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स्मार्ट मीटर लगवाएं और पाएं 20% सस्ती बिजली, बैतूल में नई योजना

बैतूल मध्य प्रदेश के बैतूल शहर में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत कर दी है। शहरी क्षेत्र में अब तक करीब 4 हजार घरों में स्मार्ट मीटर इंस्टॉल हो चुके हैं, जबकि आगामी चरणों में पूरे शहर में 36 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। बिजली खपत पर 20% तक की छूट बिजली कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सीधा फायदा देंगे। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच की गई बिजली खपत पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे दिन के समय बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का बिल सीधे कम हो सकता है। प्रीपेड मीटर पर अतिरिक्त फायदा भविष्य में यदि उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें ऊर्जा प्रभार पर 25 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट मिलेगी। खास बात यह है कि प्रीपेड मीटर लेने पर कोई सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) नहीं ली जाएगी। हालांकि, यह सुविधा बैतूल में 2 से 3 साल बाद शुरू होने की संभावना है। कैसे काम करता है स्मार्ट मीटर? स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से पारंपरिक मीटर जैसा ही होता है, लेकिन इसमें एक कम्यूनिकेशन मॉड्यूल लगाया जाता है। यह मॉड्यूल बिजली खपत और रीडिंग की जानकारी सीधे डिजिटल सर्वर तक भेजता है। उपभोक्ता इस डेटा को मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम देख सकेंगे। इससे अनुमान के आधार पर बिल बनने और गलत रीडिंग की शिकायतें लगभग खत्म होने का दावा किया जा रहा है। मीटर रीडर की जरूरत नहीं नई व्यवस्था के तहत अब मीटर वाचकों को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रीडिंग सीधे कंपनी के सॉफ्टवेयर में दर्ज होगी। इसके चलते हर महीने 1 तारीख को बिल जारी किया जा सकेगा 10 तारीख तक भुगतान की अंतिम तिथि तय होगी बिल वितरण में देरी और गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी कुल मिलाकर फायदा ही फायदा बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर से न सिर्फ सटीक बिलिंग सुनिश्चित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को छूट, पारदर्शिता और समय की बचत जैसे कई फायदे मिलेंगे। बैतूल में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में बिजली व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।

भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत, आम जनता को पहले दिन से ही देना होगा किराया, अधिकतम 40 रुपए

