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इंडियन रेलवे का आदेश: 21 नवंबर से नहीं चलेगी पातालपानी–कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन

महू प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो पातालपानी से कालाकुंड तक की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक झरनों के बीच से होकर गुजरती है, उसका संचालन इस वर्ष 21 नवंबर से बंद किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने गुरुवार को हेरिटेज ट्रेन बंद करने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। रेलवे ने इस रेल सेक्शन को पहले ही हेरिटेज घोषित किया था, लेकिन अब पातालपानी से बढ़िया, चोरल मार्ग होते हुए खंडवा तक ब्राडगेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। हर वर्ष यह हेरिटेज ट्रेन मानसून के बाद अगस्त में शुरू होती है और मार्च या अप्रैल तक संचालित की जाती है। मगर इस बार रेलवे ने नवंबर में ही संचालन रोकने का निर्णय लिया है। यह फैसला रेलवे के विकास कार्यों विशेषकर ब्राडगेज प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए लिया गया है।   महू से पातालपानी तक ब्राडगेज लाइन बिछाई जा चुकी है और इसका सीआरएस निरीक्षण भी संपन्न हो चुका है। अब पातालपानी से आगे खंडवा ब्राडगेज लाइन के लिए ट्रैक बिछाने तथा पातालपानी स्टेशन के पास नए रेलवे ब्रिज के निर्माण का काम किया जाएगा। इन कार्यों के चलते हेरिटेज ट्रेन अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। हेरिटेज ट्रेन के बंद होने से महू स्टेशन से चलने वाली नियमित ट्रेनों को अब अतिरिक्त रेलवे स्टाफ मिल पाएगा। पहले गार्ड, लोको पायलट, टीसी सहित अन्य कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन हेरिटेज ट्रेन में ड्यूटी देते थे, अब उन्हें अन्य ट्रेनों में नियुक्त किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि इस ट्रेन को हर साल, खासकर मानसून से मार्च तक, यात्रियों से शानदार प्रतिसाद मिलता है। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान तो यात्रियों की इतनी भीड़ रहती थी कि ट्रेन पूरी तरह भरी रहती थी। लेकिन इस वर्ष सैलानी हेरिटेज ट्रेन का आनंद और वादियों के मनोहारी दृश्य नहीं देख सकेंगे।

भैरव घाट पर 450 मीटर वायाडक्ट और टनल बन रही, इंदौर–खंडवा रोड पर सफर होगा सुरक्षित और आसान

