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यूपी सरकार का बड़ा कदम, यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर प्रतिबंध, कंपनियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ   उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री (टैगिंग) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में केवल अनुदानित उर्वरकों की ही आपूर्ति और बिक्री की अनुमति होगी। यह आदेश 1 जनवरी से लागू हो गया है। दरअसल, यूरिया आपूर्ति करने वाली कुछ कंपनियों द्वारा अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के माध्यम से किसानों को यूरिया के साथ महंगे और गैर-जरूरी उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं खासतौर पर रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं।इस समस्या को लेकर शासन स्तर पर अब तक सात बार उर्वरक कंपनियों, होलसेलरों और रिटेलरों के साथ बैठकें कर टैगिंग न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें बंद नहीं हुईं। इसके बाद सरकार ने यह कड़ा फैसला लिया है। बिक्री पर 1 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध है कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली सभी संस्थाओं को अब केवल अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री की ही अनुमति होगी। कंपनियों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस में दर्ज सभी गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री पर 1 जनवरी से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी कंपनी यूरिया की आड़ में अपने अन्य व्यावसायिक उत्पाद प्रदेश की सीमा में नहीं बेच सकेगी। आदेश का उल्लंघन करने या यूरिया के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग करने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले से किसानों को अनावश्यक खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।  

छतरपुर में दो युवतियों ने की शादी, सोनी और मोनी के 5 सालों का प्यार अब बना कानूनी संबंध

 छतरपुर छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो बालिग युवतियों के आपस में विवाह करने का एक मामला सामने आया है जिसके कारण थाने में काफी हंगामा हुआ। सोनी और मोनी (परिवर्तित नाम) पिछले 5 साल से प्रेम संबंध में थीं। उन्होंने 12 तारीख को एक-दूसरे से शादी कर ली। जब जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने विरोध किया। एक परिवार ने अपनी लड़की मोनी को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की जिससे थाने में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों से सलाह ले रही है। 5 साल से प्रेम संबंध प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी रैकवार और मोनी कुशवाहा के बीच पिछले करीब 5 साल से प्रेम संबंध था। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का मन बना रही थीं। सोनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे दोनों बालिग हैं और पूरी समझ-बूझ के साथ अपना जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं। परिजनों का विरोध सोनी के अनुसार, 12 तारीख को दोनों युवतियां एक धाम पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी आपसी सहमति से विवाह कर लिया। शादी करने के बाद वे दोनों साथ रहने लगीं लेकिन जैसे ही इस विवाह की जानकारी मोनी के परिवार वालों को मिली तो उन्होंने रिश्ते का कड़ा विरोध किया। मोनी को घर ले जाने पर अड़े थे परिजन सोनी का आरोप है कि मोनी के परिवार वाले उसे जबरन घर ले जाने के इरादे से सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया। युवतियां साथ रहने पर अड़ीं सूत्रों के अनुसार, परिजन रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जबकि दोनों युवतियां अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़ी हुई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों युवतियों को थाने में बैठाया और उनके परिवार वालों को समझाने की कोशिश की। मोनी को ले गए परिजन, मार्गदर्शन ले रही पुलिस पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रहने की बात कह रही हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने लड़की मोनी को उसके परिजनों के साथ भेजा है। वहीं समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर पूरी स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रही है ताकि कानून सम्मत निर्णय लिया जा सके।

285 किमी का जबलपुर-गोंदिया रेल प्रोजेक्ट: नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से कनेक्टिविटी में इजाफा

