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समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया

नीमच में कुपोषण मुक्ति की दिशा में प्रभावी पहल, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को वितरित किए न्यूट्री बास्केट समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कर रहे हैं प्रयास : प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया नीमच में कुपोषण मुक्ति की ओर मजबूत कदम, प्रभारी मंत्री ने 50 बच्चों को न्यूट्री बास्केट वितरित किए भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा है कि नीमच जिले के समग्र विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिल-जुलकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं। कुपोषण के निवारण के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है और इसी दिशा में प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभावी नवाचार किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शासन की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और समाज में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़े। प्रभारी मंत्री सुभूरिया गुरुवार को टाउनहॉल, नीमच में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जीएसटी बचत सम्मेलन एवं न्यूट्री बास्केट वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा 50 बच्चों एवं उनकी माताओं को पोषण युक्त न्यूट्री बास्केट वितरित की गई। इस अवसर पर जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपड़ा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शारदाबाई धनगर, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री सुभूरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि कुपोषण का अमीरी या गरीबी से कोई सीधा संबंध नहीं है। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार मिले, इसके लिए माताओं और बहनों को जागरूक होना होगा। उन्होंने नीमच जिले में सेम और मेम श्रेणी के बच्चों को न्यूट्री बास्केट उपलब्ध कराने के नवाचार की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम में समाज के सभी वर्गों से सहभागी बनने का आह्वान किया तथा महिलाओं की बचत और आत्मनिर्भरता की भावना की प्रशंसा की। कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में दी गई राहत से आम परिवारों को आर्थिक लाभ मिला है और आयकर एवं जीएसटी में छूट से लोगों की बचत बढ़ी है। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में प्रदेश की दिशा और दशा बदली है तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिला है। विधायक अनिरुद्ध मारू ने बाल विवाह को सामाजिक अपराध बताते हुए इसके उन्मूलन में सभी से सहयोग की अपील की और महिलाओं से हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जीएसटी का सर्वाधिक लाभ प्रदान करने वाले नितेश जैन, सचिन जोशी एवं ललित पंवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती हंसा माली, श्रीमती रेखा टेलर एवं श्रीमती पूजा माली को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा 6 पोषण मित्रों को भी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। पंख अभियान के तहत चड़ोली निवासी अर्जुन रामसिंह को किराना व्यवसाय के लिए 1.80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र तथा जमुनिया कलां निवासी किशन पिता राजू भील को स्वरोजगार हेतु 14.42 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया। जीएसटी के सहायक आयुक्त राजीव परिहार ने स्वागत उद्बोधन दिया, कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश पाटीदार ने किया तथा अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुअंकिता पंड्या ने आभार व्यक्त किया।  

मध्य प्रदेश में 34 अवैध कॉलोनियों पर काम ठहरा, नागरिक सुविधाओं का विकास रुकावट में

