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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण अतिथियों को भेंट के रूप में दिया जा रहा है प्रदेश का महेश्वरी स्टोल प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति बढ़ाएं मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियों का संग्रह होगा विकसित – महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन बनेंगे आधार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि –     प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।     कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।     विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।     भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।     जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।     डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना     ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।     उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।     भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।     बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।     एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।     1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।     प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।     खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।     देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।     जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।  

पहली बार मुख्यमंत्री निवास पहुंचे श्री कृष्ण पटेल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिलकर हुए भावुक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में अनेक प्रतिनिधिमंडल मिले। इनमें विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस और श्रीमती मंजू दादू भी शामिल हैं। विधायक, बुरहानपुर श्रीमती अर्चना चिटनीस ने विकास कार्यक्रमों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया, वहीं विधायक नेपानगर श्रीमती मंजू राजेंद्र दादू ने वेदर इन्फोर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम (WINDS) केंद्र की मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इस केन्द्र के संचालन से मौसम आधारित आंकड़े उपलब्ध होंगे और कृषकों के हित में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन तेजी से होगा। विधायक श्रीमती मंजू राजेंद्र दादू के साथ आए जनप्रतिनिधियों एवं प्रमुख नागरिकों में ग्राम कोरिया कौन के निवासी श्री कृष्ण पटेल भी शामिल थे जो पहली बार राजधानी आए। उन्हें मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने की उत्कंठा थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात करते ही वे प्रसन्नता से भावुक हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उनसे जिस आत्मीयता से मिले और हालचाल पूछा, तो श्री कृष्ण ने कहा कि वे आज बहुत आनंदित हैं। कभी यह सोचा नहीं था कि भोपाल आकर मुख्यमंत्री जी से सहज भेंट और बातचीत हो जाएगी।  

इंदौर में युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज खुलासा, 5 आरोपियों पर केस दर्ज

इंदौर शहर में हिंदू युवतियों से सामूहिक दुष्कर्म के दो मामले सामने आए हैं। पुलिस ने दोनों मामले में पांच मुस्लिम युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक पीड़िता ने ड्रग्स देने और गर्भपात करवाने का आरोप भी लगाया है। आरोपित पीड़िता के साथ मारपीट भी कर रहे थे। पहला मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र का है। स्कीम-134 निवासी 25 वर्षीय युवती ने आरोपित एजाज खान (शराफत नगर), फारुख खान (शराफतनगर) और शहजाद खान निवासी मानवता नगर के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता युवती की साल 2020 में खजराना निवासी युवक से शादी हुई थी। उसका एक बेटा भी है। कुछ समय पूर्व उसका पति से विवाद हो गया और पति से तलाक का केस चल रहा है। पीड़िता ने एडवाइजरी फर्म में नौकरी की और इसी दौरान एजाज खान से दोस्ती हो गई। आरोपित ने शादी करने और बच्चे की जिम्मेदारी लेने का झांसा दिया और न्यायनगर के खजराना में रहने लगी। इसके बाद मानवतानगर में दोस्त शहजाद खान के रूम पर लेकर आ गया।   पीड़िता के साथ मारपीट भी की आरोपित शहजाद ने भी पीड़िता के साध जबरदस्ती की। आरोप है कि एजाज खान ने उसके साथ मारपीट करना शुरु कर दी। बुधवार को एजाज के भाई फारुख ने रेडिसन होटल के सामने मारपीट कर दी। गुरुवार को पीड़िता ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से मदद मांगी और लसूड़िया थाने में शून्य पर कायमी करवाई। मुस्लिम युवकों पर गैंगरेप का आरोप,एक आरोपित जेल में एरोड्रम पुलिस ने भी गुरुवार को दो मुस्लिम युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची थी पीड़िता पीड़िता हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची थी। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार पीड़िता ने आरोपित शानू उर्फ लाला और शानू उर्फ काला के खिलाफ रिपोर्ट की है। पीड़िता शानू लाला के साथ लिवइन रिलेशन में रहती थी। आरोप है कि शानू ने मतांतरण का दबाव बनाया और उसके दोस्त शानू काला ने भी जबरदस्ती की। डीसीपी के अनुसार शानू लाला जेल में बंद है।

