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छात्रावास होंगे आधुनिक, विदेश अध्ययन के लिए मेरिट बनेगी आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चार जिलों में बनेंगे विशेष जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव छात्रावास होंगे आधुनिक, विदेश अध्ययन के लिए मेरिट बनेगी आधार स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान के लिये होंगे स्थानीय आयोजन मुख्यमंत्री ने खजुराहो में की अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छात्रों के हित के लिए छात्रावासों में नवीन तकनीक का उपयोग कर उन्हें आधुनिक बनाया जाए। निर्माणाधीन छात्रावास भवनों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। उच्च शिक्षा एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को त्वरित और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए। चार जिलों में बनेंगे जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए संबंधित क्षेत्रों में 'जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र' स्थापित किए जाएं। इसके अंतर्गत मंडला में बैगा जनजाति, छिंदवाड़ा में भारिया जनजाति, श्योपुर में सहरिया जनजाति और धार में भील जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 'पीएम जनमन योजना' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन योजनाओं से न केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, बल्कि 'आदि कर्मयोगी अभियान' में समाज में प्रतिबद्ध नेतृत्व भी तैयार किए जाएं, जिससे जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पूजा स्थलों (देव स्थानों) का उन्नयन करने और स्थानीय जनजातीय नायकों के बलिदान का स्मरण करने के लिए स्थानीय स्तर पर भव्य आयोजन करने के भी निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान,मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री ई रमेश कुमार, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     अनुसूचित जाति विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में छात्रावासों की सीट क्षमता का अधिकतम उपयोग किया गया है और वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी जा रही हैं।     विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025–26 में 31 नए विद्यार्थियों का चयन किया गया है। 24 विद्यार्थी पहले से अध्ययनरत हैं।     सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को UPSC एवं MPPSC की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और आवास सुविधा प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024–25 में कुल 271 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्तरों पर सफलता प्राप्त की है।     राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे IIT, IIM, NIT, NLIU, IIIT आदि में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विभाग द्वारा नियमित रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।वर्ष 2023-24 में 1736 और वर्ष 2024–25 में 1819 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।     अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को ऑनलाइन किया गया है। अब आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।     ज्ञानोदय विद्यालयों में 10 विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं। इनमें छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जा रही है।     संत रविदास स्व-रोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना से युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।     पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के सभी लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरी तरह कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।     छात्रावास भवन निर्माण में तेजी आई है।कुल 63 में से 33 भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 30 भवन निर्माणाधीन हैं।     प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में 150 में से 117 भवन पूरे हो चुके हैं। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के नवाचार     POA Act के मामलों का डिजिटल निराकरण     POA Act 1989 के पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था शुरू की गई ।     MPTAASC पोर्टल (अ.जा.क. विभाग) + CCTNS पोर्टल (पुलिस विभाग) का एकीकरण किया गया। अंतरजातीय विवाह योजना का ऑनलाइन सत्यापन अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – ऑनलाइन आवेदन प्रणाली     वर्ष 2025-26 में MPTAASC पोर्टल पर योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।     विदेश शिक्षा योजना के लिए नए मेरिट-आधारित मापदंड का निर्धारण किया गया।     अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अगले तीन वर्षों की कार्य योजना     विभाग ने IT सुधार, प्रक्रियागत सुधार, छात्रावास भवन निर्माण, स्वरोजगार योजनाओं के विस्तार और PETC प्रशिक्षण को प्राथमिकता में रखा है।     विभागीय MPTAASC पोर्टल का सम्पूर्ण डिजीटाइलेशन की कार्य योजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत सभी योजनाओं को ऑनलाइन लाने का लक्ष्य मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया है।     दिल्ली छात्रगृह योजना में विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 करने तथा मासिक सहायता 1766 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। जनजातीय कार्य विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 1846 नियुक्तियां।     153 विशिष्ट आवासीय विद्यालय में 54,000 विद्यार्थी।     1109 हाई स्कूल एवं 998 हायर सेकेंडरी स्कूल में 2,69,000 जनजाति वर्ग के विद्यार्थी।     छात्रावास में रह रहे 1,43,000 विद्यार्थियों को आवास सहायता के रूप में 240.42 करोड़ का वितरण।     23,59000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति 766 करोड़ रुपए।     प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग हेतु 5 भवन निर्माण की स्वीकृति जारी।     सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुए 1250 विद्यार्थियों को 2.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि।     जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन।     भगवान बिरसा मुंडा की 150 की जयंती पर जनजाति गौरव उत्सव का राज्य, जिला, विकासखंड , ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर भव्य आयोजन ।     पीएम जनमन योजना में 1.28 लाख से अधिक … Read more