भोपाल   राजधानी भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा शहर है जहां मेट्रो ट्रेन रफ्तार भरने को तैयार है. इंदरौ के बाद भोपाल में मेट्रो की शुरुआत हो रही है लेकिन इस खुशखबरी के बाद एक खबर आपको निराश भी कर सकती है. भोपालवासियों के लिए निराशा की बात ये है कि भोपाल में इंदौर की तरह यात्रियों को न तो एक सप्ताह तक फ्री जॉय राइड की सुविधा मिलेगी और न ही उन्हें किराए में तीन महीने तक कोई छूट दी जाएगी. पहले ही दिन से चुकाना होगा किराया 20 दिसंबर को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे. जबकि 21 दिसंबर से आम लोग इसमें यात्रा कर सकेंगे. भोपाल मेट्रो में यात्रा करने के लिए शहरवासियों को पहले दिन से ही किराया चुकाना होगा. इसके लिए भोपाल मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन भोपाल ने भोपाल मेट्रो का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. खास बात यह है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में मेट्रो को महज 3 से 4 मिनट ही लगेंगे. एक दिन में मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच कुल 17 ट्रिप लगाएगी। 3 मिनट में एक से दूसरे स्टेशन पर पहुंचेगी और न्यूनतम किराया 20 रुपए होगा। 6.22Km में 8 स्टेशन…शुरुआत सुबह 9 बजे से भोपाल में मेट्रो के दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला ऑरेंज लाइन करोंद से एम्स के बीच 16.74 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा प्रोजेक्ट ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर भदभदा से रत्नागिरि तक है। दोनों के लिए डिपो सुभाष नगर में बना है। वहीं पुल बोगदा में जंक्शन बनेगा, यानी ट्रेनें यहां से क्रॉस होंगी। सबसे पहले ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किमी की शुरुआत हो रही है। इसमें 8 स्टेशन (सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स) शामिल हैं। एक रूट पर 75 मिनट के अंदर मेट्रो ट्रिप पूरी करेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप होंगी, जिसमें एम्स से सुभाष नगर के बीच 9 और सुभाष नगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। पहली ट्रेन सुबह 9 बजे से एम्स स्टेशन से चलेगी और आखिरी स्टेशन सुभाष नगर तक 40 मिनट में पहुंचेगी। वहीं आखिरी ट्रेन भी एम्स से ही शाम 5 बजे चलेगी, जो शाम 6.25 बजे सुभाष नगर पहुंच जाएगी। 3 जोन में बांटा किराया, अधिकतम 40 रुपए रहेगा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल मेट्रो का किराया 3 जोन में बांटा है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। पहले दो स्टेशन का किराया 20 रुपए है। 3 से 5 स्टेशन का 30 रुपए और 6 से 8 स्टेशन का किराया 40 रुपए लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि आप डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जाते हैं तो आपको 20 रुपए चुकाने होंगे, लेकिन यदि आप एम्स तक की यात्रा कर रहे हैं तो आपको 40 रुपए किराया देना पड़ेगा। किराए में कोई छूट नहीं दी जाएगी इंदौर में 31 मई को मेट्रो का कमर्शियल रन हुआ था। शुरुआती 7 दिन तक लोगों को मुफ्त में सफर कराया गया था। वहीं एक महीने तक 25% से 75% तक किराए में छूट मिली थी। उम्मीद थी कि किराए का ये मॉडल भोपाल में भी अपनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने बताया कि भोपाल में किराए में छूट नहीं दी जाएगी। मेट्रो ट्रेन में यात्री अंदर कैसे जाएंगे? स्टेशन से टिकट लेने के बाद यात्री प्लेटफॉर्म पर पहुंचेंगे। यहां पर मेट्रो ट्रेन आने के 10 सेकंड बाद प्लेटफॉर्म और मेट्रो के गेट एक साथ खुलेंगे। इस दौरान अनाउंसमेंट भी होगा कि गेट से दूरी बनाकर रखें, गेट खुलने वाले हैं। कितने लोगों के बैठने की क्षमता है? मेट्रो में कुल 980 यात्रियों की क्षमता है। हालांकि, एक कोच में लगभग 330 यात्री ही सफर कर सकते हैं। एक कोच में बैठने के लिए सिर्फ आमने-सामने दोनों तरफ मिलाकर 6 चेयर हैं। 6 में से कुछ चेयर पर 5 तो कुछ पर 7 यात्रियों के बैठने की जगह है। इस लिहाज से एक कोच में 50 यात्री ही बैठ सकेंगे। बाकी 280 यात्रियों को खड़े होकर ही यात्रा करनी होगी। मेट्रो एमडी चैतन्य ने कहा कि क्षमता तो अधिक है, लेकिन 250 यात्री बेहतर तरीके से यात्रा कर सकते हैं। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन की दूरी कितनी है? सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलेगी। इस दौरान कुल 8 स्टेशन आएंगे। एम्स से बैठने के बाद सबसे पहला स्टेशन अलकापुरी आएगा, जहां ट्रेन 3 मिनट में पहुंचेगी। मेट्रो ट्रेन को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने में 2 से 3 मिनट का ही समय लेगा।