3 साल की बच्ची की मासूम शिकायत ने जीता दिल, थाने पहुंचते ही पुलिस हरकत में आई

शाजापुर जिले के शुजालपुर में एक रोचक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में पढ़ने वाली एक 3 साल की मासूम छात्रा चेरी का स्कूल बैग गुम हो गया. मासूम बच्ची इसकी शिकायत लेकर अपने पिता के साथ पुलिस तक पहुंच गई और पुलिस को अपनी परेशानी बताई. बच्ची ने कहा कि उसका स्कूल बैग गुम हो गया है और स्कूल बैग ना होने से मैं अपना होमवर्क कैसे करूंगी ? नन्ही चेरी के आंसू और स्कूल की नोट बुक्स, बॉटल के लिए उसका लगाव देखकर पुलिस तुरंत हरकत में आई और स्कूल बैग की तलाश शुरू कर दी. पूछताछ में पता चला कि मासूम छात्रा अपने परिजनों के साथ ऑटो रिक्शा में घर लौट रही थी. इसी दौरान स्कूल बैग ऑटो रिक्शा में छूट गया. इसके लिए पुलिस ने शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे तलाशे. इसी दौरान शहर के पुलिस चौकी चौराहा से बच्ची और उसके परिजनों को सवारी ऑटो में बैठते हुए सीसीटीवी कैमरा फुटेज पुलिस को मिल गया. बस फिर क्या था पुलिस ने उस ऑटो की तलाश शुरू कर दी. ऐसे मिला मासूम का बैग वीडियो के आधार पर ऑटो को पुलिस सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र परस्ते, यातायात पुलिस प्रधान आरक्षक सुनील ने ढूंढने कोशिश की, लेकिन वाहन पर नंबर नहीं होने से दिक्कत आई. हालांकि वाहन के आगे लिखे नाम और ऊपर लगे लोहे के स्टैंड से आखिरकार खासी मशक्कत के बाद पुलिस इस ऑटो तक पहुंच ही गई. फिर ऑटो ड्राइवर परवेज खान से शुजालपुर सिटी ने स्कूल बैग जब्त किया. मासूम छात्रा का स्कूल बैग मिलते ही उसे एसडीओपी कार्यालय शुजालपुर पहुंचाया गया, जहां शुजालपुर एसडीओपी निमिष देशमुख ने मासूम छात्रा और उसके परिवार वालों को बुलाकर उसका स्कूल बैग सौंपा. पुलिस अंकल को थैंक्स अपना स्कूल बैग पाकर मासूम बेहद खुश नजर आई और उसने कहा कि बैग गुम होने से वह टेंशन में थी कि अब होमवर्क कैसे करेगी. सब वर्कबुक भी बेग में थी. मैंने पुलिस अंकल को बताया और उन्होंने बैग लाकर दिया, पुलिस अंकल को थैंक्स. यातायात पुलिस ने बच्ची के कंधों पर बेग टांगकर उसे घर रवाना किया, परिवार के आग्रह पर पुलिस ने ऑटो चालक को भी समझाइश देकर छोड़ दिया कि आगे से कोई भी बैग, सामान यात्री भूले तो तत्काल पुलिस को सौंपे. क्या बोले अधिकारी? एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची का अपने स्कूल बैग के लिए लगाव देखकर पुलिस ने प्रयास किया और कैमरे फुटेज की मदद से बैग सौंपा. साथ ही उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि अगर किसी का कोई सामान वाहन में छूट जाए तो उस सामान को पुलिस को सौंपकर सामाजिक जिम्मेदारी निर्वाह करना चाहिए, बच्ची के दादा, पिता ने भी पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया.

