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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- देश में भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव से अपनी जमीन बचाना हुआ कठिन

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने जमीन की सुरक्षा से जुड़े मामले में एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि इन दिनों देश के सभी हिस्सों में भू-माफिया सक्रिय हैं। जमीन की कीमतें हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ऐसे में व्यक्ति के लिए अपनी जमीन को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती है। इस मत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तों सहित एक मां को उसकी नाबालिग बेटी के नाम जमीन को बेचने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह भी माना कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से सैकड़ों मील दूर रहती है, उसके लिए जमीन की देखभाल के लिए नियमित रूप से उस स्थान पर जाना संभव नहीं है। कोर्ट ने अपीलकर्ता मां को निर्देश दिए कि जमीन को बेचने के बाद मिली राशि में से 50 प्रतिशत रकम नाबालिग के नाम राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी के रूप में जमा कराए जाएंगे। नाबालिग के वयस्क होने पर ही यह राशि आहरित की जा सकेगी। यूपी में रहने वाली महिला ने दर्ज की याचिका उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाली ज्योतिराज बालादास की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल व प्रवीण मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पति रेलवे में लोको पायलट थे। सेवा में रहने के दौरान 2022 में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने जीवित रहते शहडोल के ग्राम सोखी में कुछ जमीन खरीदी थी। जमीन अपीलकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी के नाम है। मृत्यु के बाद ज्योतिराज को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई और वह उत्तर प्रदेश में ही बस गईं। अपीलकर्ता ने हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम, 1956 के तहत अधीनस्थ अदालत में उक्त जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी। अधीनस्थ अदालत ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। लिहाजा, हाई कोर्ट में अपील दायर की गई। दलील दी गई कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से 600 किलोमीटर दूर रहती हैं। उसकी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

MP में दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट, बड़वानी में अभिषेक के लिए गुनगुने जल का इस्तेमाल, सीहोर में ओस जमी