भोपाल  भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों को रोकने और इनमें विकास कार्य करवाने के लिए करीब एक साल पहले अधिग्रहण योजना बनाई गई थी। जिसको लेकर करीब 34 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित किया गया था, जिनका अधिग्रहण कर उनमें बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाओं सहित अन्य विकास कार्य किए जाने थे। यह कार्य एसडीएम और जिला पंचायत को सौंपा गया था लेकिन कारवाई के नाम पर सिर्फ 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमाए गए थे लेकिन इससे आगे कुछ नहीं हो सका है। नतीजतन एक साल में शहरी सीमा और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमाफिया और जमीन मालिकों ने मिलकर अवैध कॉलोनियां काटकर प्लाट बेच दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार शहर में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों में लोगों को सुविधाओं के नाम पर प्लाट बेचे गए हैं, लेकिन बाद में वह ठगा महसूस कर रहे हैं। इससे उन्होंने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से शिकायत की थी, जिससे कलेक्टर ने एक साल पहले निर्देश दिए थे कि कॉलोनी विकास नियम-2021 के तहत अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर उनका अधिग्रहण किया जाए। 50 से ज्यादा कॉलोनाइजरों को नोटिस दिए गए थे इसके बाद जिला प्रशासन ने पहली बार कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस थमा दिए थे, जिसमें से कुछ ही दस्तावेज पेश करवाए थे, जबकि बाकि नहीं दे पाए थे। ऐसे में 34 के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवाई गई थी। इन 34 अवैध कॉलोनियों को अधिग्रहण कर इनमें विकास कार्य करना थे, लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मिलीभगत से बहाल कर दी गईं अवैध कालोनियां सूत्रों के अनुसार अवैध कॉलोनियों के विकास की योजना को निचले स्तर के अधिकारियों ने मिलकर पलीता लगाया है। इनको अधिग्रहण करने की जगह भूमाफिया और जमीन मालिकों से साठगांठ कर बहाल कर दिया गया। जिससे इन कॉलोनियों में रोक के बाद भी प्लाट बेचे गए और रजिस्ट्री तक हुई। इनमें ग्राम कुराना की 13, छावनी पठार की छह, सिंकदराबाद, पिपलिया बेरखेड़ी और थुआखेड़ा की दो-दो, सुरैया नगर, कालापानी, कोटरा, सेवनिया ओंकारा, कान्हासैया, अरेड़ी, कोलुआखुर्द, शोभापुर जहेज और खंडाबड़ की एक-एक कालोनी शामिल थीं। यह बनाई थी योजना, अमल होता तो मिलता लाभ कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन ने जो अधिग्रहण योजना बनाई थी। जिसके तहत अवैध कॉलोनियों को प्रशासन, जिला पंचायत के अधिकारी कॉलोनी को अपने संरक्षण में लेकर बचे हुए प्लाट को बेचकर उनसे होने वाली आय से बिजली, पानी, सड़क, नाली और अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं। इन कालोनियों में एक प्रशासक नियुक्त किया जाना था ओर ले आउट बनवाने से लेकर टीएंडसीपी से अप्रूव करने सहित सभी जरूरी अनुमतियां ली जानी थीं। अधिग्रहण की योजना बनी हुई है भोपाल जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई की गई हैं। जिन कॉलोनियों में विकास नहीं हुआ है, उनको अधिग्रहण की योजना बनी हुई है। जिस पर आने वाले समय में काम किया जाएगा, जिससे यहां बचे हुए प्लाट को बेचकर इनमें विकासकार्य और सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

उज्जैन में सामूहिक हनुमान चालीसा: धीरेन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में 1.5 लाख पाठ का आयोजन

उज्जैन उज्जैन शहर में सीताराम आगामी 20 दिसंबर को उज्जैन में श्री बागेश्वर धाम पीठ श्री गुरुदेव धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा सनातन धर्म के नए आगम और नए रिकॉर्ड के साथ एक साथ डेढ़ लाख जन एक साथ हनुमान चालीसा पाठ का रिकॉर्ड बनाने को तैयार है मुख्य अतिथि आदरणीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संरक्षक में इंजीनियरिंग कॉलेज सुबह 9 बजे से से इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया, अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी सहित अनेक संत, महंत, महामंडलेश्वर, शिक्षाविद, चिकित्सक और विभिन्न समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। मंदिरों के ध्वजों की महाआरती होगी सोशल वेलफेयर सोसाइटी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी शर्मा एवं आयोजन समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चावड़ा ने बताया कि इस अवसर पर 1008 हनुमान मंदिरों के ध्वजों की महाआरती भी की जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीराम धुन से होगी, जिसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन में प्रमुख मार्गदर्शन पूर्व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी भावना जोशी तथा पुणे (महाराष्ट्र) से श्रीराम धुन प्रस्तुति दल का रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।

शीतलहर से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, आवश्यक तैयारियों और जनजागरूकता पर जोर

शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियों एवं जनजागरूकता के लिए एडवाइजरी जारी गर्म कपड़े पहनें, कई परतों में वस्त्र धारण करें, अनावश्यक यात्रा से बचें संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का करें सेवन भोपाल आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी ने शीतलहर से बचाव के लिए समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा मैदानी कर्मियों एवं आम नागरिकों को शीतलहर के लक्षण, बचाव उपाय तथा Do’s & Don’ts के संबंध में जागरूक करने और आवश्यक तैयरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में माह दिसंबर एवं जनवरी के दौरान शीतलहर का प्रकोप प्रायः देखने को मिलता है। इस अवधि में कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे कम दर्ज किया जाता है, जिससे जन-मानस के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट जैसी शीतजनित बीमारियाँ तथा विषम परिस्थितियों में मृत्यु की संभावना भी हो सकती है। शीतलहर के दौरान विशेष रूप से 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय एवं श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति, बेघर लोग, खुले स्थानों व निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक, सड़क किनारे रहने वाले व्यक्ति एवं छोटे व्यवसायी अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। शीतलहर क्या है शीतलहर एक मौसम संबंधी घटना है जिसमें न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट आती है, ठंडी हवाएँ चलती हैं तथा पाला या बर्फ जमने जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।  शीतलहर के दौरान क्या करें (Do’s) स्थानीय रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनें तथा कई परतों में वस्त्र धारण करें। सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढकें; टोपी, मफलर एवं मोज़े का प्रयोग करें। वॉटरप्रूफ जूतों का उपयोग करें। गर्म एवं तरल पेय पदार्थ (चाय, सूप आदि) लेते रहें तथा संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें। ठंडी हवा से बचें, यथासंभव घर के अंदर रहें एवं अनावश्यक यात्रा से बचें। बच्चों, बुजुर्गों, अकेले रहने वाले एवं असहाय व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। आवश्यक दवाइयों, ईंधन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का पूर्व भंडारण रखें। ठंड से प्रभावित होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और निकटस्थ अस्पताल से संपर्क करें। क्या न करें (Don’ts) अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर अनावश्यक समय तक न रहें। गीले कपड़े पहनकर न रहें, तुरंत सूखे कपड़े पहनें। हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पेय पदार्थ न दें। गंभीर ठंड के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। हाइपोथर्मिया एवं फ्रॉस्टबाइट के लक्षण तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई, नींद आना। हाथ-पैर की उंगलियों, कानों या नाक में सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना। शिशुओं में ठंडी, लाल त्वचा एवं ऊर्जा की कमी। हाइपोथर्मिया एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। ऐसे में व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर सूखे कंबल से ढकें और शीघ्र अस्पताल पहुँचाएँ। मौसम की जानकारी नागरिक अद्यतन मौसम पूर्वानुमान एवं शीतलहर संबंधी चेतावनी निम्न वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं

मध्य प्रदेश विधानसभा में चर्चा: मेडिकल कॉलेज और शिक्षकों की भर्ती, 903 लोगों पर एक डॉक्टर की स्थिति