इंदौर मध्य प्रदेश में सड़क परिवहन विभाग विकास के नए-नए आयाम लिख रहा है. निमाड़-मालवा वालों के लिए खुशखबर यह है कि इंदौर-खंडवा रोड का काम पूरा होने जा रहा है. इंदौर इच्छापुर हाईवे का फोर लेन निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह निर्माण कार्य 2026 में पूरा हो जाएगा. भैरव घाट में वर्तमान सड़क से अलग टनल और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है जिससे घुमावदार मोड़ वाले घाट और एक्सीडेंट झोन खत्म हो जाएंगे. नर्मदा नदी पर वायाडक्ट का निर्माण सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार, ''वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है. भैरव घाट पर हादसों को देखते हुए सड़क डिजाइन में कई विशेष बातों का ध्यान रखा गया है. जिसमें मुख्य तौर पर यहां नर्मदा नदी पर बने पुल से ऊंचा वायाडक्ट पुल के रूप में तैयार किया गया है. साथ ही भैरव घाट और चोरल घाट में तीन अलग-अलग टनल का निर्माण किया जा रहा है.'' अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा कार्य इस वायाडक्ट और टनल के चलते हादसों की संभावना लगभग ना के बराबर होगी. इसे हादसों को ध्यान में रखते हुए ही डिजाइन किया गया है. यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहा है. सड़क निर्माण से आने वाले समय में लोगों को काफी सुविधा होगी. भैरव घाट में निर्माण कार्य लगभग अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, इसे जून महीने तक यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. जिन टनल का निर्माण किया जा रहा है उनमें पहली टनल 300 मीटर लंबी, दूसरी टनल 480 में और तीसरी 550 मीटर लंबी है. 450 लंबा वायाडक्ट हो रहा तैयार भैरव घाट में वर्तमान में सड़क पर वाहनों को चढ़ाई करने के दौरान उल्टी तरफ चढ़ना पड़ता है. ऐसे में कई बार हादसों की स्थिति बनी रहती है. वर्तमान में तैयार किया जा रहा वायाडक्ट करीब 450 मी का है. जिसमें अलग-अलग चीजों का ध्यान रखा गया है. यह सड़क इंदौर इच्छापुर हैदराबाद हाईवे के नाम से पहचानी जाती है. करीब 300 किलोमीटर के इस हाइवे पर कंपनी द्वारा पहले हिस्से में काम किया जा रहा है, यह सड़क करीब 80% पूरी हो चुकी है. अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. भैरव घाट पर सड़क हादसों में कई लोगों की मौत इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित भैरव घाट को आमतौर पर मौत की सड़क के नाम पर जाना जाता है. आए दिन होने वाले हादसों में यहां कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं. बीते दिनों हुए हादसों में करीब एक दर्जन से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं. आने वाले दिनों में इन हादसों पर अब रोकथाम लगने वाली है. सड़क निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव के अनुसार वर्तमान में सड़क निर्माण का कार्य लगातार तेजी से किया जा रहा है.

सिंगापुर के साथ MANIT भोपाल कर रहा अभिनव शोध, भविष्य की EV और सोलर टेक्नोलॉजी में आएगा बदलाव

भोपाल  मैनिट भोपाल अब दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर (NUS) के साथ मिलकर ऐसा हाई-टेक शोध करने जा रहा है, जिसकी बदौलत भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सिस्टम और सोलर ग्रिड मैनेजमेंट पूरी तरह बदल सकता है। शिक्षा मंत्रालय की SPARC योजना के तहत मैनिट को इसके लिए 1 करोड़ रुपये का मेगा अनुदान मिला है। क्या खास होने वाला है?  भारत में पहली बार EV चार्जिंग का “डिजिटल ट्विन” बनेगा इस परियोजना में EV चार्जिंग सिस्टम का डिजिटल ट्विन मॉडल तैयार किया जाएगा। यानी-चार्जिंग स्टेशन का वर्चुअल क्लोन, जो रियल टाइम में बतायेगा कि लोड कितना है? कितनी गाड़ियां चार्ज हो सकती हैं? कहां ओवरलोडिंग का खतरा है? चार्जिंग को कैसे तेज और सस्ती बनाई जाए? यह टेक्नोलॉजी विदेशों में तो है, भारत में अभी शुरुआत भी नहीं हुई। दो साल की अवधि वाली परियोजना स्वीकृत परियोजना का शीर्षक है इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए ग्रिड-इंटीग्रेटेड सोलर पीवी सिस्टम के उन्नत प्रबंधन हेतु डेटा फ्यूज़न के साथ डिजिटल ट्विन इंटीग्रेशन। दो साल की अवधि वाली यह परियोजना डिजिटल ट्विन तकनीक, उन्नत डेटा फ्यूजन, स्मार्ट सोलर पीवी सिस्टम और बुद्धिमान ईवी चार्जिंग प्रबंधन जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों पर काम करेगी। मैनिट की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम यह अनुदान न सिर्फ मैनिट की वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को मजबूत करेगा, बल्कि संस्थान में अंतर्विषयक सहयोग और उन्नत तकनीकों पर शोध को नई दिशा देगा। परियोजना से मिलने वाले परिणाम भविष्य के स्वच्छ, स्मार्ट और सतत ऊर्जा समाधानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस परियोजना से क्या बदल जाएगा? – भारत में EV चार्जिंग होगी तेज, सस्ती और स्मार्ट – सोलर ग्रिड होगा भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए तैयार – शहरी यातायात और ऊर्जा प्रबंधन होगा डिजिटल और स्वचालित – मैनिट की ग्लोबल पहचान नई ऊंचाई पर जाएगी  

रोड एक्सीडेंट पर MP हाई कोर्ट की नाराज़गी, पुलिस को फटकार—ट्रैफिक कौन संभालेगा?

