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जुन्नारदेव में दुर्लभ घटना: महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म, जिला अस्पताल में तैयारियां शुरू

छिंदवाड़ा  जुन्नारदेव में प्रसूति का एक दुर्लभ केस हुआ। यहां एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं। प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में यह दुर्लभ मामला सामने आया। जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं हालांकि उन्हें बेहतर देखभाल के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। चारों बच्चे को अभी छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि महिला ने सरकारी अस्पताल में सामान्य डिलीवरी में इन चारों को जन्म दिया। जुन्नारदेव के सिविल अस्पताल में यह अनोखा प्रसव हुआ। यहां एक आदिवासी महिला ने एक साथ एक बेटा और तीन बेटियों को जन्म दिया। प्रसूता और चारों बच्चों की हालत भी सामान्य है। एक साथ चार बच्चों की किलकारियां सुनकर परिवार के लोगों के साथ ही अस्पताल में उपस्थित अन्य लोगों ने भी खुशी जाहिर की। जुन्नारदेव सिविल अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया कि बरेलीपार निवासी महिला प्रसव के लिए यहां आई थी। प्रसूता की नॉर्मल डिलीवरी 28 वर्षीय महिला कुन्नू इवनाती ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। डॉक्टर्स ने बताया कि बरेलीपार निवासी प्रसूता ने नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक बेटे और तीन बेटियों को जन्म दिया है। चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य और खतरे से बाहर प्रसव के बाद बेहतर देखभाल के लिए चारों नवजातों को जुन्नारदेव सिविल अस्पताल से छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के लिए रिफर किया गया है। तीन 108 एम्बुलेंस की मदद से जच्चा बच्चा को जिला अस्पताल ले जाया गया है। वर्तमान में चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य और खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है।

भोपाल मेट्रो: एक गलती पर 10 हजार का जुर्माना, स्टेशन और ट्रेन में थूकने पर 200 का फाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आमजन के लिए शुरु हुई मेट्रो ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेल प्रबंधन की ओर से सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। आप में से कई लोग जानतें होंगे कि, जिस तरह हवाई यात्रियों के लिए नियम होते हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम भोपाल मेट्रो के लिए भी लागू होंगे। ऐसे में शहरवासियों से अपील है कि, मेट्रो में यात्रा करने से पहले इन नियमों को जान लें वरना छोटी से चूक भी बड़ी भारी पड़ सकती है। मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से जारी गइडलाइन के अनुसार, कोई भी यात्री मेट्रो में पालतू पशु या पक्षी साथ लेकर सफर नहीं कर सकेगा। ऐसे में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने वाले को 10 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यात्री अपने साथ पेट्रोल-डीजल, हथियार, खुले बीड़ी-सिगरेट, माचिस-लाइटर, गुटखा, तंबाकू, सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकते। मोबाइल या स्मार्ट वॉच ले जाने की परमिशन तो है, लेकिन ड्रोन, सैटेलाइट फोन, पोर्टेबल और रेडियो संचार उपकरण, कैमरा आदि ले जाना वर्जित है। मेट्रो में ये काम करना पड़ेगा भारी अगर आप मेट्रो में सफर कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये समझ लीजिए कि थूकना या कचरा फेंकना अब सीधे जेब पर भारी पड़ेगा. प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाने पर जुर्माना तय किया गया है. मेट्रो प्रशासन का साफ कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को साफ रखना यात्रियों की भी जिम्मेदारी है. ये खेल उपकरण पैक कर ले जा सकेंगे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या नानचाकू जैसे खेल उपकरण सक्रिय खिलाड़ी या संचालक की अनुमति से ढककर या पैक कर ले जा सकते हैं। पेट्स के साथ नो एंट्री अब आप पालतू जानवर (Pets) के साथ मेट्रो में सफर नहीं कर सकेंगे. चाहे छोटा डॉग हो या कोई और पेट, मेट्रो ट्रेन में उन्हें ले जाने की अनुमति नहीं होगी. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है. ये सामान ले गए तो पकड़े जाएंगे मेट्रो में सफर के दौरान कई चीजों पर पूरी तरह पाबंदी है. सभी 8 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर भोपाल में मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक है। इस दौरान कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स हैं। इन सभी स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं। मेट्रो ट्रेन में भी सीसीटीवी सर्विलांस है। हर हरकत कैमरे में कैद हो रही है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की सिक्योरिटी कंपनी के ढाई सौ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। पहले और दूसरे दिन कुछ यात्रियों ने गार्ड्स के गलत व्यवहार की शिकायत भी मेट्रो अफसरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से की है। 25 किलो वजनी सामान ही ले जा सकेंगे यात्री संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति, मानसिक रूप से परेशान और असंयमी, शराबी पैसेंजर सफर नहीं कर सकेगा। विमान की तरह ही इसमें सामान लेजाने का नियम निर्धारित किा गया है। एक यात्री मेट्रो में अधिकतम 25 किलो वजन का सामान ही ले जा सकता है। इसी तरह स्टेशन परिसर या मेट्रो ट्रेन के भीतर थूकने वाले पर 200 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें शामिल हैं पेट्रोल और डीजल, हथियार, माचिस और ज्वलनशील पदार्थ, गुटखा, पान, तंबाकू, खाने-पीने का सामान और नाश्ता. सुरक्षा के लिहाज से इन चीजों को खतरनाक माना गया है, इसलिए चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना या कार्रवाई हो सकती है. इमरजेंसी बटन से मजाक पड़ेगा भारी अगर किसी ने बेवजह इमरजेंसी बटन दबाया, तो सीधे 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. यह बटन सिर्फ आपात स्थिति के लिए है, न कि मजाक या प्रयोग के लिए. प्रशासन का कहना है कि फर्जी अलर्ट से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. हर हरकत पर CCTV की नजर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन के अंदर CCTV कैमरों से 24×7 निगरानी की जा रही है. हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा. क्यों जरूरी हैं ये नियम? मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, साफ और अनुशासित सफर देना है. नियम मानेंगे तो सफर आसान और आरामदायक रहेगा, वरना चालान और कार्रवाई तय है.

हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस सुरक्षा में पत्नी को पति के घर भेजा, मायके वालों से मुक्त कराया

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महिला को उसके परिवार से सुरक्षा देते हुए पति के घर पहुंचाने का आदेश दिया है। यह फैसला छिंदवाड़ा की एक महिला के मामले में आया, जिसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई लेकिन परिवार के हस्तक्षेप का डर भी जताया। उसके पति ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर कहा था कि उसकी पत्नी को बंधक बनाया गया है। महिला को कोर्ट में पेश करने के आदेश जस्टिस विवेक अग्रवाल और राम कुमार चौबे की बेंच ने महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद यह आदेश दिया। महिला ने कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन उसे डर है कि उसके परिवार वाले उनकी जिंदगी में 'अनुचित और अवैध हस्तक्षेप' कर सकते हैं। इसलिए उसने पुलिस सुरक्षा मांगी। कोर्ट ने पुलिस को दिए निर्देश कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे महिला को सुरक्षित रूप से उसके पति के घर, जो कि सीहोर जिले में है, पहुंचाएं। साथ ही, सीहोर के एसपी को जोड़े की सुरक्षा का जायजा लेने और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया। कोर्ट ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा, 'महिला की दलीलों को सुनने और यह संतुष्ट होने के बाद कि वह वयस्क है, जैसा कि याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी सबूतों से पुष्टि होती है, हम पुलिस कर्मियों से अनुरोध करते हैं जिन्होंने बंदी को लाया है, उसे सुरक्षित हिरासत में याचिकाकर्ता के घर ले जाएं, क्योंकि शादी विधिवत पंजीकृत है और वे विधिवत विवाहित पति-पत्नी हैं।' एसपी को दिए आदेश कोर्ट ने आगे कहा, 'हम सीहोर के अधीक्षक पुलिस से भी अनुरोध करते हैं कि वे खतरे की आशंका का परीक्षण करें और उचित सुरक्षा प्रदान करें और सीहोर के संबंधित पुलिस स्टेशन बारघाट को निर्देश दें कि जब भी याचिकाकर्ता या बंदी किसी अनुचित घटना की रिपोर्ट करें, तो पुलिस स्टेशन बारघाट, सीहोर को उचित संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और उनके मामले को सहानुभूतिपूर्वक निपटाना चाहिए।'