आरक्षण प्रमोशन केस: पक्ष प्रस्तुत किया गया, अगली सुनवाई 6 जनवरी निर्धारित

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट में प्रदेश के कर्मचारियों को प्रमोशन मामले में याचिकाकर्ता और सरकार के द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने हस्तक्षेपकर्ताओं को अपना पक्ष प्रस्तुत करने निर्देश दिये हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी और अन्य तरफ से दायर याचिकाओं में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2002 के नियमों को हाईकोर्ट के द्वारा समाप्त किया जा चुका है। इसके विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला अभी लंबित है। इसके बावजूद मप्र शासन ने महज नाम मात्र का शाब्दिक परिवर्तन कर पूर्व के नियम लागू कर दिये है। याचिका पर गुरुवार को सुनवाई दौरान सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने दलील दी कि नियम बनाने के पहले सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप बनाई गई है। नियम बनाते समय क्वांटिफायर डाटा का परीक्षण तथा कर्मचारियों की प्रशासनिक क्षमता का आकलन भी किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कमेटी गठित कर कैडर वॉइस डाटा का परीक्षण करने के बाद पद आरक्षित किये गये हैं। शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव, जान्हवी पंडित और धीरेंद्र सिंह परमार भी उपस्थित हुए। वहीं सरकार की दलीलों के पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व का डाटा भी पेश किया गया है। उनकी तरफ से दलील दी गयी कि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को अधिक प्रमोशन दिए गए हैं, जिस कारण एससी और एसटी वर्ग के कर्मचारी ऊंचे पदों पर पदस्थ हैं। अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को कम या देरी प्रमोशन दिये गये। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। 

फर्जी प्रमोशन मामले में IAS संतोष वर्मा से जुड़ी टाइपिस्ट पर कार्रवाई, गिरफ्तारी हुई

 इंदौर मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर संतोष वर्मा के फर्जी प्रमोशन घोटाले ने अब न्यायपालिका की दीवारों के भीतर छिपे खेल को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गुरुवार को पुलिस ने अदालत के ही एक कर्मचारी कोर्ट टाइपिस्ट नीतू सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था, वहीं अचानक फर्जीवाड़े की कड़ी साबित हुई और सीधे हथकड़ी पहनाकर अदालत में पेश कर दिया गया। कोर्ट ने नीतू सिंह चौहान को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि फर्जी आदेशों की फैक्ट्री का पूरा सच उगलवाया जा सके। पुलिस का दावा है कि नीतू पर तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत की अदालत के नाम से फर्जी आदेश तैयार करने का गंभीर आरोप है। यानी न्याय की मुहर लगने से पहले ही आदेश टाइपिंग टेबल पर गढ़ दिए गए। इस गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट परिसर में हंगामा भी मचा, वकीलों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस अपने इरादों पर अडिग रही। साफ संदेश था कि अब इस फर्जीवाड़े पर पर्दा नहीं पड़ेगा। एसीपी कोतवाली विनोद दीक्षित के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन आदेशों के आधार पर आईएएस संतोष वर्मा ने प्रमोशन हासिल किया, उनकी मूल प्रति आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है। अदालत के रिकॉर्ड में ऐसे किसी आदेश का नामोनिशान तक नहीं है। अब पुलिस ने कोर्ट टाइपिस्ट के घर की तलाशी के लिए अनुमति मांगी है, ताकि कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, ड्राफ्ट और दस्तावेजों से फर्जी आदेशों की पूरी कहानी निकाली जा सके। पूरा मामला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि संतोष वर्मा ने दो अलग-अलग अदालतों के नाम से दो फर्जी आदेश पेश किए। एक आदेश में दावा किया गया कि प्रकरण समझौते से खत्म हो चुका है, जबकि दूसरे आदेश में खुद को पूरी तरह दोषमुक्त और बरी साबित करने की कोशिश की गई। लेकिन जब इन आदेशों की जांच हुई तो अदालत के रजिस्टर में ऐसा कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। यानी कागजों पर प्रमोशन, हकीकत में कानून के साथ खुला खेल। इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े में पहले ही तत्कालीन स्पेशल जज विजय रावत को जमानत मिल चुकी है, वहीं संतोष वर्मा भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। लेकिन अब कोर्ट टाइपिस्ट की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि जांच की आंच तेज होने वाली है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे रिमांड में पूछताछ आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस घोटाले में शामिल अन्य किरदारों के नाम भी सामने आ सकते हैं। न्यायालय के भीतर रचे गए इस अपराध ने सिस्टम की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस इस फर्जी प्रमोशन कांड की जड़ों तक पहुंच पाती है या फिर कोई और बड़ा नाम इस खेल को दबाने की कोशिश करेगा। फिलहाल, कोर्ट की टाइपिंग मशीन से निकले फर्जी आदेश पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। 

