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बंधुआ मजदूर बनकर फंसे आदिवासी मजदूरों की वापसी, सिंधिया ने मदद के लिए किया धन्यवाद

शिवपुरी   कोलारस के आदिवासी परिवारों के 80 से ज्यादा मजदूरों को महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने बंधुआ बना लिया था. इन आदिवासियों को कुछ दलाल महाराष्ट्र ले गए और लगातार उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे, जिसके बाद किसी तरह से आदिवसी मजदूरों ने अपनी बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंचाई थी. आखिरकार दलालों के चंगुल से निकलने के बाद सभी मजदूर वापस कोलारस के ग्राम पंचायत विजयपुरा पहुंचे और अपनी रिहाई के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार प्रकट किया. काम के बहाने बनाया बंधुआ मजदूर रामजी लाल आदिवासी ने कहा, '' हम लगभग 80 मजदूरों को पूरे परिवार के साथ ग्राम बछुरिया निवासी बंटी गुर्जरऔर कल्लू गुर्जर 1 दिसम्बर को इंदौर ले गया था. इसके बाद मजदूरी करवाने के बहाने सभी को महाराष्ट्र ले जाया गया. महाराष्ट्र में कुछ स्थानीय लोगों से मिलवाया गया और सोलापुर में एक गन्ने के खेत पर मजदूरी के लिए लगा दिया गया. वहां बंधुआ मजदूर बनाकर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक जमकर मजदूरी करवाई जाती थी. इसके बाद लाठियों से मारा पीटा जाता था और पानी पीने या आराम करने पर लातें मारी जाती थीं, जिसके बाद हम लोगों ने वीडियो बनाकर कोलारस में विजयपुरा सरपंच को भेजे.'' सरपंच को मिला वीडियो, फिर सिंधिया तक पहुंची बात आदिवासी मजदूरों द्वारा वीडियो मिलते ही विजयपुरा के सरपंच ने रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद दांगी को मामले की शिकायत की. वहीं दूसरी ओर विधायक महेंद्र सिंह यादव के माध्यम से सूचना केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तक भेजी गई. इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया और 20 दिसम्बर को सभी बंधुआ मजदूर लौटकर वापस गांव आ गए. आदिवासी मजदूरों ने इसके बाद वीडियो बनाकर केंद्रीय मंत्री सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही मजदूरों ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को विजयपुरा आने का निमंत्रण भी दिया है. इस मामले को लेकर रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया, '' मुझे एक शिकायत विजयपुरा के मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधुआ बनाए जाने के संबंध में मिली थी. उक्त शिकायत के बाद मैंने संंबंधित थाने पर संपर्क किया था. इसके अलावा ग्रामीण सांसद महोदय से भी मिले थे. उन्होंने प्रयास किए, जिसके बाद सभी मजदूर लौट कर वापस आ गए हैं. बताया गया कि आदिवासियों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनसे मारपीट की जा रही थी और उन्हें पैसे भी नहीं दिए जा रहे थे.

ठंड के सीजन में टमाटर महंगा, कारण और भविष्य के दाम की जानकारी

शहडोल   मध्य प्रदेश में भीषण ठंड के बीच हरी-भरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं ये सीजन टमाटर के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान टमाटर की ज्यादा आवक व डिमांड की वजह से अक्सर इसके दाम में कमी देखी जाती है लेकिन इसके ठीक उलट टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के किचन का जायका भी बिगड़ रहा. जानें आखिर किसा वजह से टमाटर सीजन होने के बावजूद इतना महंगा चल रहा है. ठंड के सीजन में टमाटर के गर्म तेवर  पूरे मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 5 डिग्री के करीब या उससे नीचे चल रहा है. ऐसे में इसका असर अब सब्जियों और फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. टमाटर की फसल का सीजन है फिर भी टमाटर के दाम इन दिनों बेतहाशा बढ़ रहे हैं. टमाटर खरीदने पहुंची खरीददार कहती हैं, '' दिसंबर में अक्सर ही टमाटर सस्ते दाम में मिल जाते थे लेकिन मौजूदा साल में 50 रु से लेकर 70रु किलो तक बिक रहे हैं,'' 60-70रु किलो तक बिक रहा टमाटर  इन दिनों टमाटर के दाम अच्छे खासे बढ़ रहे हैं और हर दिन दाम में उछाल भी देखने को मिल रहा है. सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' वर्तमान में खुले रेट में टमाटर कहीं 50 रु किलो तो कहीं 60-70रु किलो तक क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं.'' क्यों बढ़ रहे टमाटर के दाम? सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' इस बार लंबे समय तक बारिश हुई, जिसकी वजह से शुरुआती फसल बर्बाद हुई, और फिर इसके बाद किसानों ने जो नई फसल लगाई तो बेतहाशा ठंड पड़ गई. तापमान 3 डिग्री तक जा रहा है, जिसकी वजह से टमाटर ठीक से पक नहीं पा रहा है, और यही वजह है कि लोकल टमाटर मार्केट में आ नहीं रहा है. इसी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं.'' सब्जी व्यापारी  बताते हैं कि अगर ठंड इसी तरह पड़ती रही तो अभी टमाटर के दाम सस्ते नहीं होने वाले हैं. पहले बारिश का कहर अब ठंड बनी सिरदर्द टमाटर की खेती करने वाले किसान सत्य कुमार बताते हैं, ''इस बार बारिश देर तक हुई, ऐसे में जो टमाटर की फसल लगा रखी थी वह बारिश की वजह से वो खराब हो गई. नई फसल लगाई, तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. खेतों पर टमाटर तो लगा हुआ है, लेकिन वो पक नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से मार्केट में लोकल टमाटर की शॉर्टेज है.

मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा, कब और कहां होंगी स्टॉपेज

इंदौर  राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स को देखते हुए रेलवे ने 5 जोड़ी उर्स स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया है। ये सभी ट्रेनें अलग-अलग राज्यों से आएंगी और कई प्रदेशों से होकर गुजरते हुए अजमेर तक जाएंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लोगों को भी इन ट्रेनों का फायदा मिलेगा। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान के कई शहरों से गुजरते हुए अजमेर तक जाने वाली विशेष ट्रेनों की ही जानकारी दे रहे हैं। इनमें से एक ट्रेन गुजरात से भी होकर गुजरेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इन ट्रेनों के बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए विस्तार से जानकारी दी। 1) ट्रेन नंबर 07274/07275 मचिलीपट्‌णम-अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07274, मचिलीपट्णम-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 21 दिसंबर (रविवार), सुबह 10.00 बजे आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्णम से शुरू होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन (सोमवार रात 20:37 बजे), इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद एवं अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07275, अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार), सुबह 08.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 09.30 बजे मचिलीपट्णम पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में गुडिवाडा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जम्मीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, करीमनगर, लिंगमपेट जगित्याल, मोर्ताड़, आरमुर, निजामाबाद जंक्शन, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, परभणी जंक्शन, मानवत रोड, सेलु, परतुर, जालना, छत्रपति शम्भाजीनगर (औरंगाबाद), लासूर, रोटेगांव, नागरसोल, मनमाड जंक्शन, भुसावल जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास, जनरल सेकेंड क्लास और 2 गार्ड कोच समेत कुल 24 कोच होंगे। 2) ट्रेन नंबर 07733/07734 काचीगुडा-मदार-काचीगुडा स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाडी संख्या 07733, काचीगुडा-मदार स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) को हैदराबाद के काचीगुडा से रात 23.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार। कब पहुंचेगी- 25 दिसंबर (गुरूवार) को दोपहर 13.00 बजे मदार पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07734, मदार-काचीगुडा स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार) को मदार से शाम 18.10 बजे रवाना होगी कब पहुंचेगी- 30 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10.00 बजे काचीगुडा पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में काचीगुडा, मल्काजगिरि, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जं., बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। 3) ट्रेन नंबर 07731/07732 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07731, हैदराबाद-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे हैदराबाद से चलेगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 25 दिसंबर (गुरुवार) आधी रात को 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07732, अजमेर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन ऑपरेशनल कारणों से इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। स्टॉपेज- यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, मेडचल, कमारेड्डी, निजामाबाद जंक्शन, बसर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बासमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 1 फर्स्ट मय सेकेंड एसी, 3 थर्ड एसी, 14 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें रहेंगे। 4) ट्रेन नंबर 07735/07736 तिरूपति-अजमेर-तिरूपति ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07735, तिरूपति-अजमेर स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) को तिरूपति से दोपहर 12.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 24 दिसंबर (बुधवार) को मध्य रात्रि में 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07736, अजमेर तिरूपति स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को अजमेर से रात 20.00 बजे चलेगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 31 दिसंबर (बुधवार) को दोपहर 13.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी स्टॉपेज- तिरूपति, रेणिगुट्टा, गुडुर, नेल्लोर, औंगोल, चिराला, तेनाली, विजयवाडा, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, पेद्दपल्ली, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। < गाड़ी संख्या 09027, बान्द्रा टर्मिनस-अजमेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) और 25 दिसंबर (गुरुवार) को दोपहर 12.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी गुजरात-MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर। कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 07.20 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 09028, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) और 26 दिसंबर (शुक्रवार) को सुबह 10.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 04.20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी स्टॉपेज- बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।  