भोपाल  विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को बैतूल विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि 2003 में मात्र पांच शासकीय और दो निजी मेडिकल कॉलेज थे। आज 19 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, छह केंद्र सरकार की मदद से बन रहे हैं। 14 निजी मेडिकल कॉलेज हैं और 13 पीपीपी मोड पर बनाए जा रहे हैं। कुछ सालों में 52 मेडिकल कॉलेज दिखेंगे हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कुछ सालों में 52 मेडिकल कॉलेज दिखेंगे। पीपीपी मोड पर बनने वाले चार मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 23 दिसंबर को करेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में 320 लोगों पर एक, चीन में साढ़े चार सौ लोगों पर एक, जापान में 400 लोगों पर एक और मध्य प्रदेश में 903 लोगों पर एक डॉक्टर है। जब 52 मेडिकल कॉलेज धरातल पर आएंगे तो लगभग 10 हजार सीटें हो जाएंगी और हम देश के अग्रणी मेडिकल स्टेट में हो जाएंगे। जहां डॉक्टर और मरीज व्यक्तियों का अनुपात बराबर हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे देश में सर्वाधिक 34 लाख मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना में प्रदेश सरकार ने कराया है। प्रदेश में 30 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय उपलब्धियां गिनाते हुए आगामी कार्य योजना भी बताई। उन्होंने कहा कि 30 हजार 281 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। 75 हजार के अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की है। अतिथि शिक्षक को अप्रैल से लगाएंगे। पहले शिक्षक की छुट्टी पर क्लास खाली रहती थी, लेकिन अब एक दिन के लिए भी प्रधानाध्यापक अतिथि शिक्षक नियुक्त कर सकेंगे। तीन साल में 1,390 स्कूल भवन बनाए जाएंगे 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण किया है। अधोसंरचना विकास के काम सभी स्कूलों में चल रहे हैं। आगामी तीन साल में 1,390 स्कूल भवन बनाए जाएंगे। 39 हजार स्कूल भवनों की मरम्मत होगी। निजी विद्यालयों में सिलेबस यूनीफॉर्म में आर्थिक शोषण की शिकायतें आती हैं। आगामी सत्र से हम शासकीय प्रेस से छपवाकर निजी स्कूल के लिए जनपद मुख्यालय स्तर पर बुक शिविर लगाए जाएंगे। बदतर स्थिति में है कानून व्यवस्था कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में पूरा थाना जेल चला गया। मप्र के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। भोपाल में एमडी ड्रग की फैक्ट्री पकड़ाई। जनवरी 2024 से 30 जून 2025 तक 10,840 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुईं। 21,175 महिलाएं और 1,954 कन्याएं एक माह से अधिक समय तक लापता रही हैं। जून 2025 तक 34 हजार साइबर अपराध के दर्ज हुए। सरकार इन सभी विषयों पर ध्यान दें। सरकारी स्कूलों में नेता-अधिकारियों के बच्चे अवश्य पढ़ें उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि हर स्कूल के पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से कृषि से संबंधित एक कोर्स जोड़ जाए। कानून बनाकर यह अनिवार्य किया जाए कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी कम से कम दो से पांच वर्ष तक अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराएं। इससे अपने आप शिक्षण संस्थानों का सुधार हो जाएगा। 30,900 किमी सड़क बनाएंगे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि आने वाले तीन साल में 30,900 किलोमीटर सड़क और 1,767 क्षतिग्रस्त पुल बनाएंगे। एक हजार से ज्यादा पंचायतों में किसी भी प्रकार का नेटवर्क नहीं है। वहां काम शुरू करने जा रहे हैं। दिसंबर 2026 तक प्रदेश में कोई भी गांव या पंचायत ऐसी नहीं है जहां श्मशान घाट में कनेक्टिविटी न हो। दुकान के अंदर श्रम अधिकारी बिना आयुक्त की अनुमति नहीं जाएगा। सॉफ्टवेयर बताएगा परियोजना की समय-सीमा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि देश में पहली बार मध्य प्रदेश में हम वैज्ञानिक और सॉफ्टवेयर आधारित किसी भी परियोजना की समय-सीमा तय को कर रहे हैं। सॉफ्टवेयर बताएगा कि परियोजना की समय-सीमा कितनी होनी चाहिए। एक टाइगर कारिडोर निर्माण की योजना पहली बार देश में एक टाइगर कारिडोर निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए पांच नेशनल पार्क का चयन किया है। यह देश और विदेश के सभी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। वहीं, भावांतर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने हुए कहा कि भावांतर योजना में सरसों और मूंगफली का लाभ भी देने की कार्य योजना बनाई जा रही है। मौसम आधारित बीमा योजना भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। उर्वरक की होम डिलेवरी सेवा भी शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। सीएम केयर योजना लाने जा रहे हैं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि हम सीएम केयर योजना लाने जा रहे हैं। इसमें कॉर्डियोलाजी, कैंसर, आर्गन ट्रांसप्लांट, क्रिटिकल केयर जैसे विभाग मेडिकल कॉलेज में खोले जाएंगे। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और रीवा मेडिकल कॉलेज को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) की तर्ज पर तैयार करेंगे। दो साल में एक लाख माताओं में 173 मृत्यु हो जाया करती थी। वह घटकर 137 हो गई है। शिशु मृत्यु दर भी 48 से घटकर 37 हुई है। मध्य प्रदेश में साढ़े चार करोड़ लोगों का आयुष्मान योजना में पंजीयन हैं। गरीबों के उपचार के लिए 11 हजार करोड़ का भुगतान किया गया है। एयर एम्बुलेंस और शव वाहन योजना लागू की है।  

वन मेले में वनोपज एवं हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बढ़ी मांग

