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पचमढ़ी से भी ठंडा भोपाल, राजगढ़ में बर्फीली ठंड, ट्रेनों की रफ्तार थमी

भोपाल   मध्यप्रदेश में काड़के की ठंड का सितम जारी है. प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार की रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 29 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. राजधानी भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडे रहे. वहीं घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही है.  शुक्रवार और शनिवार की रात में राजधानी भोपाल का तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया, जबकि उमरिया में पारा 4.7 डिग्री तक गिर गया. पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री रहा. वहीं प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां का तापमान 3.8 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड बढ़ने और कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के कई जिलों में पारे में खासी गिरावट देखने को मिली। भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडे रहे। भोपाल-नौगांव में 4.6 डिग्री और उमरिया में तापमान 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री रहा। दूसरी ओर, राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां पारा रिकॉर्ड 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। बड़े शहरों में इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो, रीवा, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। कोहरे की वजह से ट्रेनें आ रही लेट शुक्रवार सुबह भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर-उज्जैन की तरफ आने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो गईं। ऐसा ही असर शनिवार सुबह भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे और ठंड की वजह से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। सुबह लोग अलाव जलाते हुए नजर आ रहे हैं। ये ट्रेनें चल रही घंटों लेट ट्रेन  ट्रेनें कितनी देरी से चल रही  पंजाब मेल 2 घंटा 20 मिनट शताब्दी एक्सप्रेस 20 मिनट यशवंतपुर कनार्टका एक्सप्रेस 40 मिनट झेलम एक्सप्रेस 7 घंटे 10 मिनट सचखंड एक्सप्रेस 10 घंटे

भोपाल एयरपोर्ट को मिला शीर्ष स्थान, खजुराहो एयरपोर्ट ने भी दिखाया दम

भोपाल  भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे) में लगातार दूसरी बार नंबर एक का दर्जा प्राप्त किया है। देश के 58 हवाई अड्डों पर हुए सर्व में भोपाल अव्वल रहा है। प्रदेश के कम एयर ट्रैफिक वाले खजुराहो एयरपोर्ट को भी पहला स्थान मिला है। ग्वालियर छह एवं जबलपुर एयरपोर्ट सातवें स्थान पर रहा है। इस सर्वे में इंदौर शामिल नहीं था। भोपाल श्रेणी तीन हवाई अड्डा है, जहां यात्री संख्या 15 लाख से अधिक है। एयरपोर्ट कांउसिल द्वारा निर्धारित सर्विस क्वालिटी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी साल में दो बार सीएसआइ इंडेक्स जारी करती है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यात्रियों से सीधे बातचीत के आधार पर हुए सर्वे में भोपाल को लगभग हर पैरामीटर पर पूरे नंबर मिले हैं। ओवरआल रैंकिंग के लिए पांच में 4.99 नंबर मिले हैं। इसी आधार पर भोपाल और खजुराहो को नंबर एक दर्जा मिला है। राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में इंटरनेशनल मापदंड के अनुरूप डिजी यात्रा सुविधा मिली है। ग्राउंड हैंडलिंग, चेक इन सेवाओं एवं फ्लाइट स्क्रीन सूचना सेवा को आसान बनाया गया है। हाल में 'आइ हेल्प यू' कांउटर बना है। फ्लाइब्रेरी एवं केटेगरी-2 आइएलएस सिस्टम लगा है इसका असर सर्वे में नजर आया है। कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान राजा भोज एयरपोर्ट का फ्लाइट शेड्यूल पैंसेजर फ्रेंडली है। भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से देश-विदेश की कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान हैं। इस बिंदु पर यात्रियों ने भोपाल को पांच में से पूरे पांच नंबर दिए हैं। शापिंग सुविधाएं, मनी एक्सचेंज एवं एयरपोर्ट तक ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, 24 घंटे पार्किंग सुविधा, चेक इन में प्रतीक्षा समय कम लगना, चेक इन स्टाफ की दक्षता, सिक्युरिटी होल्ड एरिया में खानपान एवं शापिंग सुविधा सहित अधिकांश बिंदुओं पर यात्रियों ने पिछली बार के मुकाबले भोपाल को पूरे नंबर दिए हैं। एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले साल ही लाउंज पर यात्री सहायता काउंटर स्थापित किया था। इस कांउटर पर आने वाले हर यात्री की मदद की जाती है। सीआईएसएफ के जवानों को भी ट्रेंड किया गया है। यात्रियों ने इसी आधार पर भोपाल को भरपूर नंबर दिए हैं। भोपाल के एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी एवं खजुरोहो के एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोषसिंह ने सर्वे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाएं जारी रखने की बात कही है। जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा हुआ     हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि है किसर्वेक्षण में यात्रियों ने हमें लगभग हर सुविधा पर पूरे नंबर दिए हैं। मे आई हेल्प यू काउंटर खुलने के बाद पहली बार यात्रा करने वालों को भी कोई परेशानी नहीं होती। लाउंज से सिक्युरिटी होल्ड एरिया तक हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। यात्री भी बढ़े हैं। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर भोपाल  