HIV संक्रमित बच्चों के मामले में सतना में कार्रवाई, ब्लड बैंक स्टाफ सहित 3 सस्पेंड

सतना  मध्य प्रदेश के सतना स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय अस्पताल में 6 बच्चों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए ब्लड बैंक प्रभारी और दो लैब टेक्नीशियन को सस्पेंड कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सतना में एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले की जांच के लिए मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. योगेश भरसट की अध्यक्षता में गठित 7 सदस्यीय जांच कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारी ने बताया कि राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 16 दिसंबर को यह कमेटी गठित की थी। अधिकारी ने बताया कि इस रिपोर्ट के आधार पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ, देवेंद्र पटेल और दो लैब टेक्नीशियन – राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडे को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और मामले में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी के मुताबिक, स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर शुक्ला को कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर को खुलासा हुआ था कि सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 6 बच्चे एचआईवी संक्रमित रक्त (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) चढ़ाए जाने से इस लाइलाज बीमारी के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक के माता-पिता भी इसकी चपेट में आ गए हैं। यह सारे मामले इस साल जनवरी से मई के बीच सामने आए हैं और सभी पीड़ितों का एचआईवी प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद इसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया था, जिसके बाद सरकार ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी।

IAS सर्विस मीट का भोपाल में उद्घाटन, मुख्यमंत्री के साथ अफसर होंगे मस्ती और धमाल में शामिल

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया। इस आयोजन में प्रदेशभर से आईएएस अधिकारी पहुंचे हैं। आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट सभी अधिकारियों की सहभागिता के साथ आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारियों की वार्षिक सर्विस मीट शुक्रवार से भोपाल में शुरू हो गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रशासन अकादमी में करेंगे। इसके बाद अरेरा क्लब में दिनभर और देर रात तक विभिन्न सांस्कृतिक, खेल और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मीट में सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और उनके परिवारजन शामिल हो रहे हैं। आईएएस सर्विस मीट का उद्देश्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इतर अधिकारियों को आपसी संवाद, समन्वय और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारी अपनी कला, सांस्कृतिक प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन आपसी संबंधों को मजबूत करने और तनावमुक्त माहौल प्रदान करने का माध्यम बनता है। इस वर्ष की सर्विस मीट के लिए अधिकारियों को चार हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और यलो—में विभाजित किया गया है। प्रत्येक हाउस के लिए कैप्टन और वाइस कैप्टन तय किए गए हैं। तीन दिनों तक इन हाउसों के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल गतिविधियों और टीम इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा होगी। इससे कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ उत्साह भी देखने को मिलेगा। मीट के अंतिम दिन चार प्रमुख कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाएंगे। इनमें मोस्ट क्रिएटिव, बेस्ट प्रेजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन शामिल हैं। इसके अलावा 18 वर्ष तक की आयु के आईएएस अधिकारियों के बच्चों के लिए भी बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के पुरस्कार प्रत्येक हाउस में प्रदान किए जाएंगे। आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि फील्ड में पदस्थ अधिकारियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पास-पड़ोस के संभागों में कार्यरत अफसरों को एक ही समूह में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रात्रि और अन्य प्रतिस्पर्धात्मक आयोजनों से अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और टीम भावना मजबूत होगी। आखिरी दिन दिए जाएंगे अवार्ड तीन दिन तक चलने वाली सर्विस मीट के लिए चार हाउस बनाए गए हैं। ये हाउस रेड हाउस, ग्रीन हाउस, ब्लू हाउस और यलो हाउस के रूप में रहेंगे जिसके कैप्टन और वाइस कैप्टन तय कर दिए गए हैं। मीट के आखिरी दिन चार कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे। यह अवार्ड मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोआर्डिनेशन को लेकर दिए जाएंगे। इसके साथ ही 18 साल तक की कम उम्र के आईएएस अफसरों के बच्चों को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के अवार्ड हर हाउस में दिए जाएंगे। आयोजन समिति के चेयरपर्सन और प्रमुख सचिव पी. नरहरि के अनुसार, वर्ष 2010 में शुरू हुई यह सर्विस मीट हर साल अधिक यादगार बनती जा रही है। इससे अधिकारियों और उनके परिवारों के बीच पारिवारिक माहौल बनता है, सहयोग की भावना बढ़ती है और नई मित्रताएं विकसित होती हैं। संगीत, क्विज़, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए यह आयोजन सभी वर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी डीजे नाइट, खेल गतिविधियों और पारिवारिक आयोजनों में अधिकारियों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। यह सर्विस मीट प्रशासनिक तंत्र के भीतर मानवीय जुड़ाव और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ेगा आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में फील्ड में पदस्थ अफसरों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उनके आपसी समन्वय को सुगम बनाने के लिए, आस-पास के संभागों में पदस्थ फील्ड अफसरों को एक समूह में रखा गया है। इस सर्विस मीट के लिए बनाए गए ग्रुप्स के बीच सांस्कृतिक रात्रि सहित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिस्पर्धा होने से उत्साह और भी बढ़ जाएगा। आयोजन समिति के चेयरपर्सन प्रमुख सचिव पी नरहरि ने कहा है कि वर्ष 2010 में स्थापना के बाद से सर्विस मीट लगातार यादगार बन रही है। इससे एक परिवार के रूप में हमारे बंधन मजबूत हुए हैं, सहयोग को बढ़ावा मिला है, नई मित्रताएं बनी हैं और हमें संजोने लायक पल मिले हैं। भावपूर्ण संगीत, क्विज़ से लेकर जोशपूर्ण खेलों तक, हर एडिशन में सभी के लिए कुछ न कुछ रहा है।