खजुराहो के पश्चिमी मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया

खजुराहो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों की समीक्षा के बाद विश्व धरोहर खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में आयोजित लाइट एवं साउंड-शो देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम मंदिर समूह में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट का शुभारंभ भी किया। लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से खजुराहो के विश्व धरोहर मंदिरों, चंदेलवंश के गौरवशाली इतिहास और बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बुंदेलखंड की कला-संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  लखन सिंह पटेल सहित मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में सांस्कृतिक गांव एवं जनजातीय लोक कला राज्य संग्रहालय आदिवर्त का भ्रमण किया। इस मौके पर अलीराजपुर एवं डिंडोरी के कलाकारों के दल द्वारा भगोरिया एवं गुदुमबाजा पारंपरिक लोक नृत्य की मनमोहक एवं आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो में नवनिर्मित पारंपरिक कलाओं के गुरुकुल का लोकार्पण भी किया। संग्रहालय में जनजातीय लोक संस्कृति एवं परंपरा पर केन्द्रित विभिन्न लोक कलाओं और नित दिन उपयोग की सामग्री का प्रदर्शन किया गया है।  

हाईकोर्ट ने दिए ज्यूडिशियल सेपरेशन के आदेश, बीमारी छिपाने को माना क्रूरता

जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट तथा जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ अपने अहम फैसले में कहा है कि बीमारी की जानकारी छुपाकर विवाह करना और बीमार करने की साजिश करने का आरोप लगाना क्रूरता की श्रेणी में आता है। जीवन साथी की सेहत को लेकर टेंशन में दूसरे पक्ष को ज़िंदगी भर परेशान रहते हुए आर्थिक तथा भावुक नुकसान उठाना पड़ेगा। हाईकोर्ट युगलपीठ ने कुटुम्ब न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता पति के पक्ष में ज्यूडिशियल सेपरेशन के आदेश जारी किए हैं। मंडला निवासी डॉ. महेन्द्र कुशवाहा की तरफ से दायर अपील में ज्यूडिशियल सेपरेशन के आवेदन को कुटुम्ब न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने को चुनौती दी गई थी। अपील में कहा गया था कि उसकी अनावेदिका पत्नी के साथ अरेंज मैरिज हुई थी। विवाह के पूर्व वह मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थी और इस संबंध में उसे जानकारी नहीं दी गई। विवाह के बाद अनावेदिका को जून व जुलाई 2022 में मिर्गी के दौरे आने के बाद अपीलकर्ता ने ज्यूडिशियल सेपरेशन के लिए कुटुम्ब न्यायालय में आवेदन किया था। ज्यूडिशियल सेपरेशन के आवेदन की सुनवाई के दौरान पत्नी ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि वह मिर्गी की बीमारी से पीड़ित है। उसने अपने पति व सास पर बदनीयती से बीमार करने उसे बहुत मीठा खाना खाना दिए जाने के आरोप लगाये थे। पत्नी का तर्क, मिर्गी कोई बीमारी नहीं है अनावेदक पत्नी की तरफ से तर्क दिया गया कि ज्यूडिशियल सेपरेशन की मंजूरी से उसकी परेशानियां बढ़ जाएंगी। बीमारी के मुश्किल समय में यह उसके साथ क्रूरता होगी। पति को पत्नी की देखभाल करनी चाहिए और कोर्ट में ज्यूडिशियल सेपरेशन की अपील नहीं करनी चाहिए थी। मिर्गी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज नहीं है। उसे यह बीमारी शादी के बाद हुई है। कोर्ट ने माना सच छिपाकर धोखा किया गया युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि हर इंसान के पास शादी का पार्टनर चुनने का ऑप्शन होता है। वह बायोडाटा देखने, एक-दूसरे से मिलने और परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात करने के बाद एक-दूसरे से शादी करते हैं। अपीलकर्ता को बीमारी के संबंध में जानकारी होती तो शायद वह अनावेदक से शादी नहीं करता। शादी के बाद बीमारी होने के बाद पति का फ़र्ज़ है कि वह पत्नी का ध्यान रखे। सच छिपाकर अपीलकर्ता के साथ धोखा किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट, बीमारी पहले से थी मेडिकल दस्तावेज से स्पष्ट है कि अनावेदक को विवाह के पहले से उक्त बीमारी थी। इसके बावजूद भी अनावेदिका ने पति व सास पर साज़िश का झूठा आरोप लगाया गया। अनावेदक का यह बर्ताव क्रूरता के बराबर है, जो हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के सेक्शन 13(1)(पं) के तहत क्रूरता के दायरे में आएगा। युगलपीठ ने कुटुम्ब न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए अपीलकर्ता के पक्ष में ज्यूडिशियल सेपरेशन आदेश जारी किए है।

लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त का इंतजार खत्म, 1500 रुपये ट्रांसफर करेंगे CM मोहन यादव

भोपाल   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Madhya Pradesh) ने लाडली बहनों को 12 नवंबर को 'लाडली बहना योजना' की 30वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 30th installment) जारी किए थे. 30वीं किस्त 1.26 करोड़ से अधिकर महिलाओं के खाते में आए थे. ऐसे में अब इन लाडली बहनों को दिसंबर यानी 31वें किस्त का बेसब्री से (Ladli Behna Yojana 31th installment) इंतजार है. हालांकि इन महिलाओं का यह इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. ऐसे में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी होने से पहले लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें.  कब आएगी लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त, इस महीने कितनी राशि आएगी? कैसे लिस्ट में अपना नाम चेक करे. यहां जानिए सबकुछ…  कब आएगी लाडली बहन योजना की 31वीं किस्त मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले महीने यानी नवंबर माह मे12 तारीख को 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त की राशि ट्रांसफर किए थे. इससे पहले अक्टूबर महीने में भी महिलाओं के खाते में 12 तारीख को ही रुपये ट्रांसफर किए गए थे. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस महीने भी 12 तारीख तक आपके खाते में 31वीं किस्त की राशि आ जाएंगे. अभी इसकी तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.  जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया ।     नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है … Read more

भोपाल मेट्रो का संचालन नजदीक, इंदौर मेट्रो के अनुभव से बेस फेयर को सस्ता रखने पर चर्चा

भोपाल कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल मेट्रो को चलाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 13 दिसंबर से पहले प्रायोरिटी कारिडोर 7.5 किलोमीटर के सारे काम निपटाए जा रहे हैं। बेस फेयर को लेकर भी गुणा-भाग लगाया जा रहा है। चूंकि इंदौर में मेट्रो के संचालन को शुरू हुए करीब छह महीने से अधिक समय हो गया है और वहां यात्री अभी कम मिल रहे हैं। ऐसे में भोपाल मेट्रो का हाल इंदौर जैसा न हो, इसके मद्देनजर बेस फेयर, शेड्यूल और स्कीम को लेकर मेट्रो प्रबंधन के अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है, ताकि राजधानी में मेट्रो का उपयोग अधिक से अधिक नागरिक कर सकें। जानकारी के अनुसार बेस फेयर 20 के बजाय 10 रुपये करने पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा महिलाएं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन के लिए अलग-अलग स्कीम पर विचार चल रहा है। इंदौर के फार्मूले पर शेड्यूल बनाया जा रहा है। हालांकि इस बारे में मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सबकुछ पहले से तय है। लोकार्पण की तारीख कंफर्म होते ही शेड्यूल, फेयर और स्कीम पर मुहर लगा दी जाएगी। संचालन के समय में भी होगी कटौती भोपाल मेट्रो का संचालन सुबह आठ से रात आठ बजे तक करने का प्रस्ताव भी है। बताया जा रहा है कि इंदौर में रात नौ बजे तक मेट्रो चलाई जाती थी, लेकिन कम भीड़ के चलते इसका संचालन एक घंटा कम करना पड़ा। लिहाजा, इसके समय में भी कमी हो सकती है। पूरा रूट तैयार होने पर बढ़ाए जाएंगे फेरे प्रायोरिटी कारिडोर पर शुरुआती दिनों में हर 30 मिनट में मेट्रो चलाई जाएगी। जब पूरा 16.74 किलोमीटर का आरेंज लाइन रूट एम्स से करोंद तक तैयार हो जाएगा, तब इसकी फ्रीक्वेंसी घटाकर 10 मिनट पर कर दी जाएगी। सुभाष नगर से एम्स और एम्स से सुभाष नगर के बीच प्रतिदिन 25-25 फेरों का संचालन प्रस्तावित है। इंदौर की स्कीम भोपाल में हो सकती है लागू इंदौर मेट्रो में लागू स्कीम को भोपाल में भी लागू किया जा सकता है। हालांकि भोपाल में महिलाएं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन के लिए किराये पर अलग-अलग छूट दी जा सकती है। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ज्ञात हो कि इंदौर में पहले तीन महीने तक 25 प्रतिशत तक बेस फेयर में छूट दी गई थी। भोपाल में भी इसको लागू किया जा सकता है। हालांकि आखिरी निर्णय टिकट फेयर कमेटी लेगी। 10 दिसंबर का लक्ष्य भोपाल मेट्रो कंपनी अपने व्यावसायिक संचालन के बेहद करीब पहुंच चुकी है। 10 दिसंबर तक सभी तैयारियां पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 13 दिसंबर की तारीख कंफर्म होती है तो उस दिन लोकार्पण में कोई दिक्कत न आए। हालांकि सीएम कार्यालय से अभी लोकार्पण के लिए तारीख कंफर्म नहीं की गई है।  

नागरिकता प्रमाण न देने वाले 2.28 लाख भोपाल मतदाता संकट में

 भोपाल  विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए गणना पत्रक जमा करने का काम भोपाल जिले में निर्धारित समय से चार दिन पहले समाप्त हो गया है। इसके लिए 2029 बीएलओ लगे हुए थे। हालांकि बड़ी संख्या में मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 21,25,908 मतदाताओं में से 17,17,808 मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान हो चुका है। जबकि 2,28,387 मतदाताओं का नाम 2003 की सूची में नहीं मिला। अब उन्हें अपनी भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेज निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग ने चार दिसंबर से गणना पत्रकों को एप पर अपलोड करने की तारीख बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी थी। जबकि भोपाल जिले ने काम सात दिसंबर को ही पूरा कर लिया है। चिंता की बात यह है कि 4,08,106 मतदाताओं के गणना पत्रक बीएलओ के पास वापस नहीं पहुंचे हैं। दावा-आपत्ति पेश कर नाम जुड़वा सकते हैं शहर की बैरसिया, हुजूर, मध्य, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा, नरेला विधानसभा क्षेत्रों के जिन लोगों के गणना पत्रक नहीं जमा हुए है, उन लोगों की सूची भी कॉलोनियों में चस्पा की गई थीं। इसके बाद भी लोग नहीं पहुंचे। यदि ये मतदाता अगले एक माह के भीतर अपने क्षेत्र के बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास गणना पत्रक के साथ नहीं पहुंचते हैं तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर कार्य पूर्ण होने के बाद एक माह तक मतदाता दावा-आपत्ति पेश कर अपने नाम जुड़वा सकते हैं। मतदाताओं को जारी किया जाएगा नोटिस विधानसभा क्षेत्रों में नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और गोविंदपुरा में गणना पत्रक बड़ी संख्या में जमा नहीं हो पाए हैं, जबकि बैरसिया में सबसे कम मामले सामने आए हैं। जिले में डिजिटाइज्ड मतदाताओं का 10.74 प्रतिशत यानी 2.28 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें अब नोटिस जारी किया जाएगा। सभी को भारतीय नागरिकता से जुड़े प्रमाण दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर ऐसे मतदाताओं के नाम आगामी मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। जिले भर में इस कार्य को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्कृष्ट कार्य के लिये उपेन्द्र कौशल हुए सम्मानित भोपाल कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में नरेला विधानसभा अंतर्गत एसआईआर निर्वाचन कार्य में बीएलओ सुपरवाइजर के रूप उत्कृष्ट कार्य के लिये कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शिक्षक नेता उपेन्द्र कौशल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम भुवन गुप्ता, तहसीलदार, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ एवं निर्वाचन कार्य में संलग्न कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। 14 फरवरी को होगा नई मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 12 से 15 दिसंबर तक सूची में सुधार आदि कार्य कर ड्राफ्ट रोल तैयार किया जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां ली जाएंगी। 16 दिसंबर से सात फरवरी 2026 तक नोटिस चरण (जारी करना, सुनवाई और सत्यापन) पर निर्णय और दावों और आपत्तियों का निपटान रजिस्ट्रीकरण, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा एक साथ किया जाएगा। 10 फरवरी तक मतदाता सूची के मापदंडों की जांच कर आयोग से अंतिम प्रकाशन के लिए अनुमति लेने के बाद 14 फरवरी को अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। एक महीने का समय दिया गया है     बस्तियों की दीवारों पर लगाए गए थे पोस्टर एसआईआर के तहत गणना पत्रक चरण का काम तय समयसीमा से पहले पूरा कर लिया गया। जिन मतदाताओं ने गणना पत्रक वापस नहीं किए हैं, उनके नामों की सूची बीएलओ ने कॉलोनियों और बस्तियों की दीवारों पर लगवाई थी। इसके बाद भी लोगों ने गणना पत्रक जमा नहीं किए। अब ऐसे लोगों को एक महीने का समय दिया गया है। वहीं जिनका रिकॉर्ड साल 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिल रहा है, वो जिला निर्वाचन कार्यालय में कागजात जमा करा सकते हैं। – भुवन गुप्ता, उप निर्वाचन अधिकारी  