विजय नगर में 200 केवीए फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन, शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ा कदम

इंदौर देश में लगातार आठ बार स्वच्छता में नंबर वन रहने के बाद इंदौर अब ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में विजय नगर क्षेत्र में 200 केवीए सार्वजनिक फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया है। इस चार्जिंग स्टेशन पर लगे सुपर चार्जर से इलेक्ट्रिक कारें 45 मिनट से एक घंटे के भीतर चार्ज हो सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी और लंबी दूरी की यात्रा भी आसान बनेगी। शहर में ईवी और चार्जिंग स्टेशन की स्थिति शहर में वर्तमान में 41 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं 47 नए चार्जिंग स्टेशन पीपीपी (सार्वजनिक–निजी भागीदारी) माडल पर तैयार किए जा रहे हैं लोक परिवहन में 120 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या कुल ईवी वाहन : 68,649 दोपहिया : 44,947 कार : 4,220 ई-रिक्शा (पैसेंजर व कार्गो): 14,639 थ्री व्हीलर : 4,345 ई-बस : 186 डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन क्या है अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड और रोडग्रिड-विनफास्ट इंडिया द्वारा शुरू किया गया यह डीसी फास्ट चार्जिंग सिस्टम इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का सबसे तेज तरीका है। इसमें वाहन के आंतरिक एसी-टू-डीसी कनवर्टर को बायपास कर बैटरी को सीधे डायरेक्ट करंट (डीसी) सप्लाई दी जाती है। यह तकनीक लंबी यात्राओं और बड़े वाहनों के लिए अधिक उपयोगी मानी जाती है, हालांकि यह सामान्य चार्जिंग की तुलना में महंगी होती है और बैटरी पर अधिक दबाव डालती है। चार्जर क्षमता और चार्जिंग समय 120 केवी सुपर चार्जर ई-बस और कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 60 केवी चार्जर कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 18–20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 22 केवी चार्जर 2 से 3 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 7.4 केवी चार्जर करीब 6 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी चार्जिंग स्टेशन पर न करें ये 5 गलतियां हर बार फास्ट चार्जिंग करना गलती : छोटी दूरी या रोजमर्रा के इस्तेमाल के बावजूद बार-बार फास्ट चार्जर लगाना। नुकसान : फास्ट चार्जिंग से बैटरी जल्दी गर्म होती है, जिससे उसकी लाइफ कम होती है। सही तरीका : रोजमर्रा में नार्मल चार्ज, फास्ट चार्जिंग सिर्फ जरूरी होने पर 100% चार्ज करके देर तक प्लग लगे रहने देना गलती : चार्ज पूरी होने के बाद भी गाड़ी को चार्जिंग स्टेशन पर लगाए रखना। नुकसान : ओवरचार्जिंग से बैटरी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। सही तरीका : 80–90% चार्ज पर प्लग हटाएं। गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करना गलती : लंबी ड्राइव या धूप में खड़ी गाड़ी को तुरंत चार्ज पर लगा देना। नुकसान : गर्म बैटरी को चार्ज करने से उसकी क्षमता घटती है। सही तरीका : 10-15 मिनट बैटरी ठंडी होने दें, फिर चार्ज शुरू करें। गलत केबल या ढीला कनेक्शन गलती : अनअप्रूव्ड केबल या ठीक से लाक न हुआ चार्जर इस्तेमाल करना। नुकसान : वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से सेल डैमेज हो सकता है। सही तरीका : कंपनी-अप्रूव्ड केबल, चार्ज शुरू होने से पहले कनेक्शन जांचें। चार्जिंग स्टेशन पर बारिश या नमी गलती : गीले हाथों से प्लग लगाना या पानी भरे स्थान पर चार्जिंग। नुकसान : शार्ट सर्किट और इलेक्ट्रानिक्स फेल होने का खतरा। सही तरीका : सूखी जगह में चार्जिंग, बारिश में अतिरिक्त सावधानी।