7 समंदर पार कर ओरछा पहुंचे स्पेन के जोड़े ने वैदिक रीतियों से किया विवाह, बतेश्वर मंदिर में हुई पूजा

निवाड़ी मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगर ओरछा में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। स्पेन से आए विदेशी जोड़े ने सात समंदर पार कर हिन्दू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार बतेश्वर मंदिर में विवाह रचाया। स्पेन निवासी 54 वर्षीय चीरो और 50 वर्षीय ऑडरा लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन दोनों की दिली इच्छा थी कि उनका विवाह भारतीय सनातन परंपराओं के अनुसार हो। इसी भावना के चलते उन्होंने रामराजा की नगरी ओरछा को अपनी शादी के लिए चुना। बतेश्वर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न कराया गया। जयमाला, सप्तपदी और अन्य सभी रस्में पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से निभाई गईं। पीले जोड़े में सजी दुल्हन ऑडरा और सेहरे से सजे दूल्हा चीरो भारतीय विवाह की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहे थे, जो मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। शादी के दौरान मंदिर में उपस्थित लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वैदिक मंत्रों की गूंज और सनातन संस्कारों के बीच विदेशी जोड़े ने सात जन्मों तक पति-पत्नी के रूप में साथ निभाने की शपथ ली। विवाह के बाद दूल्हा- दुल्हन ने कहा कि वे हिन्दू संस्कृति, वैदिक परंपराओं और भारतीय संस्कारों से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने रामराजा सरकार से सात जन्मों तक सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद लिया। जोड़े ने कहा, “रामराजा की नगरी में एक-दूसरे का हाथ थामने की हमारी अभिलाषा आज पूरी हो गई।” विदेशी जोड़े को पूरा विश्वास है कि सनातन संस्कारों से प्रेरित यह वैदिक पाणिग्रहण संस्कार उनका दांपत्य जीवन अटल और सफल बनाएगा। यह विवाह न केवल प्रेम की, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता की भी एक सुंदर मिसाल बन गया।

बंधुआ मजदूर बनकर फंसे आदिवासी मजदूरों की वापसी, सिंधिया ने मदद के लिए किया धन्यवाद

शिवपुरी   कोलारस के आदिवासी परिवारों के 80 से ज्यादा मजदूरों को महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने बंधुआ बना लिया था. इन आदिवासियों को कुछ दलाल महाराष्ट्र ले गए और लगातार उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे, जिसके बाद किसी तरह से आदिवसी मजदूरों ने अपनी बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंचाई थी. आखिरकार दलालों के चंगुल से निकलने के बाद सभी मजदूर वापस कोलारस के ग्राम पंचायत विजयपुरा पहुंचे और अपनी रिहाई के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार प्रकट किया. काम के बहाने बनाया बंधुआ मजदूर रामजी लाल आदिवासी ने कहा, '' हम लगभग 80 मजदूरों को पूरे परिवार के साथ ग्राम बछुरिया निवासी बंटी गुर्जरऔर कल्लू गुर्जर 1 दिसम्बर को इंदौर ले गया था. इसके बाद मजदूरी करवाने के बहाने सभी को महाराष्ट्र ले जाया गया. महाराष्ट्र में कुछ स्थानीय लोगों से मिलवाया गया और सोलापुर में एक गन्ने के खेत पर मजदूरी के लिए लगा दिया गया. वहां बंधुआ मजदूर बनाकर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक जमकर मजदूरी करवाई जाती थी. इसके बाद लाठियों से मारा पीटा जाता था और पानी पीने या आराम करने पर लातें मारी जाती थीं, जिसके बाद हम लोगों ने वीडियो बनाकर कोलारस में विजयपुरा सरपंच को भेजे.'' सरपंच को मिला वीडियो, फिर सिंधिया तक पहुंची बात आदिवासी मजदूरों द्वारा वीडियो मिलते ही विजयपुरा के सरपंच ने रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद दांगी को मामले की शिकायत की. वहीं दूसरी ओर विधायक महेंद्र सिंह यादव के माध्यम से सूचना केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तक भेजी गई. इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया और 20 दिसम्बर को सभी बंधुआ मजदूर लौटकर वापस गांव आ गए. आदिवासी मजदूरों ने इसके बाद वीडियो बनाकर केंद्रीय मंत्री सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही मजदूरों ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को विजयपुरा आने का निमंत्रण भी दिया है. इस मामले को लेकर रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया, '' मुझे एक शिकायत विजयपुरा के मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधुआ बनाए जाने के संबंध में मिली थी. उक्त शिकायत के बाद मैंने संंबंधित थाने पर संपर्क किया था. इसके अलावा ग्रामीण सांसद महोदय से भी मिले थे. उन्होंने प्रयास किए, जिसके बाद सभी मजदूर लौट कर वापस आ गए हैं. बताया गया कि आदिवासियों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनसे मारपीट की जा रही थी और उन्हें पैसे भी नहीं दिए जा रहे थे.