जबलपुर  मध्यप्रदेश के लिए एक अहम रेल प्रोजेक्ट की घोषणा हुई। केंद्र सरकार ने छोटी लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने का ऐलान किया तो प्रदेशवासी खुश हो उठे। बड़ी लाइन से उनका आवागमन और आसान होनेवाला था। हालांकि उनकी खुशी तब निराशा में बदल गई जब ब्रॉड गेज के लिए करीब 13 साल में नाममात्र का काम हुआ। संयोगवश उसी समय प्रगति पोर्टल चालू हो गया जिससे रेलवे प्रोजेक्ट में आती सभी दिक्कतें दूर होती चली गईं। 2021 में ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट पूरा हो गया और इसे राष्ट्र को सम​र्पित कर दिया गया। 285 किमी लंबी यह रेल लाइन मानो वरदान बन गई। इससे प्रदेशवासियों की नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई से कनेक्टिविटी बढ़ गई।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियां बताईं। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। इस मौके पर उन्होंने प्रगति पोर्टल की अहमियत भी प्रतिपादित की। पोर्टल की वजह से अटके प्रोजेक्ट को रफ्तार मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इसके लिए रेलवे के जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट का जिक्र किया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने का श्रेय प्रगति पो​र्टल को ही दिया। सीएस अनुराग जैन ने स्पष्ट कहा कि पोर्टल की वजह से ही अटके पड़े प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल सकी थी। अन्यथा जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट 2028 या 2030 तक पूरा हो पाता। सीएस अनुराग जैन ने बताया कि जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट पर सन 2003 में काम शुरु हुआ। इसमें कई व्यवधान आए और 2016 तक नाममात्र का ही काम हुआ। प्रगति पोर्टल आया तो जबलपुर गोंदिया ब्रॉड गेज से संबंधित सभी समस्याएं तुरंत हल की जाने लगीं। इसके परिणामस्वरूप रेल लाइन के काम में तेजी आई और 2021 में इसका शुभारंभ कर दिया गया। सीएस ने कहा कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के कामों को किस तरह गति मिली, इस उदाहरण से समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे की 285 किमी लंबी इस रेल लाइन से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिलों की नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी भी बढ़ गई है। अब जबलपुर से गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध हैं।

केंद्र सरकार की 5 लाख करोड़ रुपये की सौगात, एमपी में 101 प्रोजेक्ट्स से बदलेंगी सूरत और विकास

भोपाल  केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी और एमपी में सीएम मोहन यादव की बीजेपी की सरकारें हैं। देशभर में डबल इंजन की सरकारों के इस दौर में राज्य सरकार को खासा लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह तथ्य उजागर किया। उन्होंने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियां मीडिया से साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार के 101 प्रोजेक्ट के काम चल रहे हैं। इन विकास कार्यों से प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म से देशभर में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। पहले सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया गया अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों से 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली। इनमें से 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। ये 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाले प्रोजेक्ट हैं। सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अभी 101 केंद्रीय प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ये विकास प्रोजेक्ट 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के हैं। इनमें रेल मंत्रालय के 14, सड़क परिवहन मंत्रालय के 13, विद्युत मंत्रालय के 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं। केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन दिया मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। इसी दिशा में 'प्रगति पोर्टल' महत्वपूर्ण कदम है।" प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को हुई। पीएमजी और "प्रगति" पोर्टल से बुनियादी ढांचा विकास परियोजना और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित हुआ। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मध्यप्रदेश में केंद्रीय परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी में हैं। इसमें प्रमुख रूप से ऊर्जा, परिवहन, दूरसंचार, बिजली उत्पादन, सड़क और राजमार्ग, रेलवे, कोयला, तेल और गैस, मेट्रो रेल, नवकरणीय ऊर्जा एवं शहरी अवसंरचना की परियोजनाएं शामिल हैं। एमपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 मुद्दों में से राज्य सरकार ने 312 का समाधान किया। इसी प्रकार 'प्रगति पोर्टल' से 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें 124 मुद्दे सामने आए जिनमें से 120 का समाधान किया गया। पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में एमपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया। प्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं का प्रभुत्व है।

नया इनोवेशन: AIIMS और IIT ने बनाई पोर्टेबल 3D एक्स-रे यूनिट, एआई तकनीक से होगी त्वरित जांच