मप्र में ठंड का कहर, कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम; ट्रेनों और उड़ानों का परिचालन प्रभावित

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस हफ्ते का मौसम (MP Weather Update) बेहद ठंडा रहा है। मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। कोहरे और कोल्ड वेव के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स में देरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि, इस बार की सर्दी को कोल्ड वेव और जेट स्ट्रीम, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ला नीना जैसी मौसमी परिस्थितियों ने बढ़ाया है।  घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आया। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर, जबकि ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर के बीच रही। इंदौर, मंडला और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही। राजधानी भोपाल में सुबह से ही कोहरे का असर बना रहा। शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को सर्द हवाओं के साथ ठंड का ज्यादा अहसास हुआ। इंदौर का पारा 4.1 डिग्री, शिवपुरी सबसे ठंडा गुरुवार-शुक्रवार की रात के न्यूनतम तापमान की बात करें तो इंदौर 4.1 डिग्री सेल्सियस के साथ बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा। वहीं प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मुख्य बिंदु:     सबसे ठंडा न्यूनतम तापमान: इंदौर 4.1°C और शिवपुरी 4.0°C।     सबसे गर्म अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम 30°C।     सबसे ज्यादा गिरावट पिछले 24 घंटे में: ग्वालियर -3.6°C। कोहरा और ट्रैवल पर असर     ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा, दृश्यता सिर्फ 1-4 किलोमीटर।     दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक देरी।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर से उड़ानें भी कोहरे के कारण 20 मिनट से 1 घंटे लेट। सुरक्षित ट्रैवल टिप्स:     गाड़ी धीरे चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     जहां संभव हो, ट्रैफिक नियमों का पालन करें। स्वास्थ्य और कृषि पर असर स्वास्थ्य:     तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढकें।     फ्लू, सर्दी और खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।     विटामिन C युक्त फल और सब्जियां खाएं। कृषि:     मिट्टी में पर्याप्त नमी होने पर गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें।     बुआई पहले हो चुकी फसलों के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।     पुरानी फसल अवशेष (ठूंठ) जलाने से बचें। क्यों बढ़ रही ठंड? जेट स्ट्रीम: 12 किमी की ऊंचाई पर तेज हवाएं (195–222 किमी/घंटा) उत्तर भारत से ठंडी हवा ला रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस: दिसंबर में सक्रिय, मावठा और कोल्ड डे बढ़ाता है। ला नीना प्रभाव: प्रशांत महासागर ठंडा – ठंडी हवाएं भारत की ओर – मध्य प्रदेश में अधिक ठंड। उत्तर भारत में जल्दी हुई बर्फबारी ने मध्य भारत की ठंड 20-30% तक बढ़ा दी। इन सभी कारणों से इस बार सर्दी लंबी और तेज बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान दिसंबर और जनवरी में कई जिलों में कोल्ड वेव बनी रहेगी। सबसे ज्यादा ठंड वाले जिले: ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल संभाग (सीहोर-विदिशा), सागर और जबलपुर संभाग। अनुमानित अवधि: 20-22 दिन तक तेज ठंडी हवाएं। ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही कोहरे के कारण दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर असर पड़ा। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं। शुक्रवार सुबह भी कोहरे के चलते कई ट्रेनें अपने समय से लेट रहीं। फ्लाइट्स पर भी असर भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट्स भी कोहरे से प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई उड़ानें 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा—नीमच जिले में दो वर्षों में ऐतिहासिक विकास