2 साल में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियां, मंत्री कृष्णा गौर ने दी जानकारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के 2 साल पूरे होने पर मंत्रियों के अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में 26 दिसंबर शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। पत्रकार वार्ता की शुरुआत वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए की गई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यों की प्रशंसा की गई है। मंत्री ने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मध्यप्रदेश पिछड़ा हुआ प्रदेश था, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के टैग से मुक्ति मिली। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश को नई गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से हो रहा अपने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। ओबीसी छात्रावास परियोजना के तहत पूरे प्रदेश में आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों को शामिल किया गया है और आने वाले समय में सभी छात्रावासों का उन्नयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श छात्रावासों में प्रत्येक कक्ष का रिनोवेशन, नया फर्नीचर, अलमारी, अध्ययन टेबल, भोजन कक्ष और आधुनिक किचन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही सभी छात्रावासों में वाई-फाई, इंडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस उन्नयन कार्य पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत मंत्री ने बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा की शुरुआत की गई है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। यह सुविधा 26 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी। छात्रावासों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा नियमित रूप से योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कृष्णा गौर ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 7.35 लाख विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 978.43 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई। वहीं वर्ष 2024-25 में 7.72 लाख छात्र-छात्राओं को 1119.13 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2025-26 में 5 नवंबर 2025 तक 5.23 लाख विद्यार्थियों को 681.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग की एक विशेष योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजा जाता है। वर्ष 2024-25 में चयनित 50 में से 33 विद्यार्थियों को विदेश भेजा गया, जिस पर 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा एमपीपीएससी और यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1320 अभ्यर्थियों को 3 करोड़ 65 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 635 अभ्यर्थियों को 69 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना चलाई जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में बैंकों के माध्यम से 583 हितग्राहियों को 34 करोड़ 71 लाख रुपये का ऋण तथा 833 हितग्राहियों को 2 करोड़ 79 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) के तहत पहले चरण में 16 बच्चों को जापान भेजा गया, जहां उन्हें रोजगार मिला। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी भेजने की कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। मंत्री ने दिल्ली छात्र गृह योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। साथ ही छात्रों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जा रही है और अभिभावकों की आय सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जा रही है। इसके अलावा सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना के तहत 10 हजार छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 107 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 55 कन्या और 52 बालक छात्रावास हैं। संभागीय स्तर पर 500 सीटर छात्रावासों का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसकी सुविधा फिलहाल इंदौर और जबलपुर में उपलब्ध है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2025’ तैयार की गई है, जिसके तहत प्रति वर्ष 4 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत प्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमेटरी स्पेस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। SC-ST को जैसा लाभ मिला वैसा OBC को नहीं मिला पत्रकार वार्ता के अंत में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कृष्णा गौर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजादी के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति को जो लाभ मिले, वैसा ओबीसी वर्ग को नहीं मिला। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी समुदाय को अधिकार और लाभ दिए गए। वहीं, उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर बताया कि मध्यप्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है और … Read more

भोपाल गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर बाल दिवस पर शहादत को दी श्रद्धांजलि

भोपाल गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की महान शहादत को समर्पित “वीर बाल दिवस” के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका और शबद कीर्तन श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने साहिबजादों के जीवन, त्याग और अद्वितीय वीरता पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के चारों साहिबजादों को नमन करते हुए कहा कि धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युगों तक मानव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए साहस, निष्ठा और धर्म रक्षा का अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी और उनके परिवार की शहादत से जुड़े गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को समझ सकें। उन्होंने 26 दिसंबर को शासकीय स्तर पर वीर बाल दिवस के रूप में मनाने और इससे जुड़े विषयों को शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का उल्लेख किया। सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी भूमि और आवश्यक व्यवस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उज्जैन में गुरु नानक देव जी के आगमन से जुड़े स्थलों और परंपराओं को मान्यता और सम्मान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरु साहिबानों की शहादत, बलिदान और मानवता के संदेश को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए निरंतर कार्य करेगी। उन्होंने सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के साझा मानवतावादी मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि गुरुजी के इतिहास, आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े सभी विषयों में प्रदेश सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।  

राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अस्पताल में मरीजों से मिलकर बिछाई चादर, किया हालचाल जाना

सतना  मध्य प्रदेश के सतना में कोदो की रोटी खाने से एक ही परिवार के 6 लोग बीमार हो गए थे. जिन्हें देखने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और मरीजों का हाल जाना. इस दौरान राज्य मंत्री ने देखा की मरीज के बिस्तर पर चादर सिमटी हुई थी. जिसे उन्होंने अपने हाथों से ठीक किया फिर खुद जमीन पर बैठ गई. फुटेज में राज्य मंत्री का मानवीय चेहरा नजर आ रहा है. उन्होंने सभी के समुचित इलाज के लिए अस्पताल के सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. कोदो की रोटी खाने से 6 लोग बीमार सतना जिले के सिंहपुर कस्बे के ग्राम खनगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के 6 लोग अचानक उल्टी-दस्त का शिकार हो गए. परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए नागौद के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां से उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय सतना रेफर कर दिया गया. बीमार हुए सदस्यों का नाम रामबेटू कोल (उम्र 45 वर्ष), फगुना कोल (65 वर्ष), चुनवदा कोल (उम्र 55 वर्ष), सुनीता कोल (उम्र 15 वर्ष), भंडारी कोल (उम्र 17 वर्ष) सहित एक मासूम कल्लू कोल (उम्र 8 वर्ष) है. बीमार लोगों से मिलने अस्पताल पहुंची प्रतिमा बागरी सभी पीड़ित परिवार को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. खबर मिलने पर पीड़ित परिवार को देखने के लिए मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी जिला अस्पताल पहुंची और सभी मरीजों का हाल जाना. इसके साथ ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एवं डॉक्टर को मरीज के समुचित इलाज के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए है. इस दौरान राज्य मंत्री का अनोखा रूप सामने आया, जिसे देख हर किसी ने उनकी तारीफ की. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मरीज के बिस्तर पर अपने हाथों से चादर बिछाई. मरीज के परिजनों को भी राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि आपको समुचित इलाज मिलेगा, चिंता की कोई बात नहीं. डॉक्टर इलाज कर रहे हैं सभी लोग जल्द ठीक हो जाएंगे. राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि, ''ग्राम खनगढ़ में कुछ लोगों ने कोदो की रोटी खा ली थी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. सभी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं.'' जिला चिकित्सालय सतना के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने बताया कि, ''कोदो की रोटी खाने के बाद कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था. सभी का बेहतर से बेहतर इलाज किया जा रहा है. सभी मरीजों को जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.''

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात रिफ्रेशर कोर्स, निरीक्षक से आरक्षक तक अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

सड़क दुर्घटना रोकने के लिये यातायात रिफ्रेशर कोर्स यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया प्रशिक्षण भोपाल  सड़क सुरक्षा की दृष्टि से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये दुर्घटना विहीन सफर की ओर एक सार्थक प्रयास पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्तर के अधिकारी/ कर्मचारियों को यातायात रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार की पहल पर जिसमें सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना जिसमें पदयात्रियों तथा सायकिल चालकों को प्राथमिकता दी गयी हो तथा भविष्य में शून्य सड़क दुर्घटना मृत्यु का लक्ष्य प्राप्त करना। सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना। प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षकपीटीआरआई टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4ई के प्रमुख सूत्रों जैसे एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट एवं इमरजेंसी केयरकी जानकारी दी गई। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, विक्रम रघुवंशी, उपुअ हिमांशु कार्तिकेय तथा अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस सत्र में सडक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रथमतः गोल्डन आवर के दौरान घायल व्यक्ति को बचाये जाने के लिए राहवीर, केशलेस जैसी बहुपयोगी योजनाओं कि विस्तृत जानकारी उनि. श्रीमती संध्या सिंह द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। साथ ही उमनि पीटीआरआई द्वारा वैश्विक स्तर पर जारी सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को प्रशिक्षणार्थियों सामने रखा गया तथा प्राथमिक उपचार से संबंधी सीपीआर/बीएलएस का प्रशिक्षण भी डेमोन्सट्रेशन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में डॉ. मयंक दुबे तथा एस.एस. लल्ली (सेवा निवृत अपुअ) द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही तथा उनि. श्रीमती पूजा त्रिपाठी द्वारा संशोधित मोटर यान अधिनियम से संबंधी प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका को समझाया गया।  

महाकाल मंदिर में भक्तों की आस्था और दान बढ़ा, 13 करोड़ रुपये के आभूषण और 1 अरब रुपये से अधिक दान प्राप्त