भोपाल   भारत में सड़क हादसों और ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर इलाज न मिल पाना मौतों का सबसे बड़ा कारण है। विशेषकर सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता के चलते मरीज 'गोल्डन आवर' में दम तोड़ देते हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए AIIMS भोपाल और IIT इंदौर ने हाथ मिलाया है। दोनों संस्थान मिलकर दुनिया की पहली ऐसी एआई-बेस्ड पोर्टेबल 3D एक्स-रे यूनिट विकसित कर रहे हैं, जो अस्पताल पहुंचने से पहले ही सीटी स्कैन जैसी हाई-डेफिनेशन रिपोर्ट दे सकेगी। ICMR ने दी 8 करोड़ की फंडिंग भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस क्रांतिकारी प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी है। देशभर से प्राप्त 1224 रिसर्च प्रस्तावों में से केवल 38 का चयन किया गया, जिनमें मध्य प्रदेश से एकमात्र इसी प्रोजेक्ट को चुना गया है। इसके विकास के लिए ICMR ने 8 करोड़ रुपये की फंडिंग स्वीकृत की है। कैसे काम करेगी यह तकनीक? वर्तमान में सीटी स्कैन मशीनें भारी और महंगी होती हैं, जिन्हें एंबुलेंस में नहीं ले जाया जा सकता। इसके उलट नई यूनिट पूरी तरह पोर्टेबल होगी। कम रेडिएशन: यह मशीन सामान्य सीटी स्कैन की तुलना में 500 गुना कम रेडिएशन उत्सर्जित करेगी। AI का कमाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यह यूनिट एक्स-रे इमेज को मल्टी-एंगल से कैप्चर कर 3D इमेज में बदल देगी। तत्काल रिपोर्ट: जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर देखी जा सकेगी, जिससे डॉक्टर मौके पर ही चोट की गंभीरता का मूल्यांकन कर सकेंगे। तीन चरणों में होगा विकास प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. बी.एल. सोनी और डॉ. अंशुल राय ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि इस मशीन को तीन चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में सिर और चेहरे (फेस एंड हेड) की इमेजिंग, दूसरे में फुल-बॉडी स्कैनिंग और तीसरे चरण में कैंसर रेडिएशन मैपिंग के लिए यूनिट तैयार की जाएगी। बचेगी हजारों की जान अकेले मध्य प्रदेश में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। यह मशीन एंबुलेंस और आपदा स्थलों पर तैनात की जा सकेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बिना रेफर किए तत्काल सटीक इलाज मिल सकेगा। सफल परीक्षण के बाद इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारने की योजना है ताकि दुनिया भर में आपातकालीन चिकित्सा को सस्ता और सुलभ बनाया जा सके।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन, कृषि क्षेत्र में नई पहल

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन भोपाल राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन किया गया है।समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त , सहकारिता, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण/ फूड प्रोसेंसिंग इंडस्ट्रीज, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, कुलपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर/ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, आयुक्त/ संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, निदेशक भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इन्दौर म.प्र, प्रभारी अधिकारी नाबार्ड, समन्वयक स्टेट लेवल बैंकर समिति, तिलहन क्षेत्र में कार्यरत एफपीओ/ को-ऑपरेटिक्स के दो प्रतिनिधि (प्रत्येक से एक) , बीज एवं खाद्य तेल उत्पादक उद्योग से संबंधित दो प्रतिनिधि(प्रत्येक से एक-एक) , भारत सरकार, कृषि मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी (संयुक्त सचिव स्तर) सदस्य होंगे। किसान कल्याण तथा कृषि विकास (राज्य मिशन संचालक NMEO-OS) को सदस्य-सचिव नामित किया गया हैं।     राज्य तिलहन मिशन की बैठक का आयोजन कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन की अध्यक्षता में किया जा सकेगा। मिशन के दायित्व अंर्तगत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, मिशन में निहित समग्र नीति दिशा-निर्देशों के भीतर राज्य में मिशन कार्यान्वयन की समग्र निगरानी की जायेगी। राज्य को सौंपे गए क्षेत्र, उत्पादन,  और उत्पादकता लक्ष्यों और इसकी निगरानी के आधार पर तिलहन की खेती और उत्पादन के लिए राज्य तिलहन कार्य योजना को अंतिम रूप देना , कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले मिशन के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप संभावित और वार्षिक राज्य कार्य-योजना को अंतिम रूप देना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को प्रस्तुत नियमित रिपोर्टों के साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर नजर रखकर राज्य स्तर पर मिशन की प्रगति की निगरानी की जायेगी। समिति द्वारा आवश्यक बुनियादी ढांचे (इंफास्ट्रक्चर) और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं आदि को विकसित करने के लिए राज्य स्तरीय वित्तीय संसाधन आवंटन की देखरेख करना, जिला मिशनों, मूल्य श्रृंखला भागीदारों और तकनीकी सहायता एजेंसियों के कामकाज और प्रगति की निगरानी करना और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करना और एस.ओ.पी निर्धारित करना, प्रमुख मिशन के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने तथा इसे राज्य कृषि नीतियों और विकास योजनाओं के साथ जोडने के लिए संबंधित विभागों (कृषि, सिंचाई वित्त. ग्रामीण विकास आदि) के साथ समन्वय करके अन्य केन्द्रीय और राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण सुनिश्चित करने के कार्य किए जाएंगे।  