नीमच जिले ने दो वर्षों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए : प्रभारी मंत्री सुश्री भूरिया स्वास्थ्य, उद्योग, सौर ऊर्जा, शिक्षा और अधोसंरचना में ऐतिहासिक उपलब्धियां भोपाल  महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विगत दो वर्षों में नीमच जिले ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, कृषि, पर्यटन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सुश्री भूरिया पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा “विकास एवं सेवा के दो वर्ष” पर आधारित उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नीमच जिला निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में जिले को विकास के नए शिखर पर पहुँचाया जाएगा।प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि नीमच जिला अब सौर ऊर्जा के हब के रूप में देश और प्रदेश में पहचान बना रहा है। सिंगोली तहसील के ग्राम बड़ी कवई में स्थापित 300 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र से बिजली उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही जिले को 350 करोड़ रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज भवन की सौगात मिली है, जहाँ एमबीबीएस की 100 सीटों पर अध्ययन प्रारंभ हो चुका है और वर्तमान में 200 विद्यार्थी मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि उद्योग क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। नीमच में 150 नए एमएसएमई उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 118 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और 1096 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं एमपीआईडीसी के माध्यम से 11 वृहद औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है, जिनमें 5269 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 4935 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि नीमच जिले की यह प्रगति शासन, प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में जिले को और अधिक सशक्त बनाएगी। सड़क एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से कार्य जारी हैं। भाटखेड़ा–नीमच–डूंगलावदा तक 133 करोड़ रुपये की लागत से डिवाइडर युक्त फोरलेन सीसी सड़क का निर्माण प्रगति पर है। बघाना, हिंगोरिया ओवरब्रिज सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य तेज़ी से चल रहा है। जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने बताया कि जावद क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हुआ है, जहाँ 1400 विद्यार्थी एआई की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जावद का सीएम राइज स्कूल आईएसओ प्रमाण पत्र से सम्मानित हुआ है। मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध मारू ने बताया कि मनासा में 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा गांधी सागर से मनासा, जावद और नीमच के लिए उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि नीमच में नवीन मेडिकल कॉलेज, मंडी चंगेरा और पायलट सेंटर प्रारंभ हो चुके हैं तथा कई नई सड़कों के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने वाले हैं। 

वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग बना रहा है दीर्घकालिक योजना : मंत्री विजयवर्गीय