दोपहर तक लगभग 10 लाख से अधिक की हुई बिक्री बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजन, अलीराजपुर का दालपनिया, छिंदवाड़ा की वन भोज रसोई बने आकर्षण का केन्द्र भोपाल : अंतर्राष्ट्रीय वन मेला-2025 अंतर्राष्ट्रीय वन मेला की लोकप्रियता की वजह से राजधानी ही नहीं वरन् आसपास के कई जिलों से लोग यहाँ मेला देखने आ रहे है। शहर के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मेले में दिनांक 18 दिसम्बर की दोपहर तक लगभग 10 लाख से अधिक के वनोपज एवं हर्बल उत्पाद से निर्मित औषधियों की बिक्री हो चुकी है। मेले में स्थापित ओ.पी.डी में बड़ी संख्या में लगभग 100 से अधिक आगंतुकों ने निशुल्क चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया। इस हेतु प्रातः 10.30 से अपराह्न 3.00 बजे एवं सांय 3.00 से रात्रि 8.00 बजे तक आयुर्वेद चिकित्सकों तथा अनुभवी वैद्य अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। ओ.पी.डी में निःशुल्क परामर्श आयुर्वेदिक चिकित्सकों तथा अनुभवी वैद्यों द्वारा मेले के अंतिम दिन तक जारी रहेगा। मेले के कान्फ्रेंस हॉल में गुरूवार को म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक डॉ. समीता राजोरा द्वारा स्टार्टअप कान्क्लेव का शुभारंभ किया गया। आयोजन में रविन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी से श्री रोनॉल्ड फर्नान्डेंज, ए.आई.सी. एवं स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर से सुश्री नेहा चतुर्वेदी, व्ही.एस.एस.पी.ए. मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।कार्यक्रम में 6 नये स्टार्ट अप बस्तर फड़, शाम्या प्रकाश, श्यामी, फार्म 93, पी.एस.एस.एस. इंडिया एवं त्रिष्टा टी के प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा में भाग लिया जाकर अपने अनुभव साझा किये गये। मेले में लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र के विन्ध्य हर्बल्स ब्रांड के उत्पादों जैसे शहद, च्यवनप्राश के अलावा अन्य उत्पाद वेलनेस किट, केश तेल, महुआ बॉडी बटर, महुआ लोशन, हेयर शैम्पू, विंध्य बाडी मसाज तेल आदि को उनके प्रभावी असर एवं गुणवत्ता की वजह से आगंतुकों द्वारा काफी सराहा जा रहा। इस वर्ष नर्सरी के औषधीय पौधे भी आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। प्रधानमंत्री वन धन योजना अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में संचालित वन धन केन्द्रों के द्वारा बनाए जा रहे सभी उत्पाद के प्रति लोगों का अत्यधिक रुझान रहा। इन उत्पादों में महुए एवं देशी मोटे अनाज (मिलेट्स) के प्रति बढ़ती लोकप्रियता ने महुए के लड्डू, महुए का अचार, महुआ कुकीज, कोदो-कुटकी कुकीज, अलसी लड्डू, तिल लड्डू, देशी मक्का कुकीज, वनीय शहद, आंवला कैंडी, आंवला पाचक ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आगंतुकों ने बड़ी उत्सुकता के साथ इन उत्पादों को खरीदा। इसके साथ ही वनांचलों के एलोवेरा से निर्मित साबुन, शैम्पू, हैण्ड वॉश, जैल, आंवला अचार,शतावर अचार, जंगली शहद एवं अन्य उत्पादों को भी लोगों ने काफी पसंद किया। विभिन्न जिलों से शामिल प्राथमिक वनोपज समितियों के उत्पाद, जंगली जड़ी बूटियों एवं मध्यप्रदेश राज्य बम्बू मिशन के उत्पादों से लोगों की नजर नहीं हट रही है। इसके अतिरिक्त फ़ूड स्टॉल एवं फूड जोन में वन विभाग से बांधवगढ़ के गोंडी व्यंजन, अलीराजपुर का दालपनिया एवं पश्चिम छिन्दवाड़ा की वन भोज रसोई जो मुख्य आकर्षण का केंद्र है। मेला प्रांगण में सुबह 10.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक रंगारंग कार्यक्रम चलते रहे, जिनमें छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो गायन तथा समूह गायन की प्रतियोगिता में लगभग 10 विद्यालयों से 50 से भी अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। दोपहर में योगा शो में योग गुरू श्री महेश अग्रवाल द्वारा योगासन सीखाएं गए एवं जैवविविधता बोर्ड द्वारा कथक नृत्य एवं नुकक्ड़ नाटक प्रतियोगिता आयोजित की गई और सायं 07 बजे से सम्राट म्युज़िकल ग्रुप द्वारा आर्केस्ट्रा की रंगारंग प्रस्तुति में ऑगन्तुकों द्वारा आनंद लिया गया। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया गया एवं उनकी विलक्षण प्रतिभा को सराहा गया। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में शुक्रवार 19 दिसम्बर को लघु वनोपज संघ द्वारा लघु वनोपज द्वारा NTFPs for Inclusive Growth : "Linking Forest Prosperity with Community Well-being" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ होगा। कार्यशाला का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव, वन विभाग श्री अशोक बर्णवाल की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। कार्यशाला में लघु वनोपज क्षेत्र में कार्यरत देश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक, अनुसंधानकर्ताओं के साथ-साथ विषय विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।  

मध्यप्रदेश पुलिस की मानवीय पहल, विगत एक सप्ताह में 19 बिछड़े बच्चों को सकुशल परिजनों से मिलाया

पुलिस की सक्रियता से मासूमों के चेहरों पर लौटी मुस्कान भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व बिछड़े बच्चों की दस्तयाबी के विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विगत एक सप्ताह में पुलिस ने प्रदेश के मंदसौर, भोपाल, छतरपुर, उज्जैन, झाबुआ और कटनी जिलों से कुल 19बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया है। पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। मंदसौर पुलिस की बड़ी सफलता जिले के जीवागंज क्षेत्र से 14 दिसंबर को एक वर्षीय बालक के अपहरण की घटना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 48 घंटों में बालक को राजस्थान के नागौर जिले (मेड़ता शहर) से सकुशल बरामद किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। भोपाल में चार घंटे में मिली नाबालिग राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने विशेष टीम गठित कर मात्र चार घंटे में ढूंढ निकाला। सार्वजनिक स्थलों पर सघन तलाशी अभियान के बाद बालिका को हर्षवर्धन नगर पार्क से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। छतरपुर मेले में बिछड़े 13 बच्चों को मिलाया जिले के जुझारनगर थाना क्षेत्र में वैदेही बाबा मंदिर परिसर में आयोजित विशालमेले के दौरान 13 बालक-बालिकाएं अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। पुलिस सहायताकेंद्र की सक्रिय टीम ने लगातार गश्त और लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट के माध्यम से सभी बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता से मिलाया। अन्य जिलों में भी दिखाई सजगता उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस ने रात के समय लापता हुए सात वर्षीय बालक को डेढ़ घंटे की कार्रवाई में सुरक्षित बरामद किया। झाबुआ जिले के थांदला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नवापाड़ा से लापता दो मासूम बच्चों को त्वरित समन्वय से मछली माता रोड से खोज निकाला। इसी प्रकार कटनी जिले में एन.के.जे. थाना पुलिस ने आधुनिक CCTV सर्विलांस के जरिए छह घंटे में गुमशुदा बालक का पता लगाकर उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित समन्वय के साथ कार्य कर रही है। अपहरण जैसी संगीन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और बिछड़े बच्चों को घर तक पहुँचाना पुलिस की सजगता और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

वित्त विभाग उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन की दिशा में अग्रसर : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

शून्य आधारित बजट, रोलिंग बजट और तकनीकी नवाचारों से मजबूत हुई प्रदेश की वित्तीय स्थिति श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन से समृद्धि की ओर प्रदेश भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि वित्त विभाग श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन की ओर जिसमें शून्य आधारित बजट प्रक्रिया के अनुसार बजट तैयार किया जा रहा है। तीन वर्षों के लिये रोलिंग बजट की प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसमें बजट प्रक्रिया से संबंधित नवाचार अपनाएं जा रहे है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थाओं द्वारा जारी प्रतिवेदनों में मध्यप्रदेश के वित्तीय प्रबंधन बजटीय विश्वसनीयता तथा बैंक की गुणवत्ता को सराहा गया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे प्रदेश के ही सकल घरेलू उत्पाद में नियमित वृद्धि बनी हुई है। भारत सरकार के संकल्प विकसित भारत 2047 को पूरा करने में राज्य अपना योगदान देने के लिये प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि वित्तीय मानकों के आधार पर प्रदेश की स्थिति बहुत सुदृढ़ है। उन्होंने बताया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा कई नवाचारी व्यवस्था लागू की है। उन्होंने यह भी बताया कि शासकीय सेवकों/ पेंशनरों के हित में कई निर्णय लिये गये है। वाणिज्यिक कर विभाग की 02 वर्ष की विभागीय उपलब्धियां उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 55 हजार 634 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक कुल 34 हजार 829 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक डाटा एनालिटिक्स आधारित चिन्हित प्रकरणों में प्रवर्तन कार्यवाहियों से रु. 967 करोड़ एवं ऑडिट की कार्यवाही से. 404 करोड़ रु का राजस्व प्राप्त हुआ है। बुरहानपुर, राजगढ़, खरगोन, झाबुआ, कटनी एवं नरसिंहपुर जिलों में नवीन कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। आबकारी विभाग की आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि राजस्व में वृद्धि के लिये राज्य तथा देश के बाहर मदिरा के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये एकीकृत पॉलिसी बनाई जाएगी। मदिरा उपभोग/विक्रय के एक दिवस का लायसेंस मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से जारी किया जाएगा। प्रदेश के समस्त शासकीय विभाग, निगम, मंडल द्वारा दिए जा रहे वर्क आर्डर तथा भुगतान की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके इसके लिये डाटा रिपोजटरी बनाया जाएगा। डाटा एनालिटिक्स के उपयोग से प्रवर्तन की कार्यवाही की जावेगी तथा बोगस व्यवसायियों पर सतत् निगरानी रखी जाकर गलत ITC के उपयोग पर अंकुश लगाया जाएगा। कर अपवंचन की रोकथाम हेतु चलित वाहनों के माध्यम से किये जा रहे कर अपवंचन पर नियंत्रण एवं निगरानी हेतु यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग में पृथक से डेटा एनालिटिक्स एवं टैक्स रिसर्च यूनिट का गठन किया जायेगा। पंजीयन विभाग की उपलब्धियां उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जिसमें 75 प्रकार के दस्तावेज पट्टा, पॉवर ऑफ अटर्नी, बंधक इत्यादि का घर बैठे वीडियो केवायसी के माध्यम से पंजीयन हो रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि संपदा 2.0 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिला है। प्रदेश के लिये यह गौरव की बात है। साथ ही क्रेता एवं विक्रेता की पहचान आधार और पेन e-KYC से किये जाने के कारण जनता को सुविधा हुई है।   विभाग की राजस्व प्राप्ति :- वर्ष लक्ष्य राजस्व प्राप्ति 2023-24 10 हजार 700 करोड रूपये 10 हजार 325 करोड रूपये 2024-25 12 हजार 500 करोड रूपये 11 हजार 355 करोड रूपये 2025-26 13 हजार 920 करोड रूपये 7 हजार 580 करोड रूपये (माह नवम्बर, 2025 तक की स्थिति)   योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (15 लाख 03 हजार 395 करोड़) रूपये रहा एवं प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार 615 रूपये रही। प्रदेश में CRS (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) पोर्टल द्वारा शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण का कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि नर्मदा पथ सर्वेक्षण एवं जनजागरण यात्रा 12 दिवसीय यात्रा का आयोजन नर्मदा तटीय 16 जिलों के 51 विकासखण्डो के 502 ग्राम पंचायतों में किया गया। बावडी उत्सव प्रदेश में विकासखण्ड स्तर पर 26 हजार बावडियों की साफ-सफाई की गयी। बूंद सहेजे बावडी स्मारिका का प्रकाशन किया गया।  

हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का मूल्यांकन-विकसित और बिक्री की योजना बनाए

नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई संचालक मण्डल की बैठक भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को अपनी आवासीय योजना में कमजोर और मध्यम वर्ग की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड अपनी संपत्तियों का मूल्यांकन कर उनको विकसित करने और बिक्री की समयबद्ध योजना तैयार करें। मंत्री विजयवर्गीय गुरूवार को भोपाल स्थित हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयोजित संचालक मण्डल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि बोर्ड प्रदेश में चल रहें प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा की जाएं। बोर्ड के निर्माण कार्य समय पर होने पर बोर्ड की आय बढ़ेगी और उद्देश्यों को पूरा कर सकेगा। बैठक में बोर्ड के चल रहे प्रोजेक्टस की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने बोर्ड की साख बढ़ाने के लिये अच्छे कंसलटेंट और एडवाइजर की सेवाएं लेने पर जोर दिया। इंदौर की हुकुमचंद मिल प्रोजेक्ट मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर की हुकुमचंद मिल प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी सभी परमिशन तय समय-सीमा में प्राप्त की जाए। उन्होंने आस-पास अधोसंरचना, उन्नयन एवं ट्रैफिक सुधार के लिये तैयार की गई डीपीआर की भी जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विशेष पहल से मजदूरों की दशकों से लंबित देनदारियों का भुगतान लगभग 464 करोड़ रूपये का किया गया है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर राहुल हरिदास फटिंग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  