आज लाड़ली बहनों के खाते में 32वीं किस्त, सीएम मोहन यादव करेंगे डिजिटल ट्रांसफर

 नर्मदापुरम  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए आज 16 जनवरी की सुबह खुशखबरी होगी। लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम के माखननगर दौरे पर रहेंगे और इस दौरान बहनों के खातों में 1500 रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से भेजे जाएंगे। यह राशि पहले 15 जनवरी को जारी होने वाली थी, लेकिन कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित किया गया। सीएम डॉ.मोहन यादव करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन माखननगर के सांदीपनि स्कूल के पास खेल मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सीएम डॉ.मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा वे PWD गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे और कई अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। 31वीं किस्त कब जारी हुई थी मध्यप्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव ने 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 31वीं किस्त के 1500 रुपये 9 दिसंबर को छतरपुर के राजनगर से ट्रांसफर किए थे। अब 32वीं किस्त माखननगर से जारी की जाएगी। लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपये कब मिलेंगे? लाड़ली बहना योजना से अब तक 1 करोड़ 29 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। मध्यप्रदेश सरकार के अनुसार आने वाले वर्षों में यह राशि बढ़ाकर 2028 तक 3000 रुपये प्रति माह करने का लक्ष्य रखा गया है। हर महीने मिलते हैं 1500 रुपये मध्य प्रदेश सरकार इस योजना के तहत हर पात्र महिला को हर महीने 1500 रुपये देती है. शुरुआत में यह रकम 1000 रुपये थी, फिर 1250 रुपये की गई और अब दिसंबर 2025 से इसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है. यानी एक साल में एक महिला को करीब 18000 रुपये की सीधी मदद मिल रही है. 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहा लाभ इस योजना से अभी 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. मतलब साफ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को 32वीं किस्त का फायदा मिलेगा. सरकार का कहना है कि आने वाले सालों में इस रकम को और बढ़ाया जाएगा और 2028 तक इसे 3000 रुपये महीना करने का लक्ष्य है. लाडली बहना योजना क्या है ? बता दें कि लाडली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में की गई थी. इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर न रहें. यह पैसा रोजमर्रा की जरूरतों, दवा, राशन और बच्चों की पढ़ाई में काफी मदद करता है. कौन महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं? इस योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जो मध्य प्रदेश की निवासी हों. महिला विवाहित होनी चाहिए, जिसमें विधवा, तलाकशुदा और छोड़ी गई महिलाएं भी शामिल हैं. महिला की उम्र 21 साल से ज्यादा और 60 साल से कम होनी चाहिए. पैसा सीधे महिला के आधार लिंक बैंक खाते में भेजा जाता है. किन महिलाओं को नहीं मिलेगा पैसा?     अगर किसी महिला या उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा. जिनके परिवार में कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है.      इसके अलावा जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है या पेंशन लेता है, उन्हें भी पैसा नहीं मिलेगा. आपके खाते में पैसा आएगा या नहीं, ऐसे करें चेक अगर आपको शक है कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो इसे चेक करना बहुत आसान है.      इसके लिए आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होगा.      वहां अंतिम सूची वाले विकल्प में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें     कैप्चा भरें और ओटीपी डालते ही पूरी डिटेल लिस्ट सामने आ जाएगी. मैसेज नहीं आया तो घबराएं नहीं कई बार बैंक की तरफ से मैसेज देर से आता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. आप अपने बैंक का बैलेंस मिनी स्टेटमेंट, मोबाइल बैंकिंग ऐप या *99# सर्विस से भी पैसे चेक कर सकती हैं. महिलाओं के लिए क्यों खासहै यह योजना अगर देखा जाए तो लाडली बहना योजना से हर महिला को महीने में 1500 रुपये मिलते हैं. यानी साल भर में यह रकम 18000 रुपये हो जाती है.आज के समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तब यह योजना महिलाओं के लिए राहत बनकर आई है. यह पैसा सीधे खाते में आता है और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती, जिससे भरोसा भी बना रहता है. गांव और छोटे शहरों में यह पैसा घर के छोटे खर्चों के लिए बहुत बड़ा सहारा बन चुका है. कब शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना मई 2023 में शुरू की गई थी। योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।     10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना की शुरुआत में 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि की गई।     इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, 2024 व 2025 में रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।     योजना की शुरुआत (जून 2023) से लेकर दिसंबर 2025 तक लगभग 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। योजना में किसे मिलता है लाभ पात्रता:     मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो।     विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं।     21 से 60 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। अपात्र:     स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो।     ​जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर … Read more