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामला: 4 प्रमोशन मिलने थे, कर्मचारी को 40 साल में सिर्फ एक मिला

जबलपुर   चालीस साल की सेवा के बाद भी एक भी प्रमोशन नहीं दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में दायर इस याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस एम एस भट्टी की एकलपीठ ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर व जबलपुर दुग्ध संघ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में पूछा गया है कि आखिर किन वजहों से कर्मचारी को 40 साल की सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं दिया गया. क्या है पूरा मामला? जबलपुर के चेरीताल क्षेत्र निवासी त्रिलोकी नाथ पांडे की ओर से मध्य प्रदेश हईकोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि वे दुग्ध संघ पनागर, जबलपुर में अप्रैल 1981 में कॉपरेटिव एक्सटेंशन असिस्टेंट पर नियुक्त हुए थे. इसके बाद वह प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पदस्थ रहते हुए सेवा प्रदान करते रहे. उन्हें सेवाकाल के दौरान कई प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए थे और ना ही सेवाकाल के दौरान उनपर किसी भी प्रकार की कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी. इस सबके बावजूद उन्हें एक भी बार प्रमोशन नहीं दिया गया. 4 बार मिलने थे प्रमोशन, एक भी नहीं मिला याचिकाकर्ता त्रिलोकी नाथ पांडे ने याचिका में कहा कि नियमानुसार उन्हें दस साल, बीस साल, तीस साल व चालीस साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए था. इस संबंध में उन्होंने सेवाकाल के दौरान संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए थे. संबंधित अधिकारियों के द्वारा उनकी किसी भा मांग पर विचार नहीं किया गया. चालीस साल तक सेवा देने के बाद वह बिना प्रमोशन ही जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हो गए. कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब याचिका में राहत चाही गई है कि उन्हें क्रमोन्नति के एवज में 20 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर की राशि प्रदान की जाए और उनकी याचिका का निराकरण किया जाए. इस मामले की सुनवाई करते हुए हईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जबलपुर दुग्घ संघ को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद 27 जनवरी को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी ने पैरवी की .

पूर्व मंत्री जोशी के साथ दूसरा विवाह, पल्लवी और कांग्रेस नेत्री ने साझा की पूरी जानकारी