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। सर्द हवाओं से रात का पारा काफी तेजी से लुढ़का है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया जा रहा है।सबसे ज्यादा ठंड आज भी शहडोल जिले का कल्याणपुर में ही दर्ज की गई है। यहां पारा लगातार चौथे दिन भी 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दो दिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। पाकिस्तान बढ़ाएगा मध्य प्रदेश में ठंडक मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जो अगले कुछ दिन में हिमालयीन क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होगी. इसके कारण उत्तरी हवाओं का असर लगातार बना रहेगा. मौमस विभाग के मुताबिक 15 दिसंबर के बाद ठंड और बढ़ सकती है. इसके अलावा लोगों को कोल्ड वेव का भी सामना करना होगा. कई शहरों में रिकॉर्डतोड़ ठंड रात का तापमान कई जिलों में 6 डिग्री से नीचे चला गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.2°C, जो प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा। भोपाल में लगातार चार दिनों से तेज ठंडी हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान 7.2°C दर्ज हुआ। इंदौर में 5.7°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो 2015 के बाद सबसे कम है। पचमढ़ी 5.2°C, उमरिया 5.6°C, राजगढ़ 6°C, नौगांव 6.5°C और रायसेन 7°C पर रहा। उज्जैन में इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां पारा 9°C तक पहुंच गया। ग्वालियर में 8.9°C और जबलपुर में 8.3°C दर्ज किया गया। फसलों पर ओस की बूंदें जमीं कहीं फसलों पर ओस की बूंदें जम रही है तो कहीं झील के पानी से भाप उठती हुई नजर आ रही है। अगले दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट एमपी में बुधवार और गुरुवार को कोल्ड वेव का अलर्ट है। इन दो दिनों में भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर चलने का अनुमान है। बात करें बीती मंगलवार रात की तो प्रदेश के 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम शहडोल का कल्याणपुर, जहां 4.7 डिग्री तापमान रहा। पचमढ़ी में 5 डिग्री, राजगढ़ में 5.6, नौगांव में 6, इंदौर में 6.1, उमरिया में 6.4 डिग्री, भोपाल में 7.2 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, शिवपुरी-रायसेन और मंडला में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर-खजुराहो और दतिया में 9 डिग्री, सतना-दमोह और नरसिंहपुर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी जिले में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं का बड़ा असर कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तापमान में भारी गिरावट आई है। इन्हीं इलाकों से आने वाली तेज सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में ठंड को और भी कड़ा बना रही हैं। ऊंचाई पर लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बह रही हवाओं ने ठिठुरन में इजाफा किया है।अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने हवा में नमी बढ़ाई है, जिसके कारण रातें और अधिक ठंडी हो गई हैं। 11 दिसंबर तक जारी रहेगा ठंड का तेवर मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, विदिशा, सिवनी, शहडोल और अन्य कई जिलों में 11 दिसंबर तक शीतलहर का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों से सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक राजधानी भोपाल के अलावा, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ इंदौर में कोड वेव का असर रहेगा. इसके बाद इससे राहत मिलेगी. हालांकि रात का तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आएगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ''अगले 24 घंटे में 6 जिलों में कोल्ड वेव के आसार रहेंगे. जिसके बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आएगा, जिससे लोगों को सर्दी से राहत मिलेगी. शुक्रवार से किसी भी शहर में कोल्ड वेव के आसार नहीं हैं. सर्दी का अगला दौर 15 दिसंबर के बाद से शुरु होगा.''  24 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उधर, प्रदेश के 24 जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है. सबसे कम तापमान उमरिया जिले में 4.9 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.8, इंदौर का 5.4 डिग्री रात का पारा रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा टीकमगढ़ में 9.5, सीधी में 9.2, सतना में 8.1, रीवा में 5.8, नौगांव में 7 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, मंडला में 7 डिग्री, खजुराहो में 8.4, जबलपुर में 9.1, दमोह में 8.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8, उज्जैन में 8.7, शिवपुरी में 8 डिग्री, रतलाम में 9.2, राजगढ़ में 5.2, रायसेन में 7.4, पचमढ़ी में 5.2, इंदौर में 5.4, ग्वालियर में 9.3, गुना में 9.5 और बेतूल में 8.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.  

सागर में पुलिस वैन और कंटेनर की भिड़ंत, बालाघाट से लौट रहे मुरैना के 4 पुलिसकर्मियों की मौत

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले में आज यानी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी खत्म कर मुरैना से लौट रहे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के पांच जवान एक ट्रक से टकरा गए। जिसमें 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। बता दें कि यह हादसा NH-44 पर बांदरी मालथौन के पास हुआ। थाना प्रभारी समेर जगत के अनुसार, मुरैना से ड्यूटी पर जा रहे जवानों का पुलिस वाहन एक तेज रफ्तार कंटेनर से जोरदार टक्कर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक ये बम एंड डॉग स्क्वॉड की टीम है, जो मध्य प्रदेश (MP News) के बालाघाट से सुरक्षा जांच के लिए तैनात थी। ड्यूटी के बाद ये वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन की ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।  मृतकों और घायल की पहचान हुई अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कांस्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कांस्टेबल अमन कौरव, ड्राइवर परमलाल तोमर (सभी मोरेना निवासी) और डॉग मास्टर विनोद शर्मा (भिंड निवासी) के रूप में हुई है। हादसे में कांस्टेबल राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज भोपाल के बंसल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हादसे के दौरान पुलिस के वाहन में मौजूद एक डॉग पूरी तरह सुरक्षित है। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सीएम मोहन यादव ने जताया शोक सीएम मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर X पर शोक व्यक्त किया और लिखा कि आज सागर जिले में सुबह नक्सल विरोधी अभियान से ड्यूटी कर लौट रहे 4 पुलिसकर्मियों का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन होने का समाचार हृदयविदारक है। हादसे में दिवंगत पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जेसीबी से बॉडी काटकर निकाले शव कंटेनर और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि ड्राइवर और जवान गाड़ी के अंदर ही फंस गए। पुलिस वाहन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जेसीबी की मदद से वाहन काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों का पंचनामा बनाकर बांदरी अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान जवान प्रद्युमन दीक्षित, अमन कौरव और ड्राइवर परमलाल तोमर (तीनों मुरैना निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, चौथे मृतक डॉग मास्टर विनोद शर्मा भिंड के निवासी थे। हादसे में आरक्षक राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

नगर निगम की बड़ी राहत: लोक अदालत में 100% अधिभार माफी, 50 हजार+ बकाया वालों के लिए मौका

भोपाल 13 दिसंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में नगर निगम अपने संपत्तिकर और जलदर के बकायादारों को अधिभार में छूट देगा। ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार की राशि 50 हजार रुपये बकाया है उन्हें केवल अधिभार में 100 फीसद की छूट दी जाएगी। 50 हजार से अधिक एवं एक लाख रुपये तक बकाया राशि पर केवल अधिभार में 50 फीसद तक की छूट और एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 फीसद की छूट दी जाएगी।   छूट प्राप्त करने के उपरांत अधिकतम दो किस्तों में राशि जमा कराई जाएगी और लोक अदालत के दिन कम से कम 50 फीसद राशि जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। छूट केवल 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के लिए ही मान्य होगी। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नेशनल लोक अदालत शिविरों के लिए व्यापक तैयारियां तय करने और देयक मांग पत्र तामील कराने एवं नेशनल लोक अदालत शिविर आयोजन का प्रचार-प्रसार कर संपत्तिकर, जलउपभोक्ता प्रभार आदि के बकायादारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने करों की वसूली एवं करदाताओं को दी जाने वाली रसीद उपलब्ध कराने के दृष्टिगत निर्देशित किया कि सभी वार्डों में अतिरिक्त हैंड हेल्ड डिवाईज मशीन, आपरेटर सहित कम्प्यूटर्स आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

संशोधित समय-सारणी के साथ सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष पुनरीक्षण की घोषणा

सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग ने सेवा मतदाताओं (Service Voters) से संबंधित निर्वाचन सूची के अंतिम भाग की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर किया जा रहा है। आयोग ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 04 नवंबर 2025) को निरस्त करते हुए नई समय-सारणी अधिसूचित की है, जिसे देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा, जिनमें अंडमान एवं निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। नई संशोधित समय-सारणी इस प्रकार है 1. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का प्रारंभिक प्रकाशन तारीख: 16 दिसंबर 2025 2. रिकॉर्ड/कमांडिंग अधिकारियों द्वारा फ़ॉर्म प्राप्त करने, सत्यापन, स्कैनिंग और XML फ़ाइल तैयार व अपलोड करने की अवधि अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक 3. हस्ताक्षरित एवं सत्यापित फ़ॉर्मों तथा XML फ़ाइलों का निपटान अधूरे फ़ॉर्म और XML फ़ाइलें वापस की जाएंगी संशोधित फ़ॉर्मों का पुनः प्रेषण अंतिम आदेश ERO द्वारा जारी अंतिम तिथि: 7 फरवरी 2026 4. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का अंतिम प्रकाशन तारीख: 14 फरवरी 2026 चुनाव आयोग ने सभी संबंधित मंत्रालयों—रक्षा, गृह, विदेश मंत्रालय—तथा सीमा सड़क संगठन और संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संशोधित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के सचिव  पवन दीवान ने बताया कि यह कदम सेवा मतदाताओं के अद्यतन एवं सटीक पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि आगामी चुनावों में उनकी सहभागिता सुगम और व्यवस्थित रहे।  

बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी। यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी। परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं। उल्लेखनीय है कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