चंबल से अरावली तक खनन माफिया का तांडव, राजस्थान और एमपी में लोग खौफ में, कानून नाकाम

श्योपुर/जयपुर देश में अवैध रेत खनन का जिन्न एक बार फिर पूरी ताकत से बाहर आ चुका है. राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में रेत माफिया का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब न सिर्फ आम लोग, बल्कि पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं.  जांच में सामने आया है कि बीजेपी शासित दोनों राज्यों में रेत माफिया खुलेआम दिनदहाड़े अवैध खनन और परिवहन कर रहा है. हालात इतने गंभीर हैं कि बीते एक हफ्ते में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक वनकर्मी ड्यूटी पर तैनात था. कई जिलों में अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं और स्थानीय लोग पर्यावरण तबाही को लेकर दहशत में जी रहे हैं. राजस्थान के धौलपुर जिले से सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन रोकने गए वन रक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया. घटना 8 जनवरी की रात की है, जब वन विभाग की टीम चंबल वन्यजीव क्षेत्र में गश्त कर रही थी. ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने भागने के दौरान वनकर्मी को टक्कर मार दी. गंभीर हालत में उन्हें पहले करौली और फिर जयपुर रेफर किया गया, जहां पैर काटना पड़ा, लेकिन 10 जनवरी की रात उनकी मौत हो गई. वन विभाग के मुताबिक, आरोपी माफिया मौके से फरार हो गया था. बाद में पुलिस ने बजरी माफिया रामसेवक उर्फ चालू को गिरफ्तार किया. इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी से अवैध रास्तों को खोदकर बंद किया, लेकिन सवाल यही है कि क्या ये कार्रवाई स्थायी है? अजमेर: अलर्ट मोड पर प्रशासन, सख्त चेतावनी धौलपुर की घटना के बाद अजमेर प्रशासन हरकत में आया. जिला कलेक्टर लोकबंधु ने अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें बनाई गईं. पुष्कर, केकड़ी और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी की गई. कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर लाखों का जुर्माना लगाया गया और दोबारा पकड़े जाने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन का कहना है कि अब किसी भी कीमत पर अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे उलट नजर आती है. अलवर: अरावली की पहाड़ियां हो रहीं खत्म अलवर जिले में अरावली की पहाड़ियों को रेत और पत्थर माफिया खोखला कर रहे हैं. राजगढ़ क्षेत्र के मूनपुर गांव में बालाजी मंदिर के पास खुलेआम पत्थर खनन चल रहा है. आजतक की टीम ने देखा कि सुबह होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खनन में जुट जाती हैं. भारी वाहन सड़कों से गुजरते हैं, लेकिन न पुलिस रोकती है और न वन विभाग. जब पुलिस ने पीछा किया तो माफिया ने एक घर की नींव तक तोड़ दी, जिससे तीन बकरियों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि माफिया को कानून का कोई डर नहीं है और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है. बारां: अवैध बजरी मंडी पर छापा बारां शहर में पुलिस ने अंबेडकर सर्किल के पास अवैध बजरी बाजार पर बड़ी कार्रवाई की. 12 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गईं, जिनमें से 8 अवैध पाई गईं. हालांकि चार बिना रजिस्ट्रेशन वाली ट्रॉलियों को जांच के बाद छोड़ दिया गया, जिस पर सवाल उठ रहे हैं. गांव वालों का आरोप है कि खनन बस्ती से महज 100 मीटर दूर हो रहा है, ब्लास्टिंग से घरों में दरारें आ गई हैं और शिकायतों के बावजूद प्रशासन चुप है. मध्य प्रदेश: रेत माफिया बनाम कानून श्योपुर: वन विभाग पर पथराव, मां-बेटे को कुचला राजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश की बात करते हैं, जहां श्योपुर जिले में चंबल अभयारण्य की टीम ने एक अवैध रेत से भरा डंपर पकड़ा. डंपर जब्त कर ले जाते वक्त माफिया ने पथराव कर दिया और वाहन छुड़ाने की कोशिश की. पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ. इसी जिले के विजयपुर इलाके में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार बेटे को कुचल दिया, मां गंभीर रूप से घायल हो गई. आरोपी चालक फरार है और खबर लिखे जाने तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. रतलाम: पुलिस पर हमला, बीजेपी पार्षद गिरफ्तार रतलाम में अवैध परिवहन की सूचना पर पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी. तभी 15 से ज्यादा बदमाश पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया. ट्रॉली पलटने से एक पुलिसकर्मी दब गया. इस मामले में बीजेपी पार्षद जगदीश प्रजापत को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. बाकी आरोपी फरार हैं और खबर लिखे जाने तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. मुरैना: चंबल में चौबीसों घंटे खनन मुरैना और भिंड चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन का सबसे बड़ा गढ़ बने हुए हैं. दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चंबल नदी से रेत निकालकर बेच रही हैं. खनिज विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है. अधिकारी कहते हैं कि शिकायत मिलने पर जांच होती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. जबलपुर: अफसरों को कुचलने की धमकी जबलपुर में अवैध खनन की जांच करने पहुंचे तहसीलदार और खनिज विभाग की टीम को माफिया ने ट्रक से कुचलने की धमकी दी. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. खनन कारोबारी रोहित जैन को गिरफ्तार किया गया, लेकिन सवाल यह है कि ऐसे लोग इतने बेखौफ कैसे हैं. सवाल वही: माफिया इतना ताकतवर क्यों? आजतक की इस जांच में साफ है कि अवैध रेत खनन अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था का बड़ा संकट बन चुका है. जब अफसरों की जान सुरक्षित नहीं, तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे. सरकारें कार्रवाई के दावे कर रही हैं, लेकिन जब तक माफिया पर स्थायी और सख्त शिकंजा नहीं कसा जाता, तब तक चंबल, अरावली और नर्मदा यूं ही लुटती रहेंगी.  