भोपाल   पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी की चर्चा सियासी गलियारे में जोरों पर है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से शादी रचाई है। शादी के बाद तमाम अटकलों पर मीडिया के सामने आकर पल्लीव राज सक्सेना ने अपनी बात रखी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी और पल्लवी राज की शादी 4 दिसंबर को भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई थी। तस्वीरें 20 दिसंबर को वायरल हुई थी। पहले भी की हैं दो शादियां दरअसल, दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं। पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद दो अन्य महिलाओं ने दावा किया था कि हमारी शादी दीपक जोशी से हुई है। अब उन्होंने पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है। भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई है। परिवारों की मौजूदगी में हुई शादी दीपक जोशी से शादी के बाद पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा कि इस शादी में हमारे परिवार के सभी लोग मौजूद थे। साथ ही दीपक जोशी के बहन, बहनोई और भांजे-भांजियां मौजूद थीं। कई शादियों की बात को नकारा वहीं, दीपक जोशी की पहली पत्नी की मौत 2021 में हुई थी। अब उन पर आरोप लगते हैं कि 2016 में भी उन्होंने एक महिला से शादी की। एक अन्य महिला आरोप लगाती है कि हमने उनसे जनवरी 2025 में शादी की थी। इन आरोपों पर पल्लवी राज सक्सेना कहती हैं कि मैं जनवरी 2025 से ही दीपक जोशी की लाइफ में हूं। 11 महीने से हर पल मैं उनके साथ रहती हूं। मेरे घर में उनसे जून-जुलाई में सगाई हुई थी। इन संबंधों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अन्य शादियों के सवाल पर पल्लवी कहती हैं कि दीपक जी ने मुझे इतना बताया था कि एक महिला है, जो मुझे काफी दिन से परेशान कर रही है। इससे ज्यादा मुझे उन्होंने नहीं बताया। कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में आए दीपक जोशी देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बने। 2018 में कांग्रेस के मनोज चौधरी से हार गए। 2020 में चौधरी भाजपा में आ गए। 2023 में जोशी कांग्रेस में शामिल हुए और खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें भाजपा के आशीष शर्मा से हार गए। कुछ समय पहले वे वापस भाजपा में आए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दीपक जोशी मुखर रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें करते रहे। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी विजिया जोशी का इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया था। बेटा जयवर्धन सिंह भाजपा में है। सोमवार को करूंगा प्रेस कॉन्फ्रेंस मामले को लेकर एक वीडियो में दीपक जोशी का कहना है कि मनुष्य जीवन में यश-अपयश दोनों चलते हैं। मैं जिस परिवार से आता हूं, उसकी ऊंचाइयां बहुत अधिक हैं। एक मीडिया संस्थान (नईदुनिया नहीं) ने इसे लेकर कुछ प्रकाशित किया है। दो महिलाओं का जिक्र किया है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनको लेकर यहां टिप्पणी नहीं कर सकता। भारतीय न्याय प्रणाली पर विश्वास है। संचार साधनों पर कुछ भी डालने से पहले पुष्टि करनी चाहिए। सोमवार को भोपाल में इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। पल्लवी राज सक्सेना की भी दूसरी शादी पल्लवी राज सक्सेना की भी यह दूसरी शादी है। पहले पति से 17 साल पहले तलाक हो गया है। पल्लवी सक्सेना का एक 18 साल का बेटा है। वह गुजरात में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक जोशी से पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। फिर एक अंकल के जरिए हमारे घर रिश्ता आया। 63 के दीपक और 45 की पल्लवी वहीं, दीपक जोशी 63 साल के हैं और पल्लवी राज सक्सेना 45 साल की हैं। हमदोनों के लाइफ में कोई नहीं है। बढ़ती उम्र है तो साथ रहना जरूरी है। हम एक-दूसरे के साथ सुख-दुख और बीमारी में खड़े रहें। दूसरा विवाह करना कोई अपराध या चोरी नहीं है। गौरतलब है कि शादी को सार्वजनिक करने के प्लान पर पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से कहा कि शादी के तुरंत बाद मेरे पिता जी को पैरालिसिस अटैक आया। साथ ही मां की तबीयत भी बिगड़ गई। इसकी वजह से हमलोग कुछ प्लान नहीं कर पाएं।

मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरा, 21 शहरों में पारा 10°C से नीचे, भोपाल-इंदौर में न्यूनतम तापमान समान

भोपाल सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा। प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा। ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।

सड़क का सच सामने आया: मंत्री प्रतिमा बागरी ने नई सड़क की क्वालिटी पर जताई नाराजगी

 सतना  मोहन सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में हैं. अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकली महिला मंत्री एक सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर आगबबूला हो गईं. उन्होंने कार से उतरकर नई सड़क को पैर से कुरेदा तो डामर और गिट्टी अलग हो गई. इसके बाद मंत्री ने मौके पर ही ठेकेदार का अनुबंध रद्द करने सहित निर्माण एजेंसी पर एक्शन के निर्देश दिए. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने हाल ही में सतना जिले की  कोठी तहसील में पौड़ी से मनकहरी के बीच करीब 3 किमी लंबी सड़क का सुधार कार्य किया था. लेकिन सड़क पर बिछाई गई डामर की परत न तो तय मोटाई की थी और न ही क्वालिटी सही थी. इसी बीच, रविवार को क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का एक कार्यक्रम के सिलसिले में उसी सड़क से निकलना हुआ, यहां उन्होंने कार से उतरकर सड़क की क्वालिटी देखी और एक पैसे से दबाव डाला तो एक हिस्सा अलग हो गया. पैरे से कुरेदते हुए तंज कसते हुए वह बोलीं- ''ये रोड बनी है, ये रोड बनी है… पूरी रोड निकाल दो इस तरह से… धक्का मारने पर पूरी रोड निकाल दो…''  इस दौरान मंत्री प्रतिमा बागरी ने PWD के कार्यपालन यंत्री बीआर सिंह से जवाब मांगा, तो उन्होंने मामले को हल्के फुल्के अंदाज में टालने की कोशिश की. इई ने कहा, ''कुछ हिस्सों को अस्वीकृत किया गया है…'' हालांकि, देखने में पूरी सड़क ही मानकों के विपरीत लग रही थी. महिला मंत्री ने मौके पर ही इसे गंभीर लापरवाही बताया और कार्यपालन यंत्री को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. MP कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ''मध्यप्रदेश की मंत्री अपनी ही भाजपा सरकार पर खराब सड़क पर सवाल खड़े करती हुईं.