कूनो बनेगा मेगा टूरिज़्म हब: तीन नई चीता सफारियों के लिए 53 करोड़ की DPR तैयार

ग्वालियर देश में चीतों के बसेरा बनने के साथ ही अब मध्य प्रदेश सरकार कूनो नेशनल पार्क को देश का प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से कूनो में तीन चीता सफारी विकसित की जाएंगी। वर्तमान में वन विभाग सफारी की व्यवस्थाएं संभाल रहा है, लेकिन अब पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) को भी इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। एप्को के माध्यम से चीता सफारी और रेस्क्यू सेंटर का विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए एप्को ने हाल ही में कंसल्टेंसी नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह कंपनी अगले 20 वर्षों के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान, ले-आउट और डीपीआर तैयार करेगी।   चीता सफारी से लेकर रेस्क्यू सेंटर तक की योजना एप्को के अनुसार, कंसल्टेंसी कंपनी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करेगी। इनमें सेंट्रल जू अथारिटी और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। योजना में ग्राम सेसईपुरा और विजयपुर के क्षेत्रों में चीता सफारी विकसित करने का संभावित प्रस्ताव है, लेकिन एक विस्तृत सर्वे के बाद ही इन स्थानों पर अंतिम मुहर लगेगी। मास्टर प्लान के आधार पर भविष्य में निर्माण एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों पर होगा 53 करोड़ रुपये का खर्च कंसल्टेंसी कंपनी को तीन अलग-अलग चीता सफारी क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिनमें शामिल होंगे—     रेस्क्यू सेंटर     जानवरों के हेल्थकेयर एवं रखरखाव सुविधाएं     इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन नेचर डिस्प्ले     इको-टूरिज्म ढांचा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर     विलुप्त एवं विदेशी जीवों की जानकारी     जंगल, मिट्टी, हवा और पानी संरक्षण से जुड़े उपाय एक अक्टूबर से शुरू हुई थी सफारी वन विभाग ने 1 अक्टूबर से कूनो में चीता सफारी शुरू कर दी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। सैलानियों के लिए टेंट सिटी में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। सरकार अब इसे योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करने की तैयारी में है, जिससे पर्यटक सुरक्षित और रोमांचक सफर में खुले क्षेत्र में चीतों का निरीक्षण कर सकें और बेहतर सुविधाओं का आनंद ले सकें। अधिकारियों का बयान डा. सौरभ पनी, ऑफिसर इंचार्ज कंसल्टेंसी सेल, एप्को ने बताया कि कूनो में तीन चीता सफारी व रेस्क्यू सेंटर का प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त की जाएगी। आवेदन आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन सिंहस्थ 2028 से पहले बनेगी मेगा पार्किंग, लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी कंट्रोल में

उज्जैन सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अनुभव दिलाने के लिए राज्य सरकार ने भीड़ और यातायात प्रबंधन के सबसे अहम मोर्चे पर निर्णायक कदम उठा लिया है। उज्जैन में 100 करोड़ रुपये की मेगा पार्किंग परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के तहत 6012 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल पार्किंग नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसके साथ ही अत्याधुनिक जनसुविधाएं भी विकसित होंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को शहर की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही व्यवस्थित पार्किंग और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यह साफ संकेत है कि इस बार सिंहस्थ भीड़ के दबाव से नहीं, बल्कि डिजिटल और संरचनात्मक प्लानिंग की बदौलत संचालित होगा।   पार्किंग के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास सरकार की इस विशेष योजना में केवल पार्किंग स्थल का निर्माण नहीं हो रहा है। यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, यातायात संकेत और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा और सुगमता के लिए सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। इसका उद्देश्य उज्जैन शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करना और प्रमुख मंदिरों तथा घाटों तक पहुंच को पहले की तुलना में अधिक सहज बनाना है। इसके लिए एक परामर्शदाता फर्म का चयन किया जा रहा है, जिसे सेवाओं के बदले लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह फर्म दो प्रमुख चरणों में काम करेगी। दो चरणों में होगा काम पहला चरण डिजाइन और रूपरेखा तैयार करने से संबंध‍ित होगा। इसमें विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वेक्षण, भू-तकनीकी अध्ययन, संरचनात्मक नक्शे, लागत अनुमान और आवश्यक स्वीकृतियां शामिल रहेंगी। दूसरे चरण में निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, साइट सुपरविजन, ठेका प्रबंधन और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, समय सीमा में केंद्रित इस परियोजना से सिंहस्थ-2028 के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगा। भीड़ प्रबंधन होगा आसान परियोजना लागू होने से उज्जैन शहर के भीतर जाम की समस्याएं कम होंगी और श्रद्धालुओं को प्रमुख मंदिरों, घाटों और आयोजनों तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंहस्थ-2028 को दुनिया के सबसे विशाल धार्मिक समागम को आधुनिक स्वरूप में आयोजित करने की दिशा में यह कदम भीड़ प्रबंधन की चुनौती को अवसर में बदलने वाला साबित होगा।