युवा लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) R (रामविलास) की मध्य प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा

भोपाल 11 जनवरी 2026 केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश में युवा लोक जनशक्ति पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा की गई। भोजपुर क्लब में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जय कुमार ठाकुर जी की गरिमामय उपस्थिति रही, इस अवसर पर श्री यश तिवारी को युवा लोक जनशक्ति पार्टी, मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, उनके साथ ही प्रदेश उपाध्याय अक़बर भूखारी, प्रदेश महासचिव विजय तिवारी, प्रदेश सचिव निशिता सिंह, को नियुक्त किया l कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जय कुमार ठाकुर,की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने उद्बोधन में श्री ठाकुर ने कहा कि पार्टी के संस्थापक, सामाजिक न्याय की राजनीति के बड़े स्तंभ है, स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान की विचारधारा को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रदेश में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पार्टी मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ……….. ऐसे क्षेत्रों पर फोकस करेगी जोआने वाले समय में प्रदेश की तस्वीर बदलेंगे।प्रदेश अध्यक्ष श्री यश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा लोक जनशक्ति पार्टी का स्पष्ट विज़न है। मध्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को राज्य में एक सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करना,तथा गरीबों, महिलाओं और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना।उन्होंने कहा कि यह संगठन केवल राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य, हुनर और आत्मसम्मान की लड़ाई है। पार्टी आने वाले समय में जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार करेगी। इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय युवाओ ने भी अपनी सहभागिता दर्ज की, पार्टी पदाधिकारियों ने अपने संगठनात्मक ढांचे, कार्यप्रणाली और आगामी जनहितकारी गतिविधियों को प्रेस से साझा किया।

एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में आएंगे 1836 करोड़ रूपये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 16 जनवरी को माखन नगर (बाबई), जिला नर्मदापुरम में आयोजित लाड़ली बहनों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत प्रदेश की बहनों के खातों में राशि का अंतरण करेंगे। प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार से अधिक पात्र बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जायेगी। साथ ही 29 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ से अधिक राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 से की गई थी। योजना के अंतर्गत माह नवंबर 2025 से राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई है। अब पात्र हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना में जून 2023 से दिसंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता की 31 किश्तों का नियमित रूप से अंतरण किया जा चुका है। जनवरी 2026 में योजना की 32वीं किश्त का लाड़ली बहनों के खातों में अंतरण किया जायेगा। योजना अंतर्गत अब तक जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के दौरान 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपये का अंतरण किया गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित किया गया है। आगामी समय में योजना की हितग्राही महिलाओं को विभिन्न रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें।