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शीतलहर से आज भी नहीं मिलेगी पूरी राहत, इंदौर में ठंड रहेगी कायम

इंदौर शुक्रवार को प्रदेश में रात का सबसे कम चार डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में दर्ज किया गया। शाजापुर, शिवपुरी में शीतलहर एवं इंदौर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। 20 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। दिन का सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे के कारण सागर में दृश्यता 200 मीटर, नौगांव एवं जबलपुर में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बने दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट होने से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। शनिवार-रविवार को इंदौर, शाजापुर, राजगढ़ में शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर एवं शहडोल संभाग में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास के क्षेत्र में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पश्चिम ईरान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। इस वजह से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम है। इस वजह से अधिकतर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री या उससे कम पर ही बना रहने की संभावना है।

विधानसभा में बड़ा फैसला: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे 5000 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार भविष्य में योजना की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये तक ले जाने को तैयार है। यह बात उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कही। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने और क्या कुछ कहा है। विपक्ष पर पलटवार, योजना जारी रहने का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बार-बार तीन हजार रुपये की मांग उठा रहा है और योजना बंद होने की आशंका जता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने शुरुआत से ही राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2023 में लागू हुई योजना को लेकर चुनाव के समय भी शंकाएं जताई गई थीं, लेकिन सरकार ने लगातार भुगतान जारी रखा।   2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य सीएम ने बताया कि पहले बहनों को 1000 रुपये दिए गए, फिर 1250 और अब 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे यहीं रोकने का नहीं है 2028 तक 5000 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विपक्ष से रचनात्मक सुझाव भी मांगे, ताकि कामकाजी महिलाओं की आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकें।    मुख्यमंत्री ने अपने विचारों का वीडियो X पर साझा करते हुए लिखा कि लाड़ली बहनों को सहायता राशि लगातार मिल रही है और आगे भी इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी। उसमें उन्होंने लिखा है, कि विपक्ष कहता है कि लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी बहनों को लगातार रुपए दिए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को सबसे पहले 1000 रुपए दिए, फिर 1250 रुपए, इसके बाद बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिए हैं। अब और आगे बढ़ाते रहेंगे।   अगली किस्त का इंतजार जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में योजना की 31वीं किस्त 9 तारीख को जारी की गई थी। ऐसे में अब 32वीं किस्त को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई है। अनुमान है कि यह नए साल में 10 जनवरी तक आ सकती है, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

दतिया में टीकाकरण के बाद बड़ा हादसा: एक बच्चे की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती

दतिया दुरसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरऊआ में शुक्रवार को हुए टीकाकरण के दौरान वैक्सीन लगाए जाने के बाद डेढ़ माह के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप और आक्रोश का माहौल है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को गांव में आशा कार्यकर्ता द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के कुछ समय बाद एक डेढ़ माह के बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों में भी अस्वस्थता के लक्षण सामने आए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शिकायत लेकर कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे लोग घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में शिकायत लेकर दतिया कलेक्टर के बंगले पहुंचे। ग्रामीणों ने टीकाकरण में लापरवाही और स्वास्थ्य अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जानकारी जुटा रही है और टीकाकरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट’ से बदलेगा ग्वालियर का भविष्य: 25 दिसंबर को अमित शाह का आगमन, 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

 भोपाल मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए ग्वालियर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ का आयोजन होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट में निवेश और रोजगार सृजन पर गहन मंथन होगा। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत ग्वालियर के मेला मैदान में 25 दिसंबर को ‘अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025’ आयोजित की जा रही है। इस समिट का फोकस औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजन करना है। समिट में करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का भूमिपूजन किया जाएगा, जबकि 10 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे और वे इन निवेश परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर हो रहा है, इसलिए समिट में अटल जी के जीवन और योगदान पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समिट में विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनियां भी होंगी, जिससे आम जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और वे इसका लाभ उठा सकें।  मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

मध्य प्रदेश में शीत लहर का असर: 20 जिलों में घना कोहरा, ट्रेन और फ्लाइट सेवाएं बाधित

भोपाल मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर संभाग सहित करीब 20 जिलों में कोहरा छाया हुआ है, जहां कई जगहों पर विजिबिलिटी मात्र 50 मीटर तक रह गई है। ठंड भी बढ़ गई है और कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि जबलपुर, कटनी, शहडोल में येलो अलर्ट है। सुबह 10 बजे तक कोहरे के छाए रहने की संभावना जताई गई है। कोहरे का असर सुबह और देर रात सबसे ज्यादा रहता है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रभावित जिले और अलर्ट     ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर आदि।     येलो अलर्ट: जबलपुर, कटनी, शहडोल, सिंगरौली आदि। कुल 20 जिलों में कोहरा और ठंड का असर ज्यादा है। ट्रेन सेवाओं पर असर घने कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। शताब्दी एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित हैं। देरी 30 मिनट से लेकर 8 घंटे तक दर्ज की गई है। दिल्ली से भोपाल, ग्वालियर और इंदौर आने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा लेट हैं। फ्लाइट्स प्रभावित इंदौर से दिल्ली और मुंबई की उड़ानें कोहरे के कारण प्रभावित हो रही हैं। कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं या रद्द हो रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइंस से संपर्क कर लेटेस्ट अपडेट लें।