भोपाल में नया स्टेशन निशातपुरा, यात्री सुविधाओं के लिए जनवरी 2026 से शुरू होगा संचालन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन की सौगात मिलने वाली है. नए साल यानी जनवरी 2026 में निशातपुरा रेलवे स्टेशन आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है. भारतीय रेलवे ने इसके लिए आधिकारिक घोषणा कर दी है. इस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस स्टेशन के शुरू होने के बाद भोपाल जंक्शन और रानी कमलापति स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा | लाखों यात्रियों को मिलेगी सुविधा निशातपुरा रेलवे स्टेशन के चालू होने के बाद से करोंद, भानपुर, मिनाल रेसीडेंसी, हाउसिंग बोर्ड, लांबाखेड़ा, बैरसिया रोड समेत आसपास रहने वाले लाखों यात्रियों को इससे राहत मिलेगी. अक्सर इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए ट्रैफिक का सामना भी करना पड़ता था, अब पुराने भोपाल समेत होशंगाबाद रोड पर यातायात का दबाव कम होगा. स्टेशन परिसर में पार्किंग, टिकट व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य लगभग पूरा हो गया है| स्टेशन शुरू होते ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे प्लेटफार्म पर भीड़ घटेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। इससे करोंद, लालघाटी, गांधी नगर, अयोध्या नगर, आनंद नगर, भीमनगर व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इंजन रिवर्सल की झंझट होगी खत्म रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर भोपाल स्टेशन पर समाप्त होने वाली कुछ ट्रेनों का टर्मिनेशन निशातपुरा तक बढ़ाया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत खत्म हो जाएगी। अभी भोपाल स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने में 30 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है, जिससे ट्रेनें देरी का शिकार होती हैं। निशातपुरा से यह समय बचेगा और ट्रेनों को सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की ओर रवाना करना आसान होगा। निशातपुरा पर इन ट्रेनों को मिलेगा स्टॉपेज पहले निशातपुरा रेलवे स्टेशन का उपयोग माल ढुलाई और दूसरे कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था. फिलहाल भोपाल में तीन रेलवे स्टेशन हैं, इनमें भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर शामिल हैं | रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ एक्सप्रेस) को स्टॉपेज की मंजूरी दी गई है | इसके बाद कुछ और ट्रेनों के स्टॉपेज को हरी झंडी मिल जाएगी. इनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा, इंदौर-राजेंद्र नगर, विंध्याचल, राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस, झांसी-इटारसी पैसेंजर जैसी ट्रेनें शामिल हैं | नहीं बदलने होगी इंजन की दिशा रेलवे स्टेशन के उपयोग के लिए निशातपुरा को एनएसजी-3 कैटेगरी में शामिल किया गया है. वर्तमान की बात करें तो कुछ ट्रेन ऐसी हैं जिनका स्टॉपेज भोपाल जंक्शन में होता है और फिर इन्हें उज्जैन और इंदौर की ओर जाना जाता है. इस वजह से ट्रेन का इंजन बदलना पड़ता है. इस वजह से फिजूल समय जाता है, अब इससे मुक्ति मिलेगी और इंजन की दिशा नहीं बदलनी पड़ेगी | सुविधाएं लगभग तैयार स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म विस्तार, टिकट घर, प्रतीक्षालय, पार्किंग, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। साथ ही भोपाल आउटर पर ट्रेनों को खड़ा रखने की समस्या को भी इस स्टेशन के जरिए काफी हद तक दूर करने की योजना बनाई गई है। इन ट्रेनों को मिल सकता है नया ठहराव     निशातपुरा स्टेशन से हाल्ट देने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। पहले ही मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का यहां ठहराव नोटिफाई किया जा चुका है। इसके साथ-साथ जिन ट्रेनों को यहां रोकने की तैयारी चल रही है, उनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस, इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, विंध्याचल राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस और झांसी-इटारसी पैसेंजर शामिल हैं। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल  

ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ

मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच करें प्रचारित : मुख्यमंत्री डॉ.यादव ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्ष में एमएसएमई की 31प्रतिशत ग्रोथ पर दी बधाई फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को एमएसएमई से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग के दो वर्ष के कार्यों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तथा व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गत 2 वर्ष के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्ष में मध्यप्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाइयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़ें, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।  बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम, 6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में ₹39,600 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है। नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियाँ विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियाँ लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को 2,780.44 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई और  220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया। औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है। वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और 1,087.27 करोड़ रूपये की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 2,45,038 करोड़ रूपये के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक 1,93,872 करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है। फेसिलिटेशन कॉउंसिल की उपलब्धियाँ एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया और काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। निवेश संवर्धन एवं राष्ट्रीय उपलब्धियाँ समीक्षा बैठक में बताया गया कि जीआईएस- 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि 21,000 करोड़ रूपये है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,075 करोड़ रूपये का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्यप्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ। विनिर्माण एवं प्रमाणन में प्रगति बैठक में बताया गया कि विगत दो वर्षों में 2 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हुई हैं, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज में शामिल कराया गया है। जेडईडी प्रमाणन के क्षेत्र में 16,428 इकाइयाँ प्रमाणित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या मात्र 437 थी। प्रतिदिन अवधि में 30 हजार से अधिक एमएसएमई एवं स्टार्टअप का क्षमता निर्माण किया गया तथा iGOT पोर्टल पर 834 शासकीय सेवक ऑनबोर्ड हुए। ग्वालियर स्टोन एवं छतरपुर वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है। क्लस्टर विकास एवं भविष्य की औद्योगिक तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्ष में 5 हजार से अधिक करोड़ की प्रोत्साहन राशि एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। इसी तरह क्लस्टर विकास के लिए 30 नए निजी क्लस्टरों और 22 सामान्य सुविधा केंद्रों … Read more

मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड, वाहनों की डिडुप्लीकेशन की सभी लंबित प्रविष्टियाँ कीं शून्य; EV पर मोटरयान कर पूरी तरह माफ

मध्यप्रदेश बना वाहनों की डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों में मोटरयान कर में पूर्ण छूट भोपाल परिवहन विभाग के प्रयासों से मध्यप्रदेश डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य बन गया है। इस कार्यवाही का फायदा उन समस्त 2 लाख 50 हजार वाहन स्वामियों को मिला है, जो अब परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पा रहे हैं। देश में समस्त राज्यों के परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के पंजीयन एवं उनके स्थानान्तरण के संबंध में विभिन्न परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में समय-समय पर प्रविष्टियां की जाती हैं। पूर्व में कागजों पर संधारित रिकार्ड को डिजिटाइज करने के दौरान दूसरे आरटीओ के अधिकार क्षेत्र में वाहन के स्थानांतरित होने पर पूर्व के आरटीओ द्वारा एंट्री को डिलीट न किये जाने के कारण देश में 35 लाख वाहन ऐसे थे, जिनकी प्रविष्टि एक से अधिक आरटीओ में होने से उन वाहन स्वामियों को परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस वर्ष जुलाई 2025 के अंत तक मध्यप्रदेश में करीब 2 लाख 50 हजार ऐसी प्रविष्टियां थीं। परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई गई। मुहिम की समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े में परिवहन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर किये जाने से मध्यप्रदेश में डुप्लीकेट एंट्रियों को सही कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्ण छूट पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत होने वाले समस्त श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्णत: छूट प्रदान किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कम्प्रेस्ड् नेचुरल गैस (सीएनजी) वाहनों पर भी राज्य सरकार द्वारा मोटरयान कर में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। इस प्रावधान से प्रदेश में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।  

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई भारी मात्रा में गांजा सहित गिरफ्तार, बहनोई पहले से जेल में

सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कार से 46 किलो गांजा जब्त करते हुए दो तस्करों को पकड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी भी शामिल हैं। कार्रवाई थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की अगुवाई में की गई। गुप्त सूचना पर पुलिस ने रामपुर बाघेलान क्षेत्र में नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह नेटवर्क प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को तस्करी में प्रयुक्त कार और छिपाए गए गांजे के ठिकानों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद टीम ने कुल 46 किलो गांजा बरामद किया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल बागरी, पिता जय प्रताप बागरी, निवासी भरहुत नगर हरदुआ, और पंकज सिंह, पिता सतेंद्र सिंह, निवासी मतहा, के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने शैलेन्द्र सिंह, पिता सुरेंद्र सिंह, निवासी विराट नगर, को भी आरोपी बनाया है, जो राज्यमंत्री का बहनोई बताया जाता है और फिलहाल बांदा जेल में पहले से बंद है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले वही शैलेन्द्र सिंह गांजे की खेप के साथ बांदा में पकड़ा गया था। रामपुर बाघेलान पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। लगातार दूसरे बार राज्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार का मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में फंसना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी शैलेन्द्र सिंह की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।