इंदौर   इंदौर में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए. शहर के एयरपोर्ट रोड पर करीब 2 माह पहले बेलगाम ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई चल रही है. हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नर पेश हुए. इस दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर पर चालानी कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी. पहले ट्रैफिक रूल्स तुड़वाते हैं, फिर चालानी कार्रवाई हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेव और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई की जा रही है. सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया "ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है." उन्होंने इसका ब्यौरा भी पेश किया. इस पर युगलपीठ ने कहा "आपकी पुलिस द्वारा पहले वाहन चालकों से नियम तुड़वाए गए और उसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई." चालान काटने में लगी रहती है ट्रैफिक पुलिस हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा "मुंबई में जाकर देखें, वहां पर बीच चौराहे पर पुलिसकर्मी नजर आता है लेकिन आपके इंदौर में पेड़ के पीछे जवान खड़े रहते हैं और वह ड्यूटी करने के दौरान सिग्नल तोड़ने वालों के चालान बनाने में लगे रहते हैं. आपको 31 दिसंबर तक चालानी कार्रवाई का टारगेट मिलता है. यदि 31 दिसंबर तक निश्चित संख्या में चालानी कार्रवाई नहीं हुई तो चालानी कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाती है." इससे पहले भी कलेक्टर, कमिश्नर ,आरटीओ द्वारा कई प्लान बताए गए, उन प्लान में कई तरह की खामियां थी. इस पर कोर्ट ने आपत्ति ली है. भारी वाहनों की मनमानी पर पुलिस ने क्या किया कोर्ट ने इंदौर पुलिस कमिश्नर से पूछा "हादसा होने के बाद भी शहरी क्षेत्र में भारी वाहन घुस रहे हैं. ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इस पर पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है." इस पर पुलिस कमिश्नर ने बताया "भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती जारी है. जरूरी सामान लाने ले जाने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है." इंदौर शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए लगातार वालेंटियर का भी सहयोग लिया जा रहा है. अब 27 नवंबर को एक बार फिर हाई कोर्ट के समक्ष सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित होंगे और अभी तक ट्रैफिक सुधारने को लेकर क्या कदम उठाए हैं, इस बारे में जानकारी देंगे. ट्रक ने बरपाया कहर, 2 की मौत, 13 घायल हुए थे इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर दो महीने पहले एक ट्रक अनियंत्रित हो गया था और उसने आधा दर्जन से अधिक वाहन चालकों को टक्कर मारी. इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के बाद याचिका इंदौर हाई कोर्ट में हाई कोर्ट बार एसोसिशन के अध्यक्ष रितेश ईरानी द्वारा लगाई गई थी. वकील रितेश ईरानी के अनुसार याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है. 

राजा भोज एयरपोर्ट पर उड़ानों की बढ़त, नए वर्ष में यात्री संख्या डेढ़ लाख के पार जाने की संभावना

भोपाल  वर्ष 2026 की शुरूआत के साथ ही भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की संभावना है। जल्द ही नवीं मुंबई एवं नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से भी भोपाल का कनेक्शन जुड़ जाएगा। नए साल की पहली तिमाही में एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एआई एक्सप्रेस की उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी। यदि ऐसा हुआ भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयपोर्ट में शामिल हो जाएगा जहां से मासिक यात्री संख्या का आंकड़ा डेढ़ से दो लाख के बीच है। पिछले छह माह से भोपाल से यात्रियों की मासिक संख्या एक से सवा लाख के बीच रही है। एयरपार्ट अथॉरिटी लंबे समय से पैसेंजर ग्रोथ प्लान पर काम कर रही है। अथॉरिटी के प्रयास से ही हाल ही में लंबे समय से बंद गोवा उड़ान पुन: शुरू हुई है। बेंगलुरू एवं दिल्ली तक एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। अब अथॉरिटी का फोकस ऐसे शहरों की उड़ान शुरू कराने पर जहां से भोपाल का कनेक्शन कभी नहीं जुड़ा। धार्मिक पर्यटन नगरों पर भी फोकस एयरपोर्ट अथॉरिटी का प्रयास है कि भोपाल से ऐसे शहरों की उड़ानें भी शुरू हो जाएं जो धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूण हैं। भोपाल से अमृतसर, शिर्डी, जम्मू एवं तिरूपति तक बड़ी संख्या में यात्री जाते हैं। इनमें से किसी भी शहर तक सीधी उड़ान नहीं है। वर्ष 2026 में कुछ शहर जुड़ने की उम्मीद की जा रही है। इंडिगो की हैदराबाद उड़ान को तिरूपति तक बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यदि दो में से एक उड़ान को तिरूपति से जो़ड़ दिया जाए तो तिरूपति बालाजी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो जाएगी। हैदराबाद से तिरूपति का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो जाता है। भोपाल से ट्रेन से तिरूपति जाने में 24 घंटे से अधिक समय लगता है। एआई एक्सप्रेस ने स्लाट लिया आई एक्सप्रेस ने भोपाल से दिल्ली, मुंबई के अलावा बेंगलुरू एवं हैदराबाद तक उड़ानें शुरू कराने का भरोसा एयरपोर्ट अथॉरिटी को दिलाया है। फरवरी माह में कम से कम दो उड़ानों के साथ कंपनी भोपाल में दस्तक दे सकती है। इन उड़ानों की शुरुआत से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होना तय है। इंटरनेशनल रूट पर दुबई उड़ान भी नए साल में प्रारंभ होने की उम्मीद है। ऐसे में भोपाल डेढ़ से दो लाख मासिक यात्री संख्या वाले क्लब में आसानी से शामिल हो सकता है। ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026     एयरपोर्ट अथारिटी और भोपाल के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक होगा। हम लगातार नए रूट जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। इंटरनेशनल उड़ान भी शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में यात्री संख्या बढ़ना तय है। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर  

सिक्सलेन प्रोजेक्ट में पर्यावरण पर ध्यान, राजधानी तक सड़क के निर्माण में पेड़ों की सुरक्षा की तैयारी

भोपाल   रत्नागिरी तिराहा से आशाराम तिराहा तक अयोध्या बायपास सिक्सलेन प्रोजेक्ट में 8000 पेड़ों की बली को कोकता बायपास से बचाया जा सकता है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। एक दूसरे के समानांतर गुजर रहे दोनों बायपास के बीच चार किमी का अंतर है। भोपाल बायपास को कोकता बायपास भी कहा जाता है और अब भी अपेक्षाकृत ट्रैफिक नहीं है। नेशनल हाइवे के अफसरों का भी मानना है कि यदि कोकता बायपास पर ट्रैफिक बढ़ाया जाए तो अयोध्या बायपास किनारे पेड़ों को बचाया जा सकता है। दरअसल कोकता के पास से गुजरने वाले बायपास को भोपाल के बाहर भारी वाहनों के लिए बनाया गया था, उसे ही मजबूत करके शुरू किया जाए तो अयोध्या बायपास के पेड़ कटने से बच सकते हैं। ठेका एजेंसी को देना होगा हर्जाना यहां ठेका एजेंसी तय कर दी गई है। एजेंसी ने अपने प्लांट भी स्थापित कर दिए। एनएच को सिर्फ जगह खाली करना है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देश के बाद केंद्रीय स्तर पर ही इसकी अनुमति हो सकती है। बीते सप्ताह इसे लेकर शासन की बैठक थी, लेकिन यहां भी मामला बना नहीं। ठेका एजेंसी का इसमें बड़ा खर्च हो रहा है। हर्जाना लेकर ठेका छोड़ने की चेतावनी दे दी गई है। ऐसेे में अब नए विकल्प की तलाश की जा रही है। बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण बायपास के प्रोजेक्ट महत्वूपर्ण है। जमीन निकालने के लिए प्रशासनिक अफसरों से कहा गया है। एनएच और एमपीआरडीसी से चर्चा की जा रही है। शासन स्तर से ही इसे लेकर निर्णय होगा। कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल की शादी की तैयारियां पूरी, इंदौर में 23 नवंबर को रस्में