उज्जैन  उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर लंबे समय से भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। हमेशा से ही यहां भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन जब से महाकाल लोक का निर्माण हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला है। देश-विदेश जाने वाले श्रद्धालु दर्शन तो कर ही रहे हैं दिल खोलकर दान भी दे रहे हैं। पहले मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 40 से 50 हजार हुआ करती थी। अब ये आंकड़ा डेढ़ से 2 लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच गया है। भक्तों की संख्या बढ़ने के साथ मंदिर में आने वाले दान में भी वृद्धि हुई है। सोना चांदी से लेकर नगदी मंदिर में दान किया जा रहा है। बढ़ते श्रद्धालु और बढ़ता दान अभी तक 11 महीने में 5.50 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। इस दौरान मंदिर समिति को 43 करोड़ 43 लाख रुपए नगद मिला है। वहीं 13 करोड़ रुपए से ज्यादा के सोने चांदी के आभूषण प्राप्त हुए हैं। मंदिर में अलग-अलग जगह पर दान पेटियां लगी हैं, जिनमें से 43 करोड़ 43 लाख की आय हुई है। शीघ्र दर्शन व्यवस्था से हुई आय 64 करोड़ 50 लाख रुपए है। इस तरह से कुल आय का आंकड़ा 107.93 करोड़ है। यह आंकड़ा 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर तक का है। महाकाल लोक बनने से पहले मंदिर में प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं तक पहुंच गई है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु सोना-चांदी के साथ-साथ नगदी भी दान कर रहे हैं। महाकाल मंदिर में बीते 11 महीनों में 5.50 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इस दौरान भक्तों ने करीब 13 करोड़ रुपए मूल्य का सोना-चांदी दान किया है, जबकि नकद दान के रूप में 43 करोड़ 43 लाख रुपए मंदिर समिति को प्राप्त हुए हैं। इस वर्ष 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक कुल 5.5 करोड़ श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर लगी दान पेटियों से महाकाल मंदिर समिति को 43 करोड़ 43 लाख रुपए का दान प्राप्त हुआ है। वहीं शीघ्र दर्शन व्यवस्था से मंदिर समिति को करीब 64 करोड़ 50 लाख रुपए की आय हुई है। पिछले वर्ष 2024 में भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को कुल 92 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस वर्ष, पिछले साल की तुलना में करीब 15 करोड़ रुपए अधिक दान भगवान महाकाल को प्राप्त हुआ है। दान में क्या मिला महाकाल मंदिर में अब तक मिले दान में 1483.621 ग्राम सोना, 592.366 किलोग्राम चांदी, दान पेटियां से 43 करोड़ 43 लाख रुपए, शीघ्र दर्शन व्यवस्था से 64 करोड़ 50 लाख रुपए। श्रद्धालुओं ने जो सोने के आभूषण दान किए हैं उनकी कीमत 1 करोड़ 82 लाख और चांदी की कीमत 11 करोड़ 85 लाख के आसपास बताई जा रही है। श्रद्धालुओं ने कुल मिलाकर 13 करोड़ से ज्यादा के आभूषण दान किए हैं। पिछले वर्ष कितना था दान इस वर्ष आए दान की तुलना साल 2024 से करें तो पिछली बार सोना अधिक दान किया गया था। 1 जनवरी 2024 से 13 दिसंबर 2024 तक 399 किलो चांदी और 1533 ग्राम सोना दान में आया था। इस वर्ष सोना चांदी की कीमत में भारी अंतर आया है, जिसका असर दान पर भी हुआ है। एक अरब 7 करोड़ दान पेटी और शीघ्र दर्शन से आय इस बार भेंट पेटी और शीघ्र दर्शन से महाकाल मंदिर को 11 माह 15 दिन में 107 करोड़ 93 लाख रुपए की आय हुई है। अभी 15 दिन शेष हैं जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। महाकाल मंदिर में अन्य स्त्रोताें से होने वाली आय जैसे भस्म आरती बुकिंग,अभिषेक पूजन की आय, अन्न क्षेत्र से आय, धर्मशाला बुकिंग आय,फोटोग्राफी मासिक शुल्क आय, भांग एवं ध्वजा बुकिंग से आय,उज्जैन दर्शन बस सेवा से होने वाली आय शामिल नहीं। इस वर्ष अब तक यह दान मिला     सोना 1483.621 ग्राम।     चांदी 592.366 किग्रा।     दान पेटियों से 43 करोड़ 43 लाख रुपए।     शीघ्र दर्शन व्यवस्था से 64 करोड़ 50 लाख। 13 करोड़ से अधिक के आभूषण दान आए महाकाल मंदिर में एक जनवरी 2025 से लेकर पंद्रह दिसंबर 2025 तक के बीच में श्रद्धालुओं ने 592.366 किग्रा चांदी और 1483.621 ग्राम सोना बाबा महाकाल को दान किया है। दान आए आभूषणों में सोने की कीमत करीब 1 करोड़ 82 लाख रुपए तो चांदी की कीमत 11 करोड़ 85 लाख रुपए के आसपास है। महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने एक वर्ष से भी कम समय में 13 करोड़ रुपए से अधिक के तो सिर्फ आभूषण ही दान कर दिए। पिछले वर्ष की तुलना में 193 किलो चांदी अधिक भक्तों ने वर्ष 2024 में इस वर्ष की तुलना में सोना अधिक दान किया था। इस वर्ष चांदी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दान में मिली है। साल 2024 में 1 जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक भक्तों ने 399 किलो चांदी और 1533 ग्राम सोना बाबा महाकाल को दान किया था। हालांकि पिछले वर्ष और इस वर्ष सोने और चांदी की कीमत में काफी अंतर आने से बाबा महाकाल को मिलने वाले दान की कीमत में करीब 10 करोड़ रुपए का अंतर आ गया। साल 2024 में 64 किलो आभूषण ऐसे थे जो दानपेटी से निकले थे, जिसमें हीरे की अंगूठी, कीमती घड़ी, डॉलर सहित अन्य देशों की मुद्रा भी शामिल थे। 15 दिसंबर तक 5.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे वर्ष 2025 खत्म होने को है इससे पहले महाकाल मंदिर से मिले आंकड़ों को देखें तो सामान्य दिनों में मंदिर दर्शन के रोजाना 1.20 लाख श्रद्धालु आ रहे हैं। वीक एंड में डेढ़ से पौने दो लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि एक जनवरी से दिसंबर माह के शुरुआत तक मंदिर में अब तक पांच करोड़ पचास लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके है। 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक करीब 6 लाख श्रद्धालुओं के मंदिर में पहुंचने की संभावना है। दो … Read more