ठंड के सीजन में टमाटर महंगा, कारण और भविष्य के दाम की जानकारी

शहडोल   मध्य प्रदेश में भीषण ठंड के बीच हरी-भरी सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं ये सीजन टमाटर के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान टमाटर की ज्यादा आवक व डिमांड की वजह से अक्सर इसके दाम में कमी देखी जाती है लेकिन इसके ठीक उलट टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के किचन का जायका भी बिगड़ रहा. जानें आखिर किसा वजह से टमाटर सीजन होने के बावजूद इतना महंगा चल रहा है. ठंड के सीजन में टमाटर के गर्म तेवर  पूरे मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान 5 डिग्री के करीब या उससे नीचे चल रहा है. ऐसे में इसका असर अब सब्जियों और फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. टमाटर की फसल का सीजन है फिर भी टमाटर के दाम इन दिनों बेतहाशा बढ़ रहे हैं. टमाटर खरीदने पहुंची खरीददार कहती हैं, '' दिसंबर में अक्सर ही टमाटर सस्ते दाम में मिल जाते थे लेकिन मौजूदा साल में 50 रु से लेकर 70रु किलो तक बिक रहे हैं,'' 60-70रु किलो तक बिक रहा टमाटर  इन दिनों टमाटर के दाम अच्छे खासे बढ़ रहे हैं और हर दिन दाम में उछाल भी देखने को मिल रहा है. सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' वर्तमान में खुले रेट में टमाटर कहीं 50 रु किलो तो कहीं 60-70रु किलो तक क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं.'' क्यों बढ़ रहे टमाटर के दाम? सब्जी व्यापारी बताते हैं, '' इस बार लंबे समय तक बारिश हुई, जिसकी वजह से शुरुआती फसल बर्बाद हुई, और फिर इसके बाद किसानों ने जो नई फसल लगाई तो बेतहाशा ठंड पड़ गई. तापमान 3 डिग्री तक जा रहा है, जिसकी वजह से टमाटर ठीक से पक नहीं पा रहा है, और यही वजह है कि लोकल टमाटर मार्केट में आ नहीं रहा है. इसी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं.'' सब्जी व्यापारी  बताते हैं कि अगर ठंड इसी तरह पड़ती रही तो अभी टमाटर के दाम सस्ते नहीं होने वाले हैं. पहले बारिश का कहर अब ठंड बनी सिरदर्द टमाटर की खेती करने वाले किसान सत्य कुमार बताते हैं, ''इस बार बारिश देर तक हुई, ऐसे में जो टमाटर की फसल लगा रखी थी वह बारिश की वजह से वो खराब हो गई. नई फसल लगाई, तो अभी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. खेतों पर टमाटर तो लगा हुआ है, लेकिन वो पक नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से मार्केट में लोकल टमाटर की शॉर्टेज है.

मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा, कब और कहां होंगी स्टॉपेज

इंदौर  राजस्थान के अजमेर शहर में सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स को देखते हुए रेलवे ने 5 जोड़ी उर्स स्पेशल ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया है। ये सभी ट्रेनें अलग-अलग राज्यों से आएंगी और कई प्रदेशों से होकर गुजरते हुए अजमेर तक जाएंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लोगों को भी इन ट्रेनों का फायदा मिलेगा। इस खबर में हम आपको मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान के कई शहरों से गुजरते हुए अजमेर तक जाने वाली विशेष ट्रेनों की ही जानकारी दे रहे हैं। इनमें से एक ट्रेन गुजरात से भी होकर गुजरेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने इन ट्रेनों के बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए विस्तार से जानकारी दी। 1) ट्रेन नंबर 07274/07275 मचिलीपट्‌णम-अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07274, मचिलीपट्णम-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 21 दिसंबर (रविवार), सुबह 10.00 बजे आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्णम से शुरू होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन (सोमवार रात 20:37 बजे), इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद एवं अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को 15.30 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07275, अजमेर-मचिलीपट्णम स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार), सुबह 08.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन मंगलवार को सुबह 09.30 बजे मचिलीपट्णम पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में गुडिवाडा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, जम्मीकुंटा, पेद्दपल्ली जंक्शन, करीमनगर, लिंगमपेट जगित्याल, मोर्ताड़, आरमुर, निजामाबाद जंक्शन, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, परभणी जंक्शन, मानवत रोड, सेलु, परतुर, जालना, छत्रपति शम्भाजीनगर (औरंगाबाद), लासूर, रोटेगांव, नागरसोल, मनमाड जंक्शन, भुसावल जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास, जनरल सेकेंड क्लास और 2 गार्ड कोच समेत कुल 24 कोच होंगे। 2) ट्रेन नंबर 07733/07734 काचीगुडा-मदार-काचीगुडा स्पेशल ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाडी संख्या 07733, काचीगुडा-मदार स्पेशल रेलसेवा (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) को हैदराबाद के काचीगुडा से रात 23.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार। कब पहुंचेगी- 25 दिसंबर (गुरूवार) को दोपहर 13.00 बजे मदार पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07734, मदार-काचीगुडा स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 28 दिसंबर (रविवार) को मदार से शाम 18.10 बजे रवाना होगी कब पहुंचेगी- 30 दिसंबर (मंगलवार) को सुबह 10.00 बजे काचीगुडा पहुंचेगी स्टॉपेज- यह ट्रेनें दोनों दिशाओं में काचीगुडा, मल्काजगिरि, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा जं., बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला, खंडवा, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, मदार स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। 3) ट्रेन नंबर 07731/07732 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07731, हैदराबाद-अजमेर स्पेशल ट्रेन (01 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को सुबह 11.30 बजे हैदराबाद से चलेगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 25 दिसंबर (गुरुवार) आधी रात को 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07732, अजमेर-हैदराबाद स्पेशल ट्रेन ऑपरेशनल कारणों से इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। स्टॉपेज- यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, मेडचल, कमारेड्डी, निजामाबाद जंक्शन, बसर, धर्माबाद, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बासमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला जंक्शन, खंडवा जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भोपाल जंक्शन, उज्जैन जंक्शन, रतलाम जंक्शन, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 1 फर्स्ट मय सेकेंड एसी, 3 थर्ड एसी, 14 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें रहेंगे। 4) ट्रेन नंबर 07735/07736 तिरूपति-अजमेर-तिरूपति ट्रेन (कुल 2 ट्रिप) < गाड़ी संख्या 07735, तिरूपति-अजमेर स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) को तिरूपति से दोपहर 12.30 बजे रवाना होगी MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर। कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 24 दिसंबर (बुधवार) को मध्य रात्रि में 02.15 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 07736, अजमेर तिरूपति स्पेशल रेलसेवा कब चलेगी- 29 दिसंबर 2025 (सोमवार) को अजमेर से रात 20.00 बजे चलेगी कब पहुंचेगी- तीसरे दिन 31 दिसंबर (बुधवार) को दोपहर 13.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी स्टॉपेज- तिरूपति, रेणिगुट्टा, गुडुर, नेल्लोर, औंगोल, चिराला, तेनाली, विजयवाडा, खम्मम, डोर्नकल जंक्शन, महबूबाबाद, वारंगल, पेद्दपल्ली, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद और अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में 3 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान, 4 द्वितीय साधारण श्रेणी एवं 02 गार्ड डिब्बों सहित कुल 24 डिब्बें होगें। < गाड़ी संख्या 09027, बान्द्रा टर्मिनस-अजमेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 22 दिसंबर (सोमवार) और 25 दिसंबर (गुरुवार) को दोपहर 12.15 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी गुजरात-MP-राजस्थान में कहां रुकेगी- वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर। कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 07.20 बजे अजमेर पहुंचेगी < गाड़ी संख्या 09028, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट रेलसेवा (2 ट्रिप) कब चलेगी- 23 दिसंबर (मंगलवार) और 26 दिसंबर (शुक्रवार) को सुबह 10.25 बजे अजमेर से रवाना होगी कब पहुंचेगी- अगले दिन सुबह 04.20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी स्टॉपेज- बांद्रा टर्मिनस, बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर स्टेशनों पर रुकेगी।  