क्रिकेट और विवाद: उज्जैन संतों ने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर जताई आपत्ति

उज्जैन  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और दो हिन्दुओं की हत्या पर भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शहरों में हिंदूवादी संगठन लगातार बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर उसे सबक सिखाने।  इधर, IPL 2026 के लिए खरीदे गए एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान का के विरोध में उज्जैन के साधु-संत भी मैदान में उतर गए हैं। रहमान को KKR ने 9.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा है। सड़कों में विरोध की चेतावनी दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच उज्जैन में साधु-संत भी अब मुखर हो गए हैं। उन्होंने भी बांग्लादेश के खिलाफ मोर्चा खोलकर आगामी IPL टूर्नामेंट में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं खिलाने की चेतावनी दी है। संतों ने कहा की हमारे एक राज्य से भी छोटा देश हमें आंख दिखा रहा है। क्रिकेट के नाम पर हम उनकी झोली भरे ये नहीं चलेगा। जैसे पहले पाकिस्तान टीम का विरोध करते हुए बाला साहेब ठाकरे ने पिच खोदकर मैच रुकवाया था। वैसा ही इस बार नागा साधु संतो की टोली करेगी। संतो ने कहा की किसी भी बांग्लादेशी खिलाडी को खिलाया तो संत सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। और मैच के दौरान हंगामा करेंगे। पिच उखाड़कर फेकेंगे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा- बांग्लादेश के खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज अब पिच उखाड़ने का काम करेगा। मैच के दौरान हंगामा करेंगे, हम अपनी भाषा में समझायेंगे। आईपीएल में करोड़ों रुपए देकर बांग्लादेश के खिलाडी को खरीदा जा रहा है। इनका बहिष्कार हो, उनको यहां से भगाया जाए। जिस तरह से पाकिस्तान के मैच के दौरान बाला साहेब ठाकरे ने पिच उखाड़ी थी उसी तरह हम नागा साधु भी एकत्रित होकर पिच उखाड़कर हंगामा करेंगे और खेलने नहीं देंगे। पीएम से एक्शन लेने की मांग रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने कहा बांग्लादेश हमारे एक राज्य से भी छोटा है, जहां हिन्दुओं को जलाया जा रहा है। पीएम को एक्शन लेना चाहिए। सरेआम उपद्रव कर रहे है। हिन्दुस्तान में क्रिकेटर की कमी है क्या, ऐसा करेंगे तो इनकी टीम खत्म करना चाहिए। महंत विशाल दास ने कहा कि देश के उद्योगपति भारत के खिलाड़ियों को प्रमोट करने की जगह बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खिला रहे है। ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खरीद रहे है। अखिल भारतीय संत समिति उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो इनको खिला रहे। बांग्लादेश के साथ कोई मैच नहीं खेला जाना चाहिए।  

सतना में बड़ी सौगातें: नवनिर्मित बस टर्मिनल का लोकार्पण और मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन

सतना   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसंबर शनिवार को सतना आ रहे हैं. मुख्यमंत्री यहां 652 करोड़ 54 लाख रु के विकास कार्यो की सौगात देंगे, जिसमें मुख्य रूप से नया व आधुनिक बस स्टैंड, और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के साथ विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही सीएम भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने बीजेपी कार्यालय जाएंगे और फिर विंध्य व्यापार मेले में भी शिरकत करेंगे. दोपहर 12 बजे सतना पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना जिले के एक दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर से प्लेन द्वारा रवाना होकर दोपहर 12 बजे सतना एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4.50 बजे सतना एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे. सतना प्रवास पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर को 652 करोड 54 लाख रु की लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे. सतना को मिलेंगी ये सौगातें सीएम डॉ. यादव शहर में 31 करोड़ 15 लाख रु की लागत से नवनिर्मित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सतना और 8 करोड़ 39 लाख रु लागत के धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवनिर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे. साथ ही अंतरराज्यीय बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के 168 लाख 33 हजार रु लागत के 6 विकास कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रु लागत के 6 अन्य विकास कार्यो का भूमिपूजन करेंगे. वहीं कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे. इसके साथ ही शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में करोड़ों रु की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. सबसे पहले बस स्टैंड पहुंचेंगे सीएम मामले पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भगवती पांडेय ने बताया, '' सीएम डॉक्टर मोहन यादव जी सतना एयरपोर्ट से सबसे पहले नया बस स्टैंड का उद्घाटन करने पहुंचेंगे, उसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का लोकार्पण होगा. वहां से भाजपा कार्यालय और फिर विभिन्न व्यापार मेला में जाएंगे. उसके बाद पुनः वापस भोपाल के लिए रवाना होंगे.'' सतना सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, '' शनिवार को सीएम डॉ मोहन यादव जी के आगमन पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जगह-जगह पर पुलिस बल लगाया गया है और बैरिकेडिंग के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था भी की गई है.''

मध्य क्षेत्र में अब तक 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ लाखों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षि‍तिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में ही अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके सौ फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का प्रथम चरण चल रहा है, जो‍कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त होगा। इस दौरान बकायादार उपभोक्‍ताओं को सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ मिल रहा है। हालांकि 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक दूसरा चरण चलेगा, लेकिन उसमें सरचार्ज माफी का प्रतिशत कम हो जाएगा, इसलिए प्रथम चरण में ही योजना में शामिल होकर अधिकतम लाभ उठाएं। अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 255 करोड़ 53 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 133 करोड़ 40 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय एप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