नगरीय विकास एवं आवास विभाग वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बना रहा है योजना मंत्री विजयवर्गीय ने पत्रकारों को दी जानकारी भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2047 में मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी। इस बात को ध्यान रखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना कार्यों की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में देश में विशिष्ठ स्थान बनाया है। हमारे विभाग की कोशिश होगी कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों का एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा हो। इस वजह से शहरी क्षेत्रों में बगीचों के विकास के साथ-साथ नगरवन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री विजयवर्गीय भोपाल में राज्य सरकार के विकास और सेवा के दो वर्ष पूरा होने पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। नर्मदा में नहीं मिलेगा प्रदूषित पानी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश के जो शहर नर्मदा नदी के किनारे में आते है, वहां शहरों का दूषित पानी नदीं में न मिलें। इस पर विभाग लगातार काम कर रहा है। मेट्रोपॉलिटन सिटी की चर्चा करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम और धार जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया गया है। प्रदेश की 2 मेट्रोपॉलिटन सिटी इस तरह विकसित की जाएंगी। जहां शहरी आबादी को सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। मेट्रोपॉलिटन सिटी में निवेश और रोजगार पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्रीन सिटी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग की कोशिश है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की अधिक से अधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण ऑनलाइन हों। इसको ध्यान में रखते हुए हमने ई-नगरपालिका विकसित की है। प्रदेश के शहरों को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगरीय सेवाओं में सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएं। इसको सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो। इसके लिये शहरी क्षेत्रों की सम्पत्तियों का जीआई मेपिंग किया जा रहा है। उल्लेखनीय बिन्दु     प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में एक लाख 60 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को बेस्ट परफॉर्मिंग अवार्ड की श्रेणी में दूसरा स्थान।     अमृत 2.0 में 300 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण।     जल गंगा संवर्द्धन अभियान में 3 हजार 323 जल संरचनाओं का, 74 जल संग्रहण संरचनाओं का लोकार्पण।     स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में 8 शहरों का राष्ट्रीय पुरस्कार। साथ ही इंदौर ने देश के नम्बर वन शहर का सम्मान लगातार 8 साल बनायें रखा।     कार्बन क्रेडिट से राशि अर्जित करने वाले इंदौर देश का प्रथम शहर     दीनदयाल रसोई योजना में संचालित 56 केन्द्रों को बढ़कर इन्हें 191 केन्द्र किया गया।     पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत 9 लाख से अधिक रहणी पटरी वालों को 14 लाख से अधिक ऋण प्रकरण मबजूत। मध्यप्रदेश को नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास की श्रेणी में पहला स्थान,     आजीविकास मिशन में 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया गया। 1 लाख 70 हजार युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया।     प्रदेश में 65 हजार स्व सहायता समूह का गठन। 6 लाख से अधिक परिवारों को स्व-सहायता समूह में जोड़ा गया।     इंदौर में मेट्रो परिचालन शुरू भोपाल में दिसम्बर 2025 में ही शुरू होगा मेट्रो।     हाउसिंग बोर्ड द्वारा एमपी ऑनलाईन के माध्यम से 532 करोड़ की सम्पत्तियों का विक्रय।     गीता भवन स्थापना योजना 5 महीनों के लिये स्वीकृत।     प्रदेश में इंटीग्रटेड टाउनशिप पॉलिसी-2025 मंजूर। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को भी मंजूरी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के त्रिवार्षिक अधिवेशन में वर्चुअल रूप से शामिल

उप मुख्यमंत्री शुक्ल सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के त्रिवार्षिक अधिवेशन में वर्चुअल शामिल स्मारिका का किया वर्चुअल विमोचन भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सतना में आयोजित सेवा निवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, मध्यप्रदेश के त्रिवार्षिक अधिवेशन में भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए निरंतर योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने संघ की मांगों को शासन स्तर पर गंभीरता से रखने और समाधान का भरसक प्रयास करने का आश्वासन दिया। साथ ही नए वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सभी सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संघ की स्मारिका “इंजीनियर्स जर्नल” का वर्चुअल विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सतना नगर निगम के महापौर योगेश ताम्रकार, राष्ट्रीय साहित्य परिषद के कोषाध्यक्ष इंजी. के.के. गर्ग सहित कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ कर रहे प्रांतीय अध्यक्ष इंजी. उमेश दुबे, संघ के संरक्षक इंजी. पवन तिवारी, कोषाध्यक्ष आर.एम. सिन्हा, उप प्रांताध्यक्ष इंजी. आर.बी. नामदेव, इंजी. प्रदीप बक्शी सहित प्रदेश भर से आए संघ के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अभियंता उपस्थित रहे।