संभागायुक्त सिंह का आह्वान: महिलाएं और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा में आंगनबाड़ी निभाए महत्वपूर्ण भूमिका

समाज में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं – संभागायुक्त सिंह   संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा  की टीएल बैठक संपन्न   भोपाल          संभागायुक्त संजीव सिंह ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा में  आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी नियत समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कर संबंधित विभाग को जानकारी दे। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास एवं आरईएस के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का संयुक्त दल निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में टीएल बैठक में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ, महिला एवं बाल विकास डीपीओ, आरईएफ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स के साथ सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की व्हीसी के माध्यम से समीक्षा की।                संभागायुक्त  सिंह को इंजीनियर ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग श्री आर के शर्मा ने जानकारी दी कि भोपाल संभाग के सभी जिलों में कुल 666 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए जिसमें से 365 पूर्ण कर लिए गए हैं एवं शेष आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्य निर्माणाधीन प्रक्रिया में हैं। संभागायुक्त श्री सिंह ने सभी जिलों के कार्यपालक इंजीनियर (आरईएस) से व्हीसी के माध्यम से एक-एक आंगनबाड़ी केन्द्र की प्रगति की जानकारी ली एवं एक माह में निर्माण पूर्ण करने के लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने लंबित कार्यों पर अप्रसंन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।        संभागायुक्त  सिंह ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तेजी से किया जाए। जो शिकायतें 100 दिवस से अधिक समय से लंबित हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रो-एक्टिव एवं रुचि लेकर हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।                  संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर्स- कमिश्नर्स कांफ्रेंस के बिंदुओं पर अधिकारियों से प्राथमिकता से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसान एवं कल्याण विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं मत्स्य पालन विभाग को विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति, पशु हानि संबंधी प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि देने का कार्य समय से करें।       समीक्षा बैठक के दौरान व्हीसी के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ शामिल हुए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त संचालक श्रीमती नकी जहां कुरैशी, संभागीय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।