अलावा भोपाल और बालाघाट जिले के बौद्ध मठों के पते पर पासपोर्ट बनाए गए थे। मामले में इस नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, वे दूसरे देशों में चले गए। महाराष्ट्र से भी इस नेटवर्क का कनेक्शन सामने आ चुका है।

CM काफिला रुकने के बाद पांढुर्णा SP पर गिरी गाज, भोपाल ट्रांसफर; नई SP की तैनाती

 पांढुर्णा  मध्य प्रदेश शासन ने पांढुर्णा जिले में प्रशासनिक महकमे में एक बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल किया है। भोपाल से जारी हुए आधिकारिक आदेश के अनुसार, पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार का ट्रांसफर भोपाल कर दिया गया है। वहीं, उनकी जगह अब विदिता धनगढ को पांढुर्णा की नई पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। क्या है इस फेरबदल के पीछे की वजह? यह तबादला ऐसे समय में हुआ है जब महज दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री का पांढुर्णा दौरा हुआ था। इस दौरान स्थानीय किसानों द्वारा मुख्यमंत्री का काफिला रोके जाने की बड़ी घटना सामने आई थी। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मोर्चे पर हुई इस चूक के ठीक दो दिन बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाते हुए एसपी का ट्रांसफर कर दिया है।  

भोपाल के वर्ल्ड क्लास स्टेशन का हैरान करने वाला वीडियो, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें

भोपाल वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन लगातार बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। अब जो तस्वीरें सामने आएंगी, उसे देखकर आपको घिन आएगी। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भैंसें टहल रही हैं। यही नहीं प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ है। प्लेटफॉर्म पर है भैंसें घूम रहीं दरअसल, रानी कमलापति स्टेशन मध्य प्रदेश की सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन है। मगर अपनी सुविधाओं से ज्यादा इस स्टेशन की चर्चा अब बदहाली को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन के फ्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर भैंसें की दिख रही हैं। इस दौरान वहां से ट्रेनें भी गुजरती दिख रही हैं। गोबर भी फैला हुआ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ दिख रहा है। इसके बाद साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस स्टेशन के मेंटेंनेंस की जिम्मेदारी निजी हाथों में है। हर सुविधा के नाम पर यात्रियों से पैसे वसूलती है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। टॉयलेट के लिए लगता है चार्ज कथित आधुनिक सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर यात्रियों से टॉयलेट के लिए भी शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्री जब स्टेशन पर आएंगे तो टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे। इससे पहले स्टेशन पर पेयजल की सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। पहले यह हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। इसे निजी हाथों में देकर विकसित किया गया। इसके बाद नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है। रेलवे बोला- मामले को दिखवा रहे हैं  मामले को लेकर जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे. उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है. सुरक्षा में कहीं कोई चूक सामने आती है तो रेलवे, बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारने का काम करता है।  उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिसकी वजह से जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. खाने की तलाश में जानवर रेलवे ट्रैक और स्टेशन की तरफ आ जाते हैं।  यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल हालांकि रेलवे का तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में किसी आवारा पशु के अचानक ट्रेन की चपेट में आने या यात्रियों से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।  फिलहाल रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है. अब देखना होगा कि भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे और स्टेशन प्रबंधन क्या कदम उठाता है।