शहर के बीचोंबीच फिर हादसा: भोपाल मार्केट में बारूद फटा, घंटों चला रेस्क्यू

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुल पातरा इलाके में स्थित टिंबर मार्केट में शनिवार तड़के लगभग पौने 3 बजे भीषण आग लग गई। आग पहले एक फर्नीचर की दुकान में लगी और देखते ही देखते फैलकर आरा मशीन तक पहुंच गई। विकराल रुप से लगी आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों काे अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद माैके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने के प्रयास में जुट गई। राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में पात्रा नाले के पास स्थित भोपाल डेकोरेटर के शोरूम और गोदाम में देर रात देर रात 3:00 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से झलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दमकल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू कर दिया। आज यानी शनिवार को सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। टिंबर में (आरा मशीन) में यह दूसरी बार आग लगी है। इससे पहले भी यहां एक अन्य आरा मशीन में आग लग गई थी। पुलिस के अनुसार, आग सबसे पहले एक फर्नीचर दुकान में लगी, जो बढ़कर आरा मशीन तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने फर्नीचर-आरा मशीन समेत तीन जगहों अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के दौरान आरा मशीन की दीवार गिर गई। जिससे दो कर्मचारियों समेत समेत 4 लोग घायल हो गए। भोपाल डेकोरेशन और आरा मशीन अंजुम भाई की बताई जा रही है। जिस जगह आग लगी उसके ठीक पीछे रेलवे ट्रैक है। आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के 2.45 बजे सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। आग बुझाने में लगे कर्मचारी, अचानक गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। 50 फीट ऊपर उठी आग की लपटें, दूर तक दिखा धुआं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की आरा मशीनें भी चपेट में आ सकती थीं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, वजह साफ नहीं आग लगने का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, इलाके के कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग के कारण पात्रा पुल की तरफ आने वाली मुख्य सड़क को भारत टॉकीज और बोगदा पुल के पास से बंद कर दिया गया था। साथ ही इलाके की बिजली भी बंद कर दी गई थी। दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इधर आग लगी, उधर 50 मीटर दूर गुजरती रही ट्रेनें खास बात ये है कि जिस जगह आग लगी वो रेलवे ट्रैक से लगी है। रेलवे ट्रैक यहां के बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर ही है। ऐसे में आग लगने के दौरान यहां से कई ट्रेनें गुजरीं। हालांकि, इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। डेढ़ महीने पहले भी लगी थी आग…गुजरती रही ट्रेनें इससे पहले 9 नवंबर को भी इसी टिंबर मार्केट में आग लगी थी। एक टॉल में लगी इस आग ने 5 से 6 टाल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि काफी दूर से ही लपटें और धुएं के गुबार नजर आ रहे थे। दमकल की करीब 40 गाड़ियां मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इसके बाद भी आग धधकती रही। कई जगहों पर धुआं उठता नजर आया। जिसे दमकलकर्मियों ने देर रात तक पूरी तरह बुझा लिया। डेढ़ साल से कवायद, टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका भोपाल शहर के बीचों-बीच टिंबर मार्केट न सिर्फ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए बड़ी अड़चन बना है, बल्कि 'बारूद' के ढेर जैसा है। इसकी शिफ्टिंग के लिए डेढ़ साल से कवायद हो रही है। 18 एकड़ जमीन और 5.85 करोड़ रुपए भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक टिंबर मार्केट शिफ्ट नहीं हो सका है। पात्रा पुल इलाके में स्थित इसी 108 आरा मशीनों वाले टिंबर मार्केट में दो महीने बाद फिर शनिवार सुबह आग लगी। मौके पर पहुंचीं 22 दमकल नगर निगम के बैरागढ़, फतेहगढ़, कबाड़खाना, माता मंदिर, कोलार फायर स्टेशन के अलावा भेल, पुलिस के 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे रहे। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लोहे की टिन तक पिघल गई भोपाल डेकोरेटर शोरूम मेन रोड पर ही है। इससे सटी हुई आरा मशीन है। तड़के सबसे पहले शोरूम में आग लगी और देखते ही देखते आरा मशीन को चपेट में ले लिया। शुरुआती एक घंटे तक आग इतनी भीषण थी कि लोहे की टिन तक पिघल गई। धीरे-धीरे आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई। इस वजह से आग बुझाने में 4 घंटे से ज्यादा समय लग गया। भरभरा कर गिर गई दीवार आरा मशीन के मुख्य गेट से आग बुझाने का काम चल रहा था। इसमें आरा मशीन के कर्मचारी और राहगीर भी जुटे हुए थे। तभी अचानक आरा मशीन के मुख्य गेट पर पक्की दीवार गिर गई। इस वजह से जावेद, जुनैद समेत चार लोग घायल हो गए। उन्हें तुरंत पहले हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। आग की लपटें दूर तक दिखीं आग की लपटें 50 फीट तक ऊपर उठ गईं। धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। अगर समय … Read more