त्रिपुरा पर्यटन विकास निगम का मध्यप्रदेश अध्ययन दौरा

ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे मॉडल और फिल्म टूरिज्म को विकसित करने प्राप्त किया मार्गदर्शन मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा भोपाल मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन ढांचे, बढ़ती पर्यटक संख्या और नवाचार आधारित पर्यटन विकास मॉडल देशभर में आकर्षण का केंद्र बन रहा है। इसी क्रम में त्रिपुरा अर्बन एंड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (TUTDP) के अंतर्गत त्रिपुरा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TTDCL) का प्रतिनिधिमंडल आज मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और पर्यटन भवन पहुंचा। निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. से त्रिपुरा टूरिज्म के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री प्रशांत बादल नेगी ने विस्तृत चर्चा की। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और त्रिपुरा में पर्यटन के विकास हेतु हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ज्ञान-साझाकरण आधारित ऐसे अध्ययन दौरों से राज्यों के बीच पर्यटन विकास की नई संभावनाएँ और साझेदारी मजबूत होती है। त्रिपुरा टूरिज्म के प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश के पर्यटन मॉडल का विस्तृत अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश की ग्रामीण पर्यटन मॉडल, होमस्टे नीति, फिल्म टूरिज्म पॉलिसी, तथा सेफ एंड सस्टेनेबल टूरिज्म जैसे नवाचारों में विशेष रुचि दिखाई और त्रिपुरा में विकसित करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया। श्री नेगी ने बताया कि जिस प्रकार मध्य प्रदेश में महाकाल लोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, उसी प्रकार त्रिपुरा में भी 51 शक्तिपीठों में से एक ‘मालाबाड़ी शक्तिपीठ’ (त्रिपुरेश्वरी) के विकास का कार्य प्राथमिकता पर लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर उत्तम पाल, एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर सुनील पोद्दार, जूनियर इंजीनियर सुनंदा पॉल, जूनियर इंजीनियर  झुतन दास, जूनियर इंजीनियर  देबब्रत दास, डिप्टी प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर तन्मय दाश, तथा ऑफिस मैनेजर-कम-अकाउंटेंट कुंतल भौमिक शामिल रहे। मध्यप्रदेश की ग्रामीण पर्यटन पहल, होमस्टे ईकोसिस्टम, सरल शूटिंग अनुमति व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी मॉडल से प्रभावित प्रतिनिधिमंडल ने इसे त्रिपुरा में लागू करने की इच्छा व्यक्त की। यह दौरा दोनों राज्यों के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और सतत पर्यटन विकास के नए अवसरों को गति देगा। साझा की नवाचारों की जानकारी प्रतिनिधिमंडल ने ‘पर्यटन भवन’ पहुंचकर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की प्रशासनिक संरचना एवं निगम द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पर्यटकों के लिए जंगल भ्रमण हेतु ट्रेक्स क्रूजर एवं कैंटर बसों के संचालन, भोपाल स्थित बोट क्लब में 20 शिकारा बोट, चप्पू बोट तथा 5 नई वॉटर साइकिल के संचालन के बारे में अवगत कराया। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में निगम द्वारा संचालित होटल, रिसॉर्ट, बोट क्लब, नए होटल परियोजनाओं एवं हाल ही में निर्मित उज्जैन के हेरिटेज होटल ‘सम्राट विक्रमादित्य’, शहडोल स्थित ‘सरसी आइलैंड रिसॉर्ट’ तथा पचमढ़ी में पूर्णत: महिलाओं द्वारा संचालित प्रदेश के एकमात्र होटल अमलतास के संचालन, के साथ नव श्रृंगारित ‘होटल नीलांबर स्काई लाइन’ की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, माइस (MICE) टूरिज्म के अंतर्गत भोपाल स्थित ‘कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर’ एवं खजुराहो स्थित ‘महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर’ के संचालन तथा इनमें आयोजित होने वाले वृहद आयोजनों के बारे में भी विस्तार से बताया।