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामला: 4 प्रमोशन मिलने थे, कर्मचारी को 40 साल में सिर्फ एक मिला

जबलपुर   चालीस साल की सेवा के बाद भी एक भी प्रमोशन नहीं दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में दायर इस याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस एम एस भट्टी की एकलपीठ ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर व जबलपुर दुग्ध संघ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में पूछा गया है कि आखिर किन वजहों से कर्मचारी को 40 साल की सेवा के बावजूद प्रमोशन नहीं दिया गया. क्या है पूरा मामला? जबलपुर के चेरीताल क्षेत्र निवासी त्रिलोकी नाथ पांडे की ओर से मध्य प्रदेश हईकोर्ट में ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि वे दुग्ध संघ पनागर, जबलपुर में अप्रैल 1981 में कॉपरेटिव एक्सटेंशन असिस्टेंट पर नियुक्त हुए थे. इसके बाद वह प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पदस्थ रहते हुए सेवा प्रदान करते रहे. उन्हें सेवाकाल के दौरान कई प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए थे और ना ही सेवाकाल के दौरान उनपर किसी भी प्रकार की कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी. इस सबके बावजूद उन्हें एक भी बार प्रमोशन नहीं दिया गया. 4 बार मिलने थे प्रमोशन, एक भी नहीं मिला याचिकाकर्ता त्रिलोकी नाथ पांडे ने याचिका में कहा कि नियमानुसार उन्हें दस साल, बीस साल, तीस साल व चालीस साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नति का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए था. इस संबंध में उन्होंने सेवाकाल के दौरान संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन भी दिए थे. संबंधित अधिकारियों के द्वारा उनकी किसी भा मांग पर विचार नहीं किया गया. चालीस साल तक सेवा देने के बाद वह बिना प्रमोशन ही जुलाई 2021 में सेवानिवृत्त हो गए. कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब याचिका में राहत चाही गई है कि उन्हें क्रमोन्नति के एवज में 20 प्रतिशत ब्याज सहित एरियर की राशि प्रदान की जाए और उनकी याचिका का निराकरण किया जाए. इस मामले की सुनवाई करते हुए हईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इसमें हाईकोर्ट ने प्रदेश राज्य सहकारी फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जबलपुर दुग्घ संघ को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद 27 जनवरी को निर्धारित की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अधिवक्ता अमित कुमार चौधरी ने पैरवी की .

पूर्व मंत्री जोशी के साथ दूसरा विवाह, पल्लवी और कांग्रेस नेत्री ने साझा की पूरी जानकारी