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025: विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में हुआ सम्मान — मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग, व्यवसाय सहित कला, साहित्य संगीत के क्षेत्र की विभूतियों का मध्यप्रदेश की धरती पर अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का समृद्ध अतीत है।भारत में विभिन्न शासन व्यवस्था में नवरत्न की परंपरा रही है और उन्हें सम्मानित करने की परम्परा भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राईड ऑफ मध्यप्रदेश : 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की खुशबू है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन की सुव्यवस्था कायम है। जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रतिमान गढ़े हैं। दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वालों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वालों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। इन विभूतियों ने रोल मॉडल बनने के लिए अथक परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रगति के लिए सरलीकृत व्यवस्था और सुशासन स्थापित कर कार्य रही है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण राज्य में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार का यह संयोग विकास के क्षेत्र में अच्छी उपलब्धियां को सामने लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खेल कमेंटेटर सुशील दोषी, क्रिकेटर जय प्रकाश यादव, फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी सहित उद्योग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संपादक सतीश सिंह और सीईओ सुमित मोदी ने भी संबोधित किया और अतिथियों का स्वागत किया।  

मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी के उपयोग को दिया बढ़ावा मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री, भोजपाल मेले में हुए शामिल, मालवा के व्यंजन गराडू का लिया स्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया है। मध्यप्रदेश सरकार भी भोजपाल मेले जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र के उन्नयन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल मेले 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं और उत्कृष्टआयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेला वो है जहां लोग परस्पर मिलते हैं। व्यक्तियों के मध्य मतभेद को समाप्त करवाने में भी मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन विकास के लिए बड़ी झील में शिकारों का संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल के नागरिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के मेलों का आनंद लेना पसंद करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। साथ ही विभिन्न व्यंजन स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने मालवा क्षेत्र में लोकप्रिय व्यंजन गराडू का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मेला समिति के पदाधिकारी सुनील यादव और विकास वीरानी ने स्वागत किया।  

खदान विवाद में संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ीं, 443 करोड़ की वसूली मामले में बड़ी कार्रवाई तय

जबलपुर  कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी खनन कंपनियों के खिलाफ खनिज विभाग ने 443 करोड़ रुपये की रिकवरी को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में संचालित तीन लौह अयस्क खदानों में निर्धारित सीमा से अधिक खनन के मामले में विभाग द्वारा जारी दो नोटिस और अंतिम चेतावनी के बावजूद कंपनियों ने न तो कोई जवाब दिया है और न ही राशि जमा की है। खनिज विभाग ने 4 दिसंबर को अंतिम नोटिस जारी किया था, जिसकी समय-सीमा 23 दिसंबर की शाम को समाप्त हो गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब रिकवरी आरोपित कर दी गई है और वसूली के लिए अधिकृत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तय राशि जमा नहीं होने पर नियमों के तहत खदान या उतनी ही कीमत की संपत्ति को सीज किया जा सकता है। यह मामला सिहोरा क्षेत्र की निर्मला मिनरल, आनंद मिनरल और पैसिफिक मिनरल नामक तीन लौह अयस्क खदानों से जुड़ा है। भले ही विधायक संजय पाठक इनके प्रत्यक्ष मालिक न हों, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में इन पर उनका आधिपत्य दर्ज है। जांच में अनुमति से अधिक खनन की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर 443 करोड़ रुपये की पेनल्टी तय की गई है। अब खनिज विभाग डिमांड नोटिस जारी करेगा। साथ ही, जियोमाइन बेनिफिकेशन प्लांट सहित अन्य खदानों को लेकर केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की जांच में भी कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।  अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा, लेकिन यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। माइनिंग विभाग जल्द ही RRC जारी करने की भी तैयारी में है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पाई गई अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इस कार्रवाई ने खनन कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों में भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पहली बार सत्तारूढ़ दल के किसी विधायक की कंपनियों पर इतना बड़ा दंड लगाया गया है। विधायक संजय पाठक ने अब तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं। सरकार द्वारा अपने ही पार्टी विधायक के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई करने से यह मामला और भी सुर्खियों में है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे की कार्रवाई कितनी तेजी और निष्पक्षता से करता है। यह मामला न सिर्फ राजनीतिक वाद-विवाद का केंद्र बना हुआ है बल्कि प्रदेश में खनन गतिविधियों की निगरानी और नियमन पर भी नए सवाल खड़े कर रहा है।