साइबर अलर्ट: देशभर के 68 करोड़ यूजर के ई-मेल-पासवर्ड लीक, MP स्टेट साइबर ने जारी की गाइडलाइन; कहा- तुरंत रीसेट करें पासवर्ड

भोपाल  अगर आप ई-मेल, सोशल मीडिया, इंटरनेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको तुरंत सतर्क कर देने वाली है. MP State Cyber Police ने एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि देशभर के करीब 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक हो चुके हैं. यह डेटा लीक साइबर अपराधियों के लिए सोने की खान बन गया है. साइबर पुलिस के मुताबिक, अगर किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो गया, तो अपराधी उसी ई-मेल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं या पहले से मौजूद अकाउंट्स पर कब्जा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, हैक किया गया ई-मेल आपकी इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स तक पहुंचने का रास्ता भी खोल सकता है. एडवाइजरी में कहा है कि ई-मेल अकाउंट हैक हो जाए तो अपराधी इससे सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और अन्य एप्स तक भी पहुंच बना सकते हैं। इससे बचने के लिए आप पासवर्ड को तुरंत रीसेट करें। स्टेट साइबर पुलिस के मुताबिक चेतावनी डेटा लीक और साइबर ठगी के खतरे को देखते हुए पहले से सतर्क करने की पहल है। समय रहते पासवर्ड बदलना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना और अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग पासवर्ड रखना सबसे प्रभावी बचाव है। एक ई-मेल हैक और पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में MP स्टेट साइबर का कहना है कि ज्यादातर लोग एक ही पासवर्ड को कई जगह इस्तेमाल करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती बन रही है. जैसे ही ई-मेल का पासवर्ड लीक होता है, साइबर ठग उसी पासवर्ड से दूसरे प्लेटफॉर्म पर लॉगइन की कोशिश करते हैं. कई मामलों में लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे उड़ चुके हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल किया गया है. ठगी से बचना है तो अभी करें ये काम साइबर पुलिस ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही अब भारी पड़ सकती है. ठगों से बचने के लिए कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाने होंगे अपने ई-मेल और सभी जरूरी अकाउंट्स का पासवर्ड तुरंत बदलें. हर अकाउंट के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखें. पासवर्ड में नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल न करें. Two Factor Authentication (2FA) जरूर ऑन करें. स्टेट साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि देशभर में 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। प्रत्येक वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए। संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक पर क्लिक न करें। अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन न करें। यहां से ले सकते हैं मदद अगर आपका ईमेल अकाउंट्स हैक हो गए हैं तो तुरंत पासवर्ड बदल लें। एक ही पासवर्ड कई अकाउंट्स के न रखें। संदिग्ध ई-मेल/लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में आप ps.cybercell-bpl@mppolice.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 7587646775 पर संपर्क कर सकते हैं। कैसे जान सकते हैं ईमेल सुरक्षित है या नहीं आप Have I Been Pwned वेबसाइट पर दिए गए बार कोड या लिंक के माध्यम से जान सकते हैं कि आपका ई-मेल आईडी किसी डेटा लीक का हिस्सा है या नहीं। यह साइट डेटा लीक के आधार पर जानकारी देती है। इन गलतियों से रहें दूर MP स्टेट साइबर की एडवाइजरी में खास तौर पर चेताया गया है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल, SMS या लिंक पर क्लिक न करें अनजान ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करने से बचें, फ्री गिफ्ट, लॉटरी, KYC अपडेट जैसे मैसेज अक्सर ठगी का जाल होते हैं. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या जरूरी लॉगइन न करें पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा लीक के इस दौर में पहले से सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर समय रहते पासवर्ड बदल लिए जाएं और सावधानी बरती जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. MP स्टेट साइबर ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें. याद रखें, एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है.

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धि: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण

पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण भोपाल पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे। अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे। यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए। यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  

पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की मजबूत और सक्रिय मौजूदगी

पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता भोपाल  18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही। सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि, “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।” विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।” सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।