सावधान यात्री! ट्रेनों में बढ़ी चोरी, भोपाल रूट पर लगातार मोबाइल गायब

भोपाल ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में कई यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, दीपांशु पांडेय कुछ दिनों पहले लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से मुंबई से प्रयागराज जा रहे थे। इटारसी स्टेशन पहुंचने से करीब बीस मिनट पहले ट्रेन आउटर पर खड़ी थी। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत 15 हजार रुपये बताई गई है, जबकि मोबाइल के कवर में रखे 5 हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए। इस मामले में जीआरपी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसी प्रकार, अहमदपुर (जिला सीहोर) निवासी मनोज गौर (30) ओवर नाइट एक्सप्रेस से भोपाल से जबलपुर जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ते समय किसी ने उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 12 हजार रुपये है।   सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) निवासी सुरेश पाल नर्मदा एक्सप्रेस से पैंड्रा रोड से उज्जैन की ओर यात्रा कर रहे थे। भोपाल स्टेशन पर जब उनकी नींद खुली तो पाया कि जेब में रखा 21 हजार रुपये कीमत का मोबाइल गायब था। इसके अलावा झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी चंद्रभान सिंह (32) का मोबाइल भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चोरी हो गया। चोरी गए फोन की कीमत 30 हजार रुपये बताई गई है। इन सभी घटनाओं पर जीआरपी पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।  

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: सिंहस्थ 2028 में अखाड़ों को अस्थायी राशन कार्ड, दुकानों पर लगेंगी नई मशीनें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों में जुट गई है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों की मांग के आधार पर अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य की दुकानों को स्थापित किया जाएगा. बेहतर व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में बांटा जाएगा. इसमें राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गोदाम स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाने का फैसला किया है. अब नहीं होगी कम राशन की शिकायत राशन की दुकानों पर कई उपभोक्ताओं के साथ उनके अंगूठे स्कैन नहीं होने की समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें राशन मिलने पर परेशानी आती है. इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे को जोड़ा जाएगा. साथ ही इसमें आइरिस स्कैनर भी होगा. इससे राशन की दुकान से राशन न मिलने या कम राशन मिलने की समस्या भी खत्म होगी. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों का हुआ सफाया खाद विभाग में फर्जी हितग्राहियों को लेकर चल रहे अभियान के तहत प्रदेशभर में 35 लाख फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों के नाम काटे जा चुके हैं. फर्जी कार्ड धारकों का नाम कटने से सरकार को हर महीने 32 करोड़ रुपए की बचत हो रही है. दो सालों में प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा हितग्राहियों को 66.25 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर चुका है. इस पर राज्य सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च किया है. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों के नाम काटे जाने के बाद 14 लाख नए हितग्राहियों के नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें खाद्यान्न बांटना शुरू किया गया है. ऐसे हितग्राहियों के केवाईसी करने के 72 घंटे में पात्रता पर्ची जारी की गई है. गोदामों की छत पर लगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि "सरकारी गोदामों को अपग्रेडेशन कर उन्नत तकनीक की मदद से विभिन्न स्तरों पर सिंक्रोनाइजेशन किया जा रहा है. गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. गोदामों की छतों पर 28.87 हजार वर्ग मीटर और परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल स्थापित किये जाएंगे. मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाया गया है. अनाज की खरीदी, भंडारन और वितरण से जुड़ी संस्थाओं को भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जाएगा."