हाईवे पर मौत से जंग: रीवा-प्रयागराज मार्ग पर ट्रक और ट्रेलर की टक्कर, केबिन में 5 घंटे फंसा रहा ड्राइवर

रीवा  रीवा-प्रयागराज नेशनल हाईवे-30 पर गढ़ बाईपास के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। घने कोहरे के कारण सड़क किनारे खड़े एक खराब ट्रक में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का चालक, जिसकी पहचान दिनेश रावत (39 वर्ष) के रूप में हुई है, ट्रक के केबिन और स्टीयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया। कोहरे के कारण हादसा जानकारी के अनुसार एक ट्रक बीती शाम करीब 6 बजे खराब हो गया था, जिसे चालक ने सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात करीब 2 बजे जब ट्रेलर वहां से गुजरा, तो घने कोहरे के कारण चालक को सामने खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उससे जा टकराया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर खराब वाहनों को समय पर न हटाए जाने के कारण यहां आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। सूचना के बाद पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अनीश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एमपीआरडीसी की टीम और गैस कटर की मदद से चालक को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुबह करीब 7 बजे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका और उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया। लोगों ने उठाए सवाल घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने हाईवे अथॉरिटी और पेट्रोलिंग टीम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब ट्रक शाम 6 बजे से सड़क पर खड़ा था, लेकिन पेट्रोलिंग टीम ने उसे वहां से हटाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय रहते ट्रक हटा लिया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। फिलहाल, घायल चालक का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात को सुचारू रखने के लिए वाहनों को सर्विस रोड से निकाला गया।

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, आज होगा शुभारंभ, जानें रूट, किराया और समय

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान दें … राजधानी को आठ साल बाद आज मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5.10 सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे वह मेट्रो में बैठकर एम्स मेट्रो स्टेशन तक जाएंगे। जहां स्वागत कार्यक्रम में वह कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। हालांकि इसके पहले शाम 4 बजे मिंटो हॉल में भोपाल मेट्रो का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। शाम 4.45 बजे लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। 21 दिसंबर से शहर के नागरिक मेट्रो में सफर कर सकेंगे। भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 रुपये से शुरू है। तीन से पांच स्टेशन का किराया 30 रुपये और एम्स से सुभाष नगर तक का किराया 40 रुपये रहेगा। दिनभर में मेट्रो ट्रेन कुल 17 फेरे लगाएगी। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से 8 फेरे और एम्स मेट्रो स्टेशन से 9 फेरे लगाए जाएंगे। 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो को चलाया जाएगा। इस दौरान मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यात्री को मैन्युअली टिकट लेना होगा। मेट्रो का टाइम-टेबल क्या है? मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को संचालन का टाइम-टेबल जारी किया। एम्स मेट्रो स्टेशन से पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी और 9.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। सुभाष नगर से पहली ट्रेन 9.40 बजे रवाना होकर 10.05 बजे एम्स पहुंचेगी। एम्स से आखिरी ट्रेन शाम 7 बजे चलेगी, जो 7.25 बजे सुभाष नगर पहुंचेगी। वहीं सुभाष नगर से अंतिम ट्रेन शाम 6.25 बजे रवाना होकर 6.50 बजे एम्स स्टेशन पहुंचेगी।

घर बैठे बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट, भोपाल में जल्द शुरू होगी ऑनलाइन सुविधा

 भोपाल  राजधानी वासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा । गुरुवार को आयोजित टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने आनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

एसआईआर के बाद भोपाल में मतदाता सूची में बदलाव, अभी भी है नाम जोड़ने का मौका

भोपाल   राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया है. 27 अक्टूबर की स्थिति में भोपाल में 21 लाख 25 हजार मतदात थे. लेकिन अब इनमें से 4 लाख 38 हजार मतदाओं के नाम नई मतदाता सूची से कट सकते हैं. भोपाल जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "एसआईआर का फार्म जमा करने के आखिरी दिन तक 79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है. जबकि 20.6 प्रतिशत यानि 4 लाख 38 हजार मतादाता अनकनेक्टेबल पाए गए हैं." 23 जनवरी को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट भुवन गुप्ता ने बताया "मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट 23 जनवरी को प्रकाशित होगा. जो मतदाता इसमें शामिल नहीं होंगे, वो 23 जनवरी के बाद इसके लिए दावा-आपत्ति लगा सकते हैं. इसके साथ ही एक लाख 13 हजार मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका 2003 की मतदाता सूची से लिंक नहीं मिला. ये मतदाता भी नौ मैपिंग की श्रेणी में हैं. इनकी व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी." इसके लिए अनमैपिंग वाले मतदाताओं को 19 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे. बाद में इनके दस्तावेजों का सत्यापन होगा. इसके बाद इनके नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे. सभी 85 वार्डों में होगी दावा-आपत्ति की सुनवाई भुवन गप्ता ने बताया "जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है. उनके लिए अलग-अलग वार्डों में कैंप लगाया जाएगा. सभी 85 वार्डों में बीएलओ बैठेंगे, जो दावे-आपत्तियों का निराकरण करेंगे. इसके साथ ही 85 अतिरिक्त निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है. ये सभी 85 वार्डों में नोटिस की सुनवाई करेंगे."  भुवन गुप्ता ने बताया "प्रत्येक वार्ड में एक दिन में 50 लोगों के दावे-आपत्तियों की सुनवाई होगी. 35 हजार मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है. इनके नाम भी मतदाता सूची से हटेंगे." इस तरह नए मतदाता जुड़वा सकते हैं नाम जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया "23 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होगा, इसके साथ ही दावे-आपत्ति का दौर भी शुरू होगा. इस दौरान 1 जनवरी 2026 की स्थित में जो नए मतदाता हैं, वो अपने नाम जुड़ाने के लिए या संशोधन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हमारे बीएलओ इस दौरान बूथों में बैठेंगे. फिलहाल जिले में 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं." नागरिकता प्रस्तुत करने के लिए 50 दिन का समय उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया "अनकलेक्टेबल पत्रक वाली सूची में आने वाले लोगों को कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि ऐसे मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उन्हें फार्म 6 के जरिए नए मतदाता के तौर पर खुद को पंजीकृत करना होगा." "इसके लिए आवेदकों को आवेदन के साथ नाम, पते और जन्मतिथि के प्रमाण के साथ नागरिकता का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा. ऐसे मतदाताओं को नागरिकता का दस्तावेज पेश करने के 50 दिन का समय दिया जाएगा." एसआईआर के लिए दस्तवेजों की 5 श्रेणियां 1. एक जुलाई 1987 को भारत में जन्मे व्यक्ति को जन्मतिथि और जन्म स्थान की पुष्टि के लिए प्रमाण पत्र देना होगा. 2. एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 तक जन्मे व्यक्ति को स्वयं के जन्मतिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के साथ पिता की जन्मतिथि-जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज देने होंगे. 3. दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को पिता के जन्म स्थान-जन्म तिथि प्रमाण पत्र के साथ माता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का प्रमाण भी देना होगा. वहीं यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं हैं, तो उनका वैध पासपोर्ट-वीजा की एक प्रति देनी होगी. 4. देश के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन से जारी जन्म पंजीकरण का प्रमाणपत्र देना होगा. 5. यदि किसी को भारतीय नागरिकता पंजीकरण से मिली है, तो उन्हें नागरिकता पंजीकरण का प्रमाणपत्र लगाना होगा.

नेहरू स्टेडियम में करणी सेना का महा आंदोलन, 4 हजार वालंटियर रहेंगे मोर्चे पर

हरदा  मध्य प्रदेश के हरदा जिले के करणी सेना द्वारा आंदोलन की पूर्ण तैयारी हो चुकी है। आंदोलन के लिए जिला प्रशासन ने एक दिन की परमिशन नेहरू स्टेडियम ग्राउंड की दी है। करणी सेना द्वारा राजपूत छात्रावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आंदोलन की रूपरेखा एवं व्यवस्था के बारे में बताया है। करनी सेना ने कहा है कि  करणी सैनिक और  4000 वालिंटियर तैयार है। जो बाहर से आंदोलन में शमिल होने आएंगे, उनके रुकने , भोजन और ठहरने  सहित पार्किंग की व्यवस्था जगह-जगह की गई है। प्रशासन को हमारी मांगें माननी चाहिए- करणी सेना करणी सेना का कहना है कि 21 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन के माध्यम से पहले ही दिया चुका है। राज्य स्तर की जो मांगें है उन्हें कार्यक्रम स्थल पर संभागीय अधिकारी के माध्यम पूरा करना होगा। इसके साथ ही करणी सेना का कहना है कि  प्रशासन अगर कुछ और करने के लिए सोच रहा है तो हम उसके लिए तैयार है।  हम इस आंदोलन के माध्यम से प्रशासन को बताना चाहते हैं कि जो एक बार घटना हुई है वह कभी किसी के साथ दोहारी ना जाए। मांगों के  पूर्ण होते ही आंदोलन भी समाप्त हो जाएगा। आंदोलन को सर्व समाज का पूरा सहयोग मिल रहा-करणी सेना करणी सेना का कहना है कि उनक आंदोलन को सर्व समाज का पूरा सहयोग मिल रहा है। अभी एक दिन की अनुमति है और आगे भी प्रशासन से बात की जाएगी। सेना का कहना है कि वो जुलाई महीने से ही इस आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए प्रशासन से हमारी मांगे मांग लेनी चाहिए। लिहाजा परमिशन मिलने के बाद करणी सेना ने नेहरू स्टेडियम में महा आंदोलन की तैयारी शुरु कर दी हैं और बकायदा कार्यक्रम स्थल का भूमि पूजन करके आंदोलन को सफल बनाने की शुरुआत कर दी है।