भोपाल   पूर्व मंत्री दीपक जोशी की शादी की चर्चा सियासी गलियारे में जोरों पर है। इस बार उन्होंने कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से शादी रचाई है। शादी के बाद तमाम अटकलों पर मीडिया के सामने आकर पल्लीव राज सक्सेना ने अपनी बात रखी है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी और पल्लवी राज की शादी 4 दिसंबर को भोपाल स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई थी। तस्वीरें 20 दिसंबर को वायरल हुई थी। पहले भी की हैं दो शादियां दरअसल, दीपक जोशी पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे हैं। पहली पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद दो अन्य महिलाओं ने दावा किया था कि हमारी शादी दीपक जोशी से हुई है। अब उन्होंने पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है। भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई है। परिवारों की मौजूदगी में हुई शादी दीपक जोशी से शादी के बाद पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा कि इस शादी में हमारे परिवार के सभी लोग मौजूद थे। साथ ही दीपक जोशी के बहन, बहनोई और भांजे-भांजियां मौजूद थीं। कई शादियों की बात को नकारा वहीं, दीपक जोशी की पहली पत्नी की मौत 2021 में हुई थी। अब उन पर आरोप लगते हैं कि 2016 में भी उन्होंने एक महिला से शादी की। एक अन्य महिला आरोप लगाती है कि हमने उनसे जनवरी 2025 में शादी की थी। इन आरोपों पर पल्लवी राज सक्सेना कहती हैं कि मैं जनवरी 2025 से ही दीपक जोशी की लाइफ में हूं। 11 महीने से हर पल मैं उनके साथ रहती हूं। मेरे घर में उनसे जून-जुलाई में सगाई हुई थी। इन संबंधों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अन्य शादियों के सवाल पर पल्लवी कहती हैं कि दीपक जी ने मुझे इतना बताया था कि एक महिला है, जो मुझे काफी दिन से परेशान कर रही है। इससे ज्यादा मुझे उन्होंने नहीं बताया। कांग्रेस में गए, फिर भाजपा में आए दीपक जोशी देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से विधायक रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री बने। 2018 में कांग्रेस के मनोज चौधरी से हार गए। 2020 में चौधरी भाजपा में आ गए। 2023 में जोशी कांग्रेस में शामिल हुए और खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें भाजपा के आशीष शर्मा से हार गए। कुछ समय पहले वे वापस भाजपा में आए। भ्रष्टाचार सहित अन्य मामलों में दीपक जोशी मुखर रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें करते रहे। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में उनकी पत्नी विजिया जोशी का इंदौर के अस्पताल में निधन हो गया था। बेटा जयवर्धन सिंह भाजपा में है। सोमवार को करूंगा प्रेस कॉन्फ्रेंस मामले को लेकर एक वीडियो में दीपक जोशी का कहना है कि मनुष्य जीवन में यश-अपयश दोनों चलते हैं। मैं जिस परिवार से आता हूं, उसकी ऊंचाइयां बहुत अधिक हैं। एक मीडिया संस्थान (नईदुनिया नहीं) ने इसे लेकर कुछ प्रकाशित किया है। दो महिलाओं का जिक्र किया है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनको लेकर यहां टिप्पणी नहीं कर सकता। भारतीय न्याय प्रणाली पर विश्वास है। संचार साधनों पर कुछ भी डालने से पहले पुष्टि करनी चाहिए। सोमवार को भोपाल में इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। पल्लवी राज सक्सेना की भी दूसरी शादी पल्लवी राज सक्सेना की भी यह दूसरी शादी है। पहले पति से 17 साल पहले तलाक हो गया है। पल्लवी सक्सेना का एक 18 साल का बेटा है। वह गुजरात में रहकर पढ़ाई कर रहा है। दीपक जोशी से पहली मुलाकात एक कार्यक्रम में हुई थी। फिर एक अंकल के जरिए हमारे घर रिश्ता आया। 63 के दीपक और 45 की पल्लवी वहीं, दीपक जोशी 63 साल के हैं और पल्लवी राज सक्सेना 45 साल की हैं। हमदोनों के लाइफ में कोई नहीं है। बढ़ती उम्र है तो साथ रहना जरूरी है। हम एक-दूसरे के साथ सुख-दुख और बीमारी में खड़े रहें। दूसरा विवाह करना कोई अपराध या चोरी नहीं है। गौरतलब है कि शादी को सार्वजनिक करने के प्लान पर पल्लवी राज सक्सेना ने मीडिया से कहा कि शादी के तुरंत बाद मेरे पिता जी को पैरालिसिस अटैक आया। साथ ही मां की तबीयत भी बिगड़ गई। इसकी वजह से हमलोग कुछ प्लान नहीं कर पाएं।

मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरा, 21 शहरों में पारा 10°C से नीचे, भोपाल-इंदौर में न्यूनतम तापमान समान

भोपाल सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा। प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा। ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।