 इंदौर  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार प्लेयर स्मृति मंधाना तीन दिन बाद ‘इंदौर की बहू’ बनने वाली हैं। वो मशहूर सिंगर और म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुछाल से शादी करने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि 23 नवंबर को सांगली (महाराष्ट्र) में शादी की रस्में संपन्न होगी। शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। उधर, पूरी टीम इंडिया भी स्मृति की शादी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। यहां जानें कहां हो रही है शादी स्मृति के होमटाउन सांगली(महाराष्ट्र) में शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं। पलाश की सिंगर बहन पलक मुछाल ने बताया कि पूरा परिवार बेहद उत्साहित है। स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) और पलाश की शादी में बॉलीवुड और क्रिकेट दोनों दुनिया के बड़े सितारे शामिल हो सकते हैं। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि स्मृति (Smriti Mandhana Wedding) की शादी में हम सब मिलेंगे और बहुत मजे करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुछाल परिवार पूरी तरह से मुंबई में बस चुका है, इसलिए इंदौर में कोई भी रस्म नहीं की जाएगी। हालांकि शहर से पलाश के पारिवारिक सदस्य उनके मामा शादी समारोह में शामिल होंगे। दोनों परिवारों की एक ही कुलदेवी मिली जानकारी के अनुसार पलाश और स्मृति दोनों ही माहेश्वरी समाज से हैं। दोनों ही परिवार मूलत: राजस्थान के डीडवाना के हैं, इसलिए एक ही कुलदेवी को इन परिवारों से निमंत्रण भेजा गया है।इंदौरसे शादी में पुराने मित्र और नजदीकी रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं।

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी भोपाल भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सुश्री सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सुश्री नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं। 

चीता परियोजना के अभूतपूर्व परिणाम, चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32

मध्यप्रदेश में लौटा एशिया का गौरव भोपाल  प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी 33 महीने की मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने के साथ ही भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर शुरू चीता परियोजना के सबसे उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। यह भारत में वन्यजीव प्रबंधन का स्वर्ण‍िम समय है। भारत में शावकों का जन्म हुआ। हाल ही में दो नर चीते गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 32 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वैश्विक प्रकृति संरक्षण में समर्प‍ित नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। इसके लिये कुनो राष्ट्रीय उद्यान सहित सभी अधिकारी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। भारत में चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है। पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। बेहतर वन्यजीव प्रबंधन के कारण चीतों के परिवारों में वृद्ध‍ि हो रही है। उल्लेखनीय है कि 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। शानदार पृष्ठभूमि प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते दौड़ रहे है। चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। प्रोजेक्ट चीता की प्रबंधन टीम ने अथक प्रयास किये हैं। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया।

गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनूठी पहल पर मध्यप्रदेश ने हवाई पर्यटन के क्षेत्र में एक गौरवशाली अध्याय आरंभ किया है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का संचालन गुरुवार, 20 नवंबर से विधिवत शुरू हो गया है। परंपरागत गाजे-बाजे, उत्साह, रंगों और स्थानीय जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ यह सेवा शुरू हुई, जिसने पूरे प्रदेश में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया। यह सेवा अब नियमित रूप से संचालित होकर मध्यप्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा और तीव्र गति प्रदान करेगी। पहली उड़ान: एक ऐतिहासिक पल पहले दिन तीन सेक्टरों में शेड्यूल के अनुसार हेलीकाप्टर ने भोपाल से मढ़ई और मढ़ई से पचमढ़ी के लिए उड़ान भरी। इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर और जबलपुर से कान्हा तथा बांधवगढ़ के बीच हेली सेवा संचालित हुई, जिसका जनप्रतिनिधियों और महंतों ने आनंद लिया।  पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह सेवा आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन को एक तेज, सुगम और किफायती हवाई मार्ग प्रदान करेगी। यह नया हेली नेटवर्क न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचाएगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों को जोड़ने का अभिनव प्रयास है। किफायती किराए और कम समय में गंतव्य तक पहुंचना इस सेवा को पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाएगा। यह हाई-वैल्यू और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगा। भोपाल से प्रकृति के आंचल में भोपाल से मढ़ई के लिए सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया, श्रीमती प्रीति शुक्ला, योगेंद्र राजपूत और संदेश पुरोहित ने यात्रा की। मढ़ई से पचमढ़ी तक की उड़ान में इनके साथ पिपरिया विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी और सोहागपुर विधायक श्री विजय पाल सिंह भी जुड़े।  इंदौर से पवित्र तीर्थों की यात्रा पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का इंदौर में भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। सेवा के प्रथम चरण में इंदौर से उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा उज्जैन से ओंकारेश्वर तक हेलीकॉप्टर से धार्मिक यात्रा प्रारंभ हुई। बिचोली मर्दाना स्थित हेलीपैड से भक्ति भाव से परिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में यात्रियों का पहला दल रवाना हुआ। यात्रियों के पहले दल को जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने झंडी दिखाकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए रवाना किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पर्यटन सेवा धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय है। इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के इस आध्यात्मिक सर्किट की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल की साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा, समय की बचत और सुरक्षित यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगी। पर्यटकों ने भी इसे धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अत्याधुनिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी। यात्रियों के प्रथम दल में विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, मीडिया कर्मी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। हेली सेवा से उज्जैन पहुंचने पर यात्रियों का पुष्पवर्षा से परंपरागत स्वागत किया गया। उज्जैन में आयोजित 10 मिनट की जॉय-राइड में महंत आनंद पुरी जी, महंत मंगल दास जी, महंत रामेश्वर गिरी जी और महंत डॉ. रामेश्वर दास जी सम्मिलित हुए। जबलपुर से वन-संपदा तक जबलपुर के श्री अनिल तिवारी और श्री ओमनारायण दुबे ने कान्हा और बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को निहारा। शेड्यूल के अनुसार जबलपुर से अमरकंटक की सेवा का संचालन 21 नवंबर से प्रारंभ होगा। जबलपुर से मैहर और चित्रकूट तक आवागमन के लिए भी हेली सेवा का लाभ पर्यटक ले सकेंगे।    सेक्टरवार प्रमुख सुविधाएं धार्मिक सेक्टर : इंदौर–उज्जैन 20 मिनट में, उज्जैन–ओंकारेश्वर 40 मिनट में, ओंकारेश्वर–इंदौर 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इको टूरिज्म सेक्टर : भोपाल–मढ़ई–पचमढ़ी तक तेज कनेक्टिविटी।  भोपाल–मढ़ई 40 मिनट में,  मढ़ई–पचमढ़ी 20 मिनट में और सीधी उड़ान: भोपाल–पचमढ़ी 60 मिनट में होगी पूरी। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर : जबलपुर–मैहर 60 मिनट में, मैहर–चित्रकूट 30 मिनट में, चित्रकूट–मैहर 30 मिनट में, जबलपुर–बांधवगढ़ 45 मिनट में और जबलपुर–अमरकंटक 60 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। आसान बुकिंग पर्यटक www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।